परिचय
इस पाठ में हम एक मज़ेदार कहानी पढ़ेंगे, जो एक खरगोश के डर से शुरू होती है। कहानी में खरगोश को लगता है कि आसमान गिर रहा है, और वह डरकर भागने लगता है। उसके साथ दूसरे जानवर भी डरकर भागने लगते हैं। आखिर में शेर इस गलतफहमी को सुलझाता है। यह कहानी हमें सिखाती है कि डरने से पहले सच्चाई को समझना ज़रूरी है।

प्रमुख बातें
- खरगोश फल गिरने की आवाज़ से डरकर सोचता था कि आसमान गिर रहा है।
- लोमड़ी, भालू, और हाथी भी खरगोश की बात मानकर भागने लगते हैं।
- शेर सभी को रोककर सच्चाई का पता लगाता था।
- पता चलता है कि आसमान नहीं, बल्कि एक फल गिरा था।
- सभी जानवर अपनी गलती पर हँसते हैं।
कहानी का सारांश
शुरुआत: एक खरगोश पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक एक ज़ोर की आवाज़ हुई — धम्म! खरगोश डर गया और उसे लगा कि आसमान गिर रहा है। उसने इधर-उधर देखा, लेकिन कुछ समझ नहीं आया। डर की वजह से वह भागने लगा।
लोमड़ी का मिलना: खरगोश भागते-भागते लोमड़ी से मिला। लोमड़ी ने पूछा कि वह क्यों भाग रहा था। खरगोश ने कहा, “आसमान गिर रहा है, भागो!” लोमड़ी भी बिना सोचे उसके साथ भागने लगी।
भालू का मिलना: आगे जाकर खरगोश और लोमड़ी को भालू मिला। भालू ने पूछा कि वे क्यों भाग रहे थे। दोनों ने कहा, “आसमान गिर रहा है, तुम भी भागो!” भालू भी डर गया और उनके साथ भागने लगा।
हाथी का मिलना: खरगोश, लोमड़ी और भालू भागते-भागते हाथी के पास पहुँचे। हाथी ने पूछा कि वे सब क्यों भाग रहे थे। भालू ने कहा, “आसमान गिर रहा है, तुम भी भागो!” और हाथी भी बिना सोचे उनके साथ भागने लगा।

शेर का मिलना: सब जानवर भागते-भागते शेर से मिले। शेर ने पूछा, “तुम सब क्यों भाग रहे हो?” हाथी ने कहा, “आसमान गिर रहा है!” शेर ने दहाड़कर कहा, “रुको! आसमान कहाँ गिर रहा है?” सभी जानवर रुक गए।

सच्चाई का पता लगाना: शेर ने पूछा कि किसने कहा कि आसमान गिर रहा है। हाथी ने भालू को, भालू ने लोमड़ी को, और लोमड़ी ने खरगोश को ज़िम्मेदार ठहराया। खरगोश ने बताया कि वह पेड़ के नीचे सो रहा था, तभी ‘धम्म’ की आवाज़ आई। शेर ने कहा, “चलो, चलकर देखें।”
सच्चाई सामने आना: सब जानवर पेड़ के नीचे गए। वहाँ एक बड़ा फल ज़मीन पर गिरा हुआ था। तभी एक और फल गिरा — धम्म! शेर ने हँसते हुए कहा, “तो यही तुम्हारा आसमान था! लो, फिर आसमान गिरा, भागो!” सभी जानवर हँसने लगे।

कहानी से शिक्षा
- सच्चाई जानना और बिना सोचे विश्वास न करना: डरने से पहले सच्चाई का पता लगाना चाहिए।
- गलतफहमी से बचना: जल्दबाजी में गलत निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
- हँसना और गलती सुधारना: गलती समझकर उसका हँसकर सुधार करना चाहिए।
शब्दार्थ
- खरगोश: एक छोटा जानवर, जो तेज़ भागता है।
- लोमड़ी: एक चालाक जानवर, जो जंगल में रहता है।
- भालू: एक बड़ा और ताकतवर जंगली जानवर।
- हाथी: जंगल का सबसे बड़ा जानवर, जिसकी सूंड होती है।
- शेर: जंगल का राजा, जो बहुत ताकतवर होता है।
- धम्म: ज़ोर की आवाज़, जैसे कुछ भारी चीज़ गिरने की।
- आसमान: ऊपर का नीला हिस्सा, जहाँ बादल और तारे दिखते हैं।
- दहाड़: शेर की ज़ोरदार आवाज़।
- फल: पेड़ पर उगने वाली चीज़, जैसे आम या नारियल।