6. चतुर चित्रकार – Textbook Solutions

बातचीत के लिए

1. चित्रकार की कौन-सी विशेषता आपको सबसे अधिक अच्छी लगी और क्यों?
उत्तर:
 मुझे चित्रकार की चतुराई सबसे अच्छी लगी। उसने डरने की बजाय दिमाग से काम लिया और शेर को चित्र बनाने का बहाना देकर अपनी जान बचाई। यह दिखाता है कि मुश्किल समय में समझदारी कितनी जरूरी है।

2. शेर ने चित्रकार को ‘कायर – डरपोक’ कहा। क्या आपको लगता है कि चित्रकार वास्तव में कायर और डरपोक था या वह चतुर और समझदार था? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर: 
मुझे लगता है कि चित्रकार कायर और डरपोक नहीं, बल्कि चतुर और समझदार था। उसने शेर से जान बचाने के लिए हिम्मत और चतुराई से काम लिया। अगर वह सचमुच डरपोक होता, तो वह शेर के सामने कुछ न बोल पाता और भागने की योजना न बना पाता।

3. आपके अनुसार ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जिनका निरंतर अभ्यास करने से उनमें कुशलता बढ़ जाती है?
उत्तर: 
कुछ कार्य जिनमें अभ्यास से कुशलता बढ़ती है, वे हैं:

  • चित्र बनाना
  • लिखना
  • खेलना (जैसे क्रिकेट या फुटबॉल)
  • गाना
  • पढ़ाई करना

4. यदि झील के किनारे नाव न होती तो चित्रकार शेर से अपनी जान बचाने के लिए क्या उपाय करता?
उत्तर:
 अगर नाव न होती, तो चित्रकार शायद पेड़ पर चढ़ जाता या शेर को और लंबे समय तक बातों में उलझाकर जंगल में कहीं छिप जाता। वह अपनी चतुराई से कोई और रास्ता जरूर ढूंढता।

पाठ से

नीचे दिए गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरों पर तारे का चित्र () बनाइए-

उत्तर: 

सोचिए और लिखिए

नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-

1. चित्रकार जिस वातावरण में चित्र बना रहा था, उसका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
 चित्रकार जंगल की एक सुनसान जगह पर चित्र बना रहा था। वहाँ नदी, पहाड़ और पेड़-पौधे थे। यह जगह बहुत शांत थी, जहाँ कोई इंसान या शोर नहीं था। वहाँ की खूबसूरती को चित्रकार अपने चित्रों में उतार रहा था।

2. चित्रकार ने शेर को जंगल में चित्रकला का अभ्यास करने के लिए क्यों कहा होगा?
उत्तर:
 चित्रकार ने शेर को चिढ़ाने और मजाक करने के लिए कहा कि वह कागज़-कलम रखे और जंगल में चित्रकला का अभ्यास करे। वह शेर को यह दिखाना चाहता था कि वह उससे डरता नहीं है और अपनी चतुराई से उसका जवाब दे सकता है।

3. आपको इस कविता की कौन-सी घटना सबसे रोचक लगी?
उत्तर: 
मुझे सबसे रोचक घटना वह लगी जब चित्रकार ने शेर को पीठ फेरने के लिए कहा और चुपके से नाव में बैठकर भाग गया। यह बहुत मजेदार था क्योंकि शेर को चित्रकार की चतुराई का पता ही नहीं चला।

4. चित्रकार ने शेर से बचने के लिए क्या किया?
उत्तर: 
चित्रकार ने शेर से बचने के लिए चतुराई से काम लिया। उसने शेर को चित्र बनाने का बहाना देकर उसे बैठने को कहा। फिर उसने शेर से मुँह दूसरी तरफ करने को कहा और चुपके से झील के किनारे रखी नाव में बैठकर भाग गया।

अनुमान और कल्पना

1. चित्रकार ने शेर को ‘जंगल के सरदार’ नाम से क्यों पुकारा होगा?
उत्तर: 
चित्रकार ने शेर को ‘जंगल का सरदार’ इसलिए पुकारा होगा क्योंकि शेर जंगल का सबसे ताकतवर और डरावना जानवर होता है। यह नाम शेर की ताकत और रुतबे को दिखाता है, और चित्रकार ने शायद उसे खुश करने के लिए ऐसा कहा।

2. यदि चित्रकार जंगल में रुक जाता और शेर से मित्रता करने का प्रयत्न करता तो क्या होता?
उत्तर:
 अगर चित्रकार रुककर शेर से मित्रता करने की कोशिश करता, तो शायद शेर उसकी बात मान लेता या फिर गुस्सा होकर उस पर हमला कर देता। यह इस बात पर निर्भर करता कि शेर कितना भूखा या गुस्सैल था। लेकिन चित्रकार की चतुराई से शायद वह मित्रता कर पाता।

3. यदि शेर को भी चित्रकला में रुचि होती तो वह कौन-से चित्र बनाना पसंद करता ?
उत्तर:
 अगर शेर को चित्रकला में रुचि होती, तो वह शायद जंगल, अपने शिकार, या अपनी ताकत दिखाने वाले चित्र बनाना पसंद करता, जैसे जंगल में दहाड़ते हुए अपना चित्र या अन्य जानवरों के साथ अपने राज का चित्र।

4. यदि चित्रकार के स्थान पर आप होते तो शेर से बचने के लिए क्या करते?
उत्तर: 
अगर मैं चित्रकार की जगह होता, तो मैं भी चतुराई से काम लेता। मैं शेर को कोई कहानी सुनाने या उसका ध्यान भटकाने की कोशिश करता। फिर चुपके से पेड़ पर चढ़ जाता या जंगल में छिप जाता ताकि शेर मुझे न पकड़ सके।

भाषा की बात

1. कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इनमें छिपे मुहावरे पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए-
(क) “उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गए होश ।”
(ख) “नदी, पहाड़, पेड़, पत्तों का, रह न गया कुछ जोश।”
(ग) “चित्रकार ने नाव पकड़कर ली जी भर के साँस ।”
(घ) “इधर शेर था धोखा खाकर, झुंझलाहट में चूर ।”
उत्तर:
(क)
 “उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गए होश।”
(ख) “नदी, पहाड़, पेड़, पत्तों का, रह न गया कुछ जोश।”
(ग) “चित्रकार ने नाव पकड़कर ली जी भर के साँस।”
(घ) “इधर शेर था धोखा खाकर, झुंझलाहट में चूर ।”

2. अब इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए अपने मन से नए-नए वाक्य बनाइए ।
उत्तर:
(क) उड़ गए होश: 
परीक्षा का कठिन पेपर देखकर छात्रों के होश उड़ गए।
(ख) रह न गया कुछ जोश: विरोधी की ताकत देखकर सैनिकों में रह न गया कुछ जोश।
(ग) ली जी भर के साँस: अस्पताल से ठीक होकर लौटे बेटे को देखकर माँ ने जी भर के साँस ली।
(घ) धोखा खाकर: राघव ने व्यापारी से धोखा खाकर आगे से हर सौदे में सावधानी बरतने का निश्चय किया।

3. नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-

  • इतने ही में वहाँ आ गया, यम राजा का मित्र ।
  • चित्रकार चुपके से खिसका, जैसे कोई चोर ।
  • जल्दी-जल्दी नाव चलाकर, निकल गया वह दूर ।

इन पंक्तियों में जिन शब्दों के नीचे रेखा खींची गई है, वे क्रिया शब्द हैं जिन्हें ‘आने’ या ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

  • आ गया’ शब्द का प्रयोग अचानक आने को दर्शाने के लिए किया गया है।
  • ‘खिसका’ शब्द ‘ धीरे-धीरे हटने ‘ या ‘ बिना किसी को पता लगे’ जाने का भाव प्रकट करता है।
  • ‘निकल गया’ शब्द तेज़ी से दूर जाने का संकेत देता है।

‘आने’ और ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए इसी प्रकार के अनेक क्रिया शब्दों का प्रयोग किया जाता है। आगे दिए गए ऐसे ही क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए-
उत्तर:


4. “ फिर उसको कुछ हिम्मत आई, देख उसे चुपचाप”
उपर्युक्त पंक्ति को ध्यान से देखिए । यहाँ जिन शब्दों को रेखांकित किया गया है, वे शब्द संज्ञा शब्दों क्रमशः ‘चित्रकार’ और ‘शेर’ के लिए प्रयुक्त हुए हैं। आप जानते ही होंगे कि संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले ऐसे शब्दों को ‘सर्वनाम’ कहते हैं।
अब नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित संज्ञा शब्दों को हटाकर उचित सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कीजिए-

उत्तर:

कविता से कहानी

1. ‘चतुर चित्रकार’ कविता में आपने शेर और चित्रकार की कहानी का आनंद लिया। अब इस कहानी को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर: 
एक बार की बात है, एक चित्रकार जंगल की एक सुनसान जगह पर नदी, पहाड़ और पेड़-पौधों के सुंदर चित्र बना रहा था। वह अपने काम में मगन था। तभी वहाँ एक बड़ा सा शेर आ गया। चित्रकार पहले तो बहुत डर गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने शेर से कहा, “जंगल के राजा, रुको! मैं तुम्हारा सुंदर चित्र बनाता हूँ।” शेर खुश होकर बैठ गया और चित्रकार की ओर देखने लगा।
चित्रकार ने चतुराई से काम लिया। उसने कहा, “अब तुम्हारा सामने का हिस्सा बन गया है। अब पीछे का चित्र बनाने के लिए मुँह दूसरी तरफ करो।” शेर ने वैसा ही किया। जैसे ही शेर ने मुँह घुमाया, चित्रकार चुपके से झील के किनारे रखी नाव में बैठा और तेजी से नाव चलाकर दूर चला गया।
शेर को जब देर लगी, तो उसने पलटकर देखा और गुस्से में चिल्लाया, “अरे कायर चित्रकार, अपना कागज़-कलम तो ले जा!” चित्रकार ने हँसते हुए जवाब दिया, “इसे तुम ही रखो और जंगल में चित्रकला सीखो!” इस तरह चित्रकार ने अपनी चतुराई से अपनी जान बचाई।

2. इस कहानी के अंत में चित्रकार नाव में बैठकर दूर चला जाता है। अपनी कल्पना से इस कहानी का अंत बदलकर लिखिए। उदाहरण के लिए-

उत्तर:

  • चित्रकार शेर से मित्रता कर लेता है।
    चित्रकार पूरे साहस के साथ शेर का चित्र पूरा करता है । वह बोला, “ जंगल के सरदार! आपका चित्र बनाते हुए मुझे एहसास हुआ कि आप शक्तिशाली होने के साथ – साथ बहुत शांत और धैर्यवान भी हैं। क्या आप मेरे मित्र बनेंगे ?” शेर ने हैरानी से उसकी ओर देखकर कहा, आज तक सब मुझसे डरकर भाग जाते थे, तुम पहले हो जिसने निडरता से मेरी ओर मित्रता का हाथ बढ़ाया है।” शेर ने तुरंत चित्रकार से हाथ मिला लिया।
  • शेर चित्र बनाने में चित्रकार की सहायता करता है।
    चित्रकार शेर का चित्र बनाने में लीन था। शेर उसके द्वारा बनाए जा रहे चित्र को देखता जा रहा था । तभी वह बोला, “काश ! मैं भी तुम्हारी तरह इतना सुंदर चित्र बना पाता । ” चित्रकार चौंक गया। उसने शेर की आँखों में छिपा हुआ कलाकार ढूँढ़ लिया । वह मुसकराया और बोला, “जिस प्रकार तुम इस जंगल को पहचानते हो, उतनी खूबसूरती से मैं नहीं जानता । यह पकड़ो ब्रश और अपनी कल्पना को पंख दो।” इस प्रकार शेर चित्र पूरा करने में चित्रकार की सहायता करता है और अद्भुत चित्र बनाता है।

बातचीत

नीचे दी गई शेर और चित्रकार के मध्य बातचीत को अपनी कल्पना से पूरा कीजिए-

उत्तर:

तुलना

चित्रकार और शेर की विशेषताओं की तुलना कीजिए और उचित स्थान पर सही (√) या गलत (X) का चिह्न लगाइए –

उत्तर:

पाठ से आगे

1. चित्रकार अपनी चतुराई का प्रयोग करके संकट से बच गया था। क्या कभी आपने किसी संकट का सामना करने के लिए अपनी चतुराई दिखाई है? उस अनुभव को कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर:
 एक बार मैं अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी हमारी गेंद पड़ोस के बगीचे में चली गई। वहाँ एक गुस्सैल कुत्ता था। मैंने डरने की बजाय चतुराई से काम लिया। मैंने कुत्ते का ध्यान भटकाने के लिए एक पत्थर दूसरी तरफ फेंका। कुत्ता उस ओर दौड़ा, और मैं जल्दी से गेंद उठाकर वापस आ गया। इस तरह मैंने अपनी चतुराई से संकट से बचाव किया।

2. क्या आपने कभी किसी की संकट में सहायता की है? बताइए कि आपने कैसे सहायता की थी।
उत्तर:
 एक बार मेरा दोस्त स्कूल में अपनी किताब भूल गया और उसे डर था कि टीचर डांटेंगी। मैंने उसकी मदद के लिए अपनी किताब उसके साथ शेयर की और हमने साथ मिलकर पढ़ाई की। इससे उसका डर कम हो गया और टीचर ने हमारी तारीफ भी की।

चित्रकार का विद्यालय

1. कल्पना कीजिए कि चित्रकार ने जंगल में एक चित्रकला विद्यालय खोला है। आप इस विद्यालय का कोई नाम सुझाइए और इसके बारे में कुछ वाक्य अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर: विद्यालय का नाम: 
जंगल रंग विद्यालय
जंगल रंग विद्यालय जंगल के बीच में बना है। यहाँ चित्रकार सभी पशु-पक्षियों को चित्र बनाना सिखाता है। इस विद्यालय में हर कोई अपनी कल्पना से सुंदर चित्र बना सकता है। यहाँ पेड़-पौधों, नदी और पहाड़ों के चित्र बनाए जाते हैं। सभी जानवर यहाँ खुशी-खुशी सीखते हैं और दोस्ती करते हैं।

2. इस विद्यालय के बारे में एक आकर्षक विज्ञापन बनाइए जिसे पढ़कर जंगल के पशु-पक्षियों में इस विद्यालय में प्रवेश लेने की इच्छा जाग जाए।
(जैसे- प्रवेश जारी है। एक अनोखा विद्यालय, आपके पड़ोस में, आइए और सीखिए…)
उत्तर:

खोजबीन

अपने अभिभावकों के साथ पशु-पक्षियों से संबंधित भारतीय वृत्तचित्र (डॉक्युमेंट्री ) देखिए और उससे प्राप्त जानकारी कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर: मैंने अपने माता-पिता के साथ एक भारतीय वृत्तचित्र देखा, जिसका नाम था “जंगल की कहानियाँ”। इसमें भारत के जंगलों में रहने वाले बाघ, मोर, हिरण और कई पक्षियों के बारे में बताया गया। मैंने सीखा कि बाघ जंगल का राजा होता है और वह अपने इलाके की रक्षा करता है। मोर अपने रंग-बिरंगे पंखों से सबको आकर्षित करता है। यह भी पता चला कि हमें जंगल और जानवरों को बचाने के लिए पेड़-पौधों की देखभाल करनी चाहिए। कक्षा में मैं यह बताऊँगा कि जंगल हमारे लिए कितने ज़रूरी हैं।

जंगल में शांति और सुरक्षा

मान लीजिए, शेर और चित्रकार अच्छे मित्र हैं। वे चाहते हैं कि जंगल में सुख-शांति रहे। आप उन्हें जंगल में शांति के लिए क्या उपाय सुझाएँगे? कम से कम तीन सुझाव अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
(संकेत – ऐसे उपाय सोचिए जिनसे जंगल के पेड़-पौधे, हवा-पानी और पशु-पक्षी सुरक्षित रहें ।)
उत्तर:

  • पेड़-पौधों की रक्षा करें: शेर और चित्रकार जंगल के सभी जानवरों को बता सकते हैं कि पेड़-पौधों को नुकसान न पहुँचाएँ। इससे हवा और पानी साफ रहेगा और सभी को रहने की अच्छी जगह मिलेगी।
  • सबके लिए खाना सुनिश्चित करें: शेर सभी जानवरों को सिखा सकता है कि वे एक-दूसरे का शिकार कम करें और जंगल में फल-फूल और छोटे पौधों को खाने की आदत डालें। इससे झगड़े कम होंगे।
  • जंगल में सफाई रखें: चित्रकार जंगल में चित्रकला के जरिए जानवरों को सिखा सकता है कि वे जंगल को साफ रखें और कचरा न फैलाएँ। इससे जंगल सुंदर और सुरक्षित रहेगा।

पुस्तकालय से

पुस्तकालय से अपने शिक्षक की सहायता से पंचतंत्र अथवा हितोपदेश में से उन कहानियों को ढूँढ़िए जिनमें पशु-पक्षियों और मनुष्यों के मध्य संवाद हों।
उत्तर: विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

  • पुस्तकालय जाएँ और पंचतंत्र व हितोपदेश की किताबें निकालें।
  • अनुक्रमणिका (सूची) देखकर वे कहानियाँ ढूँढ़ें जिनमें पशु-पक्षियों और मनुष्यों के बीच संवाद हों।
  • हर ऐसी कहानी का शीर्षक, पुस्तक का नाम, लेखक/संपादक, पृष्ठ संख्या लिखें।
  • कम से कम 3–5 कहानियों की सूची तैयार करें और कक्षा में प्रस्तुत करें।
  • उदाहरण के लिए: “ऋषि और चूहा”, “बुद्धिमान तोता” जैसी कथाएँ (जहाँ जानवर/पक्षी मनुष्य से बातें करते हैं) खोजें।

आज की पहेली

1. चित्रकार जिस जंगल में गया था, वहाँ कौन-कौन से पेड़ हो सकते थे? आइए इस पहेली से पता लगाते हैं। इस पहेली को इसी कविता के कवि ने रचा है।
अपने समूह में मिलकर पहेली बूझिए –
बाबूलाल मदन मुरलीधर इलाचंद्र हुबलाल ।
गिरिजाशंकर बेनीमाधव दंडपाणि यशपाल।।
गणपति काशीराम कलापी टहलराम घनश्याम ।
लेकर गए एक से दूने, कितने थे कुल आम?
उत्तर: 
16383 आम
कैसे:

  • कुल नाम = 14 व्यक्ति।
  • “एक से दूने” = 1, 2, 4, 8, … (हर बार दुगुना)।
  • ऐसे 14 पदों का योग = 214 − 1 = 16384 − 1 = 16383।

2. ऊपर दी गई कविता में 12 पेड़ों के नाम छिपे हैं। उन नामों को ढूँढ़िए, जैसे – गणपति, कलापी और टहलराम शब्दों में से ‘पीपल’ निकलता है। कोई एक अक्षर कई नामों के लिए भी प्रयुक्त हो सकता है।
उत्तर: 
पेड़ों के नाम: आम, पीपल, नीम, शीशम, जामुन, बबूल, कटहल, महुआ, बेल, इमली, बरगद, कदंब