01. दुःख का अधिकार – Short Questions answer

अतिलघुउत्तरीय प्रश्न                                                         प्रश्न 1. ‘दुःख का अधिकार’ कैसी कहानी है?
उत्तरः ‘दुःख का अधिकार’ एक मार्मिक प्रगतिवादी कहानी है।

प्रश्न 2. भगवाना की मृत्यु का क्या कारण था?
अथवा
उस स्त्री के लड़के की मृत्यु का कारण क्या था? 
उत्तरः भगवाना खरबूजे तोड़ रहा था तभी मेड़ की तरावट में लेटे साँप ने डस लिया।

प्रश्न 3. भगवाना के घर में कौन-कौन था?
उत्तरः भगवाना के घर में बूढ़ी माँ, उसकी पत्नी तथा बच्चे (एक लड़का व लड़की) थे।

प्रश्न 4. बुढ़िया को कोई भी क्यों उधार नहीं देता? 
उत्तरः बुढ़िया के बेटे की मृत्यु के पश्चात् उसे कोई भी उधार नहीं देता क्योंकि उन्हें पैसा वापस मिलने में आशंका थी।

प्रश्न 5. बुढ़िया के बेटे का नाम क्या था?
उत्तरः बुढ़िया के बेटे का नाम भगवाना था।

लघु उत्तरीय प्रश्न 
(प्रत्येक 2 अंक)

प्रश्न 1. मनुष्य के जीवन में पोशाक का क्या महत्व है?
उत्तरः 
(i) उसकी पोशाक ही समाज में उसका दर्जा तय करती है।
(ii) पोशाक ही मनुष्य की उन्नति के बन्द दरवाजे खोल देती है।
(iii) पोशाक व्यक्तियों को समाज की विभिन्न श्रेणियों में बाँटती है।

प्रश्न 2. पोशाक हमारे लिए कब बन्धन और अड़चन बन जाती है?
उत्तरः जब हम जरा नीचे झुककर समाज की निचली श्रेणियों की अनुभूति को समझना चाहते हैं।
व्याख्यात्मक हल:
जब हम अपने से कम हैसियत रखने वाले मनुष्य के साथ बात करते हैं तो हमारी पोशाक हमें ऐसा नह° करने देती। हम स्वयं को बड़ा मान बैठते हैं और सामने वाले को छोटा मानकर उसके साथ बैठने तथा बात करने में संकोच का अनुभव करते हैं।

प्रश्न 3. लेखक को कब लगा कि उसकी पोशाक उसके लिए व्यवधान बन गई ?
उत्तरः लेखक वृद्धा की दशा देखकर व्यथित था। वह फुटपाथ पर बैठकर बुढ़िया के प्रति सहानुभूति प्रकट करना चाहता था। परन्तु ऐसा करने में उसकी पोशाक ही व्यवधान बन गई, क्योंकि लेखक ने आधुनिक ढंग के स्वच्छ वस्त्र पहने हुए थे, जो उसके कुलीन वर्ग से संबंधित होने का प्रमाण दे रहे थे। उसकी पोशाक ने उसमें बड़प्पन का अभिमान जगा दिया। जिसके कारण वह सबके सामने गरीब बुढ़िया का दर्द न बाँट सका।

प्रश्न 4. ‘दुःख का अधिकार’ कहानी में खरबूजे बेचने वाली के खरबूजे क्यों नहीं बिक रहे थे?
अथवा
खरबूजे बेचने वाली स्त्री से कोई खरबूजे क्यों नहीं खरीद रहा था? 
उत्तरः खरबूजे तो बेचने के लिए रखे थे, परन्तु बेचने वाली का मुँह ढ़का हुआ था और वह फफक-फफक कर रो रही थी।
व्याख्यात्मक हल:
फुटपाथ पर कुछ खरबूजे डलिया में और कुछ जमीन पर बिक्री के लिए रखे थे। खरबूजों के समीप एक अधेड़ महिला कपड़े से मुँह छिपाए सिर को घुटनों पर रखे फफक-फफक कर रो रही थी इसलिए उसके खरबूजे बिक नहीं पा रहे थे।

प्रश्न 5. बाजार में खड़े लोगों के मन में वृद्धा के प्रति घृणा पर अपनी प्रतिक्रिया प्रकट कीजिए।
उत्तरः बाजार में खड़े लोगों का वृद्धा के प्रति घृणा का भाव रखना अनुचित था। यह उनकी असंवेदनशीलता का प्रमाण था। एक गरीब माँ का बेटे की मृत्यु के दूसरे दिन ही बाजार में आकर खरबूजे बेचना उसकी विवशता का सूचक है परन्तु उससे सहानुभूति रखने की अपेक्षा बाजार के धनी-मानी लोगों द्वारा उस पर कटाक्ष करना वास्तव में उनकी हृदयहीनता का परिचायक है।

प्रश्न 6. लेखक ने बुढ़िया के दुःख का अंदाजा कैसे लगाया? 
उत्तरः लेखक ने बुढ़िया के दुःख का अंदाजा अपने पड़ोस में पुत्र की मृत्यु से दुःखी एक संभ्रांत महिला की बात सोचकर लगाया।

प्रश्न 7. भगवाना अपने परिवार का निर्वाह कैसे करता था ?
उत्तरः भगवाना शहर के पास डेढ़ बीघा जमीन पर हरी तरकारियाँ तथा खरबूजे उगाया करता था। वह रोज ही उन्हें सब्जी मण्डी या फुटपाथ पर बैठकर बेचा करता था। इस प्रकार वह कछिआरी करके अपने परिवार का निर्वाह करता था।

प्रश्न 8. लड़के की मृत्यु के दूसरे ही दिन बुढ़िया खरबूजे बेचने क्यों चल पड़ी? 
अथवा
‘दुःख का अधिकार’ पाठ में स्त्री बेटे की मृत्यु के दूसरे ही दिन खरबूज़े बेचने क्यों चल पड़ी?
उत्तरः सामाजिक और आर्थिक रूप से मनुष्य चाहे कितना ही निर्धन क्यों न हो परिवार में किसी की मृत्यु उसे शोक से भर देती है। हर व्यक्ति चाहता है, प्रियजनों की मौत पर रोना। बुढ़िया के घर पुत्र की मृत्यु होने पर सब कुछ दान दक्षिणा में चला गया। बीमार बहू और भूख से तड़पते बच्चों को वह देख न सकी और खरबूजे बेचने चल दी। यद्यपि अभी उसके जवान बेटे को मरे दूसरा दिन ही था।

10. नए इलाके में… खुशबू रचते हैं हाथ… – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: कवि क्या खोजता है?
उत्तर: कवि अपने पुराने पीपल के पेड़ को खोजता है। वह अपने टूटे हुए पुराने घर को खोजता है ।

प्रश्न 2: कवि को अपनी स्मृति पर भरोसा क्यों नहीं है?
उत्तर:
 आज संसार में इतना तेज विकास हो रहा है कि पुराने प्रतीक या चिह्न समाप्त हो जाते हैं। इससे स्मृति धोखा खा जाती है। व्यक्ति विश्वासपूर्वक कुछ नहीं कह सकता ।

प्रश्न 3: अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए कवि ने कौन-कौन से निशान याद रखे थे? नए इलाके में कविता के आधार पर उत्तर लिखिए।
उत्तर: 
अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए कवि ने निम्न निशान याद रखे थे। पीपल का पेड़, खाली पड़ा प्लॉट या ढहा हुआ मकान तथा एक मंजिला बिना रंग के फाटक वाला मकान।

प्रश्न 4: खुशबू रचने वालों को गंदे मुहल्ले के गंदे लोग क्यों कहा गया है?
उत्तर: 
खुशबू रचने वालों को, गंदे मुहल्ले के गंदे लोग इसलिए कहा जाता है कि खुशबू रचने वाले लोग गन्दे मुहल्लों में रहते हैं और स्वयं भी गन्दे होते हैं।

प्रश्न 5: बच्चों के हाथों को किसके समान बताया गया है?
उत्तर:
 बच्चों के हाथों को ‘जुही की कली की डाल’ के समान नाजुक व खुशबूदार बताया गया है।

प्रश्न 6: खुसबू रचते हैं हाथ शीर्षक कविता का मूल भाव लिखिए।
उत्तर:
 इस कविता को लिखने के पीछे कवि का उद्देश्य समाज के निचले तबके द्वारा किया जा रहा उत्कृष्ट कार्य प्रकाश में लाना है। कवि सामाजिक और आर्थिक विषमता के प्रति हमें सचेत और जागरूक करना चाहते हैं।

प्रश्न 7: ‘पीपल के पत्ते से नए-नए हाथ’ किसके हैं ?
उत्तर:
 ‘पीपल के पत्ते से नए-नए हाथ’ बच्चों के हैं।

प्रश्न 8: खुशबू रचते हैं हाथ में कौन-सी समस्या समाज के लिए घातक है?
उत्तर: 
किसी भी देश के बच्चे ही उसका भविष्य होते हैं। इन बच्चों के बाल मज़दूर के रूप में काम करने से वे पढ़ लिख नहीं सकेंगे। उनके खेलने-कूदने के दिन मज़दूरी करने में बीत रहे हैं। ऐसे में ये बच्चे आजीवन मज़दूर बनकर रह जाएँगे। बाल मज़दूरी की यह समस्या समाज और राष्ट्र के लिए घातक है।

प्रश्न 9: कवि को कौन धोखा दे जाते हैं?
उत्तर: 
कवि को पुराने निशान अकसर धोखा दे जाते हैं, क्योंकि दुनिया तेजी से बदलती है। इस परिवर्तन में पुरानी पहचान की जगह बदल जाती है। वह पीपल के पेड़, ढहा हुआ घर, ज़मीन का खाली टुकड़ा आदि निशानों के सहारे अपने पुराने मकान को ढूंढने की कोशिश करता है, परंतु वह अपने काम में सफल नहीं होता।

प्रश्न 10: यह दुनिया कितने समय में पुरानी पड़ जाती है?
उत्तर:
 यह दुनिया एक दिन में पुरानी पड़ जाती है।

प्रश्न 11: गली में क्या- क्या बनता है?
उत्तर:
 उत्तर-गली में मुल्क की मशहूर अगरबत्तियाँ बनती हैं। यहाँ केवड़ा, गुलाब, खस और रातरानी अगरबत्तियों का निर्माण होता है।

प्रश्न 12: जो लोग खुशबू रचते हैं, उनके हाथ कैसे होते हैं?
उत्तर: 
खुशबू रचने वाले हाथों की नसें उभरी होती हैं, उनके नाखून घिसे होते हैं। उनके हाथ गंदे, कटे-पिटे तथा जख्मी होते हैं।

प्रश्न 13: कूड़े-करकट के ढेरों के बाद शब्दों से खुशबू रचने वालों के परिवेश के बारे में क्या पता चलता है?
उत्तर:
 ‘कूड़े-करकट के ढेरों के बाद’ शब्दों से ‘खुशबू रचने वालों’ के परिवेश के बारे में यह पता चलता है कि वे बहुत ही गंदे स्थानों पर रहते हैं।

प्रश्न 14: खुशबू रचने वालों को गंदे मुहल्ले के गंदे लोग क्यों कहा गया है ?
उत्तर: 
कवि ने खुशबू रचने वालों को गंदे मुहल्ले के गंदे लोग कहा है, क्योंकि वे लोग खुशबू उत्पन्न करने वाली अगरबत्तियों का निर्माण करते हैं, परंतु स्वयं गंदी बस्तियों में रहते हैं। उनका जीवन स्तर बेहद निम्न होता है । सभ्य समाज के लिए वे गंदे लोग हैं उन्हें कूड़े-करकट के ढेरों के पास रहना पड़ता है।

प्रश्न 15: ‘खुशबू रचते हैं हाथ’ कविता का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:
 इस कविता में कवि ने सामाजिक विषमताओं को बताया है। वह श्रमिकों की दशा का वर्णन करता है। दुनिया को खुशबू देने वाले लोग स्वयं गंदी बस्तियों में रहते हैं। उनका जीवन नरक के समान है ये भवावह स्थितियों में अपना जीवन बिता रहे हैं। समाज का कर्तव्य है कि वे इन उपेक्षित लोगों की दशा पर विचार करें तथा इन्हें सुधारने का प्रयास करें।

09. अग्नि पथ – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: कवि मनुष्य से क्या अपेक्षा करता है? अग्नि पथ कविता के आधार पर लिखिए।
उत्तर 1:
 कवि मनुष्य से यह अपेक्षा करता है कि वह अपना लक्ष्य पाने के लिए सतत प्रयास करे और लक्ष्य पाए बिना रुकने का नाम न ले।

प्रश्न 2: अग्निपथ का महान दृश्य कैसा है?
उत्तर: 
अग्निपथ का महान दृश्य है- संघर्षशील व्यक्ति का आँसू, खून पसीने से लथपथ होकर लक्ष्य मार्ग की ओर अग्रसर होना।

प्रश्न 3: कवि संघर्षशील व्यक्ति को कौन-सी शपथ दिलाता है?
उत्तर:
 कवि संघर्षशील व्यक्ति को शपथ दिलाता है कि वह संघर्ष के पथ पर चलते हुए न तो कभी थकेगा, न रुकेगा और न कभी मुड़कर पीछे देखेगा।

प्रश्न 4: घने वृक्षों को खड़े देखकर भी मनुष्य के मन में किन भावों का उदय नहीं होना चाहिए।
उत्तर: 
घने वृक्षों को खड़े देखकर मनुष्य के मन में कुछ पल आराम करने की बात मन में आती है। कवि नहीं चाहता कि संघर्षशील मानव के मन में आराम की इच्छा जागृत हो।

प्रश्न 5: घने वृक्ष और एक पत्र-छाँह का क्या अर्थ है? अग्निपथ कविता के अनुसार लिखिए।
उत्तर:
 ‘घने वृक्ष’ मार्ग में मिलने वाली सुविधा के प्रतीक हैं। इनका आशय है-जीवन की सुख-सुविधाएँ। ‘एक पत्र-छाँह’ का प्रतीकार्थ है-थोड़ी-सी सुविधा।

प्रश्न 6: अग्निपथ में क्या नहीं माँगना चाहिए?
उत्तर:
 ‘अग्निपथ’ अर्थात् – संघर्षमयी जीवन में हमें चाहे अनेक घने वृक्ष मिलें, परंतु हमें एक पत्ते की छाया की भी इच्छा नहीं करनी चाहिए। किसी भी सहारे के सुख की कामना नहीं करनी चाहिए।

प्रश्न 7: ‘चल रहा मनुष्य है। अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, पथपथ। पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।’
उत्तर:
 इस पंक्ति में कवि दर्शाता है कि मनुष्य जीवन के कठिनाइयों और संघर्षों के बावजूद आगे बढ़ता जा रहा है। उसके आँसू, पसीना और खून से लथपथ होने के बावजूद वह हार नहीं मान रहा है और अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रश्न 8: ‘कवि बार-बार शपथ लेने के लिए क्यों कहता है?’
उत्तर:
 कवि मानव को कर्मशील बनाना चाहता है। कर्मशील मानव का जीवन आग पर चलने के समान होता है। वह चाहिए कि मार्ग की कठिनाइयों से घबराकर नहीं हारें और निरंतर आगे बढ़ें।

प्रश्न 9: ‘अग्निपथ कविता के आधार पर लिखिए कि क्या घने वृक्ष भी हमारे मार्ग की बाधा बन सकते हैं?’
उत्तर:
 अग्निपथ कविता में संघर्षमय जीवन को अग्निपथ कहा गया है और सुख-सुविधाओं को घने वृक्षों की छाया के समान दिखाया गया है। ये सुख-सुविधाएँ व्यक्ति को आलस्यपूर्ण बना सकती हैं और उसके पथ में बाधा बन सकती है।

प्रश्न 10: ”अग्निपथ’ कविता की मुख्य विशेषता क्या है?’
उत्तर:
 ‘अग्निपथ’ कविता में कवि ने शब्दों का कम-से-कम इस्तेमाल किया है और कुछ शब्दों की पुनरावृत्ति की है, जिससे एक प्रभाव उत्पन्न होता है।

प्रश्न 11: ‘अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ से क्या आशय है? अग्निपथ कविता के आधार पर लिखिए।’
उत्तर:
 ‘अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ’ का आशय है- संघर्षमय जीवन के दौरान मनुष्य के आँसू, पसीना और रक्त से लथपथ होने का। इसका मतलब है कि मनुष्य कठिनाइयों का सामना करके अपने मंजिल की दिशा में अग्रसर बढ़ता है।

प्रश्न 12: ‘अग्निपथ किसे कहा गया है और क्यों?’
उत्तर:
 ‘अग्निपथ’ कविता में कवि ने संघर्षमय जीवन को अग्निपथ कहा है। इसका मतलब है कि जीवन का पथ अग्नि के समान होता है और उस पर चलना आसान नहीं होता। यह एक कठिन संघर्षपूर्ण मार्ग होता है।

प्रश्न 13: ‘कवि यात्री को क्या माँगने को मना करता है तथा क्यों?’
उत्तर: 
कवि यात्री से एक पत्ते जितनी छाया मांगने से मना करता है क्योंकि वह मानव को तुच्छ सुविधाओं को त्यागकर बड़ी चुनौतियों का मार्ग दिखाना चाहता है।

प्रश्न 14: ‘कवि हरिवंश राय बच्चन ने मनुष्य से किस बात की शपथ लेने का आग्रह किया है और क्यों?’
उत्तर:
 कवि हरिवंश राय बच्चन ने मनुष्य से आग्रह किया है कि वह जीवन के संघर्षों के बावजूद अपने मंजिल की तरफ अग्रसर रहे। उन्होंने संघर्षमय जीवन को अग्निपथ कहकर दर्शाया है कि जीवन का पथ आसान नहीं होता और मनुष्य को संघर्ष के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

प्रश्न 15: ”अग्निपथ’ कविता का केन्द्रीय भाव लिखिए।’
उत्तर:
 ‘अग्निपथ’ कविता का मूल भाव है निरन्तर संघर्ष करते हुए जीयो। इसमें पग-पग पर चुनौतियाँ और कष्ट हैं, लेकिन मनुष्य को उनसे हार नहीं मानना चाहिए और सदैव अग्रसर रहना चाहिए।

08. गीत – अगीत – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: नदी तटिनी के बारे में कवि क्या कहता है?
उत्तर:
 कवि बताता है कि नदी अत्यंत तीव्र गति से बहती है। उसके बहने में ऐसा स्वर सुनाई देता है मानो वह प्रेम गीत गा रही हो। वह किनारों से मन की बात कहकर अपने दिल का बोझ हल्का कर लेती है।

प्रश्न 2: पाटल कौन है? वह किस अवस्था में है?
उत्तर:
 पाटल गुलाब है तथा वह मौन अवस्था में तट पर खड़ा हुआ है।

प्रश्न 3: प्रेयसी गीत को सुनकर क्या विचार करती है?
उत्तर:
 प्रेमी द्वारा गाए जा रहे गीत को सुनकर प्रेयसी विचार करती है कि ईश्वर ने उसे इस गीत की एक कड़ी क्यों नहीं बनाया? उसे भी इस गीत का हिस्सा होना चाहिए था।

प्रश्न 4: निर्झरी कौन है?
उत्तर:
 निर्झरी नदी या झरना है।

प्रश्न 5: शुकी किस अवस्था में बैठी हुई है?
उत्तर:
 शुकी ने अपने पंख फुला रखे हैं और वह घोंसले में रखे अंडों को सेने का काम कर रही है।

प्रश्न 6: गीत और अगीत में कौन सुंदर है?
उत्तर: 
गीत और अगीत में अगीत सुंदर है, क्योंकि वह गीत का आधार है। वह गाया नहीं जाता, परंतु गीत को भावनाओं की शक्ति वही देता है। गीत गाया जाने के कारण सुंदर होता है, परंतु उसकी नींव अगीत ही होता है।

07. दोहे – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: नट किस कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है? रहीम के पद के आधार पर लिखिए।
उत्तर: नट कुण्डली मारने की कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है। वह कुण्डली में सिमट जाता है और छलाँग मारकर रस्सी के ऊपर चढ़ जाता है।

प्रश्न 2: अवध नरेश चित्रकूट में कब व क्यों रहे?
उत्तर:
 अवध नरेश श्रीरामचंद्र सीता व लक्ष्मण के साथ कुछ समय के लिए चित्रकूट में तब रहे थे, जब उन्हें वनवास मिला था। विपत्ति के समय शान्ति पाने के उद्देश्य से वे यहाँ रहे थे।

प्रश्न 3: रहीम पशु से भी तुच्छ किसे मानता है तथा क्यों?
उत्तर:
 रहीम ने पशु से तुच्छ कंजूस व्यक्ति को माना है, क्योंकि वह रीझकर भी कुछ दान नहीं करता।

प्रश्न 4: चित्रकूट का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
 चित्रकूट को अवध-नरेश श्रीराम का निवास माना जाता है। वे संकटमोचक हैं। जिस पर संकट पड़ता है, वे यहीं आते हैं।

प्रश्न 5: बिगड़ी बात दोबारा क्यों नहीं बन पाती?
उत्तर:
 कवि कहता है कि एक बार बात बिगड़ने से मन में संदेह उत्पन्न हो जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति कुतर्क करने लग जाता है।

प्रश्न 6: सागर की बड़ाई क्यों नहीं होती? रहीम के पद के आधार पर लिखिए।
उत्तर:
 सागर की बड़ाई क्यों नहीं होती? रहीम के पद के आधार पर लिखिए।

प्रश्न 7: विपत्ति में मनुष्य का सहायक कौन होता है?
उत्तर:
 उत्तर – विपत्ति में मनुष्य का सहायक अपनी सम्पत्ति होती है। बाहरी सहायता से कोई लाभ नहीं होता है। कमल की रक्षा पानी करता है, न कि सूर्य।

प्रश्न 8: दु:खी व्यक्ति के साथ संसार कैसा व्यवहार करता है?
उत्तर: 
दुखी व्यक्ति का संसार मज़ाक उड़ाता है। वह उसके कष्टों को कम नहीं करता। अतः मनुष्य को अपनी पीड़ा दूसरे को नहीं कहनी चाहिए।

प्रश्न 9: रहीम ने किस लोकसत्य को बताया है?
उत्तर: 
कवि ने बताया है कि छोटी चीज अगर लोक हितकारी है तो वह धन्य है। समाज के काम न आने वाली बड़ी चीज का कोई लाभ नहीं है।

प्रश्न 10: कवि ने पानी का क्या महत्त्व बताया है?
उत्तर: 
कवि बताता है कि पानी के बिना संसार सूना है। पानी के अभाव में व्यक्ति, मोती तथा आटा तीनों निरर्थक हैं।

06. रैदास – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: ईश्वर ने किन-किन का उद्धार किया है?
उत्तर:
 ईश्वर ने नामदेव, कबीर, त्रिलोचन, सधना, सैन आदि का उद्धार किया है।

प्रश्न 2: रैदास का ईश्वर क्या करता है?
उत्तर:
 रैदास का ईश्वर गरीबों का पालक है। वह उनकी रक्षा करता है तथा कृपा बनाए रखता है। प्रभु उनके सिर पर छत रखकर उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाते हैं।

प्रश्न 3: कवि रैदास के स्वामी कौन हैं? वे क्या-क्या कार्य करते हैं?
उत्तर:
 कवि रैदास के स्वामी निराकार प्रभु हैं। वे अपनी असीम कृपा से नीच को भी ऊँच और अछूत को महान बना देते हैं।

प्रश्न 4: रैदास ने चकोर पक्षी का उदाहरण किस संदर्भ में दिया है?
उत्तर: 
चकोर पक्षी की चाँद के प्रति विश्वास के कारण रैदास ईश्वर के प्रति ऐसी ही भावना रखता है। वह भी अपने प्रियतम प्रभु को एकटक निहारना चाहता है।

प्रश्न 5: कवि ने स्वयं को पानी मानकर प्रभु को क्या माना है? ‘रैदास के पद’ के आधार पर लिखिए।
उत्तर: 
कवि ने स्वयं को पानी मानकर प्रभु को चंदन माना है।

प्रश्न 6: कवि स्वयं को क्या-क्या बताता है?
उत्तर:
 कवि स्वयं को पानी, मोर, चकोर, बाती, धागा, सुहागा तथा दास बताता है।

प्रश्न 7: कवि रैदास कैसी भक्ति करना चाहता है?
उत्तर:
 कवि रैदास ऐसी भक्ति करना चाहते हैं कि वह सदा अपने स्वामी का दास बना रहे। वे प्रभु का एक अंश बनकर रहना चाहते हैं। वे सोने के साथ सुहागे की तरह मिलना चाहते हैं।

प्रश्न 8: तुम घन बन हम मोरा-ऐसी कवि रैदास ने क्यों कहा है?
उत्तर: 
रैदास अपने प्रभु के अनन्य भक्त हैं, जिन्हें अपने आराध्य को देखने से असीम खुशी मिलती है। कवि ने ऐसा इसलिए कहा है, क्योंकि जिस प्रकार वन में रहने वाला मोर आसमान में घिरे बादलों को देख प्रसन्न हो जाता है, उसी प्रकार कवि भी अपने आराध्य को देखकर प्रसन्न होता है।

प्रश्न 9: कवि रैदास ने गरीब निवाजु किसे कहा है और क्यों?
उत्तर: 
कवि ने ‘गरीब निवाज़’ अपने आराध्य प्रभु को कहा है, क्योंकि उन्होंने गरीबों और कमज़ोर समझे जाने वाले और अछूत कहलाने वालों का उद्धार किया है। इससे इन लोगों को समाज में मान-सम्मान और ऊँचा स्थान मिल सकता है।

प्रश्न 10: कवि रैदास ने सोने व सुहागे की बात किस संबंध में कही है व क्यों?
उत्तर: 
सोने व सुहागे का आपस में घनिष्ठ संबंध है। सुहागे का अलग से अपना कोई अस्तित्व नहीं है। किंतु जब वह सोने के साथ मिल जाता है तो उसमें चमक उत्पन्न कर देता है।

05. शुक्र तारे के सामान – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: महादेव जी के सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति उनके विषय में क्या सोचते थे?
उत्तर: 
महादेव जी के सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति उनकी निर्मल प्रतिभा और मनोहारी स्वभाव के कायल हो जाते थे।

प्रश्न 2: महादेव भाई ने वकालत किसके साथ पढ़ी? यह पेशा उन्होंने क्यों छोड़ दिया?
उत्तर:
 महादेव भाई ने अपने मित्र नरहरि भाई के साथ वकालत पढ़ी। उन्होंने यह पेशा इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि इसमें झूठ को सच बनाना होता था। जबकि उनके संस्कार साहित्यिक थे।

प्रश्न 3: महादेव जी मित्रों के बीच अपना परिचय किस प्रकार देते थे?
उत्तर:
 महादेव जी अपना परिचय गांधीजी का ‘हम्माल’ और उनके ‘पीर – बावर्ची भिश्ती – खर’ के रूप में देते थे।

प्रश्न 4: महादेव को साहित्यिक लेखन का समय न मिलने का क्या कारण था?
उत्तर:
 महादेव साहित्यिक लेखन के लिए समय इसलिए नहीं निकाल सके, क्योंकि वे गांधीजी के साथ स्वतंत्रता आन्दोलन में जुट गए। वे गांधीजी के लेखन कार्य को समय देने लग गए।

प्रश्न 5: लोग किन अत्याचारों की कहानियाँ किसको सुनाते थे? क्यों?
उत्तर: 
जलियाँवाला बाग कांड के बाद अंग्रेज़ों ने बेइंतहा जुल्म जनता पर किए । जनता उनके जुल्मों की कहानियाँ महात्मा गाँधी को सुनाती थी।

प्रश्न 6: महादेव भाई सबके लाड़ले किस प्रकार बन गए?
उत्तर:
 गांधीजी के समुचित मार्गदर्शन, बेजोड़ लेखनकला तथा शत्रु के खिलाफ भी विनययुक्त विवाद करने की शिक्षा ने समाचार-पत्रों की दुनिया में महादेव भाई को सबका लाड़ला बना दिया।

प्रश्न 7: महादेव की डायरी में कमी क्यों नहीं मिलती थी?
उत्तर: 
महादेव को तेज गति से बिना गलती किए लंबी चर्चा को कागज पर लिखने का अभ्यास था। इसी कारण उनकी डायरी में कमी नहीं मिलती थी।

प्रश्न 8: महादेव पीड़ितों के लिए क्या कार्य करते थे?
उत्तर:
 महादेव जी पीड़ितों की बातों की संक्षिप्त टिप्पणियाँ तैयार करके उन्हें गाँधीजी के समक्ष पेश करते थे तथा उनके साथ प्रत्यक्ष मुलाकात भी करवाते थे।

प्रश्न 9: हार्नीमैन कौन थे? उन्हें देश निकाले की सजा क्यों दी गई?
उत्तर:
 हार्नीमैन ‘बंबई क्रॉनिकल’ अखबार के संपादक थे। वे अंग्रेज़ सरकार पर तीखी टिप्पणियाँ करते थे। उनकी निडरता व कटु आलोचना के कारण उन्हें ‘देश – निकाला’ सजा देकर इंग्लैंड भेज दिया गया।

प्रश्न 10: आकाश में चमकता तेजस्वी तारा किसे कहा गया है?
उत्तर:
 आकाश में चमकता तेजस्वी तारा शुक्रतारे को कहा गया है।

प्रश्न 11: महादेव की गाँधीजी के बिना कल्पना क्यों नहीं हो सकती ?
उत्तर:
 महादेव का जीवन व उनके सारे कामकाज गांधीजी के साथ एकरूप हो गए थे। यही कारण है कि उन्हें गांधीजी से अलग करने की कल्पना नहीं की जा सकती थी।

प्रश्न 12: नक्षत्र मंडल के शुक्रतारे को ‘कलगी रूप तारा’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: 
शुक्रतारे को ‘कलगी रूप तारा’ कहा जाता है, क्योंकि वह कलगी के समान चमकता है।

प्रश्न 13: ‘आँखों में तेल डालकर देखना’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
 इस मुहावरे का अर्थ है – पैनी दृष्टि से जाँच-पड़ताल करना, गांधीजी की हर बात पर दृष्टि रखना और उनके काम में कमियाँ खोजना।

प्रश्न 14: गांधीजी से मुलाकात करने के लिए कौन-कौन आते थे?
उत्तर:
 गांधीजी से मिलने के लिए बड़े-बड़े देशी-विदेशी राजपुरुष, राजनीतिज्ञ, प्रसिद्ध समाचार-पत्रों के प्रतिनिधि, पादरी, ग्रंथकार, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के संचालक आदि आते थे।

प्रश्न 15: बिहार व उत्तर प्रदेश के मैदान किससे बने हैं?
उत्तर:
 बिहार और उत्तर प्रदेश के हजारों मील लंबे मैदान गंगा, यमुना तथा अन्य दूसरी नदियों के परम उपकारी गाद से बने हैं।

04. वैज्ञानिक चेतना के वाहक : चन्द्र शेखर वेंकटरमन – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: किस मैगजीन में रामन् का पहला शोधपत्र छपा?
उत्तर
: रामन् का पहला शोधपत्र फिलॉसॉफिकल मैगजीन में छपा।

प्रश्न 2: रामन् द्वारा पश्चिमी देशों की किस भ्रांति को तोड़ा गया?
उत्तर:
 रामन् ने इस भ्रांति को तोड़ा कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों की तुलना में घटिया है।

प्रश्न 3: मुखर्जी महोदय ने रामन् के सामने क्या प्रस्ताव रखा?
उत्तर:
 मुखर्जी महोदय ने रामन् के सामने कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के पद का प्रस्ताव रखा।

प्रश्न 4: रामन् ने क्या खोज की थी?
उत्तर:
 रामन् ने समुद्र के जल के नीले रंग के रहस्य का पता लगाया।

प्रश्न 5: रामन् की खोज को क्या नाम दिया गया?
उत्तर: 
रामन् की खोज को ‘रामन् प्रभाव’ नाम दिया गया।

प्रश्न 6: रामन् के पिता ने उन्हें किन विषयों की सशक्त नींव डाली?
उत्तर:
 गणित और भौतिक विषयों की नींद डाली थी रमन की पिता ने।

प्रश्न 7: वाद्ययंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने कौन-सी भांती तोड़ने की कोशिश की?
उत्तर: 
राम ने देश तथा विदेश वाद्य यंत्रों पर कई खोज की और उन्होंने यह भ्रम तोड़ दिया कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों से घटिया है।

प्रश्न 8: समुद्र को देखकर रमन के मन में कौन-सी दो जिज्ञासाएँ उठी?
उत्तर:
 समुद्र को देखकर रमन के मन में दो जिज्ञासाएँ उठी। पहले यह थी कि ‘समुद्र का रंग नीला ही क्यों होता है’? और दूसरी है ‘और कोई रंग क्यों नहीं होता है’?

प्रश्न 9: प्रकाश तरंगों के बारे में आइस्टाइन ने क्या बताया?
उत्तर:
 आइंस्टाइन ने यह बताया कि प्रकाश अति सूक्ष्म किरणों की तीर धारा हैं।

प्रश्न 10: सरकारी नौकरी छोड़ने के पीछे रामन् की क्या भावना थी?
उत्तर:
 सरकारी नौकरी छोड़ने की विजय रमन की यह भावना थी कि वह पढ़ाई आगे जारी रख कर और शोध कार्य में अपना पूरा समय लगाएंगे।

प्रश्न 11: ‘रामन् प्रभाव’ की खोज के पीछे कौन-सा सवाल हिलोरें ले रहा था?
उत्तर:
 “आखिर पानी का रंग नीला क्यों है” यह सवाल ‘रमन प्रभाव’ की खोज के पीछे हिलोरे ले रहा था।

प्रश्न 12: कालेज के दिनों में रामन् को दिली इच्छा क्या थी?
उत्तर: 
कॉलेज के दिनों में रमन को दिली इच्छा वैज्ञानिक प्रयोगों में थी। उनका पूरा दिमाग वैज्ञानिक रहस्य को सुलझाने में लगा रहता था।

प्रश्न 13: वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के अध्ययन के द्वारा रामन् क्या करना चाहते थे?
उत्तर:
 वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के अध्ययन के द्वारा रामन् उनके पीछे छुपे हुए कंपनी के रहस्य को उजागर करना चाहते थे।

03. तुम कब जाओगे, अतिथि – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: खिचड़ी बनाना किस बात का संकेत था?
उत्तर:
 अतिथि जल्दी चला जाए इसलिए खिचड़ी बनाकर उसे न झेल पाने का संकेत दिया था।

प्रश्न 2: लेखक के मन में अतिथि को ‘गेट आउट’ कहने की बात क्यों आई?
उत्तर: 
चार दिन की मेहमाननवाजी के पश्चात् भी जब अतिथि वापस नहीं गया, तो लेखक की सहनशीलता जवाब दे गई। अतिथि व लेखक के संबंध भी पहले जैसे मधुर नहीं रहे। लेखक को अतिथि बोझ लगने लगा तथा वह सोचने लगा कि अतिथि को शराफ़त से लौट जाना चाहिए अन्यथा ‘गेट आउट’ भी एक वाक्य है, जो बोला जा सकता है।

प्रश्न 3: जब अतिथि लेखक के घर पधारा तो उसने व उसकी पत्नी ने उसका स्वागत-सत्कार किस प्रकार किया?
उत्तर:
 अतिथि के आने पर लेखक ने स्नेहभरी मुसकराहट के साथ गले मिलकर उसका स्वागत किया तथा उसकी पत्नी ने सादर नमस्ते की। उन्होंने अतिथि के सम्मान में रात के भोजन को उच्च-मध्यम वर्ग के डिनर में बदल दिया। अगले दिन भी उन्होंने दोपहर के भोजन को लंच की गरिमा प्रदान की एवं उसे सिनेमा भी दिखाया।

प्रश्न 4: अतिथि के अपेक्षा से अधिक रुक जाने पर लेखक और उसकी पत्नी के व्यवहार में क्या-क्या परिवर्तन आए?
उत्तर: 
जहाँ अतिथि के आने पर लेखक ने उसका गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया व उसने सम्मान में अच्छा भोजन बनवाया तथा सिनेमा दिखाया, वहाँ अब उसके अपेक्षा से अधिक टिके रहने पर संबंधों की मधुरता समाप्त हो गई तथा भोजन में भी खिचड़ी बनाई गई। पहले ठहाकों से भरे वातावरण में बातचीत होती थी, किंतु अब चुप्पी थी।

प्रश्न 5: अतिथि के आने पर लेखक का बटुआ अंदर-ही-अंदर क्यों काँप गया?
उत्तर:
 अतिथि के आने पर लेखक का हृदय अज्ञात आशंका से धड़क उठा। वह सोचने लगा कि अब मेहमान की मेहमाननवाज़ी में काफ़ी धन खर्च हो जाएगा तथा उसकी आर्थिक स्थिति चरमरा जाएगी। इसी कारण वह अपने बटुए अर्थात् धन की चिंता करने लगा।

प्रश्न 6: चौथे दिन लेखक को क्या आशा हुई?
उत्तर: 
लेखक को आशा हुई कि कल अतिथि स्थिति समझकर स्वयं ही चला जाएगा।

प्रश्न 7: अतिथि के आने पर लेखक और उसकी पत्नी के व्यवहार में क्या-क्या परिवर्तन आए?
उत्तर:
 जब अतिथि दो दिन के बाद भी विदा नहीं हुआ, तो लेखक तीसरे व चौथे दिन उसे दिखाकर कैलेंडर में तारीखें बदलने लगा, ताकि उसे यह एहसास दिला सके कि उसे लेखक के घर पर ठहरे हुए चार दिन बीत गए हैं तथा अब उसे और अधिक दिन न ठहरकर वापस चले जाना चाहिए।

प्रश्न 8: अतिथि द्वारा दिया गया क्या आघात अप्रत्याशित था?
उत्तर:
 तीसरे दिन धोबी को कपड़े देने की बात लेखक के लिए अप्रत्याशित आघात था।

प्रश्न 9: लेखक ने पहली रात के भोजन को उच्च-मध्यम वर्ग के डिनर में किस उद्देश्य से बदला? उसने भोजन में क्या-क्या बनवाया?
उत्तर:
 अतिथि के आने पर लेखक ने पहली रात के भोजन को उच्च-मध्यम वर्ग के डिनर में यह सोचकर बदला कि वह एक दिन टिककर भावभीनी विदाई लेकर लौट जाएगा। अतः उसके हृदय पर शानदार मेहमाननवाजी की छाप अंकित करने के उद्देश्य से ही लेखक ने ऐसा किया। उसने भोजन में दो सब्ज़ियों और रायते के अतिरिक्त मीठा भी बनवाया था।

प्रश्न 10: आर्थिक सीमाओं की बैंजनी मिट्टी खोदने से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
 लेखक की आय सीमित है और अतिथि के सत्कार के कारण बजट बिगड़ गया है।

प्रश्न 11: अतिथि के अधिक दिन रुकने से स्थिति में क्या बदलाव आया?
उत्तर:
 अतिथि और लेखक दोनों चुप हैं। दोनों के बीच बातचीत नहीं हो रही है।

प्रश्न 12: लेखक ने अतिथि की तुलना एस्ट्रॉनाट्स से क्यों की है?
उत्तर: 
लेखक ने कहा है कि एस्ट्रॉनॉट्स लाखों मील लंबी यात्रा तय करने के बाद चाँद पर पहुँचे थे तथा अपना कार्य समाप्त कर वे धरती पर लौट आए थे, किंतु अतिथि छोटी-सी यात्रा तय करके आया था तथा अपने सारे कार्य कर चुकने के बाद भी जाने का नाम तक नहीं ले रहा था। उसे तो उतने दिन भी नहीं रुकना चाहिए था, जितने दिन एस्ट्रॉनॉट्स चाँद पर रुके थे।

02. एवरेस्ट: मेरी शिखर यात्रा – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: एवरेस्ट अभियान कब और कहाँ से कहाँ तक के लिए चला?
उत्तर:
 एवरेस्ट अभियान 7 मार्च को दिल्ली से काठमांडू के लिए चला।

प्रश्न 2: तीसरे दिन यात्रियों का क्या कार्यक्रम था?
उत्तर: 
यात्रा दल के लिए तीसरा दिन हिमपात से कैंप तक सामान ढोकर चढ़ाई का अभ्यास करने के लिए निश्चित था।

प्रश्न 3: अग्रिम दल का नेतृत्व कौन कर रहे थे? वे कव तथा कहाँ वापस आए?
उत्तर: 
अग्रिम दल का नेतृत्व प्रेमचंद कर रहे थे, वे 26 मार्च को पैरिच वापस आ गए।

प्रश्न 4: नमचे बाजार कहाँ का महत्त्वपूर्ण नगरीय क्षेत्र है? इसके आसपास क्या है?
उत्तर:
 नमचे बाजार शेरपालैंड का एक सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। इसके आसपास शेरपा लोगों के गाँव हैं।

प्रश्न 5: ‘अनियमित’ में प्रयुक्त उपसर्ग तथा प्रत्यय का नाम बताइए।
उत्तर: 
‘अनियमित’ शब्द में ‘इत’ प्रत्यय तथा ‘अ’ उपसर्ग लगा हुआ है।

प्रश्न 6: लेखिका का कैंप तहस-नहस कैसे हो गया?
उत्तर: 
एक लंबे बर्फ के पिंड ने लहोत्से ग्लेशियर से टूटकर ढलान से नीचे आते हुए लेखिका के कैंप को तहस-नहस कर दिया।

प्रश्न 7: लेखिका के यात्रा दल के नेता कौन थे?
उत्तर:
 लेखिका के एवरेस्ट अभियान दल के नेता थे कर्नल खुल्लर |

प्रश्न 8: लेखिका के अगले दिन की महत्त्वपूर्ण चढ़ाई दल के सह सदस्य कौन थे?
उत्तर:
 लेखिका के साथ अगले दिन की महत्त्वपूर्ण चढ़ाई दल के सह सदस्य थे – की, जय तथा मीनू।

प्रश्न 9: फूल (प्लूम) बनने का क्या कारण था?
उत्तर:
 प्लूम पर्वत शिखर की ऊपरी सतह के आसपास 150 किलोमीटर या इससे भी अधिक गति से हवा चलने के कारण बनता था।

प्रश्न 10: लेखिका क्यों डर गई?
उत्तर: 
लेखिका पर्वत शिखर पर 150 किलोमीटर या इससे भी अधिक की रफ़्तार से बहती बर्फीली आँधी तथा तूफ़ानों को देखकर अत्यंत डर गईं थी।

प्रश्न 11: की, जय और मीनू कैंप तक देर से क्यों पहुँचे?
उत्तर: 
क्योंकि वे भारी बोझ लेकर एवं बिना ऑक्सीजन के यात्रा कर रहे थे।

प्रश्न 12: नमचे वाजार का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
 नमचे बाजार शेरपालैंड का एक सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण नगरीय क्षेत्र है। यह बाजार नेपालियों के मध्य सागरमाथा के नाम से प्रसिद्ध है। अधिकांश शेरपा इसी के आसपास रहते हैं।

प्रश्न 13: ‘की’ क्यों हक्का-बक्का रह गया?
उत्तर:
 ‘की’ लेखिका को बिना कोई सावधानी लिए कैंप क्षेत्र के बाहर देखकर हक्का-बक्का रह गया।

प्रश्न 14: जय लेखिका से कहाँ मिला?
उत्तर:
 जय लेखिका से जेनेवा स्पर की चोटी के ठीक नीचे मिला।

प्रश्न 15: एवरेस्ट की यात्रा पर गए यात्रियों को सबसे अधिक कष्ट कव तथा कहाँ झेलना पड़ता था?
उत्तर:
 एवरेस्ट की यात्रा पर गए यात्रियों को सबसे अधिक कष्ट मौसम खराब होने पर दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी पर तूफानों के रूप में झेलना पड़ता था।