21. कितनी प्यारी है ये दुनिया – Chapter Notes

कितनी प्‍यारी है ये दुनिया

इस कविता में लिखा है कि एक बच्चे को कितनी चीजें पसंद हैं और वह किन-किन चीजों को प्यार करता है।

  • हवा: बच्चे को हवा पसंद है, वह जब हवा बहुत तेज चलती है, तो उसे खुशी होती है।
  • सूरज: बच्चे को सूरज का रौशनी बहुत अच्छा लगता है, जब सूरज चमकता है, तो वह खुश होता है।
  • बारिश: बच्चे को बारिश के बूँदों की आवाज सुनना पसंद है और बारिश में बनी पुदीना की खुशबू उसको बहुत पसंद है।
  • धरती: बच्चे को धरती के ऊपर चलना और खेलना पसंद है।
  • समुद्र: बच्चे को समुद्र की बड़ी लहरें और समुद्र की बीच की खेलने में बड़ा मजा आता है।
  • आसमान: बच्चे को आसमान के ऊपर की ऊंचाइयों को देखकर खुशी होती है।
  • चिड़ियाँ: बच्चे को चिड़ियों की गायन सुनना और उनका उड़ाना पसंद है।
  • जानवर और मछलियाँ: बच्चे को जानवरों को देखकर और मछलियों को पानी में तैरते हुए देखकर खुशी होती है।
  • फूल और फल: बच्चे को फूलों की सुंदरता और फलों का स्वाद पसंद है।
  • कपड़े और खिलौने: बच्चे को अपने कपड़ों और खिलौनों से खेलना बहुत अच्छा लगता है।
  • माँ और बापू: बच्चे को अपने माँ-बापू से प्यार होता है और वह उनके साथ समय बिताना चाहता है।
  • भाई और बहन: बच्चे को अपने भाई और बहन से भी प्यार होता है और वह उनके साथ खेलना चाहता है।
  • सारी दुनिया: बच्चे को पूरी दुनिया पसंद है, और वह सभी चीजों का आनंद लेता है।

इस कविता में यह बताया गया है कि बच्चे को जीवन के अनेक पहलुओं से प्यार होता है और वह हर चीज को सुंदरता से देखता है।

17. बरखा और मेघा – Chapter Notes

परिचय (Introduction)

  • इस कहानी के मुख्य पात्र हैं मेघा और बरखा, जो मुर्गी और बखरी हैं।
  • उनके पास तीन-तीन प्यारे बच्चे हैं।

मेला की योजना (Plan for the Fair)

  • मेघा और बरखा के बच्चे एक मेले को देखने जा रहे हैं।
  • वे दूसरे गांव जा रहे हैं ताकि वे मेले का आनंद उठा सकें।

नदी के पार करना (Crossing the River)

  • रास्ते में एक नदी आ गई।
  • मेघा ने चिंता की कि वे नदी कैसे पार करेंगे।
  • बरखा ने बताया कि वे सब मिलकर नदी को तैरकर पार कर सकते हैं।

जुगत (Plan)

  • बरखा ने सबको बुलाया और एक जुगत बताई।
  • सब नदी पार करने के लिए तैयार हो गए।

आखिरी बातें (Conclusion)

  • सब खुश होकर नदी को पार कर गए और मेले का आनंद उठाया।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि एक मुश्किल को मिलकर हल करना बेहद मजेदार होता है। मेघा और बरखा ने मिलकर अपनी समस्या को हल किया और मेले का आनंद उठाया। हमें भी दूसरों की मदद करने का आदर्श मिलता है।

15. फूली रोटी – Chapter Notes

कहानी का परिचय

यह कहानी एक छोटे से लड़के जमाल की है, जो अपनी माँ के साथ रोटी बनाना सीखता है। वह अपने दोस्त जय के साथ रोटी बनाने में मदद करता है। इस कहानी में जमाल ने कुछ नई बातें सीखीं, जैसे रोटी को गोल कैसे बनाना है।

कहानी का सारांश

जमाल अपनी माँ को रसोई में खाना बनाते हुए देख रहा था और उसे भी रोटी बनानी थी। उसने माँ से आटा माँगा और छोटी सी लोई बनाई। फिर उसने रोटी बेलना शुरू किया, लेकिन वह रोटी गोल नहीं बना पा रहा था। 

जमाल का मित्र जय बर्तनों के साथ खेल रहा था। फिर जय ने उसे एक कटोरी दी और कहा कि कटोरी से रोटी को घुमा कर गोल बना सकते हैं। जमाल ने कटोरी से रोटी घुमाई और रोटी गोल हो गई। फिर माँ ने रोटी सेंकी और वह बहुत स्वादिष्ट हुई। जमाल और जय खुश होकर रोटी खाने लगे।

कहानी से शिक्षा

कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि अगर हम कुछ नया करना चाहें, तो हमें मेहनत करनी चाहिए और कोशिश नहीं छोड़नी चाहिए। कभी-कभी दोस्तों या परिवार से मदद लेना भी सही होता है, जिससे हम जल्दी सीख सकते हैं।

शब्दार्थ

  • रोटी: आटे से बनी गोल चीज़ जो हम खाते हैं।
  • लोई: आटे से बनी छोटी गेंद।
  • कटोरी: एक प्रकार का छोटा बर्तन, जिससे हम खाना खाते हैं।
  • सेंकना: रोटी या अन्य चीज़ को तवे पर गर्म करना।

14. भुट्टे – Chapter Notes

कहानी का परिचय

यह कहानी एक प्यारी सी बच्ची, नीना और उसके नाना-नानी की है। नाना बाज़ार से ताजे भुट्टे लाए और नानी ने उन्हें उबालकर सबको स्वादिष्ट भुट्टे खाने का सुख दिया।

कहानी का सारांश

नीना के नाना बाज़ार गए और वहां से ताजे भुट्टे लाए। नाना ने नीना के लिए भुट्टे बनाए और नीना ने जी भरकर उन भुट्टों का स्वाद लिया। फिर नानी ने उन भुट्टों को उबालकर सबको दिए। नाना और नानी ने भी भुट्टे खाए और सभी ने खूब आनंद लिया।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि परिवार में सभी एक-दूसरे के साथ मिलकर अच्छा समय बिताते हैं और छोटे-छोटे खुशियों के पल साझा करते हैं। हमें अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहिए और छोटी-छोटी बातों में खुश रहना चाहिए।

शब्दार्थ

  • भुट्टे: मकई के दाने (जिन्हें हम खाने के लिए पकाते हैं)
  • नाना: माँ के पिता (दादा)
  • नानी: माँ की माँ (दादी)
  • उबाले: पका कर नर्म करना
  • बाज़ार: बाजार, जहां हम सामान खरीदने जाते हैं

12. आलू की सड़क – Chapter Notes

कहानी का परिचय

कहानी का नाम “आलू की सड़क” है। यह कहानी एक भालू और बंदर की है। भालू को अपने नानी के घर जाना था, लेकिन उसे रास्ते में आलू गिरते हुए मिलते हैं। बंदर रास्ते में उसे देखकर यह जानने की कोशिश करता है कि भालू कहाँ जा रहा था। इस कहानी में आलू के गिरने और बंदर की जिज्ञासा को दिखाया गया है।

कहानी का सारांश

कहानी में एक भालू अपने नानी के घर जा रहा था। उसने पीठ पर आलू भरे हुए थे, लेकिन बोरे में छेद था। इसलिए जैसे-जैसे भालू चलता गया, आलू गिरते गए। रास्ते में एक बंदर पेड़ पर बैठा था, उसने भालू से पूछा कि वह कहाँ जा रहा है।

लेकिन भालू ने कुछ नहीं कहा, बस आलू गिरने की आवाज़ सुनाई दी। बंदर ने देखा कि आलू रास्ते में गिर रहे हैं और वह खुश होकर भालू के पीछे-पीछे चलने लगा, ताकि यह जान सके कि भालू कहाँ जा रहा है।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें किसी के पीछे बिना कारण नहीं जाना चाहिए और बिना अनुमति के किसी के सामान को नहीं छेड़ना चाहिए। साथ ही, इस कहानी में हमें यह भी सीखने को मिलता है कि कभी-कभी हमें खुद सोचकर काम करना चाहिए और सही कारणों को जानने की कोशिश करनी चाहिए।

शब्दार्थ

  • धप्प: चलने की आवाज़
  • टप्प: गिरने की आवाज़
  • मन-ही-मन: अपने मन में

10. खतरे में साँप – Chapter Notes

कहानी का परिचय

कहानी “खतरे में साँप” लेखक चंदन यादव द्वारा लिखी गई है। इस कहानी में सभी जानवर एक जगह इकट्ठा होकर यह चर्चा करते हैं कि खतरे से अपनी जान कैसे बचाई जाए। सभी जानवरों की अपनी-अपनी राय होती है, लेकिन अंत में बंदर की सलाह सभी को पसंद आती है।

कहानी का सारांश

सभी जानवर एक जगह इकट्ठा हुए थे और विचार कर रहे थे कि खतरे में अपनी जान कैसे बचाएँ। सभी जानवरों ने बहुत समय तक अलग-अलग विचार दिए, और अंत में बंदर की सलाह सबसे अच्छी लगी।

बंदर ने कहा कि जब भी हम खतरे में हों, तो हमें “सिर पर पैर रखकर भागना” चाहिए। सभी जानवरों ने इस सलाह को मंज़ूर किया और अपने-अपने घर लौट गए, लेकिन साँप अकेला बैठा सोचता रहा, क्योंकि वह इस सलाह से खुश नहीं था।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी-कभी खतरे से बचने के लिए भागना सबसे अच्छा तरीका हो सकता है, लेकिन सभी का अलग दृष्टिकोण होता है और हर कोई अपनी स्थिति के हिसाब से फैसले लेता है।

शब्दार्थ

  • सलाह: राय
  • सिर पर पैर रखकर भागना: बहुत ही तेज़ भागना
  • ठिकाना: रहने का स्थान, जगह

08. तीन साथी – Chapter Notes

कहानी का परिचय

यह कहानी एक हाथी, बकरी और चिड़ीया के बच्चे की दोस्ती पर आधारित है। ये तीनों साथी जंगल में रहते थे और एक-दूसरे की मदद करते थे।

कहानी का सारांश

एक दिन हाथी और बकरी जंगल में घूमने गए। उन्होंने एक तालाब देखा और वहाँ एक बेर का पेड़ था। हाथी ने पेड़ को हिलाया, जिससे बेर गिरने लगे और बकरी ने बेर खाए। 

अचानक, पेड़ पर बैठा चिड़िया का बच्चा तालाब में गिर गया। उसे डूबता देख बकरी तुरंत उसे बचाने दौड़ी, लेकिन वह भी पानी में फँस गई। यह देखकर हाथी तेजी से तालाब में उतरा और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ दिनों बाद चिड़ीया का बच्चा बड़ा हो गया और वह फल खोजने जाने लगा। अब तीनों दोस्त एक साथ जंगल में जाते और फल खाते।

कहानी से शिक्षा

यह कहानी हमें सिखाती है कि सच्चे दोस्त हमेशा एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए, जैसे हाथी ने बकरी और चिड़ीया के बच्चे की मदद की। दोस्ती और सहयोग बहुत जरूरी है।

शब्दार्थ

  • तालाब: पानी से भरी हुई जगह
  • बेर: एक फल
  • डूबना: पानी में गिर कर नीचे चले जाना
  • मदद: सहायता करना

06. मिठाई – Chapter Notes

कहानी का परिचय

यह कहानी एक गधे की है, जिसे मिठाई खाने का बहुत मन करता है। वह अपनी विभिन्न मित्रों से मिठाई खाने के लिए पूछता है, लेकिन वह कुछ भी पसंद नहीं करता। अंत में, एक बिल्ली उसे हलवाई की दुकान पर जाने का सुझाव देती है, और सभी मिलकर मिठाई खाने के लिए जाते हैं।

मुख्य पात्र

  • गधा: कहानी का मुख्य पात्र, जिसे मिठाई खाने की इच्छा होती है।
  • भालू: गधे का मित्र, जो उसे शहद खाने का सुझाव देता है।
  • खरगोश: दूसरा मित्र, जो गाजर खाने का सुझाव देता है।
  • चींटा: तीसरा मित्र, जो गुड़ खाने की सलाह देता है।
  • हाथी: चौथा मित्र, जो गन्ना खाने की बात करता है।
  • गिलहरी: पांचवी मित्र, जो आम खाने का सुझाव देती है।
  • बिल्ली: आखिरी मित्र, जो हलवाई की दुकान पर जाने का सुझाव देती है।

कहानी का सारांश

एक दिन गधे का मन मिठाई खाने का हुआ। उसने अपनी मित्रों से कुछ मीठा खाने को पूछा, लेकिन सभी ने उसे अलग-अलग चीजें जैसे शहद, गाजर, गुड़, और आम खाने का सुझाव दिया, जिन्हें गधे ने मना कर दिया। 

अंत में, बिल्ली ने उसे हलवाई की दुकान पर जाने का सुझाव दिया, और गधा यह बात मान गया। फिर, सभी दोस्त मिलकर मिठाई खाने के लिए हलवाई की दुकान पर गए।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि कभी-कभी किसी काम को करने के लिए सही रास्ता चुनना ज़रूरी होता है। गधा मिठाई खाने के लिए अंत में सही सुझाव मानता है और खुश होता है।

शब्दार्थ

  • मन: इच्छा
  • मित्र: दोस्त
  • मना करना: न स्वीकार करना
  • पसंद: अच्छी लगना
  • सुझाव: सुझाव देना
  • दुकान: व्यापारी की जगह

05. रानी भी – Chapter Notes

कहानी का परिचय

यह कहानी रानी और रमा नामक दो बहनों की है। रानी हमेशा अपनी बड़ी बहन रमा के साथ रहती है। रमा स्कूल जाती है, जबकि रानी अभी बहुत छोटी है, इसलिए माँ ने उसे स्कूल जाने से मना कर दिया।

कहानी का सारांश

रानी और रमा दो बहनें हैं। दोनों बहुत प्यार करती हैं और एक-दूसरे के साथ खेलती हैं। रमा ने अपने बालों में कंघी की, और रानी ने भी कंघी की। रमा ने चप्पल पहनी और रानी ने भी चप्पल पहन ली। 

रमा ने अपना बस्ता उठाया और रानी ने भी अपना झोला उठाया। रमा स्कूल जाने लगी, लेकिन माँ ने रानी को स्कूल नहीं जाने दिया क्योंकि वह बहुत छोटी है। माँ ने रानी को समझाया कि वह थोड़ी बड़ी हो जाए, फिर वह भी स्कूल जा सकती है।

कहानी से शिक्षा

हमें अपनी छोटी बहन-भाई को समझाना चाहिए और उन्हें अच्छे से देखभाल करनी चाहिए। साथ ही, माता-पिता का कहना मानना चाहिए, क्योंकि वे हमारी भलाई के लिए ही हमसे कुछ कहते हैं।

शब्दार्थ

  • कंघी: बाल सुलझाने की चीज।
  • चप्पल: पैर पहनने का सामान।
  • बस्ता: स्कूल का बैग।
  • झोला: एक प्रकार का बैग।
  • समझाना: किसी को कुछ अच्छे तरीके से बताना।

04. रीना का दिन – Chapter Notes

कहानी का परिचय

यह कहानी एक छोटी बच्ची, रीना के दिन के बारे में है। वह हर दिन अच्छे से अपनी दिनचर्या को शुरू करती है और स्कूल जाती है। यह कहानी रीना की दिनचर्या को दिखाती है, जिसमें वह समय पर उठकर, नहाकर, स्कूल जाती है, पढ़ाई करती है, और घर आकर अपने परिवार के साथ समय बिताती है।

कहानी का सारांश

रीना हर सुबह जल्दी उठकर बिस्तर ठीक करती है और दातुन से दांत साफ़ करती है। फिर नहाकर अच्छे कपड़े पहनती है और बालों में तेल लगाकर कंघी करती है। वह माँ के बनाए पराठे और सब्ज़ी खाती है। फिर वह माँ के गले लगकर स्कूल जाती है। 

स्कूल के रास्ते में उसकी सहेली दीपा से मुलाकात होती है और दोनों साथ में स्कूल जाती हैं। 

स्कूल में प्रार्थना के बाद वह अपनी कक्षा में जाती है, जहाँ सभी बच्चे अध्यापिका को नमस्ते करते हैं। रीना मन लगाकर पढ़ाई करती है और अपने दोस्तों के साथ खेलती है। 

स्कूल के बाद वह घर आकर अपनी सभी बातें परिवार को बताती है और छोटे भाई के साथ खेलती है। रात को जल्दी नींद आ जाती है और दादी उसे शुभ रात्री कहकर सुलाती हैं।

कहानी से शिक्षा

हमें अपनी दिनचर्या को अच्छे से निभाना चाहिए, समय पर उठकर काम करना चाहिए, और स्कूल में मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। साथ ही परिवार के साथ समय बिताना और खेलना भी जरूरी है।

शब्दार्थ

  • दातन: दाँत साफ करने का सामान
  • सुप्रभातअच्छे दिन की शुरुआत की शुभकामनाएं
  • नमस्ते: अभिवादन का तरीका
  • शरारत: थोड़ी मजाक करना