कहानी का परिचय
यह कहानी एक छोटे से लड़के जमाल की है, जो अपनी माँ के साथ रोटी बनाना सीखता है। वह अपने दोस्त जय के साथ रोटी बनाने में मदद करता है। इस कहानी में जमाल ने कुछ नई बातें सीखीं, जैसे रोटी को गोल कैसे बनाना है।

कहानी का सारांश
जमाल अपनी माँ को रसोई में खाना बनाते हुए देख रहा था और उसे भी रोटी बनानी थी। उसने माँ से आटा माँगा और छोटी सी लोई बनाई। फिर उसने रोटी बेलना शुरू किया, लेकिन वह रोटी गोल नहीं बना पा रहा था।

जमाल का मित्र जय बर्तनों के साथ खेल रहा था। फिर जय ने उसे एक कटोरी दी और कहा कि कटोरी से रोटी को घुमा कर गोल बना सकते हैं। जमाल ने कटोरी से रोटी घुमाई और रोटी गोल हो गई। फिर माँ ने रोटी सेंकी और वह बहुत स्वादिष्ट हुई। जमाल और जय खुश होकर रोटी खाने लगे।
कहानी से शिक्षा
कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि अगर हम कुछ नया करना चाहें, तो हमें मेहनत करनी चाहिए और कोशिश नहीं छोड़नी चाहिए। कभी-कभी दोस्तों या परिवार से मदद लेना भी सही होता है, जिससे हम जल्दी सीख सकते हैं।

शब्दार्थ
- रोटी: आटे से बनी गोल चीज़ जो हम खाते हैं।
- लोई: आटे से बनी छोटी गेंद।
- कटोरी: एक प्रकार का छोटा बर्तन, जिससे हम खाना खाते हैं।
- सेंकना: रोटी या अन्य चीज़ को तवे पर गर्म करना।