बातचीत के लिए
1. आकाश आपको कब-कब बहुत सुंदर दिखाई देता है और क्यों?
उत्तर: आकाश मुझे सुबह और शाम को बहुत सुंदर लगता है। सुबह सूरज उगता है तो आसमान गुलाबी और नारंगी हो जाता है। शाम को सूरज डूबते वक्त भी रंग-बिरंगा हो जाता है। रात में चाँद और तारे चमकते हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। बारिश के बाद इंद्रधनुष देखकर भी आकाश बहुत अच्छा लगता है।
2. चाँद को ठंड लगती है इसलिए वह झिंगोला माँग रहा है। सूरज क्या कहकर अपनी माँ से कपड़े माँगेगा?
उत्तर: सूरज अपनी माँ से कहेगा, “माँ, मुझे बहुत गर्मी लगती है। दिन में मैं बहुत चमकता हूँ और पसीना आता है। मेरे लिए हल्का और ठंडा कपड़ा सिलवा दो, ताकि मुझे गर्मी न लगे।”
3. आपने आकाश में क्या-क्या परिवर्तन होते देखे हैं?
उत्तर: मैंने आकाश में कई बदलाव देखे हैं। सुबह आसमान हल्का नीला होता है, फिर दिन में गहरा नीला। शाम को यह लाल, गुलाबी या नारंगी हो जाता है। रात में तारे और चाँद दिखते हैं। कभी बादल आते हैं, तो आसमान ढक जाता है। बारिश के बाद इंद्रधनुष भी बनता है। चाँद का आकार भी रोज बदलता है।
4. जब आप अपने अभिभावक के साथ नए कपड़े खरीदने जाते हैं तब किन-किन बातों का ध्यान रखते हैं?
उत्तर: जब मैं मम्मी-पापा के साथ कपड़े खरीदने जाता हूँ, तो मैं ये देखता हूँ:
- कपड़ा आरामदायक और नरम हो।
- मेरे साइज़ का हो, न ज्यादा टाइट, न ज्यादा ढीला।
- रंग और डिज़ाइन अच्छा हो, जो मुझे पसंद हो।
- मौसम के हिसाब से हो, जैसे गर्मी में हल्का और सर्दी में गर्म।
- कीमत भी ठीक हो, जो मम्मी-पापा के बजट में हो।
कविता से

नीचे दिए गए प्रश्नों में चार विकल्प हैं। इनमें एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं। सही विकल्प पर चाँद का चित्र () बनाइए –




उत्तर:
सोचिए और लिखिए
1. कविता की किन पंक्तियों से पता चलता है कि चाँद किसी एक दिन बिलकुल दिखाई नहीं देता है?
उत्तर: “घटता-बढ़ता रोज किसी दिन ऐसा भी करता है,
नहीं किसी की भी आँखों को दिखलाई पड़ता है।”
इन पंक्तियों से पता चलता है कि चाँद कभी-कभी बिलकुल दिखाई ही नहीं देता।
2. सर्दी से बचने के लिए चाँद, माँ से ऊन के झिंगोले के अतिरिक्त और कौन-से कपड़े माँग सकता है?
उत्तर: झिंगोले के अलावा चाँद माँ से टोपी, मफलर, दस्ताने, गरम पायजामा या स्वेटर भी माँग सकता है, ताकि उसे ठंड न लगे।
3. जाड़े के मौसम में चाँद को क्या कठिनाई होती है?
उत्तर: जाड़े के मौसम में चाँद को तेज हवा में बहुत ठंड लगती है। वह ठिठुर-ठिठुरकर रात की यात्रा करता है और कांपता रहता है, इसलिए उसे गरम कपड़ों की जरूरत महसूस होती है।
4. चाँद किस यात्रा को पूरा करने की बात कर रहा है?
उत्तर: चाँद रात के समय आसमान में चलने और चमकने की जो यात्रा करता है, वही यात्रा पूरी करने की बात कर रहा है। वह रोज़ रात को आसमान में निकलता है और एक जगह से दूसरी जगह जाता है।
अभिभावक और आप
जब नीचे दी गई बातें एवं घटनाएँ होती हैं तब आपके अभिभावक क्या-क्या कहते या करते हैं? अपने-अपने अनुभव कक्षा में साझा कीजिए।
1. जब आप ठंडी रात में सोते समय अपने पैरों से कंबल या रजाई उतार फेंकते हैं।
उत्तर: माँ धीरे से आकर फिर से रजाई ओढ़ा देती हैं और कहती हैं, “बेटा, ऐसे सोए तो बीमार हो जाओगे।”
2. जब आप ठंड में आइसक्रीम खाने का हठ करते हैं।
उत्तर: पापा या माँ कहते हैं, “अभी ठंड है, आइसक्रीम खाओगे तो गला खराब हो जाएगा। गर्मियों में दिलवाएँगे।”
3. जब आप दूध पीने, हरी सब्जियाँ और फल आदि खाने से कतराते हैं।
उत्तर: माँ कहती हैं, “अगर सेहत बनानी है तो सब कुछ खाना होगा। हरी सब्जियाँ और फल शरीर के लिए बहुत ज़रूरी हैं।”
4. जब आप देर तक सोते हैं।
उत्तर: पापा कहते हैं, “इतनी देर तक नहीं सोते! जल्दी उठो, वरना समय पर स्कूल नहीं जा पाओगे।”
5. जब कोई आपके घर आपकी शिकायत करने आता है।
उत्तर: माँ-पापा पहले ध्यान से बात सुनते हैं, फिर प्यार से समझाते हैं, “बेटा, ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर गलती हुई है तो माफ़ी माँग लो और दोबारा मत करना।”
6. जब आपके अच्छे कामों के लिए आपकी प्रशंसा होती है अथवा पुरस्कार मिलता है।
उत्तर: माँ-पापा बहुत खुश होते हैं और कहते हैं, “हमें तुम पर गर्व है! ऐसे ही मेहनत करते रहो।” कभी-कभी मिठाई भी लाते हैं या गले लगाते हैं।
अनुमान और कल्पना
1. आप अपनी माँ से चाँद का दुखड़ा कैसे बताएँगे?
उत्तर: मैं माँ से कहूँगा, “माँ, चाँद बहुत दुखी है। वह ठंड में काँप रहा है। उसका कोई कपड़ा नहीं है। आप उसकी मदद कीजिए। उसे गर्म ऊन का कुरता सिल दीजिए, ताकि वह सर्दी में आराम से आसमान में घूम सके।”
2. गरमी और वर्षा से बचने के लिए चाँद अपनी माँ से क्या कहेगा? वह किस प्रकार के कपड़ों एवं वस्तुओं की माँग कर सकता है?
उत्तर: चाँद अपनी माँ से कहेगा, “माँ, गर्मी में मुझे बहुत पसीना आता है और बारिश में मैं भीग जाता हूँ। मेरे लिए कुछ हल्का और ठंडा कपड़ा लाओ, और बारिश से बचने के लिए छाता भी दो।”
वह ये चीज़ें माँग सकता है:
- हल्का सूती कुरता (गर्मी के लिए)
- टोपी या हैट (धूप से बचने के लिए)
- रेनकोट या छाता (वर्षा से बचने के लिए)
- पंखा (गर्मी में ठंडक के लिए)
3. चाँद ने माँ से कुरता किराए पर लाने के लिए क्यों कहा होगा?
उत्तर: चाँद जानता था कि उसका आकार हर दिन बदलता रहता है – कभी छोटा, कभी बड़ा। इसलिए वह सोचता था कि अगर माँ नया कुरता सिल देगी, तो वह हर दिन फिट नहीं आएगा। इसलिए उसने कहा कि “किराए पर ले आओ”, ताकि जब जरूरत हो तब ही उसे पहन सके।
4. यदि माँ ने चाँद का कुरता सिलवा दिया होता तो क्या होता?
उत्तर: अगर माँ ने चाँद का कुरता सिलवा दिया होता, तो वह हर दिन उसे पहन नहीं पाता। जब वह छोटा होता, तब कुरता बड़ा पड़ता। जब वह बड़ा होता, तब कुरता छोटा हो जाता। इसलिए वह कुरता कभी भी ठीक से नहीं आता और चाँद परेशान हो जाता।
भाषा की बात
1. “सन-सन चलती हवा रात भर, जाड़े से मरता हूँ।” कविता की इस पंक्ति में ‘भर’ शब्द का प्रयोग किया गया है। अब आप ‘भर’ की सहायता से पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए, जैसे – पानी गिलास भर है, उसने दिन भर पढ़ाई की आदि।
उत्तर: ‘भर’ शब्द के पाँच वाक्य:
- गिलास पानी से भर है।
- उसने दिन भर पढ़ाई की।
- कमरे में धूप भर आई।
- मैदान बच्चों से भर गया।
- वह खुशी से आँसू भर आया।
2. नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यान से पढ़िए –
(क) “ठिठुरकर किसी तरह यात्रा पूरी करता हूँ।”
(ख) “ठिठुर-ठिठुरकर किसी तरह यात्रा पूरी करता हूँ।”
अपनी बात पर बल देने के लिए हम इस प्रकार के कुछ शब्दों का प्रयोग दो बार करते हैं, जैसे- जल्दी चलो, जल्दी-जल्दी चलो आदि। अब आप ऐसे ही पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर: दोहराव वाले शब्दों का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य:
- वह धीरे-धीरे चल रहा है।
- बच्चा धीरे-धीरे मुस्कराया।
- उन्होंने जल्दी-जल्दी खाना खाया।
- हम धीरे-धीरे आगे बढ़े।
- हवा तेज़-तेज़ चलने लगी।

3. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया पहचानकर उन्हें दिए गए स्थानों में लिखिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए –


उत्तर:
वाक्यों में प्रयोग
संज्ञा
- हठ: मैंने हठ करके मम्मी से नई साइकिल माँगी।
- चाँद: रात को चाँद बहुत चमक रहा था।
- दिन: रविवार को मैं दिन भर खेलता हूँ।
- माता: मेरी माता मुझे बहुत प्यार करती हैं।
- आसमान: आसमान में रंग-बिरंगे पक्षी उड़ रहे थे।
- सफर: हमारा सफर बहुत मजेदार था।
- मौसम: आज का मौसम बहुत ठंडा है।
- जाड़ा: जाड़ा आने पर मैं गर्म कपड़े पहनता हूँ।
- माँ: मेरी माँ मुझे रोज़ कहानी सुनाती हैं।
- ऊन: ऊन का स्वेटर बहुत गर्म होता है।
- झिंगोला: चाँद ने अपनी माँ से झिंगोला माँगा।
- यात्रा: हमारी स्कूल की यात्रा बहुत मज़ेदार थी।
सर्वनाम
- यह: यह किताब बहुत अच्छी है।
- मुझे: मम्मी ने मुझे नया खिलौना दिया।
- कोई: कोई मेरी किताब ले गया।
- मैं: मैं रोज़ स्कूल जाता हूँ।
विशेषण
- एक: मेरे पास एक सुंदर पेन है।
- मोटा: मेरा कुत्ता बहुत मोटा हो गया है।
- पूरी: मैंने पूरी किताब पढ़ ली।
क्रिया
- कर: मैं रोज़ होमवर्क करता हूँ।
- बैठा: वह पार्क में पेड़ के नीचे बैठा था।
- बोला: उसने मुझसे धीरे से बोला।
- है: यह मेरा पसंदीदा खेल है।
- सिलवा: मम्मी ने मुझे नया कुरता सिलवाया।
- ठिठुर-ठिठुरकर: ठंड में मैं ठिठुर-ठिठुरकर घर लौटा।
- करता: वह रोज़ सुबह दौड़ता है।
- हूँ: मैं स्कूल में बहुत खुश हूँ।
चाँद का झिंगोला
1. मान लीजिए कि चाँद, झिंगोले के लिए माँ, कपड़े के दुकानदार और दर्जी से संवाद करता है। बातचीत के कुछ अंश नीचे दिए गए हैं। आप इन्हें आगे बढ़ाइए। आप संवाद अपनी मातृभाषा में भी लिख सकते हैं।


उत्तर:

उत्तर:




उत्तर:
2. अब आप इन संवादों पर कक्षा में शिक्षक की सहायता से अभिनय कीजिए।
उत्तर: विद्यार्थी इस संवाद को कक्षा में शिक्षक की सहायता से दो पात्रों – चाँद और दर्जी – के रूप में बाँटकर अभिनय करेंगे। वे मंच पर खड़े होकर संवादों को याद करेंगे और अभिनय के माध्यम से उन्हें जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। शिक्षक बच्चों को संवाद बोलने के सही तरीके, भाव-भंगिमा, हाव-भाव और आवाज़ के उतार-चढ़ाव की मदद से अभिनय में मार्गदर्शन देंगे। अभिनय करते समय चाँद मासूम और जिज्ञासु दिखेगा, जबकि दर्जी समझदार और विनोदी होगा। इससे बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ेगी।
कविता से आगे
1. क्या चाँद की तरह आप भी अपनी माँ से किसी वस्तु के लिए हठ करते हैं? आप अपनी माँ को इसके लिए कैसे मनाते हैं?
उत्तर: हाँ, मैं भी कभी-कभी अपनी माँ से हठ करता हूँ, जैसे जब मुझे कोई खिलौना चाहिए होता है। मैं उन्हें प्यार से कहता हूँ, “प्लीज़ मम्मी!” और कभी-कभी रो भी पड़ता हूँ। फिर माँ मुझे समझाकर या कभी-कभी चीज़ दिलाकर मना लेती हैं।
2. आपकी माँ आपको किसी काम के लिए कैसे मनाती हैं?
उत्तर: मेरी माँ मुझे प्यार से बुलाती हैं और समझाती हैं कि काम करने से मैं अच्छा बच्चा बनूंगा। कभी-कभी वे कहती हैं कि अगर मैं काम कर लूंगा तो मुझे मेरी पसंद की कोई चीज़ मिल सकती है, जैसे कहानी सुनना या टॉफी मिलना।
3. गरमी, सर्दी या वर्षा से बचने के लिए आपकी माँ आपको क्या कहती अथवा क्या-क्या करती हैं?
उत्तर: गरमी में माँ कहती हैं कि टोपी पहन लो और ठंडा पानी पीओ। सर्दी में वे मुझे स्वेटर, टोपी और मोज़े पहनाती हैं। वर्षा में वे मुझे रेनकोट पहनाती हैं या छाता देती हैं ताकि मैं भीग न जाऊँ।
सोचिए, समझिए और बताइए
1. कविता में चाँद अपनी माँ से बातें कर रहा है। मान लीजिए कि चाँद बोल नहीं सकता। अब वह अपनी माँ को अपनी बात कैसे बताएगा?
उत्तर: अगर चाँद बोल नहीं सकता, तो वह अपनी माँ को अपनी बात इस तरह बताएगा:
- इशारों से: चाँद अपनी माँ को ठंड लगने का इशारा करने के लिए काँपने का नाटक करेगा, जैसे वह ठिठुर रहा हो।
- चमक से: वह अपनी चमक को तेज़-धीमा करके दिखाएगा कि उसे ठंड लग रही है और उसे गर्म कपड़े चाहिए।
- आकाश में चित्र बनाकर: चाँद तारों के साथ मिलकर आसमान में कुरते का आकार बनाएगा, ताकि माँ समझ जाए कि उसे झिंगोला चाहिए।
- हवा के साथ संदेश भेजकर: वह हवा को धीरे से माँ के पास भेजेगा, जो ठंडी होगी, ताकि माँ को पता चले कि उसे ठंड लगती है।
2. मान लीजिए कि चाँद का एक मित्र है जो देख नहीं सकता। चाँद उसे अपने बदलते हुए आकार के बारे में कैसे समझाएगा?
उत्तर: अगर चाँद का मित्र देख नहीं सकता, तो चाँद उसे अपने बदलते आकार के बारे में इस तरह समझाएगा:
- स्पर्श से: चाँद अपने मित्र को अलग-अलग आकार के गोल पत्थर या गेंद छूने देगा। वह कहेगा, “देखो, कभी मैं इतना छोटा होता हूँ जैसे ये छोटी गेंद, और कभी इतना बड़ा जैसे ये बड़ी गेंद।”
- आवाज़ से: चाँद अलग-अलग आवाज़ें निकालेगा, जैसे छोटा होने पर धीमी आवाज़ और बड़ा होने पर ज़ोर की आवाज़, ताकि मित्र समझे कि उसका आकार बदल रहा है।
- हवा के ज़रिए: चाँद हवा को अपने मित्र के पास भेजेगा। जब वह छोटा होगा, हल्की हवा भेजेगा, और जब बड़ा होगा, तेज़ हवा भेजेगा।
- कहानी सुनाकर: चाँद कहेगा, “मेरे मित्र, मैं हर रात बदलता हूँ। कभी मैं एक छोटी-सी रोटी जैसा हूँ, कभी पूरी थाली जैसा, और कभी बिल्कुल छिप जाता हूँ जैसे बादल में!”
पढ़िए और समझिए

1. चाँद के लिए कुरता सिलना एक कठिन कार्य है। इसलिए चाँद की माँ ने उसका कुरता सिलवाने के लिए एक विज्ञापन प्रकाशित किया है। इसे पढ़िए और इसका प्रचार-प्रसार कर चाँद की माँ की सहायता कीजिए –
उत्तर: विद्यार्थी स्वयं करें
2. अब एक रोचक विज्ञापन तैयार कीजिए जिसमें आप अपने लिए कोई वस्तु मँगवा रहे हों।
उत्तर: विशेष विज्ञापन
मुझे चाहिए एक उड़ने वाली साइकल!
क्या आपके पास ऐसी जादुई साइकल है
जो हवा में उड़ सके,
पहाड़ों पर चढ़ सके,
और बटन दबाते ही स्कूल पहुँचा दे?
अगर हाँ, तो तुरंत मुझसे संपर्क करें!
साइकल रंग-बिरंगी होनी चाहिए,
और उसमें घंटी भी हो जो बोले –
“चलो मस्ती की सैर पर!”
संपर्क करें:
आर्यन कुमार, कक्षा 5
स्कूल: बाल विकास विद्यालय
फोन: 1234567890
आपकी कलाकारी

आइए, चाँद के लिए एक कुरता बनाएँ।
सामग्री: रंगीन कागज, गोंद, कैंची, ग्लिटर, कपड़े के छोटे टुकड़े
उत्तर: विद्यार्थी कृपया स्वयं प्रयास करें या बड़ों की सहायता लें।
पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत
1. पुस्तकालय में चाँद, सूरज, तारे, आकाश आदि पर बहुत-सी रोचक, मनोरंजक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें अवश्य उपलब्ध होंगी। उन पुस्तकों को ढूँढ़कर पढ़िए और उनके बारे में कक्षा में भी चर्चा कीजिए।
उत्तर: मैं अपने स्कूल के पुस्तकालय में जाऊँगा और चाँद, सूरज, तारे और आकाश के बारे में किताबें ढूँढूँगा। कुछ किताबें जो मुझे मिल सकती हैं, वे हैं:
- “हमारा सौरमंडल”: इस किताब में चाँद, सूरज और तारों की मजेदार जानकारी होगी, जैसे चाँद का आकार क्यों बदलता है।
- “आकाश की कहानियाँ”: इसमें तारों और नक्षत्रों की कहानियाँ होंगी, जो रात के आकाश को और रोचक बनाती हैं।
- “चाँद की सैर”: यह किताब चाँद के बारे में बच्चों के लिए लिखी गई होगी, जिसमें उसकी सतह और यात्रा की बातें होंगी।
कक्षा में चर्चा: मैं कक्षा में अपने दोस्तों को बताऊँगा कि चाँद हर रात अपना आकार बदलता है, जैसे कविता में चाँद ने अपनी माँ से झिंगोला माँगा था। मैं बताऊँगा कि चाँद की सतह पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिन्हें क्रेटर कहते हैं। मैं यह भी कहूँगा कि सूरज एक बड़ा तारा है, जो हमें रोशनी और गर्मी देता है। अगर कोई मज़ेदार कहानी किताब में मिले, जैसे तारों का कोई जादुई गाँव, तो उसे भी साझा करूँगा।
2. अपने शिक्षक, पुस्तकालय प्रभारी और मित्रों की सहायता से चाँद तथा सूरज की बदलती स्थितियों की और भी जानकारी प्राप्त कीजिए। यह भी पता लगाइए कि चंद्र ग्रहण एवं सूर्य ग्रहण कब-कब और क्यों होते हैं। आप अपने माता-पिता या अभिभावक से भी इनके बारे में बात कर सकते हैं।
उत्तर: मैं अपने शिक्षक, पुस्तकालय प्रभारी, मित्रों और मम्मी-पापा से चाँद और सूरज के बारे में और जानकारी लूँगा। यहाँ कुछ जानकारी है जो मैं इकट्ठा कर सकता हूँ:
- चाँद की बदलती स्थिति: चाँद हर रात अपना आकार बदलता दिखता है, जैसे कविता में चाँद छोटा-बड़ा होता है। इसे चंद्रमा की कलाएँ (phases) कहते हैं।
- नया चाँद (अमावस्या): जब चाँद बिल्कुल दिखाई नहीं देता।
- अर्धचंद्र: जब चाँद आधा दिखता है।
- पूर्णिमा: जब चाँद पूरा गोल और चमकदार होता है।
यह बदलाव इसलिए होता है क्योंकि चाँद सूरज की रोशनी को पृथ्वी पर अलग-अलग कोणों से दिखाता है, जब वह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है।
- सूरज की बदलती स्थिति: सूरज सुबह पूर्व में उगता है और शाम को पश्चिम में डूबता है। दिन में उसकी स्थिति बदलती रहती है क्योंकि पृथ्वी घूमती है। गर्मियों में सूरज ज़्यादा ऊँचा और चमकदार होता है, जबकि सर्दियों में नीचे और कम गर्म।
- चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse):
- क्या है?: जब पृथ्वी, चाँद और सूरज के बीच में आ जाती है, तो पृथ्वी की छाया चाँद पर पड़ती है। इससे चाँद कुछ समय के लिए लाल या काला दिखता है।
- कब होता है?: चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन हो सकता है, जब सूरज, पृथ्वी और चाँद एक सीध में होते हैं।
- क्यों होता है?: पृथ्वी की छाया चाँद को ढक लेती है, जिससे वह दिखना बंद हो जाता है या उसका रंग बदल जाता है।
- उदाहरण: मेरे शिक्षक ने बताया कि 2025 में 29 मार्च और 21 सितंबर को चंद्र ग्रहण हो सकता है (यह जानकारी मैं पुस्तकालय की किताबों से या मम्मी-पापा से और पक्की करूँगा)।
- सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse):
- क्या है?: जब चाँद, सूरज और पृथ्वी के बीच में आता है, तो चाँद सूरज की रोशनी को ढक लेता है। इससे सूरज कुछ समय के लिए पूरी तरह या आंशिक रूप से छिप जाता है।
- कब होता है?: सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन होता है, जब चाँद, सूरज और पृथ्वी एक सीध में होते हैं।
- क्यों होता है?: चाँद सूरज के सामने आ जाता है और उसकी रोशनी को पृथ्वी तक आने से रोकता है।
- उदाहरण: मेरे मम्मी-पापा ने बताया कि सूर्य ग्रहण को बिना खास चश्मे के नहीं देखना चाहिए, वरना आँखें खराब हो सकती हैं। 2025 में 29 मार्च को एक सूर्य ग्रहण हो सकता है (मैं पुस्तकालय में इसकी तारीख पक्की करूँगा)।
- कैसे जानकारी लूँगा:
- शिक्षक से: मैं अपने साइंस टीचर से पूछूँगा कि चाँद और सूरज की स्थिति क्यों बदलती है।
- पुस्तकालय प्रभारी से: मैं उनसे बच्चों के लिए आसान किताबें माँगूँगा, जैसे “The Moon Book” या “Solar System for Kids”।
- मित्रों से: अपने दोस्तों से पूछूँगा कि उन्होंने चाँद या सूरज के बारे में क्या-क्या पढ़ा या देखा।
- मम्मी-पापा से: मैं उनसे पूछूँगा कि उन्होंने चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण कब देखा और कैसा लगा।
कक्षा में चर्चा: मैं कक्षा में बताऊँगा कि चाँद का आकार बदलने का कारण उसकी सूरज की रोशनी को दिखाने की स्थिति है। मैं चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण की मजेदार बातें भी साझा करूँगा, जैसे चंद्र ग्रहण में चाँद लाल क्यों हो जाता है। अगर कोई तस्वीर या मॉडल मिले, तो उसे भी कक्षा में दिखाऊँगा।
बुझो तो जानें
1. तन है मेरा हरा-भरा,
रस से रहता सदा भरा।
भीतर से हूँ मैं लाल,
प्यास बुझाकर पूछें हाल।
उत्तर: तरबूज
2. हम दोनों हैं पक्के मित्र,
करते रहते काम विचित्र।
पाँच-पाँच सेवक हैं साथ,
लेकिन करते कभी न बात।
उत्तर: हाथ का पंजा