10. तताँरा–वामीरो कथा – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर: पाठ का नाम- तताँरा वामीरो कथा, लेखक- लीलाधर मंडलोई|

प्रश्न 2: तताँरा समुद्री बालू पर बैठकर क्या कर रहा था?
उत्तर:  तताँरा समुद्र के किनारे विचारमग्न था। वह समुद्री बालू पर बैठकर सूरज की अंतिम रंग-बिरंगी किरण को निहार रहा था।

प्रश्न 3: तताँरा वामीरो कहाँ की कथा है?
उत्तर: तताँरा वामीरो निकोबार द्वीप की कथा है।

प्रश्न 4: वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?
उत्तर: लहरों से भीग जाने के कारण वामीरो के ध्यान में खलल आया और वह अपना गाना भूल गई।

प्रश्न 5: तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी?
उत्तर: तताँरा और वामीरो के गाँव की रीति थी कि कोई भी अपने गाँव से बाहर विवाह नहीं कर सकता था।

प्रश्न 6: किसकी तन्द्रा भंग हो गयी?
उत्तर:  तताँरा वामीरो का मधुर स्वर सुनकर सुध-बुध खोये बैठा था कि अचानक समुद्र की एक लहर उठी और उस पर पड़ी जिससे उसकी तन्द्रा भंग हो गयी।

प्रश्न 7: तताँरा ने युवती से क्या पूछा?
उत्तर:  तताँरा ने युवती से पुछा कि उसने अचानक इतना मधुर गीत गाना क्यों छोड़ दिया।

प्रश्न 8: तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?
उत्तर:  तताँरा ने वामीरो से रोज समुद्र तट पर आने की याचना की।

प्रश्न 9: क्रोध में तताँरा ने क्या किया?
उत्तर: क्रोध में तताँरा ने अपनी तलवार पूरी ताकत से जमीन में घुसेड़ दी। उसके बाद उसने उस द्वीप को दो टुकड़ों में चीर दिया।

प्रश्न 10: तताँरा और वामीरो किस-किस गाँव के थे?
उत्तर:  तताँरा पासा गाँव का था तथा वामीरो लपाती गाँव की थी|

9. डायरी का एक पन्ना – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: पाठ और लेखक का नाम बताइए।
उत्तर: 
पाठ का नाम- डायरी का एक पन्ना, लेखक- सीताराम सेकसरिया।

प्रश्न 2: कलकत्तावासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?
उत्तर: 26 जनवरी 1931 को कलकत्तावासी महात्मा गाँधी द्वारा घोषित आजादी की सालगिरह मना रहे थे इसलिए वह दिन उनके लिए महत्वपूर्ण था।

प्रश्न 3: लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर किस बात का संकेत देना चाहते थे?
उत्तर: लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर बताना चाहते थे कि वे अपने को आज़ाद समझ कर आज़ादी मना रहे हैं। उनमें जोश और उत्साह है।

प्रश्न 4: सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?
उत्तर: सुभाष बाबू के जुलूस का भार पूर्णोदास पर था।

प्रश्न 5: घायलों की देख-रेख कौन कर रहा था?
उत्तर: घायलों की देख-रेख डॉ. दासगुप्ता कर रहे थे|

प्रश्न 6: हरिश्चंद्र सिंह झंडा फहराने कहाँ गए?
उत्तर: हरिश्चंद्र सिंह तारा सुंदरी पार्क में झंडा फहराने गए थे।

प्रश्न 7: किस जुलूस मैं बहुत सी लड़कियों को गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: गुजराती सेविका संघ ने जो जुलूस निकाला उस में बहुत-सी लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

प्रश्न 8: कौंसिल की तरफ से क्या नोटिस निकाला गया था?
उत्तर: कौंसिल की तरफ से नोटिस निकाला गया की 26 जनवरी 1931 को शाम के ठीक 5 बजकर 25 मिनट पर झंडा फहराया जायेगा और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी।

प्रश्न 9: मोन्यूमेंट को पुलिस ने भोर से ही क्यों घेर लिया था?
उत्तर: पुलिस ने सभास्थल को भर से ही घेर लिया था उद्देश्य यह था की किसी तरह शाम को होने वाली सभा को रोका जा सके।

प्रश्न 10: लड़कियों ने झंडोत्सव कहाँ मनाया इनमें कौन-कौन शामिल थीं?
उत्तर: लड़कियों ने मारवाड़ी बालिका विद्यालय में झंडोत्सव मनाया उसमें जानकी देवी मदालसा जैसी प्रसिद्ध समाज सेविका थीं।

प्रश्न 11: कानून भंग का काम से क्या आशय है यह काम क्यों शुरू किया गया?
उत्तर: 1931 में महात्मा गाँधी के नेतृत्व में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया गया था इसमें बिना किसी तोड़ फोड़ संघर्ष या उत्तेजना के सरकारी कानूनों का उलंघन करना था।

2. पद – Very Short Questions answer

प्रश्न 1: ‘काटी कुंजर पीर’ के अनुसार कुंजर की क्या पीड़ा थी और वह कैसे दूर हुई?
उत्तर:
 मगरमच्छ ने हाथी का एक पैर पकड़ रखा था जिस कारण उसे पीड़ा हो रही थी। परन्तु हाथी उससे अपना पैर नहीं छुड़ा पा रहा था। हाथी ने जा प्रभु का स्मरण किया और विष्णु भगवान ने हाथी का कष्ट हरने के लिए मगरमच्छ को मारा था जिससे हाथी की पीड़ा दूर हुई|


प्रश्न 2: कवियत्री का हृदय किसके लिए अधीर है?
उत्तर: 
मीरा का हृदय अपने प्रिय श्रीकृष्ण के लिए अधीर है। वे श्रीकृष्ण के दर्शन करना चाहती हैं। श्रीकृष्ण के दर्शन प्राप्त न होने के कारण ही उनका हृदय बेचैन हो उठता है।


प्रश्न 3: मीराबाई ने श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन कैसे किया है?
उत्तर:
 मीराबाई कहती हैं कि श्रीकृष्ण के माथे पर मोर के पंखों का मुकुट सुशोभित है और उन्होंने पीले वस्त्र पहने हैं। उनके गले में वैजंती माला शोभा पा रही है। श्रीकृष्ण जब बाँसुरी बजाते हैं, तो बहुत मनमोहक लगते हैं।


प्रश्न 4: दासी बनकर मीरा क्या करना चाहती हैं?
उत्तर: 
दासी बनकर मीरा श्रीकृष्ण के भवन के सामने सुंदर बाग लगाना चाहती हैं। वे वृंदावन के कुंजों और गलियों में उनका गुणगान करना चाहती हैं।


प्रश्न 5: कवियत्री किस रंग की साड़ी पहनना चाहती हैं और क्यों?
उत्तर: 
कुसुंबी रंग प्रेम का प्रतीक होता है। मीरा कुसुंबी रंग की साड़ी पहनकर श्रीकृष्ण से इसलिए मिलना चाहती हैं ताकि वे अपना प्रेम उनके सामने प्रकट कर सकें|


प्रश्न 6: श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज किस प्रकार बचाई थी?
उत्तर:
 जब दुःशासन भरी सभा में द्रौपदी का चीर सबके सामने खींचने का प्रयास कर रहा था तब श्रीकृष्ण ने द्रौपदी के वस्त्र को बढ़ाकर उसे अपमानित होने से बचाया था। इस प्रकार श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई थी|


प्रश्न 7: भाव-भक्ति को जागीर क्यों कहा गया है?
उत्तर: 
मीरा श्रीकृष्ण की सच्ची उपासिका थीं। किसी भी भक्त के लिए उसका आराध्य ही सबसे बड़ी जागीर होता है और उसको पाने का साधन है – भक्ति। मीरा भी अपनी भक्ति के माध्यम से श्रीकृष्ण को पाना चाहती थीं। इसी कारण अपनी भाव-भक्ति को सबसे बड़ी जागीर मानती थीं।


प्रश्न 8: मीरा श्रीकृष्ण की सेवा करके वेतन रूप में क्या पाना चाहती हैं?
उत्तर:
 मीरा अपने आराध्य श्रीकृष्ण की सेवा करके उनके नाम-स्मरण को वेतन के रूप में पाना चाहती हैं| इससे वो हर समय अपने प्रियतम को याद करती रहें। वे एक क्षण के लिए भी प्रभु से दूर नहीं रहना चाहती हैं।


प्रश्न 9: श्रीविष्णु ने प्रह्लाद की रक्षा किस रूप में की थी? 
उत्तर:
 विष्णु भगवान ने प्रह्लाद की रक्षा नृसिंह का अवतार लेकर की थी। हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद उनका भक्त था।उन्होंने अत्याचारी हिरण्यकश्यप का वध कर प्रह्लाद की रक्षा की थी|


प्रश्न 10: मीराबाई  श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या करने को तैयार हैं?
उत्तर:
 मीराबाई श्रीकृष्ण को पाने के लिए उनकी सेविका बनकर निरंतर समीप रहना चाहती हैं। वे बड़े-बड़े महलों का निर्माण करवाकर उनके बीच में खिड़कियाँ बनवाना चाहती हैं ताकि वे श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य को निहार सकें|  वृंदावन की कुंज गलियों में श्रीकृष्ण की लीलाओं का गायन करना चाहती हैं। मीरा कुसुंबी साड़ी में आधी रात को यमुना के तट पर उनके दर्शन करना चाहती हैं|

1. साखी – Very Short Questions answer

1. ऐसी बाँणी बोलिये, … औरन कौ सुख होइ।।
कस्तूरी कुंडलि बसै, … दुनियाँ देखै नाँहि।।

(क) मनुष्य को कैसी वाणी बोलनी चाहिए?
उत्तर:: 
मनुष्य को मीठी वाणी बोलनी चाहिए|

(ख) मीठी वाणी बोलने से सुनने वालों पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर: 
मीठी वाणी बोलने से सुनने वालों को सुख और शान्ति प्राप्त होती है|

(ग) मृग कस्तूरी को कहाँ ढूँढता रहता है?
उत्तर: मृग कस्तूरी को जंगल में ढूँढता रहता है|

(घ) अज्ञानी व्यक्ति ईश्वर को कहाँ-कहाँ  ढूँढता है?
उत्तर: अज्ञानी व्यक्ति ईश्वर को विभिन्न धार्मिक स्थानों में ढूँढता रहता है|

2. जब मैं था तब हरि नहीं, … जब दीपक देख्या माँहि।।
सुखिया सब संसार है, …. जागै अरु रोवै।।

(क) मनुष्य को ईश्वर की प्राप्ति कब होती है?
उत्तर: जब मनुष्य के मन से अंहकार का नाश होता है तब ईश्वर की प्राप्ति होती है|

(ख) दीपक जलाने से क्या होता है?
उत्तर: दीपक जलाने से आस-पास का अन्धकार मिट जाता है और प्रकाश फ़ैल जाता है|

(ग) कबीर के अनुसार दुनिया क्यों सुखी है?
उत्तर: कबीर के अनुसार दुनिया इसलिए सुखी है क्योंकि वो केवल खाने और सोने का काम करती है, उन्हें किसी प्रकार की चिंता नहीं है|

(घ) कबीर क्यों दुखी हैं?
उत्तर: कबीर इसलिए दुखी हैं क्योंकि प्रभु को पाने की आशा में हमेशा चिंता में रहते हैं।

3. बिरह भुवंगम तन बसै, … जिवै तो बौरा होइ।।
निंदक नेडा राखिये, … निरमल करै सुभाइ।।

(क) किस स्थिति में व्यक्ति पर कोई मन्त्र का असर नहीं होता?
उत्तर: 
जब किसी मनुष्य के शरीर के अंदर अपने प्रिय से बिछड़ने का साँप बसता है तब उसपर कोई मन्त्र का असर नहीं होता|

(ख) ईश्वर वियोगी की हालत कैसी हो जाती है?
उत्तर: 
ईश्वर वियोगी की दशा पागलों की तरह हो जाती है?

(ग) निंदा करने वाले व्यक्ति को कहाँ रखना चाहिए?
उत्तर: निंदा करने वाले व्यक्ति को सदा अपने पास रखना चाहिए|

(घ) हम बिन साबुन-पानी के निर्मल कैसे रह सकते हैं?
उत्तर: निंदक को सदा अपने पास रखकर हम बिन साबुन-पानी के निर्मल रह सकते हैं|

4. पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुवा, … पढ़ै सु पंडित होई।।
हम घर जाल्या आपणाँ, … जे चले हमारे साथि।।

(क) कबीर के अनुसार कौन ज्ञानी नहीं बन पाया?
उत्तर: 
कबीर के अनुसार मोटी-मोटी पुस्तकें पढ़ने वाले व्यक्ति ज्ञानी नहीं बन पाए|

(ख) कबीर के अनुसार पंडित कौन है?
उत्तर: 
कबीर के अनुसार जिसने प्रभु का एक अक्षर भी पढ़ लिया है, वह पंडित है| 

(ग) कबीर ने ज्ञान कैसे प्राप्त किया है?
उत्तर: 
कबीर ने मोह-माया रूपी घर को जलाकर ज्ञान प्राप्त किया है|

(घ) कबीर के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिए क्या करना होगा?
उत्तर: 
कबीर के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिए मोह-माया के बंधनों से आजाद होना होगा|

अति लघु उत्तरीय प्रश्न


प्रश्न 1: मीठी वाणी बोलने से क्या होता है?
उत्तर: 
मीठी वाणी बोलने से सुनने वाले के मन से क्रोध और घृणा की भावना का नाश होता हैं। साथ ही खुद के तन और अपने हृदय को भी शीतलता मिलता है।

प्रश्न 2: मृग कस्तूरी को वन में क्यों ढूँढता रहता है?
उत्तर: कस्तूरी हिरण के नाभि में होती है परन्तु इस बात से अनजान हिरन कस्तूरी के सुगंध में मोहित होकर वन में ढूँढता रहता है|

प्रश्न 3: ईश्वर कहाँ निवास करता है और मनुष्य उसे कहाँ ढूँढता है?
उत्तर: ईश्वर प्रत्येक मनुष्य के हृदय में निवास करता है परन्तु अज्ञानता के कारण मनुष्य उसे देख नहीं पाता इसलिए मनुष्य ईश्वर को मंदिर-मस्जिद, गुरुद्वारे और तीर्थ स्थलों में जाकर ढूँढता है।

प्रश्न 4: हमें निंदक को अपने पास क्यों रखना चाहिए?
उत्तर: हमें निंदक को अपने पास रखना चाहिए क्योंकि वे हमारे बुराइयों को बतायेंगे जिसे सुनकर हम उन बुराइयों को दूर कर पायेंगे| इस तरह हमारा स्वभाव बिना साबुन-पानी के स्वच्छ हो जाएगा|

प्रश्न 5: कबीर की साखियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: कबीर की साखियों का मुख्य उद्देश्य जीवन को सही तरीके से जीने की शिक्षा देना है| कबीर ने इन साखियों में अपने प्रत्यक्ष ज्ञान का संकलन किया है जिससे मनुष्य जीवन के आदर्श मूल्यों को सीख सकता है| इनमें कबीर ने आडंबरों पर गहरी चोट की है और जीवन वास्तविक उद्देश्य यानी ईश्वर को जानने पर ध्यान दिया है|

प्रश्न 6: कबीर के अनुसार सच्चा ज्ञान क्या है?
उत्तर: 
कबीर के अनुसार पुस्तकों द्वारा पाया गया ज्ञान व्यर्थ है| सच्चा ज्ञान ईश्वर को जानना है क्योंकि वही एकमात्र सत्य है और कण-कण में व्याप्त है|

प्रश्न 7: ‘ज्ञान प्राप्ति’ का मार्ग कठिन क्यों है?
उत्तर: 
‘ज्ञान प्राप्ति’ का मार्ग कठिन इसलिए है क्योंकि इसपर चलने के लिए हमें मोह-माया के बंधनों से आजाद होना पड़ता है| सुख और इससे जुड़ी सामग्री का त्याग करना पड़ता है|


प्रश्न. 8. मृग कस्तूरी को वन में क्यों ढूँढता फिरता है? 
उत्तरः
 कस्तूरी मृग की नाभि में होती है किन्तु इस बात से अनजान वह उसकी सुगन्ध से उन्मत्त होकर उसे वन में खोजता है।

प्रश्न. 9. मृग किसका प्रतीक है? 
उत्तरः
 मृग अज्ञानी जीव का प्रतीक है।

प्रश्न. 10. सच्चा भक्त किसे कहा गया है ? 
उत्तरः
 कबीर के अनुसार, सच्चा भक्त वह है जो प्रभु के विरह में घायल हो, जिसने प्रभु के प्रेम का अनुभव किया हो। जो प्रियतम के मर्म का ज्ञाता हो।

प्रश्न. 11. कबीर के अनुसार ईश्वर का निवास कहाँ है ? 
उत्तरः 
कबीर के अनुसार ईश्वर कण-कण में समाया हुआ है। वह प्रत्येक हृदय में रचा-बसा हुआ है। जैसा कि उन्होंने कहा है-ऐसे घटि-घटि राम हैं, दुनिया देखे नाँहि।

प्रश्न. 12. ईश्वर कण-कण में व्याप्त है पर हम उसे क्यों नहीं देख पाते ?
उत्तरः
 ईश्वर कण-कण में व्याप्त है पर हम उसे उसी प्रकार नहीं देख पाते हैं, जैसे कस्तूरी मृग अपनी नाभि में स्थित कस्तूरी को ढूँढ़ नहीं पाता और वह उसे (कस्तूरी को) वन-वन (जंगल-जंगल) खोजता फिरता है।

प्रश्न. 13. ईश्वर से साक्षात्कार की अनुभूति कब होती है ? 
उत्तरः हृदय से अहंकार समाप्त हो जाने पर ईश्वर से साक्षात्कार की अनुभूति होती है।

प्रश्न. 14. कवि ने किस अंधकार के मिटने की बात कही है ? 
उत्तरः
 कवि ने अज्ञान के अन्धकार के मिटने की बात कही है।

प्रश्न. 15. किस स्थिति में मनुष्य पर मंत्र के उपचार का लाभ नहीं होता ? 
उत्तरः जब मनुष्य ईश्वर के विरह में व्याकुल होता है तब उसे किसी भी मंत्र के उपचार से लाभ नहीं होता।