कहानी का सारांश

इस कहानी में एक छुट्टी के दिन का जिक्र है, जब दो दोस्त जीत और बबली खेलने में लगे रहते हैं। उन्होंने कई खेल खेले जैसे कि रस्सी कूदना, छुपन-छुपाई, गिल्ली-डंडा, और क्रिकेट। फिर उन्होंने गेंद की खेलने का फैसला किया।
जब जीत गेंद फेंकी, तो बबली ने बल्ले से ज़ोर से मारा, लेकिन गेंद उनके आँगन में चली गई, जो कि मोहित के घर के बाहर था। तब खेल रुक गया क्योंकि गेंद उन्हें वापस चाहिए थी।
बबली ने गेंद बनाने के लिए कपड़े, कागज़, और पन्नी मांगी, और दोनों ने मिलकर गेंद बनाई। गेंद को सुतली से बांधकर खेल फिर से शुरू हुआ।
इस बार जब बबली ने गेंद फेंकी, तो जीत ने बल्ले से ज़ोर से मारा, पर गेंद हवा में उड़ गई। बबली ने उछलकर गेंद को पकड़ लिया, लेकिन जीत ने उसे आउट कर दिया।
इस कहानी में दो दोस्तों के बीच के खेल की मजेदार कहानी है, जिसमें वे मिलकर खेल के नियम बनाते हैं और साथ में मस्ती करते हैं।
शब्दार्थ
- छुपन-छुपाई – खेल जिसमें एक व्यक्ति दूसरे को छुपाने की कोशिश करता है और दूसरा उसे ढूंढ़ने की कोशिश करता है।
- गिल्ली-डंडा – एक प्रकार का खेल जिसमें एक व्यक्ति गिल्ली नामक एक वस्त्र को डंडे से मारकर दूसरे व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश करता है।
- सुतली – एक प्रकार की रस्सी जो खेलों में प्रयुक्त होती है।
- खेल का मतलब – मिलकर मस्ती करना और साथ में खेलना।