06. बीरबल की खिचड़ी – पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए 

प्रश्न 1: आप सर्दी को कम करने के लिए क्या-क्या उपाय करते हैं?
उत्तर: सर्दी को कम करने के लिए मैं गर्म कपड़े पहनता हूँ, गर्म पेय जैसे अदरक की चाय या सूप पीता हूँ और हीटर का इस्तेमाल करता हूँ। इसके अलावा, धूप में बैठना भी एक अच्छा तरीका है।

प्रश्न 2: अपने द्वारा किए गए सबसे कठिन काम का अनुभव बताइए।
उत्तर: मेरे द्वारा किया गया सबसे कठिन काम एक बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना था। इसके लिए मुझे कई दिनों तक रात-दिन मेहनत करनी पड़ी और टीम के साथ तालमेल बिठाना पड़ा।

प्रश्न 3: आपके अनुसार पकाने के लिए बर्तन से आग कितनी दूर होनी चाहिए?
उत्तर: मेरे अनुसार, पकाने के लिए बर्तन को आग से उचित दूरी पर रखना चाहिए, जिससे खाना ठीक से पक सके और जले नहीं। यह दूरी आमतौर पर बर्तन के आकार और सामग्री पर निर्भर करती है।

प्रश्न 4: क्या आपने कभी खिचड़ी खाई है? क्या आपको पता है कि इसे कैसे बनाया जाता है?
उत्तर: हाँ, मैंने कई बार खिचड़ी खाई है। खिचड़ी बनाने के लिए चावल और दाल को मिलाकर पानी और मसाले डालकर पकाया जाता है। इसे धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक चावल और दाल अच्छी तरह से गल न जाएं।

सोचिए और लिखिए

1. बीरबल किसलिए प्रसिद्ध थे?
उत्तर: बीरबल अपनी चतुराई और बुद्धिमत्ता के लिए प्रसिद्ध थे। वे अपने चतुर सुझावों और तर्कों से अकबर को भी हरा देते थे।

2.वह व्यक्ति पूरी रात पानी में कैसे खड़ा रहा?
उत्तर: वह व्यक्ति रातभर यमुना के ठंडे पानी में खड़ा रहा क्योंकि उसने राजमहल से आती हुई दीपक की रोशनी को देखा और उससे प्रेरणा ली।

3. बादशाह को उस व्यक्ति की बात पर क्यों आश्चर्य हुआ?
उत्तर: बादशाह को आश्चर्य हुआ क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि कोई व्यक्ति इतनी कठोर सर्दी में पूरी रात ठंडे पानी में खड़ा रह सकता है।

4. बादशाह ने अगले दिन उस व्यक्ति को इनाम क्यों नहीं दिया?
उत्तर: बादशाह ने सोचा कि व्यक्ति ने दीपक की रोशनी को देखकर रात भर पानी में खड़ा रहा, इसलिए उन्होंने माना कि दीपक की गरमी ने उसे गर्म रखा और इसलिए उन्होंने उसे इनाम नहीं दिया।

5. बीरबल ने उस व्यक्ति की सहायता कैसे की?
उत्तर: बीरबल ने खिचड़ी पकाने का एक प्रयोग करके बादशाह को दिखाया कि अगर वह व्यक्ति दीपक की रोशनी से सर्दी से बच सकता है, तो खिचड़ी भी दूर से आग की गरमी पा सकती है। इस प्रयोग से बादशाह समझ गए और उन्होंने व्यक्ति को इनाम दिया।

भाषा की बात

1. पढ़िए, समझिए और चिह्नित शब्दों के विपरीत शब्द लिखिए।
जब बादशाह बीरबल के यहाँ पहुँचे तो उन्होंने देखा कि एक लंबे बाँस के ऊपरी सिरे पर एक हाँडी लटकी हुई है। हाँडी से बहुत नीचे भूमि पर बहुत थोड़ी-सी आग जल रही है। बादशाह ने हैरानी से पूछा, “बीरबल! भला यह खिचड़ी कैसे पक सकती है? हाँडी तो आग से बहुत दूर है।”
उत्तर:  एक – अनेक
नीचे – ऊपर
बहुत – थोड़ा
दूर – पास

2. वाक्य को सही करके लिखिए-
उदाहरण-अकबर के दरबार अनेक विद्वान् थे।
अकबर के दरबार में अनेक विद्वान् थे।

(क) अकबर और बीरबल के बारे अनेक कहानियाँ प्रसिद्ध हैं।
सही वाक्य: अकबर और बीरबल के बारे में अनेक कहानियाँ प्रसिद्ध हैं।

(ख) गाँव लोग आग जलाकर, उसके चारों और बैठे बातें कर रहे थे।
सही वाक्य: गाँव के लोग आग जलाकर, उसके चारों ओर बैठे बातें कर रहे थे।

(ग) उन्होंने सोचा इस दुखी व्यक्ति सहायता करनी चाहिए।
सही वाक्य: उन्होंने सोचा कि इस दुखी व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए।

(घ) बीरबल कहलवाया कि मैं खिचड़ी पका रहा हूँ, पक जाने पर दरबार में उपस्थित हो जाऊँगा।
सही वाक्य: बीरबल ने कहलवाया कि मैं खिचड़ी पका रहा हूँ, पक जाने पर दरबार में उपस्थित हो जाऊँगा।

3. वर्गपहेली में खाने की वस्तुएँ ढूँढ़कर उन पर घेरा लगाइए— 

उत्तर: 

कहानी की बात

उत्तर:

जीवों एवं वस्तुओं की विशेषताएँ

1. ऊपर दिए गए वाक्यों को आपने भली प्रकार समझ लिया है। अब दिए गए वाक्यों में विशेषता बताने वाले शब्द भरिए-

(क) पीहू एक__________ लड़की है।
उत्तर: पीहू एक अच्छी लड़की है।
विशेषता: अच्छी

(ख) गौरव अपने साथियों में सबसे_________है।
उत्तर: गौरव अपने साथियों में सबसे साहसी है।
विशेषता: साहसी 

(ग) पेड़ की पत्तियाँ_________है।
उत्तर: पेड़ की पत्तियाँ हरी हैं।
विशेषता: हरी

(घ) अदम्य एक___________लड़का है।
उत्तर: अदम्य एक साहसी लड़का है।
विशेषता: साहसी

(ङ) आम बहुत__________है।
उत्तर: आम बहुत मीठा है।
विशेषता: मीठा

2.  नीचे लिखे शब्दों में से जो सही शब्द हैं, उनमें रंग भरिए— 

उत्तर:

आइए कुछ बनाएँ

1. आइए, आज एक स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं, जिसका नाम है- चटपटी भेलपूरी।

इसके लिए आपको जो सामग्री चाहिए, वह है-

  • मुरमुरे (एक कटोरी)
  • बारीक कटा प्याज (एक छोटा)
  • बारीक कटा टमाटर (एक छोटा)
  • बारीक कटा खीरा (छोटा टुकड़ा)
  • बारीक कटी हरी मिर्च (आधी)
  • नीबू का रस (आधा)
  • नमक (स्वाद के अनुसार)
  • चाट मसाला (छोटा आधा चम्मच)
  • अमचूर (एक चुटकी)
  • धनिया पत्ती (सजावट के लिए)

इनको मिलाइए और चटपटी भेलपूरी बाँटकर आनंद से खाइए।

उत्तर: छात्र विधि जानकर स्वयं बनाने का प्रयास करें।

पता कीजिए

1. इस कहानी में यमुना नदी का जिक्र किया गया है। भारत की कुछ और नदियों के बारे में पता कीजिए और नाम लिखिए । 

उत्तर: 1. यमुना – गंगा
2. कावेरी – गोदावरी
3. नर्मदा – गोमती
4. सरयू – सतलुज

झटपट कहिए

उत्तर: छात्र दिए गए वाक्य झटपट बोलें और आनंद लें।

आइए सुनें कहानी

बीरबल की तरह एक और विद्वान तेनालीराम भी अपनी चतुराई के लिए बहुत प्रसिद्ध थे। उनके बारे में पता कीजिए और उनके किस्से पढ़कर कक्षा में अपने साथियों को सुनाइए।
उत्तर: छात्र स्वयं करें।

05. आम का पेड़ – पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

1. आपको कौन-सा फल बहुत अच्छा लगता है? वह फल आपको क्यों पसंद है?
उत्तर: मुझे आम बहुत अच्छा लगता है क्योंकि यह मीठा और रसीला होता है।

2. आपके घर या विद्यालय में कौन-से पेड़-पौधे लगे हैं? उनकी देखभाल कौन करता है?
उत्तर: हमारे घर में आम, नीम और गुलाब के पौधे लगे हैं। उनकी देखभाल मेरे माता-पिता करते हैं। 

3. चित्र में कुछ आम धरती पर गिरे पड़े हैं। आम पेड़ से नीचे क्यों गिर गए होंगे?
उत्तर: आम पेड़ से नीचे इसलिए गिर गए होंगे क्योंकि वे पक गए होंगे और हवा के झोंके से टूटकर गिर गए होंगे।

4. चित्र में दिखाए गए बच्चे और व्यक्ति आमों का क्या करेंगे?
उत्तर: चित्र में दिखाए गए बच्चे और व्यक्ति आमों को इकट्ठा करेंगे और उन्हें खाएँगे। 

सोचिए और लिखिए

1. सौरभ के चाचाजी ने सौरभ को किस मौसम में आम भेजे?
उत्तर: सौरभ के चाचाजी ने सौरभ को गर्मियों के दिनों में आम भेजे थे।

2. आम खाकर सौरभ के मन में क्या विचार आया?
उत्तर: आम खाकर सौरभ के मन में यह विचार आया कि वह भी अपने बगीचे में ऐसे ही मीठे आम उगाएगा।

3. सौरभ ने पानी डालना क्यों बंद कर दिया? क्या उसे ऐसा करना चाहिए था?
उत्तर: सौरभ ने पानी डालना इसलिए बंद कर दिया क्योंकि कुछ दिनों के बाद भी आम का पौधा नहीं निकला था। हालांकि, उसे पानी डालना बंद नहीं करना चाहिए था क्योंकि पौधे को उगने में समय लग सकता है और नियमित देखभाल की आवश्यकता होती है।

4. सौरभ और उसकी बहन क्यों प्रसन्न थे?
उत्तर: सौरभ और उसकी बहन प्रसन्न थे क्योंकि उन्हें बगीचे में आम का नया पौधा उगता हुआ दिखाई दिया, जिसे सौरभ ने खुद लगाया था।

5. पिताजी ने आम के पौधे के बारे में सौरभ और उसकी बहन को कौन-सी बात बताई?
उत्तर: पिताजी ने सौरभ और उसकी बहन को बताया कि छोटे से पौधे को बड़ा होने में बहुत समय लगेगा और उसे बड़ा होने में चार-पाँच वर्ष लग सकते हैं, तब जाकर उसमें आम लगेंगे।

आपका अनुमान, किसने क्या कहा?

1. नीचे कहानी से जुड़े कुछ चित्र दिए गए हैं। चित्र में दिख रहे पात्र आपस में क्या बात कर रहे होंगे, अनुमान लगाकर लिखिए-

उत्तर: 

आइए पौधा लगाएँ

1. यहाँ बहुत-सी वस्तुओं के चित्र बने हैं। उन वस्तुओं पर घेरा बनाइए जो पौधा लगाने के काम आती हैं-उत्तर: 

गुठली की बुआई का क्रम

सौरभ आम की गुठली बो रहा है। क्रम से बताइए कि उसने पहले क्या किया होगा-
(क) धरती पर पानी डाला। _______________________________
(ख) खुरपी से धरती में गड्ढा खोदा। _______________________________
(ग) गुठली बोने के लिए अपनी माँ से सही स्थान का सुझाव माँगा। _______________________________
(घ) माता-पिता से गुठली बोने की इच्छा बताई। _______________________________
(ङ) बाल्टी में पानी लेकर आया। _______________________________
(च) माताजी से गुठली बोने की जानकारी ली। _______________________________
(छ) गड्ढे में गुठली डालकर उस पर मिट्टी डाली। _______________________________
(ज) गड्ढे में खाद डाली। _______________________________
उत्तर: सही क्रम
(क) धरती पर पानी डाला।  8  
(ख) खुरपी से धरती में गड्ढा खोदा। ___4__
(ग) गुठली बोने के लिए अपनी माँ से सही स्थान का सुझाव माँगा। ___3___
(घ) माता-पिता से गुठली बोने की इच्छा बताई। __1__
(ङ) बाल्टी में पानी लेकर आया। ___7___
(च) माताजी से गुठली बोने की जानकारी ली। ___2___
(छ) गड्ढे में गुठली डालकर उस पर मिट्टी डाली। ___6__
(ज) गड्ढे में खाद डाली। ___5____

सौरभ और प्रिया के बगीचे की सैर

3. आइए, सौरभ और प्रिया के बगीचे की सैर करते हैं। पता लगाते हैं  कि वहाँ क्या-क्या है? चित्र देखकर पेड़ों को पहचानिए और उनके नाम लिखिए-उत्तर:


4. सौरभ और प्रिया ने फल, साग और अनाज के नामों की सूची बनाई है। आइए, सही टोकरी में सही वस्तु रखते हैं- 

उत्तर:


5. मेरे विद्यालय में पेड़-पौधे

(क) आपके विद्यालय में कौन-कौन से पेड़-पौधे लगे हैं? पता लगाइए और उनकी सूची बनाइए।
उत्तर: इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए, आपको विद्यालय के परिसर में मौजूद पेड़-पौधों का निरीक्षण करना होगा और उनकी सूची बनानी होगी। आप अपने अध्यापकों या विद्यालय के माली से भी इस बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

(ख) विद्यालय के पेड़-पौधों की देखभाल के लिए आप और आपके सहपाठी क्या योगदान देते हैं, लिखिए-
उत्तर: हम सभी मिलकर विद्यालय के पेड़-पौधों की देखभाल करते हैं। हम निम्नलिखित कार्य करते हैं:

  • पौधों में नियमित रूप से पानी डालते हैं।
  • पौधों के आसपास की मिट्टी को साफ रखते हैं।
  • पौधों में खाद डालने का ध्यान रखते हैं।
  • पौधों की देखभाल के लिए कचरा हटाते हैं।
  • पौधों को नुकसान पहुँचाने वाले कीड़ों से बचाते हैं।

भाषा की बात

1. कहानी के अनुसार विशेषता लिखिए- 

उत्तर:


2. कौन-सा पौधा लगाएँगे?
आप अपने बगीचे या गमले में कौन-सा पौधा लगाना चाहेंगे? 
उत्तर: “मैं अपने बगीचे में टमाटर का पौधा लगाना चाहूँगा/चाहूँगी, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा है और इसे उगाना आसान होता है।”

3. सौरभ ने आम की गुठली बोई। नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए- 

उत्तर: 


4. काम और नाम वाले शब्द
कहानी में से काम और नाम वाले शब्द छाँटकर लिखिए-

उत्तर: 


5. चाचाजी के प्रति सौरभ का आभार 
सौरभ के चाचाजी ने उसके लिए मीठे-मीठे आम भेजे हैं। सौरभ उन्हें धन्यवाद कहना चाहता है। सौरभ को उन्हें क्या संदेश लिखना चाहिए-
उत्तर: आदरणीय चाचाजी
नमस्ते! मैं आपका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ क्योंकि आपने मुझे जो मीठे आम भेजे, वे बहुत ही स्वादिष्ट थे। उन्हें खाकर मैंने फैसला किया है कि अपने बगीचे में भी आम का पौधा लगाऊँगा ताकि एक दिन हम अपने खुद के आम खा सकें। आपके उपहार ने मुझे प्रेरित किया है और मुझे बगीचे में काम करने की नई रुचि जगाई है।
धन्यवाद और प्रेम,
सौरभ

खेल-खेल में

नीचे दिए गए भूलभुलैया के खेल में एक फल को दूसरे फल से मिलाते हुए भूलभुलैया से बाहर निकलने में प्रिया की सहायता कीजिए— 

उत्तर:

कला की कलाकारियाँ

1. नीचे दिया गया पेड़ का चित्र हाथ की छाप और उँगलियों की सहायता से बनाया गया हैं। आप भी अपने हाथ की छाप और उँगलियों की सहायता से ऐसा एक पेड़ बनाने का प्रयास कीजिए।

उत्तर: छात्र स्वयं प्रयास करें।

खोजें-जानें

1. आम के प्रकार
आपने आम के विभिन्न प्रकार के नाम सुने होंगे, जैसे-दशहरी, सिंदूरी, चौसा आदि। घर के बड़ों से पूछकर कुछ और नाम पता करके लिखिए-
उत्तर : आम के कई प्रकार होते हैं, जो उनकी विविधता, स्वाद, आकार और रंग में भिन्न होते हैं। आपने कुछ नाम जैसे दशहरी, सिंदूरी, और चौसा का उल्लेख किया है। यहां कुछ और नाम हैं जो आप बड़ों से पूछकर या अन्य स्रोतों से पता कर सकते हैं:

  • अल्फांसो 
  • केसर
  • लंगड़ा
  • बादामी
  • नीलम
  • टोटापुरी
  • रत्नागिरी
  • अम्रपाली

बूझो तो जानें

उत्तर :

04. क्या हमारी चिड़िया रानी! – पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

1. चित्र में क्या-क्या दिखाई दे रहा है?

उत्तर: चित्र में वृक्ष की डाली, बया चिड़िया का घोंसला, बया चिड़िया एवं उसका बच्चा दिखाई दे रहा है।

2. यह किस पक्षी का घोंसला है?
उत्तर: यह बया पक्षी का घोंसला है।

3. आपके अनुसार घोंसले में बैठी बया क्या सोच रही होगी?

उत्तर: घोंसले में बैठी बया सोच रही होगी कि वह भी जल्दी से बड़ी हो जाए और खुद का ऐसा ही घोंसला बनाए।

4. चिड़िया अपना घर बनाने के लिए तिनके कहाँ से लाती होगी?
उत्तर: चिड़िया अपना घर बनाने के लिए बगीचे, जंगल, खेतों आदि जगहों से तिनके लाती होगी।

5.आपने किन-किन पक्षियों के घोंसले देखे हैं?
उत्तर: मैंने बया और गौरैया के घोंसले देखे हैं।

सोचिए और लिखिए

1.बया रानी अपना घर तिनकों से बनाती है। हम अपना घर बनाते समय किंन-किन वस्तुओं का उपयोग करते हैं? सोचकर लिखिए-

उत्तर: हम अपना घर बनाते समय ईंटें, सीमेंट, छड़, बालू, रेत, बजरी, लकड़ी आदि का उपयोग करते हैं।

2.पढ़िए, समझिए और रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-

उत्तर: 

शब्दों का खेल

1. नीचे दिए गए शब्दों को उलटकर लिखिए और नए शब्दों का आनंद लीजिए-

उत्तर:  प्रश्न 2. नीचे लिखे विपरीत अर्थ वाले शब्दों का मिलान कीजिए-

उत्तर:  

3. नीचे दिए गए शब्दों में से तुक मिलने वाले शब्दों को ढूंढकर लिखिए-

उत्तर: (क) रानी – पानी
(ख) लाती – बनाती
(ग) आकर – लाकर
(घ) कहेंगे – रहेंगे
(ङ) जब – तब
(च) तिनके – जिनके

4. कविता को पढ़कर पंक्तियाँ पूरी कीजिए-

उत्तर:  (क) तिनके लाकर महल बनाती
ऊँची डाली पर लटकाती।
(ख) तुझको दूर न जाने देंगे
दानों से आँगन भर देंगे।

5. जब एक हो तो वह ‘तिनका’ कहलाता है और अनेक हों तो ‘तिनके’। नीचे दिए गए एकवचन शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-

 उत्तर: खेल-खेल में

1. कविता में आए शब्दों को खोजकर उन पर घेरा लगाइए-

उत्तर: 

2. पाठ में बया रानी नदियों से पानी लाती है। वह नदियों के अतिरिक्त कहाँ-कहाँ से पानी लाती होगी? रिक्त स्थानों में लिखिए-

उत्तर: 

3. अपनी मनपसंद चिड़िया का चित्र बनाइए और उसमें रंग भरिए-

उत्तर: 

4. आओ बया के लिए घर बनाएँ-
केतकी बया के लिए घर बना रही है। क्रम से बताइए कि उसे क्या पहले करना चाहिए और क्या बाद में-
(क) केतकी ने बया के लिए बनाए घर पर रंग लीपा।
(ख) नन्ही चिड़िया केतकी के बनाए घर में चली गई।
(ग) केतकी ने चिड़िया के घर को अपने दादाजी की मदद से पेड़ की टहनी पर टाँग दिया।
(घ) केतकी ने सोचा कि उसे बया के लिए घर बनाना चाहिए।
(ङ) केतकी ने माँ से गत्ते, कील, कुछ कतरनें और कैंची माँगी।
(च) केतकी ने माँ की मदद से एक सुंदर-सा घर बनाया।
उत्तर: (क) केतकी ने सोचा कि उसे बया के लिए घर बनाना चाहिए।
(ख) केतकी ने माँ गत्ते, कील, कुछ कतरनें और कैंची माँगी।
(ग) केतकी ने माँ की मदद से एक सुंदर सा घर बनाया।
(घ) केतकी ने बया के लिए बनाए घर पर रंग लीपा।
(ङ) केतकी ने चिड़िया के घर को अपने दादा जी की मदद से पेड़ की टहनी पर टाँग दिया।
(च) नन्ही चिड़िया केतकी के बनाए घर में चली गई।

5. भूलभुलैया
चित्र में दी गई ‘पक्षियों की भूलभुलैया’ में चिड़िया के बच्चों की उनका घर ढूँढ़ने में सहायता कीजिए।

उत्तर: 
6. नीचे दिए गए चित्र को देखकर बताइए कि बया और इस बच्ची के बीच क्या बातचीत हो रही होगी?

उत्तर: आइए बनाएँ

आवश्यक सामग्रीपुराने समाचार-पत्र या पुराने कैलेंडर, कैंची, गोंद, पुराने बटन, स्केच पेन, रंगीन कागज़, गोल आकार के लिए एक चूड़ी।

उत्तर: छात्र पाठ्यपुस्तक में दिए गए चित्रों का अनुसरण करते हुए पेपर फोल्डिंग की चिड़िया बनाएँ।

बूझो तो जानें

उत्तर:   1. तोता: हरे वस्त्र और लाल चोंच वाला, जो फल कुतरता है और “हरि का नाम” लेता है, वह तोता है। तोते के हरे रंग के पंख और लाल चोंच के साथ उसकी रटने की आदत उसे इस पहेली का उत्तर बनाती है।
2. कोयल: कंठ सुरीला, रंग से काली जो पेड़ की डाल पर बैठकर सबको गीत सुनाती है, वह कोयल है। कोयल का मधुर गान हर किसी को भाता है और इसका गहरा काला रंग इसे और भी खास बनाता है।
3. कौआ: बड़े सवेरे घर की छत पर मिलता है और गाँव-गाँव में फैला होता है, काले रंग का और “काँव-काँव” करता है, वह कौआ है। कौआ का काला रंग और विशिष्ट आवाज उसे इस पहेली का सही जवाब बनाती है।

03. कितने पैर? – पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

1. कुछ अन्य जीवों के नाम बताइए, जिनका उल्लेख इस पाठ में नहीं है और साथ ही उन जीवों के पैरों की संख्या भी बताइए।
उत्तर: 

  • केकड़ा – इसके पैरों की संख्या 10 होती है।
  • मच्छर – इसके पैरों की संख्या 06 होती है।
  • मगरमच्छ – इसके पैरों की संख्या 04 होती है।
  • हाथी – इसके पैरों की संख्या 04 होती है।

2. शरीर के कौन-से अंग इधर-उधर आने-जाने में सहायता करते हैं?
उत्तर: पैर हमें इधर-उधर चलने-फिरने में मदद करते हैं।

3. क्या पशु-पक्षियों और छोटे-छोटे कीटों को भी इधर-उधर जाने में पैर सहायता करते हैं?
उत्तर: हाँ, पशु-पक्षियों और छोटे-छोटे कीटों को भी इधर-उधर जाने में पैर सहायता करते हैं।

4. केंचुए के अतिरिक्त आप कोई और जीव बता सकते हैं, जिसके पैर नहीं होते हैं?
उत्तर: हाँ, साँप और मछली ऐसे जीव हैं जिनके पैर नहीं होते।

5. पैरों के अतिरिक्त, हमारे शरीर में और कौन-कौन से अंग दो की संख्या में होते हैं?
उत्तर: पैरों के अलावा, हमारे शरीर में कई अंग ऐसे होते हैं जो दो की संख्या में होते हैं। जैसे – हमारे दो हाथ, दो आंखें, दो कान, दो नाक के छेद, और दो होंठ होते हैं। ये सभी अंग मिलकर हमारे शरीर को काम करने में मदद करते हैं।

आपका पैर

अपने पैर और हाथ की बनावट को ध्यान से देखिए। आपके पैर और हाथ की बनावट में क्या समान है और क्या भिन्न है, पहचानिए और लिखिए-

उत्तर: 

पाठ के भीतर

1. सही कथन के आगे () का चिह्न लगाएँ-

उत्तर: 


2. नीचे दी गई तालिका में पैरों की संख्या के अनुसार जीवों के नाम लिखिए-

उत्तर:  


3. कैसे रखें पैरों का ध्यान
अपने सहपाठियों से चर्चा करें कि हम अपने पैरों का ध्यान कैसे रख सकते हैं-
(क) नाखूनों को नियमित रूप से काटना।
(ख) ___________________________________
(ग) ___________________________________
(घ) ___________________________________
उत्तर: 
​(क) नाखूनों को नियमित रूप से काटना।
(ख) पैरों को साफ़ और सूखा रखना।
(ग) सही नाप के जूते-चप्पल पहनना।
(घ) साफ़ मोज़े पहनना।

भाषा की बात

‘चार पैर वाले जीवों को चतुष्पाद कहते हैं।’ चतुष्पाद का प्रचलित शब्द चौपाया है, जिसका अर्थ है-चार पैर वाला।

1. इसी प्रकार, चार की संख्या बताने वाले कुछ और शब्द खोजकर लिखिए-
उत्तर:  

(i) चतुर्भुज – चार भुजाओं वाला आकार या फिगर।
(ii) चौराहा – चार सड़कों का मिलन स्थल।
(iii) चतुर्युग – चार युगों का समूह (सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग)।
(iv) चतुर्थी – हिन्दू कैलेंडर में माह की चौथी तिथि।
(v) चौगुना – किसी चीज को चार गुना करना।
(vi) चौपाई – कविता की एक रचना, जिसमें चार पंक्तियाँ होती हैं और एक खास छंद होता है।

2. नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार तालिका पूरी कीजिए —

उत्तर:

सोचिए और लिखिए

कल्पना कीजिए कि एक दिन किसी स्थान पर कनखजूरा, केंचुआ, चिड़िया और आप एक साथ मिलते हैं। कनखजूरा अपने पैरों की बात शुरू करता है। सोचकर लिखिए कि आप सब के बीच क्या-क्या बातें होंगी। 

उत्तर:

पहेली से पहले

1. आपने देखा कि एक खेत में कुछ भैंसें चर रही हैं। आपने गिना तो उनके कुल मिलाकर बत्तीस (32) पैर निकले। बताइए कितनी भैंसें हैं?
उत्तर: आठ
32 ÷ 4 = 8 (कुल आठ भैंसें हैं।)
[आपने कुल बत्तीस पैर देखे और आप जानते हैं कि एक भैंस के चार पैर होते हैं। अब आप 32 को 4 से भाग दे देंगे तो आप जान जाएँगे कि कुल आठ (08) भैंसें हैं।]

2. आपने देखा कि एक स्थान पर कई मकड़ियाँ चल रही हैं। आपने गिनकर देखा तो फिर से कुल बत्तीस (32) पैर निकले। बताइए कितनी मकड़ियाँ हैं?
उत्तर: चार
32 ÷ 8 = 4 (कुल चार मकड़ियाँ हैं।)
[आपने कुल बत्तीस पैर देखे और आपको पता है कि एक मकड़ी के आठ पैर होते हैं। अब आप बत्तीस (32) को आठ (08) से भाग दे देंगे तो आप जान जाएँगे कि कुल 4 मकड़ियाँ हैं।]

3. अब एक और स्थान पर आपने देखा कि कई चींटियाँ और मकड़ियाँ चल रही हैं। आपने गिनकर देखा कि उनके कुल मिलाकर चौंतीस (34) पैर हैं। बताइए कितनी चींटियाँ और कितनी मकड़ियाँ हैं?
उत्तर: 3 चींटियाँ, 2 मकड़ियाँ
34 – कुल पैर = कुल चीटियाँ = 3
= कुल मकड़ियाँ = 2

आइए उत्तर समझें: एक चींटी के कुल पैर 6 होते हैं। हमने 6 को 3 से गुणा किया तो 18 आया (6 × 3 = 18)।
अब 18 को हम 34 में से घटा देंगे तो 16 बचेगा (34 – 18 = 16)।
अब हमें पता है कि एक मकड़ी के कुल आठ पैर होते हैं।
तो हमने 8 को दो गुना किया और उत्तर आया = 16 (8 × 2 = 16) यानि कुल 2 मकड़ियाँ।

बूझो तो जानें

1. लालटेन ले पंखों में,
उड़े अँधेरी रात में।
जलती बाती बिना तेल के,
ठंड और बरसात में।

उत्तर: जुगनू
यह एक ऐसा कीट है जिसके पंख होते हैं और यह रात में उड़ता है। इसके शरीर में प्राकृतिक रूप से प्रकाश उत्पन्न होता है, जो बिना किसी बाहरी तेल या आग के जलता है, और यह ठंड और बरसात में भी चमकता रहता है।

2. तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर।
आगे तीतर, पीछे तीतर, बोलो कितने तीतर?

उत्तर: तीन तीतर

पहेली में कहा गया है कि तीतर के दो आगे और तीतर के दो पीछे हैं, इसका मतलब है कि कुल तीन तीतर एक पंक्ति में हैं। बीच वाले तीतर के आगे और पीछे एक-एक तीतर है, जिससे यह स्थिति बनती है।

02.चींटी – पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए

1. आपने अपने आस-पास, घर और विद्यालय में कौन-कौन से जीव-जंतु देखे हैं?
उत्तर: मैंने अपने आस-पास, घर और विद्यालय में कई जीव-जन्तु देखे हैं। इनमें चिड़िया, चींटी, तितली, गिलहरी, कबूतर, मेंढक, बिल्ली और गाय शामिल हैं।

2. आपने सबसे छोटा कौन-सा कीट देखा और कहाँ देखा है?
उत्तर: मैंने सबसे छोटा कीट चींटी को देखा है। मैंने उसे अपने घर की रसोई और आंगन में चलते हुए देखा है।

3. आपने चींटी के अतिरिक्त और कौन-कौन से श्रम करने वाले जीव देखे हैं?
उत्तर: मैंने चींटी के अतिरिक्त मधुमक्खी, मकड़ी और दीमक जैसे श्रम करने वाले जीव देखे हैं।

4. नन्ही चींटी के बारे में अपना कोई अनुभव बताइए।

उत्तर: एक बार मैंने नन्ही चींटी को चीनी के दानों की ओर जाते देखा। वह बहुत मेहनत से एक-एक दाना उठा कर अपने बिल की ओर ले जा रही थी। उसकी मेहनत और लगन को देखकर मुझे यह अनुभव हुआ कि चाहे आकार में छोटी हो,लेकिन उसका परिश्रम बहुत बड़ा था। इससे मैंने सीखा कि हमें भी मेहनत और लगन से अपना काम करना चाहिए।

कविता से आगे

1. नीचे कुछ वस्तुओं के चित्र बने हैं। बताइए, चींटियाँ किसे खाना चाहेंगी? उस पर का चिह्न बनाइए-

उत्तर: 


2. निम्नलिखित पंक्तियों को पूरा कीजिए-
(क) घर को __________________________ 
(ख) पर्वत पर __________________________ 
(ग) दाना चुनकर __________________________ 
(घ) श्रम का राग __________________________ 
उत्तर: (क) घर को खूब सजाती चींटी।
(ख) पर्वत पर चढ़ जाती चींटी।
(ग) दाना चुनकर लाती चींटी।
(घ) श्रम का राग सुनाती चींटी।

3. कविता के अनुसार चींटी हमको क्या-क्या करना सिखाती है? लिखकर बताइए-
उत्तर:

भाषा की बात

1. कविता में चींटी को क्या-क्या कहा गया है-

उत्तर:

2. कितनी बार आई चींटी?
‘चींटी’ कविता में ‘चींटी’ शब्द कितनी बार आया है? इन्हें गिनें और उतनी चींटियाँ बनाकर इस पंक्ति को पूरा करें-

उत्तर: ‘चींटी’ कविता में ‘चींटी’ शब्द आठ बार आया है।


3. आइए, ‘चींटी’ कविता को आगे बढ़ाते हैं- 
उत्तर:


4. शब्दों की तुकबंदी- 

उत्तर:


5. चींटी से भेंट
आपके घर के कई कोनों में चींटी आती-जाती है। एक दिन वह आपको रोककर आपसे कुछ कहती है। आपके और उसके क्या-क्या बातें हुई होंगी, लिखिए-

आप – नमस्ते चींटी! आज आप अकेली आई हैं?
चींटी – ___________________________________________
आप – ___________________________________________
चींटी – ___________________________________________
उत्तर: 
आप – नमस्ते चींटी! आज आप अकेली आई हैं?
चींटी – नहीं। सहेलियाँ भी पीछे-पीछे आ रही हैं।
आप – खाने में मैं आपको क्या दूँ?
चींटी – मुझे शहद बहुत पसंद है। क्या आप मुझे शहद देंगे?
इसी तरह, अपनी कल्पना के अनुसार बातचीत लिखिए।

पढ़ने के लिए

चींटी और हाथी की छुपन-छुपाई

उत्तरइस पहेली का उत्तर यह कि हाथी को इसलिए पता चल गया कि चींटी मंदिर में छिपी है क्योंकि उसने मंदिर के बाहर चींटी की चप्पलें देख लीं। चप्पलें बाहर देखकर हाथी समझ गया कि चींटी अंदर ही होगी।

01. सीखो – पाठ्यपुस्तक समाधान

बातचीत के लिए 

प्रश्न 1. आपको इस चित्र में क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
उत्तर: इस चित्र में दो पेड़, रंग-बिरंगे फूल, नदी, उड़ते हुए पक्षी, सूरज, पहाड़ और हरी-भरी घास दिखाई दे रहे हैं।

प्रश्न 2. इनमें से कौन-कौन सी वस्तुएँ आप प्रतिदिन देखते हैं?
उत्तर: प्रतिदिन हम पेड़, फूल, सूरज, पक्षी, और हरी-भरी घास जैसी वस्तुएँ देख सकते हैं।

प्रश्न 3. उगते हुए सूरज को देखकर आपके मन में किस प्रकार के भाव आते हैं?
उत्तर: उगते हुए सूरज को देखकर मेरे मन में नई ऊर्जा और ताजगी का अनुभव होता है। यह एक नए दिन की शुरुआत का संकेत देता है।

प्रश्न 4. रंग-बिरंगे फूलों को देखकर आपको कैसा लगता है?
उत्तर: रंग-बिरंगे फूलों को देखकर बहुत अच्छा महसूस होता है। इनकी सुंदरता और ताजगी मन को प्रसन्न करती है।

कविता की बात

प्रश्न 1. किससे क्या सीखें, मिलान कीजिए-

उत्तर:

प्रश्न 2. कविता में किससे सीखने की बात आपको सबसे अच्छी लगी? उसका चित्र बनाइए और नाम लिखिए-
उत्तर:

 फूलनदी 

इन पंक्तियों में सरल भाषा में यह सिखाया गया है कि हमें फूलों की तरह हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए और नदी की तरह निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
(यह उत्तर उदाहरण के लिए दिए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद के आधार पर उत्तर लिखें।)

प्रश्न 3. पढ़िए और बताइए कि यह भाव कविता की किस पंक्ति में आया है- (क) पेड़ों की झुकी डालियों से हमें यह सीखना है कि हमें हमेशा विनम्र रहना चाहिए। उत्तर: कविता की पंक्ति है “तरु की झुकी डालियों से नित, सीखो शीश झुकाना।”

(ख) हवा के झोंकों से हमें सीखना है कि हम हमेशा कुछ न कुछ काम करते रहें। उत्तर: इस भाव के लिए सीधी पंक्ति कविता में है ,”सीख हवा के झोंकों से लो, कोमल भाव बहाना।” यहाँ हवा की कोमलता और निरंतरता की बात की गई है।

(ग) नदी-नहर से हमें सीखना है कि जीवन आगे बढ़ने का नाम है और हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए। उत्तर: कविता की पंक्ति है “जलधारा से सीखो आगे, जीवन-पथ में बढ़ना।”

कविता से आगे

प्रश्न 1. सूरज से ‘जगना और जगाना’ सीखने की बात कही गई है। हम सूरज से और क्या-क्या सीख सकते हैं? कोई दो बातें लिखिए-
उत्तर:  (यह उत्तर उदाहरण के लिए दिए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद के आधार पर उत्तर लिखें।)
(क) ऊर्जा का स्रोत: सूरज हमें ताकत और ऊर्जा देता है।। जैसे हम उसकी रोशनी से पढ़ते हैं, हमें भी अपनी ऊर्जा का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए।
(ख) समय का महत्व: सूरज का निकलना हमें समय का महत्व बताता है। हमें समय को ठीक से निकालना सीखना चाहिए, क्योंकि समय बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 2. लता और पेड़ों से एक-दूसरे के साथ प्रेम और सद्भाव की बात सीखने के लिए कहा गया है। इनसे हम और क्या-क्या सीख सकते हैं? कोई दो बातें लिखिए-
उत्तर: (यह उत्तर उदाहरण के लिए दिए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद के आधार पर उत्तर लिखें।)
(क) सहनशीलता: पेड़ मौसम की हर स्थिति को सहते हैं, चाहे वह गर्मी हो, सर्दी हो या बारिश। हमें भी जीवन की कठिनाइयों को सहने और धैर्य रखने की सीख मिलती है।
(ख) निस्वार्थ सेवा: पेड़ बिना किसी स्वार्थ के हमें फल, फूल, छाया और ऑक्सीजन देते हैं। हमें भी दूसरों की बिना किसी उम्मीद के मदद करने की प्रेरणा मिलती है।

प्रश्न 3. हम सभी में कोई न कोई विशेषता अवश्य होती है। आप अपने सहपाठी की कौन-सी बात सीखना चाहते हैं?
उत्तर: हम सभी में कोई न कोई विशेषता होती है, जैसे किसी का रंग, उम्र, या क्षमताएं। अपने सहपाठी से मैं यह सीखना चाहता हूँ कि सहायता और समर्थन किसी के लिए कितने महत्वपूर्ण होते हैं। यहाँ तक कि जब हम अपनी विशेषताओं को मिला कर काम करते हैं, तो हमारे अधिक अद्भुत और शक्तिशाली परिणाम होते हैं।
 (यह उत्तर उदाहरण के लिए दिए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद के आधार पर उत्तर लिखें।)

भाषा की बात

प्रश्न 1. ऊपर दी गई सूची को ध्यान से पढ़िए। इनमें से कोई दो शब्द लेकर वाक्य बनाइए-
उत्तर: (यह उत्तर उदाहरण के लिए दिए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद के आधार पर उत्तर लिखें।)
(क) पथ वह राह है जो हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचाती है।
(ख) पृथ्वी हमारा ग्रह है, जो हमारा घर भी है और हमारे जीवन के लिए जरूरी सारी चीजें देती है।

प्रश्न 2. दूध और पानी से सीखो, मिलना और मिलाना। रेखांकित शब्दों के समान कुछ और शब्द बनाइए-
उत्तर: (यह उत्तर उदाहरण के लिए दिए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद के आधार पर उत्तर लिखें।)

प्रश्न 3. ‘स’ और ‘प’ वर्ण से प्रारंभ होने वाले शब्दों को कविता से खोजकर लिखिए-उत्तर: (यह उत्तर उदाहरण के लिए दिए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद के आधार पर उत्तर लिखें।)

प्रश्न 4. तालिका ‘अ’ तथा ‘ब’ में दिए गए शब्दों का उच्चारण कीजिए और इनमें अंतर पहचानिएउत्तर: (यह एक क्रियात्मक प्रश्न है और छात्रों को इसे स्वयं ही करना चाहिए। )

बूझो तो जाने

1. एक फूल, एक फल है भाई।
दोनों मिलकर बने मिठाई।


उत्तर:  इस पहेली का जवाब है “गुलाब जामुन”। गुलाब एक फूल है और जामुन एक फल है, और दोनों को मिलाकर एक मिठाई का नाम बनता है, वो है “गुलाब जामुन”।

2. बिना बाल की पूँछ लिए वह भाग रहा है,
सब सोते, वह रात-रात भर जाग रहा है।
काट-काटकर कागज, कपड़े खुश होता है,
और धरातल के नीचे घर में सोता है।

उत्तर:  यह पहेली थोड़ी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसका जवाब है “चूहा”। चूहे की पूंछ बालों वाली नहीं होती और यह रात में जागते हैं, कागज और कपड़े चबाते हैं, और बिल में या धरातल के नीचे छुपकर सोते हैं। 

18. हम अनेक, किंतु एक – पाठ का सार

परिचय

इस कविता “हम अनेक किंतु एक” को द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी जी ने लिखा है। यह कविता भारत के विविधता और एकता को दर्शाती है। इसमें बताया गया है कि भले ही भारत में कई प्रकार की भाषाएँ, पहनावे और रीति-रिवाज हों, फिर भी हम सभी भारतीय एक हैं। 

पहला प्रसंग:

“हैं कई प्रदेश के,
किंतु एक देश के,
विविध रूप-रंग हैं,
भारत के अंग हैं।” 

व्याख्या: इस पंक्ति में कवि यह बता रहे हैं कि भारत में कई राज्य और प्रदेश हैं, लेकिन सभी एक ही देश के हिस्से हैं। यहाँ लोगों के अलग-अलग रूप और रंग हैं, लेकिन सब भारत के अंग हैं।

दूसरा प्रसंग:

“बोलियाँ हजार हैं,
टोलियाँ हजार हैं,
कंठ भी अनेक हैं,
राग भी अनेक हैं,
किंतु गीत-बोल एक,
हम अनेक किंतु एक।”

व्याख्या: यहाँ कवि कह रहे हैं कि भारत में कई भाषाएँ और बोलियाँ हैं, बहुत से समूह और लोग हैं, लेकिन फिर भी हम सब एक ही गान गाते हैं। हम भले ही अलग-अलग बोलते हों, लेकिन हमारा देश एक है। 

तीसरा प्रसंग:

“एक मातृभूमि है,
एक पितृभूमि है,
एक भारतीय हम,
चल रहे मिला कदम,
लक्ष्य के समक्ष एक,
हम अनेक किंतु एक।”

व्याख्या: इस पंक्ति में कवि बताते हैं कि हमारी मातृभूमि और पितृभूमि एक ही है – भारत। हम सभी भारतीय हैं और साथ मिलकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। हम सभी एक साथ खड़े हैं, भले ही हम अनेक हों।

सारांश

इस कविता में कवि द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ने भारत की विविधता और एकता का सुंदर चित्रण किया है। उन्होंने बताया कि भले ही हमारे देश में अनेक भाषाएँ, रंग, और रीति-रिवाज हों, फिर भी हम सभी एक हैं। यह कविता हमें सिखाती है कि हमें अपनी विविधता का सम्मान करना चाहिए और एकता बनाए रखनी चाहिए।

17. बोलने वाली माँद – पाठ का सार

परिचय

इस अध्याय में एक चालाक सियार और भूखे सिंह की कहानी बताई गई है। यह कहानी जंगल में एक सिंह और सियार के बीच की चालाकी और होशियारी को दिखाती है, जिसमें सियार अपनी सूझबूझ से सिंह को धोखा देकर अपनी जान बचाता है।

व्याख्या

एक दिन जंगल में एक सिंह, जिसका नाम खरनखर था, बहुत भूखा था। वह दिनभर आहार की खोज में इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला। शाम होने पर उसे एक माँद दिखी, और वह वहाँ रात बिताने के लिए घुस गया। सिंह ने सोचा कि जब माँद का असली निवासी लौटेगा, तब वह उसे मारकर खा जाएगा। 

उस माँद में एक सियार रहता था, जिसका नाम दधिपुच्छ था। जब सियार वापस आया, तो उसने देखा कि सिंह के पैरों के निशान माँद में जा रहे हैं, लेकिन बाहर नहीं आ रहे। उसे समझ में आ गया कि सिंह माँद के अंदर ही छिपा है। सियार ने अपनी जान बचाने के लिए एक योजना बनाई। 

सियार ने माँद के बाहर खड़े होकर माँद को पुकारा और कहा, “ऐ मेरी माँद, आज तू क्यों नहीं बोल रही? पहले तो तू मुझे बुलाने पर हमेशा जवाब देती थी। अगर आज तूने जवाब नहीं दिया, तो मैं किसी और माँद में चला जाऊँगा।” सिंह ने सोचा कि सचमुच माँद जवाब देती होगी, इसलिए उसने सियार के बदले खुद जवाब दिया। सिंह की दहाड़ सुनते ही सियार समझ गया कि उसकी योजना काम कर गई, और वह वहाँ से भाग गया।

सारांश

यह कहानी हमें सिखाती है कि बुद्धिमानी और सूझबूझ से बड़ी से बड़ी मुसीबत से भी बचा जा सकता है। सियार ने अपनी चालाकी से सिंह को बेवकूफ बनाया और अपनी जान बचाई।

16. चंद्रयान (संवाद) – पाठ का सार

परिचय

इस अध्याय में चाँद और चंद्रयान मिशन के बारे में एक रोचक बातचीत बताई गई है। इसमें अध्यापिका और विद्यार्थियों के बीच चाँदचंद्रयान, और भारत के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई है।

व्याख्या

अध्यापिका जब कक्षा में आती हैं, तो बच्चों से चाँद के बारे में बातचीत शुरू करती हैं। बच्चे बताते हैं कि उन्होंने चाँद देखा है, लेकिन वे यह नहीं समझ पाते कि चाँद कभी दिखाई देता है और कभी नहीं। एक बच्चा मजाकिया ढंग से कहता है कि चाँद का मन है, वह कभी दिखता है और कभी नहीं। इसके बाद बातचीत चंद्रयान मिशन की ओर मुड़ती है। बच्चे बताते हैं कि वे चंद्रयान-1, 2 और 3 के बारे में जानते हैं। अध्यापिका उन्हें समझाती हैं कि चंद्रयान-3 के माध्यम से भारत ने चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की है, और यह हमारे देश के लिए गर्व की बात है।

बच्चों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ती है कि चाँद पर क्या है। अध्यापिका उन्हें बताती हैं कि चाँद पर ‘विक्रम लैंडर‘ और ‘प्रज्ञान’ नामक मशीनें भेजी गई हैं, जो चाँद की मिट्टी और अन्य जानकारियाँ इकट्ठा कर रही हैं। यह जानकर बच्चे और भी उत्साहित हो जाते हैं और कहते हैं कि उनका भी मन करता है कि वे चाँद पर जाएँ। वे गाने के माध्यम से अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हैं और कल्पना करते हैं कि वे चंद्रयान से चाँद की सैर करेंगे।

अध्याय में बच्चों की चाँद के प्रति जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति उनके बढ़ते आकर्षण को बड़े ही सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह अध्याय विज्ञान और खोज की भावना को बढ़ावा देता है।

सारांश

यह अध्याय चाँद और चंद्रयान मिशन के बारे में बच्चों की बातचीत पर आधारित है। इसमें यह बताया गया है कि कैसे वैज्ञानिक प्रयासों और निरंतर मेहनत से बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। यह बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और गर्व की भावना को जगाने वाला अध्याय है, जिसमें सरल शब्दों में बच्चों को चाँद और चंद्रयान की जानकारी दी गई है।

15. भारत – पाठ का सार

परिचय

इस कविता “भारत तू है हमको प्यारा” को सोहन लाल त्रिवेदी जी ने लिखा है। इसमें भारत देश की सुंदरतापेड़-पौधेनदियाँ और उसकी संस्कृति की बात की गई है। यह कविता हमें भारत की महानता और पवित्रता के बारे में सिखाती है।

पहला प्रसंग:

“भारत तू है हमको प्यारा,

तू है सब देशों से न्यारा।

मुकुट हिमालय तेरा सुंदर,

धोता तेरे चरण समुद्र।”

व्याख्या: यहाँ कवि ने भारत के प्रति अपने प्यार और श्रद्धा को प्रकट किया है। भारत के लिए हिमालय मुकुट जैसा है और समुद्र इसके चरणों को धोता है, जो इसकी विशालता और सुंदरता को दर्शाता है।

दूसरा प्रसंग:

“गंगा यमुना की है धारा,

जिनसे है पावन जग सारा।

अन्न, फूल, फल, जल हैं प्यारे,

तुझमें रत्न जवाहर न्यारें।”

व्याख्या: इस हिस्से में कवि गंगा और यमुना की पवित्रता का वर्णन कर रहा है। इन नदियों से सारा संसार पावन होता है। भारत के पास बहुत सारे प्राकृतिक संसाधन हैं, जैसे अन्न, फूल, फल और जल, जो इसकी अनमोल संपत्ति हैं।

तीसरा प्रसंग:

“राम कृष्ण का अंतर्यामी,

तेरे सभी पुत्र हैं नामी।

हम सदैव तेरा गुण गाएँ,

सब विधि तेरा सुयश बढ़ाएँ।”

व्याख्या: यहाँ कवि भगवान राम और कृष्ण का नाम लेते हुए भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का गुणगान करता है। भारत के सभी नागरिक महान और नामी हैं। कवि कहता है कि हम हमेशा भारत का गुणगान करते रहेंगे और उसकी महिमा को बढ़ाएँगे।

सारांश:

इस कविता में भारत के प्राकृतिक सौंदर्य, उसके संसाधनों और उसकी परंपराएँ और रीति-रिवाज का वर्णन किया गया है। यह कविता हमें सिखाती है कि हमें अपने देश पर गर्व करना चाहिए और उसकी महिमा को सदैव बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।