10. तरुण के स्वर (उद्घोषण) – Textbook Worksheet

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म __________ में हुआ था।

प्रश्न 2: नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने “__________” जैसे नारे दिए।

प्रश्न 3: नेताजी का सपना था कि समाज में __________ न हो।

प्रश्न 4: नेताजी ने युवाओं को __________ के लिए प्रेरित किया।

प्रश्न 5: नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन __________ की प्रेरणा देता है।

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: नेताजी सुभाषचंद्र बोस का मुख्य उद्देश्य भारत को स्वतंत्रता दिलाना था।

प्रश्न 2: नेताजी ने “दिल्ली चलो” नारा दिया था, लेकिन “जय हिंद” नहीं।

प्रश्न 3: नेताजी का सपना था कि हर व्यक्ति को शिक्षा मिले और महिलाओं को समान अधिकार मिले।

प्रश्न 4: नेताजी का सपना था कि भारत एक गुलाम देश बना रहे।

प्रश्न 5: नेताजी ने कहा था, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।”

मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म कहां हुआ था?

प्रश्न 2: नेताजी के नारे “दिल्ली चलो” और “जय हिंद” का उद्देश्य क्या था?

प्रश्न 3: नेताजी का सपना था कि भारत में __________ का भेद न हो।

प्रश्न 4: नेताजी ने किस चीज़ के लिए अपने जीवन को बलिदान देने की बात की थी?

प्रश्न 5: नेताजी का संदेश था कि __________ समाज की सेवा करें।

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: नेताजी सुभाषचंद्र बोस का मुख्य उद्देश्य क्या था?

प्रश्न 2: नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

प्रश्न 3: नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने युवाओं से क्या अपील की थी?

प्रश्न 4: नेताजी के किस सपने की बात की गई है?

प्रश्न 5: नेताजी का सपना किस उद्देश्य को पूरा करने के लिए था?

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9. आदमी का अनुपात – Textbook Worksheet

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: कविता “आदमी का अनुपात” में आदमी की तुलना __________ से की गई है।

प्रश्न 2: कवि बताते हैं कि मोहल्ला __________ में, और प्रदेश __________ में स्थित है।

प्रश्न 3: करोड़ों तारों और ग्रहों में पृथ्वी सिर्फ एक __________ है।

प्रश्न 4: आदमी अपने चारों ओर ऊँची-ऊँची __________ खड़ी करता है।

प्रश्न 5: कवि का संदेश है कि हमें आपस में झगड़ने के बजाय __________ रहना चाहिए।सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: गिरिजा कुमार माथुर ने “हम होंगे कामयाब” गीत का हिंदी रूप लिखा।

प्रश्न 2: कविता बताती है कि आदमी ब्रह्मांड की तुलना में बहुत विशाल है।

प्रश्न 3: कवि कहते हैं कि एक कमरे में भी लोग अपनी-अपनी दुनिया बना लेते हैं।

प्रश्न 4: पृथ्वी लाखों ब्रह्मांडों में से केवल एक है।

प्रश्न 5: कविता का संदेश है कि हमें घमंड और अविश्वास को बढ़ाना चाहिए।मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: कविता “आदमी का अनुपात” के कवि कौन हैं?

प्रश्न 2: पृथ्वी किस आकाशगंगा का हिस्सा है?

प्रश्न 3: कविता में आदमी के भीतर किस प्रकार की भावनाएँ भरी हुई बताई गई हैं?

प्रश्न 4: कविता में आदमी किसके सामने बहुत छोटा बताया गया है?

प्रश्न 5: कविता का मुख्य संदेश क्या है?प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: कविता “आदमी का अनुपात” में कवि ने आदमी की स्थिति को किस तरह दिखाया है?

प्रश्न 2: कवि ने पृथ्वी की तुलना ब्रह्मांड में किस तरह की है?

प्रश्न 3: कवि के अनुसार आदमी अपनी छोटी जगह में भी क्या करता है?

प्रश्न 4: कविता से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

प्रश्न 5: गिरिजा कुमार माथुर की अन्य प्रमुख रचनाओं के नाम बताइए।

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8. नए मेहमान – Textbook Worksheet

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: कहानी “नए मेहमान” एक __________ परिवार की परेशानियों को दर्शाती है।

प्रश्न 2: विश्वनाथ और रेवती का घर गर्मी में __________ जैसा लगता था।

प्रश्न 3: नन्हेमल और बाबूलाल ने कहा कि वे __________ के रिश्तेदार हैं।

प्रश्न 4: पड़ोसी ने शिकायत की कि मेहमानों ने उनकी छत पर __________ फैलाया।

प्रश्न 5: कहानी के अंत में असली मेहमान के रूप में घर पहुँचा __________ था।

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: विश्वनाथ दो साल से नया मकान ढूँढ़ रहा था लेकिन उसे अच्छा मकान नहीं मिला।

प्रश्न 2: नन्हेमल और बाबूलाल अपने बारे में बहुत स्पष्ट जानकारी देते हैं।

प्रश्न 3: परिवार ने मेहमानों को बिना भोजन दिए घर से बाहर भेज दिया।

प्रश्न 4: पड़ोसी का व्यवहार स्वार्थी और शिकायत करने वाला दिखाया गया है।

प्रश्न 5: कहानी का अंत मेहमानों की वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने से होता है।

मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: “नए मेहमान” कहानी के लेखक कौन हैं?

प्रश्न 2: नन्हेमल किस शहर से आए थे?

प्रश्न 3: विश्वनाथ का बेटा कौन था?

प्रश्न 4: असली मेहमान कौन निकला?

प्रश्न 5: पड़ोसी का स्वभाव कैसा था?

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: कहानी की शुरुआत में विश्वनाथ और रेवती किन परेशानियों से जूझ रहे थे?

प्रश्न 2: नन्हेमल और बाबूलाल का घर में आना परिवार के लिए परेशानी क्यों बना?

प्रश्न 3: पड़ोसी ने विश्वनाथ से किस बात की शिकायत की?

प्रश्न 4: नन्हेमल और बाबूलाल का असली मकसद कहाँ जाने का था?

प्रश्न 5: कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

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7. मत बाँधो – Textbook Worksheet

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: महादेवी वर्मा की कविता का मुख्य संदेश है कि __________ को रोकना नहीं चाहिए।

प्रश्न 2: फूलों की खुशबू हवा में उड़कर __________ नहीं आती।

प्रश्न 3: आग धरती पर जलती है और उसका धुआँ __________ में उड़ता है।

प्रश्न 4: सपनों को रोकने से उनका __________ पूरा नहीं होगा।

प्रश्न 5: कविता “मत बाँधो” हमें __________ को स्वतंत्र छोड़ने की प्रेरणा देती है।

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: महादेवी वर्मा को भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था।

प्रश्न 2: कवयित्री मानती हैं कि सपनों को बाँधना चाहिए ताकि वे टूटें नहीं।

प्रश्न 3: बीज अगर मिट्टी में न गिरे तो वह पेड़ नहीं बन सकता।

प्रश्न 4: कविता में कहा गया है कि सपने हमें नई प्रेरणा और सुंदरता देते हैं।

प्रश्न 5: कविता का मुख्य विषय प्रकृति का सौंदर्य वर्णन है।

मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: कविता “मत बाँधो” की रचयिता कौन हैं?

प्रश्न 2: कविता में किस प्राकृतिक तत्व से “धुआँ” का उदाहरण दिया गया है?

प्रश्न 3: बीज किसमें गिरकर पेड़ बनता है?

प्रश्न 4: सपनों को रोकने से उनका क्या नहीं होगा?

प्रश्न 5: कविता का मुख्य संदेश क्या है?

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: महादेवी वर्मा इस कविता में सपनों को क्यों स्वतंत्र छोड़ने की बात करती हैं?

प्रश्न 2: कवयित्री ने खुशबू और बीज के उदाहरण से क्या समझाया है?

प्रश्न 3: आग और धुएँ का उदाहरण सपनों से कैसे जुड़ा है?

प्रश्न 4: कविता में सपनों का आरोहण और अवरोहण न रोकने का क्या अर्थ है?

प्रश्न 5: कविता “मत बाँधो” से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

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6. एक टोकरी भर मिट्टी – Textbook Worksheet

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: ज़मींदार अपने महल का __________ बढ़ाना चाहता था।

प्रश्न 2: वृद्धा की झोंपड़ी में उसके पति और __________ की यादें जुड़ी थीं।

प्रश्न 3: वृद्धा की पोती ने __________ छोड़ दिया था।

प्रश्न 4: ज़मींदार टोकरी भर मिट्टी __________ नहीं पाए।

प्रश्न 5: कहानी में ज़मींदार ने अंत में वृद्धा से __________ माँगी।

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: ज़मींदार ने शुरुआत से ही वृद्धा की भावनाओं का सम्मान किया।

प्रश्न 2: वृद्धा अपनी झोंपड़ी छोड़ना नहीं चाहती थी क्योंकि उसमें उसकी पुरानी यादें थीं।

प्रश्न 3: वृद्धा अपनी पोती के लिए झोंपड़ी की मिट्टी चाहती थी।

प्रश्न 4: ज़मींदार ने नौकरों से टोकरी उठवाकर वृद्धा को दे दी।

प्रश्न 5: कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि दया और करुणा सबसे बड़ी ताकत हैं।

मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: कहानी के लेखक कौन हैं?

प्रश्न 2: वृद्धा का आखिरी सहारा कौन था?

प्रश्न 3: ज़मींदार ने झोंपड़ी पर कब्ज़ा करने के लिए किसकी मदद ली?

प्रश्न 4: वृद्धा झोंपड़ी से क्या लेने आई थी?

प्रश्न 5: ज़मींदार को गलती का एहसास किसने दिलाया?

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: ज़मींदार वृद्धा की झोंपड़ी क्यों लेना चाहता था?

प्रश्न 2: वृद्धा अपनी झोंपड़ी छोड़ने के लिए क्यों तैयार नहीं थी?

प्रश्न 3: वृद्धा ने ज़मींदार से मिट्टी माँगने का कारण क्या बताया?

प्रश्न 4: ज़मींदार टोकरी भर मिट्टी क्यों नहीं उठा पाए?

प्रश्न 5: इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

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5. कबीर के दोहे – Textbook Worksheet

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: कबीर का जन्म __________ में हुआ माना जाता है।

प्रश्न 2: कबीर कहते हैं कि __________ सबसे बड़ा पाप है।

प्रश्न 3: खजूर का पेड़ न छाया देता है, न __________ फल देता है।

प्रश्न 4: कबीर के अनुसार गुरु को भगवान से भी __________ स्थान दिया गया है।

प्रश्न 5: कबीर कहते हैं कि मन एक __________ की तरह है।

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: कबीर करघे पर कपड़ा बुनते थे और साथ ही दोहे कहते थे।

प्रश्न 2: कबीर ने कहा है कि बहुत अधिक बोलना और बहुत अधिक चुप रहना दोनों ही हानिकारक हैं।

प्रश्न 3: कबीर के अनुसार गुरु का महत्व भगवान से कम है।

प्रश्न 4: कबीर ने निंदक को अपने पास से दूर रखने की सलाह दी।

प्रश्न 5: कबीर के अनुसार अच्छी संगति से अच्छा फल और बुरी संगति से बुरा फल मिलता है।

मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: कबीर की रचनाएँ किस ग्रंथ में मिलती हैं?

प्रश्न 2: “साँच बराबर तप नहीं” पंक्ति में किसका महत्व बताया गया है?

प्रश्न 3: खजूर का पेड़ किसके उदाहरण के रूप में लिया गया है?

प्रश्न 4: जो हमारी गलतियाँ बताता है, उसे कबीर क्या कहते हैं?

प्रश्न 5: “सार को गहि रहै, थोथा देइ उड़ाय” पंक्ति में किसका गुण बताया गया है?

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: कबीर ने झूठ को सबसे बड़ा पाप क्यों बताया?

प्रश्न 2: कबीर ने खजूर के पेड़ का उदाहरण देकर क्या समझाया?

प्रश्न 3: गुरु को भगवान से भी पहले प्रणाम क्यों करना चाहिए?

प्रश्न 4: कबीर के अनुसार निंदक को अपने पास क्यों रखना चाहिए?

प्रश्न 5: कबीर ने संगति का क्या महत्व बताया है?

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Chapter 13 Question Answers Deepakam Sanskrit NCERT

दीपकम् Class 8 Chapter 13 Question Answers Deepakam Sanskrit NCERT

अभ्यासात् जायते सिद्धिः


अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन द्विपदेन वा उत्तरत


(क) उरसि किं तन्त्रं भवति? (छाती में कौन-सी प्रणाली होती है?)

उत्तर – वायुबलतन्त्रम्। (वायु-बल प्रणाली।)

(ख) नाभिप्रदेशे स्थिताः मांसपेश्यः किं नोदयन्ति? (नाभि क्षेत्र में स्थित मांसपेशियाँ किसे प्रेरित करती हैं?)

उत्तर – श्वासप्रवृत्तिम्। (श्वसन की प्रक्रिया।)

(ग) आस्यस्य आभ्यन्तरे वार्णानाम् उत्पत्त्यर्थं द्वितीयं तत्त्वं किम् अस्ति? (मुँह के अंदर वर्णों की उत्पत्ति के लिए दूसरा तत्त्व क्या है?)

उत्तर – करणम्। (करण (उच्चारण का साधन)।)

(घ) आस्ये कति स्थानानि सन्ति? (मुँह में कितने उच्चारण स्थान होते हैं?)

उत्तर – षट् स्थानानि। (छह स्थान।)

(ङ) स्थानस्य कार्यनिदर्शनार्थं किं समुचितम् उदाहरणम् अस्ति? (उच्चारण-स्थान के कार्य को समझाने के लिए कौन-सा उपयुक्त उदाहरण है?)

उत्तर – मुरली। (बांसुरी।)

(च) करणानि मुरल्याः कस्य भागम् इव व्यवहरन्ति? (मुरली में करण किस भाग के समान कार्य करते हैं?)

उत्तर – अङ्गुलीभागस्य। (अंगुलियों के भाग के समान।)


२. अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत।


(क) करणं किं भवति? (करण क्या होता है?)

उत्तरम् – करणं तदङ्गं भवति, यत् वर्णस्य उच्चारणसमये स्थानं स्पृशति वा समीपं याति। (करण वह अंग होता है, जो वर्ण के उच्चारण के समय स्थान को स्पर्श करता है या उसके समीप पहुँचता है।)

(ख) उरः श्वासकोशस्थितं वायुं कुत्र निःसारयति? (छाती (उरः) फेफड़ों में स्थित वायु को कहाँ बाहर निकालती है?)

उत्तरम् – उरः श्वासकोशे स्थितं वायुं ऊर्ध्वं निःसारयति। (छाती फेफड़ों में स्थित वायु को ऊपर की ओर बाहर निकालती है।)

(ग) मुरल्याः अङ्गुलिच्छिद्राणि कीदृशं व्यवहरन्ति? (बांसुरी के छिद्र किस प्रकार कार्य करते हैं?)

उत्तरम् – मुरल्याः अङ्गुलिच्छिद्राणि आस्यस्य स्थानानि इव व्यवहरन्ति। (बांसुरी के छिद्र मुँह के उच्चारण स्थानों की तरह कार्य करते हैं।)

(घ) केषां वर्णानाम् उच्चारणे जिह्वा प्रायः निष्क्रिया भवति? (किन वर्णों के उच्चारण में जीभ प्रायः निष्क्रिय रहती है?)

उत्तरम् – कण्ठ्यानां, ओष्ठ्यानां, नासिक्यानां च वर्णानाम् उच्चारणे जिह्वा प्रायः निष्क्रिया भवति। (गले का, होठों का, नासिका का वर्णों के उच्चारण में जीभ प्रायः निष्क्रिय रहती है।)

(ङ) तालव्यानां, मूर्धन्यानां, दन्त्यानां च वर्णानाम् उच्चारणार्थं सामान्यं करणं किम् अस्ति? (तालव्य, मूर्धन्य और दन्त्य वर्णों के उच्चारण में सामान्य करण क्या होता है?)

उत्तरम् – तालव्यानां, मूर्धन्यानां, दन्त्यानां च वर्णानाम् उच्चारणार्थं सामान्यं करणं जिह्वा भवति। (तालव्य, मूर्धन्य और दन्त्य वर्णों के उच्चारण के लिए सामान्य करण “जीभ” होती है।)

(च) कण्ठ्यानां, ओष्ठ्यानां, नासिक्यानां च वर्णानाम् उच्चारणार्थं स्थानस्य करणस्य च मध्ये किं भवति? (कण्ठ्य, ओष्ठ्य और नासिक्य वर्णों के उच्चारण में स्थान और करण के बीच क्या संबंध होता है?)

उत्तरम् – कण्ठ्यानां, ओष्ठ्यानां, नासिक्यानां च वर्णानाम् उच्चारणे स्थानमेव करणं भवति। (कण्ठ्य, ओष्ठ्य और नासिक्य वर्णों के उच्चारण में स्थान ही करण के रूप में कार्य करता है।)


अधोलिखितेषु वाक्येषु आम् /  इति लिखित्वा उचितभावं सूचयत


(क) श्वासकोशस्थितः वायुः ऊर्ध्वं चरन् पूर्वम् आस्यं प्राप्नोति।

हिन्दी – फेफड़ों में स्थित वायु ऊपर चढ़ते हुए पहले मुँह में पहुँचती है।
उत्तरम् – न

(ख) सर्वप्रथमं नाभि-प्रदेशे स्थिताः मांसपेश्याः कण्ठं नोदयन्ति।

हिन्दी – सबसे पहले नाभि क्षेत्र की मांसपेशियाँ कण्ठ को उठाती हैं।
उत्तरम् – न

(ग) आस्यस्य आभ्यन्तरे वर्णानाम् उत्पत्त्यर्थम् आभ्यन्तर-प्रयत्नः आवश्यकम् अस्ति।

हिन्दी – मुँह के अंदर वर्णों की उत्पत्ति के लिए आंतरिक प्रयत्न आवश्यक होता है।
उत्तरम् – आम्

(घ) तालव्य-वर्णनाम् उच्चारणार्थं दन्तः स्थानं स्पृशति।

हिन्दी – तालव्य वर्णों के उच्चारण के लिए दाँत स्थान को स्पर्श करता है।
उत्तरम् – न

(ङ) मूर्धन्यानां वर्णानाम् उच्चारणार्थं जिह्वा स्थानं स्पृशति।

हिन्दी – मूर्धन्य वर्णों के उच्चारण के लिए जीभ स्थान को स्पर्श करती है।
उत्तरम् – आम्

(च) तत्तत्स्थानस्य एव कश्चित् पूर्वभागः, तत्तत्स्थानस्य परभागं स्पृशति।

हिन्दी – हर उच्चारण स्थान का ही कोई अगला भाग उसी स्थान के पिछले भाग को स्पर्श करता है।
उत्तरम् – आम्


४. मुखे उपलभ्यमानानि स्थानानि बहिष्ठात् अन्तः यथाक्रमं (अर्थात् विपरीत – क्रमेण) लिखन्तु –


(क) मूर्धा – तालु – कण्ठः

हिन्दी – मूर्धा के बाद तालु, फिर कण्ठ आता है।

(ख) दन्तः – मूर्धा – तालु – कण्ठः

हिन्दी – दाँत के बाद मूर्धा, फिर तालु, फिर कण्ठ।

(ग) तालु – कण्ठः

हिन्दी – तालु के बाद कण्ठ।

(घ) कण्ठः – (मुँह का सबसे अंदरूनी उच्चारण स्थान)

हिन्दी – कण्ठ – यह सबसे भीतर का उच्चारण स्थान है।

(ङ) ओष्ठः – दन्तः – मूर्धा – तालु – कण्ठः

हिन्दी – होंठ के बाद दाँत, फिर मूर्धा, फिर तालु और अंत में कण्ठ।


यथायोग्यं मेलनं कुरुत –

सामान्य-स्थानम्विशेष-स्थानम्सामान्य-करणम्विशेष-करणम्
ओष्ठःउत्तरोष्ठःस्वस्थानं करणम्अधरोष्ठः
दन्तःदन्तःजिह्वा करणम्जिह्वाग्रः
नासिकानासिकामूलस्य उपरिभागःस्वस्थानं करणम्जिह्वामध्यः
कण्ठःकण्ठस्य पृष्ठभागःजिह्वा करणम्कण्ठस्य पृष्ठभागः
मूर्धामूर्धास्वस्थानं करणम्नासिकामूलस्य अधोभागः
तालुतालुजिह्वा करणम्जिह्वोपाग्रः

4. हरिद्वार – Textbook Worksheet

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

प्रश्न 1: भारतेंदु हरिश्चंद्र ने __________ में हरिद्वार की यात्रा की।

प्रश्न 2: हरिद्वार के चारों ओर __________ पहाड़ हैं।

प्रश्न 3: गंगा की धारा राजा __________ की कीर्ति जैसी चमकती है।

प्रश्न 4: हरिद्वार में सबसे प्रसिद्ध घाट __________ कहलाता है।

प्रश्न 5: कनखल तीर्थ में __________ ने यज्ञ किया था।

सही या गलत (True or False)

प्रश्न 1: हरिद्वार में गंगा की दो धाराएँ नीलधारा और गंगा हैं।

प्रश्न 2: भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हरिद्वार यात्रा का वर्णन अंग्रेज़ी भाषा में किया।

प्रश्न 3: हरिद्वार में लोग संतोषी और शांत स्वभाव के बताए गए हैं।

प्रश्न 4: भारतेंदु हरिश्चंद्र ने गंगा किनारे पत्थर पर बैठकर भोजन किया, जो उन्हें बहुत अच्छा लगा।

प्रश्न 5: हरिद्वार में केवल एक ही तीर्थ है।

मिलान कीजिए (Match the Following)

एक शब्द उत्तर (One Word Answers)

प्रश्न 1: भारतेंदु हरिश्चंद्र को किस उपाधि से जाना जाता है?

प्रश्न 2: गंगा किनारे राजाओं द्वारा किस प्रकार की इमारतें बनवाई गई थीं?

प्रश्न 3: हरिद्वार की कुशा से किसकी खुशबू आती है?

प्रश्न 4: हरिद्वार में सबसे बड़ी देवी किसे माना गया है?

प्रश्न 5: हरिद्वार यात्रा के अंत में भारतेंदु ने अपने नाम की जगह क्या लिखा?

प्रश्न और उत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1: भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हरिद्वार यात्रा का वर्णन किस रूप में प्रस्तुत किया?

प्रश्न 2: भारतेंदु ने हरिद्वार के पेड़ों की तुलना किससे की?

प्रश्न 3: गंगा का पानी भारतेंदु को किस चीज़ जैसा लगा?

प्रश्न 4: कनखल तीर्थ से जुड़ी पौराणिक घटना क्या है?

प्रश्न 5: इस यात्रा से भारतेंदु हरिश्चंद्र ने क्या शिक्षा दी?

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Chapter 12 Question Answers Deepakam Sanskrit NCERT

दीपकम् Class 8 Chapter 12 Question Answers Deepakam Sanskrit NCERT

अभ्यासात् जायते सिद्धिः


१. पाठे विद्यमानानां श्लोकानाम् उच्चारणं स्मरणं लेखनं च कुरुत ।


२. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखत-


(क) पाठकाः केषां सम्यक् प्रयोगं कुर्युः ? (पाठक किसका सही प्रयोग करें?)

उत्तरम्: वर्णानाम्। (वर्णों का।)

(ख) किम् अवश्यमेव पठनीयम् ? (क्या अवश्य पढ़ना चाहिए?)

उत्तरम्: व्याकरणम्। (व्याकरण।)

(ग) ब्रह्मलोके केन सम्मानं भवति ? (ब्रह्मलोक में किससे सम्मान मिलता है?)

उत्तरम्: सम्यग्वर्णप्रयोगेण। (वर्णों के शुद्ध प्रयोग से।)

(घ) अधमाः पाठकाः कति भवन्ति ? (अधम पाठक कितने होते हैं?)

उत्तरम्: षट्। (छह।)

(ङ) धैर्यं केषां गुणः ? (धैर्य किसका गुण है?)

उत्तरम्: पाठकानाम्। (पाठकों का।)


३. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखत–


(क) व्याघ्री दंष्ट्राभ्यां कान् नयति ? (व्याघ्री (मादा बाघ) अपने दाँतों से किसे ले जाती है?)

उत्तरम्:  व्याघ्री दंष्ट्राभ्यां पुत्रान् नयति। (व्याघ्री अपने दाँतों से अपने बच्चों को ले जाती है।)

(ख) वर्णाः कथं प्रयोक्तव्याः ? (वर्णों (अक्षरों) का उच्चारण कैसे करना चाहिए?)

उत्तरम्: वर्णाः स्पष्टतया न च पीडयित्वा प्रयोक्तव्याः। (वर्णों का उच्चारण स्पष्ट रूप से और बिना कठोरता के करना चाहिए।)

(ग) पाठकानां षट्-गुणाः के भवन्ति ? (पाठकों के कौन-कौन से छह गुण होते हैं?)

उत्तरम्: पाठकानां षट् गुणाः – माधुर्यम्, अक्षरव्यक्तिः, पदच्छेदः, सुस्वरः, धैर्यम्, लयसमर्थता च भवन्ति। (पाठकों के छह गुण होते हैं – मधुरता, स्पष्ट अक्षर उच्चारण, पदों का सही विभाजन, अच्छा स्वर, धैर्य और लय की समझ।)

(घ) के अधमाः पाठकाः भवन्ति ? (कौन अधम (निम्न कोटि के) पाठक होते हैं?)

उत्तरम्: गीती, शीघ्री, शिरःकम्पी, लिखितपाठकः, अनर्थज्ञः, अल्पकण्ठश्च अधमाः पाठकाः भवन्ति। (जो गाने की तरह पढ़ते हैं, बहुत तेज पढ़ते हैं, सिर हिलाकर पढ़ते हैं, लिखकर पढ़ते हैं, अर्थ नहीं समझते और धीमे स्वर में पढ़ते हैं — वे अधम पाठक होते हैं।)

(ङ) ‘स्वजनः’ ‘श्वजनः’ च इत्यनयोः अर्थदृष्ट्या कः भेदः ? (‘स्वजन’ और ‘श्वजन’ इन दोनों में अर्थ की दृष्टि से क्या अंतर है?)

उत्तरम्: ‘स्वजनः’ इत्यस्य अर्थः बान्धवः, ‘श्वजनः’ इत्यस्य अर्थः शुनकः अस्ति। (‘स्वजन’ का अर्थ होता है अपना या संबंधी, और ‘श्वजन’ का अर्थ होता है कुत्ता।)

(च) ‘सकलं’ ‘शकलं’ च इत्यनयोः अर्थदृष्ट्या कः भेदः ? (‘सकलं’ और ‘शकलं’ इन दोनों में अर्थ की दृष्टि से क्या अंतर है?)

उत्तरम्: ‘सकलं’ इत्यस्य अर्थः सम्पूर्णम्, ‘शकलं’ इत्यस्य अर्थः खण्डः अस्ति। (‘सकलं’ का अर्थ है सम्पूर्ण (पूरा), और ‘शकलं’ का अर्थ है टुकड़ा (खंडित)।)


४. अधोलिखितानि लक्षणानि पाठकस्य गुणाः वा दोषाः वा इति विभजत–

अक्षरव्यक्तिः, शीघ्री, लिखितपाठकः, लयसमर्थम्, अनर्थः, अल्पकण्ठः,
माधुर्यम्, गीती, पदच्छेदः, शिरःकम्पी, अनर्थज्ञः, धैर्यम्, सुस्वरः

गुणाः (अच्छे पाठक के गुण)दोषाः (अधम पाठक के दोष)
अक्षरव्यक्तिः (स्पष्ट उच्चारण)शीघ्री (बहुत तेज पढ़ने वाला)
लयसमर्थम् (लय की समझ रखने वाला)लिखितपाठकः (लिखकर ही पढ़ने वाला)
माधुर्यम् (मधुरता)अनर्थः (अर्थ का अभाव)
पदच्छेदः (उचित स्थान पर शब्द-विभाजन)अल्पकण्ठः (धीमे स्वर वाला)
धैर्यम् (धैर्य से पढ़ने वाला)गीती (गाने की तरह पढ़ने वाला)
सुस्वरः (अच्छे स्वर में पढ़ना)शिरःकम्पी (सिर हिलाकर पढ़ने वाला)
अनर्थज्ञः (अर्थ न जानने वाला)

५. श्लोकानुसारं रिक्तस्थानानि उचितैः शब्दैः पूरयत


(क) भीता पतनभेदाभ्यां तद्वद् वर्णान् प्रयोजयेत्।

(श्लोक २ के अनुसार, बाघिन के बच्चों को संभालने का डर और सावधानी वर्णों के प्रयोग में भी लागू होती है।)

(ख) माधुर्यमक्षरव्यक्तिः पदच्छेदस्तु सुस्वरः धैर्यं लयसमर्थं च षडेते पाठका गुणाः।

(श्लोक ४ के अनुसार, पहले पाँच गुण—मधुरता, स्पष्टता, शब्द-विभाजन, सुस्वर, धैर्य—लय के साथ पढ़ने से पहले आते हैं।)

(ग) गीती शीघ्री शिरःकम्पी तथा लिखितपाठकः।

(श्लोक ५ के अनुसार, खराब पाठक के दोषों में सिर हिलाना अगला है।)

(घ) एवं वर्णाः प्रयोक्तव्या नाव्यक्ता न च पीडिताः।

(श्लोक ३ के अनुसार, वर्ण अस्पष्ट और दबे-कुचले नहीं होने चाहिए।)

(ङ) स्वजनः श्वजनो माभूत् सकलं शकलं सकृत् शकृत्।

(श्लोक १ के अनुसार, गलत उच्चारण से ‘स्वजन’ को ‘श्वजन’ जैसे अर्थ बदल जाते हैं।)


६. अधोलिखितानि वाक्यानि सत्यम् वा असत्यम् वा इति लिखत


यथा– पदच्छेदः पाठकानां गुणः अस्ति। सत्यम् / असत्यम्

सत्यम् (श्लोक ४ में पदच्छेद को अच्छे पाठक का गुण माना गया है।)

(क) गानसहितपठनं पाठकानां दोषः भवति।

सत्यम् (श्लोक ५ में ‘गीती’ को खराब पाठक का दोष बताया गया है।)

(ख) माधुर्यं नाम अक्षराणाम् उच्चारणे स्पष्टता अस्ति।

असत्यम् (श्लोक ४ में माधुर्यं मधुरता को दर्शाता है, स्पष्टता अक्षरव्यक्तिः है।)

(ग) शकृत् नाम एकवारम् इति अर्थः अस्ति।

असत्यम् (श्लोक १ में शकृत् का अर्थ मल है, एकवारम् का अर्थ सकृत् है, जो गलत उच्चारण का उदाहरण है।)

(घ) अव्यक्ताः वर्णाः प्रयोक्तव्याः भवन्ति।

असत्यम् (श्लोक ३ में अस्पष्ट वर्णों के प्रयोग को निषेध किया गया है।)

(ङ) व्याघ्री यथा पुत्रान् हरति तथा वर्णान् प्रयोजयेत्।

सत्यम् (श्लोक २ में बाघिन के बच्चों को सावधानी से ले जाने की तुलना वर्णों के सही प्रयोग से की गई है।)

Chapter 11 Question Answers Deepakam Sanskrit NCERT

दीपकम् Class 8 Chapter 11 Question Answers Deepakam Sanskrit NCERT

अभ्यासात् जायते सिद्धिः


१. निम्नलिखितेषु वाक्येषु रक्तवर्णीयानि स्थूलपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-


(क) वीरवरो पत्नीं पुत्रं दुहितरञ्च प्राबोधयत्। (वीरवर ने पत्नी, पुत्र और पुत्री को जगाया।) 

प्रश्न (संस्कृत): कः पत्नीं पुत्रं दुहितरञ्च प्राबोधयत्? (किसने पत्नी, पुत्र और पुत्री को जगाया?)

(ख) ततस्ते सर्वे सर्वमङ्गलाया आयतनं गताः। (फिर वे सभी मंगलमय देवी के मंदिर को चले गये ।)

प्रश्न (संस्कृत): ततस्ते सर्वे जनाः कुत्र गताः? (फिर वे सभी सब लोग कहाँ गए?)

(ग) वीरवरः वर्तनस्य निस्तारं पुत्रोत्सर्गेण अकरोत्। (वीरवर ने अपने कर्तव्य का निर्वाह किसके त्याग से किया?)

प्रश्न (संस्कृत): वीरवरः वर्तनस्य निस्तारं केन अकरोत्? (वीरवर ने अपने पुत्र के त्याग से कर्तव्य का निर्वाह किया।)

(घ) राजा स्वप्रासादं प्राविशत्। (राजा ने अपने महल में प्रवेश किया।)

प्रश्न (संस्कृत): राजा कुत्र प्राविशत्? (राजा ने कहाँ प्रवेश किया?)

(ङ) महीपतिः वीरवराय समग्रकर्णाटप्रदेशम् अयच्छत्। (राजा ने वीरवर को पूरा कर्नाट प्रदेश दिया।)

प्रश्न (संस्कृत): महीपतिः कस्य समग्रकर्णाटप्रदेशं अयच्छत्? (राजा ने समस्त कर्नाट प्रदेश किसको दिया?)


२. अधोलिखितान् प्रश्नान् उत्तरत –


(क) वीरवरः किम् अवर्णयत् ? (वीरवर ने क्या वर्णन किया?)

उत्तरम् – वीरवरः अखिलराजलक्ष्मीसंवादं अवर्णयत्। (वीरवर ने सम्पूर्ण राजलक्ष्मी संवाद का वर्णन किया।)

(ख) प्राज्ञः धनानि जीवितञ्च केभ्यः उत्सृजेत् ? (बुद्धिमान व्यक्ति धन और जीवन किसके लिए त्याग दे?)

उत्तरम् – प्राज्ञः परार्थे धनानि जीवितञ्च उत्सृजेत्। (बुद्धिमान व्यक्ति परोपकार के लिए धन और जीवन का त्याग कर देता है।)

(ग) केन सदृशः लोके न भूतो न भविष्यति ? (संसार में किसके समान कोई न पहले हुआ और न आगे होगा?)

उत्तरम् – वीरवरेण सदृशः लोके न भूतो न भविष्यति। (वीरवर के समान संसार में न कोई पहले हुआ और न आगे होगा।)

(घ) का अदृश्या अभवत्? (कौन अदृश्य हो गई?)

उत्तरम् – भगवती सर्वमङ्गला अदृश्या अभवत्। (देवी सर्वमंगल अदृश्य हो गई।)

(ङ) सपरिवारः वीरवरः कुत्र गतवान्? (वीरवर अपने परिवार के साथ कहाँ गया?)

उत्तरम् – सपरिवारः वीरवरः स्वगृहं गतवान्। (वीरवर अपने परिवार सहित अपने घर गया।)


३. अधोलिखितेषु वाक्येषु रक्तवर्णीयपदानि केभ्यः प्रयुक्तानि इति उदाहरणानुगुणं लिखत-


(क) भगवति ! न “मे” प्रयोजनं राज्येन जीवितेन वा ।
उत्तरम् – राज्ञः

हिंदी अनुवाद –
हे माँ! मुझे राज्य और जीवन से कोई प्रयोजन नहीं है।
(यहाँ “मे” = मम = मेरा; प्रयुक्तः = राजा/राज्ञः)

(ख) वत्स ! अनेन “ते” सत्त्वोत्कर्षेण भृत्यवात्सल्येन च परं प्रीतास्मि ।
उत्तरम् – राज्ञः
हिंदी अनुवाद –
बेटा! तुम्हारी इस उत्कृष्ट शक्ति और सेवक-प्रेम से मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ।
(यहाँ “ते” = तव = तुम्हारे; प्रयुक्तः = राजा/राज्ञः)

(ग) धन्याहं “यस्या” ईदृशो जनको भ्राता च ।
उत्तरम् – वीरवत्या
हिंदी अनुवाद –
मैं धन्य हूँ जिसके ऐसे पिता और भाई हैं।
(यहाँ “यस्या” = जिसकी; प्रयुक्तः = वीरवती, पुत्री के लिए)

(घ) तदेतत्परित्यक्तेन “मम” राज्येनापि किं प्रयोजनम् !
उत्तरम् – राज्ञः
हिंदी अनुवाद –
यह सब त्याग देने के बाद मेरे राज्य का भी क्या उपयोग है?
(यहाँ “मम” = मेरा; प्रयुक्तः = राजा/राज्ञः)

(ङ) “अयम्” अपि सपरिवारो जीवतु ।
उत्तरम् – वीरवरः
हिंदी अनुवाद –
यह राजपुत्र भी अपने परिवार सहित जीवित रहे।
(यहाँ “अयम्” = यह; प्रयुक्तः = वीरवरः)


४. उदाहरणानुसारं निम्नलिखितानि वाक्यानि अन्वयरूपेण लिखत


यथा – कृतो मया गृहीतस्वामिवर्तनस्य निस्तारो स्वपुत्रोत्सर्गेण ।

गृहीतस्वामिवर्तनस्य निस्तारो मया स्वपुत्रोत्सर्गेण कृतः।

(क) नेदानीं राज्यभङ्गस्ते भविष्यति। (अब तुम्हारा राज्य टूटेगा नहीं।)

अन्वय: ते राज्यभङ्गः अब भविष्यति नहीं। (तुम्हारा राज्य अब नहीं टूटेगा।)

(ख) तेन पातितं स्वशिरः स्वकरस्थखड्गेन। (उसने अपने हाथ में रखे तलवार से अपना सिर काटा।)

अन्वय: तेन स्वकरस्थखड्गेन स्वशिरः पातितम्। (उसने अपने सिर को अपने हाथ में रखे तलवार से काटा।)

(ग) तदा ममायुःशेषेणापि जीवतु राजपुत्रो वीरवरः सह पुत्रेण पत्न्या दुहित्रा च। (तब मेरे शेष जीवन से भी राजकुमार वीरवर अपने पुत्र, पत्नी और पुत्री के साथ जीवित रहे।)

अन्वय: तदा राजपुत्रः वीरवरः मम आयुःशेषेणापि सह पुत्रेण पत्न्या च दुहित्रा जीवतु। (तब राजकुमार वीरवर मेरे शेष जीवन से भी अपने पुत्र, पत्नी और पुत्री के साथ जीवित रहा।)

(घ) तत्क्षणादेव देवी गताऽदर्शनम्। (उसी समयदेवी अदृश्य हो गई।)

अन्वय: देवी तत्क्षणादेव गताऽदर्शनम्। (देवी उसी समयअदृश्य हो गई।)

(ङ) महीपतिस्तस्मै प्रायच्छत् समग्रकर्णाटप्रदेशं राजपुत्राय वीरवराय। (राजा ने राजकुमार वीरवर को समग्र कर्नाट प्रदेश दिया।)

अन्वय: महीपतिः तस्मै राजपुत्राय वीरवराय समग्रकर्णाटप्रदेशम् प्रायच्छत्। (राजा ने राजकुमार वीरवर को समग्र कर्नाट प्रदेश दिया।)

(च) जायन्ते च म्रियन्ते च मादृशाः क्षुद्रजन्तवः। (मेरे जैसे छोटे जीव जन्मते और मरते हैं।)

अन्वय: मादृशाः क्षुद्रजन्तवः जायन्ते च म्रियन्ते च। (मेरे जैसे छोटे जीव जन्मते और मरते हैं।)


५. उदाहरणानुगुणम् अधोलिखितानां पदानां पदच्छेदं कुरुत-


यथा –

यद्येवमस्मत्कुलोचितम् = यदि-एवम्-अस्मत्-कुलोचितम्
सत्त्वोत्कर्षेण = ‘सत्त्व – उत्कर्षेण

(क) गृहीतस्वामिवर्तनस्य = गृहीत-स्वामि-वर्तनस्य

हिंदी अनुवाद: स्वामी द्वारा दिए गए वेतन का

(ख) निस्तारोपायः = निस्तार-उपायः

हिंदी अनुवाद: ऋण चुकाने का उपाय

(ग) गृह्यतामेष = गृह्यताम्-एष

हिंदी अनुवाद: इसे ग्रहण करो

(घ) स्वपुत्रोत्सर्गेण = स्व-पुत्र-उत्सर्गेण

हिंदी अनुवाद: अपने पुत्र के त्याग से

(ङ) स्वकरस्थखड्गेन = स्व-कर-स्थ-खड्गेन

हिंदी अनुवाद: अपने हाथ में रखे खड्ग से

(च) तदेतत्परित्यक्तेन = तत्-एतत्-परित्यक्तेन

हिंदी अनुवाद: उस सब को त्यागने वाले द्वारा

(छ) स्वशिरश्छेदनार्थमुत्क्षिप्तः = स्व-शिरः-छेदन-अर्थम्-उत्क्षिप्तः

हिंदी अनुवाद: अपने सिर काटने के लिए उठाया हुआ

(ज) मद्दर्शनाददृश्यताम् = मत्-दर्शनात्-दृश्यताम्

हिंदी अनुवाद: मेरे दर्शन से अदृश्य होना

(झ) तत्क्षणादेव = तत्-क्षणात्-एव

हिंदी अनुवाद: उसी क्षण ही

(ञ) लब्धजीवितः = लब्ध-जीवितः

हिंदी अनुवाद: जीवन प्राप्त हुआ


६. (क) उदाहरणानुसार पाठगत पदों से रिक्त स्थानों की पूर्ति सन्धियुक्त शब्दों द्वारा करें —

संधिसन्धियुक्त शब्दहिंदी अर्थ
तत् + श्रुत्वातच्छ्रुत्वाउसे सुनकर
दुहितरम् + चदुहितरञ्चपुत्री और
धन्यः + अहम्धन्याहम्मैं धन्य हूँ
जीवितम् + च + एवजीवितमेवकेवल जीवन
विलम्बः + तातविलम्बस्तातविलंब क्यों, पिताजी?
कः + अधुनाकोऽधुनाअब कौन?
न + आचरितव्यम्नाचरितव्यम्आचरण नहीं किया जाना चाहिए
धन्या + अहम्धन्याहम्मैं धन्य हूँ
निस्तारः + उपायःनिस्तारोपायःछुड़ाने का उपाय
वीरवरः + अवदत्वीरवरोऽवदत्वीरवर ने कहा
ततः + असौततोऽसौतब वह
ततः + तेततस्तेतब वे

(ख) निम्नलिखितपदानां सन्धिच्छेदं कुरुत-


शूद्रकोऽपि
➤ शूद्रकः + अपि
(शूद्रक भी)

पुनर्भूपालेन
➤ पुनः + भूपालेन
(फिर राजा के द्वारा)

महीपतिस्तस्मै
➤ महीपतिः + तस्मै
(राजा ने उसे)

प्रायच्छत्
➤ प्रा + अयच्छत्
(दिया / प्रदान किया)

नृपतिरपि
➤ नृपतिः + अपि
(राजा भी)

सर्वेषामदृश्य
➤ सर्वेषाम् + अदृश्य
(सभी के लिए अदृश्य)

वार्ताऽन्या
➤ वार्ता + अन्या
(कोई अन्य समाचार)

राज्यभङ्गस्ते
➤ राज्यभङ्गः + ते
(तुझे राज्यभंग नहीं होगा)

गतिर्गन्तव्या
➤ गतिः + गन्तव्या
(गति प्राप्त करनी चाहिए)

इत्युक्त्वा
➤ इति + उक्त्वा
(ऐसा कहकर)

नेदानीं
➤ न + इदानीं
(अब नहीं)

प्रीतास्मि
➤ प्रीता + अस्मि
(मैं प्रसन्न हूँ)


७. अधोलिखितानि कथनानि कथायाः घटनानुसारं लिखत


(घ) वीरवरो गृहं गत्वा पत्नीं पुत्रं पुत्रीञ्च प्राबोधयत्, सर्वां च वार्ताम् अकथयत्।

(ख) पितुः वार्तां श्रुत्वा शक्तिधरः प्रसन्नतया स्वस्य समर्पणार्थं सिद्धः अभवत्।

(छ) वीरवरः परिवारेण सह सर्वस्वसमर्पणम् अकरोत्।

(क) सर्वं दृष्ट्वा राजा शूद्रकः अपि सर्वस्वसमर्पणार्थं सिद्धः अभवत्।

(च) भगवती प्रसन्ना अभवत्। भगवत्याः कृपया सर्वे जीवितवन्तः।

(ग) प्रातः राजा वीरवरम् अपृच्छत् ‘ह्यः रात्रौ किम् अभवत्’?

(ङ) वीरवरेण उक्तम् – स्वामिन् ! न कापि वार्ता । सा नारी अदृश्या अभवत्।

घटनानुसार क्रमबद्ध कथन (हिन्दी में):

(घ) वीरवर अपने घर गया, पत्नी, पुत्र और पुत्री को जगाया, और सारा संवाद बताया।

(ख) पिता की बात सुनकर शक्तिधर प्रसन्नतापूर्वक अपने समर्पण के लिए तैयार हुआ।

(छ) वीरवर ने अपने परिवार सहित सम्पूर्ण समर्पण कर दिया।

(क) यह सब देखकर राजा शूद्रक भी सम्पूर्ण समर्पण के लिए तैयार हो गया।

(च) भगवती प्रसन्न हुई। भगवती की कृपा से सभी जीवित रहे।

(ग) प्रातः राजा ने वीरवर से पूछा – “कल रात्रि क्या हुआ?”

(ङ) वीरवर ने कहा – “स्वामी! कोई विशेष बात नहीं। वह स्त्री अदृश्य हो गई।”