11. हमारे ये कलामंदिर – Textbook Solutions

बातचीत के लिए

1. आपकी छुट्टियाँ कब-कब होती हैं? आप छुट्टियों में कहाँ-कहाँ जाते हैं?
उत्तर: 
मेरी छुट्टियाँ गर्मियों में और दशहरे-दिवाली में होती हैं। मैं अपने नाना-नानी के गाँव जाता हूँ या कभी-कभी किसी हिल स्टेशन जैसे नैनीताल घूमने जाता हूँ। वहाँ बहुत मज़ा आता है।

2. अजंता और एलोरा की गुफाओं के भीतर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने थे। आपके घर और घर के आस-पास कौन-कौन से चित्र बने या लगे हैं?
उत्तर:
 मेरे घर में दीवारों पर भगवान गणेश और फूलों के चित्र लगे हैं। मेरे कमरे में कार्टून और पक्षियों के चित्र भी हैं। बाहर आँगन में रंगोली बनती है।

3. आपके घर में कौन-कौन और कहाँ-कहाँ चित्रकारी करते हैं? (जैसे – कागज़ पर, धरती पर, दीवारों पर, मिट्टी की वस्तुओं पर, कपड़ों पर आदि)।
उत्तर: 
मेरी मम्मी रंगोली बनाती हैं। मैं और मेरी बहन कागज़ पर चित्र बनाते हैं। मेरे भाई दीवारों पर पोस्टर चिपकाते हैं। त्योहारों पर मम्मी मिट्टी के दीयों पर भी चित्रकारी करती हैं।

4. गुफाओं के चित्र देखते ही निशा के मुँह से ‘वाह!’ क्यों निकला? आपके मुँह से कब-कब ‘वाह!’ निकलता है?
उत्तर: निशा के मुँह से ‘वाह!’ निकला क्योंकि गुफाओं के चित्र बहुत सुंदर और सजीव थे। मेरे मुँह से ‘वाह!’ तब निकलता है जब मैं कोई खूबसूरत फूल, नया खिलौना या सुंदर दृश्य देखता हूँ।

पाठ से

दिए गए प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के आगे सूरज का चित्र () बनाइए-

उत्तर:

सोचिए और लिखिए

 नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए-

1. अजंता में निशा ने क्या-क्या देखा?
उत्तर: 
निशा ने अजंता में एक छोटी-सी नदी, बड़े-बड़े शिलाखंड, 29 गुफाएँ, और गुफाओं में सुंदर चित्र देखे। चित्रों में गौतम बुद्ध, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, और स्त्रियों के चित्र थे। गुफाओं के नीचे एक कुंड और घाटी में रंग-बिरंगे फूल भी थे।

2. कैलाश मंदिर के बारे में आपको कौन-सी बात सबसे अधिक आश्चर्यजनक लगी?
उत्तर: 
कैलाश मंदिर के बारे में सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इसे एक ही चट्टान को ऊपर से तराशकर बनाया गया है। यह बहुत बड़ा और सुंदर मंदिर है।

3. मौसी जी ने छोटी और बड़ी गुफा के बारे में क्या बताया?
उत्तर: 
मौसी जी ने बताया कि कुछ गुफाएँ बहुत लंबी-चौड़ी थीं और कुछ छोटी थीं। ये सभी गुफाएँ पहाड़ों को काटकर बनाई गई थीं।

4. क्या कारण है कि अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में बनाया गया है?
उत्तर: 
अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में बनाया गया ताकि सुबह की सूरज की किरणें गुफाओं के अंदर पड़ सकें और चित्रों को रोशनी मिले।

5. अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए यातायात के कौन-कौन से साधनों का प्रयोग कर सकते हैं?
उत्तर: 
अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए रेलगाड़ी और बस का प्रयोग किया जा सकता है। निशा ने छत्रपति संभाजीनगर तक रेलगाड़ी और वहाँ से अजंता-एलोरा तक बस का उपयोग किया।

अनुमान और कल्पना

1. यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें क्या कहानियाँ सुनाते?
उत्तर: 
अगर अजंता के चित्र बोल सकते, तो वे गौतम बुद्ध की कहानियाँ, उनके उपदेश, और उस समय के लोगों की जिंदगी के बारे में बताते। वे पशु-पक्षियों, फूलों, और प्राकृतिक सुंदरता की कहानियाँ भी सुनाते।

2. मान लीजिए कि आप हजारों वर्ष पहले के संसार में चले गए हैं और आपको अजंता की गुफाओं में एक नया चित्र बनाने का अवसर मिला है। आप क्या बनाएँगे और क्यों?
उत्तर: 
मैं एक सुंदर फूलों का बगीचा और उसमें खेलते हुए पक्षियों का चित्र बनाऊँगा। मैं यह बनाऊँगा क्योंकि प्रकृति की सुंदरता मुझे बहुत पसंद है, और यह चित्र देखने वालों को खुशी देगा।

भाषा की बात

1. पाठ में से कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें उनके मिलते-जुलते अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए-
उत्तर:


2. “निशा और मौसी ने स्टेशन पर ही विश्रामगृह में रात बिताई।”
यहाँ ‘विश्रामगृह’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है ‘विश्राम’ और ‘गृह’। विश्राम का
अर्थ है – आराम। गृह का अर्थ है- घर। अतः विश्रामगृह का अर्थ हुआ आराम करने का घर या स्थान।
पाठ में से ऐसे ही दो शब्दों के मेल से बने अन्य शब्दों को खोजकर उनके अर्थ लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:

  • रेलगाड़ी: रेल का अर्थ है लोहे की पटरी। गाड़ी का अर्थ है – वाहन। अतः रेलगाड़ी का अर्थ हुआ – लोहे की पटरी पर चलने वाला वाहन ।
  • शिलाखंड: शिला का अर्थ है – पत्थर या चट्टान। खंड का अर्थ है टुकड़ा। अतः शिलाखंड का अर्थ हुआ – पत्थर या चट्टान का बड़ा टुकड़ा।

3. निशा ने आश्चर्यचकित होकर कहा- “दो हजार वर्ष! पर आज भी इनके रंग ज्यों के त्यों कैसे हैं?”
‘ज्यों का त्यों’ का अर्थ है कोई परिवर्तन न होना।
इसी प्रकार के कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए अपनी लेखन – पुस्तिका में वाक्य लिखिए-

उत्तर:

  • ज्यों का त्यों: बारिश के बाद भी गरमी का हाल ज्यों का त्यों रहा।
  • जैसे का तैसा: यदि कोई बुरा व्यवहार करे तो हर बार जैसे का तैसा करना उचित नहीं है।
  • बिलकुल वैसा ही: मुझे बिलकुल वैसा ही खिलौना चाहिए, जैसा मैंने टीवी पर देखा था।
  • वैसा का वैसा: नानी का घर आज भी बिलकुल वैसा का वैसा है।
  • जैसे थे वैसे ही: वर्षों बाद मिलने के बाद भी शर्मा जी जैसे थे वैसे ही मिले।
  • वास्तविक रूप में: हमें किसी व्यक्ति को वास्तविक रूप में समझने के लिए समय देना चाहिए ।

4. “ऐसे सजीव चित्र थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे।”
“इन मूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी।”
रेखांकित अंशों को ध्यान में रखते हुए अब नीचे दिए गए वाक्यांशों से वाक्य बनाइए- बच्चे ने इतनी अच्छी कविता सुनाई कि सब सुनकर दंग रह गए।

उत्तर:

  • दंग रह जाना: मैं ताजमहल की सुंदरता देखकर दंग रह गया।
  • ऐसा जैसे सपना हो: पहाड़ों के बीच वह शांत झील ऐसी दिख रही थी जैसे सपना हो।
  • प्रशंसा के योग्य होना: जिन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद की, वे सभी प्रशंसा के योग्य हैं।
  • आँखें न हटा पाना: मंच पर उसका नृत्य देखकर लोग आँखें नहीं हटा पाए ।
  • दिल को छू जाना: फिल्म का अंत इतना भावुक था कि वह सीधे दिल को छू गया।
  • कल्पना से परे होना: उसकी सफलता की कहानी सचमुच कल्पना से परे है।
  • मन मोह लेना: बच्चे की मुसकान ने सबका मन मोह लिया ।
  • दृश्य भूल न पाना: ताजमहल को पहली बार देखने का दृश्य भूल पाना मेरे लिए असंभव है।
  • दृष्टि थम जानाझरने का सुंदर दृश्य देखकर मेरी दृष्टि वहीं थम गई।

5. नीचे एक वर्ग पहेली दी गई है। इस वर्ग पहेली में कुछ विशेषण शब्द छिपे हुए हैं। शब्दों को खोजिए और उन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

उत्तर:

  • अद्भुत: जादूगर का प्रदर्शन इतना अद्भुत था कि सभी दर्शक देखते ही रह गए।
  • सुंदर: वह बगीचा सुंदर फूलों से ढका हुआ था।
  • कठिन: इस पहाड़ी का रास्ता बहुत कठिन है, इसलिए हमें सावधानी से चलना होगा।
  • सजीव: वह चित्र इतना सजीव था कि लगा जैसे वह व्यक्ति अभी बोल उठेगा।
  • विशाल: उस किले के विशाल दरवाज़े अब भी मज़बूत खड़े हैं।
  • रंग-बिरंगा: मेले में बच्चों ने रंग-बिरंगे गुब्बारे खरीदे।
  • बेजोड़: उस खिलाड़ी का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में बेजोड़ रहा ।
  • बड़ी: सीमा अपनी बहनों में सबसे बड़ी है।
  • मनोरम: पहाड़ों के बीच बहती नदी का दृश्य बड़ा मनोरम लग रहा था।
  • छोटी: पहाड़ी के ऊपर एक छोटी-सी झोंपड़ी बनी हुई थी।
  • प्रसिद्ध: बनारस की प्रसिद्ध बनारसी साड़ी देश – विदेश में पसंद की जाती है।

चित्र का वर्णन

आपने पाठ में अजंता के चित्रों का सुंदर वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक प्रसिद्ध चित्र दिया गया है। इसका वर्णन अपने शब्दों में लेखन – पुस्तिका में कीजिए-

उत्तर: यह भित्ति चित्र बोधिसत्व पद्मपाणि का है। इस चित्र में इन्हें शांत तथा सौम्य रूप में दर्शाया गया है। उनके मुख पर गहरी शांति और आँखों में करुणा झलकती है। उनके मस्तक पर रत्न जड़ित एक मुकुट है। उनके हाथ में कमल का फूल है जिस कारण इन्हें पद्मपाणि भी कहा जाता है। उन्होंने सुंदर आभूषण कंठमाला, बाजूबंद आदि पहने हुए हैं। चित्र की पृष्ठभूमि में कुछ अनुयायी दिखाई दे रहे हैं।

मानचित्र

आपने पाठ में अजंता का वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक मानचित्र दिया गया है। इस वर्णन और मानचित्र की सहायता से नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर खोजिए-

1. नदी का क्या नाम है?
उत्तर: 
नदी का नाम वाघोरा नदी है।

2. कुल कितनी गुफाएँ दिखाई गई हैं?
उत्तर: 
मानचित्र में 30 गुफाएँ दिखाई गई हैं।

3. चारों दिशाओं में से कौन-सी दिशा का संकेत दिया गया है?
उत्तर:
 उत्तर दिशा का संकेत दिया गया है।

4. “आप यहाँ हैं” से क्या आशय है?
उत्तर:
 “आप यहाँ हैं” का मतलब है कि यह वह स्थान है जहाँ से आप गुफाओं की ओर जा रहे हैं, जैसे प्रवेश द्वार।

5. कुंड का क्या नाम है ?
उत्तर: 
कुंड का नाम सतकुंड है।

आइए मापें

लंबाई मापने के फीते की सहायता से अपने समूह के साथ मिलकर कक्षा में इन्हें मापिए और लिखिए –

उत्तर:

रंगों का संसार

आपने पाठ में पढ़ा कि रंगों को प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है। आगे रंग बनाने की कुछ विधियाँ दी गई हैं। अपने अभिभावकों की सहायता से इनका प्रयोग करके आप भी प्राकृतिक रंग बनाइए-
उत्तर: विद्यार्थी स्वयं करें

पुस्तकालय से

इस पाठ में आपने अजंता एलोरा के बारे में पढ़ा और उसके बारे में जाना। अब भारत के अन्य दर्शनीय स्थानों के बारे में अपने पुस्तकालय में खोजबीन कीजिए और उनके बारे में पढ़िए। साथ ही कक्षा में उनके बारे में चर्चा भी कीजिए।
उत्तर: मैंने पुस्तकालय में भारत के अन्य दर्शनीय स्थानों जैसे ताजमहल, खजुराहो के मंदिर, और हंपी के खंडहरों के बारे में पढ़ा। ये जगहें हमारी संस्कृति और कला को दर्शाती हैं। कक्षा में मैंने अपने दोस्तों के साथ इनके बारे में चर्चा की।

धन्यवाद कार्ड

निशा को उसकी मौसी ने अजंता और एलोरा की गुफाएँ दिखाईं। इस कारण निशा ने अपनी मौसी को धन्यवाद कार्ड लिखा। अब आप भी अपने किसी संबंधी को धन्यवाद कार्ड लिखिए-

उत्तर: प्रिय / पूज्य चाचा जी
मुझे आपका भेजा हुआ जन्मदिन का उपहार मिल गया है। आपने जो सुंदर बैग मुझे भेजा, वह मुझे बहुत अच्छा लगा। जब भी हम मिलते हैं, आप मुझे कहानी सुनाते हैं, मेरे साथ खेलते हैं, मुझे खूब हँसाते हैं। मुझे अच्छा लगता है कि मेरे पास आप जैसे प्यारे चाचा जी हैं। मैं जल्द ही आपसे मिलने आऊँगा / आऊँगी।
आपका भतीजा / आपकी भतीजी
रोहन / रोशनी

हमारी धरोहर

हमारे देश में बहुत सुंदर ऐतिहासिक स्मारक एवं कलाकृतियाँ हैं। ये हमारे देश की शोभा एवं गौरव बढ़ाते हैं। यह हमारा उत्तरदायित्व है कि हम भी इनकी सुंदरता को बनाए रखें। इन स्मारकों को छूने, इनकी दीवारों को खुरचने अथवा कुछ भी अंकन करने से इन्हें हानि पहुँचती है। इसलिए इन पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते समय हमें सावधानी रखनी चाहिए।
उत्तर:
 विद्यार्थी ध्यान दें – हमारी धरोहर को समझें और सुरक्षित रखें।

आपकी अभिव्यक्ति

क्या आपने कभी कोई रेल यात्रा की है? अपनी किसी रेल यात्रा का कोई रोचक अनुभव साझा कीजिए। यदि आपने रेल यात्रा नहीं की हो तो अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य के अनुभव भी लिख सकते हैं।
उत्तर: पिछली छुट्टियों में मैं अपने परिवार के साथ दिल्ली से जयपुर रेलगाड़ी से गई । यह मेरी पहली लंबी ट्रेन यात्रा थी। मैं बहुत उत्साहित थी। हम सुबह – सुबह स्टेशन पहुँचे। स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। तरह-तरह की आवाज़ें आ रही थीं- अनाउंसमेंट की, चायवाले की, यात्रियों की आदि। हमारी रेलगाड़ी अपने नियत समय पर प्लेटफ़ॉर्म पर आ गई थी और हम अपनी सीट पर बैठ गए थे। जैसे ही ट्रेन चली, खिड़की से बाहर के दृश्य देखने में बहुत सुंदर लग रहे थे। खेतों में काम करते लोग, हरे-भरे पेड़, खेलते हुए बच्चे दिखाई दे रहे थे। जब रेलगाड़ी पुल के ऊपर से गुजरी तो नीचे बहती नदी को देखकर बहुत अच्छा लगा। मम्मी ने घर से बना हुआ खाना निकाला- आलू की सब्ज़ी, पूड़ी और आम का अचार । सबने मिलकर खाया। जब हम जयपुर पहुँचे तो मन खुशियों से भर गया था। यह यात्रा मेरे लिए बहुत यादगार रही।

आपकी चित्रकारी

हिंदी की गिनती मिलाकर चित्र पूरा कीजिए और उसमें अपनी रुचि के रंग भरिए –

उत्तर: