लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 1: माधवराव सप्रे ने हिंदी साहित्य में कैसे योगदान दिया?
उत्तर: माधवराव सप्रे हिंदी के शुरुआती कहानीकार थे और उनकी प्रमुख रचनाओं में स्वदेशी आंदोलन और बायकॉट शामिल हैं। वे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक से प्रेरित होकर हिंदी साहित्य में आए थे।



माधवराव सप्रे
प्रश्न 2: ज़मींदार ने वृद्धा की झोंपड़ी क्यों हटवाना चाहा?
उत्तर: ज़मींदार ने अपनी महल का आंगन बढ़ाने के लिए वृद्धा की झोंपड़ी हटवाने की कोशिश की। वह इस भूमि पर कब्जा करना चाहता था ताकि वह अपनी संपत्ति को बढ़ा सके।
प्रश्न 3: वृद्धा ने टोकरी में क्या भरने की अनुमति माँगी थी?
उत्तर: वृद्धा ने ज़मींदार से अपनी झोंपड़ी से थोड़ी सी मिट्टी लेने की अनुमति मांगी, ताकि वह अपनी पोती के लिए चूल्हा बना सके और उसे खाना खिला सके।
प्रश्न 4: ज़मींदार ने वृद्धा की मदद क्यों की?
उत्तर: ज़मींदार ने वृद्धा की मदद तब की जब वह अपनी टोकरी उठाने की कोशिश में असफल हुआ। वृद्धा ने उसे बताया कि एक टोकरी नहीं उठाई जा रही, तो वह कैसे पूरे घर का बोझ उठा पाएगा। इस बात ने उसे अपनी गलती का अहसास कराया और उसने मदद की।
प्रश्न 5: वृद्धा के दिल पर ज़मींदार को किस बात का असर हुआ?
उत्तर: वृद्धा ने ज़मींदार से कहा कि यदि वह एक टोकरी मिट्टी नहीं उठा सकते, तो वह कैसे पूरे झोंपड़ी का बोझ उठा सकते हैं? इसने ज़मींदार को अपनी गलती का अहसास कराया और उसने अपनी आत्ममंथन शुरू किया।
प्रश्न 6: ज़मींदार ने वृद्धा से माफी क्यों मांगी?
उत्तर: ज़मींदार ने वृद्धा से माफी मांगी क्योंकि उसने अपनी ताकत का दुरुपयोग किया और वृद्धा की झोंपड़ी को हटा दिया था, जो कि उसकी पुरानी यादों से जुड़ी हुई थी।
प्रश्न 7: वृद्धा की पोती क्यों परेशान थी?
उत्तर: वृद्धा की पोती इसलिए परेशान थी क्योंकि वह अपनी पुरानी झोंपड़ी में वापस जाना चाहती थी और वहां की मिट्टी से बने चूल्हे की रोटी खाना चाहती थी।
प्रश्न 8: ज़मींदार के लिए झोंपड़ी की मिट्टी का क्या महत्व था?
उत्तर: झोंपड़ी की मिट्टी का महत्व ज़मींदार के लिए इसलिए बढ़ गया क्योंकि वृद्धा ने उसे समझाया कि यह मिट्टी उसकी पुरानी यादों और भावनाओं से जुड़ी थी, जो उसे समझ में आ गया।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Questions)
प्रश्न 1: “एक टोकरी भर मिट्टी” कहानी का सार समझाइए।
उत्तर: यह कहानी एक गरीब वृद्धा और एक अमीर ज़मींदार के बीच की घटना पर आधारित है। वृद्धा की झोंपड़ी में उसकी पुरानी यादें जुड़ी थीं, और वह उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। ज़मींदार ने उसे कई बार झोंपड़ी हटाने के लिए कहा, लेकिन वृद्धा नहीं मानी। अंत में, ज़मींदार ने अदालत से उसकी झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया और वृद्धा को निकाल दिया। वृद्धा एक दिन टोकरी भर मिट्टी लेने आई और उसे सिर पर रखने के लिए ज़मींदार से मदद मांगी। जब वह टोकरी उठाने में असमर्थ हुआ, तो वृद्धा ने उसे बताया कि यदि वह एक टोकरी नहीं उठा पा रहे, तो वह झोंपड़ी का बोझ कैसे उठा सकते हैं? इस घटना से ज़मींदार को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने वृद्धा से माफी मांगी, उसकी झोंपड़ी उसे वापस दे दी।
प्रश्न 2: कहानी में ज़मींदार के अहंकार का प्रभाव पर चर्चा कीजिए।
उत्तर: कहानी में ज़मींदार का अहंकार इस तथ्य से दिखाया गया है कि उसने अपनी शक्ति और संपत्ति का दुरुपयोग किया। वह अपनी महल का विस्तार करना चाहता था और इसके लिए वृद्धा की झोंपड़ी को छीनने का प्रयास किया। उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल किया और वृद्धा को बेघर कर दिया। लेकिन जब वृद्धा ने उसे अपनी गलती का एहसास दिलाया, तो उसने अपनी ताकत का सही उपयोग किया और माफी मांगी। इस प्रकार कहानी हमें यह सिखाती है कि अहंकार केवल गलत रास्ते की ओर ले जाता है, जबकि दया और समझदारी से इंसान सही रास्ते पर आ सकता है।
प्रश्न 3: इस कहानी में दया और करुणा का क्या महत्व है?
उत्तर: कहानी में दया और करुणा का महत्व उस समय उभर कर आता है जब ज़मींदार ने वृद्धा से अपनी गलती मानी और उसकी मदद की। जब वृद्धा ने उसे बताया कि वह एक टोकरी भी नहीं उठा पा रहा, तो ज़मींदार को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने अपनी आत्ममंथन शुरू किया। इसके बाद वह वृद्धा से माफी मांगता है और उसकी झोंपड़ी उसे वापस लौटाता है। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि सच्ची ताकत धन और शक्ति में नहीं, बल्कि दया, करुणा और दूसरों के प्रति संवेदनशीलता में होती है।
प्रश्न 4: ज़मींदार का पश्चाताप कैसे हुआ और उसकी गलती का एहसास कैसे हुआ?
उत्तर: ज़मींदार का पश्चाताप तब हुआ जब वृद्धा ने उसे बताया कि वह एक टोकरी मिट्टी भी नहीं उठा सकता। इस समय उसने महसूस किया कि वह जो कर रहा था, वह गलत था। उसे समझ में आया कि वह अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहा था और दूसरों की भावनाओं का सम्मान नहीं कर रहा था। जब उसने यह अनुभव किया कि पूरी झोंपड़ी का बोझ वह नहीं उठा सकता, तो उसने अपनी गलती स्वीकार की और वृद्धा से माफी मांगी।

प्रश्न 5: इस कहानी से हमें कौन-सी शिक्षा मिलती है?
उत्तर: इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी को उसके घर या अधिकार से बेघर करना गलत है। हमें अपनी ताकत का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए, और हमें दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। इस कहानी का संदेश है कि सच्ची ताकत सिर्फ धन और ताकत में नहीं, बल्कि दया, करुणा और इंसानियत में होती है।