02. Short & Long Question Answers: न्याय की कुर्सी

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1: “न्याय की कुर्सी” कहानी किसने लिखी है?
उत्तर: यह कहानी लीलावती भागवत ने लिखी है। यह “स्वर्ग की सैर तथा अन्य कहानियाँ” नामक पुस्तक से ली गई है।

प्रश्न 2: बच्चों ने पत्थर को किस चीज़ के रूप में माना?
उत्तर: बच्चों ने उस पत्थर को सिंहासन माना। एक लड़का उस पर बैठकर राजा बन गया और फैसले करने लगा।

प्रश्न 3: लोगों ने अपनी असली शिकायतें किसके पास ले जानी शुरू कीं?
उत्तर: लोग असली शिकायतें उस लड़के के पास ले जाने लगे। क्योंकि उसके फैसले सभी को सही और न्यायपूर्ण लगते थे।

प्रश्न 4: राजा को जब इस बात का पता चला तो उसकी क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर: राजा को बहुत गुस्सा आया। उसने सोचा कि वह खुद जाकर देखेगा कि मामला क्या है।

प्रश्न 5: राजा ने उस पत्थर को क्या निकलवाया?
उत्तर: राजा ने उस जगह को खोदकर पत्थर निकलवाया। वह असल में राजा विक्रमादित्य का सिंहासन निकला।


प्रश्न 6: सिंहासन पर कैसी नक्काशी बनी थी?
उत्तर: सिंहासन पर सुंदर नक्काशी थी। इसके चारों पायों पर चार देवदूतों की मूर्तियाँ बनी थीं।

प्रश्न 7: जब राजा सिंहासन पर बैठने गया तो मूर्तियाँ क्या करने लगीं?
उत्तर: मूर्तियाँ बोलने लगीं। उन्होंने राजा से चोरी, झूठ और हिंसा के बारे में सवाल किए।

प्रश्न 8: राजा ने अपनी गलतियों के लिए क्या किया?
उत्तर: राजा ने हर गलती मानकर प्रायश्चित किया। उसने तीन-तीन दिन उपवास और प्रार्थना की।

प्रश्न 9: चौथी मूर्ति ने राजा से कौन-सा सवाल पूछा?
उत्तर: चौथी मूर्ति ने पूछा कि क्या उसका मन साफ और निष्कलुष है। राजा ने अहंकार से खुद को योग्य बताया।

प्रश्न 10: कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: कहानी से शिक्षा मिलती है कि सच्चा न्याय वही कर सकता है, जिसका मन साफ और निष्पक्ष हो। अहंकार इंसान को गिरा देता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1: बच्चों का खेल कैसे पूरे शहर में प्रसिद्ध हो गया?
उत्तर: बच्चे एक पत्थर पर राजा-रानी का खेल खेलते थे। एक लड़का उस पत्थर पर बैठकर शिकायतें सुनता और फैसले करता। उसके फैसले इतने समझदारी भरे थे कि लोग हैरान रह जाते। धीरे-धीरे शहर के लोग अपनी असली शिकायतें भी उसके पास ले जाने लगे। इस तरह बच्चों का खेल पूरे शहर में प्रसिद्ध हो गया।


प्रश्न 2: राजा विक्रमादित्य का सिंहासन कैसे मिला?
उत्तर: जब राजा ने बच्चों का खेल देखा तो उसे आश्चर्य हुआ। उसने उस पत्थर को निकलवाने का आदेश दिया। जब मिट्टी खोदी गई तो वह एक सुंदर सिंहासन निकला। उस पर सुंदर नक्काशी थी और चार देवदूतों की मूर्तियाँ बनी थीं। विद्वानों ने बताया कि यह राजा विक्रमादित्य का प्राचीन सिंहासन है।

प्रश्न 3: सिंहासन पर बैठने की राजा की कोशिश बार-बार क्यों असफल हुई?
उत्तर: राजा सिंहासन पर बैठना चाहता था। लेकिन हर बार मूर्तियाँ उससे सवाल पूछतीं। चोरी, झूठ और हिंसा के सवालों में राजा को अपनी गलतियाँ माननी पड़ीं। वह बार-बार पीछे हट गया। उसके मन की अशुद्धि और अहंकार के कारण वह सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं था।

प्रश्न 4: राजा ने कौन-कौन से प्रायश्चित किए?
उत्तर: राजा ने जब अपनी गलतियाँ मानीं तो मूर्तियों ने उसे प्रायश्चित करने को कहा। उसने तीन-तीन दिन तक उपवास और प्रार्थना की। हर बार नई गलती मानकर फिर प्रायश्चित करता। लेकिन वह पूरी तरह योग्य साबित नहीं हो पाया। अंत में उसका अहंकार उसे विफल कर गया।


प्रश्न 5: “न्याय की कुर्सी” कहानी से हमें क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि न्याय करने के लिए मन साफ और निष्पक्ष होना चाहिए। राजा विक्रमादित्य का सिंहासन केवल उसी को स्वीकार करता है, जो ईमानदार और पवित्र हो। अहंकार और गलतियाँ इंसान को योग्य नहीं बनातीं। सच्चा न्याय करने के लिए विनम्रता, करुणा और सत्य जरूरी है।

01. Short & Long Question Answers: किरन

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1: कविता “किरन” किसने लिखी है?
उत्तर: कविता “किरन” प्रसिद्ध कवि निरंकार देव सेवक जी ने लिखी है। इसमें सूरज की किरण और बच्ची की बातचीत दिखाई गई है।
निरंकार देव सेवक जी निरंकार देव सेवक जी 
प्रश्न 2: बच्ची किरण से क्यों हैरान होती है?
उत्तर: बच्ची हैरान होती है क्योंकि किरण सुबह बहुत जल्दी आ जाती है। जबकि वह खुद अभी तक बिस्तर से नहीं उठ पाती।

प्रश्न 3: बच्ची ने कल दिनभर किसके साथ खेला?
उत्तर: बच्ची ने कल दिनभर अपनी दोस्त जैसी किरण के साथ खेला। लेकिन शाम होते ही किरण चली गई और वह अकेली रह गई।

प्रश्न 4: बच्ची को रात में नींद क्यों नहीं आई?
उत्तर: बच्ची को रात में नींद नहीं आई क्योंकि वह अकेली हो गई थी। उसने देर तक परी कथाओं की किताबें पढ़ीं।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 5: बच्ची को लगता है कि किरण रात को क्या करती है?
उत्तर: बच्ची को लगता है कि किरण रात को आराम से सो जाती है। लेकिन सच में किरण सोती नहीं है।

प्रश्न 6: किरण बच्ची से क्या कहती है?
उत्तर: किरण कहती है कि वह कभी नहीं सोती। जब यहाँ रात होती है तो वह दूसरी दुनिया में चली जाती है।

प्रश्न 7: किरण दूसरी जगह क्यों जाती है?
उत्तर: किरण दूसरी जगह इसलिए जाती है क्योंकि पृथ्वी घूमती है। वहाँ सुबह होती है और बच्चों को जगाना पड़ता है।

प्रश्न 8: जब वहाँ शाम हो जाती है तो किरण क्या करती है?
उत्तर: जब वहाँ शाम हो जाती है तो किरण वापस लौट आती है। फिर वह यहाँ सुबह का उजाला फैलाती है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 9: इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस कविता से हमें समय का महत्व समझ आता है। हमें मेहनती और समय का पाबंद रहना चाहिए।

प्रश्न 10: किरण का काम क्या है?
उत्तर: किरण का काम रोशनी फैलाना और बच्चों को जगाना है। वह कभी थकती या रुकती नहीं है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1: कविता में बच्ची और किरण की बातचीत कैसी दिखाई गई है?
उत्तर: कविता में बच्ची और किरण की बातचीत बहुत प्यारी और मजेदार है। बच्ची हैरान होती है कि किरण इतनी जल्दी क्यों आ गई। वह बताती है कि कल उसने उसके साथ खूब खेला, लेकिन शाम को वह अकेली हो गई। बच्ची सोचती है कि किरण सो जाती है, लेकिन किरण बताती है कि वह कभी नहीं सोती। वह रात को पृथ्वी के दूसरे हिस्से में चली जाती है।

प्रश्न 2: बच्ची को कब अकेलापन महसूस होता है?
उत्तर: बच्ची को अकेलापन शाम के समय महसूस होता है। दिनभर वह किरण के साथ खेलती रहती है। लेकिन जब सूरज डूब जाता है और किरण चली जाती है, तब बच्ची अकेली रह जाती है। उसे रात में नींद भी नहीं आती। वह परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते देर से सो पाती है।

प्रश्न 3: किरण पृथ्वी के दूसरे हिस्से में जाकर क्या करती है?
उत्तर: किरण रात में पृथ्वी के दूसरे हिस्से में जाती है। वहाँ सुबह होती है और बच्चे बिस्तर में सोए होते हैं। किरण अपनी रोशनी से उन्हें उठाती है। वह दिनभर वहाँ काम करती है। जब वहाँ शाम हो जाती है, तो वह वापस लौट आती है। इस तरह वह कभी नहीं थकती।

प्रश्न 4: इस कविता से हमें समय के बारे में क्या सिखाई मिलती है?
उत्तर: इस कविता से हमें सीख मिलती है कि समय बहुत कीमती होता है। सूरज की किरण समय पर आती है और बिना रुके काम करती है। जैसे किरण समय पर मेहनत करती है, वैसे ही हमें भी करना चाहिए। हमें सुबह जल्दी उठना चाहिए और अच्छे कामों में दिन लगाना चाहिए। समय का सही उपयोग ही हमारी सफलता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Questions)
प्रश्न 5: कविता में कल्पना और प्रकृति की सुंदरता कैसे दिखाई गई है?
उत्तर: कविता में बच्ची ने किरण को अपना प्यारा दोस्त माना है। वह उससे बातें करती है और अपनी भावनाएँ बताती है। कविता में किरण को एक जीवित दोस्त की तरह दिखाया गया है। इससे कविता में कल्पना की दुनिया भी है और प्रकृति की सुंदरता भी। सूरज की किरण के काम को मजेदार ढंग से समझाया गया है।