रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)
प्रश्न 1: कहानी “न्याय” में सिद्धार्थ कपिलवस्तु के ______ हैं।
उत्तर: राजकुमार
प्रश्न 2: देवदत्त ने ______ को तीर मारकर घायल किया।
उत्तर: हंस

प्रश्न 3: सिद्धार्थ ने घायल हंस को ______ से बचाया।
उत्तर: मरहम
प्रश्न 4: महाराज ______ की सभा में हंस के बारे में निर्णय हुआ।
उत्तर: शुद्धोदन
प्रश्न 5: कहानी का मुख्य विषय ______ और करुणा है।
उत्तर: न्याय
सही या गलत (True or False)
प्रश्न 1: देवदत्त सिद्धार्थ का मित्र था।
उत्तर: गलत
प्रश्न 2: हंस सिद्धार्थ की गोद में खुशी से चला गया।
उत्तर: सही
प्रश्न 3: सिद्धार्थ ने हंस को मारने की कोशिश की थी।
उत्तर: गलत
प्रश्न 4: मंत्री ने हंस को बीच में रखकर दोनों राजकुमारों को बुलाने को कहा।
उत्तर: सही

प्रश्न 5: कहानी में महाराज ने देवदत्त को हंस सौंपने का आदेश दिया।
उत्तर: गलत
मिलान कीजिए (Match the Following)

उत्तर:

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)
प्रश्न 1: कहानी “न्याय” के लेखक कौन हैं?
उत्तर: विष्णु प्रभाकर
प्रश्न 2: सिद्धार्थ ने किस पक्षी को बचाया?
उत्तर: हंस
प्रश्न 3: सिद्धार्थ का चचेरा भाई कौन था?
उत्तर: देवदत्त
प्रश्न 4: कहानी में सिद्धार्थ को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: गौतम बुद्ध
प्रश्न 5: कहानी का मुख्य पाठ क्या है?
उत्तर: करुणा
प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)
प्रश्न 1: सिद्धार्थ ने घायल हंस को कैसे बचाया?
उत्तर: सिद्धार्थ ने घायल हंस को अपनी गोद में लिया, तीर निकाला और अपने मित्र को राजवैद्य से मरहम लाने के लिए कहा। फिर उन्होंने हंस को मरहम लगाकर उसकी रक्षा की।
प्रश्न 2: देवदत्त ने हंस को अपना क्यों माना?
उत्तर: देवदत्त ने हंस को अपना माना क्योंकि उसने हंस को तीर मारकर घायल किया था और उसका मानना था कि जिसे उसने मारा, वह उसका है।
प्रश्न 3: सभा में हंस के बारे में निर्णय कैसे हुआ?
उत्तर: मंत्री ने सुझाव दिया कि हंस को बीच में रखा जाए और दोनों राजकुमार उसे बुलाएँ। हंस डरकर देवदत्त से दूर भागा, लेकिन सिद्धार्थ के प्यार भरे बुलाने पर उनकी गोद में चला गया। इसलिए हंस सिद्धार्थ को दे दिया गया।
प्रश्न 4: कहानी “न्याय” से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: कहानी से हमें सीख मिलती है कि सभी जीवों के प्रति दया और प्रेम रखना चाहिए। सच्चा न्याय वही है जो करुणा और अहिंसा पर आधारित हो।

प्रश्न 5: सिद्धार्थ का स्वभाव कैसा था?
उत्तर: सिद्धार्थ का स्वभाव दयालु और करुणावान था। वे सभी जीवों से प्रेम करते थे और उनकी रक्षा करना चाहते थे।