8. बड़े भाई साहब – Short Questions answer

प्रश्न 1: बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में कितने बड़े थे और वे कौन-सी कक्षा में पढ़ते थे? 
उत्तर:
 बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में पाँच साल बड़े थे और वे नौवीं कक्षा में पढ़ते थे।

प्रश्न 2: बड़े भाई साहब दिमाग को आराम देने के लिए क्या करते थे? 
उत्तर: 
बड़े भाई साहब दिमाग को आराम देने के लिए कापी, किताब के हाशियों पर जानवरों-पक्षियों के चित्र बनाया करते थे।


प्रश्न 3: कथानायक की रुचि किन कार्यों में थी? 
उत्तर: 
कथानायक की रुचि मैदान में कंकरियाँ उछालने, तितलियाँ उड़ाने और चारदीवारी पर चढ़कर नीचे कूदने आदि खेलों में थी।

प्रश्न 4: बड़े भाई साहब छोटे भाई से हर समय पहला सवाल क्या पूछते थे? 
उत्तर:
 बड़े भाई साहब छोटे भाई से हर समय पहला सवाल यही पूछते थे – “कहाँ थे?”

प्रश्न 5: बड़े भाई ने पहले-पहल लेखक को किसलिए डाँटा?
उत्तर:
 बड़े भाई ने पहले-पहल लेखक को इसलिए डाँटा क्योंकि लेखक स्कूल से आकर सीधे मैदान में खेलने चला गया था और होमवर्क नहीं किया था। भाई साहब को यह देखकर बहुत बुरा लगा कि लेखक पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

प्रश्न 6: बड़ा भाई लेखक को उम्र भर एक दरजे में पड़े रहने का डर क्यों दिखाता था? बड़े भाई साहब पाठ के आधार पर लिखिए। 
उत्तर:
 लेखक का बड़ा भाई अपने अज्ञान और अयोग्यता के कारण पढ़ाई से डरा हुआ है। उसे लगता है कि इतनी मेहनत के बाद भी जब वह फेल हो गया तो जरूर यह पढ़ाई बहुत कठिन है। इसी कारण वह लेखक को उम्र भर एक दरजे में पड़े रहने का डर दिखाता है।

प्रश्न 7: बड़े भाई साहब ने छोटे भाई पर रौब जमाने के लिए किस बात की दुहाई दी?
उत्तर:
 बड़े भाई साहब ने छोटे भाई पर रौब जमाने के लिए अपनी उम्र और अनुभव की दुहाई दी। उन्होंने कहा कि वे उससे पाँच साल बड़े हैं और अधिक अनुभव रखते हैं, इसलिए उनका कहना मानना चाहिए।

प्रश्न 8: बड़े भाई साहब उपदेश की कला में माहिर थे, पर छोटा भाई मेहनत से घबराता था, उसे क्या अच्छा लगता था?
उत्तर: 
बड़े भाई साहब जहाँ पढ़ाई और अनुशासन को जीवन का मुख्य आधार मानते थे, वहीं छोटा भाई मेहनत से घबराता था। वह मस्तमौला और निश्चिंत स्वभाव का था। उसे पढ़ाई से अधिक खेल-कूद, सैर-सपाटा, गप्पें लड़ाना और मटरगश्ती करना पसंद था। वह हर समय मौज-मस्ती में लगे रहना चाहता था।

प्रश्न 9: बड़े भाई साहब उपदेश देने की कला में निपुण थे, कैसे? 
उत्तर:
 बड़े भाई साहब उपदेश देने की कला में बहुत निपुण थे। वे छोटे भाई को समझाने के लिए तर्कों, अनुभवों और सूक्तियों का प्रभावशाली ढंग से प्रयोग करते थे। उनकी बातें इतनी गंभीर और लंबी होती थीं कि छोटा भाई उनका कोई उत्तर नहीं दे पाता था। उनके उपदेश सुनकर लेखक की हिम्मत टूट जाती थी और उसका पढ़ाई से मन हटने लगता था। उनकी डाँट और उपदेशों के डर से लेखक उनके पास जाने से भी कतराता था।

प्रश्न 10: ‘बड़े भाई साहब’ कहानी में छोटा भाई अपने बड़े भाई से किस प्रकार डरता था?
उत्तर:
 ‘बड़े भाई साहब’ कहानी में छोटा भाई अपने बड़े भाई की डाँट और सख्त स्वभाव से बहुत डरता था। बड़े भाई को देखते ही उसके प्राण सूख जाते थे। उसे ऐसा लगता था जैसे उसके सिर पर कोई नंगी तलवार लटक रही हो। बड़े भाई की बातें सुनकर वह सहम जाता था और उनसे बचकर रहने की कोशिश करता था।


प्रश्न 11: बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ कैसे आती है? 
उत्तर:
 बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की सच्ची समझ पुस्तकों से नहीं, बल्कि अनुभवों से आती है। दुनिया देखकर, जीवन के संघर्षों से गुजरकर ही व्यक्ति समझदार बनता है। उनके अनुसार, अधिक पढ़ाई से अधिक समझ नहीं आती, बल्कि उम्र और अनुभव से ही व्यक्ति में परिपक्वता आती है।

प्रश्न 12: छोटे भाई ने बड़े भाई साहब के नरम व्यवहार का क्या फायदा उठाया?
उत्तर: 
जब बड़े भाई साहब ने डाँटना-फटकारना छोड़ दिया और प्यार से बात करने लगे, तो छोटे भाई को लगा कि अब वे उसे कुछ नहीं कहेंगे। इससे वह और भी लापरवाह हो गया। उसे लगा कि वह बिना पढ़े भी पास हो जाएगा। वह पढ़ाई छोड़कर दूसरों के साथ पतंग उड़ाने और खेलने में समय बर्बाद करने लगा।

प्रश्न 13: छोटे भाई के मन में कौन-सी कुटिल भावना उदित हुई और क्यों? 
उत्तर: छोटे भाई के मन में अपने बड़े भाई के अगले साल भी फेल हो जाने की कुटिल भावना उत्पन्न हुई, क्योंकि यदि बड़े भाई साहब फिर से फेल हो जाते, तो वे दोनों एक ही कक्षा में आ जाते। ऐसा होने पर बड़ा भाई बात-बात पर उसका अपमान नहीं कर पाता।

प्रश्न 14: आदर्श स्थिति बनाए रखने के लिए बड़े भाई साहब का बचपन कैसे तिरोहित हो जाता है?
उत्तर: 
आदर्शवादी बड़े भाई साहब में भी अन्य बच्चों की तरह खेलने और पतंग उड़ाने की स्वाभाविक इच्छा होती है, लेकिन छोटे भाई के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करने के लिए वे अपनी इच्छाओं को दबा देते हैं। वे सोचते हैं कि यदि वे खुद अनुशासन से भटकेंगे, तो छोटे भाई के लिए अच्छा उदाहरण नहीं बन पाएँगे। इस प्रकार उनका बचपन दबकर तिरोहित हो जाता है।

प्रश्न 15: बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ क्यों दबानी पड़ती थीं?
उत्तर:
 बड़े भाई साहब पर छोटे भाई की निगरानी का दायित्व था। वे अध्ययनशील थे, समय के पाबन्द थे, अहंकार रहित, अनुभवी और समझदार थे। छोटे भाई के हित के लिए उन्हें अपने मन की इच्छाएँ दबानी पड़ती थीं, क्योंकि यदि वे स्वयं गलत राह पर चलेंगे तो अपने छोटे भाई की रक्षा एवं देख-रेख कैसे कर सकेंगे, अपने छोटे भाई के भविष्य की चिन्ता एवं कर्तव्य के कारण उन्हें अपने मन की सारी इच्छाओं को दबाना पड़ता था।

प्रश्न 16: ‘बड़े भाई साहब’ नामक कहानी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
अथवा

‘बड़े भाई साहब’ पाठ से हमें क्या संदेश मिलता है ?
उत्तर: प्रस्तुत कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमें अपनी स्थिति, क्षमता और सीमाओं को पहचानकर ही व्यवहार करना चाहिए। यदि हम स्वयं योग्य नहीं हैं, तो किसी अन्य को उपदेश देने का अधिकार भी नहीं रखते। साथ ही, यह कहानी हमें यह संदेश देती है कि पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि समझदारी से करने का कार्य मानें। रटने की बजाय विषय को समझने का प्रयास करें। इसके अतिरिक्त, खेलकूद भी पढ़ाई में सहायक हो सकते हैं, यदि समय का संतुलन बना रहे।

प्रश्न 17: ‘बड़े भाई साहब’ कहानी के लेखक ने समूची शिक्षा के किन तौर-तरीकों पर व्यंग्य किया है?
उत्तर: 
‘बड़े भाई साहब’ कहानी में लेखक ने उस पढ़ाई के तरीके पर मज़ाक उड़ाया है जिसमें बच्चे सिर्फ रटते हैं, समझते नहीं। बड़े भाई हर समय किताबें रटते रहते हैं, लेकिन वे समझकर नहीं पढ़ते। उन्हें यह भी नहीं आता कि जो उन्होंने पढ़ा है, उसे अपनी भाषा में कैसे समझाएँ। इसलिए वे दिन-रात पढ़ाई करने के बाद भी थक जाते हैं और परीक्षा में सफल नहीं हो पाते।