13.हमारा आदित्य- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 160-161)

प्रश्न 1: आपने आकाश में अनेक तारे देखे होंगे। ऐसा कौन-सा तारा है जो हमें सुबह-सुबह जगाने का काम करता है? हमें इस तारे से कौन-से लाभ होते हैं?
उत्तर: हमारा सूरज वह तारा है जो हमें सुबह-सुबह जगाने का काम करता है। सूरज से हमें ऊर्जा मिलती है, जिससे हमारी धरती पर जीवन संभव होता है। यह हमें गर्मी और रोशनी देता है, जो कृषि और अन्य कार्यों के लिए आवश्यक हैं।

प्रश्न 2: भारत में मनाए जाने वाले ऐसे त्योहारों या मेलों के बारे में अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए जिनका संबंध सूर्य अथवा चंद्रमा से है।
उत्तर: भारत में सूर्य और चंद्रमा से संबंधित कई त्योहार मनाए जाते हैं। जैसे:

  • मकर संक्रांति: इस त्योहार में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होता है।
  • छठ पूजाः इसमें लोग उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
  • करवा चौथ: करवा चौथ में विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।

प्रश्न 3: आपने कक्षा तीन की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’, भाग 1’ में चंद्रयान पर पाठ पढ़ा है। अपने सहपाठियों को चंद्रयान के बारे में कुछ याद करके बताइए।
उत्तर: हाँ, हमने ‘वीणा’ में चंद्रयान के बारे में पढ़ा था। चंद्रयान भारत का चंद्रमा पर भेजा गया यान है।

  • चंद्रयान-1 ने चंद्रमा की सतह पर पानी के संकेत खोजे।
  • चंद्रयान-2 की लैंडिंग पूरी तरह सफल नहीं हुई, लेकिन उससे भी बहुत सी वैज्ञानिक जानकारियाँ मिलीं।
  • चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की। यह भारत की बड़ी सफलता रही।

प्रश्न 4: चंद्रयान-3 की सफलता के बारे में सूर्य का अध्ययन करने वाले यान आदित्य-एल 1 के विषय में आपने जो भी सुना, पढ़ा या देखा है, बताइए।
उत्तर: चंद्रयान-3 भारत का तीसरा चंद्र मिशन था, जो चंद्रमा पर उतरने में सफल रहा। आदित्य-एल1 भारत का पहला सूर्य अध्ययन मिशन है। यह सूर्य की किरणों, गर्मी, तापमान और सौर हवाओं का अध्ययन करेगा। इससे हमें सूर्य और पृथ्वी के बीच के संबंध को समझने में मदद मिलेगी।

प्रश्न 5: नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और बताइए कि —

(क) इसमें क्या दिखाया गया है?
उत्तर: यह चित्र एक इंद्रधनुष (Rainbow) का है, जो बादल और सूरज की रोशनी से बनता है। इसमें रंगों का एक सुंदर संयोजन है।

(ख) क्या आपने इसे कभी देखा है? इसमें कितने रंग होते हैं? अपनी लेखन-पुस्तिका में उन रंगों के नाम क्रम से लिखिए।
उत्तर: हाँ, मैंने इंद्रधनुष को कई बार देखा है। यह आकाश में बारिश के बाद सूर्य की रोशनी से बनता है। इसमें सात रंग होते हैं।
रंगों के नाम क्रम से इस प्रकार हैं:

  1. लाल (Red)
  2. नारंगी (Orange)
  3. पीला (Yellow)
  4. हरा (Green)
  5. नीला (Blue)
  6. इंडिगो (Indigo) – नीलाभ बैंगनी रंग
  7. वायलेट (Violet) – बैंगनी रंग

यह रंग हमेशा एक ही क्रम में दिखाई देते हैं और मिलकर एक सुंदर इंद्रधनुष बनाते हैं।

(ग) आकाश में ऐसा कब और कैसे होता है?
उत्तर: इंद्रधनुष तब बनता है जब सूरज की रोशनी बारिश के पानी की बूंदों से टकराती है। यह प्रकाश का अपवर्तन और परावर्तन (Refraction and Reflection) की प्रक्रिया के कारण होता है। जब पानी की बूंदें सूरज की रोशनी को छिपाती हैं, तो रंग अलग-अलग होते हैं और हमें इंद्रधनुष दिखता है।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 161-162)

प्रश्न: निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर पर सूर्य का चित्र (☀️) बनाएँ। यहाँ एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।

उत्तर:

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 162-163)

प्रश्न 1:  पाठ से बनी समझ के आधार पर नि म्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए —
(क) हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण क्यों किया?
उत्तर: हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण सूर्य के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए किया। यह यान सूर्य के ताप, उसकी गैसों और उसके प्रभावों का अध्ययन करेगा, ताकि हम सूर्य के रहस्यों को समझ सकें।

(ख) “आदित्य-एल 1 चंद्रयान के प्रकार का ही एक यान है।” अध्यापक ने ऐसा अपने विद्यार्थियों से क्यों कहा?
उत्तर: अध्यापक ने यह कहा क्योंकि आदित्य-एल 1 भी चंद्रयान की तरह एक अंतरिक्ष यान है, जो एक खगोलीय पिंड (यहाँ सूर्य) की जानकारी एकत्र करता है और चित्र भेजता है।

(ग) आदित्य-एल 1 में ‘एल 1’ क्या है और उसका क्या कार्य है?
उत्तर: ‘एल 1’ का अर्थ है ‘लग्रांज 1 बिंदु’, यह अंतरिक्ष का एक विशेष स्थान है जहाँ सूर्य और पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्तियाँ संतुलन में रहती हैं। वहाँ से आदित्य-एल 1 सूर्य की परिक्रमा करते हुए उसके चित्र भेजता है।

(घ) “अध्यापक जी! मैंने सुना है कि सूर्य सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करने वाला एक राजा है।” वाणी ने अध्यापक से ऐसा क्यों कहा होगा?
उत्तर: वाणी ने यह इसलिए कहा होगा क्योंकि सूर्य को प्राचीन भारतीय मिथकों में एक राजा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करता है। यह एक प्रतीकात्मक और पुरानी मान्यता है जो सूर्य की महत्वता को दर्शाती है।

(ङ) निम्नलिखित वाक्यों में नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—

(i) हम ………………….. बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।
उत्तर: हम भी बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।

(ii) रवि अध्यापक की ………………….. आदर से देखता है।
उत्तर: रवि अध्यापक की ओर आदर से देखता है।

(iii) आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते ………………….. रह जाएँगे।
उत्तर: आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते ही रह जाएँगे।

(iv) भारत के ओडिशा के पुरी जिले में सूर्य देवता का एक ………………….. सुंदर मंदिर बना हुआ है।
उत्तर: भारत के ओडिशा के पुरी जिले में सूर्य देवता का एक बहुत सुंदर मंदिर बना हुआ है।

(v) अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो ………………….. आदित्य हैं।
उत्तर: अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो और आदित्य हैं।

प्रश्न 2: ‘आदित्य’ का अर्थ सूर्य होता है। इसी प्रकार आदित्य के कुछ नाम आप भी खोजकर लिखिए। नीचे एक नाम दिया गया है, शेष नाम आप लिखिए—
उत्तर:

अनुमान और कल्पना

(पृष्ठ 164)

प्रश्न 1: कल्पना कीजिए कि आप वैज्ञानिक बन गए हैं और आपको सूर्य के रहस्य जानने के लिए भेजा जा रहा है, आप—
(क) सूर्य की गर्मी से बचने के लिए किस तरह की व्यवस्था करेंगे?
उत्तर: सूर्य की अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए मैं एक विशेष प्रकार की थर्मल इंसुलेटिंग सूट पहनूंगा जो सूर्य की गर्मी से मुझे सुरक्षित रखेगा। इसके अलावा, मैं सूर्य के पास जाने के लिए सुरक्षित दूरी और यंत्रों का इस्तेमाल करूंगा, जैसे आदित्य-एल 1 के समान यंत्र।

(ख) सूर्य से जुड़े कौन-से रहस्यों को खोजने का प्रयास करेंगे?
उत्तर: मैं सूर्य की आंतरिक संरचना, उसकी गैसों के तापमान, सूर्य के विस्फोटों और सूर्य की ऊर्जा के पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करूंगा। यह जानने की कोशिश करूंगा कि सूर्य की ऊर्जा हमारे मौसम को कैसे प्रभावित करती है और सूर्य की गतिविधियों से क्या प्रभाव पड़ते हैं।

प्रश्न 2: यदि आपको विद्यालय में आदित्य-एल 1 के वैज्ञानिकों से मिलने का एक अवसर मिलता है तो आप उनसे कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे? कोई चार प्रश्न लिखिए—
उत्तर:
(क) आदित्य-एल 1 यान सूर्य के चित्र कैसे खींचता है जब वह सूर्य से काफी दूर है?
(ख) आदित्य-एल 1 में लगे उपकरण सूर्य के किस प्रकार के रहस्यों को उजागर कर रहे हैं?
(ग) सूर्य के प्रभाव से पृथ्वी पर क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं और आदित्य-एल 1 उन्हें कैसे रिकॉर्ड करता है?
(घ) आदित्य-एल 1 सूर्य की गतिविधियों की जानकारी कैसे इकट्ठा करता है और उसका अध्ययन कैसे किया जाता है?

भाषा की बात

(पृष्ठ 164-168)

प्रश्न 1: निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए—

(क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी ……….
उत्तर: यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी    ?  

(ख) अध्यापक जी ………. लंगरंज । क्या होता है ……….
उत्तर: अध्यापक जी __!    लंगरंज । क्या होता है     ?  

(ग) अच्छा ………. तभी इसका नाम आदित्य-एल । रखा गया है ……….
उत्तर: अच्छा   !    तभी इसका नाम आदित्य-एल 1 रखा गया है    ।    

(घ) जी अध्यापक जी ………. यह बहुत गरम है ……….
उत्तर: जी अध्यापक जी    ,    यह बहुत गरम है   ।  

प्रश्न 2: शब्द-पिटारा में दिए गए शब्दों को नीचे दिए गए उनके संबंधित परिवार में लिखिए —

उत्तर:


प्रश्न 3: पाठ में आए ‘प्रभाव’, ‘अभियान’, ‘विशाल’, ‘सुप्रभात’ शब्दों में ‘प्र’, ‘अभि’, ‘वि’ और ‘सू’ शब्दांश उपसर्ग का कार्य कर रहे हैं तथा ‘भाव’, ‘यान’, ‘शाल’ एवं ‘प्रभात’ मूल शब्द हैं।

उपयुक्त उदाहरण में ‘स’ उपसर्ग का प्रयोग करते हुए दो नवीन शब्द बनाए गए हैं। आप इसी प्रकार निम्नलिखित उपसर्गों की सहायता से दो-दो शब्द बनाइए—
उत्तर:
प्रश्न 4: पाठ में आया ‘अध्यापक’ शब्द पुल्लिंग है तथा ‘नानी’ शब्द स्त्रीलिंग है। इसके अतिरिक्त पाठ में आए अन्य कोई दो-दो पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द खोजकर नीचे लिखिए—
उत्तर:

प्रश्न 5: नीचे दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द वर्ग पहेली में से ढूँढ़कर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए —
उत्तर:

प्रश्न 6: पाठ में ‘सूर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है। इस शब्द के अनेक नाम आपने पढ़े और सुने होंगे। इस शब्द का प्रयोग अलग-अलग प्रकार से होता है, जैसे—

  • सूर्य‘ की किरणों से हमें विटामिन डी मिलता है।
    इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक तारा है।
  • सूर्य‘ हमारी कक्षा में पढ़ता है।
    इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक विद्यार्थी है।

अब ‘जल’ तथा ‘कर’ शब्‍दों से जुड़े अलग-अलग अर्थों वाले वाक्‍य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर: 
जल शब्द का प्रयोग:

  • जल का स्रोत नदी है।
    (यहाँ ‘जल’ का मतलब पानी है।)
  • कड़कती धुप में चेहरा जल रहा है।
    (यहाँ ‘जल’ का मतलब गर्मी में त्वचा के जलने को दर्शाता है है।)

कर शब्द का प्रयोग:

  • उसने अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए कड़ी मेहनत कर दी।
    (यहाँ ‘कर’ का मतलब कार्य करना है।)
  • कर का भुगतान समय पर करना चाहिए।
    (यहाँ ‘कर’ का मतलब टैक्स है।)

आदित्य-एल 1 और सूर्य की भेंट

(पृष्ठ 168)

प्रश्न: यहाँ पर आदित्य-एल 1 और सूर्य के बीच बातचीत हो रही है। आप इस बातचीत को आगे बढ़ाइए—
उत्तर:पाठ से आगे

(पृष्ठ 168-170)

प्रश्न 1: इस चित्र में क्या दिखाया गया है? अपने घर या आस-पड़ोस में आपने कभी किसी को ऐसा करते देखा है? कक्षा में अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: इस चित्र में छठ पूजा का दृश्य दिखाया गया है, जिसमें एक महिला सूर्य देव को अर्घ्य दे रही है और एक पुरुष पूजा की सामग्री लिए खड़ा है।

प्रश्न 2: सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से शरीर को कौन-से लाभ होते हैं? सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर: सूर्य के प्रकाश में रहने से शरीर को निम्न लाभ होते हैं:

  • विटामिन डी प्राप्त होता है।
  • हड्डियाँ मजबूत होती हैं।
  • तनाव कम होता है और मन प्रसन्न रहता है।
  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

प्रश्न 3: दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए यह चित्र सौर ऊर्जा का है। सौर ऊर्जा, सूर्य के प्रकाश से प्राप्त अक्षय (जो समाप्त नहीं होती) ऊर्जा है। शिक्षक के दिशानिर्देश में कक्षा के चार समूहों में विभाजित कीजिए। सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी प्राप्त कर चार्ट पेपर पर प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होने वाली अक्षय ऊर्जा है। यह प्रदूषण मुक्तस्वच्छ और किफायती ऊर्जा है।

सौर ऊर्जा के उपयोग:

  1. सौर पैनल: बिजली उत्पादन
  2. सौर ऊष्मा: पानी गर्म करना
  3. सौर गाड़ियाँ: प्रदूषण रहित वाहन
  4. घरों व उद्योगों में उपयोग

सौर ऊर्जा के लाभ:

  1. कभी खत्म नहीं होती
  2. पर्यावरण के लिए सुरक्षित
  3. लंबे समय में सस्ती
  4. बिजली संकट से राहत

सौर ऊर्जा के नुकसान:

  1. प्रारंभिक लागत अधिक
  2. रात/बादल वाले दिन कम ऊर्जा
  3. बैटरी की जरूरत होती है

प्रश्न 4: दिए गए चित्र को ध्यान से देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —

(क) इस चित्र में पाँच लग्रांज बिंदु दिखाए गए हैं। आपके विचार से हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य यान के स्थापना के लिए एल 1 बिंदु को क्यों चुना होगा?
उत्तर: आदित्य-एल 1 यान को एल 1 बिंदु पर स्थापित किया गया है, क्योंकि इस बिंदु पर सूर्य और पृथ्वी की आकर्षण शक्तियाँ संतुलित होती हैं। इसका मतलब यह है कि आदित्य-एल 1 यान इस बिंदु पर स्थिर रहेगा और सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के साथ घूमते हुए सूर्य के चित्र लेता रहेगा। यह बिंदु पृथ्वी और सूर्य के बीच की सीधी रेखा पर स्थित है, इसलिए यहाँ से सूर्य के अध्ययन में कोई विघ्न नहीं आता और यान सूर्य के आस-पास के अद्भुत चित्र आसानी से भेज सकता है।

(ख) चित्र देखकर बताइए कि कौन-कौन से लग्रांज बिंदु पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) पर हैं?
उत्तर: चित्र के आधार पर, पृथ्वी की कक्षा पर एल 1 और एल 2 लग्रांज बिंदु स्थित हैं। एल 1 सूर्य और पृथ्वी के बीच होता है, जबकि एल 2 पृथ्वी से दूर सूर्य के विपरीत दिशा में स्थित है। इन दोनों बिंदुओं को पृथ्वी की कक्षा पर स्थित माना जाता है।

पुस्तकालय या अन्य स्रोत से

प्रश्न 1: विद्यालय के पुस्तकालय से सूर्य के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर: सूर्य हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा तारा है। यह पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। सूर्य से ही हमें गर्मी और रोशनी मिलती है, जिससे पेड़-पौधे भोजन बनाते हैं और जीवन संभव होता है। सूर्य में बहुत तेज़ गर्मी होती है और इसका प्रकाश 8 मिनट 20 सेकंड में पृथ्वी तक पहुँचता है। सूर्य गैसों से बना हुआ है, जिनमें हाइड्रोजन और हीलियम प्रमुख हैं।

प्रश्न 2: सूर्यग्रहण क्यों लगता है? इस अवसर पर कहाँ-कहाँ मेले लगते हैं? इस विषय में अपने विद्यालय के पुस्तकालय, अभिभावकों और अन्य स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर सहपाठियों से साझा कीजिए।
उत्तर: जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और सूर्य का पूरा या कुछ हिस्सा ढक जाता है, तो इसे सूर्यग्रहण कहा जाता है। यह एक खगोलीय घटना होती है। सूर्यग्रहण के समय कुछ देर के लिए दिन में अंधेरा हो जाता है।
भारत में सूर्यग्रहण के अवसर पर काशी (वाराणसी), कुरुक्षेत्र, उज्जैन, प्रयागराज (इलाहाबाद) जैसे धार्मिक स्थलों पर मेले लगते हैं। लोग गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और पूजा-पाठ करते हैं।

नोट: सूर्यग्रहण को आँखों से सीधे नहीं देखना चाहिए। इसके लिए खास चश्मों का उपयोग करना चाहिए ताकि आँखों को नुकसान न हो।

मेरी चित्रकारी

प्रश्न: भविष्य में जब आप वैज्ञानिक बनकर किसी ग्रह की यात्रा करेंगे तो आपका यान कैसा होगा? उसका एक चित्र अपनी कल्पना से तैयार कीजिए और उसमें रंग भरिए।
उत्तर: 

12.शतरंज में मात- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 149)

प्रश्न 1: आपको यह नाटक कैसा लगा और क्यों?
उत्तर: यह नाटक बहुत रोचक और मनोरंजक लगा। तेनालीरामन की चतुराई और समझदारी ने न केवल राजा को बल्कि दरबारियों को भी चौंका दिया। नाटक में हास्य और बुद्धिमत्ता का अच्छा मेल था, जो मुझे बहुत पसंद आया। तेनालीरामन की सूझबूझ ने पूरे नाटक को दिलचस्प बना दिया।

प्रश्न 2: आपने तेनालीरामन के किस्सों की तरह और किसके बुद्धिमानी के किस्से सुने हैं? उनमें से कोई एक सुनाइए।
उत्तर: मैंने अकबर के दरबार में बीरबल की बुद्धिमानी के कई किस्से सुने हैं। एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा कि सबसे चतुर आदमी कौन है। बीरबल ने एक साधारण आदमी को दरबार में बुलाया और कहा, “यह सबसे चतुर है।” अकबर को आश्चर्य हुआ। तब बीरबल ने समझाया कि चतुर वही होता है जो बिना घबराए सही निर्णय ले सके। यह बात अकबर को बहुत पसंद आई।

प्रश्न 3: तेनालीरामन की तरह क्या आपने भी कभी किसी कठिन परिस्थिति को संभाला है? यदि संभाला है तो कैसे?
उत्तर: हाँ, एक बार स्कूल में कुछ बच्चे आपस में झगड़ रहे थे। मैंने बीच में आकर दोनों को शांत किया और उन्हें समझाया कि झगड़ा करना ठीक नहीं है। फिर मैंने उन्हें मिल-जुलकर हल निकालने के लिए कहा। मेरी समझदारी से मामला सुलझ गया और सभी ने मिलकर काम किया।

प्रश्न 4: यदि तेनालीराम शतरंज का खेल जानते तो नाटक का अंत क्या होता?
उत्तर: यदि तेनालीराम शतरंज का खेल जानते, तो वह अपनी चतुर चालों से राजा को हराकर दिखाते कि चतुराई सिर्फ बातों में ही नहीं, खेल में भी होती है। वह शतरंज की चालों से राजा को यह सिखाते कि किसी भी स्थिति में धैर्य और सोच-समझकर चलना जरूरी होता है। राजा उसकी बुद्धिमत्ता से प्रभावित होकर उसे और भी बड़ा सम्मान देता।

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 149)

प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाठ के आधार पर दीजिए—
(क) सभी दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या क्यों करते थे?

उत्तर: सभी दरबारी तेनालीरामन से इसलिए ईर्ष्या करते थे क्योंकि वे राजा के प्रिय और सबसे बुद्धिमान सलाहकार थे। राजा उनकी चतुराई और मजाकिया अंदाज़ से बहुत प्रभावित थे, जिससे अन्य दरबारी खुद को कमतर महसूस करते थे।

(ख) दरबारियों ने राजा से तेनालीरामन के बारे में क्या कहा?
उत्तर: दरबारियों ने राजा से कहा कि तेनालीरामन बहुत कुशल शतरंज खिलाड़ी हैं और उन्होंने कई बड़े-बड़े शतरंज खिलाड़ियों को भी हरा दिया है।

(ग) शतरंज खेलते समय राजा को तेनालीरामन पर क्रोध क्यों आ रहा था?
उत्तर: राजा को तेनालीरामन पर क्रोध इसलिए आ रहा था क्योंकि तेनाली शतरंज खेलते समय जानबूझकर गलत चालें चला रहे थे। राजा को लगा कि तेनाली उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा रहे हैं और शतरंज के खेल को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

(घ) तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए क्या चाल चली?
उत्तर: तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए दो चतुर बहाने बनाए। पहले उन्होंने कहा कि उनके बालों पर पाँच हजार अशर्फियों का कर्ज है, इसलिए जब तक वह चुकता नहीं होता, वे मुंडन नहीं करा सकते। फिर उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता अब राजा और रानी हैं, और जब तक वे जीवित हैं, वे मुंडन नहीं करा सकते।

(ङ) घर में खेले जाने वाले खेलों में आपको सबसे अच्छा खेल कौन-सा लगता है? वह खेल कैसे खेला जाता है?
उत्तर: मुझे लूडो खेलना सबसे अच्छा लगता है। यह एक बोर्ड गेम है जिसे दो से चार लोग खेल सकते हैं। हर खिलाड़ी को चार-चार गोटियाँ मिलती हैं जिन्हें चाल चलकर घर तक पहुँचाना होता है। खिलाड़ी पासा फेंकते हैं और जितने अंक आएँ, उतनी गिनती चलनी होती है। जो खिलाड़ी सबसे पहले अपनी सभी गोटियों को घर तक पहुँचा देता है, वही विजेता होता है।

प्रश्न 2: किसने, किससे कहा?

उत्तर:

भाषा की बात

(पृष्ठ 150-151)

प्रश्न 1: दिए  गए शब्दों का मिलान उनके समान अर्थ वाले शब्‍दों से कीजिए —
उत्तर:
प्रश्न 2: मटके में से उपयुक्त विशेषण चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए —
उत्तर:

प्रश्न 3: हर संवाद किसी-न-किसी मनोभाव को अभिव्यक्त करता है। उदाहरण के लिए—
तेनाली – (चकित) शतरंज और मैं! शतरंज के विषय में मैं कुछ नहीं जानता, महाराज।
राजा – (क्रोधित) मुझे सब पता है तेनाली। बात अब छिप नहीं सकती। (दरबारियों से) क्यों?

आप भी निम्नलिखित मनोभावों को संवाद के रूप में लिखिए—

उत्तर:


प्रश्न 4: नीचे दी गई सूचना के आधार पर नए शब्दों का निर्माण कीजिए—

उत्तर:

पाठ से आगे

(पृष्ठ 151-152)

प्रश्न 1: शतरंज के प्रत्येक मोहरे की चाल अलग-अलग होती है। शतरंज के मोहरों की चाल पता कीजिए और लिखिए—
उत्तर:


प्रश्न 2: चित्र के साथ खेल के नाम का मिलान कीजिए। साथ ही यह भी लिखिए कि आप की स्थानीय भाषा में इस खेल को क्या कहते हैं।
उत्तर:
पुस्तकालय या अन्य स्रोत से

(पृष्ठ 153)

(क) तेनालीराम के किस्सों की पुस्तक अपने पुस्तकालय या किसी अन्य स्रोत से लेकर पढ़िए।
उत्तर: मैंने पुस्तकालय से ‘तेनालीरामन के मजेदार किस्से’ नामक पुस्तक पढ़ी। इस पुस्तक में तेनालीरामन की चतुराई, हाजिरजवाबी और बुद्धिमानी से जुड़ी कई रोचक कहानियाँ थीं। उन्होंने अपनी समझदारी से कई मुश्किल समस्याओं का समाधान निकाला और राजा को प्रभावित किया। इन कहानियों से मुझे यह सिखने को मिला कि समझदारी और धैर्य से किसी भी मुश्किल को हल किया जा सकता है।

(ख) ‘तेनालीराम के किस्से’ नाम से मित्र-मंडली की एक बैठक आयोजित कर तेनालीराम की बुद्धिमत्ता के किस्से सुनाइए।
उत्तर: हमने स्कूल में ‘तेनालीरामन के किस्से’ नाम से एक रोचक बैठक की। इसमें सभी मित्रों ने बारी-बारी से तेनालीरामन की कहानियाँ सुनाईं। मैंने “तेनालीरामन और चोरी का पर्दाफाश” नामक किस्सा सुनाया, जिसमें तेनाली ने एक अनोखी तरकीब से चोर को पकड़वाया था। इस किस्से को सुनकर सभी हँस पड़े और साथ ही यह भी समझा कि मुश्किल समय में भी बुद्धिमानी से काम लिया जाए तो समाधान ज़रूर मिलता है।

शतरंज की भूल-भुलैया

प्रश्न: केवल नाम वाले शब्दों (संज्ञा) को एक-दूसरे से मिलाते हुए मंत्री को राजा तक पहुँचाइए। ध्यान रहे कि आपको संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया के आपस में नहीं मिलाना है।

उत्तर: 

11.कविता का कमाल- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 132)

प्रश्न 1: क्‍या आपको कथा-कहानी सुनना-सुनाना पसंद है? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर: हां, मुझे कथा-कहानी सुनना बहुत पसंद है क्योंकि इससे न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि हम नई-नई बातें भी सीखते हैं। कहानी सुनने से हमारा ध्यान केंद्रित रहता है और सोचने की क्षमता भी बढ़ती है।

प्रश्न 2: इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा कौन-सा है और क्यों?
उत्तर: इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा वह है जब मदन की कविता ने राजा का खजाना बचा लिया। यह इसलिए रोचक है क्योंकि मदन ने बिना सोचे-समझे कविता बनाई, लेकिन उसी कविता ने चोरों को डराया और खजाने को बचाने में मदद की।

प्रश्न 3: राजा का खजाना मदन की कविता के कारण बचा या राजा के कारण जो कविता को जोर-जोर से बोल रहे थे?
उत्तर: राजा का खजाना मदन की कविता और राजा की समझदारी दोनों के कारण बचा। कविता के कारण चोर डर गए और राजा के बोलने से उन्हें लगा कि वे पकड़े जा चुके हैं।

प्रश्न 4: राजमहल में जब मदन ने अपनी कविता सुनाई तो सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह क्यों ताकने लगे?
उत्तर: जब मदन ने अपनी कविता सुनाई, तो सुनने वाले लोग आश्चर्यचकित हो गए क्योंकि कविता का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था। वे सभी एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि इसका अर्थ क्या हो सकता है, क्योंकि कविता थोड़ी अलग और अनोखी थी।

प्रश्न 5: आप इस कहानी का कोई और शीर्षक सुझाइए तथा बताइए कि यह शीर्षक क्यों देना चाहते हैं।
उत्तर: मैं इस कहानी का शीर्षक “कविता का कमाल” के बजाय “मदन की अद्भुत कविता” रखना चाहूंगा। यह इसलिए क्योंकि मदन की कविता ने अद्भुत रूप से राजा का खजाना बचा लिया और यह एक अनोखी घटना थी।

कविता की बात

(पृष्ठ 132)

प्रश्न: उपयुक्त शब्द का चयन कर वाक्य पूरा कीजिए —


उत्तर:

मिलान कीजिए

(पृष्ठ 133)

प्रश्न 1: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों  को उनके क्रम से मिलाएँ —उत्तर:


प्रश्न 2: रिक्त स्थानों में उपयुक्त पंक्ति लिखिए और चित्र बनाकर उनका मिलान कीजिए —
उत्तर:
सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 134)

प्रश्न 1: “अब मैं तुझे और बिठाकर नहीं खिला सकती।” मदन की माँ ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: मदन की माँ ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वह बहुत गरीब थी और उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं थे। वह चाहती थी कि मदन कुछ पैसे कमाकर लाए ताकि वह उसे खिला सके।

प्रश्न 2: जब मदन ने महल का रास्ता पूछा तो धन्नू शाह ने ऐसा क्यों कहा कि अगर वह नहीं तो और कौन जानेगा?
उत्तर: धन्नू शाह ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वह स्वयं महल में चोरी की योजना बना रहा था, इसलिए उसे महल का रास्ता अच्छे से पता था।

प्रश्न 3: कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है। क्या आपको भी ऐसा ही लगता है? कारण सहित लिखिए।
उत्तर: हां, मुझे भी मदन की कविता विचित्र लगी। कविता के शब्द अलग-अलग जानवरों और चीज़ों से जुड़े थे, जिनका कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था। लेकिन यह कविता बहुत रोचक थी और बाद में यह कविता राजमहल में चोरों को पकड़ने में मदद करती है, जिससे उसकी विचित्रता का महत्व सामने आता है।

प्रश्न 4: राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी। आपको यह कैसी लगी?
उत्तर: राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी क्योंकि कविता का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था और राजा उसे समझ नहीं पा रहे थे। मुझे यह कविता दिलचस्प लगी क्योंकि यह अपने आप में एक चुनौती थी और यह दिखाती है कि कभी-कभी रचनात्मकता से कुछ नया निकल सकता है।

समझ और अनुभव

(पृष्ठ 134)

प्रश्न 1: “सुरुर-सुरुर का पीवत है” पंक्त्ति में पीने के साथ ‘सुरस-सुरस’ शब्द का ही प्रयोग क्यों किया गया है?
उत्तर: ‘सुरुर-सुरुर’ शब्द का प्रयोग पीने के साथ इसलिए किया गया है क्योंकि यह भैंस के पीने की आवाज़ और लयबद्धता को दर्शाता है। जब भैंस पानी पीती है, तो वह धीरे-धीरे सुर में जैसे पीती है, जिसकी आवाज़ ‘सुरुर-सुरुर’ जैसी लगती है। कविता में इस शब्द का प्रयोग उसी विशेष अंदाज को बताने के लिए किया गया है।

प्रश्न 2: राजदरबार में कवि सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ पुरस्कार में मिलेंगी। सौ अशर्फियों से आप क्या समझते हैं?
उत्तरः
 सौ अशर्फियाँ यानी सोने के सिक्के, जो पुराने समय में बहुत मूल्यवान माने जाते थे। यह बहुत बड़ा इनाम था।

प्रश्न 3: “सरक-सरक कहाँ भागत है” पंक्त्ति में ‘सरक-सरक’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? यहाँ ‘सरक-सरक’ का ही प्रयोग क्यों किया गया है?
उत्तर: ‘सरक-सरक’ शब्द साँप के लिए इस्तेमाल किया गया है। जब साँप चलता है, तो वह चुपचाप धीरे-धीरे रेंगता है। उसकी चाल से जो हल्की आवाज़ आती है, उसे ‘सरक-सरक’ कहा गया है। यह शब्द साँप की चाल को मज़ेदार और समझने में आसान बनाने के लिए कविता में लिखा गया है।

प्रश्न 4: “अब कोई चारा नहीं बस राजा साहब से दया की भीख माँग सकता हूँ।” ऐसा धनु शाह ने क्यों सोचा?
उत्तर: धनु शाह ने यह इसलिए सोचा क्योंकि उसे लगा कि उसकी चोरी पकड़ी गई है और अब बचने का कोई और रास्ता नहीं बचा है, इसलिए उसने राजा से दया की भीख माँगने का निश्चय किया।

अनुमान और कल्पना

(पृष्ठ 134-135)

प्रश्न 1: यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता तो क्या होता?
उत्तर: यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता, तो शायद वह अपनी माँ के लिए पैसे नहीं ला पाता और दोनों को भूखा रहना पड़ता। घर से बाहर जाकर ही उसने राजदरबार में कविता सुनाकर पुरस्कार के रूप में पैसे कमाए, जिससे उसकी माँ का पेट भरा और उनका जीवन सुधरा।

प्रश्न 2: अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि राजमहल कैसा होता होगा।
उत्तर: मेरी कल्पना के अनुसार, राजमहल बहुत बड़ा और सुंदर होता होगा। वहाँ ऊँची-ऊँची इमारतें, विशाल बग़ीचे, कलात्मक फव्वारे और महल की दीवारों पर सुनहरी सजावट होती होगी। महल के अंदर भव्य कमरे, बड़े झूमर और शाही सामान होते होंगे। राजा के सिंहासन के पास दरबार लगता होगा, जहाँ दरबारी अपने-अपने कार्यों में व्यस्त रहते होंगे।

प्रश्न 3: राजा के खजाने में क्या -क्या होता होगा और कितना-कितना होता होगा?
उत्तर: राजा के खजाने में सोने-चाँदी के सिक्के, बहुमूल्य रत्न, हीरे, मोती, जवाहरात, तांबे और अन्य कीमती धातुएँ होती होंगी। खजाने में बहुत अधिक संपत्ति जमा की जाती होगी, जो राजकोष के काम आती होगी और राजा की शक्ति व समृद्धि को दर्शाती होगी। इसके अलावा, उसमें कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें भी संग्रहीत होती होंगी।

प्रश्न 4: मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे विदा करते समय क्या -क्‍या उपहार दिए होंगे?
उत्तर: मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे सोना-चाँदी, रत्न, कीमती वस्त्र और अन्य मूल्यवान उपहार दिए होंगे। संभवतः राजा ने उसे शाही रजाई, गहने और उसकी माँ के लिए धन भी भिजवाया होगा, ताकि वह प्रसन्न होकर अपने घर लौट सके।

प्रश्न 5: राजा ने मदन को बहुत सारा धन दिया होगा। उसे यह सब कहाँ-कहाँ खर्च करना चाहिए?
उत्तर:

कहो कहानी, सुनो कहानी

(पृष्ठ 135)

कहानियाँ सुनना और सुनाना सभी को पसंद होता है। नीचे दिए गए निर्देशों के अनुसार कक्षा में ‘कविता का कमाल’ कहानी सुनाइए –

प्रश्न 1: स्वयं को मदन की जगह रखकर यह कहानी अपनी मातृभाषा या अपनी पसंद की भाषा में सुनाइए।
उत्तर: “मैं मदन हूँ। मैं अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। हम बहुत गरीब थे। एक दिन माँ ने मुझसे कहा कि अब मैं तुझे बिना काम किए खाना नहीं खिला सकती। मैं कुछ कमाने के इरादे से निकल पड़ा। रास्ते में मुझे पता चला कि राजमहल में कवि सम्मेलन है। मैंने रास्ते में दिखने वाली चीजों जैसे—कुत्ते, भैंस, चिड़िया और साँप—को देखकर एक कविता बना ली। मेरी कविता अजीब थी, लेकिन उसी कविता के कारण चोर पकड़े गए। राजा ने मुझे बहुत इनाम दिया और मेरी ज़िंदगी बदल गई।”

प्रश्न 2: मदन आपका मित्र है। मदन ने कुछ समय पहले आपको यह कहानी सुनाई थी। अब आप यह कहानी अपनी कक्षा में सुनाइए।
उत्तर: “मेरे दोस्त मदन ने मुझे एक बहुत ही मज़ेदार कहानी सुनाई थी। वह बहुत गरीब था, लेकिन एक दिन वह कुछ कमाने के लिए घर से निकला और राजमहल में कविता सुनाकर इनाम जीत लाया। उसकी कविता सुनकर चोर डर गए और पकड़े गए। राजा ने उसे सोना-चाँदी और कई उपहार दिए। मुझे यह कहानी बहुत प्रेरणादायक लगी, क्योंकि एक साधारण लड़के ने अपनी समझदारी और कला से बड़ा काम कर दिखाया।”

पाठ से आगे

(पृष्ठ 136)

प्रश्न 1: साँप रेंगकर चलते हैं। रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूची बनाइए और कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर:
 रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूचीः

  • साँप
  • केंचुआ
  • घोंघा
  • छिपकली
  • गिरगिट
  • मगरमच्छ
  • बिच्छू

प्रश्न 2: राजमहल में कवि-सम्मेलन की सूचना देने के लिए ढिंढोरा पीटा जा रहा था। आजकल ऐसी सूचनाएं कैसे दी जाती हैं?
उत्तर: आजकल ऐसी सूचनाएँ मोबाइल संदेश, सोशल मीडिया (WhatsApp, Facebook), समाचार पत्र, पोस्टर, विद्यालय के नोटिस बोर्ड और उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से दी जाती हैं।

प्रश्न 3: आपके विद्यालय में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आप इसकी सूचना कैसे देंगे
उत्तर: मैं विद्यालय की उद्घोषणा प्रणाली द्वारा सभी विद्यार्थियों को यह सूचना दूँगा कि— “हमारे विद्यालय में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इच्छुक छात्र-छात्राएँ हिंदी शिक्षक से संपर्क करें। सभी विद्यार्थियों से निवेदन है कि समय पर सभा कक्ष में पहुँचें।”

मीडिया और आप

(पृष्ठ 136)

मदन को मीडिया के प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। अपने को मदन मानते हुए इन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

उत्तर:आपकी कविता

(पृष्ठ 137)

रजनी, मदन की कविता को गाते हुए विद्यालय जा रही थी। उसे बहुत आनंद आ रहा था। चलते-चलते अचानक उसे एक पेड़ पर कुछ बंदर दिखाई दिए। वे एक डाल से दूसरी डाल पर कूद रहे थे। जब वह थोड़ा आगे बढ़ी तो उसे एक सियार दिखाई दिया। सियार ‘हुआँ-हुआँ’ कर रहा था। अब सियार को आधार बनाकर आप कविता को पूरा करने में रजनी की सहायता कीजिए।

उत्तर:

भाषा की बात

(पृष्ठ 137-138)

प्रश्न 1: मुहावरे हमेशा एक विशेष अर्थ देते हैं जो उनके शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है।
जैसे- ‘फूला न समाना’ मुहावरे का अर्थ है — अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य प्रयोग – विद्यालय की खेल प्रतियोगिता में पुरस्कार पाकर राहुल फूला न समा रहा था।
अब आप अपनी लेखन-पुस्तिका में निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

(क) मन में लड्डू फूटना
उत्तर: अर्थ: अत्यधिक खुशी महसूस होना
वाक्य प्रयोग: जब मदन ने राजा से इनाम में सोने-चाँदी का पुरस्कार लिया, तो उसके मन में लड्डू फूट रहे थे।

(ख) मुँह ताकना
उत्तर: अर्थ: चुपचाप और ध्यान से देखना
वाक्य प्रयोग: राजदरबार में जब मदन ने कविता सुनाई, तो सभी लोग मुँह ताकने लगे क्योंकि कविता का अर्थ समझ में नहीं आ रहा था।

प्रश्न 2: निम्नलिखित गद्यांश में कहीं-कहीं विराम चिह्नों का प्रयोग हुआ है। इस गद्यांश को उचित ठहराव के साथ पढ़िए।
उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, “ताक-झाँक का खोजत है?” तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपने आप एक और पंक्ति सूझ गई, “हम जानत का ढूँढ़त है।”
उत्तर: गद्यांश का उचित ठहराव के साथ पठनः
उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा,
“ताक-झाँक का खोजत है?”
तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया।
रटते-रटते उसे अपनी एक और पंक्ति सूझ गई,
“हम जानत का ढूँढ़त है।”
उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, “ताक-झाँक का खोजत है?” तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपनी एक और पंक्ति सूझ गई, “हम जानत का ढूँढ़त है।”

प्रश्न 3: नीचे लिखे वाक्यों में उपयुक्त विराम चिह्न लगाकर वाक्य पूरा कीजिए—

उत्तर:

कलाकारी

(पृष्ठ 138)

प्रश्न: ढोल, नगाड़ा या अन्य कोई वाद्ययंत्र बजाते हुए बोलिए, “सुनो, सुनो, सुनो! राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ इनाम में मिलेंगी।” अब इस संवाद को अपनी मातृभाषा में हाव-भाव के साथ बोलिए।
उत्तर: ढोल या नगाड़े की आवाज़ के साथ जोर से बोलिए:
“सुनो! सुनो! सुनो!
राजदरबार में भव्य कवि सम्मेलन हो रहा है!
जो भी सबसे अच्छी कविता सुनाएगा, उसे मिलेगा सौ अशर्फियों का इनाम!
जल्दी आओ! भाग मत जाओ! सुनने और सुनाने का ये सुनहरा मौका मत गँवाओ!”

आपकी सूझ-बूझ

(पृष्ठ 138)

प्रश्न: एक व्यक्ति के घर के बाहर दस मीटर ऊँचा एक खजूर का पेड़ था। एक बंदर उस पर चढ़ने लगा। वह पेड़ की चोटी पर पहुँचना चाहता था। समस्या यह थी कि वह दिन के समय तो 5 मीटर चढ़ जाता था परंतु जब रात होती तो वह 4 मीटर नीचे फिसल जाता था। क्या आप बता सकते हैं कि बंदर पेड़ की चोटी पर पहुँचने में कितने दिन में सफल होगा?
उत्तर: 
स्थिति:

  • पेड़ की ऊँचाई = 10 मीटर
  • हर दिन बंदर 5 मीटर चढ़ता है
  • हर रात वह 4 मीटर फिसल जाता है
  • यानी हर पूरा दिन (दिन + रात) में वह 1 मीटर ऊपर जाता है

दिन-प्रतिदिन की प्रगति:
बंदर 6वें दिन चोटी तक पहुँच जाएगा: क्योंकि 6वें दिन वह सुबह 5 मीटर चढ़कर सीधा 10 मीटर की चोटी तक पहुँच जाएगा — अब रात में फिसलेगा नहीं क्योंकि वह लक्ष्य तक पहुँच चुका है।

10.कैमरा- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 118)

प्रश्न 1: आपके घर में सबसे पुरानी फोटो किसकी है? उसके बारे में बताइए।
उत्तर: हमारे घर में सबसे पुरानी फोटो मेरे दादा-दादी की है। वह फोटो काले और सफेद रंग की है। उस समय लोग स्टूडियो जाकर फोटो खिंचवाते थे। उसमें दादा जी धोती-कुर्ता पहने हैं और दादी साड़ी में हैं। वे बहुत सादे और सरल दिखते हैं।

प्रश्न 2: आप किन-किन अवसरों पर फोटो खिंचवाना पसंद करते हैं?
उत्तर: मैं जन्मदिन, त्योहारों, स्कूल के वार्षिकोत्सव, शादी या यात्रा पर जाते समय फोटो खिंचवाना पसंद करता हूँ। मैं जब भी नए कपड़े पहनता हूँ या परिवार के साथ कहीं घूमने जाता हूँ, तो फोटो जरूर खिंचवाता हूँ।

प्रश्न 3: आप कहाँ-कहाँ घूमने गए हैं और वहाँ आपने क्या-क्या देखा है? क्या आपने वहाँ अपनी कोई फोटो ली है? कक्षा में अपने सहपाठियों को बताइए।
उत्तर: मैं अपने परिवार के साथ आगरा गया था। वहाँ मैंने ताजमहल देखा जो बहुत सुंदर है। मैंने वहाँ बगीचा, फव्वारे और संगमरमर की दीवारें देखीं। हमने बहुत सारी फोटो लीं और वे सब बहुत सुंदर आईं।

प्रश्न 4: आजकल विद्यालयों, बैंकों और घरों में कैमरों का प्रयोग होने लगा है। आपके अनुसार ऐसा क्यों हो रहा है?
उत्तरः आजकल सुरक्षा के लिए कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे हम यह देख सकते हैं कि कौन आया और क्या हो रहा है। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए, बैंकों में चोरी रोकने के लिए और घरों में अनजान लोगों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए जाते हैं।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 118-119)

प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर पर सही का चिन्ह (✓) लगाइए—

उत्तर:

प्रश्न 2: किसने, किससे कहा?

उत्तर:

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 119)

प्रश्न 1: जब चाचा नया कैमरा लेकर आए तो उन्होंने छोटे से क्या कहा?
उत्तर: जब चाचा नया कैमरा लेकर आए तो उन्होंने दरवाजे से ही चिल्लाकर छोटे से कहा – “कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, बैठ यहाँ, खींचूँगा फोटू!”

प्रश्न 2: चाचा ने कैमरे की कार्यप्रणाली को कैसे समझाया?
उत्तर: चाचा ने बताया कि कैमरा प्रकाश और छाया के खेल से चित्र बनाता है और हू-ब-हू वैसा ही रूप कागज पर लाता है।

प्रश्न 3: कविता में कैमरे की कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई गई हैं?
उत्तर: कैमरे की विशेषताएँ:

  • कैमरा असली रूप जैसा हू-ब-हू चित्र बनाता है।
  • खोटा-खरा जैसा भी होगा, वैसा ही चित्र आएगा।
  • कैमरा फूलों, पक्षियों, और परिवार के सदस्यों का भी सुंदर चित्र खींच सकता है।

प्रश्न 4: “यह क्या है चक्कर, छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर?” यह पंक्ति किसके द्वारा कही गई है और क्यों?
उत्तर: यह पंक्ति छोटू द्वारा कही गई है। उसने यह इसलिए कहा क्योंकि वह कैमरे की कार्यप्रणाली को समझ नहीं पाया और उसे लगा कि कैमरे में कोई चित्र बनाने वाला पेंटर छिपा है।

प्रश्न 5: कविता के आधार पर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—
(क) नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ………………… चिल्लाए।     (भी/ही)
(ख) ………………… मीठा गाता है।    (कोयला/कोयल)
(ग) कहाँ गया, जल्दी आ छौरे बैठ ………………… खींचूँगा फोटो!    (यहाँ/वहाँ)
(घ) कैमरे ने ………………… चित्र खींचा।    (हु-ब-हु/हू-ब-हू)

उत्तर:
(क) नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ही चिल्लाए।
(ख) कोयल मीठा गाता है।
(ग) कहाँ गया, जल्दी आ छौरे बैठ यहाँ खींचूँगा फोटो!
(घ) कैमरे ने हू-ब-हू चित्र खींचा।

भाषा की बात

(पृष्ठ 119-120)

प्रश्न 1: नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखिए —
(क) जल्दी आकर फोटो खिंचवाइए, …………………. मत कीजिए।
(ख) बड़े भैया ने …………………. भाई को पुस्तक दी।
(ग) हमें किसी की बुराई न करके …………………. करनी चाहिए।
(घ) शत्रु को भी …………………. बना लेना महानता का गुण है।
उत्तर:
(क) जल्दी आकर फोटो खिंचवाइए, धीमी मत कीजिए।
(ख) बड़े भैया ने छोटे भाई को पुस्तक दी।
(ग) हमें किसी की बुराई न करके भलाई करनी चाहिए।
(घ) शत्रु को भी मित्र बना लेना महानता का गुण है।

प्रश्न 2: कविता में आए नाम वाले शब्दों (संज्ञा) तथा विशेषता बताने वाले शब्‍दों (विशेषण) की पहचान करके उन्हें नीचे दिए गए स्थानों में लिखिए —

उत्तर:


प्रश्न 3: नीचे पहिए में कुछ वर्ण और मात्राएँ दी गई हैं। इनका प्रयोग करते हुए नए-नए शब्द बनाइए, जैसे – चाचा, खेल आदि। वर्णों और मात्राओं का प्रयोग एक से अधिक बार किया जा सकता है।

उत्तर:

शब्द खेल

(पृष्ठ 121)

प्रश्न 1: नीचे दी गई वर्ग पहेली में पारिवारिक संबंधों का बोध कराने वाले शब्द छिपे हैं। उन्हें खोजिए और लिखिए —
उत्तर:


प्रश्न 2: समान तुक वाले शब्दों पर सही का चिह्न (✓) लगाइए—
उत्तर:
कविता से आगे

(पृष्ठ 122)

प्रश्न 1: हमें सेल्फी लेते समय क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए? कक्षा में सहपाठियों के साथ अपनी बात रखिए।
उत्तर: सेल्फी लेते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि 

  • मोबाइल को ठीक से पकड़ें ताकि वह गिर न जाए।
  • चलते हुए या सड़क पर खड़े होकर सेल्फ़ी न लें।
  • ऊँचे या खतरनाक स्थानों पर सेल्फ़ी लेना टालें।
  • ग्रुप फोटो लेते समय सभी का चेहरा अच्छे से दिखे इस बात का ध्यान रखें।
  • कैमरे की फ्लैश और लाइट से आँखों को नुकसान न हो, इसका ध्यान रखें।

प्रश्न 2: प्राचीन समय में जब कैमरा नहीं था, तब चित्र कैसे बनाए जाते थे?
उत्तर: जब कैमरा नहीं था, तब लोग चित्र हाथ से बनाते थे। पेंटर ब्रश और रंगों का उपयोग करके लोगों, प्रकृति, महलों और घटनाओं के चित्र बनाते थे। ऐसे चित्र बहुत सुंदर होते थे और उनमें कलाकार की कल्पना और मेहनत दिखाई देती थी।

प्रश्न 3: आँख भी एक कैमरे की तरह काम करती है। क्या आप इस बात से सहमत हैं? इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर: हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि आँख भी कैमरे की तरह काम करती है। जैसे कैमरा किसी वस्तु को देखकर उसका चित्र बनाता है, वैसे ही आँख किसी चीज़ को देखकर उसका रूप हमारे दिमाग तक पहुँचाती है। आँख की पुतली कैमरे के लेंस की तरह काम करती है। जो कुछ हम देखते हैं, वह हमारे मस्तिष्क में “तस्वीर” की तरह दर्ज हो जाता है।

प्रश्न 4: दिए गए चित्रों का उनके सही नाम से मिलान कीजिए।  

उत्तर:

पुस्तकालय या अन्य स्रोत से

(पृष्ठ 122)

प्रश्न 1: अपने विद्यालय के पुस्तकालय में जाकर या किसी अन्य स्रोत से कैमरे से संबंधित अन्य जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर: कैमरे से संबंधित अन्य जानकारी:

  • कैमरा सबसे पहले 1839 में बना था।
  • पहले कैमरे में फोटो लेने के बाद उसे धुलकर तैयार करना पड़ता था।
  • आजकल डिजिटल कैमरे आते हैं, जिनसे तुरंत फोटो दिख जाती है।
  • कैमरे का उपयोग विज्ञान, समाचार, यात्रा और सुरक्षा में होता है।

प्रश्न 2: शिक्षक की सहायता से अपने देश से संबंधित ऐतिहासिक महत्व के चित्रों को खोजकर उनके बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर: ऐतिहासिक महत्व के चित्रों की जानकारीः

  • झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का चित्र
  • सुभाष चंद्र बोस की सेना के चित्र
  • गांधीजी की दांडी यात्रा
  • स्वतंत्रता दिवस 1947 का ऐतिहासिक चित्र
  • इन चित्रों को पुस्तकालय या इंटरनेट से खोजा जा सकता है और उनके बारे में जानकारी एकत्र की जा सकती है।

कैमरे से संवाद

(पृष्ठ 123)

प्रश्न 1: आपकी बातचीत यदि कैमरे से हो तो आप उससे क्या-क्या बात करेंगे? अपनी कल्पना से नीचे दी गई चित्रकथा को पूरा कीजिए –
उत्तर: 

09.मिठाइयों का सम्मेलन- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 107)

प्रश्न 1: आपको कौन-सी मिठाई सबसे अधिक पसंद है और क्यों?
उत्तर: मुझे रसगुल्ला सबसे अधिक पसंद है क्योंकि वह रस से भरा होता है और बहुत मुलायम होता है। उसका स्वाद बहुत ही मीठा और स्वादिष्ट लगता है।

प्रश्न 2: आपके घर में मिठाई कब-कब बनाई और बाँटी जाती है?
उत्तर: हमारे घर में मिठाई त्योहारों, जन्मदिन, और शुभ कार्यों जैसे शादी या पूजा के अवसर पर बनाई और बाँटी जाती है।

प्रश्न 3: घर से विद्यालय तक जाते हुए आपको किन-किन वस्तुओं की दुकानें मिलती हैं?
उत्तर: घर से विद्यालय तक जाते हुए मुझे रास्ते में किराने की दुकान, फल की दुकान, मिठाई की दुकान, दूध की दुकान और स्टेशनरी की दुकानें मिलती हैं।

प्रश्न 4: अगर आप अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करते तो किन-किन बातों पर चर्चा करते?
उत्तर: अगर मैं अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करता तो हम स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, खेलकूद, पढ़ाई में अनुशासन, और आपसी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा करते।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 107-108)

प्रश्न 1: रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण है?
उत्तर: रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की अत्यधिक मिठास ही उनकी उपेक्षा का कारण है, क्योंकि अधिक मीठा खाने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ होती हैं।

प्रश्न 2: लड्डू दादा ने क्या-क्या सुझाव दिए?
उत्तर: लड्डू दादा ने सुझाव दिया कि मिठाइयों में शक्कर की मात्रा कम करनी चाहिए और लोगों को संयम से मिठाई का सेवन करना चाहिए। साथ ही, लोगों को नियमित व्यायाम कर स्वस्थ रहना चाहिए।

प्रश्न 3: “फिर हमें मिठाई कौन कहेगा?” गुलाबजामुन ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: गुलाबजामुन ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि यदि मिठाइयों में शक्कर कम कर दी जाए, तो वे मिठाई की तरह स्वादिष्ट नहीं रहेंगी।

प्रश्न 4: इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात क्यों कही गई है?
उत्तर: इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि अधिक मिठाई खाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए संयम आवश्यक है।

प्रश्न 5: इस पाठ में मिठाइयों को लड्डू दादा, बरफ़ी बहन आदि नामों से पुकारा गया है। नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार मिठाइयों को अपनी पसंद के नाम देते हुए उनके चित्र भी बनाइए —
उत्तर:

हमारी मिठास

(पृष्ठ 109-110)

प्रश्न 1: हमारे देश के विभिन्न प्रदेशों में बनाई जाने वाली मिठाइयों के बारे में पता कीजिएऔर उनके नाम भी लिखिए —
उत्तर:
प्रश्न 2: पढ़िए, समझिए और लिखिए —

उत्तर:​​​​

प्रश्न 3: विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ बनाने के लि ए अनाज, साग-भाजी, फल-फूल, पत्ते, दलहन, ति लहन और सूखे मेवे आदि  का उपयोग होता है। अपने अध्यापक या अभिभावक की सहायता से दी गई ताि‍लका को पूरा कीजिए —
उत्तर:

भाषा की बात

(पृष्ठ 110-111)

प्रश्न 1: ‘मन में लड्डू फूटना’ का अर्थ है अत्यधिक प्रसन्न होना, जैसे—
जब ज्योति को लाल किला जाने का अवसर मिला तो उसके मन में लड्डू फूटने लगे।
इसी प्रकार फल, मसाले और साग-भाजी पर आधारित मुहावरे ढूँढकर लिखिए—

(क) अंगूर खट्टे हैं। 
(ख) …………………………………………..
(ग) …………………………………………..
(घ) …………………………………………..
(ङ) …………………………………………..
अब इन मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य भी बनाइए।
उत्तर:
(क) अंगूर खट्टे हैं
अर्थ: जो चीज़ नहीं मिलती, उसे बेकार बताना
वाक्य: राहुल से हारने के बाद रोहित ने कहा कि यह खेल तो बच्चों वाला है — अंगूर खट्टे हैं।

(ख) केला फिसलना
अर्थ: अचानक किसी गलती के कारण शर्मिंदा होना
वाक्य: सभा में बोलते समय रवि से एक शब्द गलत निकल गया, वह केला फिसल गया।

(ग) नमक हराम
अर्थ: विश्वासघाती या धोखेबाज़
वाक्य: अपने ही दोस्त को नुकसान पहुंचाने वाला नमक हराम होता है।

(घ) गाजर मूली समझना
अर्थ: किसी को बहुत हल्के में लेना
वाक्य: वह मुझे गाजर मूली समझ कर जो चाहे कहता है।

(ङ) हल्दी लगे न फिटकरी
अर्थ: बिना मेहनत के काम हो जाना
वाक्य: उसने तो हल्दी लगे न फिटकरी वाले अंदाज़ में इनाम जीत लिया।

प्रश्न 2: नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार शब्दों के बहुवचन लिखिए —
उत्तर:


प्रश्न 3: कुछ मिठाइयों के नाम दो शब्दों के मेल से बनते हैं। यहाँ कुछ नाम दिए गए हैं। इनकी सहायता से मिठाइयों के पूरे नाम लिखिए —

उत्तर:
साग-भाजियों का सम्‍मेलन

(पृष्ठ 112)

प्रश्न: ॠषभ और गुरप्रीत एक दिन घर में खेल रहे थे कि अचानक उन्हें रसोईघर से कुछ आवाजें आईं। वहाँ साग-भाजियाँ आपस में बातें कर रही थीं। उनकी बातचीत को पूरा कीजिए।
उत्तर:

हम और हमारा स्वास्थ्य

(पृष्ठ 113)

प्रश्न 1: स्वस्थ रहने के लिए आप क्या-क्या करते हैं? इससे संबंधित पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर: स्वस्थ रहने के लिए पाँच वाक्यः

  1. मैं रोज़ सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करता हूँ।
  2. मैं संतुलित भोजन करता हूँ और ज़्यादा मीठा नहीं खाता।
  3. मैं हर दिन फल और हरी सब्ज़ियाँ खाता हूँ।
  4. मैं टीवी और मोबाइल बहुत कम समय के लिए देखता हूँ।
  5. मैं हर दिन समय पर सोता हूँ और समय पर उठता हूँ।

प्रश्न 2: “जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है।” अगर आपके पास इस कथन से संबंधित कोई अनुभव है तो उसे कक्षा में साझा कीजिए और उस पर चर्चा कीजिए। शिक्षक भी कुछ उदाहरण देकर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
उत्तर: एक बार मैंने बहुत अधिक मिठाइयाँ खा ली थीं, जिससे मुझे पेट दर्द हो गया और डॉक्टर के पास जाना पड़ा। तभी मुझे समझ आया कि किसी भी चीज़ का अधिक उपयोग नुकसानदायक होता है। हमें खाने, खेलने, पढ़ने आदि हर काम में संतुलन बनाए रखना चाहिए।
इसी तरह अगर कोई बहुत ज्यादा मोबाइल या टीवी देखता है, तो उसकी आँखें और दिमाग कमजोर हो सकते हैं। इसलिए हर काम में सीमा का ध्यान रखना ज़रूरी है।

भूल-भुलैया

प्रश्न: भाई-बहन मिठाइयों के सम्मेलन में गए थे और लौटते समय घर का रास्ता भूल गए। इन्हें जलेबी भूल-भुलैया से बाहर निकालिए –

उत्तर: 

08.ओणम के रंग- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 94)

प्रश्न 1: ओणम का त्योहार कब मनाया जाता है?
उत्तर: ओणम का त्योहार श्रावण महीने के श्रावण नक्षत्र के दिन मनाया जाता है।

प्रश्न 2: ओणम का त्योहार किस पौराणिक कथा पर आधारित है?
उत्तर: ओणम का त्योहार महाबली नामक राजा की पौराणिक कथा पर आधारित है, जिनका शासन बहुत ही सुखमय और समानता से भरा हुआ था। कहा जाता है कि महाविष्णु ने वामन रूप में आकर उनसे तीन पग भूमि मांगी थी।

प्रश्न 3: आप कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं?
उत्तर: मैं दीवाली, होली, दशहरा, ईद, रक्षाबंधन जैसे कई त्योहार मनाता हूँ।

प्रश्न 4: आपको कौन-सा त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है और क्यों?
उत्तर: मुझे दीपावली का त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है क्योंकि इस दिन घर को दीपों और रंगोलियों से सजाया जाता है, मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं और चारों ओर खुशी का माहौल होता है।

प्रश्न 5: त्योहार वाले दिन आप क्या-क्या करते हैं?
उत्तर: त्योहार के दिन, मैं सुबह जल्दी उठकर नहाता / नहाती हूँ, नए कपड़े पहनता / पहनती हूँ, और घर की सफाई व सजावट में भाग लेता/ लेती हूँ। फिर मैं मिठाइयाँ बनाता / बनाती हूँ और परिवार तथा मित्रों के साथ मिलकर पूजा और उत्सव मनाता/मनाती हूँ।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 95-97)

प्रश्न 1: प्रश्नों के सटीक उत्तर के सामने सूरज का चित्र () बनाइए—  

उत्तर:


प्रश्न 2: स्तंभ ‘क’ का स्तंभ ‘ख’ से मिलान कीजिए।

उत्तर:

प्रश्न 3: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए—  

(क) ओणम के भोज में कौन-कौन से भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं? किसी एक भोज्य पदार्थ के बारे में विस्तार से लिखिए।
उत्तर: ओणम के भोज में चावल, सब्जियाँ, खीर, पापड़ और कई प्रकार के स्वादिष्ट फल बनाए जाते हैं। खीर के बारे में: खीर चावल, दूध और चीनी से बनाई जाती है। इसमें कभी-कभी सूखे मेवे भी डाले जाते हैं। खीर मीठा और स्वादिष्ट पकवान होता है जिसे त्योहारों पर विशेष रूप से बनाया जाता है।

(ख) आपके राज्य में कौन-से त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं? उन त्योहारों की कौन-सी बातें ओणम से मिलती-जुलती हैं?
उत्तर: मेरे राज्य में दीपावली, होली और रक्षाबंधन जैसे त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं। इन त्योहारों में भी लोग घर की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, स्वादिष्ट भोजन बनाते हैं और परिवार तथा मित्रों के साथ खुशियाँ बाँटते हैं। ये बातें ओणम से मिलती-जुलती हैं।

(ग) ओणम में गाए जाने वाले लोकगीत में महाबली के शासन की किन विशेषताओं का उल्लेख है?
उत्तर: लोकगीत में महाबली के शासन को एक आदर्श युग के रूप में बताया गया है। उसमें कहा गया है कि

  • सब लोग एक समान थे।
  • दुख-दर्द, छल-कपट, धोखा, द्वेष और अत्याचार का कोई नामोनिशान नहीं था।
  • हर जगह प्रेम और प्रसन्नता थी।

(घ) पाठ में आए किस उल्लेख के आधार पर कहा जा सकता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते थे?
उत्तर: जब महाबली पाताल लोक जा रहे थे, तो उन्होंने भगवान विष्णु से यह वरदान माँगा कि उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने की अनुमति दी जाए। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे अपनी प्रजा से बहुत प्रेम करते थे।

(ङ) पाठ में आई किन बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है?
उत्तर: पाठ में बताया गया है कि वर्षा के बाद आकाश साफ हो जाता है, ठंडी हवाएँ चलती हैं, सूरज की किरणें चमकती हैं, समुद्र और नदी का पानी स्वच्छ हो जाता है। पक्षी चहचहाते हैं और तितलियाँ फूलों पर मँडराती हैं। ये सब बातें दिखाती हैं कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है।

मधुर स्मृतियाँ

(पृष्ठ 97)

प्रश्न 1: अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाइए कि वे अपने जीवन के बीते हुए किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। उन बातों को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर: मैंने अपने दादीजी से बात की। उन्होंने बताया कि जब वे छोटी थीं, तब सारे परिवार के लोग एक साथ त्योहार मनाते थे। सब मिलकर पकवान बनाते थे और बहुत मज़ा आता था।
पापा ने बताया कि जब उन्होंने स्कूल में इनाम जीता था, तब वे बहुत खुश हुए थे।
मम्मी को वह दिन बहुत अच्छा लगता है जब मैं पहली बार स्कूल गया था और मुस्कुराता हुआ हाथ हिलाकर उनसे विदा लिया था।

प्रश्न 2: आपके घर के सदस्य आपकी किन बातों से प्रसन्न होते हैं? वे आपकी प्रसन्नता के लिए क्या-क्या प्रयास करते हैं? आप उनके प्रति आभार कैसे व्यक्त करते हैं?
उत्तर: मेरे घर के सदस्य मेरी पढ़ाई में सफलता, अच्छे व्यवहार और मेरी कोशिशों से प्रसन्न होते हैं। वे मेरी प्रसन्नता के लिए मुझे घुमाने ले जाते हैं, स्वादिष्ट खाना बनाते हैं और मुझे प्यार करते हैं।
मैं उनके प्रति आभार प्रकट करने के लिए उनका कहना मानता/मानती हूँ, उनका सम्मान करता/करती हूँ और उन्हें धन्यवाद देता/देती हूँ।

देश हमारा एक, रंग इसके अनेक

(पृष्ठ 100-101)

प्रश्न 1: पाठ में आई उस पंक्ति को चिह्नित करके लिखिए जिससे यह पता चलता है कि ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है।
उत्तर: “किसान उपज काट चुके हैं और खलिहानों में धान भरे हैं।”
यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि ओणम त्योहार खेतों की फसल और उपज से जुड़ा हुआ है।

प्रश्न 2: कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह बनाकर आपस में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि हमारे देश में खेतों की उपज से जुड़े और कौन-कौन से त्योहार हैं। ऐसे त्योहारों की सूची भी तैयार कीजिए।
उत्तर: छात्रों द्वारा चर्चा के बाद तैयार की गई खेतों की उपज से जुड़े त्योहारों की सूची:

  • पोंगल – तमिलनाडु
  • मकर संक्रांति – उत्तर भारत
  • बैसाखी – पंजाब
  • लोहड़ी – पंजाब/हरियाणा
  • नुआखाई – ओडिशा
  • बिहू – असम
  • ओणम – केरल

ये सभी त्योहार फसल की कटाई और कृषि से जुड़ी खुशियों का उत्सव हैं।

प्रश्न 3: उपज से जुड़े निम्नलिखित त्योहार भारत के किन-किन राज्यों में मनाए जाते हैं? उनके नीचे दिए गए रंगों के द्वारा उन्हें मानचित्र में दर्शाइए—  

उत्तर: 
यहाँ रंगों का उल्लेख आप अपने मानचित्र के अनुसार कर सकते हैं। उत्तर लिखने के लिए राज्यों के नाम दिए जा रहे हैं। 

प्रश्न 4: ओणम पर गाया जाने वाला लोकगीत —

उत्तर: यह गीत बच्चे खुद गाकर सुनाएँ।

शब्दों का चमत्कार

(पृष्ठ 101-102)

प्रश्न 1: पाठ में आए कुछ वाक्यों के अंश नीचे लिखे हैं, इन्हें ध्यान से पढ़िए—

  • हल्की-हल्की बयार के झोंके
  • ऊँचे-ऊँचे दीपदान
  • नन्हे-नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प

इन वाक्यांशों में ‘हल्की’, ‘ऊँचे’ तथा ‘नन्हे’ शब्दों का दो बार प्रयोग किया गया है। इन शब्दों का एक बार प्रयोग करके पढ़ते हैं—

  • हल्की बयार के झोंके
  • ऊँचे दीपदान
  • नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प

अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए कि विशेषता बताने वाले शब्दों का एक साथ दो बार प्रयोग करने से वाक्य में किस प्रकार का विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है। आप भी ऐसे कुछ वाक्य लिखिए।
उत्तर: विशेषता बताने वाले शब्दों को दो बार प्रयोग करने से वाक्य में मधुरता, लय और गहराई का अनुभव होता है। इससे भावनाएँ अधिक सुंदर और प्रभावशाली बनती हैं। 
कुछ उदाहरण वाक्यः 

  • मीठी-मीठी बातें दिल को भा गईं।
  • धीरे-धीरे चलो, फिसल सकते हो।
  • लंबी-लंबी साँसें लेकर वह शांत हुआ।
  • छोटी-छोटी बातों में वह खुश हो जाती है।
  • रिमझिम-रिमझिम बारिश में बच्चे झूम उठे।

प्रश्न 2: नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए—
(क) पूर्व दिशा में सह्य पर्वत के पीछे से जब सूरज निकलता है तो पश्चिमी तट पर समुद्र की लहरें चमकने लगती हैं।  
(ख) रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडराती दिखाई देती हैं।  
(ग) वर्षा के बादल छँटते ही ठंडी-ठंडी तेज हवाएँ थम  जाती हैं।  
उपर्युक्‍त वाक्यों में ‘चमकना’, ‘मँडराना’ और ‘थमना’ शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्ति का में वाक्‍य बनाइए।
उत्तर: ‘चमकना’, ‘मँडराना’ और ‘थमना’ शब्दों से वाक्य

  • चमकना: रात में आसमान में तारे सुंदर चमकते हैं।
  • मँडराना: मधुमक्खियाँ फूलों के चारों ओर मँडराती रहती हैं।
  • थमना: तेज़ बारिश कुछ देर बाद थम गई।

प्रश्न 3: इस पाठ में आए विशेषता बताने वाले शब्दों (विशेषण) को छाँटकर लिखिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए—

उत्तर:


प्रश्न 4: केरल की मुख्य भाषा मलयालम है। इस शब्द को उलटकर पढ़ें तो भी यह मलयालम ही पढ़ा जाएगा। ऐसे और भी शब्द हैं जो आगे-पीछे से पढ़ने पर एक समान रहते हैं, जैसे – सरस और जहाज। आप भी पाँच-पाँच की टोलियों में ऐसे और शब्द खोजिए।
उत्तर: यहाँ कुछ और ऐसे शब्द हैं: 

  1. कडक
  2. मदम
  3. नयन
  4. रबर
  5. नमन

त्योहार और सामूहिकता

(पृष्ठ 103)

प्रश्न 1: इस पाठ को पुनः पढ़िए और उन पंक्तियों को चिह्नित कीजिए जिनसे यह भाव निकलता है कि त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं।
उत्तर: 
त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाने की पंक्तियाँ

  • “प्रत्येक वर्ग के लोग अपनी चिंताओं और दुख-दर्द को भूलकर बहुत धूम-धाम से इस पर्व को मनाते हैं।”
  • “हर कोई मिल-जुलकर ओणम का त्योहार मनाता है।”
  • “सभी लोग ओणम मनाने की तैयारियों में जुट जाते हैं।”

प्रश्न 2: आपके विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन किया जाना है। इस आयोजन का संपूर्ण उत्तरदायित्व आपकी कक्षा को दिया गया है।  
(क) सभी सहपाठी मिलकर योजना बनाइए कि ‘वन महोत्सव’ के आयोजन हेतु क्या-क्या किया जाएगा।  
उत्तर: वन महोत्सव आयोजन योजनाः

  • सभी सहपाठी मिलकर स्कूल में पौधरोपण अभियान चलाएँगे।
  • छोटे-छोटे पौधों को स्कूल परिसर में लगाया जाएगा।
  • पौधों की देखभाल के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
  • पोस्टर बनाकर वृक्षारोपण का महत्व बताया जाएगा।
  • भाषण, कविता पाठ और नाटक का आयोजन किया जाएगा।
  • शिक्षक व अभिभावकों को आमंत्रित किया जाएगा।

(ख) वन महोत्सव में अभिभावकों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र तैयार कीजिए।  
उत्तर:
आमंत्रण पत्र
प्रिय अभिभावकगण,
नमस्ते।

हमारे विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस अवसर पर हम सभी मिलकर पेड़-पौधे लगाएंगे और प्रकृति से प्रेम करना सीखेंगे।

आपका विद्यालय में स्वागत है!
कृपया इस कार्यक्रम में आकर बच्चों का उत्साह बढ़ाएँ।

दिनांक: 5 जून
समय: प्रातः 9:00 बजे से
स्थान: विद्यालय परिसर

आइए, मिलकर वृक्षारोपण करें और प्रकृति को संवारें।
सादर,
प्रधानाध्यापक
[विद्यालय का नाम]

प्रश्न 3: दिए गए स्थान पर पूक्कलम (रंगोली) बनाइए— 
उत्तर: 

प्रश्न 4: आप अपने विद्यालय में आयोजित उत्सवों में किस प्रकार योगदान  देते हैं?

उत्तर:

यह भी जानिए

(पृष्ठ 104)

प्रश्न 1: नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर केरल के बारे में अध्यापकों और पुस्तकालय की सहायता से कुछ और जानकारी जुटाइए।
उत्तर:

  • शास्त्रीय नृत्य: कथकली, मोहिनीअट्टम
  • भाषा: मलयालम
  • परिधान/वस्त्र: पुरुष मुंडू; महिलाएँ कसवु साड़ी
  • मुख्य फसल: धान (चावल), नारियल, रबर
  • राजधानी: तिरुवनंतपुरम
  • त्योहार: ओणम, विषु, त्रिशूर पूरम
  • सीमांत प्रदेश: कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप समुद्र

प्रश्न 2: ‘वामन’ शब्द का प्रयोग सामान्यतः छोटे कद के व्यक्तियों के लिए किया जाता है। महाबली ने संभवतः विष्णु के वामन रूप को देखते हुए ही उन्हें तीन पग भूमि दान देने का निर्णय किया होगा। हम भी किसी के शारीरिक रंग-रूप को देखकर उसकी क्षमता के बारे में विशेष धारणा बना लेते हैं जो हमेशा सही नहीं होती।
कुछ ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता कीजिए और उनकी एक सूची बनाइए जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त की।

उत्तर: शारीरिक अक्षमता के बावजूद बड़ी उपलब्धि पाने वाले व्यक्तियों की सूचीः

  • स्टीफन हॉकिंग – प्रसिद्ध भौतिकशास्त्री (ALS रोग से ग्रसित)
  • हेलेन केलर – दृष्टिहीन और श्रवण बाधित होते हुए भी शिक्षा और समाजसेवा में योगदान।
  • दीपा मलिक पैरा ओलंपिक में पदक विजेता।
  • सुधा चंद्रन कृत्रिम पैर के सहारे प्रसिद्ध नृत्यांगना।
  • निक वुजिकिक – बिना हाथ-पैर के मोटिवेशनल स्पीकर।

07.नकली हीरे- पाठ्यपुस्तक समाधान

(पृष्ठ 81)

प्रश्न 1: राजा ने अपने पुत्र का सलाहकार किसे और क्यों चुना?
उत्तर: राजा ने एक नवयुवक दरबारी को अपने पुत्र का सलाहकार चुना, क्योंकि उसने सच्चा और ईमानदार उत्तर दिया था, जबकि बाकी दरबारियों ने झूठे उत्तर दिए थे।

प्रश्न 2: दरबारियों ने राजा के उधार के जौहरी से तुरंत जाँच करवाई। इससे उनके बारे में कौन-कौन सी बातें पता चलती हैं?
उत्तर:
 दरबारियों ने जौहरी से जाँच करवाकर यह पता किया कि सभी हीरे नकली थे, जो उन्होंने राजा से प्राप्त किए थे। इससे यह बात सामने आई कि उन्होंने झूठा उत्तर दिया था।

प्रश्न 3: नवयुवक दरबारी राजा का प्रश्न सुनकर भी चुपचाप क्यों खड़ा था?
उत्तर:
 नवयुवक दरबारी चुपचाप इसलिए खड़ा था क्योंकि वह नहीं चाहता था कि राजा को खुश करने के लिए वह झूठा उत्तर दे। उसने सच को कहा, जो दूसरों से अलग था।

प्रश्न 4: चित्रकथा के अनुसार कानपुर का राजा बहुत बुद्धिमान था क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है?
उत्तरः हाँ, मैं सहमत हूँ कि राजा बुद्धिमान था। क्योंकि उसने दरबारियों का सच जानने के लिए एक ऐसा प्रश्न पूछा, जिससे उनकी ईमानदारी और सच्चाई का परीक्षण किया जा सके। और फिर सही व्यक्ति को अपने पुत्र का सलाहकार चुना।

प्रश्न 5: जब राजा ने अपने पुत्र के सलाहकार की घोषणा की, तब सभी दरबारियों को कैसा लगा होगा? उन्होंने क्या-क्या सोचा होगा?
उत्तर:
 जब राजा ने सही सलाहकार की घोषणा की, तो दरबारियों को बहुत आश्चर्य हुआ होगा और वे शायद शर्मिंदा भी हुए होंगे। उन्होंने सोचा होगा कि अगर वे सच बोलते, तो उन्हें असली हीरे मिलते और वे भी सही सलाहकार बन सकते थे।

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 81-82)

प्रश्न 1: चित्रकथा  के दिए गए अंश को ध्यान से देखिए —

इस अंश के बारे में अपने समूह में चर्चा कीजिए। अब नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए –

  • चित्रकथा के इस अंश में कुल कितने चित्र-खंड हैं? 

उत्तर: चित्रकथा के इस अंश में कुल तीन चित्र-खंड हैं। 

  • यहाँ मुख्य पात्र कौन-कौन हैं? 

उत्तर: यहाँ मुख्य पात्र राजा और दरबारी हैं।

  • बीच वाले चित्र-खंड में क्या हो रहा है? 

उत्तर: बीच वाले चित्र-खंड में राजा के हाथ में हीरा है

  • यहाँ केवल चित्रों को देखकर कौन-कौन सी बातें पता चल रही हैं?

उत्तर: चित्रों से यह पता चल रहा है कि राजा ने दरबारियों को हीरे दिए हैं और एक दरबारी चुप है, जो राजा से उत्तर देने में हिचकिचा रहा है।

प्रश्न 2: इस चित्रकथा का नाम “नकली हीरे” क्यों रखा गया है? आप भी इस चित्रकथा का कोई उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
उत्तर: इस चित्रकथा का नाम ‘नकली हीरे’ इसलिए रखा गया है क्योंकि राजा ने उन दरबारियों को नकली हीरे दिए, जिन्होंने झूठ बोलकर राजा को प्रसन्न करने की कोशिश की थी। जब दरबारियों ने झूठे उत्तर दिए, तो राजा ने उनका इम्तिहान लिया और उन्हें नकली हीरे दिए।
एक उपयुक्त शीर्षक हो सकता है: “सच का इनाम”।

प्रश्न 3: राजा ने नकली हीरों का पुरस्कार किन्हें और क्यों दिया?
उत्तर: राजा ने नकली हीरे उन दरबारियों को दिए जिन्होंने झूठ बोला और राजा को खुश करने के लिए बढ़ा-चढ़ा कर उत्तर दिए। राजा ने यह दिखाने के लिए कि झूठ का कोई मूल्य नहीं है, उन्हें नकली हीरे दिए।

प्रश्न 4: राजा ने एक को छोड़कर अन्य सभी दरबारियों को नकली हीरे क्यों दिए? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
उत्तर: 
राजा ने एक को छोड़कर बाकी सभी दरबारियों को नकली हीरे दिए क्योंकि उन्होंने झूठे उत्तर दिए थे। राजा चाहता था कि सभी दरबारी सच्चाई और ईमानदारी से काम करें, इसलिए उन्हे नकली हीरे देकर यह सिखाया कि झूठ बोलने पर सच्ची सफलता नहीं मिलती। केवल एक दरबारी ने सच्चा उत्तर दिया और उसे असली हीरा मिला।

शब्दों से मित्रता

(पृष्ठ 82)

प्रश्न: नीचे दिए गए शब्दों को उनके उपयुक्त अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए —
उत्तर:हमारी समझ

(पृष्ठ 81-83)

इन प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर पर सूरज का चित्र () बनाइए—

उत्तर:

भाषा की बात

(पृष्ठ 83-85)

प्रश्न 1: ‘काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक बेटा था’
‘काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था’

(क) इन दोनों पंक्तियों को ध्यान से देखिए। दोनों में क्या अंतर है? 
उत्तर: पहली पंक्ति “काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक बेटा था।” में ‘एक’ शब्द से यह संकेत मिलता है कि राजा का केवल एक बेटा था, लेकिन इसमें किसी विशेषता की ओर संकेत नहीं किया गया है।
दूसरी पंक्ति “काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था।” में ‘ही’ शब्द यह स्पष्ट करता है कि राजा का बेटा केवल एक ही था, और अन्य कोई बेटा नहीं था। ‘ही’ शब्द से यह स्थिति की विशेषता पर बल दिया गया है।

(ख) आप भी कक्षा में पाँच-पाँच के समूह बनाकर ‘ही’ शब्द वाले चार वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:  ‘ही’ शब्द वाले चार वाक्यः

  1. वह ही मेरी मदद कर सकता है।
  2. तुम्हारा नाम ही मेरी किताब में लिखा हुआ है।
  3. यह रास्ता ही सही है।
  4. मैंने ही उस किताब को पढ़ा है।

प्रश्न 2: नीचे दिए गए वाक्यों में से जो आपको अपने लिए सबसे उपयुक्त लगते हैं, उनके सामने सही का चिह्न (✓) लगाइए—

उत्तर:


प्रश्न 3: अब ऊपर दी गई सूची में से अपनी मनभावन गतिविधि को चुनकर उस पर एक अनुच्छेद लिखिए। आप एक से अधिक गतिविधियाँ भी चुन सकते हैं।
उत्तर: मैं एक बहुत ही उत्साही और जिज्ञासु व्यक्ति हूँ। मुझे कहानियाँ और कविताएँ पढ़ना बहुत पसंद है क्योंकि इनसे मेरी सोच और कल्पना की शक्ति बढ़ती है। मुझे रोचक कहानियाँ सुनाना और लिखना भी अच्छा लगता है, क्योंकि इससे मैं अपनी भावनाओं और विचारों को शब्दों के माध्यम से व्यक्त कर सकता हूँ।
साथ ही, मुझे घूमने-फिरने और खेलने का भी बहुत शौक है। जब मैं बाहर जाता हूँ, तो मुझे नई जगहों और उनके रहन-सहन को देखकर बहुत खुशी मिलती है। मुझे चित्रकारी करना भी अच्छा लगता है क्योंकि रंगों से अपनी भावनाओं को व्यक्त करना मुझे बहुत संतुष्टि देता है।
संगीत सुनने का भी मुझे बहुत शौक है, क्योंकि संगीत मेरी आत्मा को शांति और आनंद देता है। इसके अलावा, मुझे गीत गाना या वाद्ययंत्र बजाना भी बहुत अच्छा लगता है क्योंकि यह मेरी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाता है और मुझे खुशी मिलती है।
अंत में, मुझे दूसरों के साथ काम करना और मित्र बनाना बहुत पसंद है, क्योंकि इससे मुझे समाज में घुलने-मिलने का अवसर मिलता है। मुझे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानने का भी बहुत शौक है, क्योंकि ये जीवन के सुंदर पहलुओं को समझने में मदद करते हैं।
इन सभी गतिविधियों के माध्यम से मैं न केवल अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत का ध्यान रखता हूँ, बल्कि नए अनुभव भी प्राप्त करता हूँ, जो जीवन को और भी रोचक बनाते हैं।

प्रश्न 4: “सब दरबारियों ने बारी-बारी से यही उत्तर दिया”
उपयुक्त पंक्ति में ‘बारी’ शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है। आप भी नीचे दिए ऐसे शब्दों से वाक्य बनाइए—

  • धीरे-धीरे – …………………………………………………………………………………………..
  • भिन्न-भिन्न – …………………………………………………………………………………………..
  • साथ-साथ – …………………………………………………………………………………………..
  • बार-बार – …………………………………………………………………………………………..

उत्तर:

  • धीरे-धीरे – वह धीरे-धीरे अपनी किताबें पढ़ रहा था, ताकि ध्यान से समझ सके।
  • भिन्न-भिन्न – हमारे स्कूल में भिन्न-भिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताएँ होती हैं।
  • साथ-साथ – वे दोनों साथ-साथ पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
  • बार-बार – उसने बार-बार अपनी गलतियाँ सुधारीं और अब वह सही तरीके से काम कर रहा है।

प्रश्न 5: “कृपा करके स्पष्ट उत्तर दीजिएगा!” कृपा जैसे शब्दों का प्रयोग विनम्रता दर्शाने के लिए किया जाता है। नीचे दिए गए ऐसे ही शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए और अपने समूह में एक-दूसरे से बातचीत करते हुए उनका प्रयोग कीजिए—  

  • कृपया – ……………………………………………………..  
  • धन्यवाद – ……………………………………………………..  
  • क्षमा कीजिए –  ……………………………………………………..  
  • आपका आभार – ……………………………………………………..  

उत्तर: 

  • कृपया – कृपया मुझे अपनी किताब दिखाइए।
  • धन्यवाद – मुझे समय देने के लिए धन्यवाद।
  • क्षमा कीजिए – क्षमा कीजिए, मैं थोड़ी देर से आ पाया।
  • आपका आभार – आपके सहायता के लिए मेरा आभार।

पाठ की विशेषताएँ

(पृष्ठ 85)

नीचे इस चित्रकथा की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं। आप भी इस पाठ्यपुस्तक में से किसी कहानी अथवा कविता की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: 
आपकी चित्रकथा

(पृष्ठ 86)

नीचे दी गई चित्रकथा के संवाद लिखिए। इसके लिए आप अपनी मातृभाषा का प्रयोग भी कर सकते हैं।
उत्तर: 

खोजिए और आनंद लीजिए

(पृष्ठ 87-88)

प्रश्न 1: नीचे दिए गए एक जैसे चित्रों में पाँच अंतर खोजिए –
उत्तर: 

प्रश्न 2: नीचे दिए गए चित्र में पाठ में आए पाँच शब्द छिपे हैं। खोजकर लिखिए —
उत्तर: इस चित्र में छिपे पाँच शब्द हैं, जो पाठ “नकली हीरे” से जुड़े हैं। वे शब्द हैं:

  • ईमानदारी (अलमारी में किताबों के बीच लिखा है)
  • हीरा (दीवार पर टंगी तस्वीर में लिखा है)
  • चुप (बिल्ली के तन पर)
  • राजा (टेबल पर पड़े लेंप पर)
  • जाँच (तस्वीर में दिखाई गए हाथ पर)

पुस्तकालय से

(पृष्ठ 88)

प्रश्न 1:  क्या आपने कोई चित्रकथा पढ़ी है? यदि हाँ तो अपने सहपाठियों को उसके विषय में बताइए।
उत्तर: हाँ, मैंने “पंचतंत्र की कहानियाँ” नाम की चित्रकथा पढ़ी है। इसमें जानवरों की मजेदार और शिक्षाप्रद कहानियाँ होती हैं। हर कहानी से हमें कोई न कोई अच्छी सीख मिलती है, जैसे दोस्ती की ताकत, समझदारी से काम लेना और सच्चाई का महत्व। चित्रों के माध्यम से कहानी और भी रोचक लगती है।

प्रश्न 2: अपने विद्यालय के पुस्तकालय में से कोई अन्य चित्रकथा ढूँढिए और अपने सहपाठियों के साथ पढ़िए।
उत्तर: मैंने विद्यालय के पुस्तकालय से “अकबर-बीरबल की कहानियाँ” नामक चित्रकथा ढूंढी। इसमें बीरबल की चतुराई और अकबर के सवाल-जवाब के किस्से चित्रों के साथ बहुत सुंदर ढंग से दिखाए गए हैं। मैं इसे अपने सहपाठियों के साथ पढ़ा और सबको बहुत आनंद आया।

06.जयपुर से पत्र- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए 

(पृष्ठ 64)

प्रश्न 1: आपको घूमना कैसा लगता है?
उत्तर: मुझे घूमना बहुत पसंद है क्योंकि इससे नई जगहें देखने को मिलती हैं और बहुत कुछ सीखने को मिलता है। घूमने से मन खुश रहता है और थकान भी दूर हो जाती है। मैं अपने परिवार या दोस्तों के साथ घूमना पसंद करता/करती हूँ।

प्रश्न 2: अगर आपके आस-पास कोई ऐसा स्थान है जहाँ बाहर से लोग घूमने आते हैं तो उसके विषय में बताइए।
उत्तर: मेरे आस-पास एक बड़ा पार्क है जहाँ बहुत सारे लोग घूमने आते हैं। वहाँ हरे-भरे पेड़ हैं और साफ़ रास्ते हैं। बच्चे वहाँ झूले और स्लाइड पर खेलते हैं। लोग वहाँ टहलने और आराम करने आते हैं। पार्क में एक तालाब भी है जहाँ बतखें तैरती हैं। मुझे वह जगह बहुत पसंद है क्योंकि वहाँ हवा अच्छी और जगह सुंदर होती है।

प्रश्न 3: अगर आपको किसी स्थान पर जाने का अवसर मिले तो आप कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर: अगर मुझे अवसर मिले तो मैं जयपुर जाना चाहूँगा क्योंकि वहाँ हवामहल, आमेर का दुर्ग, और जंतर-मंतर जैसे दर्शनीय स्थल हैं। मैं वहाँ की कला और संस्कृति को देखना चाहता हूँ।

प्रश्न 4: यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य कहीं पर घूमने गया हो तो उसके विषय में बताइए।
उत्तर: मेरी दादी-नानी पिछले साल मंदिर देखने हिमाचल प्रदेश गई थीं। उन्होंने वहाँ बहुत सुन्दर पहाड़ और नदियाँ देखीं। उन्होंने कहा कि वहाँ का मौसम बहुत अच्छा था और वे फिर से जाना चाहेंगी।

समझ की बात

(पृष्ठ 64-65)

नीचे कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। प्रश्नों के उत्तर में एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं। सही विकल्प के आगे () बनाइए।

उत्तर:

अपनी बात 

(पृष्ठ 65)

अमर के पत्र का एक अंश नीचे दिया गया है। इसे ध्यान से पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी समझ के अनुसार लिखिए – 
“परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए। हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही। अध्यापकों ने हमारा बहुत ध्यान रखा। यहाँ मौसम अच्छा है।” 
यात्रा में ऐसा क्या-क्या हुआ होगा कि अमर ने अपने पत्र में लिखा – 

(क) परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए। 
उत्तर: इसका मतलब है कि यात्रा के दौरान कोई समस्या या परेशानी नहीं हुई। सभी बच्चे सुरक्षित और ठीक-ठाक तरीके से जयपुर पहुँचे। रास्ते में कोई दुर्घटना या रुकावट नहीं आई।

(ख) हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही। 
उत्तर: यात्रा के दौरान बच्चे गाने गाते, खेलते और बाहर के सुंदर नज़ारे देखते हुए मज़े करते रहे होंगे। सफ़र आरामदायक और आनंददायक रहा होगा।

(ग) अध्यापकों ने हमारा बहुत ध्यान रखा। 
उत्तर: अध्यापकों ने समय-समय पर बच्चों को खाना खिलाया होगा, उनकी ज़रूरतों का ध्यान रखा होगा और यह सुनिश्चित किया होगा कि सभी बच्चे सुरक्षित और खुश रहें।

(घ) यहाँ मौसम अच्छा है।
उत्तर: जयपुर में मौसम सुखद और आरामदायक था। न बहुत गर्मी थी और न बहुत ठंड। आसमान साफ था, जिससे घूमने-फिरने का मज़ा दोगुना हो गया।

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 66)

प्रश्न 1: अमर ने जयपुर में क्या-क्या देखा?
उत्तर:
 अमर ने जयपुर में हवामहल, जंतर-मंतर, रामनिवास बाग, कला-संग्रहालय, आमेर का दुर्ग, शीशमहल, शिला देवी का मंदिर और राजस्थान के लोकनृत्य देखे।

प्रश्न 2: उसने कला-संग्रहालय को दर्शनीय क्यों बताया?
उत्तर: अमर ने कला-संग्रहालय को दर्शनीय इसलिए बताया क्योंकि वहाँ जयपुर के राजा-महाराजाओं के कपड़े, हथियार और चित्र रखे हुए हैं, जो देखने योग्य हैं।

प्रश्न 3: उसने आमेर के दुर्ग को बहुत बड़ा और पुराना क्यों कहा है?
उत्तर: 
अमर ने आमेर के दुर्ग को बहुत बड़ा और पुराना इसलिए कहा क्योंकि यह पुराना और खास दुर्ग है, जो कई साल पहले बना था और इसका आकार बहुत विशाल है।

अनुमान और कल्पना

(पृष्ठ 66)

प्रश्न 1: निम्नलिखित के बारे में अनुमान लगाइए कि ये क्या और कैसे होंगे?  
(क) जंतर-मंतर 
(ख) रामनिवास बाग  
(ग) शीशमहल  
(घ) हवामहल  

उत्तर:
(क) जंतर-मंतर: जंतर-मंतर एक बड़ा और खास स्थान है जहाँ पुराने जमाने के वैज्ञानिक यंत्र (इंस्ट्रूमेंट) होते हैं। ये यंत्र सूरज, चाँद और तारों की स्थिति बताने में मदद करते हैं। यहाँ बड़े-बड़े पत्थरों के बने उपकरण होंगे जो बहुत खास दिखते हैं।
(ख) रामनिवास बाग: रामनिवास बाग एक सुंदर बगीचा होगा जहाँ हरे-भरे पेड़-पौधे, रंग-बिरंगे फूल और साफ़-सुथरी सड़कें होंगी। लोग वहाँ टहलने और आराम करने आते होंगे।
(ग) शीशमहल: शीशमहल एक महल होगा जिसमें बहुत सारे छोटे-छोटे दर्पण लगे होंगे। ये दर्पण महल को चमकदार और सुंदर बनाते होंगे। वहाँ की दीवारें और छतें बहुत सुंदर और चमकीली होंगी।
(घ) हवामहल: हवामहल एक बड़ा महल है जिसमें कई छोटी-छोटी खिड़कियाँ और दरवाज़े होंगे। यह महल हवा आने देने के लिए खास तरीके से बनाया गया होगा ताकि वहाँ ठंडक रहती होगी। यह महल बहुत सुंदर और बड़ा होगा।

प्रश्न 2: अनुमान लगाकर बताइए कि उदयपुर को झीलों का नगर क्यों कहा जाता है।  
उत्तर:
 उदयपुर को झीलों का नगर इसलिए कहा जाता है क्योंकि वहाँ बहुत सारी सुंदर और बड़ी झीलें हैं। ये झीलें शहर के चारों ओर फैली हुई हैं और पानी से शहर खूबसूरत दिखता है। झीलों की वजह से वहाँ का मौसम भी अच्छा रहता है और लोग वहाँ आराम से घूमते-फिरते हैं। इसलिए उदयपुर को झीलों का शहर कहा जाता है।

आपकी रुचि का व्यंजन

(पृष्ठ 67)

प्रश्न: अब आप अपने रुचिकर व्यंजनों में से किसी एक के विषय में बताइए जो आपके घर में विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। संक्षेप में बताइए कि यह कैसे तैयार किया जाता है और इसमें क्या-क्या सामग्री डाली जाती है। 
उत्तर: मेरे घर में खास मौके पर हम पंजाबी छोले भटूरे बनाते हैं। इसे बनाना बहुत मजेदार होता है।
सामग्री:

  • छोले (काबुली चना)
  • आटा और सूजी (भटूरे के लिए)
  • दही (भटूरे में नरमी लाने के लिए)
  • टमाटर, प्याज
  • अदरक-लहसुन का पेस्ट
  • तेल, नमक
  • मसाले – हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला

बनाने की विधि: पहले छोले को रात भर पानी में भिगोकर उबालते हैं। फिर प्याज और टमाटर को तेल में भूनकर मसाले डालते हैं। इसके बाद उबले हुए छोले डालकर अच्छी तरह पकाते हैं। भटूरे के लिए आटे में थोड़ा बेसन मिलाकर घोल बनाते हैं और उसे गरम तेल में तलते हैं।
यह व्यंजन बहुत स्वादिष्ट और खास अवसरों पर सभी को पसंद आता है।

अभिवादन

(पृष्ठ 70)

प्रश्न 1: अमर ने अपने पिता को पत्र में ‘सादर प्रणाम’ लिखा है। सोचिए वह क्या लिखता यदि वह-  

उत्तर:


प्रश्न 2: आप अपने मित्र को पत्र लिखिए। पत्र में आस-पास के भ्रमण-स्थलों और प्रसिद्ध व्यंजनों के बारे में बताइए।  
उत्तर: 
प्रिय मित्र रोहन,
सप्रेम नमस्कार!

आशा करता हूँ कि तुम अच्छे और स्वस्थ हो। मैं इस समय जयपुर में हूँ और तुम्हें यहाँ के कुछ सुंदर भ्रमण-स्थलों और स्वादिष्ट व्यंजनों के बारे में बताना चाहता हूँ।

जयपुर, जिसे ‘गुलाबी नगर’ कहा जाता है, बहुत सुंदर और ऐतिहासिक शहर है। यहाँ घूमने के लिए कई प्रसिद्ध जगहें हैं। मैंने हवामहल, जंतर-मंतर, रामनिवास बाग और आमेर का दुर्ग देखा। आमेर में स्थित शीशमहल बहुत चमकदार और सुंदर है। वहाँ का शिला देवी मंदिर भी देखने लायक है।

जयपुर का कला संग्रहालय भी बहुत अच्छा है। वहाँ राजा-महाराजाओं के कपड़े, हथियार और चित्र रखे हुए हैं।

अब मैं तुम्हें यहाँ के खाने के बारे में बताता हूँ। जयपुर का सबसे प्रसिद्ध व्यंजन दाल-बाटी-चूरमा है, जो बहुत स्वादिष्ट है। साथ ही यहाँ की कचौरी, गट्टे की सब्ज़ी और मालपुआ भी बहुत मज़ेदार हैं।

अगर तुम कभी जयपुर आओगे तो मैं तुम्हें ये सारी जगहें घुमा दूँगा और साथ में स्वादिष्ट खाना भी खिलाऊँगा।
मुझे तुम्हारे पत्र का इंतजार रहेगा।

तुम्हारा मित्र,
अजय

भाषा की बात

(पृष्ठ 70-72)

प्रश्न 1: नीचे दिए गए उदाहरण को ध्यान से पढ़िए। अब आप भी उसी प्रकार नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए-  
उत्तर:
प्रश्न 2: नीचे दिए गए वाक्य को ध्यान से पढ़िए-   
अब इन्हें आगे बढ़ाइए-
उत्तर:
प्रश्न 3: तालिका को ध्यान से पढ़कर उपयुक्त वाक्य लिखिए-  
उत्तर:


प्रश्न 4: पत्र में आए शब्दों को वर्ग पहेली से खोजकर लिखिए-  
उत्तर:

प्रश्न 5: पत्र में संग्रहालय शब्द आया है। ऐसे और भी शब्द पता कीजिए, जैसे-विद्यालय। उन्हें समझिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।  

उत्तर:

  • विद्यालय – मैं हर रोज़ सुबह समय पर विद्यालय जाता हूँ।
  • संग्रहालय – जयपुर के संग्रहालय में बहुत सी पुरानी चीज़ें रखी गई हैं।
  • पुस्तकालय – हमारी कक्षा के पास एक शांत पुस्तकालय है जहाँ हम पढ़ने जाते हैं।
  • औषधालय – गाँव में नया औषधालय खुला है जहाँ मुफ्त दवाइयाँ मिलती हैं।
  • चित्रालय – कला प्रदर्शनी में बने चित्र चित्रालय में लगाए गए हैं।
  • धात्वालय – पुराने किले में एक प्राचीन धात्वालय देखने को मिला।
  • प्रदर्शालय – मेले में बच्चों के विज्ञान मॉडल प्रदर्शालय में रखे गए थे।

पता लगाइए

(पृष्ठ 73)

प्रश्न 1: जंतर-मंतर क्या है? भारत में यह जयपुर के अतिरिक्त और कहाँ-कहाँ स्थित है?
उत्तर: जंतर-मंतर एक बड़ा और पुराना वेधशाला (observation place) है जहाँ सूरज, चाँद और तारों की स्थिति मापने के लिए बड़े-बड़े पत्थरों के यंत्र बनाए गए हैं। ये वैज्ञानिक यंत्र पुराने समय के राजा महाराजाओं ने अपने खगोल विज्ञान के अध्ययन के लिए बनवाए थे।
भारत में जंतर-मंतर जयपुर के अलावा दिल्ली, उदयपुर और वाराणसी में भी बने हुए हैं।

प्रश्न 2: आपके राज्य में कौन-कौन से दर्शनीय स्थल हैं? उनका संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर: मेरे राज्य में कई दर्शनीय स्थल हैं। उदाहरण के लिए: उत्तर प्रदेश

  • ताजमहल (आगरा)
  • काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी)
  • संगम (प्रयागराज)
  • झाँसी का किला (झाँसी)

कुछ कीजिए 

(पृष्ठ 73)

प्रश्न 1: अपने शिक्षक या किसी बड़े सदस्य के साथ डाकघर जाइए। वहाँ क्या-क्या काम किए जाते हैं, इसकी जानकारी एकत्रित कीजिए। 
उत्तर: मैं अपने शिक्षक/बड़ों के साथ डाकघर गया/गई और वहाँ पर मैंने निम्नलिखित कार्य होते हुए देखे:

  • चिट्ठियों और पार्सल की डिलीवरी: लोग डाकघर से चिट्ठियाँ, आमंत्रण पत्र और पार्सल भेजते हैं और प्राप्त भी करते हैं।
  • डाक टिकट बेचना: डाकघर में डाक टिकट मिलते हैं जिन्हें चिट्ठियों पर लगाया जाता है।
  • मनी ऑर्डर सेवा: लोग पैसे भेजने और प्राप्त करने के लिए मनी ऑर्डर का उपयोग करते हैं।
  • बचत खाता और जमा योजना: डाकघर में बचत खाता खोला जा सकता है और वहाँ छोटी बचत योजनाएँ भी चलाई जाती हैं।
  • स्पीड पोस्ट सेवा: जरूरी दस्तावेज या सामान जल्दी भेजने के लिए स्पीड पोस्ट की सुविधा उपलब्ध है।
  • पेंशन वितरण: कुछ लोग पेंशन प्राप्त करने के लिए डाकघर जाते हैं।
  • बीमा योजनाएँ: डाकघर में जीवन बीमा और अन्य योजनाएँ भी उपलब्ध होती हैं।

डाकघर हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जहाँ पत्र-व्यवहार के साथ-साथ वित्तीय सेवाएँ भी उपलब्ध होती हैं।

प्रश्न 2: सभी विद्यार्थी चार-चार के समूह में भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों के चित्रों का संग्रह कर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए। 
उत्तर: 

शब्दों का फुहारा

(पृष्ठ 75)

फुहारे में दी गई शब्द पहेली को निर्देशों की सहायता से हल कीजिए –

उत्तर: 

  1. राजस्थान का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल – हवा महल
  2. महाराष्ट्र की एक प्रसिद्ध गुफा – अजंता गुफा
  3. हैदराबाद में एक प्रसिद्ध मीनार – चारमीनार
  4. कोलकाता का एक प्रसिद्ध पुल – हावड़ा ब्रिज
  5. दिल्ली का एक प्रसिद्ध किला – लाल किला
  6. आगरा का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल – ताजमहल

05.आसमान गिरा- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 53)

प्रश्न 1: खरगोश को ऐसा क्यों लगा कि आसमान गिर रहा है? यदि आप खरगोश के स्थान पर होते तो क्या करते?
उत्तर: खरगोश को ऐसा लगा कि आसमान गिर रहा है क्योंकि वह सो रहा था और तभी उसके पास एक ज़ोर की आवाज़ आई- “धम्म !” उसे लगा कोई बड़ी चीज़ गिरी है। 
यदि मैं खरगोश की जगह होता तो पहले चारों ओर देखता और पता लगाता कि आवाज़ कहाँ से आई है।

प्रश्न 2: क्या आपने कभी आसमान से किसी वस्तु को गिरते हुए देखा है? अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ, मैंने आसमान से वर्षा की बूँदों को गिरते हुए देखा है। जब बारिश होती है, तो बादलों से पानी की बूँदें धरती पर गिरती हैं। एक बार मैंने ओले गिरते हुए भी देखे थे — वे छोटे-छोटे बर्फ के टुकड़े थे जो तेजी से नीचे गिर रहे थे। यह देखने में बहुत रोमांचक था।

प्रश्न 3: यदि आप शेर के स्थान पर होते तो खरगोश को किस प्रकार समझाते? कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर: अगर मैं शेर की जगह होता, तो पहले सभी को शांत करता। फिर सभी की बातें ध्यान से सुनता और खरगोश से कारण पूछता कि उसने ऐसा क्यों कहा। इसके बाद, मैं सबको साथ लेकर उस स्थान पर जाता ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।

प्रश्न 4: इस कहानी से मिलती-जुलती कोई दूसरी घटना या कहानी कक्षा में सुनाइए।
उत्तरः इस कहानी से मिलती-जुलती कहानी है- “हाथी और मित्र”, जिसमें सभी जानवर मिलकर एक समस्या का हल निकालते हैं।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 54)

निम्नलिखित प्रश्नों के उचित उत्तर पर सही का चिह्न (✓) लगाइए—

उत्तर:

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 54-55)

प्रश्न 1: इस कहानी में किन-किन पात्रों का उल्लेख हुआ है? उनके नाम क्रम से लिखिए।
उत्तर: इस कहानी में पाँच पात्रों का ज़िक्र हुआ है। उनके नाम क्रम से हैं:

  • खरगोश
  • लोमड़ी
  • भालू
  • हाथी
  • शेर

प्रश्न 2: “आसमान गिर रहा है, भागो! भागो! जल्दी भागो!” खरगोश की यह बात सुनकर आपके अनुसार पशुओं को क्या करना चाहिए था?
उत्तर:
 खरगोश की बात सुनकर जानवरों को पहले उसका कारण समझना चाहिए था। उन्हें बिना देखे भागने के बजाय यह जानना चाहिए था कि सच में क्या गिरा है। डरने से पहले सोच-विचार करना जरूरी है।

प्रश्न 3: कहानी में आपको कौन-सा पात्र सबसे अच्छा लगा और क्यों?
उत्तर:
 मुझे शेर सबसे अच्छा लगा क्योंकि उसने सबको रोका, समझदारी से प्रश्न पूछे और सच्चाई का पता लगाया। उसने डरने की बजाय सोच-समझकर काम किया।

प्रश्न 4: यदि शेर भी भगदड़ में शामिल हो जाता और प्रश्न न पूछता तो क्या होता?
उत्तर: अगर शेर भी बिना सोचे भागने लगता, तो सब जानवर यूँ ही डरते रहते और किसी को यह नहीं पता चलता कि सच में क्या गिरा है। फिर सच्चाई सामने नहीं आती और सब डरते रहते।

भाषा की बात

(पृष्ठ 54-57)

प्रश्न 1: निम्नलिखित पंक्तियों को नीचे दिए गए उचित विराम चिह्नों की सहायता से पूरा कीजिए—  
(क) अरे! इतना बड़ा हाथी
(ख) मैंने खरगोश, लोमड़ी, भालू, हाथी, शेर जंगल में देखे हैं
(ग) ये पुस्तकें कितनी हैं
(घ) वाह! कितने सुंदर फूल हैं
उत्तर:
(क) अरे! इतना बड़ा हाथी!
(ख) मैंने खरगोश, लोमड़ी, भालू, हाथी और शेर जंगल में देखे हैं।
(ग) ये पुस्तक किसकी है?
(घ) वाह! कितने सुंदर फूल हैं!

प्रश्न 2: कहानी में एक कथन आया है—  
“भागते-भागते उसे एक लोमड़ी मिली” इस वाक्य में ‘भागते-भागते’ शब्द-युग्म का प्रयोग हुआ है।  
अब निम्नलिखित शब्द-युग्मों की सहायता से एक-एक वाक्य लिखिए—”


उत्तर:


प्रश्न 3: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िए और दिए गए उदाहरण के अनुसार प्रश्न बनाईए


उत्तर:


प्रश्न 4: नीचे दिए गए शब्दों में मात्रा लगाकर और हटाकर नए-नए शब्द बनाइए।
उदाहरण के अनुसार इन शब्दों से वाक्य बनाकर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

उत्तर:

वाक्य 
(क) यही: 
यही मेरी पेंसिल है। 
कह: उसने मुझे एक कहानी कह। 
(ख) भरी: यह बोतल पानी से भरी है। 
पढ़: हमें रोज़ पढ़ना चाहिए। 
(ग) रही: वह गाना गा रही है। 
कल: कल रविवार है। 
(घ) फली: यह मटर की फली है। 
सब: कक्षा में सब बच्चे अच्छे हैं।

प्रश्न 5: आसमान पर आधारित कुछ मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इन मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
(क) आसमान छूना
(ख) आसमान गिरना
(ग) आसमान सिर पर उठाना
(घ) जमीन-आसमान एक करना
उत्तर:
(क) आसमान छूना
अर्थ: बहुत ऊँचाई या सफलता प्राप्त करना।
वाक्य: मेहनत करके रवि ने सफलता के ऐसे मुकाम पर पहुँचा कि जैसे उसने आसमान छू लिया।

(ख) आसमान गिरना
अर्थ: बहुत बड़ी मुसीबत आना।
वाक्य: परीक्षा में फेल होते ही उसे लगा जैसे उस पर आसमान गिर पड़ा हो।

(ग) आसमान सिर पर उठाना
अर्थ: बहुत शोर मचाना या हंगामा करना।
वाक्य: बच्चों ने स्कूल में शोर मचाकर पूरा आसमान सिर पर उठा लिया।

(घ) ज़मीन-आसमान एक करना
अर्थ: बहुत मेहनत करना या पूरी कोशिश करना।
वाक्य: परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए रीना ने ज़मीन-आसमान एक कर दिया।

प्रश्न 6: चित्र देख कर वाकय लिखिए –
​​​​उत्तर:अनुमान और कल्पना

(पृष्ठ 57)

प्रश्न 1: कल्पना कीजिए कि यदि खरगोश के स्थान पर शेर और शेर के स्थान पर खरगोश होता तो क्या होता? अपनी कहानी बनाइए और कक्षा में सुनाइए।
उत्तर: अगर पेड़ के नीचे शेर सो रहा होता और कोई आवाज़ सुनाई देती, तो वह घबराता नहीं। वह उठकर आवाज़ का कारण देखता और उसे नीचे गिरा हुआ फल दिखता। वह समझ जाता कि डरने जैसी कोई बात नहीं है।
दूसरी ओर, यदि खरगोश शेर होता, तो वह घबरा जाता और बिना कुछ सोचे दौड़ने लगता। उसके पीछे बाकी जानवर भी डरकर भागते। इस तरह शेर की समझदारी से जानवरों में अफरा-तफरी नहीं मचती।

प्रश्न 2: कहानी में खरगोश ने कुछ गिरने की आवाज़ सुनकर घबराकर कहा कि आसमान गिर रहा है। यदि ऐसी ही आवाज़ हाथी ने सुनी होती तो क्या वह भी इतना घबराता? सोचिए और अपनी बात सहपाठियों को सुनाइए।
उत्तर: अगर हाथी ने आवाज़ सुनी होती तो वह डरता नहीं। वह बहुत शांत स्वभाव का होता है। वह इधर-उधर देखता और समझदारी से सोचता कि आवाज़ क्यों आई। उसे फल गिरा हुआ दिखता और वह बाकी जानवरों को भी समझाता कि डरने की कोई बात नहीं है।

प्रश्न 3: यदि खरगोश के स्थान पर कौआ चौंक जाता और उड़ने लगता तो उसे रास्ते में कौन-कौन मिलता और उससे क्या-क्या पूछता? कल्पना कीजिए और एक कहानी सुनाइए।
उत्तर: अगर कौआ डरकर उड़ने लगता तो वह सबसे पहले पेड़ पर बैठी मैना से मिलता। मैना पूछती – “क्या हुआ कौए भाई?”
कौआ कहता – “आसमान गिर रहा है, जल्दी उड़ो!”
फिर वे दोनों उड़ते हुए तोता, कबूतर और उल्लू से मिलते और वही बात कहते। सब पक्षी डरकर उड़ने लगते।
तभी एक समझदार हंस उन्हें रोकता और पूछता – “तुम सब क्यों डर रहे हो?”
हंस सबको नीचे ले जाकर दिखाता कि केवल फल गिरा है। फिर सब हँसते हैं और कौआ कहता – “अब से मैं बिना सोचे कुछ नहीं कहूँगा।”

ढूँढिए और गिनिए

(पृष्ठ 58)

प्रश्न: नीचे दिखाए गए चित्र में पात्रों की संख्या गिनकर रिक्त स्थान पर लिखिए __

उत्तर:

कलाकारी 

(पृष्ठ 58-59)

प्रश्न 1: दिए गए चित्र में रंग भरिए –
उत्तरः


प्रश्न 2: नीचे दिए गए चित्रों के अनुसार शिक्षक की सहायता से कागज की पुतलियाँ बनाकर इस कहानी का अभिनय कक्षा में कीजिए।
उत्तरः छात्र इसे स्वयं करें
सुझाव: 

  • चित्रों में दिखाए अनुसार कागज़ से भालू, शेर, हाथी, बिल्ली और खरगोश की उँगली-पुतलियाँ (finger puppets) बनाइए।
  • इन पुतलियों का उपयोग करके “खरगोश और शेर” की कहानी का अभिनय कीजिए।
  • हर बच्चा किसी एक जानवर की भूमिका निभाए और संवाद बोलकर कहानी को नाटक की तरह प्रस्तुत करे।

प्रश्न 3: नीचे दिए गए चित्रों के अनुसार शिक्षक/अभिभावक की सहायता से कागज की छतरी बनाइए।
उत्तरः छात्र इसे स्वयं करें
सुझाव: 

  • चित्रों में दिए गए चरणों का पालन करके शिक्षक/अभिभावक की सहायता से कागज़ की सुंदर छतरी बनाइए।
  • इस प्रक्रिया में बच्चे काटना, मोड़ना और चिपकाना सीखेंगे।
  • अंत में एक छड़ी लगाकर छतरी को पूरा करें।
  • बच्चे तैयार छतरी को रंग भी सकते हैं या सजावट कर सकते हैं।

04.हमारा आहार-पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 42)

दिए गए चित्र पर बातचीत कीजिए—

प्रश्न 1: चित्र में आपको क्या-क्या दिख रहा है?
उत्तर:
 चित्र में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और सेहतमंद व्यंजन नजर आ रहे हैं, जैसे सब्ज़ी, चावल-दाल, पापड़, पराठा, डोसा, दही, लस्सी, मिठाई, और केले के पत्ते पर रखे ढोकला, इडली, उपमा तथा पूरी-परोसा हुआ भोजन।

प्रश्न 2: आपके लिए आहार क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
 आहार हमारे शरीर को ऊर्जा देता है, हमें बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है और हमें स्वस्थ बनाए रखता है।

प्रश्न 3: आपको क्या खाना पसंद है?
उत्तर: मुझे इडली, डोसा, दाल-चावल, फल और हरी सब्ज़ियाँ खाना बहुत पसंद है क्योंकि ये स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं।

प्रश्न 4: खाने में सावधानी रखना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: साफ-सुथरा और सही मात्रा में खाना ज़रूरी है, क्योंकि गंदा या अधिक मात्रा में खाना खाने से पेट की बीमारी हो सकती है।

प्रश्न 5: क्या आपको लगता है कि केवल आहार ही हमें स्वस्थ रख सकता है या स्वस्थ रहने के लिए कुछ और भी आवश्यक है? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।
उत्तर: नहीं, केवल आहार ही नहीं, स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम, पर्याप्त नींद, साफ-सफाई और समय पर भोजन करना भी ज़रूरी है। इससे शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।

कविता के आधार पर

(पृष्ठ 42-45)

प्रश्न 1: नीचे एक तालिका दी गई है। दिए गए उदाहरण के आधार पर तालिका को पूरा कीजिए

उत्तर: 
प्रश्न 2: निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तरों का चयन करके उनके सामने दी गई जगह पर सेब का चित्र ( ) बनाइए—


उत्तर:


प्रश्न 3: नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए—
(क) हमें फलों और फूलों के बगीचे क्यों लगाने चाहिए?
उत्तर: हमें फलों और फूलों के बगीचे इसलिए लगाने चाहिए क्योंकि ये हमें ताजे फल और फूल प्रदान करते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। इसके अलावा, यह हमारे पर्यावरण को भी शुद्ध करता है और हमें ताजगी का एहसास दिलाता है।

(ख) हमें भूख से अधिक क्यों नहीं खाना चाहिए?
उत्तर: हमें भूख से अधिक खाना नहीं चाहिए क्योंकि इससे हमारी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। अधिक खाने से पेट पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे पेट में दर्द और पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। 

(ग) “ताजा खाना हरदम खाओ, नहीं बहाना कभी बनाओ।” इस पंक्ति के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?
उत्तर: इस पंक्ति का मतलब है कि हमें हमेशा ताजा और अच्छा खाना खाना चाहिए। हमें खराब या बासी खाना नहीं खाना चाहिए और बहाने भी नहीं बनाने चाहिए। ताजा खाना खाने से हम तंदरुस्त रहते हैं।

(घ) भोजन का सेवन किस प्रकार करने की सलाह दी गई है और क्यों?
उत्तर: भोजन का सेवन सादा और संतुलित तरीके से करने की सलाह दी गई है। हमें अपनी भूख के अनुसार भोजन करना चाहिए और अत्यधिक भोजन से बचना चाहिए। ताजे, पौष्टिक और सही समय पर भोजन से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है और हम बीमारियों से बच सकते हैं।

प्रश्न 4: मिलान कीजिए
उत्तर:

प्रश्न 5: चित्र में दी गई साग-भाजियों को पहचानिए और उनके नाम नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में लिखिए

उत्तर: 

प्रश्न 6: नीचे दिए गए कथनों को ‘हाँ जी हाँ’ और ‘ना जी ना’ से पूरा कीजिए—

उत्तर:

अनुमान और कल्पना

(पृष्ठ 45)

प्रश्न 1: अगर आपके पास एक छोटा-सा खेत होता तो आप उसमें कौन-से फल और साग-भाजी उगाते और क्यों?
उत्तर:
 अगर मेरे पास छोटा-सा खेत होता, तो मैं उसमें टमाटर, आलू, गाजर, खीरा और पालक उगाता। ये सब बहुत अच्छे होते हैं और हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। हम इनका इस्तेमाल सब्जी, सलाद या सूप बनाने में कर सकते हैं।

प्रश्न 2: अगर आप इस कविता में कुछ और खाद्य पदार्थ जोड़ सकते तो आप क्या जोड़ते और क्यों?
उत्तर:
 अगर मैं इस कविता में कुछ और खाद्य पदार्थ जोड़ सकता, तो मैं पत्तागोभी, शिमला मिर्च और ब्रोकोली जोड़ता। ये सब स्वस्थ होते हैं और हमारी सेहत के लिए अच्छे होते हैं। 

प्रश्न 3. कल्पना कीजिए कि आपने स्वस्थ आहार से संबंधित एक प्रतियोगिता में भाग लिया है। प्रतियोगिता में आप कौन-से तीन सबसे अच्छे खाद्य पदार्थ चुनेंगे?
उत्तर:
 अगर मैं स्वस्थ आहार प्रतियोगिता में भाग लेता, तो मैं दही, गाजर और खीरा चुनता।

  • दही: यह पाचन में मदद करता है और शरीर को ठंडक देता है।
  • गाजर: यह हमारी आँखों के लिए अच्छा है और इसमें विटामिन A होता है।
  • खीरा: यह हमें ताजगी देता है और गर्मी में बहुत अच्छा लगता है।

भाषा की बात

(पृष्ठ 45-47)

प्रश्न 1: रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—
(क) खाने में सलाद अधिक और तले हुए व्यंजन …………………. खाएँ।
(ख) अच्छी आदतों को भूलना नहीं, …………………. रखना चाहिए।
(ग) गर्मी के मौसम में सूती और ……………… के मौसम में ऊनी कपड़े पहनने चाहिए।
(घ) सही समय पर सोइए और सही समय पर ……………… ।

उत्तर:
(क) खाने में सलाद अधिक और तले हुए व्यंजन कम खाएँ।
(ख) अच्छी आदतों को भूलना नहीं, याद रखना चाहिए।
(ग) गर्मी के मौसम में सूती और सर्दी के मौसम में ऊनी कपड़े पहनने चाहिए।
(घ) सही समय पर सोइए और सही समय पर जागिए

प्रश्न 2: ‘नियमित’ शब्द ‘नियम’ में ‘इत’ जोड़कर बना है। ऐसे ही नीचे दिए गए शब्दों में ‘इत’ लगाकर नए शब्द बनाइए—उत्तर:


प्रश्न 3: वर्ग पहेली में नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द ढूँढिए और उनसे वाक्य बनाइए—
उत्तर: 

प्रश्न 4: नीचे दिए गए शब्दों में से आपको केवल वर्ण बदलकर फल अथवा साग-तरकारी का नाम लिखना है। ध्यान रखिए कि मात्रा न बदले —

उत्तर:

पता लगाइए

(पृष्ठ 47-48)

प्रश्न: अपने माता-पिता/शिक्षकों की सहायता से पता लगाइए कि आपके यहाँ तालिका में दी गई साग-तरकारियों को क्या कहा जाता है। इनके अतिरिक्त अन्य साग-तरकारियों के भी प्रचलित तथा स्थानीय नाम लिखिए।
उत्तर: 

समझिए और लिखिए

(पृष्ठ 48-49)

प्रश्न 1: शिक्षक की सहायता से पौधे के विभिन्न भागों की पहचान कीजिए तथा उनके 

उत्तर:

प्रश्न 2: नीचे दिए चित्र को देखकर उस पर दस वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए
उत्तर:

  1. यह चित्र एक बाजार की सुंदर झलक दिखाता है।
  2. यहाँ कई लोग फल और सब्ज़ियाँ खरीद रहे हैं।
  3. एक महिला अपनी बेटी के साथ ताजी सब्ज़ियाँ खरीद रही है।
  4. एक विक्रेता ठेले पर ताजी सब्ज़ियाँ बेच रहा है।
  5. दूसरी ओर एक फल विक्रेता फल बेच रहा है।
  6. एक बच्चा गुब्बारे लेकर खुश है।
  7. बाजार में लोग आपस में हंसते-खेलते दिख रहे हैं।
  8. सभी लोग गर्मी में छाँव के नीचे खड़े हैं।
  9. बाजार की इस जगह पर साफ-सुथरी और रंगीन वस्तुएं दिख रही हैं।
  10. यह चित्र गाँव की सरल और सुखद जिंदगी को दर्शाता है।

आनंदमयी गतिविधि

(पृष्ठ 49-50)

प्रश्न 1: नीचे दी गई सारणी में आपको स्वस्थ और अस्वस्थ खाद्य/पेय पदार्थों के नाम लिखने हैं। आपको यह तय करना है कि कौन-सा खाद्य पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक है और कौन-सा हानिकारक।
उत्तर: 

प्रश्न 2: पुरानी पत्रिकाओं और समाचार पत्रों से भिन्न-भिन्न फलों और साग-भाजियों के चित्र काटिए। इन चित्रों का कोलाज बनाकर उसे कोई प्यारा-सा नाम भी दीजिए।
उत्तर: 

प्रश्न 3: एक डिब्बे में कागज की पर्चियाँ लीजिए, जिन पर कुछ फलों और साग-भाजियों के नाम लिखे होंगे। डिब्बे में से एक पर्ची निकालिए। अब आप उस पर्ची पर लिखे हुए फल या साग-भाजी के गुण और विशेषताएँ बताइए। आप उस फल या साग-भाजी की विशेषताएँ ऐसे बताएँ, जैसे आप ही वह फल या साग-भाजी हैं।
उत्तर: (मान लीजिए डिब्बे से अमरुद की पर्ची निकली है।)
नमस्ते! मैं अमरुद हूँ। मैं एक फल हूँ जो हरा रंग का होता है और अंदर से सफेद या गुलाबी रंग का मीठा गूदा होता है। मैं बहुत ही स्वादिष्ट और सेहतमंद फल हूँ। मेरे अंदर विटामिन C बहुत होता है, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। मुझे आप साल भर खा सकते हैं क्योंकि मैं हर मौसम में मिलता हूँ। मैं शरीर को ठंडक पहुँचाता हूँ और पाचन में भी मदद करता हूँ। मैं खाने में मीठा और थोड़ा खट्टा होता हूँ, जिससे मुझे सभी लोग पसंद करते हैं। मैं आम के साथ-साथ बहुत सारे फलों के सलाद में भी इस्तेमाल होता हूँ। मैं आसानी से टूटता नहीं हूँ और मेरी त्वचा मोटी होती है। मुझे ताजा खाना सबसे अच्छा होता है। मैं आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हूँ।

बूझो तो जानें

(पृष्ठ 50)

कड़वी भाजी मैं कहलाता,
रहता सदा अकेला।
मध्य हटे कला बन जाऊँ,
प्रथम हटे तो रेला।

उत्तर: करेला

हरी थी, मन भरी थी,
लाख मोती जड़ी थी।
किसानों के खेत में,
दुशाला ओढ़े खड़ी थी।

उत्तर: भुट्टा

तीन अक्षर का मेरा नाम,
खाने के आता हूँ काम।
मध्य कटे हवा हो जाता,
अंत कटे तो हल कहलाता।

उत्तर: हलवा