02.बगीचे का घोंघा –

पाठ्यपुस्तक समाधान

(पृष्ठ 17)

ऊपर दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
प्रश्न 1: यह कौन-सा जीव है?
उत्तर: 
यह एक घोंघा है।

प्रश्न 2: आपने इसे कहाँ देखा है?
उत्तर: 
मैंने इसे बगीचे में और गीली ज़मीन पर देखा है।

प्रश्न 3: आपने इसे किस मौसम में अधिक देखा है?
उत्तर: मैंने इसे बारिश के मौसम में अधिक देखा है।

प्रश्न 4: आपको अपने घर और विद्यालय में कौन-कौन से जीव दिखाई देते हैं?
उत्तर: मुझे घर और विद्यालय में चींटी, मक्खी, मच्छर, तितली, छिपकली, चिड़िया, कबूतर, बिल्ली और मेंढक दिखाई देते हैं।

प्रश्न 5: घोंघा उन जीवों से किस बात में भिन्न है?
उत्तर: घोंघा उन जीवों (चींटियाँ, मकड़ियाँ, गौरैया, छिपकली) से भिन्न है क्योंकि यह अपने साथ एक खोल लेकर चलता है और धीरे-धीरे रेंगता है, जबकि अन्य ज्यादातर तेजी से चलते या उड़ते हैं।

बातचीत के लिए(पृष्ठ 21)
प्रश्न 1: घोंघा को बगीचे (उद्यान) के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन क्यों लगते थे?
उत्तर:
 घोंघा बहुत धीरे-धीरे चलता था, इसलिए उसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने में दो दिन लग जाते थे।

प्रश्न 2: आप अपने विद्यालय कैसे जाते हैं और आपको कितना समय लगता है?
उत्तर: 
मैं अपने विद्यालय साइकिल से जाता हूँ और मुझे पहुँचने में लगभग 15-20 मिनट का समय लगता है।

प्रश्न 3: घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था?
उत्तर: 
घोंघा बाहर की दुनिया को देखना चाहता था और जानना चाहता था कि बगीचे के बाहर की दुनिया कैसी होती है।

प्रश्न 4:  आपका कहाँ-कहाँ जाने का मन करता है?
उत्तर: मेरा समुद्र तट, पहाड़ों और बड़े पार्कों में घूमने का मन करता है।

प्रश्न 5: आप घूमने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं और किसके साथ जाते हैं?
उत्तर: मैं घूमने के लिए बाजार, दोस्तों व रिश्तेदारों के घर जाता हूँ। मैं अक्सर अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ ही बाहर जाता हूँ।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 21-22)

नीचे दिए गए प्रश्नों के सटीक उत्तर के सामने सूरज का चित्र () बनाइए—

प्रश्न 1: 

उत्तर:


प्रश्न 2:

उत्तर:


प्रश्न 3: 

उत्तर:

प्रश्न 4: 

उत्तर:


प्रश्न 5: छेद से बाहर निकलते ही घोंघे का जिन वस्तुओं से सामना हुआ, उनमें से कुछ वस्तुएँ छूट गई हैं। उन्हें पूरा कीजिए –
उत्तर: 

सोचिए और लिखिए(पृष्ठ 22-23)
प्रश्न 1: उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को कौन-सी बात याद आती थी?
उत्तर: उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को याद आता था कि उसकी माँ उससे कहा करती थीं, ‘वहाँ कभी मत जाना। वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है’।

प्रश्न 2: छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघा चकित क्यों रह गया?
उत्तर: छेद के दूसरी ओर पहुँचते ही घोंघा चकित रह गया क्योंकि वहाँ उसे बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा मैदान दिखाई दिया, जो उसने पहले कभी नहीं देखा था।

प्रश्न 3: घोंघे ने ऐसा क्यों कहा होगा कि उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे चलता है?
उत्तर: घोंघे ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उद्यान में जीवन बहुत शांत और धीमा था, जबकि बाहर की दुनिया में सब कुछ तेज़ी से चल रहा था, जैसे गिलहरी का फुदकना और कुत्ते का गेंद के पीछे भागना।

प्रश्न 4: घोंघे की तरह आपको अपने घर, विद्यालय तथा आस-पास क्या-क्या अद्भुत लगता है और क्यों?
उत्तर: मुझे अपने घर का बगीचा अद्भुत लगता है क्योंकि वहाँ रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। विद्यालय में पुस्तकालय बहुत अच्छा लगता है क्योंकि वहाँ नई-नई कहानियाँ मिलती हैं। आस-पास का पार्क भी अद्भुत लगता है जहाँ खेलते समय बहुत मज़ा आता है।

प्रश्न 5: घोंघे ने उद्यान के भीतर और बाहर क्या-क्या देखा? नीचे लिखिए—
उत्तर: 
भाषा की बात(पृष्ठ 23)
प्रश्न 1: कहानी में आए निम्न शब्दों के आधार पर वाक्य बनाकर लिखिए।

 उत्तर: 


प्रश्न 2: जब घोंघे के ऊपर सूखा पत्ता गिरा, तब उसने ‘वाह!’ न कहकर ‘उई!’ कहा। आपके मुँह से कब ‘वाह’ और ‘उई’ जैसे शब्द निकलते हैं? 

उत्तर: वाह!
जब हमें कोई चीज़ अच्छी या सुन्दर लगती है तब हमारे मुँह से वाह निकलता है, जैसे:
वाह! आसमान में कितना सुंदर इंद्रधनुष है।
वाह! कितना स्वादिष्ट भोजन है।
उई!
उई शब्द गिरने, चोट लगने या डर लगने पर ही मुँह से निकलता है, 
जैसे:
उई! मैंने कपड़े गंदे कर दिए।
उई! मुझे सूई चुभ गई।


प्रश्न 3: घोंघे ने अपने शंख में कौन-कौन सा सामान बाँधा होगा? 

उत्तर: 

मिलान कीजिए(पृष्ठ 24)प्रश्न: नीचे लिखी बातें घोंघे ने कब-कब कहीं? मिलान कीजिए —

उत्तर:

विभिन्न ध्वनियाँ

(पृष्ठ 24-25)

प्रश्न: ‘उसी समय खड़-खड़ की ध्वनि आई’ यहाँ सूखे पत्तों के गिरने की ध्वनि ‘खड़-खड़’ जैसी है। इनकी ध्वनियाँ कैसी होंगी

उत्तर:

अपनी-अपनी विशेषताएँ(पृष्ठ 25)
प्रश्न: घोंघे ने उद्यान से बाहर आकर जो भी देखा, वह किसी-न-किसी रूप में विशेष था। पाठ के आधार पर उनकी विशेषताएँ लिखिए—

उत्तर: 

अनुमान और कल्पना(पृष्ठ 26)
इतने समय तक वहाँ रहने के का‍रण घोंघा उद्यान का कोना-कोना पहचान गया था।
प्रश्न 1: अनुमान लगाकर बताइए कि घोंघा उद्यान में कब से रह रहा होगा।
उत्तर: 
घोंघा बहुत लंबे समय से, शायद कई वर्षों से उद्यान में रह रहा होगा क्योंकि वह उद्यान के कोने-कोने को पहचानता था।

प्रश्न 2: घोंघे को उद्यान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे और उसे वापस लौटने में 48 घंटे लगते थे। ऐसा क्यों ?
उत्तर: 
घोंघा बहुत धीरे-धीरे चलता था। इसलिए उसे एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने में दो दिन (48 घंटे) का समय लगता था और लौटने में भी उतना ही समय लगता था।

प्रश्न 3: आप अपने विद्यालय में कितने वर्षों से पढ़ रहे हैं? आपने वहाँ अब तक क्या-क्या देखा है?
उत्तर: 
मैं अपने विद्यालय में पिछले 5 वर्षों से पढ़ रहा/रही हूँ। मैंने वहाँ सुंदर बगीचा, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, खेल का मैदान, और विज्ञान प्रयोगशाला देखी है।

प्रश्न 4: आपको अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान और विद्यालय के मुख्य द्वार तक जाने में कितना समय लगता है?
उत्तर: 
मुझे अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान तक पहुँचने में लगभग 2-3 मिनट और विद्यालय के मुख्य द्वार तक पहुँचने में लगभग 5 मिनट का समय लगता है।

घोंघे से आपकी भेंट

(पृष्ठ 27)

प्रश्न: घोंघे को सबसे पहले बच्चों के खेलने का स्थान दिखाई दिया। कल्पना कीजिए कि बच्चों ने घोंघे को देखा और उससे बातें कीं।
उत्तर: