पाठ से
मेरी समझ से
निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
1. कविता में किसे संबोधित किया गया है?
- युवा वर्ग को
- नागरिकों को
- बच्चों को *
- श्रमिकों को
उत्तर: बच्चों को
कविता में कवि एक बच्चे को संबोधित कर आशीर्वाद दे रहे हैं कि उसके सपने बड़े हों, वह सीखे, मचले और अपने पैरों पर खड़ा हो। यह सब बातें बच्चों से संबंधित हैं।

2. “तेरे स्वप्न बड़े हों” पंक्ति में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है?
- कल्पना की उड़ान भरना
- आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना *
- बहुत-सी उपलब्धियाँ पाना
- बड़े लक्ष्य निर्धारित करना *
उत्तर: आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना, बड़े लक्ष्य निर्धारित करना
हाँ ‘स्वप्न’ का मतलब केवल कल्पना करना नहीं, बल्कि ऐसे सपने जो जीवन में कुछ पाने की प्रेरणा दें। कवि चाहता है कि बच्चा बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने की कोशिश करे, यानी लक्ष्य तय करे और आगे बढ़े।
3. “उँगली जलाएँ” पंक्ति में उँगली जलाने का भाव है-
- चुनौतियों को स्वीकार करना *
- प्रकाश का प्रसार करना
- अग्नि के ताप का अनुभव करना
- कष्टों से नहीं घबराना *
उत्तर: चुनौतियों को स्वीकार करना, कष्टों से नहीं घबराना
दीये की ओर आकर्षित होकर उँगली जलाना प्रतीक है – जब कोई बच्चा किसी चीज़ को सीखने या पाने की कोशिश करता है तो वह गलती कर सकता है, चोट खा सकता है, पर यह अनुभव उसे मजबूत बनाता है। इससे आशय है कि जीवन की कठिनाइयों से डरना नहीं चाहिए।

4. “अपने पाँवों पर खड़े हों” पंक्ति से क्या आशय है?
- अपने पैरों पर खड़े होना
- सफलता प्राप्त करना *
- कठिनाइयों का सामना करना
- आत्मनिर्भर होना *
उत्तर: सफलता प्राप्त करना, आत्मनिर्भर होना
यहाँ भाव यह है कि बच्चा दूसरों पर निर्भर न रहे, बल्कि खुद आत्मनिर्भर बने और अपने जीवन के फैसले खुद ले। साथ ही, वह जीवन में सफलता प्राप्त करे, यानी अपने सपनों को पूरा करे।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर: मैंने ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकि मुझे कविता की पंक्तियों से यही अर्थ समझ में आया।
- कविता में “बच्चों को” संबोधित किया गया है, क्योंकि कवि ने सीधे-सीधे एक छोटे बच्चे को “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” कहकर आशीर्वाद दिया है। इसमें बच्चे की सीखने की उम्र, ज़िद करना, रोशनी से ललचाना जैसी बातें कही गई हैं, जो छोटे बच्चों से जुड़ी होती हैं।
- ‘स्वप्न’ का मतलब आकांक्षा और लक्ष्य से है, क्योंकि कविता केवल कल्पना की उड़ान नहीं, बल्कि उन्हें सच में बदलने की बात कर रही है। कवि चाहता है कि बच्चा सपने देखे और उन्हें पाने के लिए मेहनत करे, इसीलिए ‘बड़े लक्ष्य निर्धारित करना’ भी सही उत्तर है।
- ‘उँगली जलाना’ एक प्रतीक है, जिससे यह दिखाना है कि सीखने की कोशिश में थोड़ी चोट या गलती हो सकती है, लेकिन उससे डरना नहीं चाहिए। इसलिए “चुनौतियों को स्वीकार करना” और “कष्टों से नहीं घबराना” सही लगता है।
- “अपने पाँवों पर खड़े होना” आत्मनिर्भरता और सफलता का प्रतीक है। जब कोई अपने बलबूते पर जीवन जीना सीखता है, तभी वह अपने पैरों पर खड़ा होता है। इसलिए मैंने इन दोनों विकल्पों को सही माना।
मिलकर करें मिलान


कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भों से मिलाइए।
उत्तर:
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क) “जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों”
उत्तर: इस पंक्ति में कवि किसी बच्चे या युवा को आशीर्वाद दे रहे हैं कि उसके सपने छोटे न हों, बल्कि बड़े और ऊँचे हों। ऐसे सपने जो उसकी सोच को ऊँचाई दें और जीवन को एक उद्देश्य दें। इसका अर्थ यह भी है कि हमें अपने जीवन में ऊँचे लक्ष्य रखने चाहिए और उन्हें पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।
(ख) “जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें”
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि केवल कल्पनाओं और भावनाओं की दुनिया में रहना पर्याप्त नहीं है। हमें वास्तविक जीवन की ज़मीन पर आकर चलना यानी जीना सीखना चाहिए। इसका मतलब है कि हमें जीवन की सच्चाइयों को समझकर व्यावहारिक बनना चाहिए और यथार्थ का सामना करना चाहिए।
(ग) “चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए
रूठना-मचलना सीखें”
उत्तर: इस पंक्ति में कवि यह कहना चाहते हैं कि हमें बड़ी और मुश्किल लगने वाली चीज़ों को पाने की जिद करनी चाहिए। जो सच्चाइयाँ दूर या असंभव लगती हैं, उनके लिए भी मेहनत, कोशिश और लगन से आगे बढ़ना चाहिए। यही संघर्ष हमें जीवन में आगे बढ़ने और सफलता पाने की दिशा में ले जाता है।
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-
(क) कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। आपके अनुसार बड़े सपने कौन-कौन से हो सकते हैं और क्यों?
उत्तरः मेरे अनुसार बड़े सपने वे होते हैं जो केवल हमारे लिए ही नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी उपयोगी हों।
जैसे:
- डॉक्टर बनकर बीमार लोगों की सेवा करना
- वैज्ञानिक बनकर नई खोजें करना जो दुनिया को बेहतर बनाएँ
- शिक्षक बनकर बच्चों को अच्छा नागरिक बनाना
- खिलाड़ी बनकर देश का नाम रोशन करना
बड़े सपने हमें मेहनत, लगन, और अनुशासन के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
(ख) “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ / उँगली जलाएँ” पंक्ति में ललक की बात की गई है। ललक के साथ और क्या-क्या होना आवश्यक है और क्यों?
(संकेत – योजना, प्रयास आदि)
उत्तरः सिर्फ इच्छा या ललक होना ही काफी नहीं है। किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए जरूरी हैं –
- योजना बनाना: ताकि हमें पता हो कि हमें कौन-कौन से कदम उठाने हैं।
- निरंतर प्रयास करना: बिना थके और बिना रुके।
- धैर्य और साहस रखना: क्योंकि रास्ते में कई कठिनाइयाँ आती हैं।
- सही मार्गदर्शन और सीखना: ताकि हम गलतियों से सीख सकें और आगे बढ़ सकें।
इन सबके बिना हमारा सपना अधूरा रह सकता है।
(ग) कल्पना कीजिए, आपका सपना ही आपका मित्र है। आपको उससे बातचीत करनी हो तो क्या बात करेंगे?
उत्तरः मैं अपने सपने से कहूँगा –
“तू हमेशा मेरे साथ रहना। जब मैं थक जाऊँ तो मुझे हिम्मत देना, और जब मैं हार मानने लगूँ तो मुझे याद दिलाना कि तू मुझे कितना प्यारा है। तू मुझसे कभी दूर मत जाना। मैं तुझे पाने के लिए हर कोशिश करूँगा और कभी हार नहीं मानूँगा।”
(घ) यदि आप किसी को आशीर्वाद देना चाहते हो तो आप किसे और क्या आशीर्वाद दोगे और क्यों?
उत्तरः मैं अपने छोटे भाई को आशीर्वाद देना चाहूँगा –
“तू हमेशा सच्चा, मेहनती और आत्मनिर्भर बने। तेरे सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने की ताकत तुझमें हो।”
क्योंकि मैं चाहता हूँ कि वह अपने जीवन में आगे बढ़े और अपने सपनों को साकार करे।
कविता की रचना
इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। ध्यान से देखें तो इस कविता में इस प्रकार की अन्य विशेषताएँ भी दिखाई देंगी। उन्हें लिखिए और कक्षा में उन पर चर्चा कीजिए।
उत्तरः कविता की अन्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं –
- मानवीकरण (Personification): कवि ने सपनों को इंसान की तरह दर्शाया है जो हँसते, मुस्कुराते, मचलते, रूठते और अपने पैरों पर खड़े होते हैं।
उदाहरण: “उँगली जलाएँ”, “मचलना सीखें”, “मुस्कुराएँ”, “अपने पाँवों पर खड़े हों”। - प्रेरणात्मक शैली: पूरी कविता एक आशीर्वाद और प्रेरणा की तरह है, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करती है।
- संदेशात्मक भाषा: कविता केवल भावनात्मक नहीं है, बल्कि इसमें जीवन का एक सशक्त संदेश है – बड़े सपने देखो, मेहनत करो, और सच्चाई को अपनाओ।
- कल्पना और यथार्थ का मेल: कविता में कल्पनाशीलता (चाँद-तारे जैसे सपने) के साथ-साथ यथार्थ की ज़मीन पर चलने की सीख भी दी गई है।
- भावनात्मक गहराई: कविता में स्नेह, आशा, चिंता और प्रेरणा का सुंदर संगम है – जैसे कोई माता-पिता अपने बच्चे को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हों।
सृजन

इस कविता के आरंभ में एक ही संज्ञा शब्द है ‘स्वप्न’। इस शब्द को केंद्र में रखते हुए अनेक क्रिया शब्दों का ताना-बाना बुना गया है, जैसे- चलना, रूठना, मचलना, सीखना, हँसना, मुस्कुराना, गाना, ललचाना और इस प्रकार कविता पूरी हो जाती है। आप भी किसी एक संज्ञा शब्द के साथ विभिन्न क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी कविता बनाकर कक्षा में सुनाइए।
उत्तरः सूरज
सूरज को
उगते देखा है,
चमकते देखा है,
धीरे-धीरे ऊपर चढ़ते देखा है।
सूरज को
धरती को गर्म करते देखा है,
पेड़ की छाया बनाते देखा है,
पानी को सूखाते देखा है।
सूरज को
शाम को ढलते देखा है,
आसमान में रंग भरते देखा है,
चुपचाप छिपते देखा है।
इसी तरह आप ‘नदी’, चाँद, तितली, हवा, पंछी आदि किसी भी संज्ञा शब्द पर अपनी कविता बना सकते हैं।
कविता का शीर्षक
इस कविता का शीर्षक ‘एक आशीर्वाद’ है जो कविता में कहीं भी प्रयुक्त नहीं हुआ है। यदि इस कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द को कविता का शीर्षक बनाना हो तो आप कौन-सी पंक्ति या शब्द चुनेंगे और क्यों?
उत्तरः यदि कविता ‘एक आशीर्वाद’ का शीर्षक कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द से चुनना हो, तो मैं “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” पंक्ति को शीर्षक के रूप में चुनूँगा।
कारणः
- यह कविता की पहली पंक्ति है और पूरे भाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
- इसमें स्नेह, प्रेरणा और आशीर्वाद – तीनों भाव समाहित हैं।
- यह पंक्ति कविता के मुख्य संदेश को सामने लाती है – कि व्यक्ति के सपने बड़े हों और वह उन्हें पूरा करने की दिशा में आगे बढ़े।
- यह पंक्ति पाठक या श्रोता को आकर्षित करती है और उन्हें आगे पढ़ने या सुनने के लिए प्रेरित करती है।
इसलिए “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” कविता के लिए एक प्रभावशाली और उपयुक्त शीर्षक होगा।
भाषा की बात



(क) नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए-
उत्तरः
(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ न देते हों-

उत्तरः
आना-जाना
‘आना’ और ‘जाना’ दो महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं। कक्षा में दो समूह बनाइए। एक समूह का नाम ‘आना’ और दूसरे समूह का नाम ‘जाना’ होगा। अब अपने-अपने समूह में इन दोनों क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए और उन्हें चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में लगाइए।
उत्तरः
समूह – ‘आना’ (क्रिया आधारित वाक्य):
- मैं सुबह स्कूल समय पर आया।
- मेरे घर मेहमान आए और सब बहुत खुश हुए।
- माँ बाजार से फल लाकर आई।
- बारिश की पहली बूंदें जैसे ही गिरीं, ठंडी हवा आने लगी।
- परीक्षा का परिणाम आया, तो मुझे बहुत खुशी हुई।
समूह – ‘जाना’ (क्रिया आधारित वाक्य):
- मैं शाम को पार्क में खेलने गया।
- पिताजी ऑफिस जाते समय मुझे टिफिन देने बोले।
- हम गर्मियों की छुट्टियों में दादी के घर गए।
- सभी छात्र पिकनिक पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
- वह चुपचाप कहीं चला गया और किसी को बताया भी नहीं।
डायरी
हँसें-मुसकराएँ-गाएँ
अपने किसी एक दिन की समस्त गतिविधियों पर ध्यान दीजिए और अपनी डायरी में लिखिए कि आप दिनभर में कब-कब हँसे, कब-कब मुसकराए, कब-कब गाए, कब-कब रूठे, कब-कब मचले?
उत्तरः डायरी लेखन – “हँसे, मुस्कुराए, गाए”
तिथि: 30 जुलाई 2025
स्थान: मेरा घर / विद्यालय
प्रिय डायरी,
आज का दिन बहुत रोचक और भावनाओं से भरा हुआ था।
- सुबह जब मैंने अपने छोटे भाई की मज़ेदार हरकत देखी, तो मैं जोर से हँस पड़ा।
- स्कूल में जब अध्यापिका ने मेरी प्रशंसा की, तो मैं खुशी से मुस्कुरा दिया।
- संगीत की कक्षा में हम सबने मिलकर एक प्यारा गीत गाया, जो दिल को बहुत भाया।
- लंच में जब मेरा मनपसंद खाना नहीं था, तो मैं थोड़ी देर के लिए रूठ गया।
- खेलते समय जब मैं आउट हो गया, तो मुझे बहुत गुस्सा आया और मैं थोड़ी देर मचला भी, पर फिर सब ठीक हो गया।
- दिन का अंत बहुत अच्छा रहा क्योंकि माँ ने मुझे मेरी पसंद की कहानी सुनाई, जिससे मेरे चेहरे पर फिर से मुस्कान आ गई।
आज का दिन बहुत अच्छा और यादगार रहा।
पाठ से आगे
आपकी बात
(क) कविता के माध्यम से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने का आशीर्वाद दिया गया है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में आपको अपने माता-पिता, अध्यापक एवं परिजनों से किस तरह के आशीर्वाद मिलते हैं? अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
उत्तरः मुझे मेरे माता-पिता, अध्यापक और परिजनों से निम्नलिखित प्रकार के आशीर्वाद मिलते हैं:
- “ईश्वर करे तू खूब पढ़े और ऊँचाई तक पहुँचे।”
- “तू सदा सच्चाई के रास्ते पर चले।”
- “हर मुश्किल से लड़ने की ताकत तुझमें हो।”
- “तेरा मन पढ़ाई में लगे और तू सबका आदर करे।”
- “भगवान तुझे हर खुशी दे और तेरा आत्मविश्वास हमेशा बना रहे।”
ये सभी आशीर्वाद मुझे आत्मबल देते हैं और मेरे जीवन के लक्ष्यों को पाने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
(ख) आप भी अपने से छोटों के प्रति किसी न किसी प्रकार से शुभेच्छा प्रकट करते हैं, उन्हें लिखिए।
उत्तरः मैं अपने से छोटों को इस प्रकार शुभेच्छाएँ देता हूँ:
- तुम हमेशा खुश रहो।
- अपने सपनों को कभी छोटा मत समझना।
- पढ़ाई में मन लगाना और हमेशा अव्वल आना।
- जो भी चाहो, उसमें सफलता ज़रूर मिले।
- हमेशा सच्चाई पर चलना और बड़ों का सम्मान करना।
सपनों की बातें
(क) आप क्या करना चाहते हैं और क्या पाना चाहते हैं? उन्हें एक परची पर लिखें। परची पर अपना नाम लिखना आवश्यक नहीं है। अपने अध्यापक द्वारा लाए गए डिब्बे में अपनी-अपनी परची को डाल दें। अध्यापक एक-एक करके इन परचियों पर लिखे सपनों को पढ़कर सुनाएँ। सभी विद्यार्थी अपने-अपने सुझाव दें कि उन सपनों को पूरा करने के लिए-
- किस तरह के प्रयत्न करने होंगे?
उत्तरः
- कड़ी मेहनत करनी होगी।
- नियमित पढ़ाई और अनुशासन ज़रूरी होगा।
- कठिन विषयों (जैसे विज्ञान, गणित) की गहराई से समझ बनानी होगी।
- आत्मविश्वास बनाए रखना होगा।
- किस तरह से योजना बनानी होगी?
उत्तरः
- लक्ष्य के अनुसार पढ़ाई का समय तय करना होगा।
- समय का सही प्रबंधन सीखना होगा।
- चरणबद्ध योजना बनानी होगी (जैसे – रोज़ का अध्ययन, साप्ताहिक लक्ष्य, मॉक टेस्ट आदि)।
- लंबी परीक्षाओं (जैसे NEET/UPSC) के लिए रणनीति बनानी होगी।
- किससे और किस प्रकार का सहयोग लिया जा सकता है?
उत्तरः
- माता-पिता से भावनात्मक और आर्थिक सहयोग।
- अध्यापकों से मार्गदर्शन और शंका समाधान।
- दोस्तों/साथियों से प्रेरणा और सहयोगात्मक अध्ययन।
- कोचिंग, पुस्तकालय, ऑनलाइन संसाधनों से शैक्षिक सहायता।
- लक्ष्य-प्राप्ति में संभावित चुनौतियाँ कौन-कौन सी हो सकती हैं?
उत्तरः
- प्रतियोगिता और परीक्षा का दबाव।
- कभी-कभी आत्मविश्वास में कमी आना।
- समय की कमी, थकावट या एकाग्रता की कमी।
- असफलता के डर से निराशा आना।
हमारे सपने


आपके माता-पिता या अभिभावक आपकी आवश्यकताओं और इच्छाओं को जानते-समझते हैं। वे उन्हें पूरा करने के लिए यथासंभव प्रयत्न करते हैं। अपने माता-पिता या अभिभावक से उनके द्वारा देखे गए सपने और इच्छाओं के बारे में पूछिए कि वे क्या-क्या करना चाहते थे या चाहते हैं? नीचे दी गई तालिका में उन सपनों को लिखिए। आप इस तालिका को और बढ़ा सकते हैं।
उत्तरः
सबके सपने
प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत-से लोग सहयोग देते हैं, जैसे- शाक विक्रेता, स्वच्छताकर्मी, रिक्शाचालक, सुरक्षाकर्मी आदि। इनमें से किसी एक से साक्षात्कार कीजिए और उनके सपनों के विषय में जानिए। साक्षात्कार के समय कौन-कौन से प्रश्न हो सकते हैं? उनकी एक सूची भी बनाइए।
उत्तरः साक्षात्कार: एक स्वच्छताकर्मी से बातचीत
नाम: रामू यादव
काम: नगर निगम में स्वच्छता का कार्य
स्थान: हमारे मोहल्ले का मुख्य बाज़ार
प्रमुख बिंदु: रामू जी सुबह 6 बजे काम पर लग जाते हैं। वे रोज़ सड़कें साफ करते हैं, कचरा उठाते हैं और मोहल्ले को स्वच्छ बनाए रखने में मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका सपना है कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर एक अच्छा जीवन जिएँ। वह चाहते हैं कि समाज स्वच्छता कर्मचारियों का सम्मान करे।
साक्षात्कार के समय पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न:
- आपका नाम क्या है?
- आप कब से यह काम कर रहे हैं?
- आपका रोज़ का काम कब शुरू होता है और कितने बजे तक चलता है?
- आपको अपने काम में कौन-कौन सी कठिनाइयाँ आती हैं?
- आपका परिवार में कौन-कौन है?
- आपका सपना क्या है?
- आपके बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है?
- आपको अपने काम से जुड़ी कौन सी बात सबसे अच्छी लगती है?
- आप समाज से क्या उम्मीद करते हैं?
- आप लोगों से क्या संदेश देना चाहेंगे?
झरोखे से

आपने पढ़ा कि ‘एक आशीर्वाद’ कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। अब आप पढ़िए सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का एक प्रेरक उद्बोधन जिसमें वे न केवल सपने देखने की बात करते हैं, बल्कि सपनों को पूरा करने की योजना और प्रक्रिया के विषय में भी बताते हैं-
उत्तरः विद्यार्थी इस प्रेरक उद्बोधन को स्वयं पढ़ने का प्रयास करें और समझें कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सपनों को पूरा करने के लिए क्या सुझाव देते हैं।
साझी समझ
आपने ‘एक आशीर्वाद’ कविता पढ़ी और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उपर्युक्त उद्बोधन भी पढ़ा। अब आप इन दोनों पर कक्षा में अपने साथियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तरः कक्षा चर्चा के मुख्य बिंदु (एक आशीर्वाद कविता और डॉ. कलाम के भाषण पर):
- दोनों में सपनों का महत्व बताया गया है।
कविता में बताया गया है कि जब कोई सच्चा सपना देखा जाता है, तो वह आशीर्वाद बन जाता है। डॉ. कलाम भी कहते हैं कि सपना वह नहीं जो नींद में आए, बल्कि सपना वह है जो आपको सोने न दे। - संघर्ष और मेहनत की प्रेरणा:
दोनों रचनाओं में यह बात उभर कर आती है कि जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए कठिन मेहनत करनी पड़ती है। - डॉ. कलाम का जीवन उदाहरण है:
उन्होंने एक छोटे से गाँव से उठकर देश के राष्ट्रपति बनने तक का सफर तय किया – यह दिखाता है कि अगर सपना सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कुछ भी संभव है। - सपने सिर्फ अपने लिए नहीं, समाज के लिए भी होने चाहिए।
कविता और भाषण दोनों में यह संदेश है कि हमारा सपना ऐसा हो जो दूसरों की भलाई में भी योगदान दे।
खोजबीन के लिए


कला, विज्ञान, राजनीति, खेलकूद, मनोरंजन आदि क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त करने वाले व्यक्तियों ने अपने-अपने सपनों को पूरा करने की संघर्ष यात्रा के बारे में लिखा है। उन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए किस तरह से योजना बनाई, क्या-क्या संघर्ष किए? पुस्तकालय अथवा इंटरनेट की सहायता से ऐसे व्यक्तियों के बारे में पढ़िए।
उत्तरः कुछ प्रसिद्ध व्यक्तियों के सपनों को साकार करने की यात्रा:
पढ़ने के लिए सुझाव:
- पुस्तकालय में इन महान व्यक्तियों की जीवनी (Biography) पढ़ सकते हैं।
- इंटरनेट पर इनके इंटरव्यू, वीडियो और लेख आसानी से मिलते हैं।