09. प्रकृति पर्व – फूलदेई – Worksheet Solutions

रिक्त स्थान भरें (Fill in the blanks)

प्रश्न 1: जानकी और उसके दोस्तों ने _______ पर्व मनाने का निर्णय लिया।

उत्तर: फूलदेई

प्रश्न 2: जानकी अपनी छोटी _______ लेकर फूल चुनने निकली गई

उत्तर: डलिया

प्रश्न 3: फूलदेई पर्व _______ मास की संक्रांति के दिन मनाया जाता है।

उत्तर: चैत्र

प्रश्न 4: फूलदेई पर्व को _______ पर्व भी कहा जाता है।

उत्तर: बाल

प्रश्न 5: फूलदेई का गीत घर की _______ के लिए गाया जाता है।

उत्तर: समृद्धि

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: फूलदेई पर्व वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।

उत्तर: सही

प्रश्न 2: फूलारी टोली हर घर के पीछे जाती है।

उत्तर: गलत

प्रश्न 3: जानकी और उसके दोस्तों ने दिनभर फूल और अक्षत चढ़ाए।

उत्तर: सही

प्रश्न 4: फूलदेई केवल एक दिन का पर्व है।

उत्तर: गलत

प्रश्न 5: फूलारी टोली को चावल और गुड़ के बदले में पैसे मिलते हैं।

उत्तर: गलत

एक शब्द में उत्तर दें (One Word Answer)

प्रश्न 1: जानकी ने अपने साथ किन-किन दोस्तों को बुलाया?

उत्तर: हेमा, गीता, राधा, बीर, गोविंद, मनोज

प्रश्न 2: फूलदेई पर्व किस राज्य में मनाया जाता है?

उत्तर: उत्तराखंड

प्रश्न 3: फूलदेई गीत में किसकी मंगलकामना की जाती है?

उत्तर: समृद्धि और सुख-शांति

प्रश्न 4: फूल चुनने के बाद टोली क्या करती है?

उत्तर: घर-घर जाकर फूल और अक्षत चढ़ाती है

प्रश्न 5: फूलारी टोली को क्या-क्या मिलता है?

उत्तर: चावल, गुड़, पैसे

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: जानकी और उसके दोस्त किस पर्व के लिए फूल चुनने गए थे?

उत्तर: जानकी और उसके दोस्त फूलदेई पर्व के लिए फूल चुनने गए थे।

प्रश्न 2: फूलदेई पर्व किस ऋतु का प्रतीक है और इसे कब मनाया जाता है?

उत्तर: फूलदेई पर्व वसंत ऋतु का प्रतीक है और इसे चैत्र मास की संक्रांति के दिन मनाया जाता है।

प्रश्न 3: फूलारी टोली घरों पर किस प्रकार का गीत गाती है?

उत्तर: फूलारी टोली “फूल देई, छम्मा देई” का गीत गाती है, जिसमें घर की समृद्धि और मंगलकामना की जाती है।

प्रश्न 4: जानकी और उसके दोस्तों को दिनभर फूल चुनने और अक्षत चढ़ाने के बाद कैसा महसूस हुआ?

उत्तर: दिनभर फूल चुनने और अक्षत चढ़ाने के बाद जानकी और उसके दोस्त थक गए, लेकिन वे बहुत खुश थे।

प्रश्न 5: फूलदेई पर्व का बच्चों के लिए क्या महत्व है?

उत्तर: फूलदेई पर्व बच्चों को प्रकृति से प्रेम और समाज में एकता का पाठ सिखाता है और परंपराओं से जोड़ता है।