‘नीम’ कविता हरीश निगम जी ने लिखी है। यह कविता हमें नीम के पेड़ की खासियतों और उससे मिलने वाली सीख के बारे में बताती है। नीम का पेड़ न केवल हवा को शुद्ध करता है, बल्कि हमें उदारता, खुशमिजाजी और मदद जैसे अच्छे गुण भी सिखाता है। यह कविता बच्चों को प्रकृति से जुड़ने और नीम के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करती है।
कविता की व्याख्यापहला प्रसंग
लहराता-बलखाता नीम, दिनभर हँसता-गाता नीम। चिड़िया, कौआ, तोता सबसे, अपना नेह जताता नीम। नहीं डॉक्टर फिर भी देखो, कितने रोग भगाता नीम।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि नीम का पेड़ हमेशा हवा में लहराता और बलखाता है, जैसे वह खुशी से गा रहा हो। यह पक्षियों जैसे चिड़िया, कौआ और तोता से दोस्ती करता है और उनसे प्यार जताता है। नीम कोई डॉक्टर नहीं है, फिर भी इसकी पत्तियाँ, छाल और बीज बहुत सी बीमारियाँ दूर करने में मदद करते हैं। यह हमें बताता है कि नीम कितना उपयोगी और दयालु है।
दूसरा प्रसंग
चले प्रदूषित वायु कभी तो, उसको शुद्ध बनाता नीम। कड़वे तन में मन को मीठा, रखना हमें सिखाता नीम। हवा चले तो झूम-झूमके, सब का मन बहलाता नीम।
व्याख्या: नीम का पेड़ प्रदूषित हवा को साफ करके पर्यावरण को स्वच्छ रखता है। भले ही इसकी पत्तियाँ कड़वी हों, यह हमें अपने व्यवहार को मीठा और अच्छा रखना सिखाता है। जब हवा चलती है, तो नीम की पत्तियाँ खुशी से झूमती हैं और सबके मन को आकर्षित करती हैं।
तीसरा प्रसंग
लेता नहीं किसी से कुछ भी, पर कितना दे जाता नीम।
व्याख्या: नीम का पेड़ बिना किसी से कुछ लिए सबको बहुत कुछ देता है। यह हमें ठंडी छाया, साफ हवा, दवाओं जैसे गुण और सुंदरता देता है। नीम हमें बिना स्वार्थ के दूसरों की मदद करना सिखाता है।
कविता से शिक्षा
प्रकृति का सम्मान: नीम हमें प्रकृति की देखभाल और उसका सम्मान करना सिखाता है।
उदारता: नीम की तरह हमें बिना स्वार्थ के दूसरों की मदद करनी चाहिए।
खुशी: नीम हमें हमेशा खुश रहने और दूसरों को खुशी देने की सीख देता है।
अच्छे व्यवहार की सीख: नीम हमें कड़वाहट छोड़कर मीठा और अच्छा व्यवहार करना सिखाता है।
पर्यावरण की रक्षा: नीम की तरह हमें हवा को साफ और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करनी चाहिए।
इस पाठ में हम एक घोंघे की कहानी पढ़ेंगे, जो एक छोटे से बगीचे में रहता है। यह घोंघा अपने बगीचे के बाहर की दुनिया देखना चाहता है। यह कहानी हमें बताती है कि नई चीजें देखने और सीखने का साहस कैसे हमें नई दुनिया से परिचित करा सकता है। यह कहानी घोंघे के रोमांच और उसकी खोज के बारे में है।
प्रमुख बातें
घोंघा एक छोटे बगीचे में रहता है और उसे बगीचे का हर कोना पता है।
उसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे।
घोंघा बाहर की दुनिया के बारे में उत्सुक था और दीवार के छेद से बाहर निकलता है।
बाहर की दुनिया में उसे चींटियाँ, गिलहरी, और बड़े पेड़ जैसी नई चीजें दिखती हैं।
घोंघा दुनिया को मजेदार और अद्भुत पाता था और वहाँ रहने का फैसला करता है।
कहानी का सारांश
कहानी शुरू होती है एक छोटे और सुंदर बगीचे में, जहाँ एक घोंघा रहता है। उसने अपना सारा जीवन उसी बगीचे में बिताया है। बगीचा इतना छोटा है कि घोंघे को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते हैं। वह बगीचे का हर कोना जानता है, लेकिन उसे लगता है कि बगीचे के बाहर की दुनिया कैसी होगी। उसकी माँ उसे बाहर जाने से मना करती थी, क्योंकि वह दुनिया उनकी दुनिया से बहुत अलग है। फिर भी, घोंघा साहस करता है और बाहर जाने का फैसला करता है।
घोंघा अपना सामान अपने शंख में बाँधता है और बगीचे की दीवार में एक छेद से बाहर निकलता है। बाहर निकलते ही वह एक बड़े मैदान को देखकर चकित हो जाता है। यह मैदान बच्चों के खेलने की जगह है, लेकिन घोंघे को यह बहुत बड़ा लगता है। वह कहता है, “वाह! दुनिया सचमुच कितनी बड़ी है!”
जब एक सूखा पत्ता उस पर गिरता है, तो वह डर जाता है और चिल्लाता है, “उई!” लेकिन फिर हँसने लगता है और कहता है, “वाह! दुनिया तो कितनी मजेदार है!” वह उस सूखी-भूरी पत्ती के नीचे से बाहर निकल गया। थोड़ा आगे एक बड़ा-सा पत्थर पड़ा हुआ था। घोंघे को लगा यह कोई पहाड़ होगा। वह झट से उस पर चढ़ गया और देखने लगा। घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार लाल चींटियों को देखा। वे अपने लंबे-पतले पैरों से इधर-उधर आ-जा रहे थे। उसने देखा कि एक गिलहरी फुदक-फुदककर एक पेड़ पर चढ़ गई। उसने देखा कि एक गेंद लुड़कती हुई जा रही है और एक कुत्ता उसके पीछे भाग रहा है। “वाह! दुनिया में सब कुछ कितनी तेजी से चलता है,” घोंघे ने कहा। “बगीचे में तो सब कुछ धीरे-धीरे चलता था।”
घोंघा एक बहुत लंबा खजूर का पेड़ और एक बड़ा बड़ का पेड़ देखता है, जो उसने पहले कभी नहीं देखा था। उसकी आँखें आश्चर्य से खुली रह जाती हैं, और वह कहता है, “वाह, सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है!” अंत में, घोंघा फैसला करता है कि वह इस नई और रोमांचक दुनिया में ही रहेगा।
कहानी से शिक्षा
हिम्मत: नई चीजें देखने के लिए हिम्मत करनी चाहिए, जैसे घोंघे ने बगीचे के बाहर जाने की हिम्मत की।
खोज: दुनिया में बहुत कुछ नया और मजेदार है, जिसे हम खोज सकते हैं।
खुशी: छोटी-छोटी चीजें, जैसे सूखा पत्ता या चींटियों का चलना, भी हमें खुश कर सकती हैं।
सीखना: नई जगहों और चीजों से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं।
शब्दार्थ
घोंघा: एक छोटा जीव जो अपने शंख में रहता है और धीरे-धीरे चलता है।
बगीचा: फूलों, पौधों और हरियाली वाली छोटी जगह।
छोर: किसी जगह का आखिरी हिस्सा।
छेद: दीवार या किसी चीज में बना छोटा सुराख।
आश्चर्य: हैरानी या चौंकने की बात।
अद्भुत: बहुत ही सुंदर और आश्चर्यजनक।
मैदान: खुली और बड़ी जगह।
सूखा पत्ता: पेड़ से गिरा हुआ सूखा पत्ता।
खजूर का पेड़: एक लंबा पेड़ जिसके फल खजूर कहलाते हैं।
इस कविता के कवि निरंकार देव ‘सेवक’ जी हैं। यह कविता हमें एक छोटी चिड़िया के माध्यम से दुनिया को समझने का संदेश देती है। चिड़िया की यात्रा से हमें यह सीख मिलती है कि जैसे-जैसे हम नई चीजें देखते और सीखते हैं, हमारा ज्ञान और समझ बढ़ती है।
कविता की व्याख्या
पहला प्रसंग
सबसे पहले मेरे घर का अंडे जैसा था आकार तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।
व्याख्या: जब चिड़िया अंडे में थी, तो उसे लगता था कि उसका अंडा ही पूरी दुनिया है। इसका मतलब है कि शुरुआत में हमारी सोच छोटी होती है। हम वही जानते हैं जो हमारे पास होता है। जैसे-जैसे हम नई चीजें सीखते हैं, हमारी समझ बढ़ती है।
दूसरा प्रसंग
फिर मेरा घर बना घोंसला सूखे तिनकों से तैयार तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।
व्याख्या: जब चिड़िया घोंसले में आई, तो उसे लगा कि घोंसला ही उसकी पूरी दुनिया है। इसका मतलब है कि जब हम सिर्फ अपने घर और आसपास की जगहों को जानते हैं, तो हमें लगता है कि यही सब कुछ है। लेकिन असल में, यह सिर्फ हमारी सोच का पहला कदम है।
तीसरा प्रसंग
फिर मैं निकल गई शाखों पर हरी-भरी थीं जो सुकुमार तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।
व्याख्या: चिड़िया जब घोंसले से बाहर निकली और हरे-भरे पेड़ों की शाखाओं को देखा, तो उसने सोचा कि ये शाखाएँ ही उसकी दुनिया हैं। इसका मतलब है कि जब हम अपने घर से बाहर जाते हैं, तो दुनिया थोड़ी बड़ी लगने लगती है, लेकिन फिर भी हमारी समझ पूरी नहीं होती।
चौथा प्रसंग
आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार तभी समझ में मेरी आया बहुत बड़ा है यह संसार।
व्याख्या: जब चिड़िया आसमान में उड़ने लगी और दूर-दूर तक गई, तो उसे समझ में आया कि दुनिया बहुत बड़ी है। इसका मतलब है कि जब हम नई जगहों पर जाते हैं और नई चीजें सीखते हैं, तो हमारी सोच बढ़ती है। दुनिया हमारी सोच से कहीं बड़ी है।
कविता से शिक्षा
सीखने की चाह: हमें हमेशा नई चीजें सीखनी चाहिए और दुनिया के बारे में जानने की कोशिश करनी चाहिए।
समझ का विकास: जैसे-जैसे हम नई जगहों पर जाते हैं, हमारी सोच और समझ बढ़ती है। हमें अपनी सोच को छोटा नहीं रखना चाहिए।
नए अनुभव: नई चीजों को देखना और करना हमें दुनिया की सच्चाई सिखाता है।
धैर्य और प्रगति: चिड़िया ने धीरे-धीरे दुनिया को समझा। हमें भी धीरे-धीरे और धैर्य से सीखते रहना चाहिए।
प्रश्न 1: आपने आकाश में अनेक तारे देखे होंगे। ऐसा कौन-सा तारा है जो हमें सुबह-सुबह जगाने का काम करता है? हमें इस तारे से कौन-से लाभ होते हैं? उत्तर: हमारा सूरज वह तारा है जो हमें सुबह-सुबह जगाने का काम करता है। सूरज से हमें ऊर्जा मिलती है, जिससे हमारी धरती पर जीवन संभव होता है। यह हमें गर्मी और रोशनी देता है, जो कृषि और अन्य कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
प्रश्न 2: भारत में मनाए जाने वाले ऐसे त्योहारों या मेलों के बारे में अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए जिनका संबंध सूर्य अथवा चंद्रमा से है। उत्तर: भारत में सूर्य और चंद्रमा से संबंधित कई त्योहार मनाए जाते हैं। जैसे:
मकर संक्रांति: इस त्योहार में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होता है।
छठ पूजाः इसमें लोग उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
करवा चौथ: करवा चौथ में विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
प्रश्न 3: आपने कक्षा तीन की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’, भाग 1’ में चंद्रयान पर पाठ पढ़ा है। अपने सहपाठियों को चंद्रयान के बारे में कुछ याद करके बताइए। उत्तर: हाँ, हमने ‘वीणा’ में चंद्रयान के बारे में पढ़ा था। चंद्रयान भारत का चंद्रमा पर भेजा गया यान है।
चंद्रयान-1 ने चंद्रमा की सतह पर पानी के संकेत खोजे।
चंद्रयान-2 की लैंडिंग पूरी तरह सफल नहीं हुई, लेकिन उससे भी बहुत सी वैज्ञानिक जानकारियाँ मिलीं।
चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की। यह भारत की बड़ी सफलता रही।
प्रश्न 4: चंद्रयान-3 की सफलता के बारे में सूर्य का अध्ययन करने वाले यान आदित्य-एल 1 के विषय में आपने जो भी सुना, पढ़ा या देखा है, बताइए। उत्तर: चंद्रयान-3 भारत का तीसरा चंद्र मिशन था, जो चंद्रमा पर उतरने में सफल रहा। आदित्य-एल1 भारत का पहला सूर्य अध्ययन मिशन है। यह सूर्य की किरणों, गर्मी, तापमान और सौर हवाओं का अध्ययन करेगा। इससे हमें सूर्य और पृथ्वी के बीच के संबंध को समझने में मदद मिलेगी।
प्रश्न 5: नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और बताइए कि —
(क) इसमें क्या दिखाया गया है? उत्तर: यह चित्र एक इंद्रधनुष (Rainbow) का है, जो बादल और सूरज की रोशनी से बनता है। इसमें रंगों का एक सुंदर संयोजन है।
(ख) क्या आपने इसे कभी देखा है? इसमें कितने रंग होते हैं? अपनी लेखन-पुस्तिका में उन रंगों के नाम क्रम से लिखिए। उत्तर: हाँ, मैंने इंद्रधनुष को कई बार देखा है। यह आकाश में बारिश के बाद सूर्य की रोशनी से बनता है। इसमें सात रंग होते हैं। रंगों के नाम क्रम से इस प्रकार हैं:
लाल (Red)
नारंगी (Orange)
पीला (Yellow)
हरा (Green)
नीला (Blue)
इंडिगो (Indigo) – नीलाभ बैंगनी रंग
वायलेट (Violet) – बैंगनी रंग
यह रंग हमेशा एक ही क्रम में दिखाई देते हैं और मिलकर एक सुंदर इंद्रधनुष बनाते हैं।
(ग) आकाश में ऐसा कब और कैसे होता है? उत्तर: इंद्रधनुष तब बनता है जब सूरज की रोशनी बारिश के पानी की बूंदों से टकराती है। यह प्रकाश का अपवर्तन और परावर्तन (Refraction and Reflection) की प्रक्रिया के कारण होता है। जब पानी की बूंदें सूरज की रोशनी को छिपाती हैं, तो रंग अलग-अलग होते हैं और हमें इंद्रधनुष दिखता है।
पाठ के भीतर
(पृष्ठ 161-162)
प्रश्न: निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर पर सूर्य का चित्र (☀️) बनाएँ। यहाँ एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।
उत्तर:
सोचिए और लिखिए
(पृष्ठ 162-163)
प्रश्न 1: पाठ से बनी समझ के आधार पर नि म्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए — (क) हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण क्यों किया? उत्तर: हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण सूर्य के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए किया। यह यान सूर्य के ताप, उसकी गैसों और उसके प्रभावों का अध्ययन करेगा, ताकि हम सूर्य के रहस्यों को समझ सकें।
(ख) “आदित्य-एल 1 चंद्रयान के प्रकार का ही एक यान है।” अध्यापक ने ऐसा अपने विद्यार्थियों से क्यों कहा? उत्तर: अध्यापक ने यह कहा क्योंकि आदित्य-एल 1 भी चंद्रयान की तरह एक अंतरिक्ष यान है, जो एक खगोलीय पिंड (यहाँ सूर्य) की जानकारी एकत्र करता है और चित्र भेजता है।
(ग) आदित्य-एल 1 में ‘एल 1’ क्या है और उसका क्या कार्य है? उत्तर: ‘एल 1’ का अर्थ है ‘लग्रांज 1 बिंदु’, यह अंतरिक्ष का एक विशेष स्थान है जहाँ सूर्य और पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्तियाँ संतुलन में रहती हैं। वहाँ से आदित्य-एल 1 सूर्य की परिक्रमा करते हुए उसके चित्र भेजता है।
(घ) “अध्यापक जी! मैंने सुना है कि सूर्य सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करने वाला एक राजा है।” वाणी ने अध्यापक से ऐसा क्यों कहा होगा? उत्तर: वाणी ने यह इसलिए कहा होगा क्योंकि सूर्य को प्राचीन भारतीय मिथकों में एक राजा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करता है। यह एक प्रतीकात्मक और पुरानी मान्यता है जो सूर्य की महत्वता को दर्शाती है।
(ङ) निम्नलिखित वाक्यों में नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—
(i) हम ………………….. बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे। उत्तर: हम भी बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।
(ii) रवि अध्यापक की ………………….. आदर से देखता है। उत्तर: रवि अध्यापक की ओर आदर से देखता है।
(iii) आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते ………………….. रह जाएँगे। उत्तर: आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते ही रह जाएँगे।
(iv) भारत के ओडिशा के पुरी जिले में सूर्य देवता का एक ………………….. सुंदर मंदिर बना हुआ है। उत्तर: भारत के ओडिशा के पुरी जिले में सूर्य देवता का एक बहुत सुंदर मंदिर बना हुआ है।
(v) अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो ………………….. आदित्य हैं। उत्तर: अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो और आदित्य हैं।
प्रश्न 2: ‘आदित्य’ का अर्थ सूर्य होता है। इसी प्रकार आदित्य के कुछ नाम आप भी खोजकर लिखिए। नीचे एक नाम दिया गया है, शेष नाम आप लिखिए— उत्तर:
अनुमान और कल्पना
(पृष्ठ 164)
प्रश्न 1: कल्पना कीजिए कि आप वैज्ञानिक बन गए हैं और आपको सूर्य के रहस्य जानने के लिए भेजा जा रहा है, आप— (क) सूर्य की गर्मी से बचने के लिए किस तरह की व्यवस्था करेंगे? उत्तर: सूर्य की अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए मैं एक विशेष प्रकार की थर्मल इंसुलेटिंग सूट पहनूंगा जो सूर्य की गर्मी से मुझे सुरक्षित रखेगा। इसके अलावा, मैं सूर्य के पास जाने के लिए सुरक्षित दूरी और यंत्रों का इस्तेमाल करूंगा, जैसे आदित्य-एल 1 के समान यंत्र।
(ख) सूर्य से जुड़े कौन-से रहस्यों को खोजने का प्रयास करेंगे? उत्तर: मैं सूर्य की आंतरिक संरचना, उसकी गैसों के तापमान, सूर्य के विस्फोटों और सूर्य की ऊर्जा के पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करूंगा। यह जानने की कोशिश करूंगा कि सूर्य की ऊर्जा हमारे मौसम को कैसे प्रभावित करती है और सूर्य की गतिविधियों से क्या प्रभाव पड़ते हैं।
प्रश्न 2: यदि आपको विद्यालय में आदित्य-एल 1 के वैज्ञानिकों से मिलने का एक अवसर मिलता है तो आप उनसे कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे? कोई चार प्रश्न लिखिए— उत्तर: (क) आदित्य-एल 1 यान सूर्य के चित्र कैसे खींचता है जब वह सूर्य से काफी दूर है? (ख) आदित्य-एल 1 में लगे उपकरण सूर्य के किस प्रकार के रहस्यों को उजागर कर रहे हैं? (ग)सूर्य के प्रभाव से पृथ्वी पर क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं और आदित्य-एल 1 उन्हें कैसे रिकॉर्ड करता है? (घ)आदित्य-एल 1 सूर्य की गतिविधियों की जानकारी कैसे इकट्ठा करता है और उसका अध्ययन कैसे किया जाता है?
भाषा की बात
(पृष्ठ 164-168)
प्रश्न 1: निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए—
(क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी ………. उत्तर: यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी ?
(ख) अध्यापक जी ………. लंगरंज । क्या होता है ………. उत्तर: अध्यापक जी __! लंगरंज । क्या होता है ?
(ग) अच्छा ………. तभी इसका नाम आदित्य-एल । रखा गया है ………. उत्तर: अच्छा ! तभी इसका नाम आदित्य-एल 1 रखा गया है ।
(घ) जी अध्यापक जी ………. यह बहुत गरम है ………. उत्तर: जी अध्यापक जी ,यह बहुत गरम है ।
प्रश्न 2: शब्द-पिटारा में दिए गए शब्दों को नीचे दिए गए उनके संबंधित परिवार में लिखिए —
उत्तर:
प्रश्न 3: पाठ में आए ‘प्रभाव’, ‘अभियान’, ‘विशाल’, ‘सुप्रभात’ शब्दों में ‘प्र’, ‘अभि’, ‘वि’ और ‘सू’ शब्दांश उपसर्ग का कार्य कर रहे हैं तथा ‘भाव’, ‘यान’, ‘शाल’ एवं ‘प्रभात’ मूल शब्द हैं।
उपयुक्त उदाहरण में ‘स’ उपसर्ग का प्रयोग करते हुए दो नवीन शब्द बनाए गए हैं। आप इसी प्रकार निम्नलिखित उपसर्गों की सहायता से दो-दो शब्द बनाइए— उत्तर: प्रश्न 4: पाठ में आया ‘अध्यापक’ शब्द पुल्लिंग है तथा ‘नानी’ शब्द स्त्रीलिंग है। इसके अतिरिक्त पाठ में आए अन्य कोई दो-दो पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द खोजकर नीचे लिखिए— उत्तर:
प्रश्न 5: नीचे दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द वर्ग पहेली में से ढूँढ़कर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए — उत्तर:
प्रश्न 6: पाठ में ‘सूर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है। इस शब्द के अनेक नाम आपने पढ़े और सुने होंगे। इस शब्द का प्रयोग अलग-अलग प्रकार से होता है, जैसे—
‘सूर्य‘ की किरणों से हमें विटामिन डी मिलता है। इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक तारा है।
‘सूर्य‘ हमारी कक्षा में पढ़ता है। इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक विद्यार्थी है।
अब ‘जल’ तथा ‘कर’ शब्दों से जुड़े अलग-अलग अर्थों वाले वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। उत्तर: जल शब्द का प्रयोग:
जल का स्रोत नदी है। (यहाँ ‘जल’ का मतलब पानी है।)
कड़कती धुप में चेहरा जल रहा है। (यहाँ ‘जल’ का मतलब गर्मी में त्वचा के जलने को दर्शाता है है।)
कर शब्द का प्रयोग:
उसने अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए कड़ी मेहनत कर दी। (यहाँ ‘कर’ का मतलब कार्य करना है।)
कर का भुगतान समय पर करना चाहिए। (यहाँ ‘कर’ का मतलब टैक्स है।)
आदित्य-एल 1 और सूर्य की भेंट
(पृष्ठ 168)
प्रश्न: यहाँ पर आदित्य-एल 1 और सूर्य के बीच बातचीत हो रही है। आप इस बातचीत को आगे बढ़ाइए— उत्तर:पाठ से आगे
(पृष्ठ 168-170)
प्रश्न 1: इस चित्र में क्या दिखाया गया है? अपने घर या आस-पड़ोस में आपने कभी किसी को ऐसा करते देखा है? कक्षा में अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए। उत्तर: इस चित्र में छठ पूजा का दृश्य दिखाया गया है, जिसमें एक महिला सूर्य देव को अर्घ्य दे रही है और एक पुरुष पूजा की सामग्री लिए खड़ा है।
प्रश्न 2: सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से शरीर को कौन-से लाभ होते हैं? सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए। उत्तर: सूर्य के प्रकाश में रहने से शरीर को निम्न लाभ होते हैं:
विटामिन डी प्राप्त होता है।
हड्डियाँ मजबूत होती हैं।
तनाव कम होता है और मन प्रसन्न रहता है।
रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
प्रश्न 3: दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए यह चित्र सौर ऊर्जा का है। सौर ऊर्जा, सूर्य के प्रकाश से प्राप्त अक्षय (जो समाप्त नहीं होती) ऊर्जा है। शिक्षक के दिशानिर्देश में कक्षा के चार समूहों में विभाजित कीजिए। सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी प्राप्त कर चार्ट पेपर पर प्रस्तुत कीजिए। उत्तर:सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होने वाली अक्षय ऊर्जा है। यह प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ और किफायती ऊर्जा है।
सौर ऊर्जा के उपयोग:
सौर पैनल: बिजली उत्पादन
सौर ऊष्मा: पानी गर्म करना
सौर गाड़ियाँ: प्रदूषण रहित वाहन
घरों व उद्योगों में उपयोग
सौर ऊर्जा के लाभ:
कभी खत्म नहीं होती
पर्यावरण के लिए सुरक्षित
लंबे समय में सस्ती
बिजली संकट से राहत
सौर ऊर्जा के नुकसान:
प्रारंभिक लागत अधिक
रात/बादल वाले दिन कम ऊर्जा
बैटरी की जरूरत होती है
प्रश्न 4: दिए गए चित्र को ध्यान से देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
(क) इस चित्र में पाँच लग्रांज बिंदु दिखाए गए हैं। आपके विचार से हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य यान के स्थापना के लिए एल 1 बिंदु को क्यों चुना होगा? उत्तर: आदित्य-एल 1 यान को एल 1 बिंदु पर स्थापित किया गया है, क्योंकि इस बिंदु पर सूर्य और पृथ्वी की आकर्षण शक्तियाँ संतुलित होती हैं। इसका मतलब यह है कि आदित्य-एल 1 यान इस बिंदु पर स्थिर रहेगा और सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के साथ घूमते हुए सूर्य के चित्र लेता रहेगा। यह बिंदु पृथ्वी और सूर्य के बीच की सीधी रेखा पर स्थित है, इसलिए यहाँ से सूर्य के अध्ययन में कोई विघ्न नहीं आता और यान सूर्य के आस-पास के अद्भुत चित्र आसानी से भेज सकता है।
(ख) चित्र देखकर बताइए कि कौन-कौन से लग्रांज बिंदु पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) पर हैं? उत्तर: चित्र के आधार पर, पृथ्वी की कक्षा पर एल 1 और एल 2 लग्रांज बिंदु स्थित हैं। एल 1 सूर्य और पृथ्वी के बीच होता है, जबकि एल 2 पृथ्वी से दूर सूर्य के विपरीत दिशा में स्थित है। इन दोनों बिंदुओं को पृथ्वी की कक्षा पर स्थित माना जाता है।
पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
प्रश्न 1: विद्यालय के पुस्तकालय से सूर्य के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त कीजिए। उत्तर: सूर्य हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा तारा है। यह पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। सूर्य से ही हमें गर्मी और रोशनी मिलती है, जिससे पेड़-पौधे भोजन बनाते हैं और जीवन संभव होता है। सूर्य में बहुत तेज़ गर्मी होती है और इसका प्रकाश 8 मिनट 20 सेकंड में पृथ्वी तक पहुँचता है। सूर्य गैसों से बना हुआ है, जिनमें हाइड्रोजन और हीलियम प्रमुख हैं।
प्रश्न 2: सूर्यग्रहण क्यों लगता है? इस अवसर पर कहाँ-कहाँ मेले लगते हैं? इस विषय में अपने विद्यालय के पुस्तकालय, अभिभावकों और अन्य स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर सहपाठियों से साझा कीजिए। उत्तर: जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और सूर्य का पूरा या कुछ हिस्सा ढक जाता है, तो इसे सूर्यग्रहण कहा जाता है। यह एक खगोलीय घटना होती है। सूर्यग्रहण के समय कुछ देर के लिए दिन में अंधेरा हो जाता है। भारत में सूर्यग्रहण के अवसर पर काशी (वाराणसी), कुरुक्षेत्र, उज्जैन, प्रयागराज (इलाहाबाद) जैसे धार्मिक स्थलों पर मेले लगते हैं। लोग गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और पूजा-पाठ करते हैं।
नोट: सूर्यग्रहण को आँखों से सीधे नहीं देखना चाहिए। इसके लिए खास चश्मों का उपयोग करना चाहिए ताकि आँखों को नुकसान न हो।
मेरी चित्रकारी
प्रश्न: भविष्य में जब आप वैज्ञानिक बनकर किसी ग्रह की यात्रा करेंगे तो आपका यान कैसा होगा? उसका एक चित्र अपनी कल्पना से तैयार कीजिए और उसमें रंग भरिए। उत्तर:
प्रश्न 1: आपको यह नाटक कैसा लगा और क्यों? उत्तर: यह नाटक बहुत रोचक और मनोरंजक लगा। तेनालीरामन की चतुराई और समझदारी ने न केवल राजा को बल्कि दरबारियों को भी चौंका दिया। नाटक में हास्य और बुद्धिमत्ता का अच्छा मेल था, जो मुझे बहुत पसंद आया। तेनालीरामन की सूझबूझ ने पूरे नाटक को दिलचस्प बना दिया।
प्रश्न 2: आपने तेनालीरामन के किस्सों की तरह और किसके बुद्धिमानी के किस्से सुने हैं? उनमें से कोई एक सुनाइए। उत्तर: मैंने अकबर के दरबार में बीरबल की बुद्धिमानी के कई किस्से सुने हैं। एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा कि सबसे चतुर आदमी कौन है। बीरबल ने एक साधारण आदमी को दरबार में बुलाया और कहा, “यह सबसे चतुर है।” अकबर को आश्चर्य हुआ। तब बीरबल ने समझाया कि चतुर वही होता है जो बिना घबराए सही निर्णय ले सके। यह बात अकबर को बहुत पसंद आई।
प्रश्न 3: तेनालीरामन की तरह क्या आपने भी कभी किसी कठिन परिस्थिति को संभाला है? यदि संभाला है तो कैसे? उत्तर: हाँ, एक बार स्कूल में कुछ बच्चे आपस में झगड़ रहे थे। मैंने बीच में आकर दोनों को शांत किया और उन्हें समझाया कि झगड़ा करना ठीक नहीं है। फिर मैंने उन्हें मिल-जुलकर हल निकालने के लिए कहा। मेरी समझदारी से मामला सुलझ गया और सभी ने मिलकर काम किया।
प्रश्न 4: यदि तेनालीराम शतरंज का खेल जानते तो नाटक का अंत क्या होता? उत्तर: यदि तेनालीराम शतरंज का खेल जानते, तो वह अपनी चतुर चालों से राजा को हराकर दिखाते कि चतुराई सिर्फ बातों में ही नहीं, खेल में भी होती है। वह शतरंज की चालों से राजा को यह सिखाते कि किसी भी स्थिति में धैर्य और सोच-समझकर चलना जरूरी होता है। राजा उसकी बुद्धिमत्ता से प्रभावित होकर उसे और भी बड़ा सम्मान देता।
सोचिए और लिखिए
(पृष्ठ 149)
प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाठ के आधार पर दीजिए— (क) सभी दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या क्यों करते थे? उत्तर: सभी दरबारी तेनालीरामन से इसलिए ईर्ष्या करते थे क्योंकि वे राजा के प्रिय और सबसे बुद्धिमान सलाहकार थे। राजा उनकी चतुराई और मजाकिया अंदाज़ से बहुत प्रभावित थे, जिससे अन्य दरबारी खुद को कमतर महसूस करते थे।
(ख) दरबारियों ने राजा से तेनालीरामन के बारे में क्या कहा? उत्तर: दरबारियों ने राजा से कहा कि तेनालीरामन बहुत कुशल शतरंज खिलाड़ी हैं और उन्होंने कई बड़े-बड़े शतरंज खिलाड़ियों को भी हरा दिया है।
(ग) शतरंज खेलते समय राजा को तेनालीरामन पर क्रोध क्यों आ रहा था? उत्तर: राजा को तेनालीरामन पर क्रोध इसलिए आ रहा था क्योंकि तेनाली शतरंज खेलते समय जानबूझकर गलत चालें चला रहे थे। राजा को लगा कि तेनाली उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा रहे हैं और शतरंज के खेल को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
(घ) तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए क्या चाल चली? उत्तर: तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए दो चतुर बहाने बनाए। पहले उन्होंने कहा कि उनके बालों पर पाँच हजार अशर्फियों का कर्ज है, इसलिए जब तक वह चुकता नहीं होता, वे मुंडन नहीं करा सकते। फिर उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता अब राजा और रानी हैं, और जब तक वे जीवित हैं, वे मुंडन नहीं करा सकते।
(ङ) घर में खेले जाने वाले खेलों में आपको सबसे अच्छा खेल कौन-सा लगता है? वह खेल कैसे खेला जाता है? उत्तर: मुझे लूडो खेलना सबसे अच्छा लगता है। यह एक बोर्ड गेम है जिसे दो से चार लोग खेल सकते हैं। हर खिलाड़ी को चार-चार गोटियाँ मिलती हैं जिन्हें चाल चलकर घर तक पहुँचाना होता है। खिलाड़ी पासा फेंकते हैं और जितने अंक आएँ, उतनी गिनती चलनी होती है। जो खिलाड़ी सबसे पहले अपनी सभी गोटियों को घर तक पहुँचा देता है, वही विजेता होता है।
प्रश्न 2: किसने, किससे कहा?
उत्तर:
भाषा की बात
(पृष्ठ 150-151)
प्रश्न 1: दिए गए शब्दों का मिलान उनके समान अर्थ वाले शब्दों से कीजिए — उत्तर: प्रश्न 2: मटके में से उपयुक्त विशेषण चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए — उत्तर:
प्रश्न 3: हर संवाद किसी-न-किसी मनोभाव को अभिव्यक्त करता है। उदाहरण के लिए— तेनाली – (चकित) शतरंज और मैं! शतरंज के विषय में मैं कुछ नहीं जानता, महाराज। राजा – (क्रोधित) मुझे सब पता है तेनाली। बात अब छिप नहीं सकती। (दरबारियों से) क्यों? आप भी निम्नलिखित मनोभावों को संवाद के रूप में लिखिए—
उत्तर:
प्रश्न 4: नीचे दी गई सूचना के आधार पर नए शब्दों का निर्माण कीजिए—
उत्तर:
पाठ से आगे
(पृष्ठ 151-152)
प्रश्न 1: शतरंज के प्रत्येक मोहरे की चाल अलग-अलग होती है। शतरंज के मोहरों की चाल पता कीजिए और लिखिए— उत्तर:
प्रश्न 2: चित्र के साथ खेल के नाम का मिलान कीजिए। साथ ही यह भी लिखिए कि आप की स्थानीय भाषा में इस खेल को क्या कहते हैं। उत्तर: पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
(पृष्ठ 153)
(क) तेनालीराम के किस्सों की पुस्तक अपने पुस्तकालय या किसी अन्य स्रोत से लेकर पढ़िए। उत्तर: मैंने पुस्तकालय से ‘तेनालीरामन के मजेदार किस्से’ नामक पुस्तक पढ़ी। इस पुस्तक में तेनालीरामन की चतुराई, हाजिरजवाबी और बुद्धिमानी से जुड़ी कई रोचक कहानियाँ थीं। उन्होंने अपनी समझदारी से कई मुश्किल समस्याओं का समाधान निकाला और राजा को प्रभावित किया। इन कहानियों से मुझे यह सिखने को मिला कि समझदारी और धैर्य से किसी भी मुश्किल को हल किया जा सकता है।
(ख) ‘तेनालीराम के किस्से’ नाम से मित्र-मंडली की एक बैठक आयोजित कर तेनालीराम की बुद्धिमत्ता के किस्से सुनाइए। उत्तर: हमने स्कूल में ‘तेनालीरामन के किस्से’ नाम से एक रोचक बैठक की। इसमें सभी मित्रों ने बारी-बारी से तेनालीरामन की कहानियाँ सुनाईं। मैंने “तेनालीरामन और चोरी का पर्दाफाश” नामक किस्सा सुनाया, जिसमें तेनाली ने एक अनोखी तरकीब से चोर को पकड़वाया था। इस किस्से को सुनकर सभी हँस पड़े और साथ ही यह भी समझा कि मुश्किल समय में भी बुद्धिमानी से काम लिया जाए तो समाधान ज़रूर मिलता है।
शतरंज की भूल-भुलैया
प्रश्न: केवल नाम वाले शब्दों (संज्ञा) को एक-दूसरे से मिलाते हुए मंत्री को राजा तक पहुँचाइए। ध्यान रहे कि आपको संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया के आपस में नहीं मिलाना है।
प्रश्न 1: क्या आपको कथा-कहानी सुनना-सुनाना पसंद है? अपने उत्तर का कारण बताइए। उत्तर: हां, मुझे कथा-कहानी सुनना बहुत पसंद है क्योंकि इससे न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि हम नई-नई बातें भी सीखते हैं। कहानी सुनने से हमारा ध्यान केंद्रित रहता है और सोचने की क्षमता भी बढ़ती है।
प्रश्न 2: इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा कौन-सा है और क्यों? उत्तर: इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा वह है जब मदन की कविता ने राजा का खजाना बचा लिया। यह इसलिए रोचक है क्योंकि मदन ने बिना सोचे-समझे कविता बनाई, लेकिन उसी कविता ने चोरों को डराया और खजाने को बचाने में मदद की।
प्रश्न 3: राजा का खजाना मदन की कविता के कारण बचा या राजा के कारण जो कविता को जोर-जोर से बोल रहे थे? उत्तर: राजा का खजाना मदन की कविता और राजा की समझदारी दोनों के कारण बचा। कविता के कारण चोर डर गए और राजा के बोलने से उन्हें लगा कि वे पकड़े जा चुके हैं।
प्रश्न 4: राजमहल में जब मदन ने अपनी कविता सुनाई तो सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह क्यों ताकने लगे? उत्तर: जब मदन ने अपनी कविता सुनाई, तो सुनने वाले लोग आश्चर्यचकित हो गए क्योंकि कविता का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था। वे सभी एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि इसका अर्थ क्या हो सकता है, क्योंकि कविता थोड़ी अलग और अनोखी थी।
प्रश्न 5: आप इस कहानी का कोई और शीर्षक सुझाइए तथा बताइए कि यह शीर्षक क्यों देना चाहते हैं। उत्तर: मैं इस कहानी का शीर्षक “कविता का कमाल” के बजाय “मदन की अद्भुत कविता” रखना चाहूंगा। यह इसलिए क्योंकि मदन की कविता ने अद्भुत रूप से राजा का खजाना बचा लिया और यह एक अनोखी घटना थी।
कविता की बात
(पृष्ठ 132)
प्रश्न: उपयुक्त शब्द का चयन कर वाक्य पूरा कीजिए —
उत्तर:
मिलान कीजिए
(पृष्ठ 133)
प्रश्न 1: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को उनके क्रम से मिलाएँ —उत्तर:
प्रश्न 2: रिक्त स्थानों में उपयुक्त पंक्ति लिखिए और चित्र बनाकर उनका मिलान कीजिए — उत्तर: सोचिए और लिखिए
(पृष्ठ 134)
प्रश्न 1: “अब मैं तुझे और बिठाकर नहीं खिला सकती।” मदन की माँ ने ऐसा क्यों कहा? उत्तर: मदन की माँ ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वह बहुत गरीब थी और उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं थे। वह चाहती थी कि मदन कुछ पैसे कमाकर लाए ताकि वह उसे खिला सके।
प्रश्न 2: जब मदन ने महल का रास्ता पूछा तो धन्नू शाह ने ऐसा क्यों कहा कि अगर वह नहीं तो और कौन जानेगा? उत्तर: धन्नू शाह ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वह स्वयं महल में चोरी की योजना बना रहा था, इसलिए उसे महल का रास्ता अच्छे से पता था।
प्रश्न 3: कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है। क्या आपको भी ऐसा ही लगता है? कारण सहित लिखिए। उत्तर: हां, मुझे भी मदन की कविता विचित्र लगी। कविता के शब्द अलग-अलग जानवरों और चीज़ों से जुड़े थे, जिनका कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था। लेकिन यह कविता बहुत रोचक थी और बाद में यह कविता राजमहल में चोरों को पकड़ने में मदद करती है, जिससे उसकी विचित्रता का महत्व सामने आता है।
प्रश्न 4: राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी। आपको यह कैसी लगी? उत्तर: राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी क्योंकि कविता का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था और राजा उसे समझ नहीं पा रहे थे। मुझे यह कविता दिलचस्प लगी क्योंकि यह अपने आप में एक चुनौती थी और यह दिखाती है कि कभी-कभी रचनात्मकता से कुछ नया निकल सकता है।
समझ और अनुभव
(पृष्ठ 134)
प्रश्न 1: “सुरुर-सुरुर का पीवत है” पंक्त्ति में पीने के साथ ‘सुरस-सुरस’ शब्द का ही प्रयोग क्यों किया गया है? उत्तर: ‘सुरुर-सुरुर’ शब्द का प्रयोग पीने के साथ इसलिए किया गया है क्योंकि यह भैंस के पीने की आवाज़ और लयबद्धता को दर्शाता है। जब भैंस पानी पीती है, तो वह धीरे-धीरे सुर में जैसे पीती है, जिसकी आवाज़ ‘सुरुर-सुरुर’ जैसी लगती है। कविता में इस शब्द का प्रयोग उसी विशेष अंदाज को बताने के लिए किया गया है।
प्रश्न 2: राजदरबार में कवि सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ पुरस्कार में मिलेंगी। सौ अशर्फियों से आप क्या समझते हैं? उत्तरः सौ अशर्फियाँ यानी सोने के सिक्के, जो पुराने समय में बहुत मूल्यवान माने जाते थे। यह बहुत बड़ा इनाम था।
प्रश्न 3: “सरक-सरक कहाँ भागत है” पंक्त्ति में ‘सरक-सरक’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? यहाँ ‘सरक-सरक’ का ही प्रयोग क्यों किया गया है? उत्तर: ‘सरक-सरक’ शब्द साँप के लिए इस्तेमाल किया गया है। जब साँप चलता है, तो वह चुपचाप धीरे-धीरे रेंगता है। उसकी चाल से जो हल्की आवाज़ आती है, उसे ‘सरक-सरक’ कहा गया है। यह शब्द साँप की चाल को मज़ेदार और समझने में आसान बनाने के लिए कविता में लिखा गया है।
प्रश्न 4: “अब कोई चारा नहीं बस राजा साहब से दया की भीख माँग सकता हूँ।” ऐसा धनु शाह ने क्यों सोचा? उत्तर: धनु शाह ने यह इसलिए सोचा क्योंकि उसे लगा कि उसकी चोरी पकड़ी गई है और अब बचने का कोई और रास्ता नहीं बचा है, इसलिए उसने राजा से दया की भीख माँगने का निश्चय किया।
अनुमान और कल्पना
(पृष्ठ 134-135)
प्रश्न 1: यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता तो क्या होता? उत्तर: यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता, तो शायद वह अपनी माँ के लिए पैसे नहीं ला पाता और दोनों को भूखा रहना पड़ता। घर से बाहर जाकर ही उसने राजदरबार में कविता सुनाकर पुरस्कार के रूप में पैसे कमाए, जिससे उसकी माँ का पेट भरा और उनका जीवन सुधरा।
प्रश्न 2: अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि राजमहल कैसा होता होगा। उत्तर: मेरी कल्पना के अनुसार, राजमहल बहुत बड़ा और सुंदर होता होगा। वहाँ ऊँची-ऊँची इमारतें, विशाल बग़ीचे, कलात्मक फव्वारे और महल की दीवारों पर सुनहरी सजावट होती होगी। महल के अंदर भव्य कमरे, बड़े झूमर और शाही सामान होते होंगे। राजा के सिंहासन के पास दरबार लगता होगा, जहाँ दरबारी अपने-अपने कार्यों में व्यस्त रहते होंगे।
प्रश्न 3: राजा के खजाने में क्या -क्या होता होगा और कितना-कितना होता होगा? उत्तर: राजा के खजाने में सोने-चाँदी के सिक्के, बहुमूल्य रत्न, हीरे, मोती, जवाहरात, तांबे और अन्य कीमती धातुएँ होती होंगी। खजाने में बहुत अधिक संपत्ति जमा की जाती होगी, जो राजकोष के काम आती होगी और राजा की शक्ति व समृद्धि को दर्शाती होगी। इसके अलावा, उसमें कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें भी संग्रहीत होती होंगी।
प्रश्न 4: मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे विदा करते समय क्या -क्या उपहार दिए होंगे? उत्तर: मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे सोना-चाँदी, रत्न, कीमती वस्त्र और अन्य मूल्यवान उपहार दिए होंगे। संभवतः राजा ने उसे शाही रजाई, गहने और उसकी माँ के लिए धन भी भिजवाया होगा, ताकि वह प्रसन्न होकर अपने घर लौट सके।
प्रश्न 5: राजा ने मदन को बहुत सारा धन दिया होगा। उसे यह सब कहाँ-कहाँ खर्च करना चाहिए? उत्तर:
कहो कहानी, सुनो कहानी
(पृष्ठ 135)
कहानियाँ सुनना और सुनाना सभी को पसंद होता है। नीचे दिए गए निर्देशों के अनुसार कक्षा में ‘कविता का कमाल’ कहानी सुनाइए –
प्रश्न 1: स्वयं को मदन की जगह रखकर यह कहानी अपनी मातृभाषा या अपनी पसंद की भाषा में सुनाइए। उत्तर: “मैं मदन हूँ। मैं अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। हम बहुत गरीब थे। एक दिन माँ ने मुझसे कहा कि अब मैं तुझे बिना काम किए खाना नहीं खिला सकती। मैं कुछ कमाने के इरादे से निकल पड़ा। रास्ते में मुझे पता चला कि राजमहल में कवि सम्मेलन है। मैंने रास्ते में दिखने वाली चीजों जैसे—कुत्ते, भैंस, चिड़िया और साँप—को देखकर एक कविता बना ली। मेरी कविता अजीब थी, लेकिन उसी कविता के कारण चोर पकड़े गए। राजा ने मुझे बहुत इनाम दिया और मेरी ज़िंदगी बदल गई।”
प्रश्न 2: मदन आपका मित्र है। मदन ने कुछ समय पहले आपको यह कहानी सुनाई थी। अब आप यह कहानी अपनी कक्षा में सुनाइए। उत्तर: “मेरे दोस्त मदन ने मुझे एक बहुत ही मज़ेदार कहानी सुनाई थी। वह बहुत गरीब था, लेकिन एक दिन वह कुछ कमाने के लिए घर से निकला और राजमहल में कविता सुनाकर इनाम जीत लाया। उसकी कविता सुनकर चोर डर गए और पकड़े गए। राजा ने उसे सोना-चाँदी और कई उपहार दिए। मुझे यह कहानी बहुत प्रेरणादायक लगी, क्योंकि एक साधारण लड़के ने अपनी समझदारी और कला से बड़ा काम कर दिखाया।”
पाठ से आगे
(पृष्ठ 136)
प्रश्न 1: साँप रेंगकर चलते हैं। रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूची बनाइए और कक्षा में प्रदर्शित कीजिए। उत्तर: रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूचीः
साँप
केंचुआ
घोंघा
छिपकली
गिरगिट
मगरमच्छ
बिच्छू
प्रश्न 2: राजमहल में कवि-सम्मेलन की सूचना देने के लिए ढिंढोरा पीटा जा रहा था। आजकल ऐसी सूचनाएं कैसे दी जाती हैं? उत्तर: आजकल ऐसी सूचनाएँ मोबाइल संदेश, सोशल मीडिया (WhatsApp, Facebook), समाचार पत्र, पोस्टर, विद्यालय के नोटिस बोर्ड और उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से दी जाती हैं।
प्रश्न 3: आपके विद्यालय में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आप इसकी सूचना कैसे देंगे उत्तर: मैं विद्यालय की उद्घोषणा प्रणाली द्वारा सभी विद्यार्थियों को यह सूचना दूँगा कि— “हमारे विद्यालय में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इच्छुक छात्र-छात्राएँ हिंदी शिक्षक से संपर्क करें। सभी विद्यार्थियों से निवेदन है कि समय पर सभा कक्ष में पहुँचें।”
मीडिया और आप
(पृष्ठ 136)
मदन को मीडिया के प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। अपने को मदन मानते हुए इन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
उत्तर:आपकी कविता
(पृष्ठ 137)
रजनी, मदन की कविता को गाते हुए विद्यालय जा रही थी। उसे बहुत आनंद आ रहा था। चलते-चलते अचानक उसे एक पेड़ पर कुछ बंदर दिखाई दिए। वे एक डाल से दूसरी डाल पर कूद रहे थे। जब वह थोड़ा आगे बढ़ी तो उसे एक सियार दिखाई दिया। सियार ‘हुआँ-हुआँ’ कर रहा था। अब सियार को आधार बनाकर आप कविता को पूरा करने में रजनी की सहायता कीजिए।
उत्तर:
भाषा की बात
(पृष्ठ 137-138)
प्रश्न 1: मुहावरे हमेशा एक विशेष अर्थ देते हैं जो उनके शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है। जैसे- ‘फूला न समाना’ मुहावरे का अर्थ है — अत्यधिक प्रसन्न होना। वाक्य प्रयोग – विद्यालय की खेल प्रतियोगिता में पुरस्कार पाकर राहुल फूला न समा रहा था। अब आप अपनी लेखन-पुस्तिका में निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
(क) मन में लड्डू फूटना उत्तर: अर्थ: अत्यधिक खुशी महसूस होना वाक्य प्रयोग: जब मदन ने राजा से इनाम में सोने-चाँदी का पुरस्कार लिया, तो उसके मन में लड्डू फूट रहे थे।
(ख) मुँह ताकना उत्तर: अर्थ: चुपचाप और ध्यान से देखना वाक्य प्रयोग: राजदरबार में जब मदन ने कविता सुनाई, तो सभी लोग मुँह ताकने लगे क्योंकि कविता का अर्थ समझ में नहीं आ रहा था।
प्रश्न 2: निम्नलिखित गद्यांश में कहीं-कहीं विराम चिह्नों का प्रयोग हुआ है। इस गद्यांश को उचित ठहराव के साथ पढ़िए। उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, “ताक-झाँक का खोजत है?” तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपने आप एक और पंक्ति सूझ गई, “हम जानत का ढूँढ़त है।” उत्तर: गद्यांश का उचित ठहराव के साथ पठनः उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, “ताक-झाँक का खोजत है?” तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपनी एक और पंक्ति सूझ गई, “हम जानत का ढूँढ़त है।” उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, “ताक-झाँक का खोजत है?” तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपनी एक और पंक्ति सूझ गई, “हम जानत का ढूँढ़त है।”
प्रश्न 3: नीचे लिखे वाक्यों में उपयुक्त विराम चिह्न लगाकर वाक्य पूरा कीजिए—
उत्तर:
कलाकारी
(पृष्ठ 138)
प्रश्न: ढोल, नगाड़ा या अन्य कोई वाद्ययंत्र बजाते हुए बोलिए, “सुनो, सुनो, सुनो! राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ इनाम में मिलेंगी।” अब इस संवाद को अपनी मातृभाषा में हाव-भाव के साथ बोलिए। उत्तर: ढोल या नगाड़े की आवाज़ के साथ जोर से बोलिए: “सुनो! सुनो! सुनो! राजदरबार में भव्य कवि सम्मेलन हो रहा है! जो भी सबसे अच्छी कविता सुनाएगा, उसे मिलेगा सौ अशर्फियों का इनाम! जल्दी आओ! भाग मत जाओ! सुनने और सुनाने का ये सुनहरा मौका मत गँवाओ!”
आपकी सूझ-बूझ
(पृष्ठ 138)
प्रश्न: एक व्यक्ति के घर के बाहर दस मीटर ऊँचा एक खजूर का पेड़ था। एक बंदर उस पर चढ़ने लगा। वह पेड़ की चोटी पर पहुँचना चाहता था। समस्या यह थी कि वह दिन के समय तो 5 मीटर चढ़ जाता था परंतु जब रात होती तो वह 4 मीटर नीचे फिसल जाता था। क्या आप बता सकते हैं कि बंदर पेड़ की चोटी पर पहुँचने में कितने दिन में सफल होगा? उत्तर: स्थिति:
पेड़ की ऊँचाई = 10 मीटर
हर दिन बंदर 5 मीटर चढ़ता है
हर रात वह 4 मीटर फिसल जाता है
यानी हर पूरा दिन (दिन + रात) में वह 1 मीटर ऊपर जाता है
दिन-प्रतिदिन की प्रगति: बंदर 6वें दिन चोटी तक पहुँच जाएगा: क्योंकि 6वें दिन वह सुबह 5 मीटर चढ़कर सीधा 10 मीटर की चोटी तक पहुँच जाएगा — अब रात में फिसलेगा नहीं क्योंकि वह लक्ष्य तक पहुँच चुका है।
प्रश्न 1: आपके घर में सबसे पुरानी फोटो किसकी है? उसके बारे में बताइए। उत्तर: हमारे घर में सबसे पुरानी फोटो मेरे दादा-दादी की है। वह फोटो काले और सफेद रंग की है। उस समय लोग स्टूडियो जाकर फोटो खिंचवाते थे। उसमें दादा जी धोती-कुर्ता पहने हैं और दादी साड़ी में हैं। वे बहुत सादे और सरल दिखते हैं।
प्रश्न 2: आप किन-किन अवसरों पर फोटो खिंचवाना पसंद करते हैं? उत्तर: मैं जन्मदिन, त्योहारों, स्कूल के वार्षिकोत्सव, शादी या यात्रा पर जाते समय फोटो खिंचवाना पसंद करता हूँ। मैं जब भी नए कपड़े पहनता हूँ या परिवार के साथ कहीं घूमने जाता हूँ, तो फोटो जरूर खिंचवाता हूँ।
प्रश्न 3: आप कहाँ-कहाँ घूमने गए हैं और वहाँ आपने क्या-क्या देखा है? क्या आपने वहाँ अपनी कोई फोटो ली है? कक्षा में अपने सहपाठियों को बताइए। उत्तर: मैं अपने परिवार के साथ आगरा गया था। वहाँ मैंने ताजमहल देखा जो बहुत सुंदर है। मैंने वहाँ बगीचा, फव्वारे और संगमरमर की दीवारें देखीं। हमने बहुत सारी फोटो लीं और वे सब बहुत सुंदर आईं।
प्रश्न 4: आजकल विद्यालयों, बैंकों और घरों में कैमरों का प्रयोग होने लगा है। आपके अनुसार ऐसा क्यों हो रहा है? उत्तरः आजकल सुरक्षा के लिए कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे हम यह देख सकते हैं कि कौन आया और क्या हो रहा है। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए, बैंकों में चोरी रोकने के लिए और घरों में अनजान लोगों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए जाते हैं।
पाठ के भीतर
(पृष्ठ 118-119)
प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर पर सही का चिन्ह (✓) लगाइए—
उत्तर:
प्रश्न 2: किसने, किससे कहा?
उत्तर:
सोचिए और लिखिए
(पृष्ठ 119)
प्रश्न 1: जब चाचा नया कैमरा लेकर आए तो उन्होंने छोटे से क्या कहा? उत्तर: जब चाचा नया कैमरा लेकर आए तो उन्होंने दरवाजे से ही चिल्लाकर छोटे से कहा – “कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, बैठ यहाँ, खींचूँगा फोटू!”
प्रश्न 2: चाचा ने कैमरे की कार्यप्रणाली को कैसे समझाया? उत्तर: चाचा ने बताया कि कैमरा प्रकाश और छाया के खेल से चित्र बनाता है और हू-ब-हू वैसा ही रूप कागज पर लाता है।
प्रश्न 3: कविता में कैमरे की कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई गई हैं? उत्तर: कैमरे की विशेषताएँ:
कैमरा असली रूप जैसा हू-ब-हू चित्र बनाता है।
खोटा-खरा जैसा भी होगा, वैसा ही चित्र आएगा।
कैमरा फूलों, पक्षियों, और परिवार के सदस्यों का भी सुंदर चित्र खींच सकता है।
प्रश्न 4: “यह क्या है चक्कर, छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर?” यह पंक्ति किसके द्वारा कही गई है और क्यों? उत्तर: यह पंक्ति छोटू द्वारा कही गई है। उसने यह इसलिए कहा क्योंकि वह कैमरे की कार्यप्रणाली को समझ नहीं पाया और उसे लगा कि कैमरे में कोई चित्र बनाने वाला पेंटर छिपा है।
प्रश्न 5: कविता के आधार पर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— (क) नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ………………… चिल्लाए। (भी/ही) (ख) ………………… मीठा गाता है। (कोयला/कोयल) (ग) कहाँ गया, जल्दी आ छौरे बैठ ………………… खींचूँगा फोटो! (यहाँ/वहाँ) (घ) कैमरे ने ………………… चित्र खींचा। (हु-ब-हु/हू-ब-हू) उत्तर: (क) नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ही चिल्लाए। (ख)कोयल मीठा गाता है। (ग) कहाँ गया, जल्दी आ छौरे बैठ यहाँ खींचूँगा फोटो! (घ) कैमरे ने हू-ब-हू चित्र खींचा।
भाषा की बात
(पृष्ठ 119-120)
प्रश्न 1: नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखिए — (क) जल्दी आकर फोटो खिंचवाइए, …………………. मत कीजिए। (ख) बड़े भैया ने …………………. भाई को पुस्तक दी। (ग) हमें किसी की बुराई न करके …………………. करनी चाहिए। (घ) शत्रु को भी …………………. बना लेना महानता का गुण है। उत्तर: (क) जल्दी आकर फोटो खिंचवाइए, धीमी मत कीजिए। (ख) बड़े भैया ने छोटे भाई को पुस्तक दी। (ग) हमें किसी की बुराई न करके भलाई करनी चाहिए। (घ) शत्रु को भी मित्र बना लेना महानता का गुण है।
प्रश्न 2: कविता में आए नाम वाले शब्दों (संज्ञा) तथा विशेषता बताने वाले शब्दों (विशेषण) की पहचान करके उन्हें नीचे दिए गए स्थानों में लिखिए —
उत्तर:
प्रश्न 3: नीचे पहिए में कुछ वर्ण और मात्राएँ दी गई हैं। इनका प्रयोग करते हुए नए-नए शब्द बनाइए, जैसे – चाचा, खेल आदि। वर्णों और मात्राओं का प्रयोग एक से अधिक बार किया जा सकता है।
उत्तर:
शब्द खेल
(पृष्ठ 121)
प्रश्न 1: नीचे दी गई वर्ग पहेली में पारिवारिक संबंधों का बोध कराने वाले शब्द छिपे हैं। उन्हें खोजिए और लिखिए — उत्तर:
प्रश्न 2: समान तुक वाले शब्दों पर सही का चिह्न (✓) लगाइए— उत्तर: कविता से आगे
(पृष्ठ 122)
प्रश्न 1: हमें सेल्फी लेते समय क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए? कक्षा में सहपाठियों के साथ अपनी बात रखिए। उत्तर: सेल्फी लेते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि
मोबाइल को ठीक से पकड़ें ताकि वह गिर न जाए।
चलते हुए या सड़क पर खड़े होकर सेल्फ़ी न लें।
ऊँचे या खतरनाक स्थानों पर सेल्फ़ी लेना टालें।
ग्रुप फोटो लेते समय सभी का चेहरा अच्छे से दिखे इस बात का ध्यान रखें।
कैमरे की फ्लैश और लाइट से आँखों को नुकसान न हो, इसका ध्यान रखें।
प्रश्न 2: प्राचीन समय में जब कैमरा नहीं था, तब चित्र कैसे बनाए जाते थे? उत्तर: जब कैमरा नहीं था, तब लोग चित्र हाथ से बनाते थे। पेंटर ब्रश और रंगों का उपयोग करके लोगों, प्रकृति, महलों और घटनाओं के चित्र बनाते थे। ऐसे चित्र बहुत सुंदर होते थे और उनमें कलाकार की कल्पना और मेहनत दिखाई देती थी।
प्रश्न 3: आँख भी एक कैमरे की तरह काम करती है। क्या आप इस बात से सहमत हैं? इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए। उत्तर: हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि आँख भी कैमरे की तरह काम करती है। जैसे कैमरा किसी वस्तु को देखकर उसका चित्र बनाता है, वैसे ही आँख किसी चीज़ को देखकर उसका रूप हमारे दिमाग तक पहुँचाती है। आँख की पुतली कैमरे के लेंस की तरह काम करती है। जो कुछ हम देखते हैं, वह हमारे मस्तिष्क में “तस्वीर” की तरह दर्ज हो जाता है।
प्रश्न 4: दिए गए चित्रों का उनके सही नाम से मिलान कीजिए।
उत्तर:
पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
(पृष्ठ 122)
प्रश्न 1: अपने विद्यालय के पुस्तकालय में जाकर या किसी अन्य स्रोत से कैमरे से संबंधित अन्य जानकारी एकत्रित कीजिए। उत्तर: कैमरे से संबंधित अन्य जानकारी:
कैमरा सबसे पहले 1839 में बना था।
पहले कैमरे में फोटो लेने के बाद उसे धुलकर तैयार करना पड़ता था।
आजकल डिजिटल कैमरे आते हैं, जिनसे तुरंत फोटो दिख जाती है।
कैमरे का उपयोग विज्ञान, समाचार, यात्रा और सुरक्षा में होता है।
प्रश्न 2: शिक्षक की सहायता से अपने देश से संबंधित ऐतिहासिक महत्व के चित्रों को खोजकर उनके बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए। उत्तर: ऐतिहासिक महत्व के चित्रों की जानकारीः
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का चित्र
सुभाष चंद्र बोस की सेना के चित्र
गांधीजी की दांडी यात्रा
स्वतंत्रता दिवस 1947 का ऐतिहासिक चित्र
इन चित्रों को पुस्तकालय या इंटरनेट से खोजा जा सकता है और उनके बारे में जानकारी एकत्र की जा सकती है।
कैमरे से संवाद
(पृष्ठ 123)
प्रश्न 1: आपकी बातचीत यदि कैमरे से हो तो आप उससे क्या-क्या बात करेंगे? अपनी कल्पना से नीचे दी गई चित्रकथा को पूरा कीजिए – उत्तर:
प्रश्न 1: आपको कौन-सी मिठाई सबसे अधिक पसंद है और क्यों? उत्तर: मुझे रसगुल्ला सबसे अधिक पसंद है क्योंकि वह रस से भरा होता है और बहुत मुलायम होता है। उसका स्वाद बहुत ही मीठा और स्वादिष्ट लगता है।
प्रश्न 2: आपके घर में मिठाई कब-कब बनाई और बाँटी जाती है? उत्तर: हमारे घर में मिठाई त्योहारों, जन्मदिन, और शुभ कार्यों जैसे शादी या पूजा के अवसर पर बनाई और बाँटी जाती है।
प्रश्न 3: घर से विद्यालय तक जाते हुए आपको किन-किन वस्तुओं की दुकानें मिलती हैं? उत्तर: घर से विद्यालय तक जाते हुए मुझे रास्ते में किराने की दुकान, फल की दुकान, मिठाई की दुकान, दूध की दुकान और स्टेशनरी की दुकानें मिलती हैं।
प्रश्न 4: अगर आप अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करते तो किन-किन बातों पर चर्चा करते? उत्तर: अगर मैं अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करता तो हम स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, खेलकूद, पढ़ाई में अनुशासन, और आपसी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा करते।
पाठ के भीतर
(पृष्ठ 107-108)
प्रश्न 1: रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण है? उत्तर: रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की अत्यधिक मिठास ही उनकी उपेक्षा का कारण है, क्योंकि अधिक मीठा खाने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ होती हैं।
प्रश्न 2: लड्डू दादा ने क्या-क्या सुझाव दिए? उत्तर: लड्डू दादा ने सुझाव दिया कि मिठाइयों में शक्कर की मात्रा कम करनी चाहिए और लोगों को संयम से मिठाई का सेवन करना चाहिए। साथ ही, लोगों को नियमित व्यायाम कर स्वस्थ रहना चाहिए।
प्रश्न 3: “फिर हमें मिठाई कौन कहेगा?” गुलाबजामुन ने ऐसा क्यों कहा? उत्तर: गुलाबजामुन ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि यदि मिठाइयों में शक्कर कम कर दी जाए, तो वे मिठाई की तरह स्वादिष्ट नहीं रहेंगी।
प्रश्न 4: इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात क्यों कही गई है? उत्तर: इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि अधिक मिठाई खाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए संयम आवश्यक है।
प्रश्न 5: इस पाठ में मिठाइयों को लड्डू दादा, बरफ़ी बहन आदि नामों से पुकारा गया है। नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार मिठाइयों को अपनी पसंद के नाम देते हुए उनके चित्र भी बनाइए — उत्तर:
हमारी मिठास
(पृष्ठ 109-110)
प्रश्न 1: हमारे देश के विभिन्न प्रदेशों में बनाई जाने वाली मिठाइयों के बारे में पता कीजिएऔर उनके नाम भी लिखिए — उत्तर: प्रश्न 2: पढ़िए, समझिए और लिखिए —
उत्तर:
प्रश्न 3: विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ बनाने के लि ए अनाज, साग-भाजी, फल-फूल, पत्ते, दलहन, ति लहन और सूखे मेवे आदि का उपयोग होता है। अपने अध्यापक या अभिभावक की सहायता से दी गई तािलका को पूरा कीजिए — उत्तर:
भाषा की बात
(पृष्ठ 110-111)
प्रश्न 1: ‘मन में लड्डू फूटना’का अर्थ है अत्यधिक प्रसन्न होना, जैसे— जब ज्योति को लाल किला जाने का अवसर मिला तो उसके मन में लड्डू फूटने लगे। इसी प्रकार फल, मसाले और साग-भाजी पर आधारित मुहावरे ढूँढकर लिखिए— (क)अंगूर खट्टे हैं। (ख) ………………………………………….. (ग) ………………………………………….. (घ) ………………………………………….. (ङ) ………………………………………….. अब इन मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य भी बनाइए। उत्तर: (क) अंगूर खट्टे हैं अर्थ: जो चीज़ नहीं मिलती, उसे बेकार बताना वाक्य: राहुल से हारने के बाद रोहित ने कहा कि यह खेल तो बच्चों वाला है — अंगूर खट्टे हैं।
(ख) केला फिसलना अर्थ: अचानक किसी गलती के कारण शर्मिंदा होना वाक्य: सभा में बोलते समय रवि से एक शब्द गलत निकल गया, वह केला फिसल गया।
(ग) नमक हराम अर्थ: विश्वासघाती या धोखेबाज़ वाक्य: अपने ही दोस्त को नुकसान पहुंचाने वाला नमक हराम होता है।
(घ) गाजर मूली समझना अर्थ: किसी को बहुत हल्के में लेना वाक्य: वह मुझे गाजर मूली समझ कर जो चाहे कहता है।
(ङ) हल्दी लगे न फिटकरी अर्थ: बिना मेहनत के काम हो जाना वाक्य: उसने तो हल्दी लगे न फिटकरी वाले अंदाज़ में इनाम जीत लिया।
प्रश्न 2: नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार शब्दों के बहुवचन लिखिए — उत्तर:
प्रश्न 3: कुछ मिठाइयों के नाम दो शब्दों के मेल से बनते हैं। यहाँ कुछ नाम दिए गए हैं। इनकी सहायता से मिठाइयों के पूरे नाम लिखिए —
उत्तर: साग-भाजियों का सम्मेलन
(पृष्ठ 112)
प्रश्न: ॠषभ और गुरप्रीत एक दिन घर में खेल रहे थे कि अचानक उन्हें रसोईघर से कुछ आवाजें आईं। वहाँ साग-भाजियाँ आपस में बातें कर रही थीं। उनकी बातचीत को पूरा कीजिए। उत्तर:
हम और हमारा स्वास्थ्य
(पृष्ठ 113)
प्रश्न 1: स्वस्थ रहने के लिए आप क्या-क्या करते हैं? इससे संबंधित पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। उत्तर: स्वस्थ रहने के लिए पाँच वाक्यः
मैं रोज़ सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करता हूँ।
मैं संतुलित भोजन करता हूँ और ज़्यादा मीठा नहीं खाता।
मैं हर दिन फल और हरी सब्ज़ियाँ खाता हूँ।
मैं टीवी और मोबाइल बहुत कम समय के लिए देखता हूँ।
मैं हर दिन समय पर सोता हूँ और समय पर उठता हूँ।
प्रश्न 2: “जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है।” अगर आपके पास इस कथन से संबंधित कोई अनुभव है तो उसे कक्षा में साझा कीजिए और उस पर चर्चा कीजिए। शिक्षक भी कुछ उदाहरण देकर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। उत्तर: एक बार मैंने बहुत अधिक मिठाइयाँ खा ली थीं, जिससे मुझे पेट दर्द हो गया और डॉक्टर के पास जाना पड़ा। तभी मुझे समझ आया कि किसी भी चीज़ का अधिक उपयोग नुकसानदायक होता है। हमें खाने, खेलने, पढ़ने आदि हर काम में संतुलन बनाए रखना चाहिए। इसी तरह अगर कोई बहुत ज्यादा मोबाइल या टीवी देखता है, तो उसकी आँखें और दिमाग कमजोर हो सकते हैं। इसलिए हर काम में सीमा का ध्यान रखना ज़रूरी है।
भूल-भुलैया
प्रश्न: भाई-बहन मिठाइयों के सम्मेलन में गए थे और लौटते समय घर का रास्ता भूल गए। इन्हें जलेबी भूल-भुलैया से बाहर निकालिए –
प्रश्न 1: ओणम का त्योहार कब मनाया जाता है? उत्तर: ओणम का त्योहार श्रावण महीने के श्रावण नक्षत्र के दिन मनाया जाता है।
प्रश्न 2: ओणम का त्योहार किस पौराणिक कथा पर आधारित है? उत्तर: ओणम का त्योहार महाबली नामक राजा की पौराणिक कथा पर आधारित है, जिनका शासन बहुत ही सुखमय और समानता से भरा हुआ था। कहा जाता है कि महाविष्णु ने वामन रूप में आकर उनसे तीन पग भूमि मांगी थी।
प्रश्न 3: आप कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं? उत्तर: मैं दीवाली, होली, दशहरा, ईद, रक्षाबंधन जैसे कई त्योहार मनाता हूँ।
प्रश्न 4: आपको कौन-सा त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है और क्यों? उत्तर: मुझे दीपावली का त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है क्योंकि इस दिन घर को दीपों और रंगोलियों से सजाया जाता है, मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं और चारों ओर खुशी का माहौल होता है।
प्रश्न 5: त्योहार वाले दिन आप क्या-क्या करते हैं? उत्तर: त्योहार के दिन, मैं सुबह जल्दी उठकर नहाता / नहाती हूँ, नए कपड़े पहनता / पहनती हूँ, और घर की सफाई व सजावट में भाग लेता/ लेती हूँ। फिर मैं मिठाइयाँ बनाता / बनाती हूँ और परिवार तथा मित्रों के साथ मिलकर पूजा और उत्सव मनाता/मनाती हूँ।
पाठ के भीतर
(पृष्ठ 95-97)
प्रश्न 1: प्रश्नों के सटीक उत्तर के सामने सूरज का चित्र () बनाइए—
उत्तर:
प्रश्न 2:स्तंभ ‘क’ का स्तंभ ‘ख’ से मिलान कीजिए।
उत्तर:
प्रश्न 3: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए—
(क) ओणम के भोज में कौन-कौन से भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं? किसी एक भोज्य पदार्थ के बारे में विस्तार से लिखिए। उत्तर: ओणम के भोज में चावल, सब्जियाँ, खीर, पापड़ और कई प्रकार के स्वादिष्ट फल बनाए जाते हैं। खीर के बारे में: खीर चावल, दूध और चीनी से बनाई जाती है। इसमें कभी-कभी सूखे मेवे भी डाले जाते हैं। खीर मीठा और स्वादिष्ट पकवान होता है जिसे त्योहारों पर विशेष रूप से बनाया जाता है।
(ख) आपके राज्य में कौन-से त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं? उन त्योहारों की कौन-सी बातें ओणम से मिलती-जुलती हैं? उत्तर: मेरे राज्य में दीपावली, होली और रक्षाबंधन जैसे त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं। इन त्योहारों में भी लोग घर की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, स्वादिष्ट भोजन बनाते हैं और परिवार तथा मित्रों के साथ खुशियाँ बाँटते हैं। ये बातें ओणम से मिलती-जुलती हैं।
(ग) ओणम में गाए जाने वाले लोकगीत में महाबली के शासन की किन विशेषताओं का उल्लेख है? उत्तर: लोकगीत में महाबली के शासन को एक आदर्श युग के रूप में बताया गया है। उसमें कहा गया है कि
सब लोग एक समान थे।
दुख-दर्द, छल-कपट, धोखा, द्वेष और अत्याचार का कोई नामोनिशान नहीं था।
हर जगह प्रेम और प्रसन्नता थी।
(घ) पाठ में आए किस उल्लेख के आधार पर कहा जा सकता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते थे? उत्तर: जब महाबली पाताल लोक जा रहे थे, तो उन्होंने भगवान विष्णु से यह वरदान माँगा कि उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने की अनुमति दी जाए। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे अपनी प्रजा से बहुत प्रेम करते थे।
(ङ) पाठ में आई किन बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है? उत्तर: पाठ में बताया गया है कि वर्षा के बाद आकाश साफ हो जाता है, ठंडी हवाएँ चलती हैं, सूरज की किरणें चमकती हैं, समुद्र और नदी का पानी स्वच्छ हो जाता है। पक्षी चहचहाते हैं और तितलियाँ फूलों पर मँडराती हैं। ये सब बातें दिखाती हैं कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है।
मधुर स्मृतियाँ
(पृष्ठ 97)
प्रश्न 1: अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाइए कि वे अपने जीवन के बीते हुए किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। उन बातों को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। उत्तर: मैंने अपने दादीजी से बात की। उन्होंने बताया कि जब वे छोटी थीं, तब सारे परिवार के लोग एक साथ त्योहार मनाते थे। सब मिलकर पकवान बनाते थे और बहुत मज़ा आता था। पापा ने बताया कि जब उन्होंने स्कूल में इनाम जीता था, तब वे बहुत खुश हुए थे। मम्मी को वह दिन बहुत अच्छा लगता है जब मैं पहली बार स्कूल गया था और मुस्कुराता हुआ हाथ हिलाकर उनसे विदा लिया था।
प्रश्न 2: आपके घर के सदस्य आपकी किन बातों से प्रसन्न होते हैं? वे आपकी प्रसन्नता के लिए क्या-क्या प्रयास करते हैं? आप उनके प्रति आभार कैसे व्यक्त करते हैं? उत्तर: मेरे घर के सदस्य मेरी पढ़ाई में सफलता, अच्छे व्यवहार और मेरी कोशिशों से प्रसन्न होते हैं। वे मेरी प्रसन्नता के लिए मुझे घुमाने ले जाते हैं, स्वादिष्ट खाना बनाते हैं और मुझे प्यार करते हैं। मैं उनके प्रति आभार प्रकट करने के लिए उनका कहना मानता/मानती हूँ, उनका सम्मान करता/करती हूँ और उन्हें धन्यवाद देता/देती हूँ।
देश हमारा एक, रंग इसके अनेक
(पृष्ठ 100-101)
प्रश्न 1: पाठ में आई उस पंक्ति को चिह्नित करके लिखिए जिससे यह पता चलता है कि ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है। उत्तर: “किसान उपज काट चुके हैं और खलिहानों में धान भरे हैं।” यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि ओणम त्योहार खेतों की फसल और उपज से जुड़ा हुआ है।
प्रश्न 2: कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह बनाकर आपस में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि हमारे देश में खेतों की उपज से जुड़े और कौन-कौन से त्योहार हैं। ऐसे त्योहारों की सूची भी तैयार कीजिए। उत्तर: छात्रों द्वारा चर्चा के बाद तैयार की गई खेतों की उपज से जुड़े त्योहारों की सूची:
पोंगल – तमिलनाडु
मकर संक्रांति – उत्तर भारत
बैसाखी – पंजाब
लोहड़ी – पंजाब/हरियाणा
नुआखाई – ओडिशा
बिहू – असम
ओणम – केरल
ये सभी त्योहार फसल की कटाई और कृषि से जुड़ी खुशियों का उत्सव हैं।
प्रश्न 3: उपज से जुड़े निम्नलिखित त्योहार भारत के किन-किन राज्यों में मनाए जाते हैं? उनके नीचे दिए गए रंगों के द्वारा उन्हें मानचित्र में दर्शाइए—
उत्तर: यहाँ रंगों का उल्लेख आप अपने मानचित्र के अनुसार कर सकते हैं। उत्तर लिखने के लिए राज्यों के नाम दिए जा रहे हैं।
प्रश्न 4: ओणम पर गाया जाने वाला लोकगीत —
उत्तर: यह गीत बच्चे खुद गाकर सुनाएँ।
शब्दों का चमत्कार
(पृष्ठ 101-102)
प्रश्न 1: पाठ में आए कुछ वाक्यों के अंश नीचे लिखे हैं, इन्हें ध्यान से पढ़िए—
हल्की-हल्की बयार के झोंके
ऊँचे-ऊँचे दीपदान
नन्हे-नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प
इन वाक्यांशों में ‘हल्की’, ‘ऊँचे’ तथा ‘नन्हे’ शब्दों का दो बार प्रयोग किया गया है। इन शब्दों का एक बार प्रयोग करके पढ़ते हैं—
हल्की बयार के झोंके
ऊँचे दीपदान
नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प
अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए कि विशेषता बताने वाले शब्दों का एक साथ दो बार प्रयोग करने से वाक्य में किस प्रकार का विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है। आप भी ऐसे कुछ वाक्य लिखिए। उत्तर: विशेषता बताने वाले शब्दों को दो बार प्रयोग करने से वाक्य में मधुरता, लय और गहराई का अनुभव होता है। इससे भावनाएँ अधिक सुंदर और प्रभावशाली बनती हैं। कुछ उदाहरण वाक्यः
मीठी-मीठी बातें दिल को भा गईं।
धीरे-धीरे चलो, फिसल सकते हो।
लंबी-लंबी साँसें लेकर वह शांत हुआ।
छोटी-छोटी बातों में वह खुश हो जाती है।
रिमझिम-रिमझिम बारिश में बच्चे झूम उठे।
प्रश्न 2: नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए— (क) पूर्व दिशा में सह्य पर्वत के पीछे से जब सूरज निकलता है तो पश्चिमी तट पर समुद्र की लहरें चमकने लगती हैं। (ख) रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडराती दिखाई देती हैं। (ग) वर्षा के बादल छँटते ही ठंडी-ठंडी तेज हवाएँ थम जाती हैं। उपर्युक्त वाक्यों में ‘चमकना’, ‘मँडराना’ और ‘थमना’ शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्ति का में वाक्य बनाइए। उत्तर: ‘चमकना’, ‘मँडराना’ और ‘थमना’ शब्दों से वाक्य
चमकना: रात में आसमान में तारे सुंदर चमकते हैं।
मँडराना: मधुमक्खियाँ फूलों के चारों ओर मँडराती रहती हैं।
थमना: तेज़ बारिश कुछ देर बाद थम गई।
प्रश्न 3: इस पाठ में आए विशेषता बताने वाले शब्दों (विशेषण) को छाँटकर लिखिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए—
उत्तर:
प्रश्न 4: केरल की मुख्य भाषा मलयालम है। इस शब्द को उलटकर पढ़ें तो भी यह मलयालम ही पढ़ा जाएगा। ऐसे और भी शब्द हैं जो आगे-पीछे से पढ़ने पर एक समान रहते हैं, जैसे – सरस और जहाज। आप भी पाँच-पाँच की टोलियों में ऐसे और शब्द खोजिए। उत्तर: यहाँ कुछ और ऐसे शब्द हैं:
कडक
मदम
नयन
रबर
नमन
त्योहार और सामूहिकता
(पृष्ठ 103)
प्रश्न 1: इस पाठ को पुनः पढ़िए और उन पंक्तियों को चिह्नित कीजिए जिनसे यह भाव निकलता है कि त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं। उत्तर: त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाने की पंक्तियाँ
“प्रत्येक वर्ग के लोग अपनी चिंताओं और दुख-दर्द को भूलकर बहुत धूम-धाम से इस पर्व को मनाते हैं।”
“हर कोई मिल-जुलकर ओणम का त्योहार मनाता है।”
“सभी लोग ओणम मनाने की तैयारियों में जुट जाते हैं।”
प्रश्न 2: आपके विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन किया जाना है। इस आयोजन का संपूर्ण उत्तरदायित्व आपकी कक्षा को दिया गया है। (क) सभी सहपाठी मिलकर योजना बनाइए कि ‘वन महोत्सव’ के आयोजन हेतु क्या-क्या किया जाएगा। उत्तर: वन महोत्सव आयोजन योजनाः
सभी सहपाठी मिलकर स्कूल में पौधरोपण अभियान चलाएँगे।
छोटे-छोटे पौधों को स्कूल परिसर में लगाया जाएगा।
पौधों की देखभाल के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पोस्टर बनाकर वृक्षारोपण का महत्व बताया जाएगा।
भाषण, कविता पाठ और नाटक का आयोजन किया जाएगा।
शिक्षक व अभिभावकों को आमंत्रित किया जाएगा।
(ख) वन महोत्सव में अभिभावकों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र तैयार कीजिए। उत्तर: आमंत्रण पत्र प्रिय अभिभावकगण, नमस्ते।
हमारे विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस अवसर पर हम सभी मिलकर पेड़-पौधे लगाएंगे और प्रकृति से प्रेम करना सीखेंगे।
आपका विद्यालय में स्वागत है! कृपया इस कार्यक्रम में आकर बच्चों का उत्साह बढ़ाएँ।
दिनांक: 5 जून समय: प्रातः 9:00 बजे से स्थान: विद्यालय परिसर
आइए, मिलकर वृक्षारोपण करें और प्रकृति को संवारें। सादर, प्रधानाध्यापक [विद्यालय का नाम]
प्रश्न 3: दिए गए स्थान पर पूक्कलम (रंगोली) बनाइए— उत्तर:
प्रश्न 4: आप अपने विद्यालय में आयोजित उत्सवों में किस प्रकार योगदान देते हैं?
उत्तर:
यह भी जानिए
(पृष्ठ 104)
प्रश्न 1: नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर केरल के बारे में अध्यापकों और पुस्तकालय की सहायता से कुछ और जानकारी जुटाइए। उत्तर:
शास्त्रीय नृत्य: कथकली, मोहिनीअट्टम
भाषा: मलयालम
परिधान/वस्त्र: पुरुष मुंडू; महिलाएँ कसवु साड़ी
मुख्य फसल: धान (चावल), नारियल, रबर
राजधानी: तिरुवनंतपुरम
त्योहार: ओणम, विषु, त्रिशूर पूरम
सीमांत प्रदेश: कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप समुद्र
प्रश्न 2: ‘वामन’ शब्द का प्रयोग सामान्यतः छोटे कद के व्यक्तियों के लिए किया जाता है। महाबली ने संभवतः विष्णु के वामन रूप को देखते हुए ही उन्हें तीन पग भूमि दान देने का निर्णय किया होगा। हम भी किसी के शारीरिक रंग-रूप को देखकर उसकी क्षमता के बारे में विशेष धारणा बना लेते हैं जो हमेशा सही नहीं होती। कुछ ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता कीजिए और उनकी एक सूची बनाइए जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त की। उत्तर: शारीरिक अक्षमता के बावजूद बड़ी उपलब्धि पाने वाले व्यक्तियों की सूचीः
स्टीफन हॉकिंग – प्रसिद्ध भौतिकशास्त्री (ALS रोग से ग्रसित)
हेलेन केलर – दृष्टिहीन और श्रवण बाधित होते हुए भी शिक्षा और समाजसेवा में योगदान।
दीपा मलिक पैरा ओलंपिक में पदक विजेता।
सुधा चंद्रन कृत्रिम पैर के सहारे प्रसिद्ध नृत्यांगना।
प्रश्न 1: राजा ने अपने पुत्र का सलाहकार किसे और क्यों चुना? उत्तर: राजा ने एक नवयुवक दरबारी को अपने पुत्र का सलाहकार चुना, क्योंकि उसने सच्चा और ईमानदार उत्तर दिया था, जबकि बाकी दरबारियों ने झूठे उत्तर दिए थे।
प्रश्न 2: दरबारियों ने राजा के उधार के जौहरी से तुरंत जाँच करवाई। इससे उनके बारे में कौन-कौन सी बातें पता चलती हैं? उत्तर: दरबारियों ने जौहरी से जाँच करवाकर यह पता किया कि सभी हीरे नकली थे, जो उन्होंने राजा से प्राप्त किए थे। इससे यह बात सामने आई कि उन्होंने झूठा उत्तर दिया था।
प्रश्न 3: नवयुवक दरबारी राजा का प्रश्न सुनकर भी चुपचाप क्यों खड़ा था? उत्तर: नवयुवक दरबारी चुपचाप इसलिए खड़ा था क्योंकि वह नहीं चाहता था कि राजा को खुश करने के लिए वह झूठा उत्तर दे। उसने सच को कहा, जो दूसरों से अलग था।
प्रश्न 4: चित्रकथा के अनुसार कानपुर का राजा बहुत बुद्धिमान था क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है? उत्तरःहाँ, मैं सहमत हूँ कि राजा बुद्धिमान था। क्योंकि उसने दरबारियों का सच जानने के लिए एक ऐसा प्रश्न पूछा, जिससे उनकी ईमानदारी और सच्चाई का परीक्षण किया जा सके। और फिर सही व्यक्ति को अपने पुत्र का सलाहकार चुना।
प्रश्न 5: जब राजा ने अपने पुत्र के सलाहकार की घोषणा की, तब सभी दरबारियों को कैसा लगा होगा? उन्होंने क्या-क्या सोचा होगा? उत्तर: जब राजा ने सही सलाहकार की घोषणा की, तो दरबारियों को बहुत आश्चर्य हुआ होगा और वे शायद शर्मिंदा भी हुए होंगे। उन्होंने सोचा होगा कि अगर वे सच बोलते, तो उन्हें असली हीरे मिलते और वे भी सही सलाहकार बन सकते थे।
सोचिए और लिखिए
(पृष्ठ 81-82)
प्रश्न 1: चित्रकथा के दिए गए अंश को ध्यान से देखिए —
इस अंश के बारे में अपने समूह में चर्चा कीजिए। अब नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए –
चित्रकथा के इस अंश में कुल कितने चित्र-खंड हैं?
उत्तर: चित्रकथा के इस अंश में कुल तीन चित्र-खंड हैं।
यहाँ मुख्य पात्र कौन-कौन हैं?
उत्तर: यहाँ मुख्य पात्र राजा और दरबारी हैं।
बीच वाले चित्र-खंड में क्या हो रहा है?
उत्तर: बीच वाले चित्र-खंड में राजा के हाथ में हीरा है
यहाँ केवल चित्रों को देखकर कौन-कौन सी बातें पता चल रही हैं?
उत्तर: चित्रों से यह पता चल रहा है कि राजा ने दरबारियों को हीरे दिए हैं और एक दरबारी चुप है, जो राजा से उत्तर देने में हिचकिचा रहा है।
प्रश्न 2: इस चित्रकथा का नाम “नकली हीरे” क्यों रखा गया है? आप भी इस चित्रकथा का कोई उपयुक्त शीर्षक दीजिए। उत्तर: इस चित्रकथा का नाम ‘नकली हीरे’ इसलिए रखा गया है क्योंकि राजा ने उन दरबारियों को नकली हीरे दिए, जिन्होंने झूठ बोलकर राजा को प्रसन्न करने की कोशिश की थी। जब दरबारियों ने झूठे उत्तर दिए, तो राजा ने उनका इम्तिहान लिया और उन्हें नकली हीरे दिए। एक उपयुक्त शीर्षक हो सकता है: “सच का इनाम”।
प्रश्न 3: राजा ने नकली हीरों का पुरस्कार किन्हें और क्यों दिया? उत्तर: राजा ने नकली हीरे उन दरबारियों को दिए जिन्होंने झूठ बोला और राजा को खुश करने के लिए बढ़ा-चढ़ा कर उत्तर दिए। राजा ने यह दिखाने के लिए कि झूठ का कोई मूल्य नहीं है, उन्हें नकली हीरे दिए।
प्रश्न 4: राजा ने एक को छोड़कर अन्य सभी दरबारियों को नकली हीरे क्यों दिए? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए। उत्तर: राजा ने एक को छोड़कर बाकी सभी दरबारियों को नकली हीरे दिए क्योंकि उन्होंने झूठे उत्तर दिए थे। राजा चाहता था कि सभी दरबारी सच्चाई और ईमानदारी से काम करें, इसलिए उन्हे नकली हीरे देकर यह सिखाया कि झूठ बोलने पर सच्ची सफलता नहीं मिलती। केवल एक दरबारी ने सच्चा उत्तर दिया और उसे असली हीरा मिला।
शब्दों से मित्रता
(पृष्ठ 82)
प्रश्न: नीचे दिए गए शब्दों को उनके उपयुक्त अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए — उत्तर:हमारी समझ
(पृष्ठ 81-83)
इन प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर पर सूरज का चित्र () बनाइए—
उत्तर:
भाषा की बात
(पृष्ठ 83-85)
प्रश्न 1: ‘काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक बेटा था’ ‘काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था’
(क) इन दोनों पंक्तियों को ध्यान से देखिए। दोनों में क्या अंतर है? उत्तर: पहली पंक्ति “काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक बेटा था।” में ‘एक’ शब्द से यह संकेत मिलता है कि राजा का केवल एक बेटा था, लेकिन इसमें किसी विशेषता की ओर संकेत नहीं किया गया है। दूसरी पंक्ति “काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था।” में ‘ही’ शब्द यह स्पष्ट करता है कि राजा का बेटा केवल एक ही था, और अन्य कोई बेटा नहीं था। ‘ही’ शब्द से यह स्थिति की विशेषता पर बल दिया गया है।
(ख) आप भी कक्षा में पाँच-पाँच के समूह बनाकर ‘ही’ शब्द वाले चार वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। उत्तर: ‘ही’ शब्द वाले चार वाक्यः
वह ही मेरी मदद कर सकता है।
तुम्हारा नाम ही मेरी किताब में लिखा हुआ है।
यह रास्ता ही सही है।
मैंने ही उस किताब को पढ़ा है।
प्रश्न 2: नीचे दिए गए वाक्यों में से जो आपको अपने लिए सबसे उपयुक्त लगते हैं, उनके सामने सही का चिह्न (✓) लगाइए—
उत्तर:
प्रश्न 3: अब ऊपर दी गई सूची में से अपनी मनभावन गतिविधि को चुनकर उस पर एक अनुच्छेद लिखिए। आप एक से अधिक गतिविधियाँ भी चुन सकते हैं। उत्तर: मैं एक बहुत ही उत्साही और जिज्ञासु व्यक्ति हूँ। मुझे कहानियाँ और कविताएँ पढ़ना बहुत पसंद है क्योंकि इनसे मेरी सोच और कल्पना की शक्ति बढ़ती है। मुझे रोचक कहानियाँ सुनाना और लिखना भी अच्छा लगता है, क्योंकि इससे मैं अपनी भावनाओं और विचारों को शब्दों के माध्यम से व्यक्त कर सकता हूँ। साथ ही, मुझे घूमने-फिरने और खेलने का भी बहुत शौक है। जब मैं बाहर जाता हूँ, तो मुझे नई जगहों और उनके रहन-सहन को देखकर बहुत खुशी मिलती है। मुझे चित्रकारी करना भी अच्छा लगता है क्योंकि रंगों से अपनी भावनाओं को व्यक्त करना मुझे बहुत संतुष्टि देता है। संगीत सुनने का भी मुझे बहुत शौक है, क्योंकि संगीत मेरी आत्मा को शांति और आनंद देता है। इसके अलावा, मुझे गीत गाना या वाद्ययंत्र बजाना भी बहुत अच्छा लगता है क्योंकि यह मेरी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाता है और मुझे खुशी मिलती है। अंत में, मुझे दूसरों के साथ काम करना और मित्र बनाना बहुत पसंद है, क्योंकि इससे मुझे समाज में घुलने-मिलने का अवसर मिलता है। मुझे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानने का भी बहुत शौक है, क्योंकि ये जीवन के सुंदर पहलुओं को समझने में मदद करते हैं। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से मैं न केवल अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत का ध्यान रखता हूँ, बल्कि नए अनुभव भी प्राप्त करता हूँ, जो जीवन को और भी रोचक बनाते हैं।
प्रश्न 4: “सब दरबारियों ने बारी-बारी से यही उत्तर दिया” उपयुक्त पंक्ति में ‘बारी’ शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है। आप भी नीचे दिए ऐसे शब्दों से वाक्य बनाइए—
धीरे-धीरे – वह धीरे-धीरे अपनी किताबें पढ़ रहा था, ताकि ध्यान से समझ सके।
भिन्न-भिन्न – हमारे स्कूल में भिन्न-भिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताएँ होती हैं।
साथ-साथ – वे दोनों साथ-साथ पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
बार-बार – उसने बार-बार अपनी गलतियाँ सुधारीं और अब वह सही तरीके से काम कर रहा है।
प्रश्न 5: “कृपा करके स्पष्ट उत्तर दीजिएगा!” कृपा जैसे शब्दों का प्रयोग विनम्रता दर्शाने के लिए किया जाता है। नीचे दिए गए ऐसे ही शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए और अपने समूह में एक-दूसरे से बातचीत करते हुए उनका प्रयोग कीजिए—
कृपया – ……………………………………………………..
धन्यवाद – ……………………………………………………..
क्षमा कीजिए – ……………………………………………………..
आपका आभार – ……………………………………………………..
उत्तर:
कृपया – कृपया मुझे अपनी किताब दिखाइए।
धन्यवाद – मुझे समय देने के लिए धन्यवाद।
क्षमा कीजिए – क्षमा कीजिए, मैं थोड़ी देर से आ पाया।
आपका आभार – आपके सहायता के लिए मेरा आभार।
पाठ की विशेषताएँ
(पृष्ठ 85)
नीचे इस चित्रकथा की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं। आप भी इस पाठ्यपुस्तक में से किसी कहानी अथवा कविता की विशेषताएँ लिखिए। उत्तर: आपकी चित्रकथा
(पृष्ठ 86)
नीचे दी गई चित्रकथा के संवाद लिखिए। इसके लिए आप अपनी मातृभाषा का प्रयोग भी कर सकते हैं। उत्तर:
खोजिए और आनंद लीजिए
(पृष्ठ 87-88)
प्रश्न 1: नीचे दिए गए एक जैसे चित्रों में पाँच अंतर खोजिए – उत्तर:
प्रश्न 2: नीचे दिए गए चित्र में पाठ में आए पाँच शब्द छिपे हैं। खोजकर लिखिए — उत्तर: इस चित्र में छिपे पाँच शब्द हैं, जो पाठ “नकली हीरे” से जुड़े हैं। वे शब्द हैं:
ईमानदारी (अलमारी में किताबों के बीच लिखा है)
हीरा (दीवार पर टंगी तस्वीर में लिखा है)
चुप (बिल्ली के तन पर)
राजा (टेबल पर पड़े लेंप पर)
जाँच (तस्वीर में दिखाई गए हाथ पर)
पुस्तकालय से
(पृष्ठ 88)
प्रश्न 1: क्या आपने कोई चित्रकथा पढ़ी है? यदि हाँ तो अपने सहपाठियों को उसके विषय में बताइए। उत्तर: हाँ, मैंने “पंचतंत्र की कहानियाँ” नाम की चित्रकथा पढ़ी है। इसमें जानवरों की मजेदार और शिक्षाप्रद कहानियाँ होती हैं। हर कहानी से हमें कोई न कोई अच्छी सीख मिलती है, जैसे दोस्ती की ताकत, समझदारी से काम लेना और सच्चाई का महत्व। चित्रों के माध्यम से कहानी और भी रोचक लगती है।
प्रश्न 2: अपने विद्यालय के पुस्तकालय में से कोई अन्य चित्रकथा ढूँढिए और अपने सहपाठियों के साथ पढ़िए। उत्तर: मैंने विद्यालय के पुस्तकालय से “अकबर-बीरबल की कहानियाँ” नामक चित्रकथा ढूंढी। इसमें बीरबल की चतुराई और अकबर के सवाल-जवाब के किस्से चित्रों के साथ बहुत सुंदर ढंग से दिखाए गए हैं। मैं इसे अपने सहपाठियों के साथ पढ़ा और सबको बहुत आनंद आया।