बातचीत के लिए
(पृष्ठ 28)

प्रश्न 1: नीम के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं?
उत्तर: नीम एक बहुत उपयोगी पेड़ है। इसके पत्ते कड़वे होते हैं, लेकिन यह कई बीमारियों को ठीक करता है। नीम की छाया में ठंडी हवा मिलती है, जो वातावरण को साफ भी करती है। कई पक्षी जैसे चिड़िया, तोता और कौआ नीम के पेड़ पर रहते हैं।
प्रश्न 2: आपने अपने परिवेश में बहुत से पेड़-पौधे देखे होंगे। कुछ के नाम बताइए।
उत्तर: हाँ, मैंने अपने परिवेश में कई पेड़-पौधे देखे हैं। जैसे – आम का पेड़, नीम का पेड़, गुलाब का पौधा, पीपल का पेड़, तुलसी का पौधा, अशोक का पेड़।
प्रश्न 3: आप विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की पहचान किस आधार पर कर पाते हैं?
उत्तर: मैं पेड़-पौधों की पहचान उनके पत्तों के आकार, फूलों के रंग, फलों की तरह और उनकी खुशबू से कर पाता हूँ। कुछ पेड़ों का तना भी अलग दिखता है, जिससे पहचान करना आसान होता है।
प्रश्न 4: पेड़-पौधों से जुड़ा अपना कोई अनुभव सुनाइए, जैसे आपने कोई पौधा लगाया हो या किसी वृक्ष की छाया के नीचे आप खेलते हों।
उत्तर: मैंने अपने घर के बाहर एक आम का पौधा लगाया था। मैं रोज़ उसे पानी देता था और उसकी देखभाल करता था। धीरे-धीरे वह बड़ा हुआ और हमें स्वादिष्ट आम देने लगा। हमें उसके नीचे बैठकर आराम करना बहुत अच्छा लगता है।
प्रश्न 5: आपको सबसे अच्छा पेड़ कौन-सा लगता है? आपके पड़ोस में कौन-सा पेड़ सबसे अच्छा लगता है और क्यों?
उत्तर: मुझे पीपल का पेड़ सबसे अच्छा लगता है। हमारे पड़ोस में एक बड़ा पीपल का पेड़ है, जिसकी छाया गर्मियों में बहुत ठंडी और आरामदायक होती है। यह पेड़ हवा को साफ करता है और पक्षियों के लिए भी अच्छा घर है।

पाठ के भीतर
(पृष्ठ 28-29)
प्रश्न 1: इस कविता में किन पक्षियों के नाम आए हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर: कविता में इन पक्षियों के नाम आए हैं:
- चिड़िया
- कौआ
- तोता
प्रश्न 2: नीम से किन-किन रोगों में लाभ हो सकता है? किसी से उनके नाम पता करके लिखिए।


उत्तर:
प्रश्न 3: नीम का वृक्ष सबका मन कैसे बहलाता है?
उत्तर: जब हवा चलती है तो नीम का पेड़ धीरे-धीरे झूमता है। उसकी पत्तियाँ हिलती हैं और ठंडी हवा चलने लगती है। यह ठंडी हवा सबको अच्छी लगती है और सबका मन खुश हो जाता है। नीम का ऐसा झूमना सबका मन बहलाता है।
प्रश्न 4: कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़िए:

इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द ‘नेह’ का भाव है प्यार व स्नेह। अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(क) नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है?
उत्तर: नीम का वृक्ष पक्षियों को अपनी शाखाओं पर बैठने और घोंसला बनाने की जगह देता है। नीम उन्हें ठंडी छाया और आराम की जगह देता है। इस तरह नीम अपना नेह यानी प्यार और स्नेह, सभी पक्षियों पर जताता है।
(ख) आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?
उत्तर: मेरे परिवार के सदस्य मुझसे नेह दिखाते हैं — वे मेरी देखभाल करते हैं, मुझे प्यार से बातें सिखाते हैं और हर समय मेरा ध्यान रखते हैं। मेरे अध्यापक भी नेह जताते हैं — वे मुझे पढ़ाते हैं, मेरी गलतियाँ सुधारते हैं, मेरी मदद करते हैं और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रश्न 5: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(क) ‘प्रदूषित वायु’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: प्रदूषित वायु वह हवा होती है जो धूल, धुएँ, और हानिकारक गैसों से गंदी हो जाती है, जिससे हमें सांस लेने में दिक्कत होती है और बीमारियाँ हो सकती हैं।
(ख) वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?
उत्तर: वृक्ष गंदी हवा को साफ करते हैं। वे हवा से धूल और खराब गैसों को अपने अंदर लेते हैं और हमें साफ ऑक्सीजन देते हैं। इससे हवा शुद्ध हो जाती है और हम अच्छे से सांस ले पाते हैं।
प्रश्न 6: नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं?
(क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है”
कविता की पंक्तियाँ — ……………………………………………………
उत्तर:
“नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।”
(ख) “नीम का वृक्ष निरंतर प्रसन्न रहता है”
कविता की पंक्तियाँ — …………………………………………………..
उत्तर:
“लहराता-बलखाता नीम,
दिनभर हँसता-गाता नीम।”
भाषा की बात
(पृष्ठ 28-31)
प्रश्न 1: नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए —

इन दोनों वाक्यों में ‘लड़की’ व ‘लड़का’ संज्ञा शब्द हैं। आपने ध्यान दिया होगा कि लड़की के लिए ‘पढ़ती’ और लड़के के लिए ‘पढ़ता’ क्रिया रूप का प्रयोग किया गया है। यह अंतर ‘लिंग’ के कारण आया है। ‘लिंग’ संज्ञा शब्दों के बारे में बताता है कि यह संज्ञा शब्द स्त्रीवाचक है या पुल्लिंग। इसे नीचे दिए गए उदाहरणों से समझते हैं—

(क) अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।


उत्तर:
(ख) नीचे रखी टोकरी में बहुत से फल और साग-भाजी दिखाए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की श्रेणी में रखिए।



उत्तर:
प्रश्न 2: ‘प्रदूषित’ शब्द में ‘प्र’ लगा है। ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर नीचे लिखिए।


उत्तर:
अभिनय
(पृष्ठ 31)
प्रश्न: ‘नीम’ कविता में बहुत से क्रिया शब्द आए हैं। कविता एक बार पुनः पढ़िए और नीचे लिखे क्रिया शब्दों के भाव के अनुसार अभिनय कीजिए—
- लहराना
- हँसना
- नेह जताना
- बलखाना
- गाना
- भगाना
उत्तर:
- लहराना: अपने दोनों हाथों को धीरे-धीरे ऊपर नीचे या इधर-उधर हिलाकर ऐसे दिखाएँ जैसे कोई पेड़ की डाली या झंडा हवा में लहरा रहा हो।
- हँसना: मुँह खोलकर या मुस्कुराते हुए खुश होकर हँसने का अभिनय करें।
- नेह जताना: किसी को गले लगाकर, सिर पर हाथ रखकर या प्यार से मुस्कुराकर यह दिखाएँ कि आप उसे स्नेह दे रहे हैं।
- बलखाना: शरीर को हल्के से मोड़कर या घूमते हुए लहराने का अभिनय करें, जैसे कोई बेल या नदी बलखाती है।
- गाना: मुँह खोलकर ऐसे अभिनय करें जैसे आप मधुर सुर में गीत गा रहे हों। चाहें तो हल्की आवाज में कोई छोटा गीत भी गा सकते हैं।
- भगाना: डराने या हाथ हिलाने का अभिनय करें जैसे आप किसी को (जैसे – बीमारी या बुराई) दूर भगा रहे हैं।
वृक्ष एक, गुण अनेक
(पृष्ठ 32-34)
प्रश्न 1: वृक्षों की बहुत-सी विशेषताएँ होती हैं, उन विशेषताओं को लिखिए।


उत्तर:
प्रश्न 2: नीचे कुछ वृक्षों/पौधों की पत्तियों के चित्र हैं। उनके नाम उलट-पुलट गए हैं। उन्हें पहचानकर मिलान कीजिए। अपनी भाषा में भी उनके नाम पता करके लिखिए।



उत्तर:
प्रश्न 3: नीचे दी गई पत्तियों को पहचानिए और इनके नाम तथा विशेषताएँ अपने अध्यापकों तथा अभिभावकों की सहायता से लिखिए—

उत्तर:
प्रश्न 4: आपके परिवेश में जो भी पत्ते दिखते हैं, उनका संग्रहण कीजिए। पत्तों को किसी मोटे कागज पर चिपकाइए। उनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उनके बारे में दो-दो वाक्य लिखिए।
उत्तर: यहाँ आपके परिवेश में दिखने वाले पत्तों के संग्रहण और उनकी विशेषताओं के आधार पर दो-दो वाक्यों का उदाहरण दिया गया है। आप अपने आसपास के पत्तों के अनुसार इसे बदल सकते हैं:
- पीपल का पत्ता: पीपल का पत्ता हृदय के आकार का होता है। यह धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा में विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।
- बरगद का पत्ता: बरगद के पत्ते की छाया घनी होती है। इसके पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं।
- आम का पत्ता: आम के पत्ते का उपयोग बंदनवार बनाने में किया जाता है। यह पेड़ गर्मियों में ठंडी छाया प्रदान करता है।
- कमल का पत्ता: कमल के पत्ते का आकार गोल और बड़ा होता है। पानी की बूंदें इस पत्ते पर टिकती नहीं और फिसल जाती हैं।
- नीम का पत्ता: नीम के पत्ते तीखे होते हैं और इसके औषधीय गुण होते हैं। यह कीड़ों से बचाव में मदद करता है।
- पालक का पत्ता: पालक के पत्ते हरे और मुलायम होते हैं। यह आयरन से भरपूर होता है और भोजन में उपयोग किया जाता है।
मैं नीम हूँ
(पृष्ठ 35-36)
प्रश्न 1: नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए—

उत्तर:



प्रश्न 2: आपने नीम के बहुत से गुणों के बारे में जाना। इसकी टहनियों, पत्तियों, निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे औषधीय वृक्ष भी कहते हैं। अपने सहपाठियों से चर्चा करके कुछ और औषधीय पेड़-पौधों एवं लताओं के नाम नीचे लिखिए।
उत्तर:


प्रश्न 3: आप नीम की डालियों पर रस्सी डालकर झूला झूलने का आनंद लेना चाहते हैं। आप वहाँ झूला डालने गए। कल्पना कीजिए कि नीम की डालियाँ आपसे बातें करने लगीं। उस संवाद को लिखिए—
उत्तर:
बूझो तो जानें
(पृष्ठ 36)
1. पगड़ी में भी, गगरी में भी, और तुम्हारी नगरी में भी।
कच्ची खाओ, पक्की खाओ, सिर पर उसका तेल लगाओ।
उत्तर: गरी
2. मैं भाग नहीं सकती फिर भी लोग मुझे बाँधते हैं। बताओ मैं कौन हूँ?
उत्तर: हाथ घड़ी
3. वह क्या है जहाँ नदी, नहर, समुद्र है पर गाड़ियाँ नहीं?
उत्तर: मानचित्र
4. वह क्या है जिसे देखा जा सकता है पर छुआ नहीं जा सकता?
उत्तर: छाया



















































