07. दोहे – पाठ का सार
रहीम के नीतिपरक दोहे इस पाठ में रहीम के ग्यारह नीतिपरक दोहे संकलित हैं। ये दोहे जहाँ एक ओर पाठक […]
रहीम के नीतिपरक दोहे इस पाठ में रहीम के ग्यारह नीतिपरक दोहे संकलित हैं। ये दोहे जहाँ एक ओर पाठक […]
कवि परिचय कवि रैदास का मूल नाम संत रविदास था, परन्तु इन्हें ख्याति ‘रैदास’ के नाम से हासिल हुई। ऐसी
पाठ का सार आकाश में शुक्रतारे का कोई जोड़ नहीं है। शुक्र को चंद्र का साथी माना जाता है। उसकी
पाठ का सार भारत के महान वैज्ञानिक डाॅ. रामन् के विषय में सबसे पहले सन् 1921 की बात सामने आती है, जब
पाठ का सार लेखक के घर एक अतिथि आए। अतिथि के सत्कार में लेखक और उनकी पत्नी की ओर से
पाठ का सार प्रस्तुत लेख में बचेंद्री पाल ने अपने अभियान का रोमांचकारी वर्णन किया है कि 7 मार्च को
लेखक परिचय इस पाठ के लेखक यशपाल जी है। इनका जन्म फ़िरोज़पुर छावनी में सन 1903 में हुआ। इन्होंने आरंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल
निबन्धात्मक प्रश्न प्रश्न 1. ‘खुशबू रचते हैं हाथ’ कविता को लिखने का मुख्य उद्देश्य क्या है?उत्तरः इस कविता को लिखने का
निबन्धात्मक प्रश्न प्रश्न 1. कवि ने इस कविता में ‘समय की कमी’ की ओर क्यों इशारा किया है ?उत्तरः कवि ने
निबन्धात्मक प्रश्न प्रश्न 1. ‘अग्निपथ’ कविता में ‘अग्निपथ’ किसे कहा गया है और क्यों? लिखिए। उत्तरः व्याख्यात्मक हल:‘अग्निपथ’ से कवि