10.कैमरा- Chapter Notes

परिचय

इस कविता ‘कैमरा’ के रचयिता प्रकाश मनु जी हैं। यह कविता हमें कैमरे के बारे में मजेदार तरीके से बताती है। कविता में छोटू और उसके चाचा की बातचीत के जरिए कैमरे की खासियतें समझाई गई हैं। यह हमें सिखाता है कि कैमरा हमारी जिंदगी के पल को कैसे खूबसूरत तस्वीरों में बदल देता है।

कविता की व्याख्यापहला प्रसंग

नया कैमरा चाचा लाए, 
दरवाजे से ही चिल्लाए–
कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, 
बैठ यहाँ, खींचूँगा फोटू!

व्याख्या: चाचा एक नया कैमरा लाते हैं और दरवाज़े से ही खुशी-खुशी छोटू को बुलाते हैं। वे छोटू की फोटो खींचना चाहते हैं। इससे पता चलता है कि कैमरा लोगों को उत्साहित करने वाली मज़ेदार चीज़ है।

दूसरा प्रसंग

मैं बोला – यह क्या है चक्कर, 
छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर?
चित्र बनाता बिलकुल वैसा,
मोटा-पतला जो है जैसा।

व्याख्या: छोटू को समझ नहीं आता कि कैमरा कैसे काम करता है। उसे लगता है कि इसमें कोई चित्र बनाने वाला पेंटर छिपा है। यह दिखाता है कि बच्चे नई चीज़ों को अपनी कल्पना से समझते हैं।

तीसरा प्रसंग

हँसकर बोले चाचा – छोटू, 
वही रहा बुद्धू का बुद्धू!
है प्रकाश-छाया का खेल, 
बना उसी से सुंदर मेल।

व्याख्या: चाचा हँसते हुए छोटू को समझाते हैं कि कैमरा कोई जादू नहीं है। यह रोशनी और छाया का उपयोग करके तस्वीरें बनाता है, जो एक सुंदर मेल से तैयार होती हैं।

चौथा प्रसंग

कागज पर आ जाता रूप, 
मन कह उठता – क्या ही खूब!
फूलों की सुंदर फुलवारी, 
हँसती खिल-खिल क्यारी-क्यारी।

व्याख्या: कैमरा किसी भी चीज़ की तस्वीर कागज़ पर उतार देता है। फूलों की बगिया की तस्वीर इतनी सुंदर लगती है कि मानो असली हो। इससे पता चलता है कि कैमरा प्रकृति की सुंदरता को पकड़ सकता है।

पाँचवाँ प्रसंग

कोयल, कौआ या गौरैया, 
दादी, अम्मा, बड़के भैया।
क्लिक करते ही खिंच आएँगे, 
अपनी छाप दिखा जाएँगे।

व्याख्या: कैमरा पक्षियों, दादी, अम्मा और भैया जैसे हर किसी की तस्वीर एक क्लिक में खींच सकता है। यह दिखाता है कि कैमरा हमारे हर पल को यादगार बना सकता है।

छठा प्रसंग

खोटा-खरा जहाँ भी जैसा, 
चित्र आएगा बिलकुल वैसा।
चाहे कह लो इसको नकली, 
मात करेगा लेकिन असली।

व्याख्या: कैमरा जो देखता है, वैसी ही तस्वीर बनाता है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा। तस्वीर नकली होती है, लेकिन इतनी सच्ची लगती है कि असली जैसी दिखती है।

सातवाँ प्रसंग

जैसी शक्ल, हू-ब-हू चित्र, 
समझो इसको अपना मित्र!

व्याख्या: कैमरा बिलकुल वैसी तस्वीर बनाता है, जैसा कोई दिखता है। कवि कहते हैं कि कैमरा हमारा दोस्त है, जो हमारे खास पलों को संभालकर रखता है।

कविता से शिक्षा

  • यादों का दोस्त: कैमरा हमारे खास पलों को तस्वीरों में संजोकर रखता है, जैसे एक सच्चा दोस्त।
  • प्रकृति की सुंदरता: कैमरा हमें फूलों, पक्षियों, और प्रकृति की सुंदरता को करीब से देखने का मौका देता है।
  • नई चीजें सीखना: छोटू की तरह हमें नई चीजों के बारे में जानने और समझने की कोशिश करनी चाहिए।
  • सच्चाई: कैमरा जैसा देखता है, वैसा ही दिखाता है। हमें भी अपने काम और व्यवहार में सच्चे रहना चाहिए।

शब्दार्थ

  • कैमरा: एक यंत्र, जो तस्वीरें खींचता है।
  • फोटू: तस्वीर।
  • चक्कर: रहस्य या बात।
  • पेंटर: चित्रकार।
  • प्रकाश-छाया: रोशनी और अंधेरा।
  • रूप: आकार या शक्ल।
  • फुलवारी: फूलों का बगीचा।
  • क्यारी: बगीचे में फूलों या पौधों के लिए बनाई गई छोटी जमीन की पट्टी।
  • गौरैया: एक छोटा पक्षी।
  • खोटा-खरा: अच्छा या बुरा।
  • हू-ब-हू: बिलकुल वैसा ही, जैसे कोई चीज या व्यक्ति दिखता है; एकदम सटीक नकल।
  • खिल-खिल: हँसने या जीवंत होने की आवाज़ या भाव।
  • छाप: तस्वीर या प्रभाव।
  • मात करना: किसी को हराना या उससे बेहतर करना।