Class 6 Social Science Chapter 1 Question Answer in Hindi
पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति Question Answer
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 के प्रश्न उत्तर (InText)
पृष्ठ 7
प्रश्न 1.
मानचित्र क्या है और हम इसका उपयोग कैसे करते हैं? इसके मुख्य घटक क्या हैं?
उत्तर:
मानचित्र पृथ्वी के किसी भी क्षेत्र, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, का एक प्रतीकात्मक चित्रण है। मानचित्र स्थानों का पता लगाने के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है जो यह दर्शाता है कि किसी स्थान की स्थिति कहाँ है और वहाँ तक कैसे पहुँचा जा सकता है। मानचित्र के तीन मुख्य घटक होते हैं- (i) दूरी (ii) दिशा और (iii) प्रतीक चिन्ह।
प्रश्न 2.
निर्देशांक क्या हैं? पृथ्वी पर किसी स्थान को अंकित करने के लिए अक्षांश और देशान्तर का उपयोग कैसे किया जा सकता है?
उत्तर:
निर्देशांक पृथ्वी पर किसी स्थान का पता लगाने के दो निर्देशांक होते हैं। अक्षांश और देशान्तर मिलकर एक स्थान के दो निर्देशांक होते हैं। इनके साथ हम पृथ्वी पर किसी स्थान का पता लगाने में सक्षम होते हैं। पृथ्वी के प्रत्येक स्थान की एक स्थिति है जिसको अक्षांशों और देशान्तरों के एक ग्रिड- पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली (भूमध्य रेखा के समानान्तर ) और उत्तर से दक्षिण की ओर जाने वाली (एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक) काल्पनिक रेखाओं की सहायता से सही-सही परिभाषित किया जा सकता है। इस प्रकार हम पृथ्वी पर किसी स्थान का पता लगाने में सक्षम होते हैं।
प्रश्न 3.
देशान्तर से स्थानीय समय और मानक समय कैसे सम्बन्धित हैं?
उत्तर:
किसी स्थान विशेष के समय को स्थानीय समय कहते हैं। मानक समय प्रमुख याम्योत्तर, जिसे ग्रिनिच याम्योत्तर भी कहा जाता है। यह इंग्लैण्ड के लंदन के एक क्षेत्र ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर है। प्रमुख याम्योत्तर के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मानक मानी जाती है। इसे 0° देशान्तर के रूप में अंकित किया जाता है। इस प्रकार 0° देशान्तर मानक समय से संबंधित है।
स्थानीय समय देशान्तर प्रमुख याम्योत्तर से दूरी का माप है। ग्रिनिच पर स्थित प्रमुख याम्योत्तर पर सूर्य जिस समय आकाश के सबसे ऊँचे बिन्दु पर होता है, उस समय याम्योत्तर पर स्थित सभी स्थानों पर दोपहर होती है। वे स्थान जो ग्रिनिच के पूर्व में है, उनका समय ग्रिनिच के समय से आगे होगा और जो स्थान ग्रिनिच के पश्चिम में हैं, उनका समय पीछे होगा। इसका कारण यह है कि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाती है।
पृथ्वी 4 मिनट में 1° घूमती है। इस प्रकार जब ग्रिनिच में दोपहर के 12 बजते हैं, तब ग्रिनिच से 15° पूर्व में समय होगा 15 × 4 = 60 मिनट अर्थात 1 घंटा ग्रिनिच के समय ( मानक समय) से आगे अर्थात दोपहर का 1 बजे होगा। इसी प्रकार ग्रिनिच से 15° पश्चिम का समय होगा मानक समय (ग्रिनिच समय) से एक घंटा पीछे अर्थात वहाँ सुबह के 11 बजे होंगे।
स्पष्ट है कि देशान्तर से स्थानीय समय और मानक समय दोनों संबंधित हैं।
पृष्ठ 10-I
प्रश्न 1.
किसी विद्यालय के खेल के मैदान का एक साधारण मानचित्र बनाइए। मान लीजिए कि यह 40 मीटर लम्बा और 30 मीटर चौड़ा आयताकार क्षेत्र है। इसे अपने रूलर की सहायता से 1 सेंटीमीटर = 10 मीटर के स्केल पर सटीक ढंग से खींचिए।
उत्तर:
पैमाना 1 से. मी. = 10 मीटर
प्रश्न 2.
ऊपर दिए गए आयताकार विकर्ण को मापिए। आपके द्वारा की गई माप कितने सेंटीमीटर की है? स्केल की सहायता से खेल के मैदान के विकर्ण की वास्तविक लम्बाई की मीटर में गणना कीजिए।
उत्तर:
विकर्ण की लम्बाई 5 से.मी. है। खेल के मैदान के विकर्ण की वास्तविक लम्बाई होगी 5 × 10 = 50 मीटर।
पृष्ठ 10-II
प्रश्न 3.
पाठ्यपुस्तक के पेज 8 पर चित्र 1.1 के लघु . नगर के मानचित्र पर पुनः विचार कीजिए। नीचे दी गई सूची में सही और गलत कथनों की पहचान कीजिए-
(i) बाजार, चिकित्सालय के उत्तर में है।
(ii) संग्रहालय, बैंक के दक्षिण-पूर्व में है।
(iii) रेलवे स्टेशन, चिकित्सालय के उत्तर-पश्चिम में है।
(iv) झील, आवासीय भवन के उत्तर-पश्चिम में है।
उत्तर:
(i) गलत, (ii) सही, (iii) सही, (iv) गलत
प्रश्न 4.
अपने विद्यालय को प्रारंभिक बिन्दु मानते हुए क्या आप जानते हैं कि आपका घर लगभग किस दिशा में है?
उत्तर:
लघुनगर के दिए गए मानचित्र के अनुसार विद्यालय को आरंभिक बिन्दु मानते हुए देखें तो आवासीय भवन (जिनमें हमारा घर है) विद्यालय के उत्तर पूर्व में है। नोट- (विद्यार्थी अपने शिक्षक और माता-पिता की सहायता से अपने नगर का रेखाचित्र बनाकर विद्यालय को आरंभिक बिन्दु मानकर अपने-अपने घर की दिशा बताएं।)
पृष्ठ 20
प्रश्न 1.
एक दिन ढ़लती दोपहर में दो मित्र, एक पोरबंदर (गुजरात) और दूसरा तिनसुकिया (असम) में बैठे हुए फोन पर बातचीत कर रहे हैं। तिनसुकिया वाला मित्र कहता है कि असम में सूर्यास्त हो गया है और अब अंधेरा है, जबकि पोरबंदर वाला मित्र चकित होकर कहता है- ‘लेकिन यहाँ तो अभी दिन का प्रकाश है।’ बताइए ऐसा क्यों है? और कक्षा की गतिविधि के रूप में इन दो शहरों के बीच स्थानीय मानक समय के अन्तर की गणना कीजिए।
(संकेत – पोरबंदर और तिनसुकिया के बीच देशान्तर में 30° के अन्तर पर विचार कीजिए और इसके बाद आप उचित मान प्राप्त कर सकते हैं।)
उत्तर:
तिनसुकिया (असम) से पोरबंदर (गुजरात) पश्चिम की ओर है और इन दोनों के बीच देशान्तर में 30° का अन्तर है। पश्चिम की ओर जाने पर 1° पर 4 मिनट का समय कम होता है। इनके बीच 30° देशान्तर का अन्तर है। अतः 30 × 4 = 120 मिनट अर्थात 2 घण्टे का समय में अन्तर होगा। अतः तिनसुकिया से पोरबंदर का स्थानीय समय 2 घंटे पीछे होगा। इसलिए असम में तो सूर्यास्त हो गया है, लेकिन पोरबंदर में अभी दिन का प्रकाश है, वहाँ सूर्यास्त 2 घंटे बाद होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है और प्रत्येक 24 घंटे में एक पूरा चक्कर लगाती है। यह पूरा चक्कर 360° का है अर्थात यह प्रति घंटा 15° घूमती है।
प्रश्न 2.
गुजरात और असम में बैठे दो मित्र पुनः चर्चा करते हैं। इस उदाहरण का उपयोग स्थानीय समय और मानक समय के अन्तर को स्पष्ट करने के लिए कीजिए।
उत्तर:
पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाती है। अतः वे स्थान जो ग्रिनिच से पूर्व में है, उनका समय मानक समय से आगे होगा और जो पश्चिम में है उनका समय मानक समय से पीछे होगा। उदाहरण के लिए जब ग्रिनिच में दोपहर के 12 बजते हैं तो ग्रिनिच के 15° पूर्व में समय होगा ग्रिनिच के समय से 1 घण्टा आगे अर्थात दोपहर का 1 बजे का समय। लेकिन ग्रिनिच से 15° पश्चिम का समय 1 घण्टा पीछे होगा अर्थात सुबह के 11 बजे।
पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति कक्षा 6 प्रश्न उत्तर (Exercise)
प्रश्न 1.
इस पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 10 और अध्याय 5 में चित्र 5.2 के संदर्भ में, 2.5 से.मी. 500 कि.मी. का पैमाना लेते हुए, नर्मदा नदी के मुहाने (वह स्थान जहाँ नदी समुद्र में मिलती है) से गंगा नदी के मुहाने तक की वास्तविक दूरी की गणना कीजिए। (संकेत- मानचित्र पर अपनी माप को एक सरल संख्या में पूर्णांकित कीजिए।)
उत्तर:
अध्याय 5 के चित्र 5.2 के अनुसार नर्मदा नदी के मुहाने से गंगानदी के मुहाने की दूरी 10 से.मी. है। 500 कि.मी. है। अतः इस संदर्भ में पैमाना 25 से.मी. दोनों के मुहाने की वास्तविक दूरी होगी
= =- कि. मी. अर्थात् 500 × 4 = 2000 कि.मी.

प्रश्न 2.
जब लंदन में दोपहर 12 बजे का समय होता है, तो उसी समय भारत में सायं के 5.30 बजते हैं, क्यों?
उत्तर:
चूँकि भारतीय मानक समय ग्रिनिच (मीन टाइम) समय से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। यही कारण है कि जब लंदन में 12 बजे का समय होता है तो भारत में सायं के 5.30 बजते हैं।
लंदन इंग्लैंड में स्थित है। इंग्लैंड की मुख्य याम्योत्तर ग्रिनिच से निकलती है जो 0° है। भारत ग्रिनिच के पूर्व 82.30 पू. में स्थित हैं तथा यहाँ का समय ग्रिनिच समय से 5 घण्टे 30 मिनट आगे है।
प्रश्न 3.
हमें मानचित्र में प्रतीक चिन्हों और रंगों की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
मानचित्र में प्रतीक चिन्हों और रंगों के इस्तेमाल के द्वारा मानचित्र को आसानी से खींचा जा सकता है तथा इनकी सहायता से मानचित्र का अध्ययन करना आसान होता है। इसलिए मानचित्र में प्रतीक चिन्हों और रंगों की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 4.
आपके घर या विद्यालय की आठ दिशाओं में क्या-क्या स्थित है? पता लगाइए।
उत्तर:
विद्यार्थी इस प्रश्न का उत्तर स्वयं लिखें। वे अपने घर या विद्यालय के केन्द्र मानकर आठ दिशाओं का निर्धारण निम्न प्रकार कर सकते है
प्रश्न 5.
स्थानीय समय और मानक समय के बीच क्या अन्तर है? समूहों में चर्चा कीजिए और फिर प्रत्येक समूह 100-150 शब्दों तक का उत्तर लिखें। उत्तरों की तुलना कीजिए।
उत्तर:
किसी स्थान विशेष के समय को स्थानीय समयकहते हैं जबकि मानक समय का निर्धारण ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर को माना गया है। इसका नाम 0° देशान्तर है। उदाहरण के लिए भारत ग्रिनिच के 82.5° पू. में स्थित है तथा यहाँ का स्थानीय समय ग्रिनिच समय से 5 घंटा 30 मिनट आगे है।
विद्यार्थी समूहों में इसकी चर्चा कर स्वयं उत्तर लिखे।
प्रश्न 6.
दिल्ली और बेंगलूर के अक्षांश क्रमश: 29°उ. और 13° उ हैं और उनका देशान्तर लगभग 77° पू. एक ही है। दोनों नगरों के बीच स्थानीय समय में कितना अन्तर होगा?
उत्तर:
दोनों नगरों के बीच स्थानीय समय में कोई अन्तर नहीं होगा क्योंकि दोनों का देशान्तर लगभग 77° पू. एक ही है और देशान्तर रेखाओं से ही समय का निर्धारण होता है।
प्रश्न 7.
निम्नलिखित कथनों पर सही या गलत का चिन्ह लगाइए और इसे एक या दो वाक्यों में समझाइए-
(i) अक्षांशों की सभी समानान्तरों की लम्बाई समान होती है।
(ii) देशान्तर के एक याम्योत्तर की लम्बाई भूमध्य रेखा की आधी होती है।
(iii) दक्षिण ध्रुव का अक्षांश 90° द. है।
(iv) असम में स्थानीय समय और आई. एस. टी. (भारतीय मानक समय) एक ही है।
(v) समय क्षेत्र को पृथक करने वाली रेखाएं देशान्तर के उत्तर- याम्योत्तर के समान होती हैं।
(vi) भूमध्य रेखा एक अक्षांश वृत्त भी है।
उत्तर:
(i) गलत। अक्षांशों के समानान्तरों की लम्बाई समान नहीं होती है। सबसे बड़ा वृत्त विषुवत वृत्त है, जबकि हम जैसे ही उत्तर की ओर या दक्षिण की ओर जाते हैं तो अक्षांश द्वारा अंकित किए गए वृत्त छोटे होते जाते हैं।
(ii) सत्य देशान्तर रेखाएं उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव को मिलाती हुई उत्तर-दक्षिण दिशा में खींची जाती है। इसलिए सभी देशान्तर अर्धवृत्त होते हैं। इसलिए इनकी लम्बाई भूमध्य रेखा से आधी होती है क्योंकि भूमध्य रेखा पूर्ण वृत्त होती है।
(iii) सत्य। परम्परागत रूप से विषुवत वृत्त अक्षांश 0° है। जबकि दोनों ध्रुवों के अक्षांश 90° उत्तर और 90° दक्षिण है। इसे 90° उ. और 90° द. के रूप में लिखा जाता है।
(iv) सत्य। भारत का मानक समय ग्रिनिच मीन टाइम पर 5 घंटे 30 मिनट आगे है। असम के स्थानीय समय की गणना भी भारतीय मानक समय के अनुसार की जायेगी।
(v) सत्य। मुख्य याम्योत्तर ग्रिनिच पर दोपहर के 12 बजे मध्याह है, तो प्रत्येक 15° पू. याम्योत्तर पर स्थानीय समय का एक घंटा जुड़ जाता है। इसी क्रम में समय आगे बढ़ता है लेकिन पश्चिम की ओर जाने पर इसके विपरीत होता है।
(vi) सत्य। भूमध्य रेखा 0° अक्षांश वृत्त भी है।
प्रश्न 8.
नीचे दी गई शब्द पहेली को हल कीजिए (इस पहेली को हल करने के लिए अंग्रेजी भाषा के शब्दों का उपयोग कीजिए)।
| बाएँ से दाएँ | ऊपर से नीचे |
| 1. मानचित्र में एक वृहद क्षेत्र को लघु रूप में दिखाना | 2. प्रमुख याम्योत्तर से दूरी का एक माप |
| 4. एक सुविधाजनक गोलाकार | 3. ये दोनों मिलकर एक स्थान का पता लगाने में सहायक होते हैं। |
| 5. सबसे लंबी समानांतर अक्षांश रेखा | 6. जो अक्षांश और देशांतर मिलकर बनाते हैं। |
| 6. वह स्थान जहाँ से प्रमुख याम्योत्तर गुजरती है। | 7. वह समय, जिसका हम भारत में अनुसरण करते हैं। |
| 8. मार्ग को खोजने का सरल साधन | 9. विश्व के शीर्ष पर |
| 10. भूमध्य रेखा से दूरी का एक माप | 11. एक रेखा के लिए शब्द संक्षेप, जिसके आर-पार दिन और तिथि में परिवर्तन होता हैं। |
उत्तर:
पृथ्वी पर स्थानों का पता लगाना
पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति Class 6 Question Answer
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
1. पर्वतों, पठारों, नदियों आदि को दर्शाने वाला मानचित्र है–
(अ) थिमैटिक मानचित्र
(ब) राजनैतिक मानचित्र
(स) भौतिक मानचित्र
(द) खाका मानचित्र
उत्तर:
(स) भौतिक मानचित्र
2. राज्यों सीमाओं, नगरों आदि को दर्शाते हैं–
(अ) राजनैतिक मानचित्र
(ब) भौतिक मानचित्र
(स) थिमैटिक मानचित्र
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) राजनैतिक मानचित्र
3. निम्न में से कौनसा मानचित्र का घटक नहीं है?
(अ) दूरी
(ब) दिशा
(स) प्रतीक चिन्ह
(द) पैमाना
उत्तर:
(द) पैमाना
4. निम्न में छत्री का घटक चिन्ह कौनसा है?
उत्तर:
(अ)
5. अक्षांशों को किसमें मापा जाता है?
(अ) फीट में
(ब) मीटर में
(स) अंश में
(द) से.मी. में
उत्तर:
(स) अंश में
6. विषुवत वृत्त कितने अंश अक्षांश को दर्शाता है?
(अ) 0°
(ब) 90°
(स) 180°
(द) 360°
उत्तर:
(अ) 0°
7. जब ग्रिनिच पर दोपहर के 12 बजे होंगे तो उस समय 180° याम्योत्तर पर क्या समय होगा?
(अ) सुबह
(ब) शाम
(स) दोपहर
(द) मध्य रात्रि
उत्तर:
(द) मध्य रात्रि
8. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करने पर तिथि में कितने दिन का परिवर्तन होता है?
(अ) 10 दिन का
(ब) एक दिन का
(स) 2 दिन का
(द) 4 दिन का
उत्तर:
(ब) एक दिन का
9. पृथ्वी कितने मिनट में 1° घूमती है?
(अ) 15 मिनट में
(ब) 4 मिनट में
(स) 30 मिनट में
(द) 6 मिनट में
उत्तर:
(ब) 4 मिनट में
10. भारत में मानक याम्योत्तर माना गया है—
(अ) 68° पू.
(ब) 90° पू.
(स) 82½° पू.
(द) 81½° पू.
उत्तर:
(स) 82½° पू.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. मानचित्र किसी भी क्षेत्र का एक …………………………….. रेखांकन है।
उत्तर:
प्रतीकात्मक
2. किसी भी मानचित्र के तीन मुख्य घटक होते हैं- दूरी, दिशा और …………………………….. चिन्ह।
उत्तर:
प्रतीक
3. मानचित्र पर चिहिन्त किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की वास्तविक दूरी मानचित्र के …………………………….. पर निर्भर है।
उत्तर:
स्केल
4. एक …………………………….. किसी समतल मानचित्र की तुलना में पृथ्वी की भूगोल का बेहतर प्रतिनिधित्व करता है।
उत्तर:
ग्लोब
5. ग्रिनिच पर स्थित मुख्य याम्योत्तर के विपरीत की रेखा लगभग 180° देशान्तर पर है, उसे …………………………….. तिथि रेखा कहा जाता है।
उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय
6. ग्लोब पर सबसे बड़ा वृत्त …………………………….. वृत्त है।
उत्तर:
विषुवत
सत्य / असत्य बताइये-
1. एक ग्लोब अक्षांशों के समानांतरों और देशान्तरों के याम्योत्तरों दोनों को दर्शाता है।
उत्तर:
सत्य
2. उत्तर या दक्षिण ध्रुव के निकट जलवायु गरम होती है।
उत्तर:
असत्य
3. देशान्तरीय याम्योत्तर अर्धवृत्त हैं, जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं।
उत्तर:
सत्य
4. प्रमुख याम्योत्तर पृथ्वी को उत्तरी गोलार्द्ध और दक्षिणी गोलार्द्ध में जबकि भूमध्य रेखा पश्चिमी गोलार्द्ध और पूर्वी गोलार्द्ध में विभाजित करती है।
उत्तर:
असत्य
सही मिलान कीजिये-
प्रश्न 1.
| I | II |
| 1. प्राकृतिक आकृतियाँ | (अ) राजनैतिक मानचित्र |
| 2. देशों की सीमाएँ | (ब) भौतिक मानचित्र |
| 3. उद्योगों का वितरण | (स) पृथ्वी का मानचित्र |
| 4. ग्लोब | (द) थिमैटिक मानचित्र |
उत्तर:
| I | II |
| 1. प्राकृतिक आकृतियाँ | (ब) भौतिक मानचित्र |
| 2. देशों की सीमाएँ | (अ) राजनैतिक मानचित्र |
| 3. उद्योगों का वितरण | (द) थिमैटिक मानचित्र |
| 4. ग्लोब | (स) पृथ्वी का मानचित्र |
प्रश्न 2.
| I | II |
| 1. अर्द्धवृत्त जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं | (अ) अक्षांश (समानांतर) |
| 2. भूमध्य रेखा के समानान्तर पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली रेखा | (ब) देशान्तरीय याम्योत्तर |
| 3. प्राचीन खगोल विद्या में उपयोग किए जाने वाला प्रमुख याम्योत्तर | (स) ग्रिनिच याम्योत्तर |
| 4. देशान्तर को मापने का वर्तमान प्रमुख याम्योत्तर | (द) उज्जयिनी याम्योत्तर |
उत्तर:
| I | II |
| 1. अर्द्धवृत्त जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं | (ब) देशान्तरीय याम्योत्तर |
| 2. भूमध्य रेखा के समानान्तर पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली रेखा | (अ) अक्षांश (समानांतर) |
| 3. प्राचीन खगोल विद्या में उपयोग किए जाने वाला प्रमुख याम्योत्तर | (द) उज्जयिनी याम्योत्तर |
| 4. देशान्तर को मापने का वर्तमान प्रमुख याम्योत्तर | (स) ग्रिनिच याम्योत्तर |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
मानचित्र क्या है?
उत्तर:
पृथ्वी के किसी भी छोटे या बड़े क्षेत्र का पैमाने के माध्यम से खींचा गया एक प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन मानचित्र कहलाता है।
प्रश्न 2.
पृथ्वी की प्राकृतिक आकृतियों को दर्शाने वाले मानचित्र को क्या कहते हैं?
उत्तर:
भौतिक मानचित्र।
प्रश्न 3.
राज्यों की सीमाओं, नगरों आदि को दर्शाने वाले मानचित्र को क्या कहते हैं?
उत्तर:
राजनैतिक मानचित्र|
प्रश्न 4.
थिमैटिक मानचित्र किसे कहते हैं?
उत्तर:
जो मानचित्र विशिष्ट प्रकार की सूचना प्रदान करते हैं, उसे थिमैटिक मानचित्र कहते हैं, जैसे- उद्योगों का वितरण।
प्रश्न 5.
मानचित्र कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
मुख्य रूप से मानचित्र तीन प्रकार के होते हैं। ये हैं— (i) भौतिक (ii) राजनैतिक और (iii) थिमैटिक।
प्रश्न 6.
मानचित्र पर चिन्हित किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की दूरी किस पर निर्भर करती है?
उत्तर:
यह दूरी उस स्केल (पैमाने) पर निर्भर करती है, जिसका मानचित्र उपयोग करता है।
प्रश्न 7.
मानचित्र की कोई दो विशेषताएं बताइए।
उत्तर:
- दो स्थानों के मध्य दूरी का पता लगाना।
- दिशा ज्ञात करना।
प्रश्न 8.
मानचित्र में प्राय: उत्तर दिशा किस प्रकार इंगित की जाती है?
उत्तर:
अधिकतर मानचित्रों में ऊपर दाहिनी तरफ ‘उ. ‘ अक्षर से अंकित एक तीर होता है, जो उत्तर दिशा को इंगित करता है।
प्रश्न 9.
मानचित्र में भू-भाग की विभिन्न विशेषताओं को दर्शाने हेतु किनका प्रयोग किया जाता है?
उत्तर:
प्रतीक चिन्हों का।
प्रश्न 10.
विषुवत वृत्त किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह काल्पनिक वृत्त जो पृथ्वी को उत्तर तथा दक्षिण दो बराबर भागों में बांटता है, विषुवत वृत्त कहलाता है।
प्रश्न 11.
0° देशान्तर को प्रमुख याम्योत्तर या ग्रिनिच याम्योत्तर क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
0° देशान्तर इंग्लैंड में लंदन के एक क्षेत्र ग्रिनिच से गुजरती है, इसलिए इसे ग्रिनिच याम्योत्तर और 1884 में कुछ देशों में इसे अन्तर्राष्ट्रीय मानक निर्धारित किया, इसलिए इसे प्रमुख याम्योत्तर कहा जाता है।
प्रश्न 12.
विषुवत या भूमध्य रेखा के उत्तर तथा दक्षिण की ओर जाने पर अक्षांश रेखाओं की लम्बाई पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
भूमध्य रेखा के उत्तर तथा दक्षिण की ओर जाने पर अक्षांश रेखाओं की लम्बाई कम होती जाती है।
प्रश्न 13.
पृथ्वी 1 घंटे में कितनी घूमती है?
उत्तर:
पृथ्वी 1 घण्टे में 15° घूमती है।
प्रश्न 14.
पृथ्वी को पश्चिमी गोलार्द्ध और पूर्वी गोलार्द्ध में कौन विभाजित करती है?
उत्तर:
प्रमुख याम्योत्तर पृथ्वी को पश्चिमी गोलार्द्ध और पूर्वी गोलार्द्ध में विभाजित करती है।
प्रश्न 15.
भारत का अक्षांश कहाँ से कहाँ तक फैला हुआ है?
उत्तर:
भारत का अक्षांश लगभग 8° उ. से 37° उ. तक फैला हुआ है।
प्रश्न 16.
भारत का देशान्तर कहां से कहां तक फैला हुआ है?
उत्तर:
भारत का देशान्तर लगभग 68° पू. से 97° पू. तक फैला हुआ है।
प्रश्न 17.
किस याम्योत्तर के स्थानीय समय को भारत का मानक समय माना जाता है?
उत्तर:
82½° पू. याम्योत्तर के स्थानीय समय को भारत का मानक समय माना जाता है।
प्रश्न 18.
भारतीय मानक समय ग्रिनिच मीन टाइम से कितने समय आगे है?
उत्तर:
भारतीय मानक समय ग्रिनिच मीन टाइम से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
प्रश्न 19.
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा किसे कहा जाता है?
उत्तर:
ग्रिनिच पर स्थित मुख्य याम्योत्तर के विपरीत की रेखा जो लगभग 180° देशान्तर पर है, उसे अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहा जाता है।
प्रश्न 20.
सूर्य की किरण को एक देशान्तर से दूसरे देशान्तर तक पहुँचने में कितना समय लगता है?
उत्तर:
4 मिनट का समय।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
किसी भी मानचित्र के लिए पैमाना किस रूप में उपयोगी है?
उत्तर:
मानचित्र पर चिन्हित किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की वास्तविक दूरी उस पैमाने (स्केल) पर निर्भर है, जिसका मानचित्र उपयोग करता है। अगर हमें किसी मानचित्र के पैमाने की जानकारी है तो हम मानचित्र पर चिन्हित किसी भी दो स्थानों के बीच की दूरी का पता लगा सकते हैं।
प्रश्न 2.
प्रतीक चिन्ह से क्या आशय है?
उत्तर:
प्रतीक मानचित्र का तीसरा प्रमुख घटक प्रतीक चिन्ह हैं। किसी भी मानचित्र में भवनों, पुलों, वृक्षों, रेलवे लाइनों, सड़कों, नदी, नहर, पुलिस स्टेशन, मंदिर आदि को दिखाने के लिए निर्धारित निश्चित कुछ चिन्हों का उपयोग किया जाता है। इन्हें ही प्रतीक चिन्ह कहा जाता है। विभिन्न उपयोगकर्त्ता मानचित्र को अधिक सरलता से समझें इसके लिए ही मानचित्र निर्माता इन प्रतीक चिन्हों का उपयोग करता है।
प्रश्न 3.
मानचित्र से दिशाओं का पता किस प्रकार लगता है?
उत्तर:
मानचित्र में ऊपर दाहिनी तरफ उ. अक्षर से अंकित एक तीर का निशान लगाकर उत्तर दिशा दर्शायी जाती है। इससे अन्य दिशाओं का भी पता लगाया जा सकता है।
प्रश्न 4.
ग्लोब की कोई चार विशेषताएं लिखिए।
उत्तर:
- एक ग्लोब पृथ्वी के भूगोल का बेहतर प्रतिनिधित्व करता है।
- ग्लोब विभिन्न आकार-प्रकार के होते हैं।
- ग्लोब को लट्टू की तरह घुमाया जा सकता है।
- ग्लोब पर देशों, महाद्वीपों तथा महासागरों को उनके सही आकार में दिखाया जाता है।
प्रश्न 5.
उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव से क्या आशय है?
उत्तर:
विषुवत वृत्त शून्य अंश अक्षांश को दर्शाता है। चूँकि विषुवत वृत्त से दोनों तरफ के ध्रुवों के बीच की दूरी पृथ्वी के चारों ओर के वृत्त की एक चौथाई है। अतः इसका माप होगा 360° का चौथाई अर्थात् 90°। इस प्रकार 90° उत्तरी अक्षांश उत्तरी ध्रुव को दर्शाता है और 90° दक्षिणी अक्षांश दक्षिणी ध्रुव को दर्शाता है।
प्रश्न 6.
अक्षांश और जलवायु के सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भूमध्य रेखा के चारों ओर अर्थात 0° अक्षांश पर जलवायु सामान्यतः गरम होती है। जैसे ही हम भूमध्य रेखा (0° अक्षांश) से दूर दो ध्रुवों में से किसी एक की ओर बढ़ते हैं, तो अक्षांश की डिग्री बढ़ती जाती है और जलवायु शीतोष्ण हो जाती है। उत्तर या दक्षिण ध्रुव के निकट 90° अक्षांश पर जलवायु ठंडी हो जाती है। स्पष्ट है अक्षांश के बढ़ने पर जलवायु शीत होती जाती है।
प्रश्न 7.
उत्तरी अक्षांश तथा दक्षिणी अक्षांश से क्या आशय है?
उत्तर:
विषुवत वृत्त के उत्तर की सभी समानान्तर रेखाओं को उत्तरी अक्षांश कहा जाता है और विषुवत वृत्त के दक्षिण में स्थित सभी समानान्तर रेखाओं को दक्षिणी अक्षांश कहा जाता है। इसलिए प्रत्येक अक्षांश के मान के साथ उसकी दिशा उ. या द. लिखा जाता है।
प्रश्न 8.
देशान्तर क्या है?
उत्तर:
इंग्लैंड में लंदन के एक क्षेत्र ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर प्रमुख याम्योत्तर है जो एक अन्तर्राष्ट्रीय मानक मानी जाती है। इसे 0° देशान्तर के रूप में अंकित किया जाता है। यदि हम भूमध्य रेखा के साथ-साथ यात्रा करते हैं तो देशान्तर प्रमुख याम्योत्तर से दूरी का एक माप है। देशान्तर को भी अंश में मापा जाता है। पश्चिम हो या पूर्व इसका मान (0° से 180° तक बढ़ता है। इसमें पश्चिम के लिए ‘प.’ और पूर्व के लिए ‘पू.’ वर्णों को जोड़ा जाता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1.
मानचित्र के प्रमुख प्रकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानचित्र के प्रकार- मानचित्र विभिन्न प्रकार के होते हैं। इसके प्रमुख प्रकार निम्न हैं-
(1) भौतिक मानचित्र – भौतिक मानचित्र मुख्य रूप से प्राकृतिक आकृतियों, जैसे- पर्वतों, महासागरों, पठारों, नदियों आदि को दर्शाते हैं।
(2) राजनैतिक मानचित्र – राजनैतिक मानचित्र देशों या राज्यों, नगरों, गाँवों तथा उनकी सीमाओं आदि को दर्शाते हैं।
(3) थिमैटिक मानचित्र – विशिष्ट जानकारियां प्रदान करने वाले मानचित्र को थिमैटिक मानचित्र कहते हैं, जैसे- सड़क मानचित्र, वर्षा मानचित्र, वन मानचित्र आदि।
प्रश्न 2.
मानचित्र में दिशाएं किस प्रकार दिखाई जाती हैं?
अथवा
मानचित्र में दिशाओं का पता किस प्रकार लगाया जाता है?
उत्तर:
मानचित्र के दांई ओर शीर्ष स्थित चार तीर चारों दिशाओं को इंगित करते हैं। शीर्ष अर्थात् ऊपर की ओर का तीर उत्तर नीचे की ओर का दक्षिण, दांई ओर का पूर्व तथा बांई ओर का तीर पश्चिम दिशा को इंगित करता है। इन्हें चतुर्दिश या प्रधान बिन्दु भी कहा जाता है। इनके अतिरिक्त इनकी मध्यवर्ती दिशाओं – उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण पश्चिम और उत्तर पश्चिम का भी उपयोग किया जाता है। लेकिन अधिकतर मानचित्रों में केवल ‘उ.’ अक्षर से अंकित एक तीर ही होता है, जो उत्तर दिशा को इंगित करता है। इसके आधार पर अन्य दिशाओं का ज्ञान हो जाता है।
प्रश्न 3.
पैमाना किसे कहते हैं? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मानचित्र पर दो स्थानों के बीच की दूरी और धरातल पर उन्हीं दो स्थानों के बीच की वास्तविक दूरी के अनुपात को पैमाना कहते हैं। उदाहरण के लिए यदि किन्हीं दो स्थानों के बीच की वास्तविक दूरी 20 किमी. है और इसे मानचित्र पर 2 सेमी द्वारा दिखाया जाता है तो संबंधित मानचित्र का पैमाना होगा, 1 सेमी. = 10 किमी.।
प्रश्न 4.
ग्लोब क्या है? इसका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ग्लोब पृथ्वी का लघुरूप में एक वास्तविक प्रतिरूप है। चूँकि ग्लोब और पृथ्वी का आकार एक समान (गोलाकार) होता है, इसलिए एक ग्लोब, किसी समतल मानचित्र की तुलना में पृथ्वी के भूगोल का बेहतर प्रतिनिधित्व करता है। ग्लोब पर देशों, महाद्वीपों तथा महासागरों को उनके सही आकार में दिखाया जाता है। ग्लोब पर एक सुई झुकी हुई अवस्था में होती है जिसे अक्ष कहा जाता है। यह दो बिन्दुओं से होकर गुजरती है, जो उत्तर तथा दक्षिण ध्रुव हैं।
प्रश्न 5.
विषुवत वृत्त क्या है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
एक काल्पनिक रेखा जो पृथ्वी को उत्तरी गोलार्द्ध व दक्षिणी गोलार्द्ध दो बराबर भागों में बांटती है उसे भूमध्य रेखा या विषुवत रेखा कहते हैं। यह विषुवत रेखा पृथ्वी के चारों ओर एक वृत्त बनाती है। ग्लोब पर सबसे बड़ा वृत्त विषुवत वृत्त है जबकि हम विषुवत रेखा से जैसे ही उत्तर की ओर या दक्षिण की ओर आगे बढ़ते हैं तो अक्षांश द्वारा अंकित किए गए वृत्त छोटे होते जाते हैं। विषुवत वृत्त पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों की स्थिति बताने का महत्त्वपूर्ण संदर्भ बिन्दु है।
प्रश्न 6.
अक्षांश से आप क्या समझते हैं? इसकी विशेषताएं लिखिए।
उत्तर:
अक्षांश – भूमध्य रेखा के समान्तर पूर्व से पश्चिम की ओर खींची गई प्रत्येक रेखा को अक्षांश (समानान्तर) कहा जाता है।
विशेषताएँ —
- यह पृथ्वी के चारों ओर एक पूर्ण वृत्त होती है।
- सभी अक्षांश रेखाएं एक-दूसरे के समानान्तर होती हैं।
- अक्षांशों को अंशों (डिग्री) में व्यक्त किया जाता है।
- विषुव वृत्त अक्षांश शून्य अंश होता है जो पृथ्वी को दो समान भागों उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बांटता है।
- दो ध्रुवों का अक्षांश क्रमश: 90 अंश उत्तर और 90 अंश दक्षिण है। इसे 90° उ. और 90° द. के रूप में लिखा जाता है।
- विषुवत वृत्त से दूर ध्रुवों की तरफ जाने पर अक्षांश की डिग्री बढ़ती जाती है।
- अक्षांश भूमध्य रेखा से दूरी का एक माप है।
प्रश्न 7.
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा क्या है? इसको पार करने पर हमें समय में क्या अन्तर करना पड़ता है?
उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा – ग्रिनिच पर स्थित मुख्य याम्योत्तर, जिसके विपरीत की रेखा लगभग 180° देशान्तर पर है, उसे अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहा जाता है। चूँकि +12 और 12 समय क्षेत्र इस रेखा पर एक-दूसरे को छूते हैं। यदि हम इसे समुद्री जहाज या विमान से पार करते हैं, तो हमें अपनी घड़ी की तिथि में परिवर्तन करना आवश्यक है। यदि हम पूर्व की ओर से यात्रा करते हुए इसे पार करते हैं, तो हम एक दिन घटायेंगे, जैसे सोमवार से रविवार यदि हम पश्चिम की ओर से इसे पार करते हैं तो हम एक दिन बढ़ायेंगे, जैसे- रविवार से सोमवार।
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
मानचित्र के घटकों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
किसी भी मानचित्र के तीन मुख्य घटक होते हैं- दूरी दिशा और प्रतीक चिन्ह। यथा-
(1) दूरी – दूरी मानचित्र का एक प्रमुख घटक है। दो स्थानों की वास्तविक दूरी को पैमाने की सहायता से छोटा करके बताया जाता है। इसलिए मानचित्र पर चिन्हित किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की वास्तविक दूरी उस पैमाने पर निर्भर है, जिसका मानचित्र में उपयोग किया गया है।
(2) दिशा – मानचित्र में ऊपर दाहिनी तरफ तीर का निशान लगाकर उत्तर दिशा दर्शाई जाती है। यह तीर ‘उ.’ अक्षर से अंकित होता है। इससे अन्य दिशाओं का भी पता लगाया जा सकता है।
(3) प्रतीक चिन्ह – मानचित्र पर विभिन्न आकृतियों, जैसे- विभिन्न प्रकार के भवनों, रेलवे लाइनों, नदी, ताल, वन आदि के रेखांकन के लिए प्रतीक चिन्हों का उपयोग किया जाता है। इस तरीके से मानचित्र पर उपलब्ध सीमित स्थान पर अनेक विवरण दर्शाएँ जा सकते हैं।
प्रश्न 2.
देशान्तर रेखाओं की प्रमुख विशेषताएं लिखिए।
उत्तर:
देशान्तर रेखाओं की विशेषताएं – देशान्तर रेखाओं की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं-
- देशान्तर रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव को मिलाती हुई उत्तर-दक्षिण दिशा में खींची जाती हैं।
- देशान्तर रेखाएँ एक-दूसरे के समानान्तर नहीं होती हैं।
- सभी देशान्तर अर्द्धवृत्त होते हैं। लेकिन 180° की दूरी पर दो देशांतर मिलकर पूर्ण वृत्त बनाते हैं।
- प्रमुख याम्योत्तर (0° देशान्तर ), 180° याम्योत्तर के साथ मिलकर पृथ्वी को दो समान भागों पूर्वी गोलार्द्ध तथा पश्चिमी गोलार्द्ध में बांटती हैं।
- प्रमुख याम्योत्तर के दोनों ओर 180° पूर्व तथा 180° पश्चिम तक गणना करते हैं।
- ध्रुवों की तरफ बढ़ने पर याम्योत्तर का आकार वही रहता है लेकिन उनके बीच की दूरी घटती जाती है और ध्रुवों पर शून्य हो जाती है।
- देशान्तर रेखाओं से समय और तिथियों का निर्धारण होता है।
प्रश्न 3.
स्थानीय समय से क्या आशय है? इसकी गणना किस प्रकार की जाती है?
उत्तर:
स्थानीय समय किसी स्थान विशेष के समय को स्थानीय समय कहते हैं। स्थानीय समय की गणना-
- समय का निर्धारण याम्योत्तर (देशान्तर) के आधार पर किया जाता है। समय की गणना हेतु विश्व में इंग्लैंड में लंदन के एक क्षेत्र ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर, प्रमुख याम्योत्तर के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मानक मानी जाती है। इसे 0° देशान्तर के रूप में अंकित किया जाता है।
- ग्रिनिच पर स्थित प्रमुख याम्योत्तर पर सूर्य जिस समय अक्षांश के सबसे ऊँचे बिन्दु पर होता है, उस समय याम्योत्तर पर स्थित सभी स्थानों पर दोपहर होता है।
- पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाती है। अतः वे स्थान जो ग्रिनिच’ से पूर्व में हैं, उनका समय ग्रिनिच समय से आगे होगा और जो पश्चिम में हैं, उनका समय पीछे होगा।
- पृथ्वी अपनी धुरी पर प्रत्येक 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है। एक पूरा चक्कर 360° का है। इसका अर्थ है- प्रति घंटा 15° और 4 मिनट में 1° घूमती है। इस प्रकार जब ग्रिनिच में दोपहर के 12 बजते हैं तो ग्रिनिच से 15° पूर्व में समय होगा, ग्रिनिच के समय से एक घंटा आगे अर्थात् वहाँ अपराह्न 1 बजा होगा। लेकिन ग्रिनिच से 15° पश्चिम का समय ग्रिनिच से 1 घंटा पीछे होगा अर्थात् वहाँ पूर्वाह्न के 11 बजे होंगे। इसी प्रकार जब ग्रिनिच पर दोपहर के 12 बजे होंगे उस समय 180° याम्योत्तर पर मध्य रात्रि होगी।
प्रश्न 4.
जब प्रमुख याम्योत्तर पर दिन के 12 बजे हों तो दिल्ली में क्या समय होगा?
उत्तर:
दिल्ली का देशान्तर 77° पूर्व
प्रमुख याम्योत्तर ग्रिनिच का देशान्तर = 0°
दोनों स्थानों के देशान्तर का अन्तर = 77° – 0° = 77°
1° देशान्तर के अन्तर का समय = 4 मिनट
इसलिए 77° देशान्तर के अन्तर का समय होगा = 77 × 4 = 308 मिनट अर्थात् 5 घण्टे 8 मिनट।
दिल्ली का समय प्रमुख याम्योत्तर के समय से 5 घण्टे 8 मिनट आगे होगा क्योंकि दिल्ली प्रमुख याम्योत्तर के पूर्व में है। अतः दिल्ली का समय होगा 12 5.08 अर्थात् अपराह्न 5 बजकर 8 मिनट।
पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति Class 6 Notes
(अ) मानचित्र और उसके घटक-
- मानचित्र स्थानों का पता लगाने के लिए एक मार्ग दर्शक की तरह है जो यह दर्शाता है कि किसी स्थान की स्थिति कहाँ है और वहाँ तक कैसे पहुँचा जा सकता है।
- मानचित्र के दांएं कोने पर स्थित चार तीर विशिष्ट चार दिशाओं- पश्चिम-पूर्व, उत्तर-दक्षिण को इंगित करते हैं और मानचित्रों को समझने में अधिक सहायक होते हैं।
- मानचित्र किसी भी क्षेत्र चाहे वह छोटा हो या बड़ा का एक प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन हैं।
- मानचित्र अनेक प्रकार के होते हैं- (i) भौतिक मानचित्र (ii) राजनैतिक मानचित्र (iii) थिमैटिक मानचित्र।
- किसी भी मानचित्र के तीन मुख्य घटक होते हैं- (i) दूरी (ii) दिशा और (iii) प्रतीक चिन्ह।
(ब) पृथ्वी का मानचित्रण-
(1) पृथ्वी का मानचित्रण ग्लोब पर किया जाता है क्योंकि ग्लोब और पृथ्वी दोनों का आकार गोलाकार है।
(क) निर्देशांक की समझना मानचित्र पर किसी स्थान की स्थिति के निर्धारण के लिए निर्देशांकों की प्रणाली का उपयोग किया जाता है। अक्षांश और देशान्तर मिलकर ग्लोब के एक स्थान के दो निर्देशांक होते हैं। इनके साथ हम पृथ्वी पर किसी स्थान का पता लगाने में सक्षम होते हैं।
(ख) अक्षांश – ग्लोब के मध्य भूमध्य रेखा (विषुवत वृत्त) होती है। भूमध्य रेखा के समानांतर पूर्व से पश्चिम की ओर जो रेखा जाती है, उसे अक्षांश या समानान्तर कहा जाता है। यह पृथ्वी के चारों ओर एक वृत्त बनाती है। सबसे बड़ा वृत्त विषुवत वृत्त है और जैसे ही हम उत्तर की ओर या दक्षिण की ओर आगे बढ़ते हैं तो अक्षांश द्वारा अंकित किए गए वृत्त छोटे होते जाते हैं।
विषुवत वृत्त अक्षांश 0 अंश है जबकि दो ध्रुवों के अक्षांश क्रमश: 90° अंश उत्तर और 90° अंश दक्षिण है। इसे 90° उ. और 90° द. के रूप में लिखा जाता है।
भूमध्य रेखा के चारों ओर जलवायु सामान्यतः गरम होती है और जैसे ही भूमध्य रेखा से दूर ध्रुवों की ओर बढ़ते हैं तो अक्षांश की डिग्री बढ़ती जाती है और जलवायु शीतोष्ण होती जाती है और दोनों ध्रुवों के निकट जलवायु ठंडी होती है।
(ग) देशान्तर – (1) उत्तर ध्रुव से दक्षिण की ओर जाने वाली रेखाओं को देशान्तरीय याम्योत्तर (मेरिडियन ऑफ लॉगिट्यूड) कहा जाता है। ये अर्धवृत्त हैं जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं।
(ii) इंग्लैंड में लंदन के एक क्षेत्र ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर को प्रमुख याम्योत्तर के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मानक माना गया है। इसे 0 अंश देशान्तर के रूप में अंकित किया जाता है।
(iii) अक्षांश और देशान्तर के याम्योत्तर को दर्शाने वाली सभी रेखाएँ मिलकर ग्लोब पर एक ग्रिड बनाती हैं जिन्हें ग्रिड रेखाएं भी कहा जाता है। पृथ्वी के प्रत्येक स्थान की एक स्थिति है जिसे ग्रिड रेखाओं की सहायता से सही सही परिभाषित किया जा सकता है।
समय क्षेत्र को समझना-
- मुख्य याम्योत्तर से पूर्व की ओर जाते हुए हम 0°, 15° पू. 30° पू., 45° पू. प्राप्त करते हैं और इसी प्रकार 15° प्रति घंटा 15° जोड़ते हुए 180° तक पहुँचते हैं।
उदाहरण के लिए यदि 15° पू. पर दोपहर 1.00 बजे का स्थानीय समय है, जो 30° पू. पर दोपहर 2 बजे होंगे लेकिन पश्चिम की ओर जाने पर इसके विपरीत होता है। इस विधि का पृथ्वी पर किसी भी स्थान के स्थानीय समय की गणना करने में उपयोग किया जा सकता है। - भारतीय मानक समय ग्रिनिच पर स्थानीय समय से 5 घण्टे 30 मिनट आगे है।
- ग्रिनिच पर स्थिर मुख्य याम्योत्तर, जिसके विपरीत की रेखा लगभग 180° देशान्तर पर है, उसे अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहा जाता है। अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करने पर तिथि में एक दिन का परिवर्तन होता है।