01. नीमा की दादी – Worksheet Solutions

प्रश्न 1: बहुविकल्पीय प्रश्न 

(i) नीमा क्या सुनाती है खाने के समय?
(क) 
गीत
(ख) 
कहानी
(ग) 
स्कूल के बारे में
(घ) 
दादी के घुटनों के दर्द के बारे में
उत्तर: (ग) स्कूल के बारे में

नीमा खाने के समय दादी को अपने स्कूल की बातें बताती है।

(ii) दादी के घुटनों में क्या रहता है?
(क) 
दर्द
(ख) सुख
(ग) खुशी
(घ) प्यास
उत्तर: (क) दर्द

उम्र के कारण दादी के घुटनों में दर्द रहता है, जो सामान्य बात है।

(iii) नीमा कितने बजे खेलने जाती है?
(क)
 तीन बजे
(ख) छह बजे
(ग) दस बजे
(घ) पांच बजे
उत्तर: (घ) पांच बजे

स्कूल और बाकी कामों के बाद नीमा शाम पाँच बजे खेलने जाती है।

(iv) नीमा स्कूल से कब लौटती है?
(क) दोपहर एक बजे
(ख) दोपहर दो बजे
(ग) दोपहर तीन बजे
(घ) दोपहर चार बजे
उत्तर: (ख) दोपहर दो बजे

नीमा का स्कूल दोपहर दो बजे छूटता है, इसी समय वह घर लौटती है।

(v) दादी क्या काट रही होती है ?
(क) 
कपड़े काट रही होती है।
(ख) धागे काट रही होती है।
(ग) सब्जी काट रही होती है।
(घ) घास काट रही होती है।
उत्तर: (ग) सब्जी काट रही होती है।

कहानी में बताया गया है कि दादी सब्जियाँ काट रही होती हैं।

प्रश्न 2: रिक्त स्थान भरें

(i) दादी भी उससे खूब __________ करती है।
उत्तर: बातें

नीमा और दादी आपस में बहुत बातें करती हैं।

(ii) नीमा दौड़कर दादी की __________ ले आई।
उत्तर: चप्पलें

नीमा दादी के लिए दौड़कर उनकी चप्पलें लाती है।

(iii) __________ को नीमा खेलने जाती है।
उत्तर: शाम

दिन के बाकी कामों के बाद नीमा शाम को खेलने जाती है।

(iv) खेलने में समय बहुत __________ कटता है।
उत्तर: जल्दी

खेलते समय समय का पता नहीं चलता, वह जल्दी कट जाता है।

प्रश्न 3: संक्षिप्त प्रश्न 

(i) नीमा खेलने जाने लगी तो दादी ने क्या कहा?
उत्तर: नीमा खेलने जाने लगी तो दादी ने कहा कि नीमा थोड़ी देर बैठ जा। मेरा समय नहीं कटता है।

(ii) दादी घर पर क्या-क्या काम करती थी?
उत्तर: दादी सुबह अकेली होती थी उस समय दादी कभी सब्ज़ी काटती थी और कभी वे अपने घुटनों पर तेल मल रही होती थी।

(iii) इस कहानी के लेखक का नाम क्या हैं?
उत्तर: कहानी के लेखक का नाम शशि सबलोक हैं।

(iv) आप अपनी स्कुल की बातें किसे बताते हैं?
उत्तर: मैं अपनी स्कुल की बातें मम्मी को बताती हूँ।

(v) खेलने में समय बहुत जल्दी कटता है। इस बारे में नीमा ने क्या कहा?
उत्तर: नीमा ने कहा मैं पाँच बजे खेलने जाती हूँ, पर दस मिनट में ही छ: बज जाते हैं।