01.चिड़िया का गीत- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए(पृष्ठ 3)
प्रश्न 1: पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है या नहीं? कारण भी बताइए।
उत्तर: हाँ, पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है क्योंकि घर उन्हें बारिश, धूप, ठंड और हवा से बचाता है। बिना घर के वे बाहर खुले में खतरे में पड़ सकते हैं।

प्रश्न 2: आपके परिवार के सदस्य घर से बाहर क्यों जाते हैं?
उत्तर: मेरे परिवार के सदस्य घर से बाहर काम करने, स्कूल जाने, बाज़ार से सामान लाने और ज़रूरी काम करने के लिए जाते हैं।

प्रश्न 3: जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं या बाहर से आते हैं तो आपको कैसा लगता है और क्यों?
उत्तर: जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं, तो मुझे उनकी चिंता होती है और उनका इंतजार रहता है। जब वे बाहर से आते हैं, तो खुशी और राहत महसूस होती है क्योंकि वे सुरक्षित लौट आते हैं।

प्रश्न 4: जब कोई अतिथि आपके घर आता है या आप किसी रिश्तेदार के यहाँ जाते हैं तो आपको कैसा लगता है?
उत्तर: जब कोई अतिथि हमारे घर आता है या हम किसी संबंधी के यहाँ जाते हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। नए लोगों और रिश्तेदारों से मिलना, बातें करना और साथ में समय बिताना एक बहुत अच्छा अनुभव होता है।

प्रश्न 5: क्या आपको लगता है कि पक्षियों की तरह हम भी धीरे-धीरे बड़े होते हैं और फिर उनकी तरह ही संसार देखते हैं? अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ, हम भी पक्षियों की तरह धीरे-धीरे बड़े होते हैं और फिर उनकी तरह ही संसार को देखना और समझना सीखते हैं। बचपन में मैं बहुत-सी चीज़ें नहीं समझता था, लेकिन अब मैं सीख रहा हूँ और अपने अनुभवों से दुनिया को बेहतर ढंग से देख पा रहा हूँ।

कविता के लिए(पृष्ठ 4-5)प्रश्न 1: नीचे दिए गए प्रश्‍नों में चार विकल्प दिए गए हैं। प्रश्‍नों के उत्तर में एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं—

उत्तर:

ख: कविता में ‘अंडे जैसा था आकार’ का प्रयोग निम्नलिखित में से किसके लिए किया गया है—

उत्तर:

ग: तब मैं यही समझती थी
बस इतना-सा ही है संसार’
इन पंक्तियों में ‘इतना-सा’ का अर्थ है—


उत्तर:


प्रश्न 2: ​नीचे दी गई कविता की पंक्तियों का मिलान उनके नीचे दी गई उपयुक्त पंक्तियों से कीजिए –

 उत्तर:

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 5)प्रश्न 1: पक्षी को यह संसार कब-कब छोटा लगा?
उत्तर: जब चिड़िया अंडे में थी, घोंसले में रही और शाखाओं पर बैठी, तब उसे यह संसार छोटा लगा।

प्रश्न 2: खुले आकाश में उड़ते समय पक्षी ने क्या-क्या देखा होगा जिससे उसे लगा कि संसार बहुत बड़ा है?
उत्तर: खुले आकाश में उड़ते समय चिड़िया ने पहाड़, समुद्र, जंगल, खेत और बड़े-बड़े मैदान देखे होंगे, जिससे उसे लगा कि संसार बहुत बड़ा है।

प्रश्न 3: क्यों पक्षियों की चहचहाहट (कलरव) सुबह और शाम सुनाई देती है?
उत्तर: क्योंकि यह उनका प्राकृतिक व्यवहार है और वे सुबह और शाम अपने घोंसलों से बाहर आते हैं।

समझ और अनुभव(पृष्ठ 6)प्रश्न 1: जब कोई बच्चा घोंसले से बाहर आता है तो उसे लगता है कि संसार बहुत बड़ा है। क्या आपको भी घर से बाहर निकलते समय ऐसा ही अनुभव होता है और क्यों?
उत्तर: हाँ, मुझे भी कभी-कभी घर से बाहर निकलते समय ऐसा लगता है। घर में रहते हुए हमारे अनुभव सीमित रहते हैं, लेकिन घर से बाहर निकलते ही नए-नए दृश्य और लोग देखने को मिलती हैं। यह सब हमें अहसास कराता है कि दुनिया बहुत बड़ी है।

प्रश्न 2: एक पक्षी की तरह आप भी धीरे-धीरे बड़े हो रहे हैं। अब तक आपमें भी कई परिवर्तन आए हैं। नीचे दिए गए विकल्पों के अनुसार आपने आने वाले परिवर्तनों को लिखिए।

  • शारीरिक परिवर्तन
  • विचारों में परिवर्तन
  • समझ में परिवर्तन
  • खान-पान में परिवर्तन
  • मित्रता में परिवर्तन
  • खेल
  • गीत-संगीत
  • पढ़ाई-लिखाई
  • नृत्य और अभिनय

इनके अतिरिक्त यदि आपको किसी अन्य परिवर्तन की अनुभूति होती है तो उसे भी कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर:

  • शारीरिक परिवर्तन: लंबाई बढ़ी, आवाज़ गहरी हुई।
  • खान-पान में परिवर्तन: बचपन में मीठा पसंद था, अब स्वस्थ भोजन पसंद है।
  • गीत-संगीत: अब मुझे अच्छे बोलों वाले गाने पसंद हैं।
  • रुचियों में परिवर्तन: पहले केवल खेलों में रुचि थी, अब विज्ञान में दिलचस्पी।
  • पढ़ना-लिखना: लिखावट साफ हो गई और पढ़ने-समझने की क्षमता भी बढ़ी।
  • चित्रकारी: अब मैं पहले से बेहतर चित्र बना सकता हूँ।
  • समझ में परिवर्तन: भावनाओं, रिश्तों को गहराई से समझने लगा हूँ।
  • खेल: पहले खेल केवल मनोरंजन के लिए थे, अब टीमवर्क और अनुशासन भी सीखा।
  • नृत्य और अभिनय: अब स्टेज पर आत्मविश्वास से प्रदर्शन करता हूँ।

प्रश्न 3: पहले चिड़िया को लगता था कि यह संसार बहुत छोटा है परंतु सच्चाई कुछ और ही थी। उस समय आपको कैसा लगा जब आपने इनमें से किसी एक को पहली बार देखा—

  • रेलगाड़ी
  • मॉल
  • पहाड़
  • जलयान
  • चार या छह वीथियों वाली सड़कें
  • रेगिस्तान या मरुस्थल
  • मेट्रो ट्रेन
  • समुद्र
  • वायुयान
  • जंगल
  • खेत
  • नदी

इनके अतिरिक्त, आपके कुछ और अनुभव हो सकते हैं, उन्हें भी कक्षा में अवश्य साझा कीजिए।
उत्तर: कविता में चिड़िया ने पहले समझा कि संसार बहुत छोटा है, लेकिन जब उसने आकाश में उड़ान भरी, तब उसे एहसास हुआ कि संसार बहुत बड़ा है। मुझे भी जब मैंने पहली बार समुद्र या पहाड़ देखा, तो मुझे बहुत बड़ा और विशाल अनुभव हुआ। मुझे यह समझ में आया कि जो मैं पहले सोचता था, वह पूरी सच्चाई नहीं थी; दुनिया उससे कहीं ज्यादा बड़ी है।

चित्रों की भाषा(पृष्ठ 7)प्रश्न: नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए। चित्र से मेल खाती कविता की कुछ पंक्तियाँ उदाहरण के रूप में दी गई हैं। अब कविता की उपयुक्त पंक्तियों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

उत्तर:

अनुमान और कल्पना

(​पृष्ठ 7)प्रश्न 1: कविता में ‘आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार’ का क्या अर्थ हो सकता है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि पक्षी ने आकाश में उड़कर अपनी सीमाओं को पार किया और संसार की विशालता को महसूस किया।

प्रश्न 2: पक्षी आकाश में बहुत दूर तक उड़ते हैं। लंबी दूरी, हजारों पेड़ों और सैकड़ों घोंसलों के बीच पक्षी अपना घोंसला कैसे ढूंढ़ते होंगे?
उत्तर: पक्षी अपनी उड़ान के दौरान आकाश में अपने घोंसले के आसपास के पेड़ों और संकेतों को पहचानते हैं। उनका अद्भुत इंद्रिय बोध उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करता है।

प्रश्न 3: पक्षियों ने आकाश में उड़कर यह जाना कि संसार बहुत बड़ा है। हमारे पूर्वजों को यह बात कैसे पता चली होगी?
उत्तर: हमारे पूर्वजों ने प्राकृतिक परिवेश और यात्रा के अनुभवों के माध्यम से यह जाना कि संसार बहुत बड़ा है। वे अपनी यात्रा और आसमान में उड़ने वाले पक्षियों से प्रेरित हुए होंगे।

प्रश्न 4: जब आप कहीं बाहर जाते हैं तो घर के बड़े-बूढ़े आपको कुछ हिदायतें देकर भेजते हैं। क्या पक्षियों के माता-पिता भी उन्हें उड़ने के पूर्व कुछ हिदायतें देते होंगे? अगर हाँ, तो वे हिदायतें क्या हो सकती हैं?
उत्तर: हाँ, पक्षियों के माता-पिता भी उन्हें उड़ने से पहले हिदायतें देते होंगे। वे उन्हें सुरक्षित यात्रा के लिए सही दिशा में उड़ने और किसी भी खतरों से बचने के बारे में मार्गदर्शन करते होंगे।

आकार-प्रकार
(पृष्ठ 9)
प्रश्न: कविता में ‘अंडे जैसा आकार’ का उल्‍लेख है। नीचे कुछ और चित्र दिए गए हैं जो अलग-अलग आकारों के हैं। चिन्‍हों के नीचे उनके नाम लिखिए। इस कार्य में आप अपने शिक्षक की सहायता भी ले सकते हैं।

उत्तर:

भाषा की बात
(पृष्ठ 9-11)प्रश्न 1: “फिर मैं निकल गई शाखों पर, हरी-भरी थीं जो सुकुमार” कविता की इस पंक्ति में ‘सुकुमार’ शब्द आया है। यह ‘सु’ और ‘कुमार’ के मेल से बना है जिसका अर्थ है—कोमल या कोमल अंगों वाला। आप भी इसी प्रकार कुछ नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ खोजिए

उत्तर:

प्रश्न 2: नीचे दिए गए वाक्यों में कुछ रिक्त स्थान हैं और कुछ शब्द रेखांकित किए गए हैं। उन शब्दों से वाक्यों को पूरा कीजिए जो रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ रखते हैं—
(क) सूखा और …………. कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालें।
(ख) दिल्ली मेरे घर से …………. है लेकिन गुवाहाटी पास में है।
(ग) अमर कब …………. और कब गया, पता ही नहीं चला।
(घ) कोई भी काम न तो बड़ा होता है और न ही ………….।
उत्तर:
(क) सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालें।
(ख) दिल्ली मेरे घर से दूर है लेकिन गुवाहाटी पास में है।
(ग) अमर कब आया और कब गया, पता ही नहीं चला।
(घ) कोई भी काम न तो बड़ा होता है और न ही छोटा

प्रश्न 3: आइए, अब एक रोचक संवाद पढ़ते हैं –

इतना-सा, उतना-सा, जितना-सा और कितना-सा
इन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए और उनके अर्थ भी समझाइए । फिर आपको राजू  जितने रुपये मिल जाएंगे।
अब नीचे दिए गए शब्दों से वाक्य बनाकर सलमा की सहायता कीजिए—

इतना-सा _______________________________________________________________
उतना-सा _______________________________________________________________
जितना-सा _______________________________________________________________
कितना-सा _______________________________________________________________

उत्तर: इतना-सा

  • वाक्य: “तुम्हें उतने नहीं मिल सकते तो मुझे कितना-सा मिल सकते हैं?”
  • अर्थ: यह शब्द कुछ छोटा या सीमित मात्रा में होने को दर्शाता है। जैसे, यहाँ पर छोटे से पैसे मिलने की बात की जा रही है।

उतना-सा

  • वाक्य: “तुम्हें उतने नहीं मिल सकते तो मुझे उतना-सा मिल सकता है?”
  • अर्थ: यह शब्द किसी चीज़ के बराबर या उतनी ही मात्रा को दर्शाता है।

जितना-सा

  • वाक्य: “नहीं, मुझे रज्जु जितने ही रुपये चाहिए।”
  • अर्थ: यह शब्द किसी विशेष मात्रा को दर्शाता है, जितने की उम्मीद की जा रही है।

कितना-सा

  • वाक्य: “इतने पैसे तो ऐसे नहीं मिल सकते, तो फिर कितना-सा मिल सकते हैं?”
  • अर्थ: यह शब्द किसी अनिश्चित या अनुमानित मात्रा को दर्शाता है।

पाठ से आगे(पृष्ठ 11)
प्रश्न: पक्षी भोजन की खोज में घोंसले से बाहर उड़ते हैं। यह जानना रोचक होगा कि कौन-सा पक्षी क्या खाता है। नीचे कुछ पक्षियों के नाम दिए गए हैं। पता कीजिए कि वे क्या खाते हैं—
उत्तर: 

आनंदमयी गतिविधि
(पृष्ठ 13-14)प्रश्न 1: नीचे दिए गए अक्षर जाल में पक्षियों के नाम खोजिए और उनके बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए।

उत्तर: 


प्रश्न 2: जब शिशु पक्षी चहचहाते हैं तो एक मधुर ध्वनि सुनाई देती है। आओ, हम भी शिशु पक्षियों की तरह चहचहाएँ।
सभी बच्चे अपनी एक हथेली अपने होठों पर रखें। सभी मिलकर चूँ-चूँ की ध्वनि निकालें। आपको लगेगा कि आप ही पेड़ की शाखाओं से शिशु पक्षी बनकर यह ध्वनि निकाल रहे हैं। बस पक्षियों की चहचहाहट सुनिए और आनंद लीजिए।
पक्षियों की ध्वनियों को निकालना और सुनना सभी को रोचक लगता है। आओ, अब हम बारी-बारी से किसी भी पक्षी की ध्वनि निकालें और तालियों की गड़गड़ाहट से उसका स्वागत करें।
उत्तर: जब छोटे-छोटे चिड़िया के बच्चे चूँ-चूँ करते हैं, तो उनकी आवाज़ बहुत मीठी लगती है। चलो, हम भी उनकी तरह चूँ-चूँ की आवाज़ निकालते हैं।
सभी बच्चे अपनी एक हथेली को अपने होठों पर रखें और चूँ-चूँ की आवाज़ निकालें। ऐसा लगेगा जैसे हम भी पेड़ पर बैठे नन्हे पक्षी हैं और चहचहा रहे हैं।
पक्षियों की आवाज़ निकालना और सुनना मजेदार होता है। अब बारी-बारी से कोई भी बच्चा किसी पक्षी की आवाज़ निकाले और बाकी बच्चे तालियाँ बजाकर उसका स्वागत करें।
इससे हम खेल-खेल में पक्षियों की आवाज़ों को पहचानना सीखेंगे और बहुत मज़ा भी आएगा।

प्रश्न 3: नीचे पशु-पक्षियों से संबंधित कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। पहेलियों का उपयुक्त चित्रों से मिलान कीजिए—

उत्तर:

बोलिए फटाफट
(पृष्ठ 15)प्रश्न: नीचे कुछ रोचक और चुनौतीपूर्ण पहेलियाँ दी गई हैं, शीघ्रता से उनका उत्तर दीजिए

उत्तर: