6. डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम् – Chapter Notes

परिचय

आज का युग सूचना-प्रौद्योगिकी का युग है। भारत ने ‘डिजिटल भारत अभियान’ द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अनेक प्रगति की है। शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, कृषि आदि सभी क्षेत्रों में डिजिटल साधनों का प्रयोग हो रहा है। इस अध्याय में विद्यार्थियों के माध्यम से डिजिटल भारत की झलक, उसके लाभ तथा सावधानियों का वर्णन किया गया है। यह अध्याय हमें बताता है कि किस प्रकार डिजिटल क्रांति ने जीवन को सरल और सुलभ बना दिया है।

पाठ्यांशसंग्रहालय-दर्शनम्

अस्माकं देशः भारतं न केवलं सांस्कृतिके क्षेत्रे समृद्धम्, अपि तु नूतनैः आविष्कारैः कीर्तिं लभते। अद्य सम्पूर्णश्रियं ‘डिजिटल-भारतम्’ इत्यस्य चिह्नेन ज्ञायते।

भावार्थः हमारा देश भारत न केवल संस्कृति में महान है बल्कि आधुनिक आविष्कारों से भी प्रसिद्ध है। आज सम्पूर्ण विश्व भारत को ‘डिजिटल भारत’ के नाम से पहचान रहा है।

प्रधान–मन्त्री–संग्रहालये अनुभवः

सर्वे छात्राः – अद्भुतं महोदय! अत्र होलोग्राम-द्वारा प्रधानमन्त्रिणः भाषणं श्रूयते, दृश्यते च।

भावार्थः सभी छात्र आश्चर्य से कहते हैं कि यहाँ होलोग्राम के माध्यम से प्रधानमन्त्री का भाषण सुनाई और दिखाई दे रहा है।

नूतन-प्रौद्योगिक्याः परिचयः

अथर्वः – अत्र ‘वर्धिता-वास्‍तवता’ (AR), ‘आभासीया-वास्‍तवता’ (VR) च उपकरणानि अपि सन्ति।

भावार्थः यहाँ ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी तकनीकों के उपकरण भी हैं। इनके माध्यम से ऐतिहासिक घटनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया जा सकता है।

दैनन्दिन-जीवने डिजिटलस्य प्रभावः

अध्यापकः – अस्माकं दैनन्दिनं जीवनं ‘डिजिटल’ इत्यनेन परिवर्तितं भवति।

भावार्थः अध्यापक कहते हैं कि हमारा दैनिक जीवन डिजिटल साधनों से प्रभावित और परिवर्तित हो गया है।

विविध-क्षेत्रेषु प्रयोगः

  • शासनम् : डिजिटल-लॉकर, ई-गवर्नेंस मंच (UMANG, My-Gov, GeM), Cowin इत्यादि।
  • स्वास्थ्यसेवा : ई-संजीवनी, आरोग्य-सेतु, Cowin इत्यादयः।
  • शिक्षा : दीक्षा, स्वयं, स्वयं-प्रभा, ई-पाठशाला, पीएम ई-विद्या।
  • कृषि : ई-नाम, पीएम किसान योजना।
  • वित्तीय समावेशनम् : UPI, रूपे कार्ड, ई-रूपी, जनधन योजना।

भावार्थ: इन सबके माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और वित्तीय क्षेत्र में नई क्रांति आई है।

वाणिज्ये प्रभावः

अध्यापकः – आभासी-पटलानां साहाय्येन आभासी-विक्रयः भवति। QR Code आधारेण विनिमयः च भवति।

भावार्थः व्यापार में अब ऑनलाइन क्रय-विक्रय होता है। क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान आसानी से किया जाता है।

सावधानता – साइबर सुरक्षा

अध्यापकः – अस्माभिः ‘साइबर-सुरक्षा’ विषये अपि चिन्तनीयम्।

भावार्थः हमें साइबर सुरक्षा के विषय में भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि अनेक प्रकार के अपराध बढ़ते जा रहे हैं।

श्लोक
सर्वं शक्यं भवति शिशु-जालभारतेऽधुना।
जीर्णश्च सौकर्यं सहजं लभते जनः॥

भावार्थः आज डिजिटल भारत में सब कुछ सम्भव हो गया है। पुरानी कठिनाइयाँ अब आसानी से हल हो जाती हैं और सुविधा सबको उपलब्ध है।

व्याकरण-भागःक्त-प्रत्ययः

  • भूतकाल अथवा कर्मणि प्रयोगे प्रयुज्यते।
  • उदाहरणम् :
    • रामः पाठं अपठत् → बालकेन पाठः पठितः।

त्र-प्रत्ययः

  • वर्तमानकाले कार्यं कुर्वाणं दर्शयति।
  • केवलं परस्मैपद-धातुभिः सह प्रयोगः।
  • उदाहरणम् :
    • पठन्, गच्छन्, करण्।
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