2. दो गौरैया – Worksheet Solutions

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: घर में बहुत सारे __________ आते जाते हैं।
उत्तर: पक्षी

प्रश्न 2: पिताजी गौरैयों को __________ करने की कोशिश करते हैं।
उत्तर: भगाने

प्रश्न 3: पिताजी ने गौरैयों को भगाने के लिए __________ किया।
उत्तर: ताली बजाई

प्रश्न 4: माँ ने पिताजी से कहा कि गौरैया __________ दे चुकी हैं।
उत्तर: अंडे

प्रश्न 5: घर में गौरैयों की आवाज़ __________ जैसी लग रही थी।
उत्तर: संगीत

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: पिताजी गौरैयों को घर से बाहर नहीं निकाल पाए।
उत्तर: सही

प्रश्न 2: गौरैयों ने घर में घोंसला बना लिया था।
उत्तर: सही

प्रश्न 3: पिताजी ने गौरैयों को भगाने के लिए दरवाजे बंद कर दिए थे।
उत्तर: सही

प्रश्न 4: माँ ने पिताजी का मजाक उड़ाया था।
उत्तर: सही

प्रश्न 5: गौरैया घोंसला बनाने के बाद हमेशा के लिए चली गईं।
उत्तर: गलत

मिलान कीजिए (Match the Following)

उत्तर: 

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: पिताजी का घर में आने वाला कौन सा जानवर बार-बार परेशान करता था?
उत्तर: चूहा

प्रश्न 2: गौरैयों का घोंसला कहाँ बना था?
उत्तर: पंखे के गोले में

प्रश्न 3: पिताजी ने गौरैयों को भगाने के लिए कौन सी चीज उठाई थी?
उत्तर: लाठी

प्रश्न 4: कहानी का लेखक कौन है?
उत्तर: भीष्म साहनी

प्रश्न 5: कहानी में किस चीज़ की ध्वनि ने गौरैयों को भगाया?
उत्तर: ताली

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: पिताजी गौरैयों को क्यों भगाना चाहते थे?
उत्तर: पिताजी गौरैयों को इसलिए भगाना चाहते थे क्योंकि वे घर में घोंसला बना चुकी थीं, और पिताजी घर में पक्षियों का बसेरा पसंद नहीं करते थे।

प्रश्न 2: माँ का पिताजी को लेकर क्या व्यंग्य था?
उत्तर: माँ ने व्यंग्य किया कि पिताजी चूहों को भी नहीं भगा सकते तो गौरैयों को क्या भगाएंगे।

प्रश्न 3: पिताजी ने आखिरकार गौरैयों के घोंसले को क्यों नहीं तोड़ा?
उत्तर: पिताजी ने गौरैयों के घोंसले को इसलिए नहीं तोड़ा क्योंकि उन्होंने घोंसले से दो नन्हीं गौरैयों की आवाजें सुनीं और उनका मन बदल गया।

प्रश्न 4: पिताजी और माँ की विचारधारा में क्या अंतर था?
उत्तर: पिताजी पक्षियों को भगाना चाहते थे जबकि माँ पक्षियों को घर में रहने देने का समर्थन करती थीं और उनका मजाक उड़ाती थीं।

प्रश्न 5: कहानी से क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: कहानी से यह संदेश मिलता है कि हमें सभी जीवों के प्रति दया और सहानुभूति दिखानी चाहिए और उनके अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।