10. खतरे में साँप – Chapter Notes

कहानी का परिचय

कहानी “खतरे में साँप” लेखक चंदन यादव द्वारा लिखी गई है। इस कहानी में सभी जानवर एक जगह इकट्ठा होकर यह चर्चा करते हैं कि खतरे से अपनी जान कैसे बचाई जाए। सभी जानवरों की अपनी-अपनी राय होती है, लेकिन अंत में बंदर की सलाह सभी को पसंद आती है।

कहानी का सारांश

सभी जानवर एक जगह इकट्ठा हुए थे और विचार कर रहे थे कि खतरे में अपनी जान कैसे बचाएँ। सभी जानवरों ने बहुत समय तक अलग-अलग विचार दिए, और अंत में बंदर की सलाह सबसे अच्छी लगी।

बंदर ने कहा कि जब भी हम खतरे में हों, तो हमें “सिर पर पैर रखकर भागना” चाहिए। सभी जानवरों ने इस सलाह को मंज़ूर किया और अपने-अपने घर लौट गए, लेकिन साँप अकेला बैठा सोचता रहा, क्योंकि वह इस सलाह से खुश नहीं था।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी-कभी खतरे से बचने के लिए भागना सबसे अच्छा तरीका हो सकता है, लेकिन सभी का अलग दृष्टिकोण होता है और हर कोई अपनी स्थिति के हिसाब से फैसले लेता है।

शब्दार्थ

  • सलाह: राय
  • सिर पर पैर रखकर भागना: बहुत ही तेज़ भागना
  • ठिकाना: रहने का स्थान, जगह