08. सत्रिया और बिहू नृत्य – Chapter Notes

लेखक परिचय

जया मेहता एक जानी-मानी लेखिका हैं जिनका भारतीय संस्कृति और नृत्य कला में गहरा रुचि है। उन्होंने अपने लेखन के जरिए असम की संस्कृति, विशेष रूप से सत्रिया और बिहू नृत्य, को व्यापक रूप से परिचित कराया है। उनके लेखन में भारतीय परंपरा, लोक कला और क्षेत्रीय नृत्य शैलियों का गहरा ज्ञान और समझ प्रकट होती है।

अनुवादक: शिवेंद्र कुमार सिंह

शिवेंद्र कुमार सिंह एक अनुभवी अनुवादक हैं जिन्होंने हिंदी साहित्य में कई महत्वपूर्ण कृतियों का अनुवाद किया है। उनका अनुवाद सरल और स्पष्ट भाषा में होता है, जिससे पाठक मूल भाव को आसानी से समझ पाते हैं।

मुख्य विषय

इस पाठ का मुख्य विषय असम के पारंपरिक नृत्य – सत्रिया और बिहू – की महत्ता और सांस्कृतिक विशेषताएँ हैं। सत्रिया नृत्य असम की प्राचीन धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है, जिसमें भक्ति भाव और शास्त्रीय तत्वों का समावेश है। वहीं, बिहू नृत्य असम के किसानों द्वारा फसल कटाई के दौरान मनाए जाने वाले त्योहार का हिस्सा है, जो जीवंतता और उल्लास का प्रतीक है। इस पाठ के माध्यम से इन दोनों नृत्यों के जरिए असम की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें समुदाय, परंपरा और प्रकृति के साथ गहरा संबंध दिखाया गया है।

कहानी का सारयह कहानी एंजेला नाम की एक छोटी लड़की की है, जो लंदन में रहती थी। एंजेला का जीवन लंदन में काफी सामान्य था; उसका स्कूल उसके घर के पास है, और वह अपने दोस्तों जेम्स और कीरा के साथ समय बिताने में खुश रहती है। ये तीनों बच्चे मिलकर कल्पनाओं की दुनिया में खो जाने वाले खेल खेलते हैं। एंजेला को उन कहानियों में बहुत मज़ा आता है जिनमें ताजमहल, एफिल टॉवर, या कोलोजियम जैसी जगहों की यात्रा शामिल होती है। वह अपनी माँ, एलेसेंड्रा, से बहुत प्रभावित थी, जो एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता थीं और लंदन की प्रतिष्ठित ‘ब्रिटिश एकेडमी’ से मिली सहायता के साथ असम की नृत्य परंपराओं पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने जा रही थीं।

एक दिन अचानक, एंजेला की माँ उसे बताती हैं कि वे असम की यात्रा पर जा रहे हैं। एंजेला इस खबर से चौंक गई क्योंकि यह यात्रा अचानक और जल्दबाजी में तय हुई थी। एंजेला और उसका परिवार नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी पहुँचा, जहाँ वे एक होटल में ठहरे।

गुवाहाटी पहुँचने के बाद, एंजेला को असम की खूबसूरती और वहाँ की संस्कृति का अनुभव करती है।। उसकी माँ उसे बताती हैं कि असम, पूर्वोत्तर भारत का एक सुंदर राज्य है, जो अपने समृद्ध वन्यजीवन, रेशम, चाय के बागानों और नृत्य परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। वे मलंग गाँव में बोहाग बिहू त्योहार देखने गए, जो असम में नए साल के आगमन और बसंत ऋतु का प्रतीक है। यह त्योहार मुख्यतः किसानों द्वारा मनाया जाता है और साल में तीन बार आयोजित किया जाता है—जब बीज बोए जाते हैं, धान रोपा जाता है और फसल तैयार होती है।

गाँव में पहुँचकर एंजेला त्योहार के जीवंत माहौल को देखकर आश्चर्यचकित हो जाती है। वहाँ एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे मंच सजा था, जहाँ पुरुष और महिलाएँ पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते हुए रंगीन परिधानों में नृत्य कर रहे थे। यह दृश्य एंजेला को अत्यंत आकर्षक और जादुई प्रतीत होता है, मानो वह किसी टाइम मशीन में बैठकर अतीत की सैर कर रही हो। नृत्य देखते-देखते वह उसमें खो जाती है और महसूस करती है कि वह भी इस नृत्य का हिस्सा बन जाए।

एंजेला की माँ, एलेसेंड्रा, डॉक्यूमेंट्री के लिए जानकारी जुटाने में व्यस्त रहती हैं। इसी दौरान एंजेला अपनी नई दोस्त अनु के साथ समय बिताने लगती है। अनु असम की एक लड़की है, जो प्रसिद्ध लेखिका रीना सेन की बेटी है। दोनों लड़कियाँ शीघ्र ही घुलमिल जाती हैं और एक-दूसरे की भाषा व संस्कृति को समझने लगती हैं। अनु के लकड़ी के तीर-कमान और नारियल की जटा से बने घर जैसे खिलौने एंजेला को बहुत अनोखे लगते हैं, क्योंकि उसने ऐसे खिलौने पहले कभी नहीं देखे थे।

इसके बाद वे उत्तर असम के एक मठ में जाते हैं, जहाँ सत्रिया नृत्य का प्रदर्शन किया जाता है। पहले यह नृत्य केवल मठों में पुरुष साधु ही करते थे, लेकिन अब महिलाएँ भी इसमें भाग लेने लगी हैं। एंजेला और अनु इस नृत्य से इतने प्रभावित होते हैं कि वे स्वयं भी इसे सीखने का प्रयास करते हैं और इसके विभिन्न पात्रों की नकल करने लगते हैं।

  वह असम की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, विशेषकर बिहू और सत्रिया नृत्य, से इतनी प्रभावित होती है कि जब वह लंदन लौटती है, तो अपनी कक्षा में इन नृत्यों का प्रदर्शन करती है। वह अपनी माँ की रिकॉर्डिंग्स को बार-बार देखती और उन पलों को याद करती। उसकी माँ, एलेसेंड्रा, एंजेला की इस गहरी रुचि को समझती हैं और उसके लिए एक विशेष योजना बनाती हैं।

कहानी की मुख्य घटनाएं

  • एंजेला और उसका परिवार लंदन से असम के लिए रवाना होते हैं।
  • असम में बिहू त्योहार का अनुभव और उसका अद्भुत नृत्य।
  • उत्तरी असम में सत्रिया नृत्य का फ़िल्मांकन और रीना सेन के परिवार से मुलाकात।
  • एंजेला और अनु की दोस्ती और असमिया खिलौनों के साथ खेलना।
  • सत्रिया नृत्य का प्रदर्शन और जय-विजय की कहानी का नाटकीय प्रदर्शन।
  • एंजेला और अनु का सत्रिया नृत्य सीखना और लंदन में अपने सहपाठियों के साथ साझा करना।

कहानी से शिक्षाइस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि दुनिया की विविध संस्कृतियों को जानना और समझना एक अद्वितीय अनुभव हो सकता है। नृत्य, संगीत, और कला के माध्यम से हम किसी भी संस्कृति की गहरी समझ प्राप्त कर सकते हैं। यह कहानी सिखाती है कि यात्रा के दौरान हमें नई चीजें सीखने और अनुभव करने का अवसर मिलता है।

शब्दावली

  • डॉक्यूमेंट्री: एक प्रकार की फिल्म जो वास्तविक घटनाओं और व्यक्तियों पर आधारित होती है।
  • बिहू: असम का एक प्रसिद्ध कृषि आधारित त्योहार।
  • सत्रिया: असम का एक पारंपरिक नृत्य, जो वैष्णव मठों में प्रचलित है।
  • वैष्णव मठ: भगवान विष्णु के अनुयायियों का मठ।
  • संक्टरियम: मठ का एक विशेष भाग जहाँ धार्मिक गतिविधियाँ होती हैं।

निष्कर्ष“सत्रिया और बिहू नृत्य” कहानी एक सांस्कृतिक यात्रा की अद्भुत कथा है, जो एंजेला और उसके परिवार की असम यात्रा के माध्यम से भारतीय नृत्य परंपरा को उजागर करती है। इस कहानी से हमें भारतीय नृत्य और त्योहारों की समृद्ध परंपरा की झलक मिलती है, और यह हमें दुनिया की विविध संस्कृतियों को जानने और समझने के लिए प्रेरित करती है।