08. Short & Long Question Answers: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान कहाँ स्थित है?
उत्तर: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित है। यह उद्यान अपनी सुंदरता और जानवरों के लिए प्रसिद्ध है।

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प्रश्न 2: काजीरंगा किस जानवर के लिए दुनिया भर में मशहूर है?
उत्तर: काजीरंगा एक सींग वाले गैंडे के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहाँ गैंडों की संख्या सबसे अधिक है।

प्रश्न 3: अरूप चाचा ने पहली बार गैंडे को देखकर कैसा अनुभव किया?
उत्तर: उन्होंने पहली बार गैंडे को देखकर बहुत खुशी और उत्साह महसूस किया। गैंडे की मोटी चमड़ी उन्हें कवच जैसी लगी।

प्रश्न 4: महावत ने गैंडे के बारे में कौन-सी कहानी सुनाई?
उत्तर: महावत ने बताया कि भगवान कृष्ण ने गैंडे को युद्ध के लिए तैयार किया था। लेकिन आदेश न मानने के कारण उसे जंगल भेज दिया गया।

प्रश्न 5: पहले गैंडों का शिकार क्यों किया जाता था?
उत्तर: पहले लोग मानते थे कि गैंडे के सींग में औषधीय गुण हैं। इसी लालच में गैंडों का शिकार बहुत हुआ।

प्रश्न 6: लेखक ने उद्यान में किस प्रकार के हिरण देखे?
उत्तर: उन्होंने भौंकने वाला हिरण, बौना सूअर हिरण, दलदली हिरण और साँभर हिरण देखा। यह चारों प्रजातियाँ खास थीं।

प्रश्न 7: मादा गैंडे के साथ उसके बच्चे को क्यों खतरनाक माना गया?
उत्तर: मादा गैंडा अपने बच्चे की रक्षा के लिए हिंसक हो सकती है। इसलिए पास जाकर देखना खतरनाक था।

प्रश्न 8: गैंडे की त्वचा कैसी दिखाई देती है?
उत्तर: गैंडे की त्वचा बहुत मोटी होती है। यह कवच जैसी दिखती है और उसे मज़बूत बनाती है।


प्रश्न 9: जंगली हाथियों का झुंड कैसा था?
उत्तर: हाथियों के झुंड में बच्चे भी थे। एक बड़ा हाथी पूरे झुंड की सुरक्षा कर रहा था।

प्रश्न 10: काजीरंगा में रॉयल बंगाल टाइगर क्यों नहीं दिखे?
उत्तर: वहाँ रॉयल बंगाल टाइगर रहते हैं, लेकिन वे रात में बाहर निकलते हैं। इसलिए लेखक उन्हें नहीं देख पाए।

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प्रश्न 1: अरूप चाचा ने हाथी पर बैठकर उद्यान घूमते समय क्या-क्या देखा?
उत्तर: अरूप चाचा सुबह-सुबह हाथी पर बैठकर उद्यान देखने गए। वहाँ उन्होंने हिरणों और जंगली भैंसों के झुंड देखे। सबसे खास उन्हें गैंडा देखकर लगा, जिसकी मोटी चमड़ी कवच जैसी थी। महावत ने उन्हें गैंडे की कहानी भी सुनाई। यह अनुभव उनके लिए बहुत नया और रोमांचक था।

प्रश्न 2: गैंडों की संख्या क्यों कम हो गई और अब वे कहाँ सबसे अधिक पाए जाते हैं?
उत्तर: गैंडों का शिकार उनके सींग के लालच में बहुत किया गया। लोग मानते थे कि सींग में औषधीय गुण हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे गलत बताया। इस शिकार से गैंडों की संख्या तेजी से घट गई। अब आधे से अधिक गैंडे काजीरंगा में पाए जाते हैं। इसलिए यह उद्यान गैंडों का सुरक्षित घर बन गया है।

प्रश्न 3: जीप सफारी में लेखक ने कौन-कौन से जीव और पक्षी देखे?
उत्तर: जीप सफारी के समय लेखक एक बील पर पहुँचे। वहाँ सैकड़ों पक्षियों का झुंड था। उन्होंने पेलिकन, सारस, बगुले और कलहोन देखे। पानी में ऊदबिलाव भी खेल रहे थे। लौटते समय उन्होंने जंगली हाथियों का झुंड देखा। यह सब उनके लिए अद्भुत दृश्य थे।

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प्रश्न 4: काजीरंगा के जानवर हमें क्या सिखाते हैं?
उत्तर: काजीरंगा के जानवर आपस में शांति और भाईचारे से रहते हैं। वे बिना लड़ाई-झगड़े के जंगल साझा करते हैं। यह हमें भी सिखाता है कि मनुष्यों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। हमें जानवरों और प्रकृति से प्रेम करना चाहिए। उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।

प्रश्न 5: इस कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: इस कहानी का मुख्य संदेश प्रकृति और जानवरों से प्रेम करना है। लेखक बताते हैं कि सभी जानवर जंगल में शांति से रहते हैं। हमें उनसे सीख लेकर आपसी मेल-जोल और भाईचारे से जीना चाहिए। साथ ही पर्यावरण और वन्यजीवन की रक्षा करनी चाहिए। तभी आने वाली पीढ़ियाँ भी इन सुंदर जीवों को देख पाएँगी।

07. Short & Long Question Answers: मेरा बचपन

Short & Long Question Answers: मेरा बचपन

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प्रश्न 1: लेखक को कौन-सा खेल सबसे प्रिय था?
उत्तर: लेखक को गुल्ली-डंडा सबसे प्रिय था। इसे खेलने के लिए ज्यादा सामान नहीं चाहिए था। बस पेड़ की टहनी से गुल्ली और डंडा बना लेते थे।

प्रश्न 2: लेखक अपने चचेरे भाई हलधर के साथ कहाँ पढ़ने जाते थे?
उत्तर: लेखक अपने चचेरे भाई हलधर के साथ मौलवी साहब के पास पढ़ने जाते थे। हलधर उनसे दो साल बड़े थे।

प्रश्न 3: लेखक को रामलीला क्यों पसंद थी?
उत्तर: लेखक को रामलीला इसलिए पसंद थी क्योंकि उसमें बहुत मजा आता था। वे पात्रों की सजावट भी देखते और छोटे-मोटे कामों में मदद करते थे।

प्रश्न 4: लेखक अपने बचपन में किस तरह के घर में रहते थे?
उत्तर: लेखक कच्चे और टूटे हुए घर में रहते थे। वे पयाल का बिछौना बिछाकर सोते थे।

प्रश्न 5: खेलों में अमीर-गरीब का कोई फर्क क्यों नहीं था?
उत्तर: क्योंकि सभी बच्चे मिलकर खेलते थे। न कोई दिखावा था और न ही कोई घमंड।

प्रश्न 6: लेखक सुबह-सुबह खाने में क्या खाते थे?
उत्तर: लेखक और उनका भाई सुबह मटर और जौ का चबेना खाते थे। यही उनका नाश्ता था।

प्रश्न 7: लेखक कहते हैं कि विदेशी खेलों की सबसे बड़ी कमी क्या है?
उत्तर: विदेशी खेलों को खेलने में बहुत पैसे खर्च होते हैं। जबकि भारतीय खेल जैसे गुल्ली-डंडा साधारण और सस्ते होते हैं।

प्रश्न 8: लेखक के पिता जी क्यों नाराज होते थे?
उत्तर: क्योंकि लेखक न नहाते थे, न ठीक से खाते थे। बस गुल्ली-डंडा खेलने में लगे रहते थे।

प्रश्न 9: गुल्ली-डंडा खेलते समय क्या खतरे हो सकते थे?
उत्तर: इस खेल में कभी-कभी चोट लग जाती थी। लेखक की आँख पर दाग पड़ा और कुछ दोस्तों को बैसाखी का सहारा भी लेना पड़ा।

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प्रश्न 10: बचपन में लेखक किस बात पर सबसे ज़्यादा खुश होते थे?
उत्तर: लेखक बचपन में दोस्तों के साथ खेलने पर सबसे ज़्यादा खुश होते थे। उन्हें खासकर गुल्ली-डंडा खेलना बहुत अच्छा लगता था। खेल में उन्हें मिठाइयों से भी ज़्यादा मिठास मिलती थी।

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प्रश्न 1: लेखक ने अपने बचपन का घर और जीवन कैसा बताया है?
उत्तर: लेखक ने अपने बचपन का घर बहुत साधारण बताया है। वे कच्चे टूटे घर में रहते थे और पयाल का बिछौना बिछाकर सोते थे। वे नंगे पाँव खेतों में घूमते और आम के पेड़ों पर चढ़ते थे। उनका जीवन सादगी और मस्ती से भरा था। घर की गरीबी के बावजूद वे बहुत खुश रहते थे।

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प्रश्न 2: रामलीला देखने में लेखक को क्या आनंद आता था?
उत्तर: लेखक को रामलीला बहुत पसंद थी। उनके घर के पास ही रामलीला का मैदान था। दोपहर से ही पात्रों की सजावट शुरू हो जाती थी। लेखक बड़े उत्साह से सजावट देखते और छोटे-मोटे कामों में मदद भी करते थे। उन्हें रामलीला का आनंद इतना आता था कि उसका उत्साह जीवनभर याद रहा।

प्रश्न 3: गुल्ली-डंडा खेल की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर: गुल्ली-डंडा बहुत सरल और सस्ता खेल है। इसमें महंगे सामान या खास मैदान की जरूरत नहीं होती। बस टहनी काटकर गुल्ली और डंडा बना लिया जाता है। इसमें सभी बच्चे मिलकर खेलते थे। खेलते समय बहुत मजा आता था और भाईचारा बढ़ता था। लेखक इसे सभी खेलों का राजा मानते थे।

प्रश्न 4: लेखक ने भारतीय और अंग्रेजी खेलों की तुलना कैसे की है?
उत्तर: लेखक कहते हैं कि भारतीय खेल सरल और सस्ते होते हैं। इन्हें खेलने के लिए ज्यादा पैसे या साधन नहीं चाहिए। लेकिन अंग्रेजी खेलों में बहुत खर्च होता है। लोग आज विदेशी खेलों की ओर आकर्षित हो गए हैं। लेखक का मानना है कि हमें अपने देशी खेलों की कद्र करनी चाहिए।

प्रश्न 5: इस कहानी से हमें बचपन और खेलों के बारे में क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि बचपन बहुत अनमोल होता है। उस समय की सादगी और खुशी जीवनभर याद रहती है। खेलों से भाईचारा, सहयोग और मिलजुलकर रहने की आदत बनती है। हमें केवल महंगे विदेशी खेलों के पीछे नहीं भागना चाहिए। बल्कि अपने देशी खेलों की भी कद्र करनी चाहिए।

06. Short & Long Question Answers: चतुर चित्रकार

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प्रश्न 1: कविता चतुर चित्रकार के कवि कौन हैं?
उत्तर: इस कविता के कवि रामनरेश त्रिपाठी जी हैं। उन्होंने इसमें एक चित्रकार की चतुराई और साहस को बहुत सुंदर ढंग से दिखाया है।

प्रश्न 2: चित्रकार जंगल में क्या कर रहा था?
उत्तर: चित्रकार जंगल की सुनसान जगह पर चित्र बना रहा था। वह नदी, पहाड़ और पेड़–पौधों के चित्र बना रहा था।

प्रश्न 3: चित्रकार को देखकर सबसे पहले शेर ने क्या किया?
उत्तर: शेर चित्रकार के सामने बैठ गया। वह ध्यान से चित्रकार की ओर देखने लगा।

प्रश्न 4: चित्रकार ने शेर को क्या कहकर बैठाया?
उत्तर: चित्रकार ने कहा कि वह शेर का सुंदर चित्र बनाएगा। यह सुनकर शेर शांति से बैठ गया।

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प्रश्न 5: शेर ने कब अपनी पीठ घुमाई?
उत्तर: जब चित्रकार ने कहा कि अब पीछे का चित्र बनाना है। यह सुनकर शेर ने पीठ घुमाई।

प्रश्न 6: चित्रकार शेर से कैसे बच निकला?
उत्तर: शेर के पीठ घुमाते ही चित्रकार धीरे-धीरे झील किनारे पहुँचा। वह नाव पकड़कर वहाँ से भाग निकला।

प्रश्न 7: शेर ने चित्रकार को क्या आवाज़ लगाई?
उत्तर: शेर ने कहा कि “कागज़ और कलम तो लेता जा।” उसने चित्रकार को डरपोक भी कहा।

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प्रश्न 8: चित्रकार ने शेर को क्या जवाब दिया?
उत्तर: चित्रकार ने कहा कि इन्हें तुम ही रखो। तुम जंगल में बैठकर चित्र बनाने का अभ्यास करो।

प्रश्न 9: कविता से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: इस कविता से हमें सीख मिलती है कि कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए। हमें चतुराई और समझदारी से काम लेना चाहिए।

प्रश्न 10: चित्रकार ने हिंसा करने की बजाय क्या किया?
उत्तर: उसने शेर को मारने के बजाय अपनी चतुराई से धोखा दिया। इस तरह वह शेर से बच निकला।

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प्रश्न 1: चित्रकार की बहादुरी और चतुराई कविता में कैसे दिखाई देती है?
उत्तर: चित्रकार जंगल में चित्र बना रहा था कि तभी शेर आ गया। वह पहले तो डर गया, लेकिन तुरंत हिम्मत दिखाकर बोला कि मैं तुम्हारा चित्र बनाऊँगा। शेर उसकी बात मानकर बैठ गया। चित्रकार ने बहाना बनाकर शेर से पीठ घुमा ली। मौका मिलते ही वह नाव पकड़कर भाग निकला। इससे उसकी बहादुरी और चतुराई साफ दिखाई देती है।

प्रश्न 2: कविता के अनुसार शेर किस तरह चित्रकार के धोखे में आ गया?
उत्तर: चित्रकार ने शेर से कहा कि वह उसका सुंदर चित्र बनाएगा। यह सुनकर शेर खुशी से बैठ गया। फिर चित्रकार ने कहा कि अब पीछे का चित्र बनाना है। शेर ने आँखें मूँदकर पीठ फेर ली। उसी समय चित्रकार धीरे से निकल गया। इस तरह शेर धोखे में आ गया।

प्रश्न 3: चित्रकार ने नाव पकड़कर भागते समय क्या अनुभव किया?
उत्तर: चित्रकार नाव तक पहुँचते ही राहत की साँस लेने लगा। उसे लगा कि अब वह सुरक्षित है। उसने जल्दी-जल्दी नाव चलाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे वह शेर से दूर निकल गया। शेर उसे देखता ही रह गया। चित्रकार को चतुराई से जीतने की खुशी मिली।

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प्रश्न 4: कविता में शेर और चित्रकार की बातचीत से क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: शेर ने गुस्से में चित्रकार से कहा कि कागज़–कलम तो लेता जा। इस पर चित्रकार ने कहा कि इन्हें तुम ही रखो और जंगल में अभ्यास करो। इससे पता चलता है कि चित्रकार न केवल बहादुर था, बल्कि मजाकिया भी था। उसने डर के समय भी अपना संयम नहीं खोया। यह हमें कठिन समय में हिम्मत बनाए रखने की सीख देता है।

प्रश्न 5: कविता से हमें कठिन परिस्थितियों से निपटने की क्या सीख मिलती है?
उत्तर: कविता में चित्रकार शेर से सामना करता है। वह डरने के बजाय अपनी चतुराई का उपयोग करता है। उसने शेर को मारने या हिंसा करने की जगह समझदारी दिखाई। सही समय पर योजना बनाकर वह बच निकलता है। इससे हमें सीख मिलती है कि मुश्किल समय में धैर्य और चतुराई ज़रूरी है। घबराने की बजाय समझदारी से सोचना ही असली बुद्धिमानी है।

05. Short & Long Question Answers: सुंदरिया

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प्रश्न 1: हीरासिंह कौन था और कहाँ रहता था?
उत्तर: हीरासिंह हरियाणा के एक गाँव का गरीब किसान था। उसके पास सुंदरिया नाम की प्यारी गाय थी।

प्रश्न 2: हीरासिंह ने दिल्ली जाकर कौन-सा काम किया?
उत्तर: हीरासिंह दिल्ली जाकर एक सेठ के यहाँ चौकीदार बन गया। इससे उसे कुछ पैसे मिलने लगे।

प्रश्न 3: जवाहरसिंह सुंदरिया को क्या कहकर बुलाता था?
उत्तर: जवाहरसिंह सुंदरिया को “मौसी” कहकर बुलाता था। वह उससे बहुत प्यार करता था।

प्रश्न 4: हीरासिंह ने सुंदरिया को बेचने का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर: हीरासिंह गरीब था और सुंदरिया के लिए चारा नहीं जुटा पाता था। मजबूरी में उसने उसे बेचने का सोचा।


प्रश्न 5: सेठ ने सुंदरिया को देखकर क्या कहा?
उत्तर: सेठ सुंदरिया को देखकर बहुत खुश हुआ। उसने कहा कि गाय सचमुच बहुत सुंदर और स्वस्थ है।

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प्रश्न 6: सुंदरिया दूसरे लोगों के साथ दूध क्यों नहीं देती थी?
उत्तर: सुंदरिया अपने मालिक हीरासिंह से बहुत प्यार करती थी। इसलिए वह उसके बिना खुश नहीं रहती थी और दूध भी कम देती थी।

प्रश्न 7: जब सुंदरिया ने दूध ड्योढ़ी में गिरा दिया तो सेठ ने क्या सोचा?
उत्तर: सेठ को लगा कि हीरासिंह झूठ बोल रहा है। लेकिन असल में सुंदरिया अपने मालिक के बिना दुखी थी।

प्रश्न 8: सुंदरिया रात को हीरासिंह के पास क्यों आई?
उत्तर: सुंदरिया रात को हीरासिंह के पास ऐसे आई, मानो वह कह रही हो कि मुझे अपने मालिक के पास ही रहना है। उसने अपनी आँखों से दुख जताया।

प्रश्न 9: हीरासिंह ने आखिर में क्या निर्णय लिया?
उत्तर: हीरासिंह ने तय किया कि वह सुंदरिया को गाँव वापस ले जाएगा। सेठ के पैसे धीरे-धीरे चुका देगा।

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प्रश्न 10: जब सेठ ने हीरासिंह से गाय वापस ले जाने को कहा, तो उसने क्या उपाय किया?
उत्तर: कहानी से हमें सच्चा प्यार और अपनापन सीखने को मिलता है। पैसा रिश्तों और विश्वास से बड़ा नहीं होता।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Questions)

प्रश्न 1: हीरासिंह और सुंदरिया के बीच कैसा संबंध था?
उत्तर: हीरासिंह सुंदरिया को अपने परिवार का हिस्सा मानता था। उसका बेटा भी गाय को मौसी कहता था। गरीबी के कारण उसने उसे बेचा, लेकिन दिल से वह उसे कभी अलग नहीं कर पाया। सुंदरिया भी अपने मालिक से बहुत प्यार करती थी। उसके बिना वह खुश नहीं रहती थी। यह रिश्ता सच्चे अपनापन और विश्वास का था।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Questions)
प्रश्न 2: सुंदरिया ने सेठ के घर दूध क्यों कम देना शुरू किया?
उत्तर: शुरू में सुंदरिया ने हीरासिंह के सामने खूब दूध दिया। लेकिन जब उसे घोसी के पास भेजा गया तो उसने दूध कम देना शुरू किया। उसका दिल टूट गया था क्योंकि मालिक उसके पास नहीं था। गाय भी इंसानों की तरह भावनाएँ समझती है। वह अपने मालिक के बिना खुश नहीं थी।

प्रश्न 3: सेठ को क्यों लगा कि हीरासिंह ने धोखा दिया है?
उत्तर: सेठ ने देखा कि सुंदरिया ज्यादा दूध नहीं दे रही थी। उसे लगा कि हीरासिंह ने दूध के बारे में झूठ बोला है। असल में गाय अपने मालिक से दूर होकर ठीक से दूध नहीं देती थी। लेकिन सेठ यह बात समझ नहीं पाया। इसीलिए उसने सोचा कि हीरासिंह ने उसे धोखा दिया है।

प्रश्न 4: वह घटना बताइए जब सुंदरिया हीरासिंह के पास वापस आई।
उत्तर: एक रात सुंदरिया खूँटे से छूटकर ड्योढ़ी में आ गई। वह सीधे हीरासिंह के पास खड़ी हो गई। उसकी आँखें कह रही थीं कि वह बहुत दुखी है। जैसे वह अपने मालिक से माफी माँग रही हो। हीरासिंह उसे देखकर भावुक हो गया। वह उसकी गर्दन से लिपटकर रोने लगा।

प्रश्न 5: इस कहानी से हमें कौन-कौन-सी शिक्षा मिलती है?
उत्तर: कहानी हमें सिखाती है कि जानवर भी परिवार का हिस्सा होते हैं। उन्हें भी प्यार और अपनापन चाहिए। हमें समझना चाहिए कि पैसा ही जीवन में सबसे ज़रूरी नहीं है। असली खुशी रिश्तों और विश्वास में है। ईमानदारी और सच्चाई से काम करना चाहिए। सच्चा प्यार कभी टूट नहीं सकता।

04. Short & Long Question Answers: साङकेन

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प्रश्न 1: वल्लरी के पिताजी कहाँ काम करते थे?
उत्तर: वल्लरी के पिताजी अरुणाचल प्रदेश के चौखाम गाँव में अधिकारी थे। उन्होंने अपने परिवार को दिल्ली से वहाँ बुला लिया था।

प्रश्न 2: चौखाम गाँव दिल्ली से किस प्रकार अलग था?
उत्तर: चौखाम गाँव शांत और हरा-भरा था। वहाँ भीड़-भाड़ और शोर नहीं था, लोग हमेशा मुस्कुराते रहते थे।

प्रश्न 3: वल्लरी चाऊतान के घर क्यों गई?
उत्तर: वल्लरी अपने पिताजी के साथ चाऊतान के घर गई थी। वहाँ चाऊतान के माता-पिता ने उनका स्वागत किया और पकवान खिलाए।

प्रश्न 4: शोभायात्रा में लोग क्या लेकर जा रहे थे?
उत्तर: शोभायात्रा में लोग पालकियों में भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों की मूर्तियाँ लेकर जा रहे थे। सभी लोग गाकर और बजाकर बहुत खुश थे।


प्रश्न 5: मंदिर किस प्रकार सजाया गया था?
उत्तर: मंदिर बाँस और खपच्चियों (लकड़ी की पट्टियों) से बनाया गया था। उसे फूलों और हरी टहनियों से सजाया गया था।

प्रश्न 6: लोग त्योहार में किस प्रकार आनंद मना रहे थे?
उत्तर: लोग एक-दूसरे पर पानी डाल रहे थे, चावल का आटा लगा रहे थे और गीत-नृत्य कर रहे थे। सब बहुत प्रसन्न थे।

प्रश्न 7: वल्लरी को साङकेन का त्योहार किस त्योहार जैसा लगा?
उत्तर: वल्लरी को साङकेन का त्योहार अपने शहर की होली जैसा लगा। क्योंकि दोनों में पानी और रंगों से खेला जाता है।

प्रश्न 8: साङकेन का त्योहार कितने दिन मनाया जाता है?
उत्तर: साङकेन का त्योहार तीन दिन तक मनाया जाता है। तीसरे दिन मूर्तियाँ फिर से बौद्ध-विहार ले जाई जाती हैं।

प्रश्न 9: त्योहार के अंत में भिक्षु लोगों को क्या देते हैं?
उत्तर: त्योहार के अंत में भिक्षु गाँव वालों को आशीर्वाद देते हैं। वे प्रार्थना करते हैं कि सब खुश रहें और खेती अच्छी हो।

प्रश्न 10: चाऊतान के माता-पिता ने वल्लरी का स्वागत कैसे किया?
उत्तर: चाऊतान के माता-पिता ने वल्लरी और उसके पिताजी का बहुत प्यार से स्वागत किया। उन्होंने स्वादिष्ट पकवान खिलाए। वे बहुत खुश थे।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Questions)

प्रश्न 1: वल्लरी ने चौखाम गाँव में क्या-क्या देखा?
उत्तर: वल्लरी ने चौखाम गाँव में हरियाली, फूल और शांत वातावरण देखा। वह अपने दोस्त चाऊतान के घर गई। वहाँ के लोगों ने उसका स्वागत किया और स्वादिष्ट पकवान खिलाए। उसने खिड़की से शोभायात्रा देखी, जिसमें मूर्तियाँ मंदिर ले जाई जा रही थीं। उसे गाँव का त्योहार और लोगों की खुशी देखकर बहुत अच्छा लगा।

प्रश्न 2: शोभायात्रा का दृश्य कैसा था?
उत्तर: शोभायात्रा में लोग गाते-बजाते और नाचते हुए जा रहे थे। उनके कंधों पर पालकियाँ थीं जिनमें भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों की मूर्तियाँ थीं। रास्ते भर लोग आनंद मना रहे थे। जब वे मंदिर पहुँचे तो भिक्षुओं ने मंत्र पढ़कर मूर्तियों की पूजा की। पूरा वातावरण बहुत पवित्र और खुशियों से भरा था।

प्रश्न 3: साङकेन का त्योहार कैसे मनाया जाता है?
उत्तर: साङकेन का त्योहार तीन दिन तक चलता है। इसमें लोग मूर्तियों की पूजा करते हैं और मंदिर सजाते हैं। वे एक-दूसरे पर पानी डालते हैं और चावल का आटा लगाते हैं। सब मिलकर गाते और नाचते हैं। आखिरी दिन मूर्तियाँ वापस बौद्ध-विहार ले जाई जाती हैं। फिर भिक्षु सबको आशीर्वाद देते हैं।

प्रश्न 4: वल्लरी ने साङकेन की तुलना होली से क्यों कि?
उत्तर: वल्लरी ने देखा कि लोग एक-दूसरे पर पानी डाल रहे थे और आटे से खेल रहे थे। उसे अपने शहर की होली याद आ गई जिसमें लोग रंग और पानी से खेलते हैं। होली में भी लोग मिठाइयाँ बाँटते और खुशियाँ मनाते हैं। दोनों त्योहारों में नया साल शुरू होता है और लोग मिलकर आनंद मनाते हैं। इस कारण उसने तुलना कि।


प्रश्न 5: इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि सभी त्योहारों का उद्देश्य खुशी फैलाना और लोगों को जोड़ना होता है। हमें अलग-अलग परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। जब हम साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं तो दोस्ती और प्यार बढ़ता है। अतिथियों का स्वागत और उनका आदर करना भी अच्छी आदत है। त्योहार हमें एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं।

03. Short & Long Question Answers: चाँद का कुरता

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प्रश्न 1: कविता ‘चाँद का कुरता’ (झिंगोला) किसने लिखी है?
उत्तर: यह कविता प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर ने लिखी है।

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प्रश्न 2: चाँद ने माँ से क्या सिलवाने की ज़िद की?
उत्तर: चाँद ने माँ से ऊन का मोटा झिंगोला (कुरता) सिलवाने की ज़िद की।

प्रश्न 3: चाँद को झिंगोले की ज़रूरत क्यों थी?
उत्तर: क्योंकि रात को तेज हवा चलती है और ठंड से चाँद ठिठुर जाता है।

प्रश्न 4: अगर नया झिंगोला न मिले, तो चाँद ने क्या कहा?
उत्तर: उसने कहा कि कोई किराए का (भाड़े का) झिंगोला ही ला दो।

प्रश्न 5: माँ ने चाँद को किस नाम से पुकारा?
उत्तर: माँ ने उसे “सलोने” यानी प्यारे और सुंदर बेटे कहकर पुकारा।

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प्रश्न 6: माँ चाँद की नाप लेने से क्यों डरती थी?
उत्तर: क्योंकि चाँद का आकार रोज़ बदलता रहता है।

प्रश्न 7: माँ ने चाँद के बदलते आकार का कौन-सा उदाहरण दिया?
उत्तर: कभी चाँद एक अंगुल-भर चौड़ा दिखता है और कभी एक फुट मोटा।

प्रश्न 8: किस दिन चाँद बिल्कुल दिखाई नहीं देता?
उत्तर: अमावस्या के दिन चाँद बिल्कुल दिखाई नहीं देता।

प्रश्न 9: माँ ने चाँद से कौन-सा कठिन सवाल पूछा?
उत्तर: माँ ने पूछा कि उसकी नाप किस दिन ली जाए, जब उसका आकार रोज़ बदलता रहता है।

प्रश्न 10: कविता का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: कविता मज़ेदार ढंग से बताती है कि चाँद का आकार बदलता रहता है, इसलिए उसके लिए एक ही नाप का कुरता बनाना असंभव है।

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प्रश्न 1: चाँद ने अपनी माँ से झिंगोला क्यों माँगा?
उत्तर: चाँद को रात में ठंडी “सन-सन” हवा बहुत सताती थी। वह ठिठुर-ठिठुर कर अपना आसमान का सफर पूरा करता था। इसलिए उसने माँ से ऊन का मोटा झिंगोला सिलवाने की ज़िद की। उसका कहना था कि झिंगोले से उसे ठंड से बचाव होगा और वह आराम से यात्रा कर पाएगा।

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प्रश्न 2: चाँद की ज़िद सुनकर माँ ने क्या कहा?
उत्तर: माँ ने प्यार से कहा, “भगवान तुम्हारी रक्षा करें, कहीं तुझ पर जादू-टोना न हो जाए।” माँ ने उसकी बात को मज़ाक और स्नेह से टालने की कोशिश की। उसने यह भी कहा कि असली समस्या यह है कि चाँद का आकार रोज़ बदलता रहता है, इसलिए नाप लेना मुश्किल है।

प्रश्न 3: माँ ने चाँद के बदलते आकार का वर्णन कैसे किया?
उत्तर: माँ ने कहा कि कभी चाँद बहुत छोटा होता है, तो कभी बड़ा। कभी एक अंगुल-भर चौड़ा, तो कभी एक फुट मोटा। कभी वह आधा दिखता है, तो कभी पूरा। और अमावस्या को तो बिल्कुल दिखाई भी नहीं देता।

प्रश्न 4: माँ ने झिंगोला सिलवाने में कौन-सी कठिनाई बताई?
उत्तर: माँ ने कहा कि झिंगोला सिलने के लिए नाप लेना ज़रूरी है। लेकिन चाँद का आकार रोज बदलता है। ऐसे में एक ही नाप का झिंगोला बनाना असंभव है। वह कुरता किसी दिन ढीला होगा, किसी दिन तंग, और किसी दिन तो बिल्कुल बेकार।

प्रश्न 5: इस कविता से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: कविता से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हर काम सही समय और सही समझ के साथ होना चाहिए। यदि कोई चीज़ हमेशा बदलती रहती है, तो उसके लिए स्थायी हल निकालना मुश्किल होता है। यह कविता हँसी-मज़ाक के माध्यम से हमें स्थिरता, धैर्य और समझदारी का महत्व समझाती है।

02. Short & Long Question Answers: न्याय की कुर्सी

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1: “न्याय की कुर्सी” कहानी किसने लिखी है?
उत्तर: यह कहानी लीलावती भागवत ने लिखी है। यह “स्वर्ग की सैर तथा अन्य कहानियाँ” नामक पुस्तक से ली गई है।

प्रश्न 2: बच्चों ने पत्थर को किस चीज़ के रूप में माना?
उत्तर: बच्चों ने उस पत्थर को सिंहासन माना। एक लड़का उस पर बैठकर राजा बन गया और फैसले करने लगा।

प्रश्न 3: लोगों ने अपनी असली शिकायतें किसके पास ले जानी शुरू कीं?
उत्तर: लोग असली शिकायतें उस लड़के के पास ले जाने लगे। क्योंकि उसके फैसले सभी को सही और न्यायपूर्ण लगते थे।

प्रश्न 4: राजा को जब इस बात का पता चला तो उसकी क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर: राजा को बहुत गुस्सा आया। उसने सोचा कि वह खुद जाकर देखेगा कि मामला क्या है।

प्रश्न 5: राजा ने उस पत्थर को क्या निकलवाया?
उत्तर: राजा ने उस जगह को खोदकर पत्थर निकलवाया। वह असल में राजा विक्रमादित्य का सिंहासन निकला।


प्रश्न 6: सिंहासन पर कैसी नक्काशी बनी थी?
उत्तर: सिंहासन पर सुंदर नक्काशी थी। इसके चारों पायों पर चार देवदूतों की मूर्तियाँ बनी थीं।

प्रश्न 7: जब राजा सिंहासन पर बैठने गया तो मूर्तियाँ क्या करने लगीं?
उत्तर: मूर्तियाँ बोलने लगीं। उन्होंने राजा से चोरी, झूठ और हिंसा के बारे में सवाल किए।

प्रश्न 8: राजा ने अपनी गलतियों के लिए क्या किया?
उत्तर: राजा ने हर गलती मानकर प्रायश्चित किया। उसने तीन-तीन दिन उपवास और प्रार्थना की।

प्रश्न 9: चौथी मूर्ति ने राजा से कौन-सा सवाल पूछा?
उत्तर: चौथी मूर्ति ने पूछा कि क्या उसका मन साफ और निष्कलुष है। राजा ने अहंकार से खुद को योग्य बताया।

प्रश्न 10: कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: कहानी से शिक्षा मिलती है कि सच्चा न्याय वही कर सकता है, जिसका मन साफ और निष्पक्ष हो। अहंकार इंसान को गिरा देता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1: बच्चों का खेल कैसे पूरे शहर में प्रसिद्ध हो गया?
उत्तर: बच्चे एक पत्थर पर राजा-रानी का खेल खेलते थे। एक लड़का उस पत्थर पर बैठकर शिकायतें सुनता और फैसले करता। उसके फैसले इतने समझदारी भरे थे कि लोग हैरान रह जाते। धीरे-धीरे शहर के लोग अपनी असली शिकायतें भी उसके पास ले जाने लगे। इस तरह बच्चों का खेल पूरे शहर में प्रसिद्ध हो गया।


प्रश्न 2: राजा विक्रमादित्य का सिंहासन कैसे मिला?
उत्तर: जब राजा ने बच्चों का खेल देखा तो उसे आश्चर्य हुआ। उसने उस पत्थर को निकलवाने का आदेश दिया। जब मिट्टी खोदी गई तो वह एक सुंदर सिंहासन निकला। उस पर सुंदर नक्काशी थी और चार देवदूतों की मूर्तियाँ बनी थीं। विद्वानों ने बताया कि यह राजा विक्रमादित्य का प्राचीन सिंहासन है।

प्रश्न 3: सिंहासन पर बैठने की राजा की कोशिश बार-बार क्यों असफल हुई?
उत्तर: राजा सिंहासन पर बैठना चाहता था। लेकिन हर बार मूर्तियाँ उससे सवाल पूछतीं। चोरी, झूठ और हिंसा के सवालों में राजा को अपनी गलतियाँ माननी पड़ीं। वह बार-बार पीछे हट गया। उसके मन की अशुद्धि और अहंकार के कारण वह सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं था।

प्रश्न 4: राजा ने कौन-कौन से प्रायश्चित किए?
उत्तर: राजा ने जब अपनी गलतियाँ मानीं तो मूर्तियों ने उसे प्रायश्चित करने को कहा। उसने तीन-तीन दिन तक उपवास और प्रार्थना की। हर बार नई गलती मानकर फिर प्रायश्चित करता। लेकिन वह पूरी तरह योग्य साबित नहीं हो पाया। अंत में उसका अहंकार उसे विफल कर गया।


प्रश्न 5: “न्याय की कुर्सी” कहानी से हमें क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि न्याय करने के लिए मन साफ और निष्पक्ष होना चाहिए। राजा विक्रमादित्य का सिंहासन केवल उसी को स्वीकार करता है, जो ईमानदार और पवित्र हो। अहंकार और गलतियाँ इंसान को योग्य नहीं बनातीं। सच्चा न्याय करने के लिए विनम्रता, करुणा और सत्य जरूरी है।

01. Short & Long Question Answers: किरन

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1: कविता “किरन” किसने लिखी है?
उत्तर: कविता “किरन” प्रसिद्ध कवि निरंकार देव सेवक जी ने लिखी है। इसमें सूरज की किरण और बच्ची की बातचीत दिखाई गई है।
निरंकार देव सेवक जी निरंकार देव सेवक जी 
प्रश्न 2: बच्ची किरण से क्यों हैरान होती है?
उत्तर: बच्ची हैरान होती है क्योंकि किरण सुबह बहुत जल्दी आ जाती है। जबकि वह खुद अभी तक बिस्तर से नहीं उठ पाती।

प्रश्न 3: बच्ची ने कल दिनभर किसके साथ खेला?
उत्तर: बच्ची ने कल दिनभर अपनी दोस्त जैसी किरण के साथ खेला। लेकिन शाम होते ही किरण चली गई और वह अकेली रह गई।

प्रश्न 4: बच्ची को रात में नींद क्यों नहीं आई?
उत्तर: बच्ची को रात में नींद नहीं आई क्योंकि वह अकेली हो गई थी। उसने देर तक परी कथाओं की किताबें पढ़ीं।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 5: बच्ची को लगता है कि किरण रात को क्या करती है?
उत्तर: बच्ची को लगता है कि किरण रात को आराम से सो जाती है। लेकिन सच में किरण सोती नहीं है।

प्रश्न 6: किरण बच्ची से क्या कहती है?
उत्तर: किरण कहती है कि वह कभी नहीं सोती। जब यहाँ रात होती है तो वह दूसरी दुनिया में चली जाती है।

प्रश्न 7: किरण दूसरी जगह क्यों जाती है?
उत्तर: किरण दूसरी जगह इसलिए जाती है क्योंकि पृथ्वी घूमती है। वहाँ सुबह होती है और बच्चों को जगाना पड़ता है।

प्रश्न 8: जब वहाँ शाम हो जाती है तो किरण क्या करती है?
उत्तर: जब वहाँ शाम हो जाती है तो किरण वापस लौट आती है। फिर वह यहाँ सुबह का उजाला फैलाती है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 9: इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस कविता से हमें समय का महत्व समझ आता है। हमें मेहनती और समय का पाबंद रहना चाहिए।

प्रश्न 10: किरण का काम क्या है?
उत्तर: किरण का काम रोशनी फैलाना और बच्चों को जगाना है। वह कभी थकती या रुकती नहीं है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1: कविता में बच्ची और किरण की बातचीत कैसी दिखाई गई है?
उत्तर: कविता में बच्ची और किरण की बातचीत बहुत प्यारी और मजेदार है। बच्ची हैरान होती है कि किरण इतनी जल्दी क्यों आ गई। वह बताती है कि कल उसने उसके साथ खूब खेला, लेकिन शाम को वह अकेली हो गई। बच्ची सोचती है कि किरण सो जाती है, लेकिन किरण बताती है कि वह कभी नहीं सोती। वह रात को पृथ्वी के दूसरे हिस्से में चली जाती है।

प्रश्न 2: बच्ची को कब अकेलापन महसूस होता है?
उत्तर: बच्ची को अकेलापन शाम के समय महसूस होता है। दिनभर वह किरण के साथ खेलती रहती है। लेकिन जब सूरज डूब जाता है और किरण चली जाती है, तब बच्ची अकेली रह जाती है। उसे रात में नींद भी नहीं आती। वह परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते देर से सो पाती है।

प्रश्न 3: किरण पृथ्वी के दूसरे हिस्से में जाकर क्या करती है?
उत्तर: किरण रात में पृथ्वी के दूसरे हिस्से में जाती है। वहाँ सुबह होती है और बच्चे बिस्तर में सोए होते हैं। किरण अपनी रोशनी से उन्हें उठाती है। वह दिनभर वहाँ काम करती है। जब वहाँ शाम हो जाती है, तो वह वापस लौट आती है। इस तरह वह कभी नहीं थकती।

प्रश्न 4: इस कविता से हमें समय के बारे में क्या सिखाई मिलती है?
उत्तर: इस कविता से हमें सीख मिलती है कि समय बहुत कीमती होता है। सूरज की किरण समय पर आती है और बिना रुके काम करती है। जैसे किरण समय पर मेहनत करती है, वैसे ही हमें भी करना चाहिए। हमें सुबह जल्दी उठना चाहिए और अच्छे कामों में दिन लगाना चाहिए। समय का सही उपयोग ही हमारी सफलता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Questions)
प्रश्न 5: कविता में कल्पना और प्रकृति की सुंदरता कैसे दिखाई गई है?
उत्तर: कविता में बच्ची ने किरण को अपना प्यारा दोस्त माना है। वह उससे बातें करती है और अपनी भावनाएँ बताती है। कविता में किरण को एक जीवित दोस्त की तरह दिखाया गया है। इससे कविता में कल्पना की दुनिया भी है और प्रकृति की सुंदरता भी। सूरज की किरण के काम को मजेदार ढंग से समझाया गया है।

12. Worksheet Solutions: गंगा की कहानी

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: गंगा नदी का जन्म हिमालय में ______ के गोमुख से होता है।
उत्तर:
 गंगोत्री

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 2: हरिद्वार से निकलने वाली नहर को ______ कहते हैं।
उत्तर: 
गंगानहर

प्रश्न 3: प्रयागराज में गंगा का ______ नदी से संगम होता है।
उत्तर:
 यमुना

प्रश्न 4: गंगा पश्चिम बंगाल में दो धाराओं में बँट जाती है, एक धारा को ______ कहते हैं।
उत्तर:
 हुगली

प्रश्न 5: गंगा को भारतवासी ______ नदी मानते हैं।
उत्तर: 
पवित्र

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: गंगा का पानी गंगोत्री से निकलते समय मटमैला होता है।
उत्तर: 
गलत

प्रश्न 2: गंगा कानपुर में कारखानों को पानी देती है।
उत्तर:
 सही

प्रश्न 3: गंगा का दूसरा नाम अलकनंदा है।
उत्तर: 
गलत

प्रश्न 4: वाराणसी में गंगा के किनारे कोई तीर्थ नहीं है।
उत्तर: 
गलत

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 5: गंगा के जल को साफ करने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
उत्तर: 
सही

मिलान कीजिए (Match the Following)

मिलान कीजिए (Match the Following)उत्तर:
मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: गंगा का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर: 
भागीरथी

प्रश्न 2: गंगा किस राज्य में पटना से होकर बहती है?
उत्तर: 
बिहार

प्रश्न 3: गंगा का जल किसके कारण गंदा होता है?
उत्तर: 
कारखाने

प्रश्न 4: गंगा की एक धारा बांग्लादेश में क्या कहलाती है?
उत्तर: 
पद्मा

प्रश्न 5: गंगा का पानी गंगोत्री में कैसा होता है?
उत्तर: 
चमकीला

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: गंगा नदी का जन्म कहाँ होता है और इसे वहाँ क्या कहते हैं?
उत्तर: 
गंगा नदी का जन्म हिमालय में गंगोत्री के गोमुख से होता है और इसे वहाँ भागीरथी कहते हैं।

प्रश्न 2: हरिद्वार में गंगा से जुड़ा कौन सा प्रसिद्ध मेला लगता है?
उत्तर: 
हरिद्वार में हर बारह वर्ष बाद कुंभ मेला लगता है।

प्रश्न 3: गंगा का जल गंदा क्यों हो जाता है?
उत्तर: 
गंगा का जल शहरों और कारखानों के गंदे पानी के कारण गंदा हो जाता है।

प्रश्न 4: गंगा पश्चिम बंगाल में पहुँचकर क्या करती है?
उत्तर: 
गंगा पश्चिम बंगाल में पहुँचकर दो धाराओं में बँट जाती है—एक धारा हुगली कहलाती है और दूसरी पद्मा।

प्रश्न 5: गंगा की कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: 
गंगा की कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें नदियों और पानी की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए और अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए।

11. Worksheet Solutions: हमारे ये कलामंदिर

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: निशा अपनी ______ के साथ अजंता और एलोरा की गुफाएँ देखने गई थी।
उत्तर:
 मौसी  

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 2: अजंता की गुफाओं में ______ के जीवन से संबंधित चित्र बने थे।
उत्तर: 
गौतम बुद्ध  

प्रश्न 3: एलोरा की गुफाएँ संभाजीनगर से लगभग ______ किलोमीटर दूर हैं।
उत्तर: 
चालीस  

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 4: कैलाश मंदिर को एक ही ______ को तराशकर बनाया गया है।
उत्तर:
 चट्टान  

प्रश्न 5: अजंता की गुफाएँ लगभग ______ वर्ष पुरानी हैं।
उत्तर: 
दो हजार  

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: अजंता की गुफाओं में केवल बौद्ध धर्म से संबंधित चित्र हैं।
उत्तर:
 गलत  

प्रश्न 2: कैलाश मंदिर को पहाड़ को ऊपर से काटकर बनाया गया है।
उत्तर:
 सही  

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 3: अजंता की गुफाएँ संभाजीनगर से 40 किलोमीटर दूर हैं।
उत्तर: 
गलत  

प्रश्न 4: गुफाओं के चित्रों में पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के चित्र भी हैं।
उत्तर: 
सही  

प्रश्न 5: एलोरा की गुफाओं में केवल हिंदू धर्म से संबंधित मूर्तियाँ हैं।
उत्तर: 
गलत  

मिलान कीजिए (Match the Following)

मिलान कीजिए (Match the Following)

उत्तर:
मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: अजंता की गुफाएँ किस दिशा की ओर मुँह करके बनी हैं?
उत्तर:
 पूर्व  

प्रश्न 2: एलोरा में कितने मंदिर बनाए गए हैं?
उत्तर: 
तीस  

प्रश्न 3: गुफाओं के नीचे क्या बना था?
उत्तर: 
कुंड  

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 4: चित्रों में किसके भाव सजीव दिखते थे?
उत्तर: 
आँखों  

प्रश्न 5: निशा ने किस मंदिर को देखकर गर्व महसूस किया?
उत्तर: 
कैलाश  

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: अजंता की गुफाओं में बने चित्र इतने आकर्षक क्यों थे?
उत्तर:
 अजंता की गुफाओं में बने चित्र बहुत आकर्षक थे क्योंकि वे गौतम बुद्ध के जीवन, पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और लोगों को दर्शाते थे। इनमें हाथों की मुद्राएँ, आँखों के भाव और सुख-दुख के भाव इतने सजीव थे कि लगता था चित्र बोल पड़ेंगे।  

प्रश्न 2: निशा को कैलाश मंदिर देखकर क्यों गर्व हुआ?
उत्तर: 
निशा को कैलाश मंदिर देखकर गर्व हुआ क्योंकि यह मंदिर एक ही चट्टान को तराशकर बनाया गया था, जो हजारों साल पहले की कला का अद्भुत उदाहरण है।  

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 3: अजंता और एलोरा की गुफाएँ किससे बनाई गई थीं?
उत्तर: 
अजंता और एलोरा की गुफाएँ पहाड़ों को काटकर बनाई गई थीं, और मूर्तियाँ भी पत्थरों को तराशकर बनाई गई थीं।  

प्रश्न 4: गुफाओं के चित्रों के रंग इतने चमकदार क्यों थे?
उत्तर: 
गुफाओं के चित्रों के रंग चमकदार थे क्योंकि वे पत्तों, जड़ी-बूटियों और फूलों से बनाए गए थे, जो दो हजार साल बाद भी फीके नहीं पड़े थे।  

प्रश्न 5: इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: 
इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमारे देश में प्राचीन समय से ही कला और संस्कृति बहुत विकसित थी। हमें अपनी इस धरोहर को संभालना चाहिए और अपने इतिहास का आदर करना चाहिए