03.नीम- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

(पृष्ठ 28)

प्रश्न 1: नीम के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं? 
उत्तर:
 नीम एक बहुत उपयोगी पेड़ है। इसके पत्ते कड़वे होते हैं, लेकिन यह कई बीमारियों को ठीक करता है। नीम की छाया में ठंडी हवा मिलती है, जो वातावरण को साफ भी करती है। कई पक्षी जैसे चिड़िया, तोता और कौआ नीम के पेड़ पर रहते हैं।

प्रश्न 2: आपने अपने परिवेश में बहुत से पेड़-पौधे देखे होंगे। कुछ के नाम बताइए।
उत्तर: 
हाँ, मैंने अपने परिवेश में कई पेड़-पौधे देखे हैं। जैसे – आम का पेड़, नीम का पेड़, गुलाब का पौधा, पीपल का पेड़, तुलसी का पौधा, अशोक का पेड़।  

प्रश्न 3: आप विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की पहचान किस आधार पर कर पाते हैं?  
उत्तर:
 मैं पेड़-पौधों की पहचान उनके पत्तों के आकार, फूलों के रंग, फलों की तरह और उनकी खुशबू से कर पाता हूँ। कुछ पेड़ों का तना भी अलग दिखता है, जिससे पहचान करना आसान होता है।

प्रश्न 4: पेड़-पौधों से जुड़ा अपना कोई अनुभव सुनाइए, जैसे आपने कोई पौधा लगाया हो या किसी वृक्ष की छाया के नीचे आप खेलते हों।  
उत्तर: 
मैंने अपने घर के बाहर एक आम का पौधा लगाया था। मैं रोज़ उसे पानी देता था और उसकी देखभाल करता था। धीरे-धीरे वह बड़ा हुआ और हमें स्वादिष्ट आम देने लगा। हमें उसके नीचे बैठकर आराम करना बहुत अच्छा लगता है।

प्रश्न 5: आपको सबसे अच्छा पेड़ कौन-सा लगता है? आपके पड़ोस में कौन-सा पेड़ सबसे अच्छा लगता है और क्यों? 
उत्तर:
 मुझे पीपल का पेड़ सबसे अच्छा लगता है। हमारे पड़ोस में एक बड़ा पीपल का पेड़ है, जिसकी छाया गर्मियों में बहुत ठंडी और आरामदायक होती है। यह पेड़ हवा को साफ करता है और पक्षियों के लिए भी अच्छा घर है।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 28-29)

प्रश्न 1: इस कविता में किन पक्षियों के नाम आए हैं? उनके नाम लिखिए।  
उत्तर:
 कविता में इन पक्षियों के नाम आए हैं:

  • चिड़िया
  • कौआ
  • तोता

प्रश्न 2: नीम से किन-किन रोगों में लाभ हो सकता है? किसी से उनके नाम पता करके लिखिए।  

उत्तर:

प्रश्न 3: नीम का वृक्ष सबका मन कैसे बहलाता है?
उत्तर: 
जब हवा चलती है तो नीम का पेड़ धीरे-धीरे झूमता है। उसकी पत्तियाँ हिलती हैं और ठंडी हवा चलने लगती है। यह ठंडी हवा सबको अच्छी लगती है और सबका मन खुश हो जाता है। नीम का ऐसा झूमना सबका मन बहलाता है।

प्रश्न 4: कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़िए:  

इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द ‘नेह’ का भाव है प्यार व स्नेह। अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(क) नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है? 
उत्तर:
 नीम का वृक्ष पक्षियों को अपनी शाखाओं पर बैठने और घोंसला बनाने की जगह देता है। नीम उन्हें ठंडी छाया और आराम की जगह देता है। इस तरह नीम अपना नेह यानी प्यार और स्नेह, सभी पक्षियों पर जताता है।

(ख) आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?
उत्तर: 
मेरे परिवार के सदस्य मुझसे नेह दिखाते हैं — वे मेरी देखभाल करते हैं, मुझे प्यार से बातें सिखाते हैं और हर समय मेरा ध्यान रखते हैं। मेरे अध्यापक भी नेह जताते हैं — वे मुझे पढ़ाते हैं, मेरी गलतियाँ सुधारते हैं, मेरी मदद करते हैं और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रश्न 5: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(क) ‘प्रदूषित वायु’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
 प्रदूषित वायु वह हवा होती है जो धूल, धुएँ, और हानिकारक गैसों से गंदी हो जाती है, जिससे हमें सांस लेने में दिक्कत होती है और बीमारियाँ हो सकती हैं।

(ख) वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?
उत्तर:
 वृक्ष गंदी हवा को साफ करते हैं। वे हवा से धूल और खराब गैसों को अपने अंदर लेते हैं और हमें साफ ऑक्सीजन देते हैं। इससे हवा शुद्ध हो जाती है और हम अच्छे से सांस ले पाते हैं।

प्रश्न 6: नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं?
(क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है”
कविता की पंक्तियाँ — ……………………………………………………
उत्तर:

“नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।”

(ख) “नीम का वृक्ष निरंतर प्रसन्न रहता है”
कविता की पंक्तियाँ — …………………………………………………..
उत्तर: 
“लहराता-बलखाता नीम,
दिनभर हँसता-गाता नीम।”

भाषा की बात

(पृष्ठ 28-31)

प्रश्न 1: नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए —

इन दोनों वाक्यों में ‘लड़की’ व ‘लड़का’ संज्ञा शब्द हैं। आपने ध्यान दिया होगा कि लड़की के लिए ‘पढ़ती’ और लड़के के लिए ‘पढ़ता’ क्रिया रूप का प्रयोग किया गया है। यह अंतर ‘लिंग’ के कारण आया है। ‘लिंग’ संज्ञा शब्दों के बारे में बताता है कि यह संज्ञा शब्द स्त्रीवाचक है या पुल्लिंग। इसे नीचे दिए गए उदाहरणों से समझते हैं—

(क) अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग  है।

उत्तर:

(ख) नीचे रखी टोकरी में बहुत से फल और साग-भाजी दिखाए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग  की श्रेणी में रखिए।

उत्तर:


प्रश्न 2: ‘प्रदूषित’ शब्द में ‘प्र’ लगा है। ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर नीचे लिखिए।

उत्तर:
अभिनय

(पृष्ठ 31)

प्रश्न: ‘नीम’ कविता में बहुत से क्रिया शब्द आए हैं। कविता एक बार पुनः पढ़िए और नीचे लिखे क्रिया शब्दों के भाव के अनुसार अभिनय कीजिए—

  • लहराना
  • हँसना
  • नेह जताना
  • बलखाना
  • गाना
  • भगाना

उत्तर: 

  • लहराना: अपने दोनों हाथों को धीरे-धीरे ऊपर नीचे या इधर-उधर हिलाकर ऐसे दिखाएँ जैसे कोई पेड़ की डाली या झंडा हवा में लहरा रहा हो।
  • हँसना: मुँह खोलकर या मुस्कुराते हुए खुश होकर हँसने का अभिनय करें।
  • नेह जताना: किसी को गले लगाकर, सिर पर हाथ रखकर या प्यार से मुस्कुराकर यह दिखाएँ कि आप उसे स्नेह दे रहे हैं।
  • बलखाना: शरीर को हल्के से मोड़कर या घूमते हुए लहराने का अभिनय करें, जैसे कोई बेल या नदी बलखाती है।
  • गाना: मुँह खोलकर ऐसे अभिनय करें जैसे आप मधुर सुर में गीत गा रहे हों। चाहें तो हल्की आवाज में कोई छोटा गीत भी गा सकते हैं।
  • भगाना: डराने या हाथ हिलाने का अभिनय करें जैसे आप किसी को (जैसे – बीमारी या बुराई) दूर भगा रहे हैं।

वृक्ष एक, गुण अनेक

(पृष्ठ 32-34)

प्रश्न 1: वृक्षों की बहुत-सी विशेषताएँ होती हैं, उन विशेषताओं को लिखिए।

उत्तर: 

प्रश्न 2: नीचे कुछ वृक्षों/पौधों की पत्तियों के चित्र हैं। उनके नाम उलट-पुलट गए हैं। उन्हें पहचानकर मिलान कीजिए। अपनी भाषा में भी उनके नाम पता करके लिखिए।

उत्तर:

प्रश्न 3: नीचे दी गई पत्तियों को पहचानिए और इनके नाम तथा विशेषताएँ अपने अध्यापकों तथा अभिभावकों की सहायता से लिखिए—

उत्तर: 

प्रश्न 4: आपके परिवेश में जो भी पत्ते दिखते हैं, उनका संग्रहण कीजिए। पत्तों को किसी मोटे कागज पर चिपकाइए। उनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उनके बारे में दो-दो वाक्य लिखिए।
उत्तर: यहाँ आपके परिवेश में दिखने वाले पत्तों के संग्रहण और उनकी विशेषताओं के आधार पर दो-दो वाक्यों का उदाहरण दिया गया है। आप अपने आसपास के पत्तों के अनुसार इसे बदल सकते हैं:

  • पीपल का पत्ता: पीपल का पत्ता हृदय के आकार का होता है। यह धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा में विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।
  • बरगद का पत्ता: बरगद के पत्ते की छाया घनी होती है। इसके पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं।
  • आम का पत्ता: आम के पत्ते का उपयोग बंदनवार बनाने में किया जाता है। यह पेड़ गर्मियों में ठंडी छाया प्रदान करता है।
  • कमल का पत्ता: कमल के पत्ते का आकार गोल और बड़ा होता है। पानी की बूंदें इस पत्ते पर टिकती नहीं और फिसल जाती हैं।
  • नीम का पत्ता: नीम के पत्ते तीखे होते हैं और इसके औषधीय गुण होते हैं। यह कीड़ों से बचाव में मदद करता है।
  • पालक का पत्ता: पालक के पत्ते हरे और मुलायम होते हैं। यह आयरन से भरपूर होता है और भोजन में उपयोग किया जाता है।

मैं नीम हूँ

(पृष्ठ 35-36)

प्रश्न 1: नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए—

उत्तर: 


प्रश्न 2: आपने नीम के बहुत से गुणों के बारे में जाना। इसकी टहनियों, पत्तियों, निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे औषधीय वृक्ष भी कहते हैं। अपने सहपाठियों से चर्चा करके कुछ और औषधीय पेड़-पौधों एवं लताओं के नाम नीचे लिखिए।
उत्तर: 


प्रश्न 3: आप नीम की डालियों पर रस्सी डालकर झूला झूलने का आनंद लेना चाहते हैं। आप वहाँ झूला डालने गए। कल्पना कीजिए कि नीम की डालियाँ आपसे बातें करने लगीं। उस संवाद को लिखिए—

उत्तर: 

बूझो तो जानें

(पृष्ठ 36)

1. पगड़ी में भी, गगरी में भी, और तुम्हारी नगरी में भी।
कच्ची खाओ, पक्की खाओ, सिर पर उसका तेल लगाओ।

उत्तर: गरी

2. मैं भाग नहीं सकती फिर भी लोग मुझे बाँधते हैं। बताओ मैं कौन हूँ?
उत्तर: हाथ घड़ी

3. वह क्या है जहाँ नदी, नहर, समुद्र है पर गाड़ियाँ नहीं?
उत्तर: मानचित्र

4. वह क्या है जिसे देखा जा सकता है पर छुआ नहीं जा सकता?
उत्तर: छाया

02.बगीचे का घोंघा –

पाठ्यपुस्तक समाधान

(पृष्ठ 17)

ऊपर दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
प्रश्न 1: यह कौन-सा जीव है?
उत्तर: 
यह एक घोंघा है।

प्रश्न 2: आपने इसे कहाँ देखा है?
उत्तर: 
मैंने इसे बगीचे में और गीली ज़मीन पर देखा है।

प्रश्न 3: आपने इसे किस मौसम में अधिक देखा है?
उत्तर: मैंने इसे बारिश के मौसम में अधिक देखा है।

प्रश्न 4: आपको अपने घर और विद्यालय में कौन-कौन से जीव दिखाई देते हैं?
उत्तर: मुझे घर और विद्यालय में चींटी, मक्खी, मच्छर, तितली, छिपकली, चिड़िया, कबूतर, बिल्ली और मेंढक दिखाई देते हैं।

प्रश्न 5: घोंघा उन जीवों से किस बात में भिन्न है?
उत्तर: घोंघा उन जीवों (चींटियाँ, मकड़ियाँ, गौरैया, छिपकली) से भिन्न है क्योंकि यह अपने साथ एक खोल लेकर चलता है और धीरे-धीरे रेंगता है, जबकि अन्य ज्यादातर तेजी से चलते या उड़ते हैं।

बातचीत के लिए(पृष्ठ 21)
प्रश्न 1: घोंघा को बगीचे (उद्यान) के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन क्यों लगते थे?
उत्तर:
 घोंघा बहुत धीरे-धीरे चलता था, इसलिए उसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने में दो दिन लग जाते थे।

प्रश्न 2: आप अपने विद्यालय कैसे जाते हैं और आपको कितना समय लगता है?
उत्तर: 
मैं अपने विद्यालय साइकिल से जाता हूँ और मुझे पहुँचने में लगभग 15-20 मिनट का समय लगता है।

प्रश्न 3: घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था?
उत्तर: 
घोंघा बाहर की दुनिया को देखना चाहता था और जानना चाहता था कि बगीचे के बाहर की दुनिया कैसी होती है।

प्रश्न 4:  आपका कहाँ-कहाँ जाने का मन करता है?
उत्तर: मेरा समुद्र तट, पहाड़ों और बड़े पार्कों में घूमने का मन करता है।

प्रश्न 5: आप घूमने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं और किसके साथ जाते हैं?
उत्तर: मैं घूमने के लिए बाजार, दोस्तों व रिश्तेदारों के घर जाता हूँ। मैं अक्सर अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ ही बाहर जाता हूँ।

पाठ के भीतर

(पृष्ठ 21-22)

नीचे दिए गए प्रश्नों के सटीक उत्तर के सामने सूरज का चित्र () बनाइए—

प्रश्न 1: 

उत्तर:


प्रश्न 2:

उत्तर:


प्रश्न 3: 

उत्तर:

प्रश्न 4: 

उत्तर:


प्रश्न 5: छेद से बाहर निकलते ही घोंघे का जिन वस्तुओं से सामना हुआ, उनमें से कुछ वस्तुएँ छूट गई हैं। उन्हें पूरा कीजिए –
उत्तर: 

सोचिए और लिखिए(पृष्ठ 22-23)
प्रश्न 1: उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को कौन-सी बात याद आती थी?
उत्तर: उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को याद आता था कि उसकी माँ उससे कहा करती थीं, ‘वहाँ कभी मत जाना। वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है’।

प्रश्न 2: छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघा चकित क्यों रह गया?
उत्तर: छेद के दूसरी ओर पहुँचते ही घोंघा चकित रह गया क्योंकि वहाँ उसे बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा मैदान दिखाई दिया, जो उसने पहले कभी नहीं देखा था।

प्रश्न 3: घोंघे ने ऐसा क्यों कहा होगा कि उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे चलता है?
उत्तर: घोंघे ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उद्यान में जीवन बहुत शांत और धीमा था, जबकि बाहर की दुनिया में सब कुछ तेज़ी से चल रहा था, जैसे गिलहरी का फुदकना और कुत्ते का गेंद के पीछे भागना।

प्रश्न 4: घोंघे की तरह आपको अपने घर, विद्यालय तथा आस-पास क्या-क्या अद्भुत लगता है और क्यों?
उत्तर: मुझे अपने घर का बगीचा अद्भुत लगता है क्योंकि वहाँ रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। विद्यालय में पुस्तकालय बहुत अच्छा लगता है क्योंकि वहाँ नई-नई कहानियाँ मिलती हैं। आस-पास का पार्क भी अद्भुत लगता है जहाँ खेलते समय बहुत मज़ा आता है।

प्रश्न 5: घोंघे ने उद्यान के भीतर और बाहर क्या-क्या देखा? नीचे लिखिए—
उत्तर: 
भाषा की बात(पृष्ठ 23)
प्रश्न 1: कहानी में आए निम्न शब्दों के आधार पर वाक्य बनाकर लिखिए।

 उत्तर: 


प्रश्न 2: जब घोंघे के ऊपर सूखा पत्ता गिरा, तब उसने ‘वाह!’ न कहकर ‘उई!’ कहा। आपके मुँह से कब ‘वाह’ और ‘उई’ जैसे शब्द निकलते हैं? 

उत्तर: वाह!
जब हमें कोई चीज़ अच्छी या सुन्दर लगती है तब हमारे मुँह से वाह निकलता है, जैसे:
वाह! आसमान में कितना सुंदर इंद्रधनुष है।
वाह! कितना स्वादिष्ट भोजन है।
उई!
उई शब्द गिरने, चोट लगने या डर लगने पर ही मुँह से निकलता है, 
जैसे:
उई! मैंने कपड़े गंदे कर दिए।
उई! मुझे सूई चुभ गई।


प्रश्न 3: घोंघे ने अपने शंख में कौन-कौन सा सामान बाँधा होगा? 

उत्तर: 

मिलान कीजिए(पृष्ठ 24)प्रश्न: नीचे लिखी बातें घोंघे ने कब-कब कहीं? मिलान कीजिए —

उत्तर:

विभिन्न ध्वनियाँ

(पृष्ठ 24-25)

प्रश्न: ‘उसी समय खड़-खड़ की ध्वनि आई’ यहाँ सूखे पत्तों के गिरने की ध्वनि ‘खड़-खड़’ जैसी है। इनकी ध्वनियाँ कैसी होंगी

उत्तर:

अपनी-अपनी विशेषताएँ(पृष्ठ 25)
प्रश्न: घोंघे ने उद्यान से बाहर आकर जो भी देखा, वह किसी-न-किसी रूप में विशेष था। पाठ के आधार पर उनकी विशेषताएँ लिखिए—

उत्तर: 

अनुमान और कल्पना(पृष्ठ 26)
इतने समय तक वहाँ रहने के का‍रण घोंघा उद्यान का कोना-कोना पहचान गया था।
प्रश्न 1: अनुमान लगाकर बताइए कि घोंघा उद्यान में कब से रह रहा होगा।
उत्तर: 
घोंघा बहुत लंबे समय से, शायद कई वर्षों से उद्यान में रह रहा होगा क्योंकि वह उद्यान के कोने-कोने को पहचानता था।

प्रश्न 2: घोंघे को उद्यान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे और उसे वापस लौटने में 48 घंटे लगते थे। ऐसा क्यों ?
उत्तर: 
घोंघा बहुत धीरे-धीरे चलता था। इसलिए उसे एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने में दो दिन (48 घंटे) का समय लगता था और लौटने में भी उतना ही समय लगता था।

प्रश्न 3: आप अपने विद्यालय में कितने वर्षों से पढ़ रहे हैं? आपने वहाँ अब तक क्या-क्या देखा है?
उत्तर: 
मैं अपने विद्यालय में पिछले 5 वर्षों से पढ़ रहा/रही हूँ। मैंने वहाँ सुंदर बगीचा, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, खेल का मैदान, और विज्ञान प्रयोगशाला देखी है।

प्रश्न 4: आपको अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान और विद्यालय के मुख्य द्वार तक जाने में कितना समय लगता है?
उत्तर: 
मुझे अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान तक पहुँचने में लगभग 2-3 मिनट और विद्यालय के मुख्य द्वार तक पहुँचने में लगभग 5 मिनट का समय लगता है।

घोंघे से आपकी भेंट

(पृष्ठ 27)

प्रश्न: घोंघे को सबसे पहले बच्चों के खेलने का स्थान दिखाई दिया। कल्पना कीजिए कि बच्चों ने घोंघे को देखा और उससे बातें कीं।
उत्तर:

01.चिड़िया का गीत- पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए(पृष्ठ 3)
प्रश्न 1: पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है या नहीं? कारण भी बताइए।
उत्तर: हाँ, पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है क्योंकि घर उन्हें बारिश, धूप, ठंड और हवा से बचाता है। बिना घर के वे बाहर खुले में खतरे में पड़ सकते हैं।

प्रश्न 2: आपके परिवार के सदस्य घर से बाहर क्यों जाते हैं?
उत्तर: मेरे परिवार के सदस्य घर से बाहर काम करने, स्कूल जाने, बाज़ार से सामान लाने और ज़रूरी काम करने के लिए जाते हैं।

प्रश्न 3: जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं या बाहर से आते हैं तो आपको कैसा लगता है और क्यों?
उत्तर: जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं, तो मुझे उनकी चिंता होती है और उनका इंतजार रहता है। जब वे बाहर से आते हैं, तो खुशी और राहत महसूस होती है क्योंकि वे सुरक्षित लौट आते हैं।

प्रश्न 4: जब कोई अतिथि आपके घर आता है या आप किसी रिश्तेदार के यहाँ जाते हैं तो आपको कैसा लगता है?
उत्तर: जब कोई अतिथि हमारे घर आता है या हम किसी संबंधी के यहाँ जाते हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। नए लोगों और रिश्तेदारों से मिलना, बातें करना और साथ में समय बिताना एक बहुत अच्छा अनुभव होता है।

प्रश्न 5: क्या आपको लगता है कि पक्षियों की तरह हम भी धीरे-धीरे बड़े होते हैं और फिर उनकी तरह ही संसार देखते हैं? अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ, हम भी पक्षियों की तरह धीरे-धीरे बड़े होते हैं और फिर उनकी तरह ही संसार को देखना और समझना सीखते हैं। बचपन में मैं बहुत-सी चीज़ें नहीं समझता था, लेकिन अब मैं सीख रहा हूँ और अपने अनुभवों से दुनिया को बेहतर ढंग से देख पा रहा हूँ।

कविता के लिए(पृष्ठ 4-5)प्रश्न 1: नीचे दिए गए प्रश्‍नों में चार विकल्प दिए गए हैं। प्रश्‍नों के उत्तर में एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं—

उत्तर:

ख: कविता में ‘अंडे जैसा था आकार’ का प्रयोग निम्नलिखित में से किसके लिए किया गया है—

उत्तर:

ग: तब मैं यही समझती थी
बस इतना-सा ही है संसार’
इन पंक्तियों में ‘इतना-सा’ का अर्थ है—


उत्तर:


प्रश्न 2: ​नीचे दी गई कविता की पंक्तियों का मिलान उनके नीचे दी गई उपयुक्त पंक्तियों से कीजिए –

 उत्तर:

सोचिए और लिखिए

(पृष्ठ 5)प्रश्न 1: पक्षी को यह संसार कब-कब छोटा लगा?
उत्तर: जब चिड़िया अंडे में थी, घोंसले में रही और शाखाओं पर बैठी, तब उसे यह संसार छोटा लगा।

प्रश्न 2: खुले आकाश में उड़ते समय पक्षी ने क्या-क्या देखा होगा जिससे उसे लगा कि संसार बहुत बड़ा है?
उत्तर: खुले आकाश में उड़ते समय चिड़िया ने पहाड़, समुद्र, जंगल, खेत और बड़े-बड़े मैदान देखे होंगे, जिससे उसे लगा कि संसार बहुत बड़ा है।

प्रश्न 3: क्यों पक्षियों की चहचहाहट (कलरव) सुबह और शाम सुनाई देती है?
उत्तर: क्योंकि यह उनका प्राकृतिक व्यवहार है और वे सुबह और शाम अपने घोंसलों से बाहर आते हैं।

समझ और अनुभव(पृष्ठ 6)प्रश्न 1: जब कोई बच्चा घोंसले से बाहर आता है तो उसे लगता है कि संसार बहुत बड़ा है। क्या आपको भी घर से बाहर निकलते समय ऐसा ही अनुभव होता है और क्यों?
उत्तर: हाँ, मुझे भी कभी-कभी घर से बाहर निकलते समय ऐसा लगता है। घर में रहते हुए हमारे अनुभव सीमित रहते हैं, लेकिन घर से बाहर निकलते ही नए-नए दृश्य और लोग देखने को मिलती हैं। यह सब हमें अहसास कराता है कि दुनिया बहुत बड़ी है।

प्रश्न 2: एक पक्षी की तरह आप भी धीरे-धीरे बड़े हो रहे हैं। अब तक आपमें भी कई परिवर्तन आए हैं। नीचे दिए गए विकल्पों के अनुसार आपने आने वाले परिवर्तनों को लिखिए।

  • शारीरिक परिवर्तन
  • विचारों में परिवर्तन
  • समझ में परिवर्तन
  • खान-पान में परिवर्तन
  • मित्रता में परिवर्तन
  • खेल
  • गीत-संगीत
  • पढ़ाई-लिखाई
  • नृत्य और अभिनय

इनके अतिरिक्त यदि आपको किसी अन्य परिवर्तन की अनुभूति होती है तो उसे भी कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर:

  • शारीरिक परिवर्तन: लंबाई बढ़ी, आवाज़ गहरी हुई।
  • खान-पान में परिवर्तन: बचपन में मीठा पसंद था, अब स्वस्थ भोजन पसंद है।
  • गीत-संगीत: अब मुझे अच्छे बोलों वाले गाने पसंद हैं।
  • रुचियों में परिवर्तन: पहले केवल खेलों में रुचि थी, अब विज्ञान में दिलचस्पी।
  • पढ़ना-लिखना: लिखावट साफ हो गई और पढ़ने-समझने की क्षमता भी बढ़ी।
  • चित्रकारी: अब मैं पहले से बेहतर चित्र बना सकता हूँ।
  • समझ में परिवर्तन: भावनाओं, रिश्तों को गहराई से समझने लगा हूँ।
  • खेल: पहले खेल केवल मनोरंजन के लिए थे, अब टीमवर्क और अनुशासन भी सीखा।
  • नृत्य और अभिनय: अब स्टेज पर आत्मविश्वास से प्रदर्शन करता हूँ।

प्रश्न 3: पहले चिड़िया को लगता था कि यह संसार बहुत छोटा है परंतु सच्चाई कुछ और ही थी। उस समय आपको कैसा लगा जब आपने इनमें से किसी एक को पहली बार देखा—

  • रेलगाड़ी
  • मॉल
  • पहाड़
  • जलयान
  • चार या छह वीथियों वाली सड़कें
  • रेगिस्तान या मरुस्थल
  • मेट्रो ट्रेन
  • समुद्र
  • वायुयान
  • जंगल
  • खेत
  • नदी

इनके अतिरिक्त, आपके कुछ और अनुभव हो सकते हैं, उन्हें भी कक्षा में अवश्य साझा कीजिए।
उत्तर: कविता में चिड़िया ने पहले समझा कि संसार बहुत छोटा है, लेकिन जब उसने आकाश में उड़ान भरी, तब उसे एहसास हुआ कि संसार बहुत बड़ा है। मुझे भी जब मैंने पहली बार समुद्र या पहाड़ देखा, तो मुझे बहुत बड़ा और विशाल अनुभव हुआ। मुझे यह समझ में आया कि जो मैं पहले सोचता था, वह पूरी सच्चाई नहीं थी; दुनिया उससे कहीं ज्यादा बड़ी है।

चित्रों की भाषा(पृष्ठ 7)प्रश्न: नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए। चित्र से मेल खाती कविता की कुछ पंक्तियाँ उदाहरण के रूप में दी गई हैं। अब कविता की उपयुक्त पंक्तियों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

उत्तर:

अनुमान और कल्पना

(​पृष्ठ 7)प्रश्न 1: कविता में ‘आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार’ का क्या अर्थ हो सकता है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि पक्षी ने आकाश में उड़कर अपनी सीमाओं को पार किया और संसार की विशालता को महसूस किया।

प्रश्न 2: पक्षी आकाश में बहुत दूर तक उड़ते हैं। लंबी दूरी, हजारों पेड़ों और सैकड़ों घोंसलों के बीच पक्षी अपना घोंसला कैसे ढूंढ़ते होंगे?
उत्तर: पक्षी अपनी उड़ान के दौरान आकाश में अपने घोंसले के आसपास के पेड़ों और संकेतों को पहचानते हैं। उनका अद्भुत इंद्रिय बोध उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करता है।

प्रश्न 3: पक्षियों ने आकाश में उड़कर यह जाना कि संसार बहुत बड़ा है। हमारे पूर्वजों को यह बात कैसे पता चली होगी?
उत्तर: हमारे पूर्वजों ने प्राकृतिक परिवेश और यात्रा के अनुभवों के माध्यम से यह जाना कि संसार बहुत बड़ा है। वे अपनी यात्रा और आसमान में उड़ने वाले पक्षियों से प्रेरित हुए होंगे।

प्रश्न 4: जब आप कहीं बाहर जाते हैं तो घर के बड़े-बूढ़े आपको कुछ हिदायतें देकर भेजते हैं। क्या पक्षियों के माता-पिता भी उन्हें उड़ने के पूर्व कुछ हिदायतें देते होंगे? अगर हाँ, तो वे हिदायतें क्या हो सकती हैं?
उत्तर: हाँ, पक्षियों के माता-पिता भी उन्हें उड़ने से पहले हिदायतें देते होंगे। वे उन्हें सुरक्षित यात्रा के लिए सही दिशा में उड़ने और किसी भी खतरों से बचने के बारे में मार्गदर्शन करते होंगे।

आकार-प्रकार
(पृष्ठ 9)
प्रश्न: कविता में ‘अंडे जैसा आकार’ का उल्‍लेख है। नीचे कुछ और चित्र दिए गए हैं जो अलग-अलग आकारों के हैं। चिन्‍हों के नीचे उनके नाम लिखिए। इस कार्य में आप अपने शिक्षक की सहायता भी ले सकते हैं।

उत्तर:

भाषा की बात
(पृष्ठ 9-11)प्रश्न 1: “फिर मैं निकल गई शाखों पर, हरी-भरी थीं जो सुकुमार” कविता की इस पंक्ति में ‘सुकुमार’ शब्द आया है। यह ‘सु’ और ‘कुमार’ के मेल से बना है जिसका अर्थ है—कोमल या कोमल अंगों वाला। आप भी इसी प्रकार कुछ नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ खोजिए

उत्तर:

प्रश्न 2: नीचे दिए गए वाक्यों में कुछ रिक्त स्थान हैं और कुछ शब्द रेखांकित किए गए हैं। उन शब्दों से वाक्यों को पूरा कीजिए जो रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ रखते हैं—
(क) सूखा और …………. कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालें।
(ख) दिल्ली मेरे घर से …………. है लेकिन गुवाहाटी पास में है।
(ग) अमर कब …………. और कब गया, पता ही नहीं चला।
(घ) कोई भी काम न तो बड़ा होता है और न ही ………….।
उत्तर:
(क) सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालें।
(ख) दिल्ली मेरे घर से दूर है लेकिन गुवाहाटी पास में है।
(ग) अमर कब आया और कब गया, पता ही नहीं चला।
(घ) कोई भी काम न तो बड़ा होता है और न ही छोटा

प्रश्न 3: आइए, अब एक रोचक संवाद पढ़ते हैं –

इतना-सा, उतना-सा, जितना-सा और कितना-सा
इन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए और उनके अर्थ भी समझाइए । फिर आपको राजू  जितने रुपये मिल जाएंगे।
अब नीचे दिए गए शब्दों से वाक्य बनाकर सलमा की सहायता कीजिए—

इतना-सा _______________________________________________________________
उतना-सा _______________________________________________________________
जितना-सा _______________________________________________________________
कितना-सा _______________________________________________________________

उत्तर: इतना-सा

  • वाक्य: “तुम्हें उतने नहीं मिल सकते तो मुझे कितना-सा मिल सकते हैं?”
  • अर्थ: यह शब्द कुछ छोटा या सीमित मात्रा में होने को दर्शाता है। जैसे, यहाँ पर छोटे से पैसे मिलने की बात की जा रही है।

उतना-सा

  • वाक्य: “तुम्हें उतने नहीं मिल सकते तो मुझे उतना-सा मिल सकता है?”
  • अर्थ: यह शब्द किसी चीज़ के बराबर या उतनी ही मात्रा को दर्शाता है।

जितना-सा

  • वाक्य: “नहीं, मुझे रज्जु जितने ही रुपये चाहिए।”
  • अर्थ: यह शब्द किसी विशेष मात्रा को दर्शाता है, जितने की उम्मीद की जा रही है।

कितना-सा

  • वाक्य: “इतने पैसे तो ऐसे नहीं मिल सकते, तो फिर कितना-सा मिल सकते हैं?”
  • अर्थ: यह शब्द किसी अनिश्चित या अनुमानित मात्रा को दर्शाता है।

पाठ से आगे(पृष्ठ 11)
प्रश्न: पक्षी भोजन की खोज में घोंसले से बाहर उड़ते हैं। यह जानना रोचक होगा कि कौन-सा पक्षी क्या खाता है। नीचे कुछ पक्षियों के नाम दिए गए हैं। पता कीजिए कि वे क्या खाते हैं—
उत्तर: 

आनंदमयी गतिविधि
(पृष्ठ 13-14)प्रश्न 1: नीचे दिए गए अक्षर जाल में पक्षियों के नाम खोजिए और उनके बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए।

उत्तर: 


प्रश्न 2: जब शिशु पक्षी चहचहाते हैं तो एक मधुर ध्वनि सुनाई देती है। आओ, हम भी शिशु पक्षियों की तरह चहचहाएँ।
सभी बच्चे अपनी एक हथेली अपने होठों पर रखें। सभी मिलकर चूँ-चूँ की ध्वनि निकालें। आपको लगेगा कि आप ही पेड़ की शाखाओं से शिशु पक्षी बनकर यह ध्वनि निकाल रहे हैं। बस पक्षियों की चहचहाहट सुनिए और आनंद लीजिए।
पक्षियों की ध्वनियों को निकालना और सुनना सभी को रोचक लगता है। आओ, अब हम बारी-बारी से किसी भी पक्षी की ध्वनि निकालें और तालियों की गड़गड़ाहट से उसका स्वागत करें।
उत्तर: जब छोटे-छोटे चिड़िया के बच्चे चूँ-चूँ करते हैं, तो उनकी आवाज़ बहुत मीठी लगती है। चलो, हम भी उनकी तरह चूँ-चूँ की आवाज़ निकालते हैं।
सभी बच्चे अपनी एक हथेली को अपने होठों पर रखें और चूँ-चूँ की आवाज़ निकालें। ऐसा लगेगा जैसे हम भी पेड़ पर बैठे नन्हे पक्षी हैं और चहचहा रहे हैं।
पक्षियों की आवाज़ निकालना और सुनना मजेदार होता है। अब बारी-बारी से कोई भी बच्चा किसी पक्षी की आवाज़ निकाले और बाकी बच्चे तालियाँ बजाकर उसका स्वागत करें।
इससे हम खेल-खेल में पक्षियों की आवाज़ों को पहचानना सीखेंगे और बहुत मज़ा भी आएगा।

प्रश्न 3: नीचे पशु-पक्षियों से संबंधित कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। पहेलियों का उपयुक्त चित्रों से मिलान कीजिए—

उत्तर:

बोलिए फटाफट
(पृष्ठ 15)प्रश्न: नीचे कुछ रोचक और चुनौतीपूर्ण पहेलियाँ दी गई हैं, शीघ्रता से उनका उत्तर दीजिए

उत्तर: