कहानी
- माला एक छोटी लड़की है जो दूसरों को डराना पसंद करती है। वह बिल्ली, नानी, छोटे भाई और डाकू को डराने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती है।

माला दूसरों को डराना पसंद करती है।
- एक दिन, माँ माला को एक छोटी डिब्बी देती है। डिब्बी में एक खूबसूरत चाँदी की पायल होती है। माला पायल पहनकर घर में घूमने लगती है।

माँ माला को एक छोटी डिब्बी देती है।
- पायल की आवाज सुनकर सब जान जाते हैं कि माला आ रही है। अब माला की हुश्श श्! से पहले बिल्ली कूद जाती है, हेएए! से पहले नानी पलट जाती है, धप्प! से पहले छोटा भाई भाग जाता है और भऊऊ! से पहले डाकू निकल जाता है।

पायल की आवाज सुनकर सब जान जाते हैं कि माला आ रही है।
- माला अब किसी को डरा नहीं पाती। वह समझ जाती है कि डराना अच्छा नहीं है। इसलिए, वह अपनी चाँदी की पायल उतार देती है।

माला चाँदी की पायल उतार देती है।

कहानी का अर्थ
यह कहानी हमें सिखाती है कि डराना अच्छा नहीं है। दूसरों को डराना उनके साथ बुरा व्यवहार करना है। हमें दूसरों के साथ प्यार से पेश आना चाहिए।
शब्दार्थ
- डराती: डराना
- लिपटी: ढकी हुई
- घघँुड़ा: पायल का वह हिस्सा जो बजता है
- जान जाते: पता चल जाता है
- पलट जाती: उलट जाती है
- बाहर भाग गया: घर से बाहर निकल गया
- निकल गया: भाग गया