14. भुट्टे – Chapter Notes

कहानी का परिचय

यह कहानी एक प्यारी सी बच्ची, नीना और उसके नाना-नानी की है। नाना बाज़ार से ताजे भुट्टे लाए और नानी ने उन्हें उबालकर सबको स्वादिष्ट भुट्टे खाने का सुख दिया।

कहानी का सारांश

नीना के नाना बाज़ार गए और वहां से ताजे भुट्टे लाए। नाना ने नीना के लिए भुट्टे बनाए और नीना ने जी भरकर उन भुट्टों का स्वाद लिया। फिर नानी ने उन भुट्टों को उबालकर सबको दिए। नाना और नानी ने भी भुट्टे खाए और सभी ने खूब आनंद लिया।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि परिवार में सभी एक-दूसरे के साथ मिलकर अच्छा समय बिताते हैं और छोटे-छोटे खुशियों के पल साझा करते हैं। हमें अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहिए और छोटी-छोटी बातों में खुश रहना चाहिए।

शब्दार्थ

  • भुट्टे: मकई के दाने (जिन्हें हम खाने के लिए पकाते हैं)
  • नाना: माँ के पिता (दादा)
  • नानी: माँ की माँ (दादी)
  • उबाले: पका कर नर्म करना
  • बाज़ार: बाजार, जहां हम सामान खरीदने जाते हैं