21. छुपन-छुपाई – Chapter Notes

परिचय

“छुपन-छुपाई” एक सरल, मज़ेदार और बच्चों की दुनिया से जुड़ी कहानी है, जो दोस्तों के बीच खेले जाने वाले खेल और मासूमियत को दर्शाती है। यह कहानी बच्चों के बीच के रिश्तों, उनकी चतुराई, और खेल के दौरान होने वाली मस्ती को बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है। कहानी यह दिखाती है कि छोटे-छोटे खेलों में भी कितनी खुशी और समझदारी छिपी होती है।

सारांश

कहानी की शुरुआत में कुछ बच्चे छुपन-छुपाई खेल रहे होते हैं। उस दिन जीत की बारी होती है सभी को ढूँढ़ने की। वह सौ तक गिनती करता है और फिर सबसे पहले कमरे में जाकर खोज शुरू करता है।

  • कोई अलमारी के पीछे छिपा होता है,
  • कोई पलंग के नीचे,
  • कोई दादी के पीछे,
  • और कोई चादर के पीछे।

जीत धीरे-धीरे सभी को खोज लेता है, लेकिन जया नहीं मिलती। वह उसे ढूँढ़ता हुआ आंगन तक आ जाता है और सोचने लगता है कि जया कहाँ छुपी है। उसी समय जया अचानक ऊपर से कूदती है और जीत को “धप्पा” मारती है। इसके बाद खेल फिर से शुरू हो जाता है, और बच्चे दोबारा मस्ती में लग जाते हैं।

कहानी का अर्थ

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि खेल बच्चों के जीवन का एक जरूरी हिस्सा है। इसके ज़रिए वे न सिर्फ मनोरंजन करते हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ सहयोग, चतुराई और धैर्य भी सीखते हैं। यह कहानी बच्चों की आपसी दोस्ती और हँसी-खुशी के पलों को सुंदर रूप में दिखाती है।

शब्दार्थ

  • छुपन-छुपाई – बच्चों का एक खेल जिसमें कुछ बच्चे छिपते हैं और एक उन्हें ढूँढ़ता है
  • गिनती – एक के बाद एक संख्या बोलना (जैसे: एक, दो, तीन…)
  • अलमारी – लकड़ी या लोहे की चीजें रखने की बड़ी चीज
  • पलंग – सोने या बैठने की बड़ी चारपाई
  • आँगन – घर के अंदर का खुला हिस्सा
  • धप्पा – छुपन-छुपाई में किसी को छूकर यह बताना कि वह पकड़ा गया
  • सोचना – मन में विचार करना

19. आउट – Chapter Notes

कहानी का सारांश

इस कहानी में एक छुट्टी के दिन का जिक्र है, जब दो दोस्त जीत और बबली खेलने में लगे रहते हैं। उन्होंने कई खेल खेले जैसे कि रस्सी कूदना, छुपन-छुपाई, गिल्ली-डंडा, और क्रिकेट। फिर उन्होंने गेंद की खेलने का फैसला किया।
जब जीत गेंद फेंकी, तो बबली ने बल्ले से ज़ोर से मारा, लेकिन गेंद उनके आँगन में चली गई, जो कि मोहित के घर के बाहर था। तब खेल रुक गया क्योंकि गेंद उन्हें वापस चाहिए थी।
बबली ने गेंद बनाने के लिए कपड़े, कागज़, और पन्नी मांगी, और दोनों ने मिलकर गेंद बनाई। गेंद को सुतली से बांधकर खेल फिर से शुरू हुआ।
इस बार जब बबली ने गेंद फेंकी, तो जीत ने बल्ले से ज़ोर से मारा, पर गेंद हवा में उड़ गई। बबली ने उछलकर गेंद को पकड़ लिया, लेकिन जीत ने उसे आउट कर दिया।
इस कहानी में दो दोस्तों के बीच के खेल की मजेदार कहानी है, जिसमें वे मिलकर खेल के नियम बनाते हैं और साथ में मस्ती करते हैं।
शब्दार्थ

  • छुपन-छुपाई – खेल जिसमें एक व्यक्ति दूसरे को छुपाने की कोशिश करता है और दूसरा उसे ढूंढ़ने की कोशिश करता है।
  • गिल्ली-डंडा – एक प्रकार का खेल जिसमें एक व्यक्ति गिल्ली नामक एक वस्त्र को डंडे से मारकर दूसरे व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश करता है।
  • सुतली – एक प्रकार की रस्सी जो खेलों में प्रयुक्त होती है।
  • खेल का मतलब – मिलकर मस्ती करना और साथ में खेलना।

18. शेर और चूहे की दोस्ती – Chapter Notes

कहानी का सारांश

इस कहानी में, एक शेर और एक चूहे की दोस्ती का वर्णन है। एक दिन, शेर जंगल में दौड़ रहा था और अचानक उसने एक चूहे की चीख सुनी। चूहा उसके पंजे के नीचे छुप गया। शेर ने अपना पैर हटाया, और चूहा झाड़ियों में भाग गया। एक दिन, शेर जाल में फंस गया, जिसे शिकारी ने बिछाया था। उसने दहाड़कर सहायता मांगी, लेकिन कोई भी पशु नहीं आया। तब चूहा आकर उसकी मदद की, और उसने जाल को काटकर शेर को बचाया।

शब्दार्थ

  • शेर – एक जंगली जानवर जो बड़ा और शक्तिशाली होता है।
  • चूहा – एक छोटा जंगली जानवर जो छुपकर रहता है और जल्दी भाग जाता है।
  • दहाड़ना – बड़ी आवाज़ में रोना या चिल्लाना।
  • जाल – एक जाल जिसे शिकारी बिछाते हैं ताकि वह जानवरों को पकड़ सकें।

17. बरसात और मेंढक – Chapter Notes

कहानी का सारांश

इस कहानी में, सोमारू और कमली जंगल घूमने गए। वहाँ उन्हें बहुत भूख लगी। वे एक गाय से दूध मांगने गए, पर गाय ने कहा कि वह दूध दे नहीं सकती क्योंकि उसे घास चाहिए। तब सोमारू और कमली घास लाने गए, पर वह सूखी हुई थी और घास ने पानी की भी तलाश की। फिर वे पानी लाने गए, पर नदी भी सूखी हुई थी और पानी की तलाश में बरसात की आवश्यकता थी। तब वे बादल लाने गए, पर बादल टँगे थे और मेंढक की सहायता चाहिए थी। फिर वे मेंढक के पास गए, पर मेंढक ने उन्हें डर से बाहर नहीं जाने दिया क्योंकि वह कहते थे कि उन्हें बच्चे पत्थर मारते हैं। लेकिन सोमारू और कमली ने मेंढक को माफ कर दिया और उसे टँगे करने के लिए कहा। मेंढक टँगे करने लगा और बादल आकर बरसात कर दी। नदी में पानी बहने लगा और घास हरी हो गई। फिर सोमारू और कमली ने गाय को वही हरी हुई घास दी और गाय ने उन्हें दूध दिया। फिर वे खुशी-खुशी अपने घर की ओर बढ़ गए।
इस कहानी में हमें सिखने को मिलता है कि हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए और हमें उनके साथ दोस्ती करनी चाहिए।

शब्दार्थ

  • जंगल – एक जगह जहाँ पेड़-पौधों और जानवर होते हैं।
  • भूख – जब हमें खाने की तमन्ना होती है।
  • गाय – एक पालतू जानवर जो दूध देती है।
  • घास – पालतू जानवरों के खाने का खास आहार।
  • पानी – जीवन के लिए जरूरी द्रव्य, हम पीते हैं।
  • नदी – एक प्रकार का बड़ा पानी का जलस्रोत, जो बहता है।
  • बादल – जो आकाश में दिखाई देते हैं और बरसात लाते हैं।
  • मेंढक – एक प्रकार का छोटा सा जानवर, जो टँगे करके बरसात लाने में मदद करता है।
  • डर – जब हमें किसी चीज़ से डर लगता है या हमें डरावना लगता है।
  • माफ करो – जब हम किसी से अपनी गलती के लिए माफी मांगते हैं और किसी के दोष को माफ कर देते हैं।

13. तालाब – Chapter Notes

कहानी का सारांश

इस गाथा में एक छोटे से तालाब की बात है। तालाब में बहुत सारे जानवर रहते हैं, जैसे की केंचुआ, साँप, केकड़ा, मेंढ़क, कन्हजूर, मछली और बच्चे। बहुत सारे मच्छर भी तालाब में उड़ते हैं। यहां बहुत सारी बिल्लों और ऊँटों की भी बात की गई है। तालाब के किनारे एक पेड़ है, जिस पर मकड़ी के जाल लगे होते हैं और चिड़ियाएँ भी अपना घोंसला बनाती हैं। इस समय सारस भी आते हैं, जो तालाब के चारों ओर उड़ते रहते हैं। लेकिन जब सर्दियों का समय आता है, तो सारस चले जाते हैं। तब तालाब के चारों ओर सुकून और चहल-पहल नहीं रहता।
यह कहानी एक छोटे तालाब की है, जिसमें बहुत सारे जीव रहते हैं। इसमें केंचुआ, साँप, केकड़ा, मेंढ़क, कन्हजूर, मछली और बच्चे रहते हैं। तालाब के किनारे एक पेड़ है, जिस पर मकड़ी के जाल होते हैं और चिड़ियाएँ भी घोंसला बनाती हैं। ठंडी के दिनों में सारस आते हैं, जो तालाब में उड़ते रहते हैं। लेकिन सर्दियों में ये चले जाते हैं और तालाब में सुकून चला जाता है।

शब्दार्थ

  • जानवर: यह शब्द हमें बताता है कि यह बात किसी जीव के बारे में है, जैसे बिल्ला, कुत्ता, घोड़ा, बंदर आदि।
  • मच्छर: यह शब्द हमें बताता है कि यह जीव तालाब और औद्योगिक जल में पाया जाता है, जो हमें काटता है और खुजलाता है।
  • चिड़िया: यह शब्द हमें बताता है कि यह जीव पंखों वाला होता है, जो आकाश में उड़ता है और अलग-अलग ध्वनियों से चीर-चीर कर गाता है।
  • ऊँट: यह शब्द हमें बताता है कि यह जीव चाल चलन में सहारा देने वाला होता है, जो भारी वस्तुओं को भी ले जाता है।
  • घोंसला: यह शब्द हमें बताता है कि यह जगह है जहाँ जीव अपना घर बनाते हैं, जैसे चिड़िया के लिए उसका नेस्ट।

12. तोसिया का सपना – Chapter Notes

कहानी का सारांश

  • एक दिन तोसिया ने एक अजीब सपना देखा। उसने सपने में देखा कि दुनिया के सारे रंग उड़ गए हैं। सब कुछ सफेद हो गया है। तोसिया थोड़ी डरी हुई, लेकिन फिर सोचने लगी कि क्या यह सपना सच हो सकता है।
  • तोसिया ने रसोई में जाकर देखा कि वहां बहुत सारे रंगबिरंगे मसाले थे। लाल मिर्च, जीरा, हल्दी, धनिया, मेथी आदि। फिर वह बाहर बगीचे में गई, वहां भी बहुत सारे रंगबिरंगे फूल थे। वह देखी कि उसके कपड़ों में भी रंग हैं। घर में भी सभी जगह रंग दिख रहे हैं।
  • तोसिया को यह देखकर बहुत खुशी हुई कि रंग गए नहीं हैं। उसने रंगों को गिनना शुरू किया और बहुत आनंद लिया।
  • बच्चों, इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि हमें डरने की जरुरत नहीं है। कभी-कभी हमारे सपने अजीब लग सकते हैं, लेकिन हमें उन पर विश्वास रखना चाहिए और हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम अपने सपनों को पूरा करें।

शब्दार्थ

  • रंगबिरंगे – विभिन्न रंगों से भरपूर
  • मसाले – खाने में डालने वाले पदार्थ
  • कपड़ – वस्त्र
  • घबरा गई – डर गई
  • आनंद – खुशी, सुख

11. बैंगनी जोजो – Chapter Notes

कहानी का सारांश

इस कहानी में एक सफेद कुत्ता नींद से जागता है और देखता है कि उसके शरीर पर बैंगनी धब्बे कैसे आ गए हैं। वह सबसे पहले बादल से पूछता है, पर बादल कहता है कि वह सफेद है। फिर वह सूरज से पूछता है, पर सूरज कहता है कि वह पीला है। इसी तरह वह कई अन्य चीजों से पूछता है, पर सब कहते हैं कि वे अलग-अलग रंग की हैं।
फिर, जोजो जामुन के पेड़ के नीचे जाता है और वहां जामुनों के गिरने से उसके शरीर पर बैंगनी धब्बे आ गए हैं। उसका खुशी से उछलना होता है, और उसको धब्बे की सच्ची पहचान हो जाती है।
कहानी का संक्षिप्त अर्थ है कि हमें जब कुछ देखना हो, तो हमें सच्चाई की खोज करनी चाहिए, और बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।

शब्दार्थ

  • धब्बे – छाप, मार्क
  • आकाश – ऊपर का आकार, जहां बादल होते हैं
  • चलते हुए – आगे बढ़ते हुए
  • ऊपर – ऊंचाई पर, स्थान
  • पेड़ – बड़ी वृक्ष, जैसे जामुन का पेड़
  • खुशी से – खुशी के साथ, खुश होकर
  • सच्चाई – जो असली होती है, जो हकीकत में होता है

05. थाथू और मैं – Chapter Notes

कहानी का सारांश

  • एक छोटी बच्ची, जिसका नाम नहीं बताया गया है, अपने दादाजी के साथ रहती है। वह अपने दादाजी से बहुत प्यार करती है और उन्हें “थाथा” बुलाती है।
  • थाथा और बच्ची हमेशा साथ रहते हैं। वे साथ में खेलते हैं, बाहर जाते हैं, और कहानियां सुनते हैं।
  • एक दिन, थाथा और बच्ची समुद्र तट पर जाते हैं। वे समुद्र में तैरते हैं, रेत में खेलते हैं, और मछलियों को देखते हैं।
  • रात में, वे घर लौट आते हैं। थाथा बच्ची को अपनी गोद में लेकर उसे सोने के लिए कहते हैं। बच्ची थाथा से बहुत प्यार करती है और वह प्रार्थना करती है कि वह एक दिन उनके जैसी बन जाए।

कहानी का अर्थ

यह कहानी एक बच्ची और उसके दादाजी ‘थाथा’ के बीच के प्यारे और भावनात्मक रिश्ते को दर्शाती है। बच्ची अपने दादाजी के साथ रहती है और उन्हें प्यार से ‘थाथा’ कहती है। वे दोनों मिलकर कई मज़ेदार और कल्पनाशील गतिविधियाँ करते हैं — जैसे सिनेमा देखने जाना, चाँद पर जाने की बात करना, बारिश में भीगना, समुद्र तट पर खेलना, मछलियों से बातें करना और दौड़ लगाना।

दादाजी की मुस्कान, उनकी गोदी, और उनकी जादुई किताबें बच्ची के लिए किसी जादू से कम नहीं हैं। हर दिन उनके साथ एक नई कल्पना और अनुभव से भरा होता है। अंत में, बच्ची दादाजी से इतना प्रेम करती है कि वह प्रार्थना करती है कि एक दिन वह भी उनके जैसी बन सके।

शब्दार्थ

  • थाथा: दादाजी
  • चाँद: पृथ्वी का एक प्राकृतिक उपग्रह
  • समुद्र तट: समुद्र के किनारे का क्षेत्र
  • ऊँची-नीची लहरें: समुद्र में उठने वाली लहरें
  • चाँद हमारे साथ-साथ चलता है: चाँद हमेशा पृथ्वी के चारों ओर घूमता रहता है
  • हवाएँ सीटी बजाती हैं: हवा जब तेजी से चलती है तो वह एक सीटी जैसी आवाज करती है
  • मछलियाँ: पानी में रहने वाले जीव
  • कलाबाज़ियाँ: एक प्रकार का खाद्य पदार्थ
  • जादूई किताब: एक ऐसी किताब जिसमें जादू के बारे में लिखा होता है
  • जादूगर: एक ऐसा व्यक्ति जो जादू कर सकता है

03. माला की चाँदी की पायल – Chapter Notes

कहानी

  • माला एक छोटी लड़की है जो दूसरों को डराना पसंद करती है। वह बिल्ली, नानी, छोटे भाई और डाकू को डराने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती है।

माला दूसरों को डराना पसंद करती है।

  • एक दिन, माँ माला को एक छोटी डिब्बी देती है। डिब्बी में एक खूबसूरत चाँदी की पायल होती है। माला पायल पहनकर घर में घूमने लगती है।

माँ माला को एक छोटी डिब्बी देती है।

  • पायल की आवाज सुनकर सब जान जाते हैं कि माला आ रही है। अब माला की हुश्श श्! से पहले बिल्ली कूद जाती है, हेएए! से पहले नानी पलट जाती है, धप्प! से पहले छोटा भाई भाग जाता है और भऊऊ! से पहले डाकू निकल जाता है।

पायल की आवाज सुनकर सब जान जाते हैं कि माला आ रही है।

  • माला अब किसी को डरा नहीं पाती। वह समझ जाती है कि डराना अच्छा नहीं है। इसलिए, वह अपनी चाँदी की पायल उतार देती है।

माला चाँदी की पायल उतार देती है।

कहानी का अर्थ

यह कहानी हमें सिखाती है कि डराना अच्छा नहीं है। दूसरों को डराना उनके साथ बुरा व्यवहार करना है। हमें दूसरों के साथ प्यार से पेश आना चाहिए।

शब्दार्थ

  • डराती: डराना
  • लिपटी: ढकी हुई
  • घघँुड़ा: पायल का वह हिस्सा जो बजता है
  • जान जाते: पता चल जाता है
  • पलट जाती: उलट जाती है
  • बाहर भाग गया: घर से बाहर निकल गया
  • निकल गया: भाग गया

01. नीमा की दादी – Chapter Notes

परिचय

“नीमा की दादी” एक दिल छूने वाली कहानी है, जो छोटे बच्चे और उसकी दादी के बीच स्नेह और समझ को दर्शाती है। यह कहानी हमें सिखाती है कि रिश्तों में संवाद और एक-दूसरे के साथ बिताए समय का कितना महत्व है। नीमा अपनी दादी के साथ दिन की बातें साझा करती है, और दादी उनके साथ समय बिताकर अपने अकेलेपन को कम करती हैं। कहानी में दादी और नीमा के बीच की नज़दीकी और पारिवारिक संबंधों की मिठास को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

सारांश

कहानी की शुरुआत में नीमा रोज दोपहर में स्कूल से घर लौटती है, जहां उसे अपनी दादी का साथ मिलता है। दादी उम्र और घुटनों के दर्द के कारण घर पर रहती हैं और समय बिताने के लिए कुछ न कुछ करती रहती हैं।

नीमा स्कूल की बातें दादी को सुनाती है, और दादी भी अपनी कहानियाँ साझा करती हैं। एक दिन, जब नीमा खेलने जाती है, दादी उसे रोकती हैं और कहती हैं कि उनका समय नहीं कटता।

नीमा समझ जाती है कि दादी को अकेलापन महसूस होता है। वह तुरंत उनकी चप्पलें लाती है और दादी से कहती है कि वे उसके साथ खेलने जाएं, क्योंकि खेलने से समय जल्दी बीतता है। दादी को यह प्रस्ताव पसंद आता है, और वे दोनों खेल मैदान की ओर चल पड़ते हैं। इस दौरान दोनों के रिश्ते और प्यार की गहराई स्पष्ट होती है।

कहानी का अर्थ

इस कहानी का संदेश है कि हमें अपने परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताना चाहिए, उनकी भावनाओं को समझना चाहिए और उनके साथ संवाद करना चाहिए।

शब्दार्थ

  • स्कूल: एक स्थान जहां बच्चे पढ़ाई करते हैं।
  • दादी: नीमा की पितृपक्ष की नानी, बड़ी आयु की महिला।
  • घुटने: टांगों के बीच का जोड़, जो चलने में मदद करता है।
  • तेल: एक पदार्थ जो खाना बनाने या लगाने में उपयोग होता है।
  • इंतजार: किसी के आने की प्रतीक्षा करना।