कहानी का सारांश

इस कहानी में एक सफेद कुत्ता नींद से जागता है और देखता है कि उसके शरीर पर बैंगनी धब्बे कैसे आ गए हैं। वह सबसे पहले बादल से पूछता है, पर बादल कहता है कि वह सफेद है। फिर वह सूरज से पूछता है, पर सूरज कहता है कि वह पीला है। इसी तरह वह कई अन्य चीजों से पूछता है, पर सब कहते हैं कि वे अलग-अलग रंग की हैं।
फिर, जोजो जामुन के पेड़ के नीचे जाता है और वहां जामुनों के गिरने से उसके शरीर पर बैंगनी धब्बे आ गए हैं। उसका खुशी से उछलना होता है, और उसको धब्बे की सच्ची पहचान हो जाती है।
कहानी का संक्षिप्त अर्थ है कि हमें जब कुछ देखना हो, तो हमें सच्चाई की खोज करनी चाहिए, और बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
शब्दार्थ
- धब्बे – छाप, मार्क
- आकाश – ऊपर का आकार, जहां बादल होते हैं
- चलते हुए – आगे बढ़ते हुए
- ऊपर – ऊंचाई पर, स्थान
- पेड़ – बड़ी वृक्ष, जैसे जामुन का पेड़
- खुशी से – खुशी के साथ, खुश होकर
- सच्चाई – जो असली होती है, जो हकीकत में होता है