Class 6 Social Science Chapter 10 Question Answer in Hindi
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1 शासन Question Answer
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ 10 के प्रश्न उत्तर (In Text)
पृष्ठ 149
प्रश्न 1.
‘शासन’ का अर्थ क्या है?
उत्तर:
निर्णयों को लेने की प्रक्रिया, नियमों के विभिन्न समूहों से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना और उनका पालन सुनिश्चित करना ही शासन कहलाता है।
प्रश्न 2.
हमें सरकार की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाने के लिए सरकार की आवश्यकता होती है। शासन निर्णयों को लेने की प्रक्रिया निर्धारित करता है तथा सरकार नियमों का निर्माण करती है। नियमों के विभिन्न समूहों से यह सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करती है तथा उन नियमों का पालन सुनिश्चित करती है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों को दंडित करती है। इस प्रकार समाज में शांति व्यवस्था समानता, न्याय तथा विकास के लिए हमें सरकार की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 3.
‘लोकतंत्र’ का अर्थ क्या है? यह क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर:
लोकतंत्र का अंग्रेजी शब्द ‘डेमोक्रेसी’ है जो ग्रीक भाषा के दो शब्दों ‘डेमोस’ अर्थात् लोग और ‘क्रेटोस’ अर्थात् शासन प्रणाली या तंत्र या शक्ति, से बना है। अतः डेमोक्रेसी का शाब्दिक अर्थ हुआ लोक-शासन या गणतंत्र अर्थात् लोगों का शासन।
लोकतंत्र इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है। लोकतांत्रिक सरकारों में, सरकार के विभिन्न स्तरों पर नागरिक स्वयं को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर अपनी बात रख सकते हैं।
पृष्ठ 150
प्रश्न 1.
पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 151 पर चित्र 10.1 में दिए गए दो चित्रों के बारे में बताइए। आप उनमें क्या अन्तर पाते हैं?
उत्तर:
इस चित्र में ऊपर का चित्र एक व्यवस्थित समाज को दर्शा रहा है जो सरकार द्वारा बनाए गए व लागू किए गए यातायात के नियमों का पालन कर, बिना किसी व्यवधान, व शोरगुल व संघर्ष के शांतिपूर्ण ढंग से अपने गंतव्य स्थल की ओर जा रहा है।
इस चित्र में नीचे दिया चित्र एक अव्यवस्थित समाज के स्वरूप को चित्रित कर रहा है, जो या तो यातायात के नियमों का पालन नहीं कर रहा है या उस समाज में सरकार यातायात के नियम लागू नहीं किए हैं या सरकार यातायात के नियमों का ठीक प्रकार से पालन नहीं करा पा रही है। अतः यातायात के नियमों के पालन नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी यात्रा में व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। इस व्यवधान के कारण यातायात प्रायः अवरुद्ध हो रहा है, दुर्घटना का डर बना हुआ है।
प्रश्न 2.
नियमों पर हमारी चर्चा से आप इसे कैसे जोड़कर देखते हैं?
उत्तर:
नियमों पर आपकी चर्चा से हम इसे इस प्रकार जोड़कर देखते हैं कि समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम अनिवार्य होते हैं। सरकार इसके लिए नियम या कानून बनाती है और उन नियमों को समाज में लागू करती है तथा जो उन नियमों का पालन नहीं करता है, उसे दंडित कर, उनका पालन कराती है। इससे शांति, व्यवस्था और सद्भाव के साथ समाज के लोग कार्यरत रहते हैं। पाठ्यपुस्तक के चित्रों से स्पष्ट होता है कि जहाँ यातायात के नियमों का पालन किया जा रहा है, वहाँ सुव्यवस्था, शांति और सद्भाव है और जहाँ पालन नहीं किया जा रहा ‘है, वहाँ अव्यवस्था, अशांति और संघर्ष की स्थति है।
प्रश्न 3.
आपके विद्यालय में कौन-कौन से नियम हैं? उन्हें किसने बनाया?
उत्तर:
विद्यार्थी अपने-अपने विद्यालयों के नियमों को स्वयं लिखें। इन नियमों को समस्त विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर बनाया है। कुछ नियम सरकार द्वारा बनाए गए भी हो सकते हैं।
पृष्ठ 153
प्रश्न 1.
क्या आप पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 152 पर चित्र 10.2 में दिए गए दस चित्रों में दर्शाए गए लोक सेवाओं के प्रकार अथवा अन्य कार्यकलापों की पहचान कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम इस पृष्ठ के चित्रों में दर्शायी गई लोक सेवाओं के प्रकारों व कार्यकलाप को पहचान सकते हैं। जिसमें बाएं – ऊपर से नीचे – पहला चित्र सड़क निर्माण एवं बुनियादी संरचना सेवा का है, दूसरा-रक्षा सेवा का है, तीसरा-आपदा प्रबन्धन एवं नागरिक सुरक्षा सेवा का है, चौथा – न्यायिक सेवा का है, पांचवां- डाक सेवा का है। दाएं-ऊपर से नीचे-पहला चित्र रेलवे सेवा का है, दूसरा- स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा का है, तीसरा सड़क यातायात नियन्त्रण सेवा का है, चौथा – शिक्षा सेवा तथा पांचवां बैंकिंग सेवा का है।
प्रश्न 2.
आपके विचार से इन कार्यकलापों में सरकार की क्या भूमिका होती है?
उत्तर:
हमारे विचार से सरकार इन कार्यकलापों के लिए पहले नियम या कानून बनाती है। फिर इन कार्यों को करने वाले योग्य कर्मचारियों की नियुक्ति करती है तथा उनको कार्यालय, वेतन, भत्ते तथा पेंशन आदि की सुविधाएँ प्रदान करती हैं ताकि वे निश्चिन्त होकर अपने कार्य पर पूरा ध्यान दे सकें।
प्रश्न 3.
क्या आप अपने दैनिक जीवन के ऐसे अन्य पहलुओं पर विचार कर सकते हैं, जहाँ सरकार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है?
उत्तर:
हाँ, हम दैनिक जीवन के ऐसे अन्य पहलुओं पर विचार कर सकते हैं, जैसे-सफाई, विद्युत सेवा, जलदाय सेवा, सरकारी बस सेवाएँ, सिंचाई सेवाएँ आदि।
पृष्ठ 154
प्रश्न 1.
ऊपर दिए गए साइबर अपराधियों के मामले में वर्णन सरकार के तीनों अंग किस प्रकार कार्य करते हैं, कीजिए।
उत्तर:
साइबर अपराधियों की गतिविधियों को रोकने के लिए अनेक सरकारों की विधायिकाओं ने कानून बनाए हैं। कार्यपालिका ने उन कानूनों को लागू किया है जिसके आधार पर पुलिस ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार करती हैं और न्यायपालिका के समक्ष उसे प्रस्तुत करती है। न्यायपालिका यह सुनिश्चित करती है कि वह साइबर अपराधी है या नहीं। यदि वह उसे साइबर अपराधी पाती है तो उसे आर्थिक दंड देने के साथ-साथ जेल की सजा भी देती है।
पृष्ठ 155
प्रश्न 1.
कक्षा की एक गतिविधि के रूप में क्या आप किसी ऐसी स्थिति की कल्पना कर सकते हैं, जहाँ शासन के तीनों अंगों की शक्तियाँ किसी एक ही समूह के नियंत्रण में आ जाएँ, ऐसे में किस प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न होगी? क्या आप वास्तविक जीवन में सुनी हुई किसी ऐसी परिस्थिति का वर्णन कर सकते हैं?
उत्तर:
देश में युद्ध या आक्रमण के समय संकटकालीन स्थिति की घोषणा के पश्चात शासन के तीनों अंगों की शक्तियाँ कार्यपालिका के नियंत्रण में आ जाती हैं। यह शासन संकटकाल की समाप्ति के बाद भी जारी रहता है तो सरकार निर्बाध होकर कार्य करने लगती है। ऐसी स्थिति में जनहितकारी कानूनों के निर्माण, क्रियान्वयन और न्याय में अत्याचारी कानूनों का निर्माण होगा व उनका क्रियान्वयन किया जायेगा। न्यायपालिका भी शासन की मंशा के अनुरूप निर्णय देगी। इससे जनता में भय व्याप्त हो जाएगा, विकास कार्य रुक जाऐंगे तथा शासन की आलोचना करने वाले लोगों को जेल में भर दिया जाएगा।
हमारे देश को 1975 में संकटकाल लागू होने के बाद ऐसी ही स्थितियों का सामना करना पड़ा।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1 शासन कक्षा 6 प्रश्न उत्तर (Exercise)
प्रश्न 1.
स्वयं परखिए लोकतंत्र का क्या अर्थ है? प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र के बीच क्या अन्तर है?
उत्तर:
लोकतंत्र का अर्थ है गणतंत्र अर्थात् लोगों का शासन लोकतंत्र उस शासन तंत्र की ओर इशारा करता है, जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है। इस प्रकार के तंत्र में नागरिक स्वयं को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर अपनी बात रख सकते हैं।
लोकतंत्र के प्रकार – लोकतंत्र दो प्रकार का होता है- (1) प्रत्यक्ष लोकतंत्र और (2) प्रतिनिधि लोकतंत्र। इन दोनों प्रकार के लोकतंत्र के बीच प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं—
(1) प्रत्यक्ष लोकतंत्र में सामान्य नागरिक स्वयं किसी स्थान पर एकत्रित होकर सरकार सम्बन्धी विभिन्न कार्यों, जैसे कानून बनाना, उनको क्रियान्वयन करना तथा न्याय कार्य को बहुमत के आधार पर करती है।
लेकिन प्रतिनिधि लोकतंत्र में शासन कार्यों को करने के लिए सामान्य नागरिक एक निश्चित समय ( कार्यकाल) के लिए अपने प्रतिनिधि निर्वाचित कर देती है और वे निर्वाचित ( चयनित ) प्रतिनिधि शासन सम्बन्धी कार्यों को करते हैं। (2) प्रत्यक्ष लोकतंत्र कम जनसंख्या वाले छोटे क्षेत्र में ही संचालित किया जा सकता है, जबकि आधुनिक बड़े राज्यों में यह संभव नहीं है, बड़े राज्यों में प्रतिनिधि लोकतंत्र ही संभव है।
(3) प्रत्यक्ष लोकतंत्र में, चूँकि शासन कार्यों में सामान्य नागरिक स्वयं भाग लेकर शासन सम्बन्धी कार्यों में निर्णय लेते हैं, इसलिए अपने शासन सम्बन्धी कार्यों के लिए स्वयं के प्रति ही उत्तरदायी होते हैं, लेकिन प्रतिनिधि लोकतंत्र में शासन के कार्यों में नागरिकों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि भाग लेते हैं तथा निर्णय लेते हैं; इसलिए वे अपने कार्यों के लिए नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होते हैं।
उदाहरण के लिए, जब हमारी पूरी कक्षा मिलकर अपना एक प्रतिनिधि चयन कर उसे अपनी समस्याओं को प्रधानाध्यापक के समक्ष रखने के लिए भेजती है, तो यह प्रतिनिधि लोकतंत्र की व्यवस्था को दिखाता है, लेकिन जब कक्षा के सभी विद्यार्थी मिलकर बहुमत के आधार पर यह तय करते हैं कि उन्हें पिकनिक के लिए कहाँ जाना है, तो यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र की व्यवस्था को दिखाता है।
प्रश्न 2.
सरकार के तीन अंग कौन-से हैं? उनकी क्या अलग-अलग भूमिकाएँ हैं?
उत्तर:
सरकार के अंग- सरकार के तीन प्रमुख अंग हैं। ये हैं (1) विधायिका (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका सरकार के अंगों की भूमिकाएँ- सरकार के इन तीनों अंगों की भूमिकाएँ अलग-अलग हैं। यथा-
(1) विधायिका – विधायिका का प्रमुख कार्य है— नियम या कानूनों का निर्माण करना। यह कभी-कभी पुराने कानूनों में संशोधन तथा वर्तमान कानून को निरस्त भी करती है।
(2) कार्यपालिका – कार्यपालिका विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू करती है।
(3) न्यायपालिका – न्यायपालिका यह निर्णय करती है कि क्या किसी ने कानून तोड़ा है और यदि तोड़ा है, तो उस पर क्या कार्यवाही की जाए। आवश्यक होने पर वह अपराधी को दंड भी देती है।
दूसरे, न्यायपालिका कभी-कभी इस बात की भी जाँच करती है कि कार्यपालिका द्वारा लिया गया कोई निर्णय ठीक है या नहीं।
तीसरे, यह विधायिका द्वारा पारित किए गए कानून की भी सांविधानिकता तथा जनहित की दृष्टि से जाँच करती है।
प्रश्न 3.
भारत के परिप्रेक्ष्य में हमें त्रिस्तरीय सरकार की आवश्यकता क्यों हैं?
उत्तर:
भारत एक विशाल देश है। जनसंख्या की दृष्टि से यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इतने बड़े देश के समक्ष समस्यायें अनेक प्रकार की होती हैं। जैसे- कुछ समस्यायें राष्ट्रीय स्तर की होती हैं, तो कुछ प्रादेशिक स्तर की और कुछ स्थानीय स्तर की। इसलिए इन समस्याओं को सुचारु रूप से हल करने के लिए तीनों स्तरों पर अलग-अलग सरकार को कार्य करना चाहिए। इसी दृष्टि से भारत में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है— (1) राष्ट्रीय स्तर (2) राज्य स्तर या प्रादेशिक स्तर और (3) स्थानीय स्तर। उदाहरण के लिए, सफाई, बिजली, पानी, पेयजल की स्थानीय स्तर की। अतः इन समस्याओं को स्थानीय स्तर आपूर्ति तथा जल निकासी आदि की समस्यायें छोटी हैं तथा की सरकार, राष्ट्रीय या प्रादेशिक स्तर की सरकार की अपेक्षा, स्थानीय सरकार के कर्मचारियों से स्थानीय लोग शीघ्र तथा अधिक शीघ्रता से तथा कुशलता से कर सकती है। क्योंकि प्रत्यक्ष रूप से अपनी समस्याओं को बता पाते हैं। इस प्रकार समस्या का शीघ्र हल हो जाता है, जबकि राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर की सरकारों तक ये समस्यायें देर से पहुँचेंगी और उनका हल होने में भी विलम्ब हो जायेगा।
इसी प्रकार, यदि प्रादेशिक स्तर की कोई समस्या होती है, जैसे किसी राज्य के कई जिलों में बाढ़ आ जाना। इस समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं किया जा सकता। इस समस्या का समाधान प्रादेशिक स्तर की सरकार आसानी से कर कर लेती है। लेकिन यदि बाढ़ भयानक रूप ले लेती है और कई प्रदेशों में फैल जाती है, तो केन्द्र या राष्ट्रीय सरकार मदद के लिए आती है।
अतः भारत जैसे बड़े देशों में त्रिस्तरीय सरकार की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 4.
परियोजना- 2019 की कोविड महामारी के दौरान लगा लॉकडाउन आपको याद होगा। उस समय उठाए गए सभी कदमों की सूची बनाइए। उस स्थिति को संभालने में सरकार के कौन-कौन से स्तर सम्मिलित थे? उसमें सरकार के प्रत्येक अंग की क्या भूमिका थी?
उत्तर:
(अ) 2019 कोविड महामारी के दौरान उठाए गए कदम
2019 में कोविड महामारी के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा समूचे देश में लॉकडाउन लगाया गया। इस दौरान उस स्थिति को संभालने में सरकार के तीनों स्तर युद्ध स्तर पर कार्यरत रहे । यथा— 1. आवश्यक सेवाओं के अलावा सरकार ने अपनी सभी सेवाएँ रोक दीं।
2. विदेश से आने वाली कुछ हवाई सेवाओं को रोक दिया गया।
3. विदेश से जो हवाई सेवाएँ आ रही थीं, उन यात्रियों की जाँच की गई, जिन यात्रियों को कोविड पाया गया, उन्हें पृथक कर अस्पताल भेजा गया तथा जिन यात्रियों के कोविड नहीं था, उन्हें भी 14 दिन के लिए एकान्त में रखा गया और 14 दिन बाद उनकी जाँच की गई तथा उनका कोविड नेगेटिव होने पर ही उन्हें स्वतंत्र किया गया।
4. जो विदेशी यात्री, लॉकडाउन घोषित होने से पहले देश में भ्रमण के लिए आ गए थे, उनके बारे में पता लगाया गया तथा कोविड की जाँच की गई, कोविड पाए जाने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया और जिनका कोविड नेगेटिव था, उन्हें अलग कमरे में रखा गया।
5. केन्द्र सरकार ने टी.वी. पर कोविड 19 से बचने के विभिन्न उपायों की घोषणा की, जैसे-
- बिना आवश्यक कार्य के घर से बाहर न निकलें।
- घर से बाहर निकलना ही पड़े तो मास्क लगाकर निकलें।
- सेनेटाइजर की छोटी शीशी अपने साथ रखें। किसी से मिलने या किसी को छूने के पश्चात हाथों को सेनेटाइजर से शुद्ध करते रहें।
- घर में घुसने से पहले हाथ को सेनेटाइजर से शुद्ध करें तथा मास्क को डस्टबिन में डाल दें। हाथों को ठीक प्रकार से साबुन से साफ रखें।
- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में नहीं जाएँ।
- बाजार में किराना, कैमिस्ट, सब्जी बेचने वालों की दुकानों के अलावा लगभग सभी दुकानें बंद कर दी गई।
- शादी-विवाह जैसे समारोह में शामिल होने के लिए 3. 50 सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई तथा मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया।
(ब) राज्य स्तर की सरकारों की भूमिका –
- राज्य सरकारों ने कोविड के इलाज के लिए पृथक अस्पतालों की व्यवस्था की।
- डॉक्टर व संबंधित कर्मियों को वहाँ विशेष व्यवस्था के साथ अनिवार्य ड्यूटी लगायी गई।
- कोविड से होने वाले मृतकों को श्मशान तक ले जाने तथा शव के दहन करने तक विशेष व्यवस्था की गई, ताकि उनसे कोविड न फैले।
- कोविड के मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं व ऑक्सीजन की व्यवस्था की।
- पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए कि लोग भीड़ न करें, बिना आवश्यक कार्य के बाहर न निकलें तथा मास्क लगाकर ही निकलें।
(स) स्थानीय स्तर की सरकारों की भूमिका – स्थानीय स्तर की सरकारों ने भी कोविड के समय निम्न प्रमुख कार्य किये-
- अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया तथा सभी सफाई कर्मचारियों को कोविड निरोधक पोशाक व मास्क आदि प्रदान किए।
- बिजली कर्मचारी तथा जलदायकर्मियों को भी कोविडरोधी ड्रेस व मास्क दिए गए।
- किराना, कैमिस्ट व सब्जी की दुकानों के चारों ओर कुछ दूरी पर रस्सी बाँधी गई, ताकि ग्राहक दुकान के पास आकर भीड़ न करें।
- लोगों को निःशुल्क मास्क वितरण की व्यवस्था की गई।
- दुकानों के बाहर सेनेटाइजर रखने की व्यवस्था की गई।
- प्रत्येक दुकान के पास कोविड व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एक पुलिसकर्मी रखा गया।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1 शासन Class 6 Question Answer
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
1. विधायिका का कार्य है-
(अ) कानून का निर्माण करना
(ब) कानून को लागू करना
(स) न्याय करना
(द) दंड देना
उत्तर:
(अ) कानून का निर्माण करना
2. कानूनों को लागू करने वाला सरकार का अंग है—
(अ) विधायिका
(ब) कार्यपालिका
(स) न्यायपालिका
(द) नगरपालिका
उत्तर:
(ब) कार्यपालिका
3. निम्न में जो कार्यपालिका का अंग नहीं है, वह है-
(अ) राष्ट्रपति
(ब) प्रधानमंत्री
(स) मंत्रिपरिषद
(द) संसद सदस्य
उत्तर:
(द) संसद सदस्य
4. भारतीय संसद का अंग है-
(अ) राष्ट्रपति
(ब) प्रधानमंत्री
(स) एम.पी.
(द) एम.एल.ए.
उत्तर:
(स) एम.पी.
5. भारत में वर्तमान लोकतांत्रिक सरकार को कहा जाता है-
(अ) राजतंत्र
(ब) प्रतिनिधि लोकतंत्र
(स) तानाशाही
(द) प्रत्यक्ष लोकतंत्र
उत्तर:
(ब) प्रतिनिधि लोकतंत्र
6. लोकतंत्र में लोग अपने प्रतिनिधि जिस प्रक्रिया के माध्यम से चुनते हैं, वह है—
(अ) मतदान
(ब) नियुक्ति
(स) लाटरी
(द) योग्यता
उत्तर:
(अ) मतदान
7. किसी विवाद या अपराधी का निर्णय सरकार का कौनसा अंग करता है?
(अ) विधायिका
(ब) कार्यपालिका
(स) न्यायपालिका
(द) नगरपालिका
उत्तर:
(स) न्यायपालिका
8. भारत में तीनों सशस्त्र सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर
(अ) प्रधानमंत्री
(ब) रक्षा मंत्री
(स) राष्ट्रपति
(द) गृहमंत्री
उत्तर:
(स) राष्ट्रपति
9. केन्द्र सरकार में कार्यपालिका का वास्तविक प्रमुख कहलाता है—
(अ) प्रधानमंत्री
(ब) मुख्यमंत्री
(स) राष्ट्रपति
(द) राज्यपाल
उत्तर:
(अ) प्रधानमंत्री

10. निम्न में कौनसा विषय राज्य सरकार को प्रदान किया गया है?
(अ) रक्षा
(ब) पुलिस व कानून व्यवस्था
(स) विदेशी मामले
(द) संचार
उत्तर:
(ब) पुलिस व कानून व्यवस्था
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. विश्वभर में समाज जिस प्रकार से कार्य करता है, उसे डिजिटल तकनीक ………………….. कर रही है।
उत्तर:
परिवर्तित
2. डिजिटल तकनीक ने ………………….. प्रकार के अपराधियों को जन्म दिया है।
उत्तर:
विशेष
3. भारत सहित अनेक देशों में सरकार ………………….. स्तरों पर कार्य करती है।
उत्तर:
तीन
4. सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. कलाम को ………………….. के नाम से जाना जाता है।
उत्तर:
मिसाइल मैन
5. भारत में जनता द्वारा निर्वाचित सदस्य राज्य के स्तर पर ………………….. और राष्ट्र के स्तर पर ………………….. कहा जाता है।
उत्तर:
विधायक, सांसद
6. भारत में ………………….. आधारित लोकतंत्र है।
उत्तर:
जनप्रतिनिधि।
सत्य / असत्य बताइये
1. भारतीय लोकतंत्र, प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण है।
उत्तर:
असत्य
2. सरकार और शासन के बिना कोई देश नहीं चल सकता।
उत्तर:
सत्य
3. शासन की शक्तियों के विभाजन को शक्तियों का पृथक्करण कहा जाता है।
उत्तर:
सत्य
4. भारत में जनस्वास्थ्य संघ सरकार का कार्य एवं दायित्व है।
उत्तर:
असत्य
स्तम्भ I का स्तंभ II से सही मिलान कीजिए।
प्रश्न 1.
| I | II |
| 1. प्रधानमंत्री | (अ) विधायिका |
| 2. सांसद | (ब) राज्य सरकार |
| 3. राज्यपाल | (स) संघ सरकार |
| 4. राष्ट्रपति | (द) स्थानीय सरकार |
| 5. पार्षद | (य) कार्यपालिका |
उत्तर:
| I | II |
| 1. प्रधानमंत्री | (य) कार्यपालिका |
| 2. सांसद | (अ) विधायिका |
| 3. राज्यपाल | (ब) राज्य सरकार |
| 4. राष्ट्रपति | (स) संघ सरकार |
| 5. पार्षद | (द) स्थानीय सरकार |
प्रश्न 2.
| I | II |
| 1. रक्षा | (अ) राज्य सरकार |
| 2. कृषि | (ब) संघ सरकार |
| 3. प्रधानमंत्री | (स) नाममात्र के कार्यपालिका प्रमुख |
| 4. राष्ट्रपति | (द) वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख |
| 5. लोकतंत्र | (य) डेमोक्रेसी |
उत्तर:
| I | II |
| 1. रक्षा | (ब) संघ सरकार |
| 2. कृषि | (अ) राज्य सरकार |
| 3. प्रधानमंत्री | (द) वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख |
| 4. राष्ट्रपति | (स) नाममात्र के कार्यपालिका प्रमुख |
| 5. लोकतंत्र | (य) डेमोक्रेसी |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
समाज में नियमों का होना क्यों अनिवार्य है?
उत्तर:
व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने हेतु।
प्रश्न 2.
यदि कोई व्यक्ति नियम पालन नहीं करता है, तो क्या होगा?
उत्तर:
समाज अपनी व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हो पाएगा।
प्रश्न 3.
सरकार किसे कहते हैं?
उत्तर:
सरकार उन व्यक्तियों के समूह या तंत्र को कहते हैं। जो नियम बनाते हैं तथा उनका अनुपालन सुनिश्चित करते हैं।
प्रश्न 4.
कानून किसे कहा जाता है?
उत्तर:
कुछ अधिक महत्त्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।
प्रश्न 5.
सरकार के कितने अंग होते हैं, उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
सरकार के तीन अंग होते हैं – (1) विधायिका (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका।
प्रश्न 6.
विधायिका का क्या कार्य है?
उत्तर:
विधायिका नए कानून बनाती है तथा पुराने कानूनों में संशोधन भी करती है।
प्रश्न 7.
कार्यपालिका क्या कार्य करती है?
उत्तर:
कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है।
प्रश्न 8.
सरकार किन तीन स्तरों पर कार्य करती है?
उत्तर:
सरकार जिन तीन स्तरों पर कार्य करती है, वे हैं- (1) राष्ट्रीय स्तर (2) प्रादेशिक स्तर और (3) स्थानीय स्तर।
प्रश्न 9.
भारत में अखिल भारतीय स्तर पर कौनसा न्यायालय कार्य करता है?
उत्तर:
सर्वोच्च न्यायालय।
प्रश्न 10.
भारत में राष्ट्रीय स्तर पर विधायिका के कितने सदन हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
भारत में राष्ट्रीय स्तर पर विधायिका के दो सदन हैं- (1) लोकसभा और (2) राज्य सभा।
प्रश्न 11.
भारत में राज्य स्तर पर विधायिका को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
भारत में राज्य स्तर पर विधायिका को विधानसभा या विधानमंडल कहा जाता है।
प्रश्न 12.
भारत में संघ सरकार के औपचारिक प्रमुख कौन हैं?
उत्तर:
भारत का राष्ट्रपति।
प्रश्न 13.
भारत में राज्य सरकारों के औपचारिक प्रमुख को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
राज्यपाल।
प्रश्न 14.
भारत की संघ सरकार का वास्तविक प्रमुख कौन है?
उत्तर:
प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद।
प्रश्न 15.
राज्यों की सरकार के वास्तविक प्रमुख को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
मुख्यमंत्री।
प्रश्न 16.
डॉ. अब्दुल कलाम भारत के राष्ट्रपति किस काल में रहे?
उत्तर:
डॉ. अब्दुल कलाम सन् 2002 से 2007 की अवधि में भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे।
प्रश्न 17.
भारत में किस आयु के भारतीय नागरिक को चुनावों में मतदान करने का अधिकार है?
उत्तर:
18 वर्ष से ऊपर की आयु के सभी भारतीय नागरिकों को।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
सरकार कितने स्तरों पर कार्य करती है?
उत्तर:
सरकार के स्तर – कोई भी सरकार कम से कम दो स्तरों पर कार्य करती है— (1) स्थानीय स्तर और (2) राष्ट्रीय स्तर। लेकिन भारत सहित अनेक देशों में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है— (1) स्थानीय स्तर (2) प्रादेशिक स्तर या राज्य स्तर और (3) राष्ट्रीय स्तर प्रत्येक स्तर भिन्न विषयों पर कार्य करता है।
प्रश्न 2.
भारत में राष्ट्रीय स्तर (अखिल भारतीय स्तर) की सरकार के प्रमुख अंगों की संस्थाओं के नाम बताइए।
उत्तर:
अखिल भारतीय स्तर पर भारत में सरकार के प्रमुख अंगों व उनकी संस्थाओं के नाम ये हैं-
(1) विधायिका – अखिल भारतीय स्तर पर भारतीय विधायिका को संसद कहा जाता है। इसके दो सदन हैं- (1) लोकसभा और (2) राज्यसभा। यह राष्ट्रीय स्तर पर कानूनों का निर्माण करती है।
(2) कार्यपालिका – भारत में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यपालिका के दो प्रमुख हैं- (i) राष्ट्रपति (औपचारिक प्रमुख) और (ii) प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद (वास्तविक प्रमुख)।
(3) न्यायपालिका – राष्ट्रीय स्तर पर भारत की न्यायपालिका का नाम सर्वोच्च न्यायालय है।
प्रश्न 3.
भारत में संविधान द्वारा संघ सरकार को प्रदान किए गए किन्हीं 5 विषयों का नाम लिखिए।
उत्तर:
संघ सरकार को प्रदान किए गए 5 प्रमुख विषय निम्नलिखित हैं- (1) रक्षा (2) विदेशी मामले (3) परमाणु ऊर्जा (4) संचार (5) मुद्रा।
प्रश्न 4.
भारत में प्रादेशिक सरकार को प्रदान किए गए कोई 5 प्रमुख विषयों के नाम लिखिए।
उत्तर:
भारत में प्रादेशिक सरकार को प्रदान किए गए 5 प्रमुख विषय ये हैं – (1) पुलिस व कानून व्यवस्था (2) जनस्वास्थ्य (3) शिक्षा (4) कृषि तथा (5) सिंचाई।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
‘शक्तियों के पृथक्करण’ पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
शक्तियों का पृथक्करण- (i) शासन के तीन अंग होते हैं – (1) विधायिका, (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका।
(ii) शासन के किसी भी अच्छे तंत्र में इन तीनों अंगों को निश्चित रूप से पृथक रखा जाता है, जबकि ये तीनों एक- दूसरे को प्रभावित करते हैं और कार्य भी एक साथ करते हैं। यह विभाजन ‘शक्तियों का पृथक्करण’ कहलाता है।
(iii) शक्ति पृथक्करण के सिद्धान्त का उद्देश्य पूरी प्रणाली को नियंत्रित और संतुलन बनाए रखना है अर्थात् सरकार का प्रत्येक अंग दूसरे अंग को कार्यों की निगरानी कर सकता है तथा यदि कोई अंग अपनी अपेक्षित भूमिका से परे जाकर कार्य कर रहा है, तो उसे नियंत्रित कर पुनः संतुलित स्थापित कर सकता है।
प्रश्न 2.
प्रादेशिक स्तर पर भारत सरकार के तीन अंगों को क्या कहते हैं?
उत्तर:
प्रादेशिक स्तर पर भारत में सरकार के तीनों अंग ये हैं-
(1) न्यायपालिका – भारत में प्रादेशिक स्तर पर न्यायपालिका का नाम उच्च न्यायालय है।
(2) विधायिका – प्रादेशिक या राज्य स्तर पर भारत की विधायिका को विधानसभा या विधानमंडल कहा जाता है। जिन राज्यों में विधायिका के दो सदन हैं, उसे विधानमंडल कहा जाता है। इन दोनों सदनों के नाम हैं- (1) विधानसभा और (2) विधानपरिषद। जिन राज्यों में एक सदन है, उसे विधानसभा कहा जाता है।
(3) कार्यपालिका – भारत में राज्य स्तर पर राज्यपाल औपचारिक प्रमुख हैं और मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद वास्तविक प्रमुख है।
प्रश्न 3.
प्रत्यक्ष लोकतंत्र का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
प्रत्यक्ष लोकतंत्र- प्रत्यक्ष लोकतंत्र में नागरिक स्वयं निर्णय प्रक्रिया में भाग लेते हैं। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आपकी कक्षा पिकनिक पर जाने की योजना बना रही है। पिकनिक पर जाने के दो संभावित स्थान हैं ‘क’ और ‘ख’। इन दोनों स्थानों पर जाने के लाभ-हानि, जैसे-उनकी दूरी, पहुँचने में लगने वाला समय, खर्च, मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता आदि पर कक्षा विचार-विमर्श करती है। इस पर शिक्षक निर्णय लेते हैं कि मतदान से इस समस्या का समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि ‘क’ स्थान पर जाने वाले विद्यार्थी अपने हाथ उठाएं। इसके बाद उन्होंने कहा कि ‘ख’ स्थान पर जाने वाले विद्यार्थी अपना हाथ उठाएं। जिस विकल्प के लिए सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने हाथ उठाए, उस स्थान को पिकनिक के लिए चुन लिया गया। यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण है।
प्रश्न 4.
किसी समस्या के समाधान में सरकार का कौनसा स्तर कब काम करता है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
स्थानीय स्तर की समस्या के समाधान में स्थानीय स्तर की सरकार काम करती है, उससे बड़ी प्रादेशिक समस्या के समाधान के लिए प्रादेशिक स्तर की सरकार और अनेक प्रदेशों में व्याप्त या पूरे देश की समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर की सरकार काम करती है। उदाहरण के लिए, यदि कुछ दिनों की भारी वर्षा के कारण एक जिले के किसी क्षेत्र में बाढ़ आ गई। यदि वह ज्यादा भीषण नहीं है, तो स्थानीय स्तर की सरकार उस स्थिति को संभालती है। यदि बाढ़ अनेक नगरों और बहुत से गाँवों को प्रभावित करती है, तो प्रादेशिक या राज्य स्तर की सरकार जिम्मेदारी उठाती है और राहत व बचाव कार्य करती है। किन्तु यदि बाढ़ भयानक रूप ले लेती है और कई राज्यों के विशाल क्षेत्र को प्रभावित करती है, तो केन्द्र सरकार मदद के लिए आगे आती है और राहत सामग्री तथा सेना, राहत व बचाव कार्य के लिए भेजती है।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
डिजिटल तकनीक से समाज में क्या परिवर्तन आ रहे हैं? विवेचना कीजिए।
उत्तर:
विश्वभर में समाज जिस ढंग से कार्य करता है, आज उसे डिजिटल तकनीक परिवर्तित कर रही है। यथा-
(1) भारत में 30 वर्ष पहले तक जिन लोगों को अपने से दूर बैठे संबंधियों को पैसे भेजने होते थे, वे डाकघर की पंक्ति में लगकर फॉर्म भरकर मनीऑर्डर भिजवाते थे; अथवा यदि उन्हें किसी व्यवसाय के लिए भुगतान करना होता, तो वे पहले बैंक की पंक्ति में लगकर डिमाण्ड ड्राफ्ट बनवाते और फिर उसे डाक द्वारा भिजवाते थे।
लेकिन आज हमारे पास तुरंत पैसे भेजने के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।
(2) डिजिटल तकनीक ने विशेष प्रकार के अपराधियों को भी जन्म दिया है जो अपने स्थान पर बैठे-बैठे डिजिटल माध्यमों से लोगों की धन राशि चुराने के तरीके ढूँढ़ते हैं। ऐसी अपराधी गतिविधियों को साइबर क्राइम कहते हैं।
(3) साइबर क्राइम को रोकने के लिए सरकारों ने नए कानून बनाए हैं। ऐसे साइबर अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया है एवं न्यायालय द्वारा उन्हें दोषी ठहराया गया है। सामान्यतः उन्हें आर्थिक दण्ड के साथ-साथ जेल की सजा भी दी जाती है।
प्रश्न 2.
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम पर एक निबंध लिखिए।
उत्तर:
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
(1) जन्म – तमिलनाडु में रामेश्वर के एक सामान्य परिवार में 1931 में ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का जन्म हुआ।
(2) मिसाइलमैन सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. कलाम को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु क्षमताओं के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका के कारण ‘मिसाइलमैन’ के नाम से जाना जाता है।
(3) देश के 11वें राष्ट्रपति- डॉ. अब्दुल कलाम 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत रहे।
(4) सामाजिक कार्यों के प्रति लगाव – अच्छी शिक्षा और नई खोज के प्रति गहरी रुचि के साथ-साथ उनका सामाजिक कार्यों के प्रति लगाव तथा समर्पण रहा। वे राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्ध रहे। उनके इन गुणों ने लाखों लोगों को प्रेरित किया।
(5) युवकों को बड़े स्वप्न देखने और कठोर श्रम करने के लिए प्रोत्साहन – उन्होंने भारत के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए बड़े स्वप्न देखने और कठोर परिश्रम करने के लिए प्रोत्साहित किया उन्होंने कहा कि ‘यदि चार बातों का ध्यान रखें – (i) बड़ा लक्ष्य रखना, (ii) ज्ञान हासिल करना, (iii) कठिन परिश्रम करना तथा (iv) सतत प्रयास करना, तो कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1 शासन Class 6 Notes
परिचय-
- दीर्घकाल से मनुष्य समाज में रहता आ रहा है। जब बहुत से लोग एक साथ रहते हैं, तब असहमति और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में, समाज में व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए नियम अनिवार्य हो जाते हैं।
हरण के लिए घर, स्कूल, यातायात, ऑफिस सभी जगह उनके सुचारु व सुव्यवस्थित व शांति से संचालन के लिए नियम होते हैं। इन संस्थाओं से संबंधित सभी सदस्यों को इनके नियमों का पालन करना होता है। - यदि कोई व्यक्ति नियम का पालन नहीं करता है, तो समाज अपनी व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हो पायेगा।
- सरकार उन व्यक्तियों के समूह या तंत्र को कहते हैं जो नियम बनाते हैं और इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करते हैं।
- कुछ अधिक महत्त्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।
- समाज को संचालित करने वाले कानूनों और नियमों में बदलाव के लिए नागरिक भी सरकार के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं।
सरकार के तीन अंग-
सरकार के तीन अंग होते हैं- (1) विधायिका, (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका। ये तीनों अंग एक साथ कार्य करते हैं। यथा-
(1) विधायिका – विधायिका नए कानून बनाती है तथा पुराने कानूनों में संशोधन या उन्हें निरस्त करती है। यह जनता के प्रतिनिधियों की एक सभा होती है।
(2) कार्यपालिका – कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है। इसके अन्तर्गत राष्ट्र राज्य के प्रमुख (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री / मुख्यमंत्री), मंत्रीगण तथा इनके अधीनस्थ विभागों के सरकारी कर्मचारी आते हैं।
(3) न्यायपालिका – न्यायपालिका कानून का उल्लंघन करने वालों को दण्ड देने का कार्य करती है। वह यह भी निर्धारित करती है कि किसी ने कानून तोड़ा है या नहीं। यह इस बात की भी जाँच करती है कि कार्यपालिका का निर्णय ठीक है या नहीं। इसी प्रकार विधायिका का कानून सभी के हित में है या नहीं, आदि।
शक्ति पृथक्करण – अच्छे शासन में सरकार के इन तीनों अंगों को निश्चित रूप से पृथक रखा जाता है, यद्यपि ये तीनों एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और कार्य भी एक साथ करते हैं। शक्तियों (अंगों) के इस विभाजन को ‘शक्तियों का पृथक्करण’ कहा जाता है।
शक्तियों के पृथक्करण का उद्देश्य शासन की समूची प्रणाली को नियंत्रित करना और संतुलन बनाए रखना है।
सरकार के तीन स्तर-
(1) कोई भी सरकार कम से कम दो स्तरों पर कार्य करती है— स्थानीय स्तर और राष्ट्रीय स्तर भारत सहित अनेक देशों में यह तीन स्तरों पर कार्य करती हैं- (i) स्थानीय स्तर (ii) राज्य स्तर और (iii) राष्ट्रीय स्तर। ये भारत में क्रमश: स्थानीय सरकारें, राज्य सरकारें और केन्द्र सरकार या संघ सरकार हैं।
(2) प्रत्येक स्तर भिन्न विषयों पर कार्य करता है। यथा-
(3) भारत के प्रमुख दो स्तरों—राष्ट्रीय और राज्य की सरकारें इस प्रकार हैं-
| शासन का अंग | राष्ट्रीय स्तर | राज्य स्तर |
| (1) न्यायपालिका | भारत का सर्वोच्च न्यायालय | उच्च न्यायालय |
| (2) विधायिका | दौ सदन, लोकसभा और राज्य सभा (राष्ट्रीय स्तर पर कानूनों का निर्माण) | राज्य का विधानमंडल या विधानसभा |
| (3) कार्यपालिका | भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य | राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य |
| (4) कार्यपालिका के कार्य या दायित्व | रक्षा, विदेशी मामले, परमाणु ऊर्जा, संचार, मुद्रा, अन्तर्राज्यीय वाणिज्य, शिक्षा आदि। | पुलिस, कानून व्यवस्था, जनस्वास्थ्य शिक्षा, कृषि, सिंचाई, स्थानीय सरकार आदि। |
लोकतंत्र-
(1) विश्व के अधिकांश देशों ने शासन प्रणाली की नींव के रूप में लोकतंत्र को अपनाया है।
(2) लोकतंत्र अंग्रेजी के ‘डेमोक्रेसी’ शब्द का हिन्दी रूपान्तरण है जो ग्रीक भाषा के डेमोस और लोग शब्दों से बना है जिसका अर्थ है लोगों का शासन।
(3) लोकतंत्र दो प्रकार का होता है- (अ) प्रत्यक्ष लोकतंत्र और (ब) जनप्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र।
प्रत्यक्ष लोकतंत्र – प्रत्यक्ष लोकतंत्र वह होता है, जहाँ समूचे सदस्य निर्णय प्रक्रिया में भाग लेते हैं और मतदान के माध्यम से निर्णय करते हैं। जैसे- कक्षा के सभी विद्यार्थियों ने मतदान के माध्यम से पिकनिक पर जाने के विकल्प को बहुमत के आधार पर चुना।
(ब) जनप्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र – (1) इसमें चुनावों के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों को वोट देकर चुनती है, वे विधायिका या संसद के निर्वाचित सदस्य होते हैं। इन्हें प्राय: राज्य स्तर पर विधायक तथा राष्ट्रस्तर पर सांसद कहा जाता है।
(2) ये सभी निर्वाचित सदस्य विधानसभा या लोकसभा में कानूनों पर चर्चा करते हैं; समस्याओं पर विचार-विमर्श करते हैं और मतभेद की स्थिति में बहुमत के आधार पर निर्णय करते हैं।
(3) भारत में जनप्रतिनिधि आधारित लोकतन्त्र है। यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। भारत में कानून के अनुसार 18 वर्ष से ऊपर की आयु के सभी भारतीय नागरिकों को चुनावों में मत देने का अधिकार है।
(स) आधारभूत / धरातलीय लोकतंत्र – आधारभूत या धरातलीय लोकतंत्र उस तंत्र को कहते हैं, जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को विभिन्न स्तरों पर प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है। इस प्रकार के तंत्र में नागरिक स्वयं को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर अपनी बात रखते हैं।