Class 6 Social Science Chapter 8 Question Answer in Hindi
विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’ Question Answer
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ 8 के प्रश्न उत्तर (In Text)
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प्रश्न 1.
भारतीय परिदृश्य में ‘विविधता में एकता’ का क्या अर्थ है?
उत्तर:
भारत में विभिन्न परिदृश्यों, व्यक्तियों, भाषाओं, परिधानों, भोजन, त्यौहारों, रीतिरिवाज तथा परम्पराओं की विविधता है; परन्तु इन विविधताओं में अन्तर्निहित एकता भी विद्यमान है। इसे निम्नलिखित उदाहरणों से स्पष्ट किया गया है—
(1) भारत में हजारों प्रकार के व्यंजन और पकवान पाए जाते हैं, तथापि कुछ निश्चित अनाज, जैसे- चावल, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, जौ, रागी, तथा विभिन्न प्रकार की दालों का लगभग पूरे भारत में उपयोग होता है। इसी प्रकार हल्दी, जीरा, इलायची, अदरक आदि सामान्य मसालों का भी उपयोग पूरे भारत में होता है। इस तरह हम देखते हैं कि कैसे एक ही प्रकार की सामग्री (एकता) से विभिन्न प्रकार (विविधता) के व्यंजन और पकवान बनाए जा सकते हैं।
(2) इसी प्रकार भारत के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों ने वस्त्रों एवं परिधानों की अपनी स्वयं की शैली विकसित की है। यह विविधता को दर्शाती है, लेकिन इन विविध परिधानों में साड़ी एक ऐसा परिधान है जो भारत के अधिकांश भागों में पहनी जाती है। साड़ी परिधानों की विविधता में अन्तर्निहित एकता को प्रदर्शित करती है।
(3) भारत में त्यौहारों की विविधता है, लेकिन कुछ त्यौहार एक ही समय पर पूरे भारत में मनाए जाते हैं, जैसे- मकर संक्रान्ति का पर्व दीपावली, होली, आदि त्यौहार।
(4) भारतीय साहित्य बहुत विविध है। भाषा, लेखन शैली की तकनीक आदि में अन्तर होने के बावजूद सदियों से भारतीय साहित्य ने विश्व के महत्त्वपूर्ण विषयों एवं चिन्ताओं को साझा किया है। पंचतंत्र की कहानियां, रामायण और महाभारत महाकाव्य ने विविधता में एकता को स्थापित किया है।
प्रश्न 2.
भारत की विविधता के कौन-से पक्ष सर्वाधिक उल्लेखनीय हैं?
उत्तर:
भारत में विविधता के जो पक्ष सर्वाधिक उल्लेखनीय हैं, वे हैं— (1) भाषा की विविधता (2) धर्म की विविधता (3) क्षेत्र (परिदृश्य) की विविधता (4) वेश-भूषा की विविधता, (5) खान-पान की विविधता तथा (6) रीति- रिवाज एवं परम्पराओं की विविधता।
प्रश्न 3.
हम विविधता में निहित एकता का कैसे पता लगाते हैं?
उत्तर:
हमारी सभी प्रकार की विविधताओं के बीच कुछ समान पक्ष भी विद्यमान हैं। हम उन विविधताओं के बीच सम्पूर्ण भारत में पाए जाने वाले उन समान पक्षों को ज्ञात कर, इन विविधताओं में अन्तर्निहित एकता का पता लगाते हैं।
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प्रश्न 1.
कक्षा की एक गतिविधि के रूप में अपने घर में उपयोग की जाने वाली भोजन सामग्रियों (अनाज, मसालों आदि) की सूची बनाइए।
उत्तर:
हमारे घर में उपयोग की जाने वाली भोजन सामग्रियों की सूची-
(अ) अनाज – (1) गेहूँ, (2) चावल, (3) जौ, (4) रागी, (5) ज्वार, (6) बाजरा।
(ब) दालें – (1) अरहर, (2) चना, (3) मूंग, (4) मोंठ, (5) उड़द।
(स) मसाले – (1) नमक (2) मिर्च (3) हल्दी (4) जीरा (5) अजवाइन (6) मेथी (7) हींग (8) अदरक (9) इलायची (10) लोंग (11) डोढ़ा (12) जायफल (13) जावित्री आदि।
प्रश्न 2.
किसी भी एक हरी सब्जी को लीजिए एवं विचार कीजिए कि उससे आप कितने प्रकार के व्यंजन बना सकते हैं?
उत्तर:
हम ‘पालक’ हरी सब्जी को लेते हैं। इससे हम निम्न प्रकार के व्यंजन बना सकते हैं-
(1) दाल पालक (2) पालक पनीर (3) पालक परांठे (4) पालक पकौड़े (5) पालक भुजी।
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प्रश्न 1.
साड़ी का उदाहरण एकता और विविधता को कैसे प्रतिबिंबित करता है, व्याख्या कीजिए (100-150 शब्दों में)।
उत्तर:
साड़ी भारत के अधिकांश भागों में पहने जाने वाला विभिन्न प्रकार के सूत या धागे से बना एक लम्बा परिधान है।
साड़ी निम्न प्रकार से विविधता को प्रतिबिंबित करती है-
- साड़ी अलग-अलग प्रकार के रेशों से बनती है, जैसे- सूत, रेशम तथा कृत्रिम रेशे।
- साड़ियों के अनेक प्रसिद्ध प्रकार हैं। रेशमी साड़ी बनारसी, कांजीवरम, पैठनी, पाटन, पटोला, मूंगा, मैसूर आदि अनेक प्रकार की होती हैं। इसी प्रकार सूती साड़ियों के भी अनेक प्रकार हैं।
- साड़ियों को बुनाई एवं डिजाइन की विभिन्न विधियों से तैयार किया जाता है तथा इसके रंगों में अनेक विविधताएँ हैं।
- साड़ी को पहनने के अनेक तरीके हैं, ये एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र और समुदाय से दूसरे समुदाय में भिन्न होते हैं। इन सब विविधताओं के बीच साड़ी को भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में पहना जाता है। इस प्रकार साड़ी जहाँ एकता को प्रतिबिंबित करती है, वहीं उसके विभिन्न प्रकार तथा विभिन्न क्षेत्रों तथा समुदाय के लोगों द्वारा उसको अलग-अलग तरीके से पहनना विविधता को प्रतिबिंबित करता है।
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प्रश्न 1.
आपका सबसे प्रिय त्योहार कौनसा है एवं यह आपके क्षेत्र में किस प्रकार मनाया जाता है? क्या आप जानते हैं कि यह भारत के किसी अन्य भाग में भी वस्तुतः किसी अन्य नाम से मनाया जाता है?
उत्तर:
हमारा सबसे प्रिय त्योहार दीपावली है। हमारे क्षेत्र में यह बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार के दिन हम नए-नए परिधान पहनते हैं। इस दिन प्रत्येक घर में पकवान तैयार किए जाते हैं। मिठाइयां मँगाई जाती हैं तो घर के सभी सदस्यों तथा सम्बन्धित अन्य व्यक्तियों को प्रदान की जाती है। लोग एक दूसरे को उपहार देते हैं। इस त्यौहार के 15 दिन पहले से ही पूरे घर की साफ-सफाई, रंगाई पुताई आदि की जाती है। इस दिन रात्रि में प्रत्येक घर में रोशनी के लिए दीप मालाएं लगाई जाती हैं। बच्चे पटाखे चलाते हैं और लक्ष्मीजी की पूजा-आरती की जाती है।
दीपावली का त्योहार भारत के सभी भागों में इसी नाम से मनाया जाता है।
प्रश्न 2.
अक्टूबर-नवम्बर माह में भारत में कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। उनमें से कुछ प्रमुख त्योहारों एवं देश के विभिन्न भागों में उन्हें जिन नामों से पुकारा जाता है, उनकी सूची बनाइए।
उत्तर:
अक्टूबर-नवम्बर माह में भारत में निम्न प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं- (1) दुर्गाष्टमी (2) दशहरा (3) शरद पूर्णिमा (4) करवा चौथ (5) दीपावली (6) भाई दूज (7) छठ पूजा।
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प्रश्न 1.
पाठ्य पुस्तक के पृष्ठ 134 पर दिए गए चित्र 8.6 में दर्शाए गए प्रसंग की पहचान कीजिए एवं उससे संबंधित घटनाओं पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
यह चित्र रामायण के पंचवटी से रावण द्वारा सीता का हरण कर ले जाने का प्रसंग है। रावण अपना वेश बदलकर सीता को भिक्षा देने के लिए कहता है। वह लक्ष्मण द्वारा खींची गई रेखा के अन्दर नहीं आ सकता था, इसलिए उसने कहा कि वह बंधी हुई भिक्षा नहीं ले सकता। अन्ततः सीता को उस रेखा से बाहर आकर भिक्षा देने आना पड़ा। सीता के उस रेखा के बाहर आते ही रावण उसे को पुष्पक विमान में बैठाकर लंका के लिए ले जा रहा है। बलात् हरण कर पुष्पक विमान तक ले गया और वह सीता रास्ते में जटायु को उसे रोकते हुए दिखाया गया है।
विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’ कक्षा 6 प्रश्न उत्तर (Exercise)
प्रश्न 1.
पाठ के आरंभ में दिए गए दो उद्धरणों पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी इन उद्धरणों पर कक्षा में परस्पर चर्चा करें। संदर्भ में दिए गए हैं। दोनों उद्धरण भारत की अनेकता में अन्तर्निहित एकता के संदर्भ में दिए गए हैं।
प्रश्न 2.
राष्ट्रगान को पढ़िए। इसमें आप विविधता एवं एकता को कहाँ-कहाँ देखते हैं? इस पर दो अथवा तीन अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर:
राष्ट्रगान में ‘पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा, द्राविड, उत्कल, बंग’ आदि में हम विविधता को देखते हैं। इसमें भारत की क्षेत्रीय विविधता को व्यक्त किया गया है। इन विविध क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की वेशभूषा, खान-पान, भाषा, रहन-सहन और त्यौहार एवं परम्पराएं भिन्न हैं।
‘सिंधु, हिमाचल, यमुना, गंगा, उच्छल जलधि तरंगा।’ इन शब्दों में हम एकता को देखते हैं। भारत में विविध क्षेत्रों की विविधताओं के होते हुए भी यह समस्त भूमि सिंधु, यमुना, गंगा की भूमि है, जिसके एक ओर हिमालय है और तीन ओर समुद्र है। इस प्रकार हिमालय और समुद्र इस भूमि की सीमाएं बनाता है। इस समूची भूमि को भारत कहा जाता है और इसके अन्दर रहने वाले समस्त क्षेत्रों के निवासी भारतीय हैं। भारत के सब लोग इसकी शांति-समृद्धि की कामना करते हैं।
प्रश्न 3.
पंचतंत्र की कुछ कहानियाँ चुनिए और चर्चा कीजिए कि उनके संदेश किस प्रकार आज भी प्रासंगिक हैं? क्या आप अपने क्षेत्र से संबंधित कोई अन्य कहानियां भी जानते हैं?
उत्तर:
विद्यार्थी अपने स्कूल की लाइब्रेरी से पंचतंत्र की किताब लेकर, उसमें दी गई कुछ कहानियों को चुनकर उसमें दिए गए संदेशों की वर्तमान प्रासंगिकता बताएँ। यदि आप अपने क्षेत्र से संबंधित कोई अन्य कहानियां भी जानते हों, तो उसका भी उल्लेख करें।
प्रश्न 4.
अपने क्षेत्र से कुछ लोककथाएँ एकत्रित कीजिए एवं उनके संदेशों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान की कुछ प्रमुख लोककथाएँ ये हैं- (1) पाबूजी लोककथा, (2) गोगाजी लोककथा, (3) तेजाजी लोककथा, (4) डूंगजी जवार जी कथा (5) ढोला मारु कथा (6) भरथरी लोक कथा।
पाबूजी लोककथा का संदेश –
(1) पाबूजी लोककथा में राजा और प्रजा के आदर्श सम्बन्ध का उदाहरण है। वचन पालन होना चाहिए, भले ही प्राणों का मूल्य क्यों न देना पड़े। दूसरे, पाबूजी की लोककथा में एक पत्नीव्रत तथा वचन पालन जैसी उदात्त भावनाओं को प्रश्रय दिया गया है। ऐसे वीर को लोक में महान समझा ओर पूजा जाता है जो एक पत्नीव्रत और प्रजा रक्षक हो।
(2) तेजाजी लोक कथा का संदेश – इस कथा में भी वचन के प्रति निष्ठा को व्यक्त किया गया है। वीर पुरुष का आदर्श स्वरूप तेजाजी में साकार किया गया है। वह ससुराल से लौटकर सर्प को उसे डसने का अपना वचन निभाता है और मृत्यु की गोद में सो जाता है।
(3) डूंगजी जवारजी – यह लोकगाथा इस बात का प्रमाण है कि लोक अपने रक्षक को कभी नहीं भूलता है। इस गाथा में उस वीर की प्रशस्ति है जो अंग्रेजी राज्य के विरुद्ध शस्त्र ग्रहण कर जनरक्षा हेतु युद्ध के लिए तैयार हुआ । इतिहासकारों ने वीर डूंगसिंह को डाकू कहा है, लेकिन उसने अंग्रेजों द्वारा भारत की संपत्ति का शोषण करने, प्रजा को भूख से बचाने तथा पशुओं को चारा प्रदान करने हेतु खड़ग उठाया और जनरक्षा का प्रण किया। उसने धनी शोषक अंग्रेजों के पिछलग्गू सेठों को चेतावनी देकर लूटा और लूट की पूरी राशि गरीबों में बांट दी।
(4) ढोला मारु कथा – इस कथा में उदात्त प्रेम ही आदर्श है।
प्रश्न 5.
क्या आपने किसी प्राचीन कहानी को कला के माध्यम से दर्शाते या चित्रित होते हुए देखा है? यह एक मूर्तिकला, चित्रकला, नृत्य प्रस्तुति या कोई चलचित्र भी हो सकता है। अपने सहपाठियों के साथ कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
यदि आपने किसी ऐसी प्राचीन कहानी को कला के माध्यम से दर्शाते या चित्रित होते हुए देखा है तो आप कक्षा में अपने सहपाठियों के साथ उसकी चर्चा करें। संकेत- आपने ‘रामकथा’ को चलचित्र या टी.वी. पर चित्रित होते हुए देखा हो सकता है। इसकी चर्चा आप कक्षा में कर सकते हैं।
प्रश्न 6.
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा स्वतंत्रता से पहले भारत के कई भागों की यात्रा के उपरांत कही गई निम्न पंक्तियों पर कक्षा में चर्चा कीजिए—
हर जगह मुझे एक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि मिली, जिसने उनके जीवन पर प्रभावशाली असर डाला। …. भारत के महाकाव्य, रामायण एवं महाभारत और अन्य प्राचीन पुस्तकें लोकप्रिय अनुवादों और व्याख्याओं में जनता के बीच व्यापक रूप से जानी जाती थीं। उनमें उपस्थित प्रत्येक लोकप्रिय घटना, कहानी और नैतिकता की बातें जनमानस के अंतर्मन पर अंकित थीं जो कि उसे सार्थक एवं समृद्ध बनाती थीं। निरक्षर ग्रामीणों को भी सैकड़ों श्लोक कंठस्थ थे एवं उनकी आपसी बातचीत में इन महाकाव्यों अथवा कुछ पुरानी कालजयी कहानियों के संदर्भों की प्रचुरता होती थी जो नैतिकता को प्रतिस्थापित करती थीं।
उत्तर:
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारत की सांस्कृतिक एकता को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि भारत के महाकाव्य रामायण, महाभारत और अन्य प्राचीन पुस्तकों की व्याख्याएं जनता के बीच व्यापक रूप से जानी जाती हैं।
उनमें उपस्थित प्रत्येक लोकप्रिय घटना, कहानी और नैतिकता की बातें समूचे भारतीय जनमानस के मन में अंकित है जो भारत की एकता को समृद्ध व सार्थक बनाती हैं।
विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’ Class 6 Question Answer
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
1. अधिकांश भारतीयों का प्रमुख भोजन है—
(अ) घी तेल
(ब) साग-सब्जियाँ
(स) मुख्य अनाज
(द) सामान्य मसाले
उत्तर:
(स) मुख्य अनाज
2. निम्न में कौनसा मसाला नहीं है-
(अ) हल्दी
(ब) जीरा
(स) अदरक
(द) रागी
उत्तर:
(द) रागी
3. निम्न में कौनसा रेशमी साड़ी का प्रकार नहीं है-
(अ) कोटा डोरिया
(ब) बनारसी
(स) कांजीवरम्
(द) पटोला
उत्तर:
(अ) कोटा डोरिया
4. भारत के अधिकांश भागों में महिलाओं का वाला एक सामान्य परिधान है—
(अ) साड़ी
(ब) लहँगा – चोली
(स) कुर्ता पजामा
(द) गाउन
उत्तर:
(अ) साड़ी
5. माघ बिहू का त्योहार मनाया जाता है—
(अ) राजस्थान में
(ब) गुजरात में
(स) तमिलनाडु में
(द) असम में
उत्तर:
(द) असम में
6. 14 जनवरी के आस- पास सम्पूर्ण भारत में विभिन्न नामों से मनाया जाने वाला त्योहार (पर्व) है-
(अ) दीपावली
(ब) करवा चौथ
(स) मकर संक्रान्ति
(द) होली
उत्तर:
(स) मकर संक्रान्ति
7. 14 जनवरी के आस-पास पंजाब में जो पर्व (त्योहार) मनाया जाता है, वह है-
(अ) पोंगल
(ब) लोहड़ी
(स) बिहू
(द) पेड्डा पंडुगा
उत्तर:
(ब) लोहड़ी
8. हमें महत्त्वपूर्ण जीवन कौशल सिखाने वाला पशु पात्रों के माध्यम से मनोरंजक कथाओं का संग्रह है-
(अ) पंचतंत्र
(ब) रामायण
(स) महाभारत
(द) पुराण
उत्तर:
(अ) पंचतंत्र
9. पंचतंत्र का मूल संस्कृत पाठ कितने वर्ष पुराना है?
(अ) लगभग 5200 वर्ष
(ब) लगभग 3200 वर्ष
(स) लगभग 2200 वर्ष
(द) लगभग 1200 वर्ष
उत्तर:
(स) लगभग 2200 वर्ष
10. भारत में विविधता में एकता प्रदर्शित करता है-
(अ) मुख्य अनाज
(ब) साड़ी
(स) रामायण- महाभारत महाकाव्य
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. भारत ………………………. में एकता प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
विविधता
2. भारत में एक ही प्रकार की ………………………. से विविध प्रकार के अनगिनत व्यंजन और पकवान बनाए जा सकते हैं।
उत्तर:
सामग्री
3. भारत के अधिकांश भागों में पहने जाने वाला स्त्रियों का एक लंबा परिधान ………………………. है।
उत्तर:
साड़ी
4. 17वीं शताब्दी में एक सूती कपड़े पर छपा हुआ डिजाइन ………………………. यूरोप में अत्यधिक लोकप्रिय हुआ।
उत्तर:
छींट
5. भारत आने वाले विभिन्न विदेशी यात्री साड़ी की सादगी, सुलभता तथा ………………………. के विविध तरीकों को देखकर अभिभूत होते हैं।
उत्तर:
पहनने पहनने
6. भारतीय साहित्य विश्व के सबसे ………………………. साहित्यों में से एक है।
उत्तर:
धनी
निम्न में से सत्य / असत्य कथन छांटिए
1. मकर संक्रान्ति का पर्व भारत के विभिन्न भागों में फसलों की कटाई का सूचक है।
उत्तर:
सत्य
2. रामायण में श्री राम अपने भाई लक्ष्मण और हनुमान की सहायता से कौरवों से युद्ध करते हैं।
उत्तर:
असत्य
3. लोककथाओं के अनुसार इस देश में शायद ही ऐसा कोई स्थान हो, जहां महानायक पांडव न गए हों।
उत्तर:
सत्य
4. कांजीवरम् सूती साड़ियों का एक प्रसिद्ध प्रकार है।
उत्तर:
असत्य
निम्नलिखित स्तंभों का सही मिलान कीजिये
प्रश्न 1.
| I | II |
| 1. बनारसी | (अ) अनाज |
| 2. गेहूँ | (ब) मसाला |
| 3. जीरा | (स) महाभारत |
| 4. पांडव | (द) कपड़े पर छपा डिजाइन |
| 5. छींट | (य) साड़ी |
उत्तर:
| I | II |
| 1. बनारसी | (य) साड़ी |
| 2. गेहूँ | (अ) अनाज |
| 3. जीरा | (ब) मसाला |
| 4. पांडव | (स) महाभारत |
| 5. छींट | (द) कपड़े पर छपा डिजाइन |
प्रश्न 2.
| I | II |
| 1. मकर संक्रान्ति | (अ) पंजाब |
| 2. बिहू | (ब) उत्तर भारत |
| 3. पोंगल | (स) असम |
| 4. उत्तरायण | (द) तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश |
| 5. लोहड़ी | (य) गुजरात |
उत्तर:
| I | II |
| 1. मकर संक्रान्ति | (ब) उत्तर भारत |
| 2. बिहू | (स) असम |
| 3. पोंगल | (द) तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश |
| 4. उत्तरायण | (य) गुजरात |
| 5. लोहड़ी | (अ) पंजाब |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
भारत में विविधता का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
भारत में लोग देश के विभिन्न क्षेत्रों में रहते हैं और अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं।
प्रश्न 2.
भारतीयों के मध्य विविधता में एकता का एक. उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
साड़ी परिधान।
प्रश्न 3.
भारत के एक राष्ट्रीय संगठन ने देश में 25 लिपियों का उपयोग करने वाली कितनी भाषाओं की गणना की ?
उत्तर:
325 भाषाओं की।
प्रश्न 4.
भारत में अनेक भारतीयों को प्रवासी भी किस कारण कहा जा सकता है?
उत्तर:
अपने जन्म स्थान के निकट या अपने मूल समुदाय के साथ न रहने के कारण।
प्रश्न 5.
‘इस अचंभित करने वाली विविधता में भारत का इतिहास किस प्रकार लिखा जा सकता है।’ इतिहासकार विंसेंट स्मिथ के इस प्रश्न का उत्तर किस तथ्य में निहित है?
उत्तर:
विंसेंट स्मिथ के इस प्रश्न का उत्तर इस तथ्य में निहित है कि भारत विविधता में एकता प्रदर्शित करता है। प्रश्न 6. अधिकांश भारतीयों के प्रमुख भोजन क्या हैं? – उत्तर- चावल, जौ, गेहूँ, बाजरा, ज्वार और रागी तथा विभिन्न प्रकार की दालें अधिकांश भारतीयों का प्रमुख भोजन है।
प्रश्न 7.
भारत के भोजन में काम आने वाले सामान्य मसाले क्या हैं?
उत्तर:
हल्दी, जीरा, इलाइची, लौंग, अदरक आदि कुछ सामान्य मसाले हैं।
प्रश्न 8.
भारत में बनाई जाने वाली प्रमुख रेशमी साड़ियों के प्रकार लिखिए।
उत्तर:
रेशमी साड़ियों के कुछ प्रसिद्ध प्रकार ये हैं—बनारसी, कांजीवरम्, पैठनी, पाटन पटोला, मूंगा आदि।
प्रश्न 9.
उकेरी गई आकृति से क्या आशय है?
उत्तर:
एक डिजाइन जो समतल सतह पर उकेरी गई हो। यह पत्थर, लकड़ी, सेरेमिक या अन्य सामग्री पर बनी हो सकती है।
प्रश्न 10.
भारत आने वाले विदेशी यात्री परिधान के रूप में साड़ी की किन विशेषताओं को देखकर अभिभूत हुए?
उत्तर:
वे साड़ी की सादगी, सुलभता और पहनने के विधि तरीकों को देखकर अभिभूत हुए।
प्रश्न 11.
तीन ऐसे त्यौहारों के नाम लिखिए जो एक ही समय में पूरे भारत में मनाए जाते हैं?
उत्तर:
(1) मकर संक्रांति (2) दीपावली (3) होली।
प्रश्न 12.
पंचतंत्र के लगभग कितनी भाषाओं में और कितने रूपान्तरण उपलब्ध हैं?
उत्तर:
पंचतंत्र के लगभग 50 से अधिक भाषाओं में 200 से अधिक रूपान्तरण उपलब्ध हैं।
प्रश्न 13.
भारत की एकता को प्रदर्शित करने वाले दो सर्वाधिक प्रभावशाली महाकाव्यों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(1) रामायण
(2) महाभारत
प्रश्न 14.
रामायण और महाभारत महाकाव्यों में नायक युद्ध क्यों करते हैं?
उत्तर:
इन दोनों महाकाव्यों में नायक धर्म की पुनर्स्थापना के लिए युद्ध करते हैं।
प्रश्न 15.
महाकाव्य किसे कहते हैं?
उत्तर:
महाकाव्य सामान्यतः एक लम्बी कविता होती है जो अतीत के महान नायकों एवं योद्धाओं की कथाओं का व्याख्यान करती है।
प्रश्न 16.
पूर्वोत्तर तथा हिमालय क्षेत्र की अधिकांश जनजातियों के पास किनकी अपनी लोककथा भी उपलब्ध हैं?
उत्तर:
रामायण या महाभारत दोनों की अपनी लोककथा।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
भारत की समृद्ध विविधता क्या है?
उत्तर:
भारत में बदलते विभिन्न भूदृश्यों, विभिन्न प्रकार के परिधान और भोजन, विभिन्न भाषाएँ तथा लिपियाँ हैं तथा अपने क्षेत्र में भी विभिन्न भागों से आए अलग-अलग रीति-रिवाजों और परम्पराओं के लोग रहते हैं। यही भारत की समृद्ध विविधता है।
प्रश्न 2.
भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण ने ‘भारत क्रे लोग, परियोजना’ के अन्तर्गत किए गए एक व्यापक सर्वेक्षण में क्या बताया?
उत्तर:
इस सर्वेक्षण में 25 लिपियों का उपयोग करने वाली 325 भाषाओं की गणना की गई तथा इसमें यह भी पाया गया कि अपने जन्म स्थान के निकट या अपने मूल समुदाय के साथ न रहने के कारण अनेक भारतीयों को प्रवासी भी कहा जा सकता है।
प्रश्न 3.
भारत में कितने प्रकार के दलहन (दालें) काम में ली जाती हैं तथा उनके प्रमुख क्षेत्रों का भी उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
भारत में राजमा (जम्मू-कश्मीर एवं हिमाचल प्रदेश); लोबिया (पंजाब), मूंगदाल (राजस्थान), मसूर दाल (मध्यप्रदेश), चना दाल (गुजरात) छोले / चना (महाराष्ट्र और उड़ीसा), अरहर दाल (महाराष्ट्र, तेलंगाना) आदि दालों को उत्पन्न किया जाता है तथा इन विभिन्न प्रकार की दालों का लगभग पूरे भारत में उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 4.
साड़ी से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
साड़ी भारत के अधिकांश भागों में महिलाओं द्वारा पहने जाने वाला और विभिन्न प्रकार के सूत या धागे से बना एक लम्बा परिधान है। यह मुख्यतः कपास अथवा रेशम के धागे से बनती है, परन्तु आजकल कृत्रिम (सिंथेटिक) धागे से भी बनाई जाती है। इस बिना सिले वस्त्र के सैकड़ों प्रकार के रूप होते हैं।
प्रश्न 5.
साड़ी को किस प्रकार तैयार किया जाता है?
उत्तर:
साड़ियों को बुनाई तथा डिजाइन की विभिन्न विधियों होते हैं, जबकि कुछ को कपड़े की बुनाई के बाद उस पर से तैयार किया जाता है। कुछ डिजाइन कपड़े का ही हिस्सा छापा जाता है। छापों के रंगों में अनेक विविधताएं होती हैं। इस प्रकार साड़ियाँ कई प्रकार के रंगों से तैयार की जाती हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
साड़ी के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- साड़ी भारत में विविधता में एकता स्थापित करने वाला एक ऐतिहासिक परिधान है।
- विगत शताब्दियों में भारत में आने वाले विभिन्न विदेशी यात्री इसकी सादगी, सुलभता और पहनने के विविध तरीकों को देखकर अभिभूत हुए।
- महिलाएं इसे परिधान के रूप में उपयोग करने के अलावा अन्य कार्यों में भी उपयोग करती हैं। जैसे एक झोली के रूप में बच्चों के झूले के रूप में, पानी लाने के लिए कलश के नीचे सिर के ऊपर रखी जाने वाली ऐंडई के रूप में, घूंघट के रूप में, नदी के पानी में वस्तुओं को छानने के रूप में तथा सोते वक्त सिर के बिछोने के रूप में आदि।
प्रश्न 2.
मकर संक्रांति के त्यौहार को 14 जनवरी के आस-पास पूरे देश में किन-किन अलग-अलग नामों से मनाया जाता है?
उत्तर:
14 जनवरी के आस-पास मकर संक्रांति का त्यौहार देश के विभिन्न प्रान्तों में भिन्न-भिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे- कश्मीर में शिशु सेंक्रांति के नाम से, पंजाब में लोहड़ी के नाम से, उत्तर प्रदेश में खिचड़ी पर्व के नाम से, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक एवं समूचे उत्तर भारत में मकर संक्रांति के नाम से, गुजरात में उत्तरायण के नाम से, केरल में मकर विलांक्कु के नाम से, तमिलनाडु में पोंगल के नाम से, आंध्र प्रदेश में पेड्डा पंडुगा के नाम से, बंगाल में पौष सांग क्रांति नाम से तथा असम में माघ बिहू नाम से इस त्यौहार को मनाया जाता है।
प्रश्न 3.
‘भारतीय साहित्य विविधता में एकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।’ इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारतीय साहित्य बहुत विविध है एवं विश्व के सबसे धनी साहित्यों में से एक है। भारतीय साहित्य विविध भाषाओं में लिखा गया है। प्रत्येक की लेखन शैली की तकनीक में अन्तर है। इस अन्तर के बावजूद सदियों से भारतीय साहित्य ने विश्व के महत्त्वपूर्ण विषयों एवं चिंताओं को साझा किया है। उदाहरण के लिए पंचतंत्र की कहानियों का रूपान्तरण हर भारतीय भाषा में किया जा चुका है। इसी प्रकार भारत के सबसे प्रभावशाली दो महाकाव्य रामायण एवं महाभारत हैं जिनका भारत एवं भारत से बाहर अनुवाद व रूपान्तरण किया जाता रहा है। इसके साथ ही इनके अनगिनत लोक संस्करण भी हैं। इन दो महाकाव्यों ने भारत को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधा। अतः भारतीय साहित्य विविधता एवं एकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
प्रश्न 4.
रामायण, महाभारत महाकाव्यों पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
रामायण और महाभारत दोनों ही महाकाव्य हैं जो संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं। अपने मूल संस्करण में ये दोनों लगभग 7000 पृष्ठों में समाहित हैं।
इन महाकाव्यों में नायक धर्म की पुनर्स्थापना के लिए युद्ध करते हैं। महाभारत में पांडव, श्रीकृष्ण की सहायता से अपने चचेरे भाइयों, ‘कौरवों’ से अपने राज्य की प्राप्ति के लिए युद्ध करते हैं और अन्त में विजयी होते हैं। रामायण में भी श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और हनुमान की सहायता से उस राक्षस राजा रावण को पराजित करते हैं, जिसने उनकी पत्नी सीता का अपहरण किया था। मूल कथाओं के बीच- बीच में दोनों महाकाव्यों में कई और छोटी उपकथाएँ भी हैं जो नैतिक मूल्यों पर केन्द्रित हैं।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
भारत की समृद्ध विविधता को स्पष्ट करते हुए, भारतीय भोजन में निहित विविधता के बीच अन्तर्निहित, एकता को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता भारतीय संस्कृति विविधता को सम्पन्नता के रूप में प्रचारित करती है, किन्तु साथ ही विविधता को पोषित करने वाली अन्तर्निहित एकता को भी ओझल नहीं होने देती है।
भारत की समृद्ध विविधता- भारत में विभिन्न परिदृश्यों, व्यक्तियों, भाषाओं, परिधानों, भोजन, त्यौहारों एवं परम्पराओं की विविधता है। यही भारत की समृद्ध विविधता है। भारतवासी विभिन्न क्षेत्रों (राज्यों) में निवास करते हैं, वे विभिन्न भाषाएं बोलते हैं, उनकी भाषा की लिपियां भिन्न हैं। वे भिन्न-भिन्न प्रकार का खाना खाते हैं, अलग-अलग त्यौहार मनाते हैं, उनकी वेश-भूषा भी अलग-अलग होती है, वे अलग-अलग परिधानों को पहनते हैं, उनकी अलग-अलग परम्पराएं हैं।
यह विविधता हमारे जीवन को समृद्ध करती है क्योंकि यह विभाजित नहीं है। भारतीय एकता इस विविधता का उत्सव मनाती है।
भोजन की विविधता में निहित अन्तर्निहित एकता – भारत के विभिन्न क्षेत्रों में जो विविधता दृष्टिगोचर होती है, उसमें अन्तर्निहित एकता भी है।
(1) भोजन की विविधता – भारत में हजारों प्रकार के व्यंजन और पकवान बनते हैं तथा विभिन्न प्रान्तों में तथा एक ही प्रान्त में लोग अनेक प्रकार के व्यंजन एवं पकवानों का उपयोग करते हैं।
(2) भोजन की विविधता में अन्तर्निहित एकता- कुछ निश्चित अनाज तथा विभिन्न प्रकार की दालों का उपयोग पूरे भारत में किया जाता है। इसी प्रकार कुछ सामान्य मसालों का उपयोग भी पूरे भारत देश में होता है। इस तरह एक ही प्रकार की सामग्री (एकता) से विभिन्न प्रकार के (विविधता) अनगिनत व्यंजन और पकवान बनाए जा सकते हैं। स्पष्ट है कि भारत में भोजन की समृद्ध विविधता में एक अन्तर्निहित एकता भी विद्यमान है, वह एकता है भोजन बनाने के काम में आने वाले प्रमुख अनाज, दालें तथा सामान्य मसाले एवं घी व तेल आदि की एकता।
प्रश्न 2.
भारत के दो महाकाव्यों- रामायण और महाभारत- ने भारतीय विविधता में एकता स्थापित करने के लिए सांस्कृतिक सूत्र का गहन तंत्र विकसित किया है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
रामायण और महाभारत महाकाव्यों का विस्तार
(1) अनुवाद एवं रूपान्तरण- दो सहस्त्राब्दियों से अधिक समय से इन दो महाकाव्यों का भारत एवं बाहर अनुवाद व रूपान्तरण किया जाता रहा है।
(2) लोक संस्करण- इसके अनगिनत लोक संस्करण भी हैं। उदाहरण के लिए तमिलनाडु में किए गए एक सर्वेक्षण में लोककथाओं के रूप में महाभारत के 100 से अधिक स्वरूपों को पाया गया।
(3) अपने अपने संस्करण- बहुत से समुदायों में इन दोनों महाकाव्यों के अपने-अपने संस्करण भी हैं। उन्होंने इन महाकाव्यों के साथ अपने इतिहास को जोड़ने वाली किवदंतियों को भी संरक्षित रखा है। भील, गोंडा, मुंडा जैसे भारतीय समुदायों के संदर्भ में यह बात विशेष रूप से सत्य है।
(4) किवदन्तियाँ- ये जनजातीय रूपान्तरण मौखिक रूप से प्रसारित हुए। इनके साथ ही ये किवदन्तियाँ भी प्रसारित हुई कि किस प्रकार रामायण-महाभारत से जुड़े पात्र उनकी जनजातियों से संबंधित क्षेत्रों में आए। मानव विज्ञानी के.एस. सिंह द्वारा निर्देशित ‘भारत के लोग’ परियोजना में वे महाभारत के विषय में विचार व्यक्त करते हुए कहते हैं, “लोककथाओं के अनुसार इस देश में शायद ही ऐसा कोई स्थान हो, जहाँ महानायक पांडव न गए हों।” और यही बात रामायण के संदर्भ में कही जा सकती है।
स्पष्ट है कि सदियों से, किसी अन्य साहित्य की अपेक्षा इन दो महाकाव्यों ने भारत और एशिया के विभिन्न क्षेत्रों (क्षेत्रीय विविधता) और लोगों (लोगों की विविधता) के मध्य एक सांस्कृतिक सूत्र के गहन तंत्र (एकता) को विकसित किया। यह विविधता में अन्तर्निहित एकता का एक प्रमुख उदाहरण है।
विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’ Class 6 Notes
- भारत में विभिन्न परिदृश्यों, व्यक्तियों, भाषाओं, परिधानों, त्यौहारों, रीति रिवाजों एवं परम्पराओं की विविधता है।
- 1.4 अरब से भी अधिक निवासियों वाले इस देश में इस प्रकार की विविधता आश्चर्यजनक नहीं है क्योंकि भारत विविधता में एकता प्रदर्शित करता है। इसकी विविधता में अन्तर्निहित एकता भी है।
- सभी के लिए भोजन- भारत में एक ही प्रकार की सामग्री (एकता) से विभिन्न प्रकार (विविधता ) के अनगिनत व्यंजन और पकवान बनाए जाते हैं।
- वस्त्र एवं परिधान भारत के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों ने वस्त्रों एवं परिधानों की अपनी स्वयं की शैली विकसित की है, फिर भी हम कुछ पारंपरिक परिधानों में एक समानता पाते हैं। साड़ी इसका एक प्रमुख उदाहरण है। साड़ी भारत की विविधता और एकता को प्रतिबिंबित करती है।
- त्यौहारों की विविधता – भारत में त्यौहारों की विविधता है, लेकिन यहाँ कुछ त्यौहार एक ही समय पर पूरे भारत में मनाए जाते हैं, यद्यपि उनके नाम अलग-अलग होते हैं। उदाहरण के लिए 14 जनवरी के आस-पास मनाए जाने वाला मकर संक्रांति का पर्व, जो भारत के विभिन्न भागों में फसलों की कटाई का सूचक है। यह त्यौहार पूरे देश में एक ही तिथि पर विभिन्न नामों (जैसे- शिशुर सेंक्रांति, लोहड़ी, मकर संक्रमण, पोंगल, पेडडा पंडुगा, पोष सांग संक्रान्ति, बिहू और खिचड़ी पर्व) से मनाया जाता है।
- महाकाव्य का विस्तार – साहित्य, विविधता में एकता का एक अन्य उत्कृष्ट उदाहरण है। भारतीय साहित्य बहुत विविध है तथा विश्व के सबसे धनी साहित्यों में से एक है। भाषा, लेखन शैली की तकनीक आदि में अन्तर होने के बावजूद सदियों से भारतीय साहित्य ने विश्व के महत्त्वपूर्ण विषयों एवं चिन्ताओं को साझा किया है।
उदाहरण के लिए, पंचतंत्र का रूपान्तरण लगभग हर भारतीय भाषा में हो चुका है। भारत के दो प्रभावशाली महाकाव्य रामायण और महाभारत हैं। दो सहस्त्राब्दियों से अधिक समय से इनका भारत एवं भारत के बाहर अनुवाद व रूपान्तरण किया जाता है। सदियों से किसी अन्य साहित्य की अपेक्षा इन दो महाकाव्यों ने भारत एवं एशिया के विभिन्न भागों के मध्य एक सांस्कृतिक सूत्र के गहन तंत्र को विकसित किया है। यह विविधता में एकता का एक अन्य उदाहरण है । - अन्य भारतीय शास्त्रीय कलाओं (जिसमें वास्तुकला सम्मिलित है) में विविधता एवं एकता को सरलता से देखा जा सकता है।
- भारतीय एकता विविधता का उत्सव मनाती है क्योंकि विविधिता विभाजित नहीं, अपितु समृद्ध करती है।