
i) बहुविकल्पीय प्रश्न
(प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प चुनिए।)
1. कविता के प्रथम चरण में चिड़िया ने अपने घर का आकार क्या बताया?
a) गोले जैसा
b) गेंद जैसा
c) अंडे जैसा
d) टरगेट जैसा
सही उत्तर: c) अंडे जैसा

2. चिड़िया ने अपना घर किससे बनाया?
a) पत्तियों से
b) तिनकों से
c) बालू से
d) मिट्टी से
सही उत्तर: b) तिनकों से

3. तीसरे चरण में चिड़िया का घर कहाँ था?
a) पानी पर
b) शाखाओं पर
c) जमीन पर
d) छत पर
सही उत्तर: b) शाखाओं पर
4. कविता में चिड़िया ने किस अवस्था में समझा कि संसार बहुत बड़ा है?
a) अंडे में रहते हुए
b) तिनकों वाले घोंसले में
c) शाखाओं पर बैठे हुए
d) आसमान में उड़कर
सही उत्तर: d) आसमान में उड़कर
5. “बस इतना-सा ही है संसार” यह पंक्ति कविता में कितनी बार दोहराई गई?
a) 2 बार
b) 3 बार
c) 4 बार
d) 5 बार
सही उत्तर: b) 3 बार
व्याख्या: प्रत्येक चरण के अंत में यह पंक्ति तीन चरणों में दोहराई गई है।
ii) रिक्त स्थान भरें
(नीचे दिये रिक्त स्थानों में अध्याय के आधार पर सही शब्द लिखिए।)
1. सबसे पहले मेरे घर का आकार _______ था।
- उत्तर: अंडे जैसा
- व्याख्या: प्रारंभिक अवस्था में चिड़िया अंडे जैसा आकार दिखाती है।
2. फिर मेरा घर बना _______ से तैयार।
- उत्तर: तिनकों
- व्याख्या: अगले चरण में गीत में उल्लेख है कि घोंसला तिनकों से बना।
3. तीसरा घर था _______ पर।
- उत्तर: शाखाओं
- व्याख्या: तीसरे चरण में चिड़िया अपने घर को शाखाओं पर बताती है।

4. आसमान में उड़ते हुए चिड़िया ने पंख _______।
- उत्तर: पसारे
- व्याख्या: आखिरी चरण में “पंख पसार” कर वह उड़ान भरती है।
5. कविता का मुख्य विचार बताता है कि संसार _______ है।
- उत्तर: बहुत बड़ा
- व्याख्या: अंतिम चरण में चिड़िया को समझ में आता है कि ये संसार बहुत बड़ा है।

iii) अति-लघु उत्तर प्रश्न
(निम्न प्रश्नों के उत्तर एक पंक्ति में दीजिए।)
1. चिड़िया ने अपने पहले घर की तुलना किससे की?
उत्तर: अंडे से।
2. दूसरे घर का घोंसला किससे बनाया गया?
उत्तर: तिनकों से।
3. तीसरे घर के लिए चिड़िया ने कौन-सी जगह चुनी?
उत्तर: शाखाएँ।
4. अंत में चिड़िया ने संसार का विस्तार कैसे अनुभव किया?
उत्तर: आसमान में उड़कर।
5. कविता का केंद्रीय संदेश क्या है?
उत्तर: संसार बहुत बड़ा है।
iv) लघु उत्तर प्रश्न
(निम्न प्रश्नों के उत्तर 2–3 पंक्तियों में दीजिए।)
1. कविता में चिड़िया क्यों सोचती थी “बस इतना-सा ही है संसार” पहले तीन चरणों में?
उत्तर: पहले तीनों चरणों में चिड़िया का अनुभव सीमित था—अंडे में, तिनकों के घोंसले में और शाखाओं पर—इसलिए वह सोचती थी कि ये पूरा संसार है।
2. कविता में चारों अवस्थाएँ (घर) क्या-क्या थीं?
उत्तर: प्रथम—अंडे जैसा आकार, द्वितीय—तिनकों का घोंसला, तृतीय—शाखाओं पर घर, चतुर्थ—आसमान में पंख पसारकर उड़ान।
3. “पंख पसार” का प्रतीकात्मक अर्थ कविता में क्या दर्शाता है?
उत्तर: यह स्वतंत्रता और निर्भय उड़ान का प्रतीक है, जहाँ चिड़िया को अपनी सीमाओं से परे जाने का बोध होता है।
4. अंतिम अवस्था में चिड़िया ने संसार को “बहुत बड़ा” क्यों कहा?
उत्तर: जब वह आसमान में ऊँचाई पर उड़ी, तब उसे दूर-दूर तक फैली दुनिया दिखाई दी और उसे एहसास हुआ कि वास्तविकता में संसार असीमित है।
v) मिलान कीजिए
(नीचे दिए कॉलम A को कॉलम B के सही विकल्प से मिलाइए।)
| Column A | Column B |
|---|---|
| 1. पहला घर | a. तिनकों से बना घोंसला |
| 2. दूसरा घर | b. बहुत बड़ा संसार |
| 3. तीसरा घर | c. अंडे जैसा आकार |
| 4. उड़ान भरने का समय | d. शाखाओं पर घर |
| 5. जब समझ आया | e. पंख पसारकर आसमान में उड़ान |
उत्तर-मिलान:
1 – c, 2 – a, 3 – d, 4 – e, 5 – b
संक्षिप्त व्याख्या:
- (1‑c) पहले घर को अंडे जैसा आकार बताया गया।
- (2‑a) दूसरे घर का घोंसला तिनकों से तैयार था।
- (3‑d) तीसरा घर शाखाओं पर था।
- (4‑e) उड़ान भरने में चिड़िया ने पंख पसारे और आसमान में उड़ी।
- (5‑b) अंत में वह समझी कि संसार बहुत बड़ा है।