Class 6 Social Science Chapter 12 Question Answer in Hindi
आधारभूत लोकतंत्र भाग 3 नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार Question Answer
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ 12 के प्रश्न उत्तर (In Text)
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प्रश्न 1.
नगरीय स्थानीय निकाय क्या है और इनके कार्य क्या हैं?
उत्तर:
नगरीय स्थानीय निकाय नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संरचनाओं को ‘नगरीय स्थानीय निकाय’ कहा जाता है। इसका अर्थ है कि ये शीर्ष प्राधिकरण के अन्तर्गत कार्य नहीं करते हैं। इन स्थानीय संरचनाओं को अपने क्षेत्रों | के प्रबंधन या अपने सामने उपस्थित मुद्दों या समस्याओं का हल ढूंढ़ने की स्वायत्तता रहती है। यह एक क्षेत्र में रह रहे नागरिकों के साथ आने और उनके लिए सर्वोत्तम क्या है, इस पर निर्णय लेने का एक तंत्र है।
नगरीय स्थानीय निकाय के कार्य नगरीय स्थानीय निकायों के प्रमुख कार्य अग्रलिखित हैं-
- आधारभूत ढाँचे की देखभाल का ध्यान रखना,
- कब्रगाहों का रख-रखाव करना,
- अपशिष्ट संग्रहण एवं उसका निपटान करना।
- सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान रखना,
- स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करना।
- क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के नियोजन में भूमिका निभाना आदि।
प्रश्न 2.
नगरीय स्थानीय निकाय सरकार और लोकतंत्र में क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर:
नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न नगरीय स्थानीय निकायों के माध्यम से विकेन्द्रित शासन चलता है जो नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले विभिन्न कार्य सम्पन्न करता है। यह सहभागी लोकतंत्र की धारणा को मजबूत करते हैं।
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प्रश्न 1.
एक गाँव या कस्बे की तुलना में कोलकाता, चेन्नई या मुंबई जैसे नगर क्यों अधिक जटिल और विविध हैं?
उत्तर:
गाँव या कस्बे की तुलना में कोलकाता, चेन्नई या मुंबई जैसे नगर अधिक जटिल और विविध हैं, क्योंकि-
- ऐसे नगर व्यस्त और भीड़-भाड़ वाले होते हैं।
- ऐसे नगरों में हर जगह ऊँचे भवन मिलते हैं।
- इनमें बहुत सारे लोग हर समय इधर-उधर आते-जाते रहते हैं। अतः ये कोलाहल से भरे होते हैं।
- ऐसे नगरों के लोग अधिक आत्मनिर्भर होते हैं। वे प्रायः अपने पड़ोसियों के बारे हैं जिनसे कर्त्तव्यनिष्ठ नागरिक नगर के अपने-अपने क्षेत्र में भी नहीं जानते।
- यहाँ सामुदायिक भावना का प्रायः अभाव रहता है। हाँ, समुदाय के संकट की आशंका की स्थिति में अवश्य यहाँ कुछ सामुदायिक भावना दिखाई देती है।
इस प्रकार नगर की विशालता, लोगों की अतिव्यस्तता, औपचारिक सम्बन्ध, सामुदायिक भावना का अभाव आदि कारणों से ये महानगर अधिक जटिल और विविध हैं क्योंकि इन महानगरों में विभिन्न भाषा-भाषी, विभिन्न धर्मावलम्बी, विभिन्न वेश-भूषा, खान-पान और विविध रीति-रिवाजों के कारण ये विविध स्वरूप लिए हुए हैं।
प्रश्न 2.
सहपाठियों के साथ मिलकर अपने किसी परिचित नगर में रह रहे विविध समुदायों की एक सूची तैयार कीजिए। आपमें से कितने यह सूची बना पाए ? आपने इस सूची में और क्या पाया?
उत्तर:
यह कार्य विद्यार्थी अपने सहपाठियों के साथ मिलकर करें।
संकेत – जयपुर नगर में अनेक समुदाय हैं, जैसे— सिंधी समुदाय, सिख समुदाय, पंजाबी, भाटिया समुदाय, माहेश्वरी समुदाय, खंडेलवाल समुदाय, अग्रवाल समुदाय, पारीक समुदाय, भट्ट समुदाय, गुजराती समुदाय आदि।
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प्रश्न 1.
पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 175 पर दिए गए चित्र 12.2 में आप पंचायती राज व्यवस्था और शहरी स्थानीय सरकार के बीच क्या समानताएँ एवं विभिन्नताएँ पाते हैं?
उत्तर:
पंचायती राज व्यवस्था और शहरी स्थानीय सरकार के बीच समानताएँ-
- दोनों प्रकार की संस्थाएँ स्थानीय शासन की लोकतांत्रिक संस्थाएँ हैं।
- दोनों संस्थाओं के सदस्य निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और हमारे हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- दोनों राज्य सरकार के अधीन हैं।
अन्तर- (1) पंचायती राज व्यवस्था एक त्रिस्तरीय व्यवस्था है, जबकि शहरी स्थानीय सरकार एक स्तरीय व्यवस्था है।
(2) पंचायती राज व्यवस्था में तीनों स्तर एक-दूसरे से संबंधित रहते हैं जिसमें सर्वोच्च स्तर पर जिला पंचायत है। और सबसे नीचे के स्तर पर ग्राम पंचायत शहरी स्थानीय सरकार में प्रत्येक शहरी निकाय, चाहे वह नगर निगम, नगरपालिका हो या नगर पंचायत, स्वतंत्र होता है। वे आपस में सम्बद्ध नहीं होते।
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प्रश्न 1.
क्या आप ऐसे और चार-पाँच कार्य सोच सकते की देखभाल करने में सहायता कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम ऐसे और चार-पाँच कार्य सोच सकते हैं—
- सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की सूचना देना
- कहीं पर आग लग रही हो तो अग्निशमन सेवाओं को निरन्तर भाग-दौड़, भीड-भाड़, अपरिचय की स्थिति, सूचित करना
- आँधी-तूफान से सड़क पर पेड़ उखड़ गया हो तो इसकी सूचना नगर परिषद को देना
- नालियों से गंदा जल बहकर बाहर आ रहा हो तो उसे नगर परिषद को सूचित करना आदि।
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प्रश्न 1.
अपने और पड़ोसी राज्यों के कुछ नगरों का चयन कीजिए। इनमें वह नगर लिये जा सकते हैं, जिसमें आप रहते हैं? आप कैसे पता करेंगे कि इनमें कहाँ-कहाँ नगर पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम हैं? उन नगरों के नाम और उनके नगरीय निकाय के प्रकार की एक सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:
- विद्यार्थी स्वयं अपने और पड़ौसी राज्यों के कुछ नगरों का चयन करें तथा उनकी सूची तैयार करें।
- यह पता लगाने के लिए कि आपके द्वारा चयन किये नगरों में किस नाम का नगरीय निकाय है। इसका आधार है — जनसंख्या । यदि उस नगर की जनसंख्या 10 लाख से ऊपर है तो उसे नगर निगम कहा जायेगा। 1 से 10 लाख की बीच की जनसंख्या वाले नगरों में ‘नगरपालिका’ होती है और 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर व कस्बों में नगर पंचायत होती है।
प्रश्न 2.
नगरीय स्थानीय निकाय अपनी गतिविधियों के लिए संसाधन कैसे जुटाते हैं? क्या पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 178 के चित्र 12.4 में दिखाई गई कुछ सेवाएँ भुगतान आधारित हैं?
उत्तर:
नगरीय स्थानीय निकाय अपनी गतिविधियों के लिए संपत्ति कर, जल शुल्क, सूखा कूड़ा प्रबंधन, व्यवसाय विज्ञापन, व्यापार-लाइसेंस आदि से संसाधन जुटाते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार भी सहायता प्रदान करती है। हाँ, चित्र 12.4 में दिखाई गई कुछ सेवाएँ भुगतान आधारित हैं, ये हैं— (1) जल टैंकर सेवा, (2) सेप्टिक टैंकर (मैला) सेवा, (3) सभागार, (4) अंत्येष्टि क्रिया सम्बन्धी वाहन, (5) चल शौचालय तथा (6) ऐंबुलेंस सेवा आदि।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 3 नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार कक्षा 6 प्रश्न उत्तर (Exercise)
प्रश्न 1.
विद्यालय आते हुए आप और आपके मित्र पाते हैं कि जल के एक पाइप में रिसाव हो रहा है। इस रिसाव से सारा जल व्यर्थ हो रहा है। इस स्थिति में आप और आपके मित्र क्या करेंगे?
उत्तर:
जल रिसाव होने की स्थिति में इसे रुकवाने के लिए मैं और मेरा मित्र इसकी सूचना तुरन्त जलदाय विभाग को करेंगे, ताकि बहुमूल्य जल का अपव्यय रुके।
प्रश्न 2.
आप अपने निकट रहने वाले नगरीय स्थानीय निकाय के किसी सदस्य को अपनी कक्षा में आमंत्रित कीजिए। उनके साथ उनकी भूमिका और उत्तरदायित्वों पर विचार-विमर्श कीजिए। उनसे पूछने के लिए प्रश्नों की एक सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:
संकेत- नगरीय स्थानीय निकाय के प्रमुख कार्य हैं— आधारभूत ढाँचे की देखभाल पर ध्यान रखना, कब्रगाहों का रख-रखाव, अपशिष्ट संग्रहण व निपटान, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान रखना, स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करना आदि। इन कार्यों को ध्यान में रखते हुए नगरीय स्थानीय निकाय के स्कूल में आमंत्रित किए गए सदस्य की भूमिका के बारे में विद्यार्थी विचार-विमर्श करें।
इस विचार विमर्श के आधार पर उनसे पूछने के लिए आप प्रश्नों की निम्न सूची बना सकते हैं-
- जगह-जगह पर नालियों से जल-रिसाव क्यों होता रहता है?
- सड़क पर चलते वक्त कुत्ते काटने को दौड़ते हैं, उनकी संख्या निरन्तर बढ़ती जा रही है।
- सड़कों पर स्थान-स्थान पर गंदगी बिखरी रहती है। और वहाँ गायें व सूअर बने रहते हैं? इस समस्या का समाधान क्यों नहीं किया जाता है?
- नगर के पार्कों में बच्चों के खेलने का कोई स्थान निर्धारित नहीं किया गया है और न ही खेलने का कोई अन्य स्थल बनाया गया है।
प्रश्न 3.
अपने परिवार एवं पड़ोस के वयस्क लोगों के साथ चर्चा कीजिए और नगरीय स्थानीय निकायों से उनकी अपेक्षाओं की एक सूची बनाइए।
उत्तर:
विद्यार्थी अपने परिवार एवं पड़ोस के वयस्क लोगों से चर्चा कर नगरीय स्थानीय निकायों से उनकी अपेक्षाओं की सूची स्वयं बनाएं।
संकेत स्थानीय नगर निकायों से उनकी अपेक्षाओं की सूची इन विषयों के संदर्भ में ही बनाएं जैसे-
- सड़क प्रबंधन तथा उसके रख-रखाव,
- जल निकास नालियों की सफाई न होने से गंदा जल उन से बाहर निकलकर सड़क पर फैल रहा है जिससे मौहल्ले में मच्छर बढ़ रहे हैं।
- मच्छरों को समाप्त करने के लिए फोगिंग का कार्य न करना।
- जगह-जगह हो रहे अवैध निर्माणों को नहीं रोकना।
- समस्या की सूचना देने के लिए फोन करने पर उसे न उठाना आदि समस्यायें हैं। जिनको पूरा करना वे स्थानीय नगर निकायों से चाहते हैं।
प्रश्न 4.
एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताएँ ये हैं–
- एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय के निर्वाचित पार्षद अपने क्षेत्र के लोगों से निरन्तर सम्पर्क में रहते हैं तथा क्षेत्र की समस्याओं का निरन्तर पता लगाते रहते हैं।
- एक अच्छा नगरीय स्थानीय निकाय नगर से सूखा तथा गीला कूड़ा को निरन्तर अलग-अलग एकत्रित करवा कर उसका उचित प्रबंधन करता है।
- यह पेयजल तथा गंदे जल के निकास की व्यवस्था करता है। यह जल निकास की नालियों को भूमिगत करवाता है ताकि नालियों से गंदा जल बाहर न आए और समय- समय पर उन भूमिगत जल निकास की नालियों की सफाई व रख-रखाव करवाता रहता है।
- एक अच्छा नगरीय निकाय नगर में आवारा पशुओं व कुत्तों का उचित प्रबंधन करता है।
- नगर की गलियाँ तथा सड़कें साफ- -सुथरी रहें, इसके लिए यह नियमित रूप से प्रतिदिन झाडू लगवाता है।
- यह विवाह प्रमाण पत्र देने, विभिन्न प्रकार के लाइसेंस | देने तथा अग्निशमन सेवाओं की व्यवस्था करता है।
- यह सूखे पेड़ों की कटाई व ढुलाई की व्यवस्था करता है।
- यह नगर के पार्कों का उचित प्रबन्ध करता है। इन पार्कों में यह बच्चों के खेलने के स्थान, व्यायाम के उपकरणों की व्यवस्था, प्रातः भ्रमण के रास्ते बनाने की व्यवस्था तथा पार्क में पेड़ों के रख-रखाव तथा घास की उचित रख- रखाव की व्यवस्था करता है।
- यह नगर में नागरिकों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनके रख-रखाव हेतु प्रोत्साहित व जागरूक करता है।
- इसके अतिरिक्त भुगतान पर आधारित कुछ अन्य सेवाएँ भी उपलब्ध करता है, जैसे— टैंकर, अंत्येष्टि क्रिया सम्बन्धी वाहन, चल शौचालय तथा एंबुलेंस आदि।
प्रश्न 5.
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच क्या समानताएँ एवं क्या विभिन्नताएँ हैं?
उत्तर:
पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच समानताएँ-
(1) पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकाय दोनों में स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं। इन निर्वाचित प्रतिनिधियों पर ही स्थानीय 6 शासन का उत्तरदायित्व है।
(2) दोनों स्थानीय निकायों को अपने क्षेत्र के प्रबंधन या अपने सामने उपस्थित मुद्दों या समस्याओं का हल ढूँढ़ने की स्वायत्तता रहती है।
(3) दोनों के मुख्य कार्य हैं – अपने क्षेत्र में पेयजल की उचित व्यवस्था करना, घरों से गंदे पानी के निकास हेतु नालियों की व्यवस्था करना तथा उनका उचित रख-रखाव करना, जन्म-मृत्यु का पंजीयन करना तथा सड़कों और गलियों की सफाई की व्यवस्था करना आदि।
दोनों में अन्तर-
- पंचायती राज व्यवस्था एक त्रिस्तरीय व्यवस्था है, जबकि नगरीय स्थानीय निकाय एकल स्तरीय ही व्यवस्था है।
- पंचायती राज व्यवस्था में निम्नतर स्तर पर ग्राम पंचायत है, खंड स्तर पर पंचायत समिति तथा सर्वोच्च स्तर पर जिला पंचायत है। ये तीनों स्तर की संस्थाएँ निम्न से उच्च स्तर तक कार्य करती हैं। नगरीय स्थानीय निकाय एक ही स्तर पर काम करता है। प्रत्येक नगरीय निकाय के सदस्य वार्ड समितियाँ गठित करते हैं और उनके माध्यम से अपने समस्त कार्य करते हैं।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 3 नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार Class 6 Question Answer
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
1. एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों और कस्बों में नगर स्थानीय निकाय को किस नाम से जाना जाता है?
(अ) नगर निगम
(ब) नगरपालिका
(सं) नगर परिषद
(द) नगर पंचायत
उत्तर:
(द) नगर पंचायत
2. दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के नगर स्थानीय निकाय को क्या कहा जाता है?
(अ) नगर निगम
(ब) नगरपालिका
(स) जिला परिषद
(द) नगर पंचायत
उत्तर:
(अ) नगर निगम
3. निम्न में से कौनसी विशेषता नगर (शहर) की नहीं है?
(अ) व्यस्तता से भरा शहर
(ब) भीड़-भाड़ वाला शहर
(स) कोलाहल भरा वातावरण
(द) शान्त वातावरण
उत्तर:
(द) शान्त वातावरण
4. भारत में नगरीय स्थानीय निकाय के सदस्य होते हैं-
(अ) राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त
(ब) राज्य सरकार द्वारा नियुक्त
(स) राज्यपाल द्वारा नियुक्त
(द) स्थानीय नागरिकों द्वारा निर्वाचित
उत्तर:
(द) स्थानीय नागरिकों द्वारा निर्वाचित
5. स्थानीय निकाय कुशल तरीके से अपना कार्य करने में सक्षम हों, यह सुनिश्चित करना किसका कर्त्तव्य है?
(अ) संघ सरकार का
(ब) राज्य सरकार का
(स) विधायिका का
(द) नागरिकों का
उत्तर:
(द) नागरिकों का
6. नगरीय क्षेत्रों में माध्यम से विकेन्द्रित शासन किनके चलता है—
(अ) ग्राम पंचायतों के
(ब) पंचायत समितियों के
(स) जिला परिषदों के
(द) नगरीय स्थानीय निकायों को
उत्तर:
(द) नगरीय स्थानीय निकायों को
7. नगर निगम के प्रमुख को क्या कहा जाता है?
(अ) मेयर (महापौर)
(ब) सरपंच
(स) प्रधान
(द) जिला प्रमुख
उत्तर:
(अ) मेयर (महापौर)
8. बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (मूल रूप में बॉम्बे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) कब गठित किया गया?
(अ) 1688 में
(ब) 1865 में
(स) 1949 में
(द) 1965 में
उत्तर:
(ब) 1865 में
9. एक लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर में बनने वाले स्थानीय नगर निकाय को कहते हैं-
(अ) नगर निगम
(ब) नगरपालिका
(स) पंचायत समिति
(द) नगर पंचायत
उत्तर:
(ब) नगरपालिका
10. लोकतंत्र में सुशासन का उद्देश्य है —
(अ) शासन तंत्र को सशक्त बनाना
(ब) नागरिकों को सशक्त बनाना
(स) शासन को निष्पक्ष बनाना
(द) शासन को सुगम बनाना।
उत्तर:
(ब) नागरिकों को सशक्त बनाना
11. सहभागी लोकतंत्र की वृहत धारणा है-
(अ) ग्रामीण स्तर पर नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
(ब) क्षेत्रीय स्तर पर नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
(स) नगरीय स्तर पर नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
(द) शासन के सभी स्तरों पर नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
उत्तर:
(द) शासन के सभी स्तरों पर नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. नगरीय स्थानीय निकाय ……………………………… प्राधिकरण के अंतर्गत कार्य नहीं करते हैं।
उत्तर:
शीर्ष
2. नगरों एवं कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें ……………………………… कहते हैं।
उत्तर:
वार्ड
3. वार्डों की निश्चित कार्यप्रणाली अलग-अलग ……………………………… में भिन्न-भिन्न है।
उत्तर:
राज्यों
4. कार्यों को कुशलतापूर्वक करने में सक्षम होने के लिए नागरिकों को भी अपने ……………………………… का पालन करना चाहिए।
उत्तर:
कर्त्तव्यों
5. चेन्नई और इंदौर में नगर निगम ……………………………… के शीर्ष पर हैं।
उत्तर:
नगरीय निकायों
6. हमारे यहाँ स्थानीय निकाय और निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जो हमारा और हमारे हितों का ……………………………… करते हैं।
उत्तर:
प्रतिनिधित्व
सत्य / असत्य बताइये
1. नगर व्यस्त, भीड़-भाड़ वाला तथा कोलाहल भरा होता है।
उत्तर:
सत्य
2. गाँवों में अपरिचय की स्थिति पायी जाती है।
उत्तर:
असत्य
3. नगरीय स्थानीय निकायों में भी स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं।
उत्तर:
सत्य
4. लोकतंत्र का मूल विचार यह है कि एक व्यक्ति के मत का कोई महत्त्व नहीं है।
उत्तर:
असत्य
5. नगरीय परिवेश की तुलना में ग्रामीण परिवेश अपेक्षाकृत अधिक जटिल होता है।
उत्तर:
असत्य
स्तम्भ I का स्तंभ II से सही मिलान कीजिए।
प्रश्न 1.
| I | II |
| 1. एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगर | (अ) नगरपालिका |
| 2. एक लाख से 10 लाख की जनसंख्या वाले नगर | (ब) नगर निगम |
| 3. दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर | (स) नगरीय स्थानीय निकाय |
| 4. वार्ड समिति | (द) पंचायती राज व्यवस्था |
| 5. ग्राम सभा | (य) नगर पंचायत |
उत्तर:
| I | II |
| 1. एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगर | (य) नगर पंचायत |
| 2. एक लाख से 10 लाख की जनसंख्या वाले नगर | (अ) नगरपालिका |
| 3. दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर | (ब) नगर निगम |
| 4. वार्ड समिति | (स) नगरीय स्थानीय निकाय |
| 5. ग्राम सभा | (द) पंचायती राज व्यवस्था |
प्रश्न 2.
| I | II |
| 1. नागरिकों का देश के कार्यों में सक्रिय भाग ना | (अ) प्रतिनिधि लोकतंत्र |
| 2. जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों का शासन | (ब) सन् 1865 |
| 3. बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन | (स) सन् 1688 |
| 4. मद्रास (ग्रेटर चेन्नई) कॉरपोरेशन | (द) ऐंबुलेंस सेवा |
| 5. इंदौर नगर निगम की अनुरोध पर सी. आर. एम. सेवा। | (य) सहभागी लोकतंत्र |
उत्तर:
| I | II |
| 1. नागरिकों का देश के कार्यों में सक्रिय भाग ना | (य) सहभागी लोकतंत्र |
| 2. जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों का शासन | (अ) प्रतिनिधि लोकतंत्र |
| 3. बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन | (ब) सन् 1865 |
| 4. मद्रास (ग्रेटर चेन्नई) कॉरपोरेशन | (स) सन् 1688 |
| 5. इंदौर नगर निगम की अनुरोध पर सी. आर. एम. सेवा। | (द) ऐंबुलेंस सेवा |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
सहभागी लोकतंत्र से क्या आशय है?
उत्तर:
जिस लोकतंत्र में नागरिक देश के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हों, उसे सहभागी लोकतंत्र कहते हैं।
प्रश्न 2.
नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संरचनाओं को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
नगरीय स्थानीय निकाय।
प्रश्न 3.
नगरों एवं कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है। इन इकाइयों को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
इन्हें वार्ड कहा जाता है।
प्रश्न 4.
नगरीय स्थानीय निकाय में नगर के प्रत्येक वार्ड से चुने जाने वाले प्रतिनिधि को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
पार्षद।
प्रश्न 5.
नगरीय स्थानीय निकाय के विभिन्न प्रकार के कार्यों का प्रबन्ध व देखरेख का कार्य कौन करता है?
उत्तर:
विभिन्न वार्ड समितियाँ।
प्रश्न 6.
1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों व कस्बों में नगरीय स्थानीय निकाय को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
नगर पंचायत।
प्रश्न 7.
‘नगरपालिका’ नामक नगरीय स्थानीय निकाय किन शहरों में बनती है?
उत्तर:
एक से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले नगरों में। प्रश्न 8. नगर निगम किन शहरों में बनते हैं? उत्तर- 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में।
प्रश्न 9.
एक नगरीय परिवेश ग्रामीण परिवेश से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
ग्रामीण परिवेश की तुलना में नगरीय परिवेश सामान्यतः जटिल और विविध होता है।
प्रश्न 10. नगरीय स्थानीय प्रशासन के कोई दो कार्य लिखिए।
उत्तर:
- अपशिष्ट संग्रहण एवं निपटान
- कब्रगाहों या श्मशान घाटों का रखरखाव।
प्रश्न 11.
भारत में सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था कौनसी है?
उत्तर:
मद्रास कॉरपोरेशन (ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन)।
प्रश्न 12.
मद्रास कॉरपोरेशन कब स्थापित हुआ था?
उत्तर:
29 सितम्बर, 1688 में।
प्रश्न 13.
इंदौर नगर निगम के अन्तर्गत किये जा रहे नागरिक संबंध प्रबंधन संबंधी किन्हीं दो कार्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
- विवाह प्रमाण-पत्र देना
- अग्निशमन सेवाएँ
प्रश्न 14.
चेन्नई और जयपुर में किस प्रकार का स्थानीय नगर निकाय कार्यरत है?
उत्तर:
इन दोनों शहरों में ‘नगर निगम’ नामक नगर स्थानीय निकाय कार्यरत है।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
सहभागी लोकतंत्र की वृहत धारणा क्या है?
उत्तर:
प्रत्येक लोकतंत्र में सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना होता है, ताकि वे देश के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग ले सकें, चाहे यह ग्रामीण, क्षेत्रीय, नगरीय, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर हो। यही सहभागी लोकतंत्र की वृहत धारणा है।
प्रश्न 2.
वार्ड समितियाँ क्या कार्य करती हैं?
उत्तर:
वार्ड समितियों के कार्य वार्ड समितियाँ स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान में सहायता करती हैं। ये जल रिसाव, नाली का जाम होना, किसी सड़क का टूट जाना आदि ऐसी ही स्थानीय समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराती हैं।
प्रश्न 3.
इंदौर नगर निगम के अन्तर्गत की जा रही सामान्य सेवाएँ तथा नागरिक संबंध प्रबंधन की सेवाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
इंदौर नगर निगम की सामान्य सेवाएँ हैं – (1) संपत्ति कर (2) जल शुल्क (3) सूखा कूड़ा प्रबंधन तथा (4) व्यवसाय – विज्ञापन और व्यापार लाइसेंस।
इंदौर नगर निगम की नागरिक संबंध प्रबंध सेवाएँ हैं- (1) विवाह प्रमाण पत्र (2) अग्निशमन सेवाएँ (3) विभिन्न लाइसेंस देना (4) जल टैंकर की व्यवस्था करना तथा (5) मलबा हटाना।
प्रश्न 4.
नगरीय स्थानीय निकायों के कितने प्रकार हैं?
उत्तर:
भारत में स्थानीय नगरीय निकायों के नगर की जनसंख्या के आधार पर मुख्यतः तीन प्रकार बनाए गए हैं-
- नगर निगम-10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में नगर निगम होते हैं।
- नगरपालिका–1 से 10 लाख की जनसंख्या वाले नगरों में नगरपालिका होती है।
- नगर पंचायत-1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों में नगर पंचायत होती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
एक गाँव और एक नगर में क्या अन्तर है?
उत्तर:
एक गाँव और एक नगर में अन्तर
- एक गाँव के मुकाबले नगर (शहर) ज्यादा बड़ा तथा अधिक जटिलताएँ लिए होता है।
- एक नगर व्यस्त और भीड़-भाड़ वाला इलाका होता है, जहाँ ऊँचे भवन मिलते हैं, जबकि एक गाँव शान्त खुला तथा एक मंजिले इमारतों वाला होता है।
- एक नगर में हर समय लोग इधर-उधर आते-जाते रहते हैं, जबकि गांव में प्रात: और सायंकाल ही चहल- पहल होती है।
- नगर का वातावरण कोलाहल भरा होता है, जबकि गाँव का वातावरण शांत होता है।
- गाँव में सभी लोग एक-दूसरे से परिचित होते हैं और वहाँ सामुदायिकता की भावना प्रबल होती है। दूसरी तरफ एक शहर में लोग प्रायः एक-दूसरे से अपरिचित होते हैं। अतः वहाँ सामुदायिकता की भावना केवल संकट की स्थिति में ही दिखाई देती है।
प्रश्न 2.
सहभागी लोकतंत्र की धारणा को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कार्यों को कुशलतापूर्वक करने में सक्षम होने के लिए नागरिकों को अपने क्षेत्र की देखभाल एवं रख-रखाव का ध्यान रखना चाहिए। यही सहभागी लोकतंत्र की धारणा है। उदाहरण के लिए, यदि लोग कूड़े के पृथक्करण के बारे में निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें, तो कूड़े का एकत्रीकरण एवं निस्तारण अधिक आसान बन जाता है।
प्रश्न 3.
मद्रास (ग्रेटर चेन्नई) कॉरपोरेशन पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
29 सितम्बर, 1688 में स्थापित मद्रास (ग्रेटर चेन्नई) कॉरपोरेशन भारत में सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था है। ईस्ट इण्डिया कंपनी ने इसके एक वर्ष पहले एक चार्टर जारी कर फोर्ट सेंट जॉर्ज नगर तथा उसके 16 कि.मी. के भीतर के सभी क्षेत्रों को एक कॉरपोरेशन में गठित किया। 1792 ई. के एक संसदीय अधिनियम ने मद्रास कॉरपोरेशन को नगर में स्थानीय कर लगाने की शक्ति प्रदान की जिससे स्थानीय नगरीय स्वशासन सुचारु रूप से आरंभ हुआ।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 3 नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार Class 6 Notes
नगरीय स्थानीय निकाय-
- नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संरचनाओं को ‘नगरीय स्थानीय निकाय’ कहा जाता है। नगरीय स्थानीय निकाय में स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं।
- नगरों एवं कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें वार्ड कहते हैं। प्रत्येक वार्ड से एक पार्षद चुना जाता है। इनसे वार्ड समितियों का निर्माण होता है।
- वार्ड समितियाँ स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान जैसी गतिविधियों में सहायता करती हैं। यह वार्ड की सभी स्थानीय समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराती हैं।
- 10 लाख से अधिक की जनसंख्या वाले नगरों में सर्वोच्च निकाय को ‘नगर निगम’; 1 से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों में सर्वोच्च निकाय को ‘नगरपालिका’ और 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों के सर्वोच्च नगर निकाय को ‘नगर पंचायत’ कहा जाता है।
- ग्रामीण, क्षेत्रीय, नगरीय, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकों को देश के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने की धारणा को ही सहभागी लोकतंत्र कहा जाता है।
- नगरीय स्थानीय निकायों के प्रमुख कार्य ये हैं— (i) आधारभूत ढाँचे की देखभाल का ध्यान रखना (ii) कब्रगाहों का रख-रखाव, (iii) अपशिष्ट संग्रहण एवं निपटान, (iv) सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान रखना, स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करना आदि। क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के नियोजन में भी इनकी कुछ भूमिका होती है। साथ ही नागरिकों को भी अपने क्षेत्र की देखभाल और रखरखाव का ध्यान रखना चाहिए।