बातचीत के लिए
(पृष्ठ 160-161)
प्रश्न 1: आपने आकाश में अनेक तारे देखे होंगे। ऐसा कौन-सा तारा है जो हमें सुबह-सुबह जगाने का काम करता है? हमें इस तारे से कौन-से लाभ होते हैं?
उत्तर: हमारा सूरज वह तारा है जो हमें सुबह-सुबह जगाने का काम करता है। सूरज से हमें ऊर्जा मिलती है, जिससे हमारी धरती पर जीवन संभव होता है। यह हमें गर्मी और रोशनी देता है, जो कृषि और अन्य कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
प्रश्न 2: भारत में मनाए जाने वाले ऐसे त्योहारों या मेलों के बारे में अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए जिनका संबंध सूर्य अथवा चंद्रमा से है।
उत्तर: भारत में सूर्य और चंद्रमा से संबंधित कई त्योहार मनाए जाते हैं। जैसे:
- मकर संक्रांति: इस त्योहार में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होता है।
- छठ पूजाः इसमें लोग उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
- करवा चौथ: करवा चौथ में विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
प्रश्न 3: आपने कक्षा तीन की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’, भाग 1’ में चंद्रयान पर पाठ पढ़ा है। अपने सहपाठियों को चंद्रयान के बारे में कुछ याद करके बताइए।
उत्तर: हाँ, हमने ‘वीणा’ में चंद्रयान के बारे में पढ़ा था। चंद्रयान भारत का चंद्रमा पर भेजा गया यान है।
- चंद्रयान-1 ने चंद्रमा की सतह पर पानी के संकेत खोजे।
- चंद्रयान-2 की लैंडिंग पूरी तरह सफल नहीं हुई, लेकिन उससे भी बहुत सी वैज्ञानिक जानकारियाँ मिलीं।
- चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की। यह भारत की बड़ी सफलता रही।

प्रश्न 4: चंद्रयान-3 की सफलता के बारे में सूर्य का अध्ययन करने वाले यान आदित्य-एल 1 के विषय में आपने जो भी सुना, पढ़ा या देखा है, बताइए।
उत्तर: चंद्रयान-3 भारत का तीसरा चंद्र मिशन था, जो चंद्रमा पर उतरने में सफल रहा। आदित्य-एल1 भारत का पहला सूर्य अध्ययन मिशन है। यह सूर्य की किरणों, गर्मी, तापमान और सौर हवाओं का अध्ययन करेगा। इससे हमें सूर्य और पृथ्वी के बीच के संबंध को समझने में मदद मिलेगी।
प्रश्न 5: नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और बताइए कि —
(क) इसमें क्या दिखाया गया है?
उत्तर: यह चित्र एक इंद्रधनुष (Rainbow) का है, जो बादल और सूरज की रोशनी से बनता है। इसमें रंगों का एक सुंदर संयोजन है।
(ख) क्या आपने इसे कभी देखा है? इसमें कितने रंग होते हैं? अपनी लेखन-पुस्तिका में उन रंगों के नाम क्रम से लिखिए।
उत्तर: हाँ, मैंने इंद्रधनुष को कई बार देखा है। यह आकाश में बारिश के बाद सूर्य की रोशनी से बनता है। इसमें सात रंग होते हैं।
रंगों के नाम क्रम से इस प्रकार हैं:
- लाल (Red)
- नारंगी (Orange)
- पीला (Yellow)
- हरा (Green)
- नीला (Blue)
- इंडिगो (Indigo) – नीलाभ बैंगनी रंग
- वायलेट (Violet) – बैंगनी रंग
यह रंग हमेशा एक ही क्रम में दिखाई देते हैं और मिलकर एक सुंदर इंद्रधनुष बनाते हैं।
(ग) आकाश में ऐसा कब और कैसे होता है?
उत्तर: इंद्रधनुष तब बनता है जब सूरज की रोशनी बारिश के पानी की बूंदों से टकराती है। यह प्रकाश का अपवर्तन और परावर्तन (Refraction and Reflection) की प्रक्रिया के कारण होता है। जब पानी की बूंदें सूरज की रोशनी को छिपाती हैं, तो रंग अलग-अलग होते हैं और हमें इंद्रधनुष दिखता है।
पाठ के भीतर
(पृष्ठ 161-162)
प्रश्न: निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर पर सूर्य का चित्र (☀️) बनाएँ। यहाँ एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।



उत्तर:
सोचिए और लिखिए
(पृष्ठ 162-163)
प्रश्न 1: पाठ से बनी समझ के आधार पर नि म्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए —
(क) हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण क्यों किया?
उत्तर: हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण सूर्य के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए किया। यह यान सूर्य के ताप, उसकी गैसों और उसके प्रभावों का अध्ययन करेगा, ताकि हम सूर्य के रहस्यों को समझ सकें।
(ख) “आदित्य-एल 1 चंद्रयान के प्रकार का ही एक यान है।” अध्यापक ने ऐसा अपने विद्यार्थियों से क्यों कहा?
उत्तर: अध्यापक ने यह कहा क्योंकि आदित्य-एल 1 भी चंद्रयान की तरह एक अंतरिक्ष यान है, जो एक खगोलीय पिंड (यहाँ सूर्य) की जानकारी एकत्र करता है और चित्र भेजता है।
(ग) आदित्य-एल 1 में ‘एल 1’ क्या है और उसका क्या कार्य है?
उत्तर: ‘एल 1’ का अर्थ है ‘लग्रांज 1 बिंदु’, यह अंतरिक्ष का एक विशेष स्थान है जहाँ सूर्य और पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्तियाँ संतुलन में रहती हैं। वहाँ से आदित्य-एल 1 सूर्य की परिक्रमा करते हुए उसके चित्र भेजता है।
(घ) “अध्यापक जी! मैंने सुना है कि सूर्य सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करने वाला एक राजा है।” वाणी ने अध्यापक से ऐसा क्यों कहा होगा?
उत्तर: वाणी ने यह इसलिए कहा होगा क्योंकि सूर्य को प्राचीन भारतीय मिथकों में एक राजा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करता है। यह एक प्रतीकात्मक और पुरानी मान्यता है जो सूर्य की महत्वता को दर्शाती है।
(ङ) निम्नलिखित वाक्यों में नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—

(i) हम ………………….. बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।
उत्तर: हम भी बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।
(ii) रवि अध्यापक की ………………….. आदर से देखता है।
उत्तर: रवि अध्यापक की ओर आदर से देखता है।
(iii) आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते ………………….. रह जाएँगे।
उत्तर: आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते ही रह जाएँगे।
(iv) भारत के ओडिशा के पुरी जिले में सूर्य देवता का एक ………………….. सुंदर मंदिर बना हुआ है।
उत्तर: भारत के ओडिशा के पुरी जिले में सूर्य देवता का एक बहुत सुंदर मंदिर बना हुआ है।


(v) अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो ………………….. आदित्य हैं।
उत्तर: अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो और आदित्य हैं।
प्रश्न 2: ‘आदित्य’ का अर्थ सूर्य होता है। इसी प्रकार आदित्य के कुछ नाम आप भी खोजकर लिखिए। नीचे एक नाम दिया गया है, शेष नाम आप लिखिए—
उत्तर:
अनुमान और कल्पना
(पृष्ठ 164)
प्रश्न 1: कल्पना कीजिए कि आप वैज्ञानिक बन गए हैं और आपको सूर्य के रहस्य जानने के लिए भेजा जा रहा है, आप—
(क) सूर्य की गर्मी से बचने के लिए किस तरह की व्यवस्था करेंगे?
उत्तर: सूर्य की अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए मैं एक विशेष प्रकार की थर्मल इंसुलेटिंग सूट पहनूंगा जो सूर्य की गर्मी से मुझे सुरक्षित रखेगा। इसके अलावा, मैं सूर्य के पास जाने के लिए सुरक्षित दूरी और यंत्रों का इस्तेमाल करूंगा, जैसे आदित्य-एल 1 के समान यंत्र।
(ख) सूर्य से जुड़े कौन-से रहस्यों को खोजने का प्रयास करेंगे?
उत्तर: मैं सूर्य की आंतरिक संरचना, उसकी गैसों के तापमान, सूर्य के विस्फोटों और सूर्य की ऊर्जा के पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करूंगा। यह जानने की कोशिश करूंगा कि सूर्य की ऊर्जा हमारे मौसम को कैसे प्रभावित करती है और सूर्य की गतिविधियों से क्या प्रभाव पड़ते हैं।
प्रश्न 2: यदि आपको विद्यालय में आदित्य-एल 1 के वैज्ञानिकों से मिलने का एक अवसर मिलता है तो आप उनसे कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे? कोई चार प्रश्न लिखिए—
उत्तर:
(क) आदित्य-एल 1 यान सूर्य के चित्र कैसे खींचता है जब वह सूर्य से काफी दूर है?
(ख) आदित्य-एल 1 में लगे उपकरण सूर्य के किस प्रकार के रहस्यों को उजागर कर रहे हैं?
(ग) सूर्य के प्रभाव से पृथ्वी पर क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं और आदित्य-एल 1 उन्हें कैसे रिकॉर्ड करता है?
(घ) आदित्य-एल 1 सूर्य की गतिविधियों की जानकारी कैसे इकट्ठा करता है और उसका अध्ययन कैसे किया जाता है?
भाषा की बात
(पृष्ठ 164-168)

प्रश्न 1: निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए—
(क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी ……….
उत्तर: यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी ?
(ख) अध्यापक जी ………. लंगरंज । क्या होता है ……….
उत्तर: अध्यापक जी __! लंगरंज । क्या होता है ?
(ग) अच्छा ………. तभी इसका नाम आदित्य-एल । रखा गया है ……….
उत्तर: अच्छा ! तभी इसका नाम आदित्य-एल 1 रखा गया है ।
(घ) जी अध्यापक जी ………. यह बहुत गरम है ……….
उत्तर: जी अध्यापक जी , यह बहुत गरम है ।
प्रश्न 2: शब्द-पिटारा में दिए गए शब्दों को नीचे दिए गए उनके संबंधित परिवार में लिखिए —



उत्तर:

प्रश्न 3: पाठ में आए ‘प्रभाव’, ‘अभियान’, ‘विशाल’, ‘सुप्रभात’ शब्दों में ‘प्र’, ‘अभि’, ‘वि’ और ‘सू’ शब्दांश उपसर्ग का कार्य कर रहे हैं तथा ‘भाव’, ‘यान’, ‘शाल’ एवं ‘प्रभात’ मूल शब्द हैं।








उपयुक्त उदाहरण में ‘स’ उपसर्ग का प्रयोग करते हुए दो नवीन शब्द बनाए गए हैं। आप इसी प्रकार निम्नलिखित उपसर्गों की सहायता से दो-दो शब्द बनाइए—
उत्तर:
प्रश्न 4: पाठ में आया ‘अध्यापक’ शब्द पुल्लिंग है तथा ‘नानी’ शब्द स्त्रीलिंग है। इसके अतिरिक्त पाठ में आए अन्य कोई दो-दो पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द खोजकर नीचे लिखिए—
उत्तर:
प्रश्न 5: नीचे दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द वर्ग पहेली में से ढूँढ़कर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए —
उत्तर:
प्रश्न 6: पाठ में ‘सूर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है। इस शब्द के अनेक नाम आपने पढ़े और सुने होंगे। इस शब्द का प्रयोग अलग-अलग प्रकार से होता है, जैसे—
- ‘सूर्य‘ की किरणों से हमें विटामिन डी मिलता है।
इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक तारा है। - ‘सूर्य‘ हमारी कक्षा में पढ़ता है।
इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक विद्यार्थी है।
अब ‘जल’ तथा ‘कर’ शब्दों से जुड़े अलग-अलग अर्थों वाले वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
जल शब्द का प्रयोग:
- जल का स्रोत नदी है।
(यहाँ ‘जल’ का मतलब पानी है।) - कड़कती धुप में चेहरा जल रहा है।
(यहाँ ‘जल’ का मतलब गर्मी में त्वचा के जलने को दर्शाता है है।)
कर शब्द का प्रयोग:
- उसने अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए कड़ी मेहनत कर दी।
(यहाँ ‘कर’ का मतलब कार्य करना है।) - कर का भुगतान समय पर करना चाहिए।
(यहाँ ‘कर’ का मतलब टैक्स है।)
आदित्य-एल 1 और सूर्य की भेंट
(पृष्ठ 168)


प्रश्न: यहाँ पर आदित्य-एल 1 और सूर्य के बीच बातचीत हो रही है। आप इस बातचीत को आगे बढ़ाइए—
उत्तर:पाठ से आगे
(पृष्ठ 168-170)

प्रश्न 1: इस चित्र में क्या दिखाया गया है? अपने घर या आस-पड़ोस में आपने कभी किसी को ऐसा करते देखा है? कक्षा में अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: इस चित्र में छठ पूजा का दृश्य दिखाया गया है, जिसमें एक महिला सूर्य देव को अर्घ्य दे रही है और एक पुरुष पूजा की सामग्री लिए खड़ा है।
प्रश्न 2: सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से शरीर को कौन-से लाभ होते हैं? सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर: सूर्य के प्रकाश में रहने से शरीर को निम्न लाभ होते हैं:
- विटामिन डी प्राप्त होता है।
- हड्डियाँ मजबूत होती हैं।
- तनाव कम होता है और मन प्रसन्न रहता है।
- रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

प्रश्न 3: दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए यह चित्र सौर ऊर्जा का है। सौर ऊर्जा, सूर्य के प्रकाश से प्राप्त अक्षय (जो समाप्त नहीं होती) ऊर्जा है। शिक्षक के दिशानिर्देश में कक्षा के चार समूहों में विभाजित कीजिए। सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी प्राप्त कर चार्ट पेपर पर प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होने वाली अक्षय ऊर्जा है। यह प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ और किफायती ऊर्जा है।
सौर ऊर्जा के उपयोग:
- सौर पैनल: बिजली उत्पादन
- सौर ऊष्मा: पानी गर्म करना
- सौर गाड़ियाँ: प्रदूषण रहित वाहन
- घरों व उद्योगों में उपयोग
सौर ऊर्जा के लाभ:
- कभी खत्म नहीं होती
- पर्यावरण के लिए सुरक्षित
- लंबे समय में सस्ती
- बिजली संकट से राहत
सौर ऊर्जा के नुकसान:
- प्रारंभिक लागत अधिक
- रात/बादल वाले दिन कम ऊर्जा
- बैटरी की जरूरत होती है

प्रश्न 4: दिए गए चित्र को ध्यान से देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
(क) इस चित्र में पाँच लग्रांज बिंदु दिखाए गए हैं। आपके विचार से हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य यान के स्थापना के लिए एल 1 बिंदु को क्यों चुना होगा?
उत्तर: आदित्य-एल 1 यान को एल 1 बिंदु पर स्थापित किया गया है, क्योंकि इस बिंदु पर सूर्य और पृथ्वी की आकर्षण शक्तियाँ संतुलित होती हैं। इसका मतलब यह है कि आदित्य-एल 1 यान इस बिंदु पर स्थिर रहेगा और सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के साथ घूमते हुए सूर्य के चित्र लेता रहेगा। यह बिंदु पृथ्वी और सूर्य के बीच की सीधी रेखा पर स्थित है, इसलिए यहाँ से सूर्य के अध्ययन में कोई विघ्न नहीं आता और यान सूर्य के आस-पास के अद्भुत चित्र आसानी से भेज सकता है।
(ख) चित्र देखकर बताइए कि कौन-कौन से लग्रांज बिंदु पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) पर हैं?
उत्तर: चित्र के आधार पर, पृथ्वी की कक्षा पर एल 1 और एल 2 लग्रांज बिंदु स्थित हैं। एल 1 सूर्य और पृथ्वी के बीच होता है, जबकि एल 2 पृथ्वी से दूर सूर्य के विपरीत दिशा में स्थित है। इन दोनों बिंदुओं को पृथ्वी की कक्षा पर स्थित माना जाता है।
पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
प्रश्न 1: विद्यालय के पुस्तकालय से सूर्य के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर: सूर्य हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा तारा है। यह पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। सूर्य से ही हमें गर्मी और रोशनी मिलती है, जिससे पेड़-पौधे भोजन बनाते हैं और जीवन संभव होता है। सूर्य में बहुत तेज़ गर्मी होती है और इसका प्रकाश 8 मिनट 20 सेकंड में पृथ्वी तक पहुँचता है। सूर्य गैसों से बना हुआ है, जिनमें हाइड्रोजन और हीलियम प्रमुख हैं।
प्रश्न 2: सूर्यग्रहण क्यों लगता है? इस अवसर पर कहाँ-कहाँ मेले लगते हैं? इस विषय में अपने विद्यालय के पुस्तकालय, अभिभावकों और अन्य स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर सहपाठियों से साझा कीजिए।
उत्तर: जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और सूर्य का पूरा या कुछ हिस्सा ढक जाता है, तो इसे सूर्यग्रहण कहा जाता है। यह एक खगोलीय घटना होती है। सूर्यग्रहण के समय कुछ देर के लिए दिन में अंधेरा हो जाता है।
भारत में सूर्यग्रहण के अवसर पर काशी (वाराणसी), कुरुक्षेत्र, उज्जैन, प्रयागराज (इलाहाबाद) जैसे धार्मिक स्थलों पर मेले लगते हैं। लोग गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और पूजा-पाठ करते हैं।
नोट: सूर्यग्रहण को आँखों से सीधे नहीं देखना चाहिए। इसके लिए खास चश्मों का उपयोग करना चाहिए ताकि आँखों को नुकसान न हो।
मेरी चित्रकारी

प्रश्न: भविष्य में जब आप वैज्ञानिक बनकर किसी ग्रह की यात्रा करेंगे तो आपका यान कैसा होगा? उसका एक चित्र अपनी कल्पना से तैयार कीजिए और उसमें रंग भरिए।
उत्तर: