9. लखनवी अंदाज़ – पाठ का सार
लेखक परिचय यशपालइनका जन्म सन 1903 में पंजाब के फिरोजपुर छावनी में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा काँगड़ा में ग्रहण करने के […]
लेखक परिचय यशपालइनका जन्म सन 1903 में पंजाब के फिरोजपुर छावनी में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा काँगड़ा में ग्रहण करने के […]
लेखक परिचय रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म सन् 1899 में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बेनीपुर गाँव में हुआ था। उनके माता-पिता का
पाठ का संक्षिप्त परिचय ‘नेताजी का चश्मा’ कहानी केप्टन चश्मेवाले के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिकों के योगदान को रेखांकित
कविता का सार इस कविता में कवि ने गायन में मुख्य गायक का साथ देने वाले संगतकार की महत्ता का स्पष्ट
कविताओं की व्याख्या यह दंतुरित मुस्कान 1. यह दंतुरित मुसकान(i) तुम्हारी यह दंतुरित मुसकानमृतक में भी डाल देगी जानधूलि-धूसर तुम्हारे ये
भावार्थ : उत्साह प्रस्तुत कविता एक आह्वाहन गीत है। इसमें कवि बादल से घनघोर गर्जन के साथ बरसने की अपील
भावार्थ : मधुप गुन-गुनाकर कह जाता कौन कहानी अपनी यह,मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।इस गंभीर अनंत-नीलिमा में
राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद शिवधनुष टूटने के साथ सीता स्वयंवर की खबर मिलने पर परशुराम जनकपुरी में स्वयंवर स्थान पर आ जाते
कवि परिचय: सूरदास सूरदास हिंदी साहित्य में भक्ति-काल के एक बड़े कवि हैं, जिन्हें सगुण भक्ति के महानायक माना जाता
प्रश्न 1: एक ही कक्षा में दो-दो बार बैठने से टोपी को किन भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा? मानवीय