1. किरण – Textbook Solutions

बातचीत के लिए

1. आपको कैसे पता चलता है कि सुबह हो गई है?
उत्तर: मुझे पता चलता है कि सुबह हो गई है जब सूरज उगता है और उसकी किरणें मेरे कमरे में चमकने लगती हैं। पक्षी चहचहाने लगते हैं, और आसमान में हल्की रोशनी फैल जाती है। घर के लोग उठने लगते हैं, और बाहर से सुबह की आवाज़ें आने लगती हैं।


2. ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं जो सूर्य के प्रकाश के बिना संभव नहीं हैं?
उत्तर: सूर्य के प्रकाश के बिना कई काम मुश्किल हैं, जैसे:

  • पौधों का बढ़ना, क्योंकि उन्हें सूरज की रोशनी चाहिए।
  • बाहर खेलना, क्योंकि रोशनी में सब कुछ साफ दिखता है।
  • कपड़े सुखाना, क्योंकि सूरज की गर्मी से कपड़े जल्दी सूखते हैं।
  • दिन में पढ़ाई या काम करना, क्योंकि रोशनी से आँखों को आसानी होती है।


3. सुबह और शाम में से आपको कौन-सा समय अधिक अच्छा लगता है और क्यों?
उत्तर: मुझे सुबह का समय ज्यादा अच्छा लगता है। सुबह की हवा ठंडी और ताज़ा होती है। सूरज की नरम किरणें धरती को सुनहरा बना देती हैं और सब कुछ बहुत सुंदर लगता है। यह समय नई शुरुआत का होता है, इसलिए मन भी खुश और शांत रहता है। कभी-कभी मैं सुबह की सैर पर भी जाता/जाती हूँ, जिससे मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है।

पाठ से

सही उत्तर पर सूरज का चित्र  बनाइए –

उत्तर: 

सोचिए और लिखिए

1. किरन ने दूसरी दुनिया में जाने की बात क्यों कही होगी?
उत्तर: 
किरन ने दूसरी दुनिया में जाने की बात इसलिए कही होगी क्योंकि सूरज की किरणें पृथ्वी के एक हिस्से में रात होने पर दूसरे हिस्से में जाती हैं, जहाँ उस समय सुबह होती है। यह पृथ्वी के घूमने की वजह से होता है। किरन यह बताना चाहती है कि वह कभी सोती नहीं और हमेशा बच्चों को जगाने का काम करती है।


2. “वहाँ शाम हो जाती है तो 
लौट यहाँ फिर आती हूँ।” 
उपर्युक्त पंक्तियों में ‘वहाँ’ और ‘यहाँ’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुए हैं?
उत्तर: ‘वहाँ’ 
का मतलब है – धरती का दूसरा हिस्सा (दूसरी जगह)।
‘यहाँ’ 
का मतलब है – वह जगह जहाँ बच्ची रहती है।

3. प्रकृति हमें प्रकाश, फल, फूल, लकड़ी, वायु, पानी और बहुत कुछ देती है। हम प्रकृति के लिए क्या-क्या कर सकते हैं? सोचिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर: हम प्रकृति के लिए निम्नलिखित काम कर सकते हैं:

  • पेड़ लगा सकते हैं।
  • पानी बर्बाद नहीं करना चाहिए।
  • कूड़ा कूड़ेदान में डालना चाहिए।
  • जानवरों और पेड़ों को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।
  • बिजली और पानी का सही उपयोग करना चाहिए।

4. कविता की किन पंक्तियों से पता चलता है कि किरन बालिका के साथ दिन भर रहती है? उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए।
उत्तर: कविता की ये पंक्तियाँ बताती हैं कि किरन बालिका के साथ दिन भर रहती है:
“कल तो तेरे साथ शाम तक
खेल बहुत से खेली मैं।”

समझ और अनुभव

1. “कहने लगी किरन यह सुनकर 
मैं ही कब सो पाती हूँ। 
तुम्हें सुलाकर एक दूसरी 
दुनिया में मैं जाती हूँ।”
किरन कितना परिश्रम करती है, यहाँ से वहाँ नियत समय पर प्रतिदिन आती-जाती है। आपको अपने आस-पास कौन-कौन परिश्रम करते दिखाई देते हैं?

उत्तर: मेरे आस-पास कई लोग मेहनत करते हैं, जैसे:

  • माँ घर का सारा काम करती हैं – खाना बनाती हैं, सफाई करती हैं।
  • पापा रोज़ ऑफिस जाते हैं ताकि हमें अच्छी चीज़ें मिल सकें।
  • टीचर रोज़ हमें सिखाते हैं और हमारा होमवर्क भी जांचते हैं।
  • सफाई कर्मचारी सड़क और स्कूल को साफ़ करते हैं।
  • पुलिस वाले दिन-रात हमारी सुरक्षा करते हैं।

ये सब लोग बिना रुके मेहनत करते हैं, जैसे किरण करती है।

2. वे कौन-कौन से लोग हैं जो किरन की भाँति आपको जगाते हैं, आपके साथ खेलते हैं और प्रोत्साहित करते हैं? उनके लिए आप क्या-क्या करते हैं, यह भी लिखिए।
उत्तर: मेरे जीवन में कई लोग किरन की तरह हैं:

  • मम्मी: वे सुबह मुझे प्यार से जगाती हैं, मेरे साथ पढ़ाई में मदद करती हैं और मुझे अच्छे काम करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
    मैं उनके लिए: उनकी मदद करता हूँ, जैसे बर्तन रखना या घर के छोटे-मोटे काम करना।
  • दोस्त: वे मेरे साथ स्कूल में खेलते हैं और मेरा हौसला बढ़ाते हैं।
    मैं उनके लिए: उनके साथ अच्छा व्यवहार करता हूँ, अपनी चीजें बाँटता हूँ और उनकी मदद करता हूँ।
  • शिक्षक: वे मुझे नई चीजें सिखाते हैं और मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं।
    मैं उनके लिए: उनकी बात मानता हूँ, समय पर होमवर्क करता हूँ और कक्षा में ध्यान देता हूँ।

3. आपके घर या प्रदेश में सूर्य अथवा चाँद से जुड़े किसी एक त्योहार का पता लगाइए और उसके बारे में लिखिए।
उत्तर: मेरे प्रदेश में छठ पूजा एक बहुत खास त्योहार है, जो सूर्य से जुड़ा है। यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है।

  • कब मनाया जाता है: यह कार्तिक महीने में छठे दिन मनाया जाता है।
  • कैसे मनाया जाता है: लोग सूर्य भगवान की पूजा करते हैं। सुबह और शाम को नदी या तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य (जल) चढ़ाते हैं। वे फल, ठेकुआ और अन्य प्रसाद चढ़ाते हैं।
  • महत्व: यह त्योहार सूर्य को धन्यवाद देने के लिए मनाया जाता है, क्योंकि सूर्य हमें प्रकाश, गर्मी और जीवन देता है। लोग अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।
  • मज़ा: इस त्योहार में सब लोग मिलकर गीत गाते हैं, और घर में स्वादिष्ट खाना बनता है।

अनुमान और कल्पना

1. यदि किरन कभी न आए या न जाए तो क्या होगा?
उत्तर: 
अगर किरन न आए तो:

  • हमेशा अंधेरा रहेगा।
  • पौधे नहीं उगेंगे, क्योंकि उन्हें सूरज की रोशनी चाहिए।
  • खाना नहीं बनेगा।
  • ठंड बढ़ जाएगी।

अगर किरन न जाए तो:

  • हमेशा दिन रहेगा, रात नहीं होगी।
  • लोग सो नहीं पाएँगे।
  • दिन-रात का चक्र रुक जाएगा।
  • प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाएगा।

2. यदि आपको किरन के साथ दूसरी दुनिया में जाने का अवसर मिले तो आप कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर: 
मैं जाना चाहूँगा:

  • एक ऐसी जगह जहाँ रंग-बिरंगे फूल और पेड़ हों।
  • जहाँ जानवर और पक्षी खुशी से रहते हों।

क्यों जाना चाहूँगा:

  • मुझे प्रकृति से प्यार है।
  • वहाँ के बच्चों के साथ खेलना चाहूँगा।
  • उनके गीत सुनना और नई चीजें सीखना चाहूँगा।
  • किरन की रोशनी में वह जगह बहुत सुंदर लगेगी।

भाषा की बात

1. “कल तो तेरे साथ शाम तक
खेल बहुत से खेली मैं।”
‘शाम’ के लिए हम संध्या, साँझ, सायं जैसे शब्दों का भी प्रयोग करते हैं। मिलते-जुलते या समान अर्थ वाले ऐसे शब्दों को समानार्थी शब्द कहते हैं।
नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों पर घेरा बनाइए –

उत्तर:


2. दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों से कीजिए –


उत्तर: 


3. “चिड़ियाँ गाती गीत चलीं
हवा चली, खिल उठे पेड़ सब।”
इन पंक्तियों को सामान्य बातचीत के रूप में लिखा जाए तो ऐसे लिखेंगे –
“चिड़ियाँ गीत गाती हुई उड़ रही थीं, हवा चलने लगी, हवा के चलने से पेड़-पौधों की पत्तियाँ भी हिलने लगीं जैसे कि वे प्रसन्नता से झूम रही हों।”
आप भी सामान्य ढंग से कही गई बात को कविता का रूप दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, इन पंक्तियों को पढ़िए –
“चंद्रमा चमक रहा है, तारे भी चमक रहे हैं, आकाश में प्रकाश ही प्रकाश हो गया है।”
आइए, इन पंक्तियों को कविता का रूप देने का प्रयास करते हैं –
“चंदा चमका तारे चमके चमका सारा अंबर”
आप भी सामान्य रूप से कही गई किसी बात को कविता के रूप में लिखने का प्रयास कीजिए।

उत्तर: सामान्य बातचीत में कही गई बात:
“सूरज उग आया है, उसकी रोशनी से धरती चमक रही है। पक्षी चहचहा रहे हैं और बच्चे खेलने निकल पड़े हैं।”
कविता के रूप में:
सूरज निकला, धरती हँसी
पंछी बोले, बजी खुशी।
बच्चे निकले खेल रचाने
हर कोना मुस्काने लगा।

आपकी बातचीत

कविता में बालिका, किरन से बात कर रही है। यदि आपको भी नीचे दिए गए विकल्पों में से किसी से बात करने का अवसर मिले तो आप किससे बात करना चाहेंगे? अपने चुने गए विकल्प के सामने सही का चिह्न (√) लगाइए –

  • अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए कि आप इनसे क्या बातचीत करेंगे?
  • अपने सहपाठियों की सहायता से इस बातचीत का अभिनय भी कीजिए।

उत्तर: 

चर्चा: मैं चाँद से क्या बातचीत करूँगा?

  • चाँद इतना सुंदर और चमकीला कैसे दिखता है?
  • क्या वह सूरज की रोशनी से चमकता है?
  • चाँद पर रहना कैसा लगता है?
  • वह हर रात अपना आकार क्यों बदलता है?
  • चाँद से कहानियाँ सुनाने को कहूँगा।

अभिनय:

  • भूमिकाएँ: एक मैं (बालक/बालिका), दूसरा चाँद।
  • दृश्य: रात में छत पर चाँद से बात।
  • संवाद:
    • मैं: “चाँद, तुम इतने चमकीले कैसे हो?”
    • चाँद: “मैं सूरज की रोशनी उधार लेता हूँ!”
    • मैं: “तुम हर रात बदलते क्यों हो?”
    • चाँद: “यह मेरा खेल है, नया रूप दिखाता हूँ!”
  • प्रस्तुति: कक्षा में नाटक, सहपाठी तारे या बादल बनें।
  • मज़ा: “चंदा मामा दूर के…” गीत गाकर अभिनय को और मज़ेदार बनाएँ।

इसे भी जानिए

हमारी धरती गेंद की तरह गोल है। वह अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती रहती है। सूर्य निरंतर प्रकाशित रहता है। पृथ्वी का जो भाग सूर्य की ओर आ जाता है, वहाँ दिन हो जाता है। चित्र में यदि बत्ती को सूर्य मान लें और गोलक को पृथ्वी तो प्रकाश गोलक के जिस भाग पर पड़ रहा है, वहाँ दिन है और दूसरे अँधेरे भाग में रात है।
अधिक जानने के लिए आप निम्न वीडियो लिंक पर भी जा सकते हैं- 
https://www.youtube.com/watch?v=NoCXddI2sg8&t=1s 
स्रोत – वीडियो – रात और दिन, एन.सी.ई.आर.टी. ऑफिसियल यूट्यूब चैनल

उत्तर: विद्यार्थी वीडियो देखकर स्वयं समझें और अपने शब्दों में बताने का प्रयास करें।

पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत

आपको ज्ञात ही होगा कि सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं। शिक्षकों एवं अभिभावकों की सहायता से आप सुनीता विलियम्स के बारे में पुस्तकालय एवं अन्य स्रोतों से जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर: विद्यार्थी स्वयं जानकारी एकत्र करें।

मुख्य बिंदु:

  • सुनीता विलियम्स एक भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं।
  • उनका जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका में हुआ।
  • उन्होंने अमेरिकी नौसेना में पायलट के रूप में कार्य किया।
  • बाद में वे नासा की अंतरिक्ष यात्री बन गईं।
  • वह अंतरिक्ष में सबसे ज़्यादा समय बिताने वाली महिलाओं में से एक हैं।
  • उन्होंने अंतरिक्ष में चहलकदमी (spacewalk) भी की है।
  • उन्हें कुत्तों से बहुत प्यार है और वे दौड़ने की शौकीन हैं।
  • उन्होंने अपने अंतरिक्ष मिशन में भारत का झंडा और भगवद्गीता भी साथ रखा था।